WEBVTT

00:20.800 --> 00:23.920
पता है, इस लेक में बहुत सारे
क्रोकोडाइल्स रहते हैं।

00:25.040 --> 00:27.600
फटू है क्या तू, कबीर? मैं किसी से नहीं डरता।

00:28.160 --> 00:30.760
चल ना, देखते हैं। अच्छा, आना। आना।
अरे, चुप रहो ना। आना।

00:31.000 --> 00:31.760
श्श्श।

00:32.320 --> 00:33.760
कोई क्रोकोडाइल्स नहीं हैं यहाँ पे।

00:35.280 --> 00:36.640
मुझे डर लग रहा है।

00:37.560 --> 00:39.360
तो आया क्यों तू यहाँ पे?
घर पे रुकना था ना।

00:40.760 --> 00:41.240
अबीर,

00:41.640 --> 00:42.000
डरो मत।

00:42.600 --> 00:43.280
हाथ पकड़ो मेरा।

00:43.920 --> 00:44.640
चलो, आओ, बैठो।

00:46.880 --> 00:47.320
यहाँ पे बैठो।

00:48.080 --> 00:49.000
बहुत ठंडा है यार।

00:49.880 --> 00:50.680
डर गया क्या, आयुष?

00:50.840 --> 00:51.520
पट्टू!

00:51.760 --> 00:53.120
अबे, तू— चल ना, आदित्य।

00:53.320 --> 00:53.760
अरे,

00:54.240 --> 00:56.640
शांत रहो ना यार।
प्लीज़,शांत रहो।

00:57.120 --> 00:59.960
और आयुष,
वैसे भी ये डर कबीर और मेरा है।

01:00.520 --> 01:02.680
अगर तुम्हें अभी घर जाना है
तो जा सकते हो।

01:02.960 --> 01:05.279
तुम दोनों से ज्यादा देर तकना मैं
रह सकता हूँ पानी में।

01:05.280 --> 01:07.560
चल ना, देखते हैं। हाँ, चल ना। आना।

01:10.120 --> 01:12.200
अभीर, हम लोग पानी में जा रहे हैं,

01:12.840 --> 01:14.840
और देखते हैं ना कोई चीटिंग ना कर ले।
ठीक है?

01:15.400 --> 01:15.760
हाँ।

01:19.920 --> 01:20.480
ठीक है,

01:20.760 --> 01:23.120
तो हम तीनों साथ में पानी के अंदर जाएंगे।

01:23.920 --> 01:26.000
जो सबसे पहले बाहर निकला,
वो हारा।

01:26.280 --> 01:26.560
ठीक है?

01:26.840 --> 01:27.120
ठीक है।

01:27.280 --> 01:27.480
डन।

01:27.760 --> 01:28.040
रेडी?

01:28.480 --> 01:29.120
रेडी।

01:29.680 --> 01:31.280
अ- अभीर,

01:32.760 --> 01:34.000
काउंटिंग स्टार्ट करो।

01:34.480 --> 01:37.320
थ्री, टू, वन, गो।

01:48.480 --> 01:50.040
अभीर!

01:51.120 --> 01:51.840
अभीर!

01:52.400 --> 01:52.920
अभीर!

01:53.120 --> 01:53.560
अभीर!

01:53.840 --> 01:54.679
क्या हुआ तुम्हें?

01:54.680 --> 01:55.120
अबीर!

01:55.680 --> 01:56.280
अबीर!

01:56.920 --> 01:57.279
अबीर!

01:57.280 --> 01:58.280
अबीर! आँखें खोलो।

01:58.920 --> 01:59.680
खून

01:59.840 --> 02:00.760
अबीर! क्या हुआ तुम्हें?

02:01.040 --> 02:02.279
अबीर! प्लीज़, आँखें खोलो।

02:02.280 --> 02:03.280
प्लीज़, आँखें खोलो।

02:04.560 --> 02:05.040
सेकंड।

02:05.480 --> 02:06.920
आयुष कहाँ पे है?

02:10.560 --> 02:11.360
आयुष!

02:12.080 --> 02:12.400
आयुष!

02:12.720 --> 02:13.239
कहाँ हो

02:13.240 --> 02:14.159
कहाँ पे हो तुम?

02:14.160 --> 02:18.120
आयुष...

02:35.360 --> 02:35.720
कबीर!

02:38.120 --> 02:38.840
कबीर!

02:39.800 --> 02:40.600
कहाँ खो गया भाई?

02:41.840 --> 02:42.720
फिर से फ्रेशर में चला गया क्या?

02:43.840 --> 02:45.680
या फिर तुझे कोई नया आईडिया है
स्टोरी लिखने का?

02:46.400 --> 02:47.800
भाई,
आ गया तो बहुत ही अच्छी बात है यार।

02:48.560 --> 02:49.240
अच्छा, सुन ना,

02:49.960 --> 02:50.600
ये ले।

02:51.840 --> 02:52.400
क्या करूँ इसका?

02:53.560 --> 02:56.560
अरे, तेरी बहुत लंबी फैन लिस्ट में ना
दो नाम और जुड़ गए हैं।

02:57.720 --> 02:59.280
भाई, उन्हें ऑटोग्राफ चाहिए तेरा।

02:59.880 --> 03:01.080
बस तू साइन मार दे यार।

03:07.080 --> 03:07.520
अच्छा, सुन ना,

03:08.240 --> 03:10.240
वो पब्लिशर का भाई फिर से मैसेज
आया कल यार।

03:10.960 --> 03:13.160
भाई, वो कह रहा है कि इश्क़ा इश्क़ा
का पार्ट टू का ना

03:13.720 --> 03:14.520
एक चैप्टर लिख दे बस।

03:15.120 --> 03:16.280
तू एक चैप्टर भी लिख देगा ना अगर,

03:16.680 --> 03:19.600
तो हम उसे ये प्रूफ कर पाएंगे कि हम
इश्क़ा इश्क़ा का पार्ट टू पर काम कर रहे हैं।

03:20.280 --> 03:20.560
भाई,

03:21.000 --> 03:23.360
फलेवाले इश्क़ इश्क़ पब्लिक ने बहुत पसंद किया है

03:24.440 --> 03:26.000
पब्लिक पागल हो गई भाई पढ़ के।

03:26.680 --> 03:28.840
और पब्लिक अब वेट कर रही है
कि पार्ट टू कब आएगा।

03:30.120 --> 03:31.800
यार, मानव ऐसा नहीं है कि
मैं लिखना नहीं चाहता हूँ।

03:33.080 --> 03:34.280
मैं लिखने बैठता हूँ लेकिन कोई-

03:34.440 --> 03:36.440
कोई थॉट्स ही नहीं आ रहे हैं यार।
एक फ्लो नहीं बन रहा है।

03:37.280 --> 03:38.400
जैसे दिमाग काम ही नहीं कर रहा हो।

03:40.280 --> 03:43.280
अच्छा, तुझे ये इश्कश का बुक लिखते
समय कुछ ऐसा हुआ था क्या?

03:43.800 --> 03:45.400
ऐसा कोई मतलब राइटर्स ब्लॉक था क्या?

03:46.560 --> 03:47.000
नहीं।

03:48.280 --> 03:49.840
क्योंकि तब तेरी लाइफ में भाई आरोही थी।

03:52.840 --> 03:55.960
आरोही जो भी कांड करती थी भाई,
वो तू लिखता था।

03:57.280 --> 04:00.520
तुझे याद है आरोही ने कैसे मीनाक्षी
का सर फोड़ा था?

04:01.360 --> 04:02.680
भाई, वही तो तूने इस बुक में लिखा था।

04:03.440 --> 04:05.000
वही तो पब्लिक को पसंद आया था भाई।

04:07.720 --> 04:08.160
हां सुहानी।

04:08.600 --> 04:09.800
ओह हेलो मिस्टर राइटर।

04:10.560 --> 04:13.000
कहाँ हो? तुम मुझे पिक करने आने वाले थे,
भूल गए क्या?

04:14.840 --> 04:16.680
आई एम सो सॉरी,
ये मीटिंग लंबी खिंच गई।

04:17.000 --> 04:18.400
मैं एक काम करो,
तुम घर जाओ, मैं आता हूँ।

04:18.560 --> 04:20.000
अच्छा चलो, तुम कर लो पर जल्दी आना।

04:20.160 --> 04:20.920
भैया चौक चलोगे?

04:22.240 --> 04:23.840
प्यार तो तेरी लाइफ में अब भी है ना यार।

04:24.800 --> 04:25.240
सुहानी,

04:26.240 --> 04:28.480
तू सुहानी को यूज़ कर रहा है
तेरे इंस्पिरेशन के लिए।

04:28.920 --> 04:30.600
यार, सुहानी और आरोही बहुत
अलग-अलग हैं।

04:30.920 --> 04:31.920
अरे, घंटा अलग है यार।

04:33.800 --> 04:34.160
सॉरी।

04:35.360 --> 04:37.040
लेकिन तू मेरी फ्रस्ट्रेशन समझना यार।

04:37.680 --> 04:38.720
मैं तो एक बीचे कोऑर्डिनेटर हूँ।

04:39.240 --> 04:41.720
तू जब तक पार्ट टू नहीं लिखेगा,
मैं पब्लिशर तक कैसे पहुँचाऊँगा?

04:42.600 --> 04:44.120
एडवांस खत्म हो गया यार भाई।

04:45.040 --> 04:45.840
तू समझ रहा है?

04:47.720 --> 04:49.480
अच्छा, इश्का इश्का के वक्त में जो अग्नि वाला कैरेक्टर था,

04:50.120 --> 04:51.360
जो कि आरोही से इंस्पायर्ड था,

04:52.120 --> 04:53.840
तो तू सुहानी से कोई कैरेक्टर ले ना।

04:55.280 --> 04:57.559
मैं ना उसको इसलिए नहीं डेट कर रहा हूँ
कि मैं उसकी कैरेक्टर स्टडी करूँ।

04:57.560 --> 04:59.280
हमडेट कर रहे हैं क्योंकि मैं उसको प्यार करता हूँ।

05:00.040 --> 05:01.360
तो तू आरोही से प्यार नहीं करता था?

05:02.480 --> 05:04.400
वो प्यार और ये प्यार,
इसमें जमीन आसमान का फर्क है।

05:04.800 --> 05:06.800
अरे, फर्क बस इतना भा
तब तू लिखता था।

05:08.000 --> 05:09.480
और आज तू लिखना छोड़ चुका है भाई

05:10.600 --> 05:11.040
तो ये आज

05:11.800 --> 05:13.600
तू आरोही के जाने बाद ना भाई ब्लैंक होगया है।

05:14.360 --> 05:15.600
कुछ भी नहीं लिख रहा है यार।

05:16.680 --> 05:18.360
भाई, आरोही जो भाषण मचाती थी,

05:18.680 --> 05:20.040
उसे तो तू इंस्पायर होकर लिखता था।

05:20.360 --> 05:21.120
वो वापस आ रही है।

05:23.240 --> 05:23.800
कौन आ रही है?

05:24.720 --> 05:25.600
अरे, बताया आ कौन रही है?

05:26.160 --> 05:27.160
अरे, कौन आ रही है यार?

05:27.360 --> 05:28.480
आरोही। आरोही आई है।

05:29.160 --> 05:31.160
क्या बात कर रहा है भाई? आरोही वापस आ रही है।

05:31.600 --> 05:32.800
ये तो गुड न्यूज़ है यार। मतलब

05:33.560 --> 05:34.360
बैड न्यूज़ भी है।

05:35.160 --> 05:37.600
मतलब तू सोचना, आरोही कैसी है भाई?
ड्रामा तो लाती है ना यार।

05:38.240 --> 05:42.280
अब आरोही और सुहानी भाई, डबल ड्रामा,
डबल केस बचने वाला है भाई।

05:42.400 --> 05:44.920
मतलब मुझे लगता है भैया, आरोही पार्ट
टू लिखवाने के लिए आ रही है।

05:45.120 --> 05:46.560
तू सुन, टेंशन मत ले। हो जाएगा। ठीक है।

05:46.800 --> 05:47.720
भाई, तू लिखना।

05:48.400 --> 05:49.000
लिखना भाई।

05:49.360 --> 05:51.360
सुनना, पब्लिशर से बात करके
कॉल करता हूँ मैं। ठीक है।

06:08.360 --> 06:09.040
पापा।

06:09.840 --> 06:10.240
हाँ बेटे।

06:10.720 --> 06:11.160
पापा।

06:12.560 --> 06:13.040
बनाया कुछ?

06:13.360 --> 06:13.720
देखो।

06:15.400 --> 06:16.240
मैंने बनाया।

06:16.480 --> 06:18.040
इतनी जल्दी इतना बढ़िया बना दिया।

06:18.240 --> 06:19.280
अरे, वेरी गुड।

06:19.840 --> 06:23.400
अब इसमें क्या करो? इसमें थोड़ी सी
डिटेलिंग करो। खिड़की बनाओ, रंग भरो।

06:23.800 --> 06:25.040
फिर देखो कितना अच्छा लगेगा।

06:25.360 --> 06:27.600
सबको दिखाएंगे, अभीर ने बनाया है। है ना?

06:31.920 --> 06:33.040
अभीर, को अगर वो डॉक्टर

06:33.480 --> 06:34.280
देख ले ना एक बार,

06:35.160 --> 06:36.920
तो इसकी कंडीशन और बेटर हो सकती है।

06:37.720 --> 06:38.240
देख भवानी,

06:38.800 --> 06:41.480
मैं जानता हूँ कि अभीर के लिए
तू कुछ भी कर सकता है।

06:42.600 --> 06:43.680
पर इतने साल हो गए।

06:44.840 --> 06:45.920
तुमने इतने डॉक्टर्स,

06:46.040 --> 06:48.560
स्पेशलिस्ट से दिखवाया,
उनकी जांच की,इलाज करवाया।

06:49.800 --> 06:51.279
पर अभीर तो अभी भी वैसा ही है।

06:51.280 --> 06:53.160
नहीं-नहीं, लेकिन यह एक दम अलग है, डॉक्टर।

06:53.480 --> 06:55.000
इसका दिल्ली में उनका एक बहुत बड़ा क्लिनिक है।

06:55.720 --> 06:58.240
मैं तुझे कोई झूठा दिलासा नहीं देना चाहता।

06:59.560 --> 07:04.600
कभी-कभी, लाइफ में कुछ चीज़े एक्सेप्ट
कर लेने से जिंदगी बदल जाती है।

07:06.040 --> 07:07.280
जैसे मैंने एक्सेप्ट कर लिया

07:08.160 --> 07:10.360
मेरा बेटा कभी वापस लौट कर नहीं आएगा।

07:12.000 --> 07:12.160
हां,

07:13.360 --> 07:15.280
उस एक रात ने हम सबकी ज़िंदगी बदल दी।

07:16.480 --> 07:18.000
तुम्हारे दो बेटे वापस आ गए।

07:19.360 --> 07:20.720
पर मेरा बेटा वापस नहीं आया।

07:26.920 --> 07:27.560
आयुष!

07:28.040 --> 07:28.800
आओ बेटा आयुष!

07:29.160 --> 07:29.920
आयुष!

07:30.480 --> 07:31.040
आओ बेटा आयुष!

07:31.920 --> 07:32.400
आयुष!

07:33.160 --> 07:34.360
आ

07:35.800 --> 07:36.800
आयुष!

07:40.600 --> 07:42.800
हां यार, भैया, उन बाकड़ों ने हमको
घेर लिया था यार उस दिन यार।

07:43.280 --> 07:43.800
हाउ आर यू?

07:44.120 --> 07:45.119
क्या बातचीती करते रहते हो?

07:45.120 --> 07:48.240
यार भैया, बातचीती क्या उसने घेर लिया?
वो बता रहा हूं आपको। बुरा लग रहा है यार।

07:49.040 --> 07:49.400
क्या हो गया?

07:50.920 --> 07:52.040
दिमाग वाला वही है ना वकील का लौंडा?

07:52.560 --> 07:52.840
हाँ भैया।

07:53.160 --> 07:53.920
भैया लग तो वही रहा है।

07:54.240 --> 07:54.720
क्या कर रही है ये?

08:00.600 --> 08:01.720
तो माकड़ा इतना बड़ा हो गया

08:02.040 --> 08:03.120
तो बच्चों वाली पेंटिंग बना रही है।

08:05.120 --> 08:05.600
अबे, अबे,

08:06.400 --> 08:07.360
दिखा दिखा क्या बना रही है?

08:08.800 --> 08:09.800
अबे, कार बना रही है।

08:10.160 --> 08:12.000
अरे, तुम्हारी कार तो डैमेज हो गई चित्रकार।

08:13.160 --> 08:14.120
अबे, इसका बीमा बीमा है।

08:15.040 --> 08:15.480
अच्छा सुन,

08:15.720 --> 08:17.280
मैं ना तुझे बड़ों वाली एक्टिविटी करवाता हूं।

08:18.040 --> 08:18.240
ये ले।

08:18.720 --> 08:21.040
बड़ी खींच, होठों में दबा
के और ऐसा टक करके।

08:21.920 --> 08:22.920
तो ऐसा बड़ा चित्रकार बनेगा।

08:26.040 --> 08:26.240
पापा

08:28.360 --> 08:28.600
खींच

08:28.720 --> 08:29.280
अबे खींच

08:30.040 --> 08:30.600
क्या कर रहे हो तुम लोग?

08:30.720 --> 08:31.120
छोड़ो उसको।

08:32.160 --> 08:32.720
हटो, हटो।

08:33.600 --> 08:34.280
अरे, जानवर हो क्या?

08:34.800 --> 08:35.200
बच्चा है ये।

08:35.480 --> 08:35.960
अरे, कौन है आप लोग?

08:36.360 --> 08:36.720
क्या कर रहे हैं?

08:36.960 --> 08:37.480
अबे, चुप।

08:37.880 --> 08:38.600
चुप चुप।

08:40.320 --> 08:40.600
वकील साहब

08:41.320 --> 08:41.480
आ गए।

08:42.440 --> 08:43.640
अरे,हम तो आप ही का इंतजार कर रहे थे।

08:44.120 --> 08:44.600
कसम से।

08:44.960 --> 08:47.320
उस बीच में चित्रकार बाबू से थोड़ी बातचीत हो गई।

08:49.840 --> 08:51.440
लेकिन अब आप आ गए तो आपसे बात कर लेते।

08:52.480 --> 08:54.000
तो मसला ऐसा है वकील साहब कि

08:54.720 --> 08:55.880
67 लैक्स हो गए।

08:56.480 --> 08:57.840
67 लाख हो गई है। सुत समेत हैं।

08:59.240 --> 09:01.640
बाकि की बात आके आप
हमारे यादव सेठ से कर लेना

09:02.840 --> 09:03.640
यादव सेठ को जानते हो ना?

09:04.240 --> 09:04.960
अरे, हमारे दादा।

09:05.480 --> 09:05.760
ये लो।

09:07.240 --> 09:07.720
इसे पढ़ लो।

09:08.720 --> 09:11.480
क्योंकि अगर तुम्हें समझाने अगर
हमें दोबारा आना पड़ा ना वकील साहब,

09:12.240 --> 09:13.960
तो आपके लिए बड़ी प्रॉब्लम हो जाएगी।

09:14.720 --> 09:15.000
हैं?

09:16.000 --> 09:16.360
हां।

09:16.960 --> 09:17.520
ए चित्रकार।

09:18.120 --> 09:18.720
ए क्या कर रहे हो?

09:19.320 --> 09:19.720
चलो उसको।

09:23.080 --> 09:23.960
पापा।

09:24.520 --> 09:25.960
बेटा, कहीं लगी तो नहीं ना?

09:29.120 --> 09:31.840
चलो, घर चलते हैं।
सामान समेटो अपना, है ना?

09:33.640 --> 09:38.120
भवानी, यह सब क्या है, नहीं,
नहीं, कुछ गलतफहमी हुई है।

09:38.520 --> 09:41.880
ऐसा कुछ नहीं है। तुम घर जाओ,
मैं कल मिलता हूँ, महेश। है ना?

09:43.720 --> 09:44.240
चलो,

09:45.360 --> 09:46.000
ये रखो अंदर।

09:47.080 --> 09:47.480
अभीर,

09:49.120 --> 09:49.480
बेटा,

09:50.760 --> 09:52.240
कबीर भैया को मत बताना ये सब।

09:56.600 --> 09:57.120
चलो, चलो।

09:58.240 --> 10:04.360
उसने अपने ही पति की हत्या करके,
उसकी लाश को महीनों तक अपने घर के टाइल्स के नीचे

10:04.840 --> 10:12.080
छुपा कर रखा। हैरानी की बात तो ये थी,
ये वही बहू थी जो हर रोज़ अपनी सास के पैर को छूकर

10:12.640 --> 10:17.360
आशीर्वाद लेती थी।
ये खबर बाहर आते ही मच गई खलबली।

10:17.480 --> 10:18.360
नमस्ते, आंटी।

10:18.480 --> 10:19.120
हाँ?

10:20.480 --> 10:23.480
नमस्ते। आप रेस्ट कर रहे थे शायद,
मैंने डिस्टर्ब कर दिया.

10:23.600 --> 10:25.720
अरे, हाँ। कहाँ रेस्ट-वेस्ट?

10:25.840 --> 10:29.320
घर की औरत को तो तब रेस्ट मिलता है जब
डॉक्टर लिख के दे.

10:29.480 --> 10:30.640
खड़ी क्यों हो? आओ ना.

10:30.840 --> 10:31.240
जी, आंटी।

10:31.960 --> 10:34.360
दिन भर सबकी सेवा-चाकरी में लगी रहती हूँ.

10:34.600 --> 10:36.360
अरे, कबीर नहीं आया?

10:36.760 --> 10:39.640
वो, आंटी, उनकी एक मीटिंग है,
तो उसके बाद ही आएँगे.

10:39.760 --> 10:45.200
हम्म। जितनी ईमानदारी और लगन मेरे कबीर में है ना,
मोहल्ले के किसी लड़के में नहीं है.

10:46.240 --> 10:48.200
अरे, ये डब्बा लेके कहाँ घूम रही हो?

10:48.320 --> 10:51.480
वो, आंटी, ये मैंने खीर बनाई थी.
- खीर?

10:51.600 --> 10:54.120
वो कबीर का कुछ मीठा खाने का मन था,
तो मैंने बना दिया.

10:54.240 --> 10:55.240
कबीर ने बोला?

10:55.600 --> 10:57.120
रोज़ ही उसके लिए मीठा बनाती हूँ.

10:57.240 --> 10:58.240
तुम्हें क्यों परेशान किया?

10:59.760 --> 11:01.000
खुशबू तो अच्छी आ रही है.

11:01.600 --> 11:04.360
लेकिन देखो, ज़रा दूध ज़्यादा पड़ गया है.
- लिक्विड सी है.

11:04.840 --> 11:08.120
कबीर को जैसी खीर पसंद है ना,
मैं तुम्हें बनाना सिखा दूँगी। हाँ?

11:08.840 --> 11:10.480
डब्बा रख के आती हूँ, बैठो तुम ज़रा। हाँ?

11:10.600 --> 11:14.760
बैठ ना। आती हूँ, बस 2 मिनट में। अच्छा,
मैं कुछ खाने के लिए लाऊँ क्या तुम्हारे लिए?

11:14.880 --> 11:16.240
नहीं, नहीं, आंटी, ज़रूरत नहीं है.

11:17.120 --> 11:18.120
अभीर!

11:18.600 --> 11:21.640
अभीर, कितनी बार कहा है,
गंदे जूते पहन के अंदर मत आया करो.

11:25.360 --> 11:26.360
आपको क्या हुआ है?

11:26.880 --> 11:28.360
शक्ल क्यों उतरी हुई है इतनी?

11:29.320 --> 11:30.320
इसने कुछ किया?

11:31.360 --> 11:34.000
हर बार अभीर की गलती नहीं होती है.
- मतलब कुछ हुआ है.

11:34.240 --> 11:36.840
अरे, आप मुझे कुछ बताइए।
टेंशन हो रही है मुझे।

11:37.120 --> 11:39.320
कुछ नहीं हुआ है।
तुम दिल का ताड़ मत बनाया करो।

11:39.440 --> 11:40.840
अरे, क्या दिल का ताड़ मत बनाया करो?

11:40.960 --> 11:42.120
आप हमेशा मुझे ही बोलते रहते हैं।

11:42.240 --> 11:43.479
अरे, बेकार की बातें मत करो।

11:43.480 --> 11:44.200
अरे, क्या बात—

11:50.360 --> 11:52.360
चैम्प , अब नया क्या एडवेंचर कर दिया?

11:54.440 --> 11:54.720
ओए,

11:55.840 --> 11:56.200
क्या हुआ?

11:56.600 --> 11:56.960
हाँ?

11:57.520 --> 12:01.000
मेरी पेंटिंग खराब कर दी।

12:01.360 --> 12:03.760
अरे, तो नई पेंटिंग बना लेंगे।
किसने खराब की? हाँ?

12:04.120 --> 12:07.360
अरे, आप तो इतने ब्रेव बॉय हो।

12:07.720 --> 12:09.360
पेंटिंग खराब करने पे कोई रोता है?

12:10.000 --> 12:11.480
कहाँ गए थे आप? पार्क में गए थे?

12:12.320 --> 12:15.880
हाँ? नेक्स्ट टाइम आप जब पार्क
में जाओगे, मुझे साथ ले जाओगे?

12:16.600 --> 12:18.000
मैं हूँ ना आपकी अच्छी फ्रेंड।

12:19.000 --> 12:20.000
अच्छी फ्रेंड?

12:22.360 --> 12:23.120
बेस्ट फ्रेंड?

12:24.320 --> 12:25.320
आरोही!

12:26.600 --> 12:27.960
आरोही! बेस्ट फ्रेंड!

12:28.080 --> 12:31.480
चुप करो, अभीर। उस
सनीचर का नाम लेने की ज़रूरत नहीं है।

12:34.360 --> 12:35.600
चलो, अपने जूते उठाओ।

12:35.720 --> 12:36.240
मैं उठाता हूँ।

12:43.440 --> 12:45.360
मैं सोच रहा था, हम जलेबी खाने चलते हैं।

12:45.600 --> 12:47.120
एक इम्पोर्टेंट कॉल है।

12:48.440 --> 12:51.440
आजा। तो तेरी फेवरेट जलेबी खाएँगे।

12:52.120 --> 12:54.080
ये सॉक्स अभी तक पहना है तूने।
निकाल ना।

13:03.480 --> 13:05.080
क्या हुआ? डरा दिया क्या?

13:06.440 --> 13:07.720
- तुम चाहते थे मैं डर जाऊँ?

13:08.600 --> 13:09.520
मुझे पता था तुम ही हो।

13:10.480 --> 13:10.880
ओह।

13:11.120 --> 13:12.000
इतना यकीन?

13:14.840 --> 13:15.600
किसका कॉल आया था?

13:16.480 --> 13:20.519
कुछ नहीं, वो ऑफिस से था। तुम्हें बताया था ना,
मेरी मैगज़ीन की डेडलाइन आने वाली है कल।

13:20.520 --> 13:20.880
हाँ।

13:21.880 --> 13:23.840
बॉस एकदम पैनिक मोड में है,
कुछ और फोटोग्राफ्स—

13:24.080 --> 13:26.640
वो छोड़ो, तुम्हारी- तुम्हारी- मीटिंग कैसी
गई मानव के साथ?

13:29.000 --> 13:31.360
यार, पब्लिशर मुझसे इश्का-इश्का
का सीक्वल मांग रहे हैं।

13:31.760 --> 13:33.480
मैं लिखने बैठता हूँ,
एक वर्ड नहीं निकलता मेरा।

13:35.000 --> 13:38.600
पता है, सुहानी, कभी-कभी मुझे लगता है कि
मुझमें काबिलियत है भी कि नहीं, मैं—

13:40.720 --> 13:42.880
मेरे यार के बारे में गलत
बोलने का हक किसी को नहीं है।

13:44.000 --> 13:45.200
खुद मेरे यार को भी नहीं।

13:47.000 --> 13:50.240
तुम्हारे सही में गलत और गलत में
सही ढूँढने का हक सिर्फ मुझे है।

13:53.120 --> 13:54.120
कहाँ खो गए?

13:56.360 --> 13:56.720
नहीं,

13:57.840 --> 13:59.080
मैं कुछ बोल रहा था और

13:59.760 --> 14:02.520
तुमने मुझे रोक दिया। क्योंकि तुम मेरे बॉयफ्रेंड
के बारे में गलत बोलते हो।

14:03.480 --> 14:06.240
और मेरे बॉयफ्रेंड के बारे में कोई
कुछ गलत नहीं बोल सकता।

14:08.440 --> 14:11.360
और अगर तुम्हारे बॉयफ्रेंड के बारे में किसी
ने कुछ गलत कहा तो?

14:15.120 --> 14:17.240
तो? तुम देखना, मैं उसके साथ
चटनी बना दूँगी उसकी।

14:17.600 --> 14:19.200
उसकी ऐसी-तैसी कर दूँगी तुम्हारे सामने।

14:19.720 --> 14:20.480
अच्छा, कैसे?

14:21.240 --> 14:21.640
इधर आओ।

14:23.480 --> 14:25.120
कबीर, खाना बन गया?

14:25.240 --> 14:26.440
दोनों नीचे आ जाओ।

14:26.600 --> 14:28.720
मम्मी, टाइमिंग—

14:29.240 --> 14:35.520
और ये है हमारे अपने गार्डन के फूलों से बना हुआ
रोज़ जैम। सुबह तोड़े, दोपहर तक जार में। स्मेल करिए।

14:36.840 --> 14:37.440
फ्रेश नो?

14:38.120 --> 14:43.000
एक पैक कर दीजिए। ओके, श्योर। आई विल गिव यू अ फ्रेश
वन। और मेरे पास आपके लिए एक परफेक्ट चीज़ है,

14:43.120 --> 14:48.480
क्योंकि आप हेल्थ कॉन्शियस हैं। दीज़ आर आवर वीगन,
ग्लूटेन फ्री, शुगर फ्री, बोगन वाला कुकीज़।

14:49.520 --> 14:50.720
एक काम कीजिए, एक और दे दीजिए।

14:51.520 --> 14:56.960
श्योर। अनुज, ऑर्डर लेके प्लीज़ इन्हें
हेल्प कर दीजिए बिलिंग के लिए।

14:57.600 --> 14:58.240
थैंक यू।

14:58.360 --> 14:59.000
थैंक यू।

15:03.360 --> 15:05.720
पिछले 10 साल से इस कैफे को मैं
अकेले चला रहा हूँ।

15:05.840 --> 15:09.080
और तुम यहाँ 1 साल पहले आईं और
यहाँ की बेस्ट सेल्समैन बन गईं।

15:10.120 --> 15:14.600
वेल, सेल्समैनशिप ना, एक आर्ट होता है। मैं
लोगों को वो नहीं बेचती जो उन्हें चाहिए।

15:15.240 --> 15:17.200
मैं वो बेचती हूँ जो उन्हें याद रह जाए।

15:17.600 --> 15:18.600
ओह, ऐसा है क्या?

15:20.120 --> 15:21.119
लेकिन एक प्रॉब्लम है ना।

15:21.120 --> 15:24.840
अब यहाँ की बेस्ट सेल्समैन अगर चली जाएगी,
तो फिर यहाँ की सेल्स का क्या होगा? वो तो गिर जाएगी।

15:25.840 --> 15:27.840
तुम सीख जाओगे। धीरे-धीरे।

15:28.520 --> 15:29.840
ए, क्या कर रहा है?

15:30.000 --> 15:31.120
फूल तोड रहा है? चोर!

15:31.600 --> 15:32.360
चोर! चोर, चोर

15:33.760 --> 15:34.000
रुक!

15:34.120 --> 15:37.360
अरे, अरे, अरे, अरे, अरे, अरे, बेटा,
संभाल के। क्या हो गया?

15:37.600 --> 15:38.960
मैम, फूल चुरा के भाग रहा था।

15:40.960 --> 15:41.880
तुम जाओ, मैं देखती हूँ।

15:42.080 --> 15:42.360
ओके, मैम।

15:43.000 --> 15:47.000
क्यों भाई? ये फूल तोड़ के चुरा के कहाँ जा रहे थे?

15:47.720 --> 15:51.240
दीदी, आज मेरी गर्लफ्रेंड का बर्थडे है और

15:52.120 --> 15:54.360
मेरे पास उसे गिफ्ट देने के पैसे भी नहीं हैं।

15:55.600 --> 15:57.080
फिर ये तो बहुत बड़ी इमरजेंसी हो गई।

15:58.080 --> 16:01.120
पर मुझे बताओ,
ये- ये- फूल दोगे उसे?

16:04.120 --> 16:05.480
मैं बताऊँ तुम्हें क्या देना चाहिए?

16:06.600 --> 16:06.880
रुक।

16:08.200 --> 16:13.840
मुझे ऐसा लगता है कि तुम्हें इन
फूलों की जगह ये देना चाहिए। देखो,

16:14.640 --> 16:17.720
ये खिले-खिले फूल वो देखेगी तो
ऐसे बहुत जोर से मुस्कुराएगी।

16:18.080 --> 16:20.480
खुश हो जाएगी और इम्प्रेस भी हो
जाएगी।

16:22.840 --> 16:24.200
शर्मा क्यों रहे हो? लो।

16:24.720 --> 16:25.520
थैंक यू, दीदी।

16:25.960 --> 16:26.480
यू आर वेलकम।

16:27.320 --> 16:29.000
मेरी तरफ से विश कर देना उसे।

16:29.120 --> 16:30.120
ओके, दीदी।

16:30.840 --> 16:31.840
आरोही।

16:31.960 --> 16:32.360
हाँ?

16:32.640 --> 16:36.360
ये मुझे कुछ समझ नहीं आया। तुमने
चोर को इनाम देकर भेज दिया?

16:37.120 --> 16:39.240
चोरी करने का रीजन पैसा नहीं,
प्यार था।

16:40.760 --> 16:42.480
और प्यार के लिए तो सात खून माफ होते हैं।

16:53.240 --> 16:54.840
इतना बड़ा कर्ज ले लिया आपने?

16:59.080 --> 16:59.840
जरूरत थी।

17:00.200 --> 17:00.640
जरूरत?

17:01.360 --> 17:05.960
आपकी जरूरत की तो कोई लिमिट ही
नहीं है। अरे, कैसे लौटाएँगे इतने सारे पैसे?

17:06.320 --> 17:08.760
और आपने एक बार भी मुझसे
सलाह-मशवरा नहीं किया?

17:09.280 --> 17:11.800
अरे, क्या जरूरत थी इतनी
बड़ी मुसीबत सर पे मोल लेने की?

17:12.960 --> 17:14.320
अमेरिका वाला डॉक्टर याद है?

17:15.520 --> 17:18.680
एक बार को लगा कि अभीर की तबीयत
ठीक हो सकती है।

17:19.640 --> 17:20.880
पर कैसे मना कर देता?

17:21.240 --> 17:24.520
तो अभीर की तबीयत ठीक करने के
लिए जो जरूरत पड़ी, मैंने किया है।

17:25.200 --> 17:26.080
और आगे भी करूँगा।

17:26.440 --> 17:30.160
आप ही दशरथ हैं कलयुग के।
आपके ही सारे बलिदान। हाँ?

17:30.720 --> 17:37.799
मैं तो कहीं-कहीं हूँ ना। आपने- आपने- एक बार भी
सोचा है, अगर कबीर को पता चलेगा तो क्या बीतेगी उस पर?

17:37.800 --> 17:40.240
नहीं, नहीं, कबीर को अभी बताने की जरूरत नहीं है।

17:41.040 --> 17:42.879
वो गांव की जमीन बिकने में थोड़ी मुश्किल हो रही है।

17:42.880 --> 17:46.480
लेकिन जैसी जमीन बिकेगी,
मैं सब क्लियर कर दूँगा।

17:46.760 --> 17:48.760
तब तक? और तब तक मैं झूठ बोलूँ?

17:49.320 --> 17:53.000
देखिए, मैं आपकी तरह वकील नहीं हूँ।
मुझे बातें घुमानी नहीं आती।

17:53.280 --> 17:54.320
मालिनी, बस करो अब।

17:54.480 --> 17:58.640
नहीं। अब आप सुनिए।
आपको याद है डॉक्टर ने क्या कहा था?

17:59.040 --> 18:04.000
परमानेंट। आँखों में आँखें डालकर कहा था कि
अभीर कभी भी परमानेंट ठीक नहीं हो सकता।

18:04.480 --> 18:06.240
मालिनी, डॉक्टर से भी कभी गलती होती है।

18:06.760 --> 18:10.480
है, डॉक्टर से गलती होती है।
लेकिन आप हमेशा सही।

18:10.880 --> 18:16.160
देखिए, आप मुझसे 15 साल बड़े हैं। लेकिन
आपकी हरकतें आपके जिद्द 5 साल के बच्चे की तरह हैं।

18:16.560 --> 18:20.400
हैं। जो चाहिए वो चाहिए। चाहे इसके लिए
घर गिरवी रखना पड़े,

18:20.560 --> 18:25.959
गांव की जमीन बेचनी पड़े। आपने एक बार भी नहीं सोचा
कबीर के बारे में। आपका एक ही बेटा नहीं है।

18:25.960 --> 18:28.560
मालिनी, तुम्हारे भी दो बेटे हैं।
तुम क्यों भूल जाती हो?

18:28.920 --> 18:32.880
मुझे कभी-कभी तो ये लगता है कि काश उस
रात को अभीर मर गया होता। बस, मालिनी।

18:34.240 --> 18:35.240
अब और एक शब्द भी नहीं।

19:14.080 --> 19:16.200
फिर उसके कदम आगे बढ़ते हैं।

19:17.160 --> 19:22.640
वो मुड़ के देखता है तो पीछे अंधेरा है,
और उस अंधेरे में एक चेहरा सामने आता है,

19:23.240 --> 19:27.760
एक चेहरा जिसे उसने
कई सालों से नहीं देखा था। और वो कहती है।

19:28.080 --> 19:29.720
तुम्हें क्या लगा था, करण?

19:31.240 --> 19:32.240
मुझे पता नहीं चलेगा?

20:03.000 --> 20:05.200
चैम्प इतनी रात को अकेले
क्यों बैठा है तू? हाँ?

20:06.720 --> 20:07.200
ओए!

20:09.480 --> 20:10.000
हे चैम्प ,

20:11.760 --> 20:12.200
क्या हुआ?

20:13.760 --> 20:14.320
क्या हुआ, बेटा?

20:15.440 --> 20:16.440
अपने भैया को नहीं बताएगा?

20:19.240 --> 20:21.560
वो गंदे लोग...

20:22.720 --> 20:23.480
पापा को...

20:24.760 --> 20:26.680
उन्होंने मेरी पेंटिंग भी खराब कर दी।

20:28.640 --> 20:29.400
कौन गंदे लोग?

20:36.080 --> 20:36.800
ये गंदे लोग।

20:37.520 --> 20:38.520
गंदे लोग...

20:39.040 --> 20:39.440
भैया।

20:40.560 --> 20:42.240
भैया, मैं हूँ ना। रोते नहीं।

20:43.720 --> 20:45.400
आपने पहले मुझे ये सब क्यों नहीं बताया?

20:46.640 --> 20:48.480
मैं तुझे और परेशान नहीं करना चाहता था।

20:49.320 --> 20:51.759
आपके कहने का मतलब है कि दुनिया भर की
जितनी भी परेशानियाँ हैं,

20:51.760 --> 20:53.320
आप अपने सर पे ढो के चलना चाहते हैं।

20:54.200 --> 20:54.960
क्या कर लेगा तू?

20:56.040 --> 20:58.440
अपनी अगली किताब के पैसों से
सारा कर्ज चुका देगा?

20:59.000 --> 21:01.240
इतना बड़ा हो गया कि
अब अपने बाप को लेक्चर देगा?

21:01.680 --> 21:03.559
मैंने एक ज़रा सी बात कह दी
तो उसको लेकर कितना—

21:03.560 --> 21:05.960
मेरे बेटे पे हमेशा
अपना गुस्सा क्यों निकालते रहते हैं?

21:06.920 --> 21:11.999
आप क्यों नहीं समझते, यही बचाएगा हमें
सारी मुसीबत से। हमेशा, हमेशा उसी को—

21:12.000 --> 21:14.480
मम्मी, मम्मी, ठीक है, ठीक है।
रोना नहीं, रोना नहीं। मैं...

21:15.520 --> 21:16.520
मैं सब ठीक कर दूँगा।

21:18.080 --> 21:23.160
आरोही होती तो ऐसे
चुटकी में सब ठीक कर देती।

21:24.280 --> 21:24.760
हाँ।

21:38.800 --> 21:41.520
ओ मैडम, आ जाओ।
गरमा-गरम कॉफी रेडी है।

21:42.040 --> 21:44.880
वैसे ना, तुम मेरे हाथ की कॉफी
मिस बहुत करने वाली हो वहाँ जा के।

21:45.240 --> 21:47.480
दोस्ती की है ना, तो निभाऊँगी मैं अच्छे से।

21:48.240 --> 21:50.240
भूत की तरह ना कभी भी आ जाऊँगी डराने।

21:50.680 --> 21:52.920
कोई गधा ही होगा जो तुम्हें देख के डरेगा।

21:55.400 --> 21:57.400
मैं चाहूँ तो काफी खतरनाक हो सकती हूँ।

21:58.800 --> 22:01.000
फूलों से यारी रखने वाली लड़की
कैसे खतरनाक हो सकती है?

22:03.000 --> 22:06.080
वेल, किसने कहा कि
फूल सिर्फ नाज़ुक होते हैं?

22:07.280 --> 22:08.240
जान भी ले सकते हैं।

22:12.680 --> 22:14.880
कहीं तुम इसलिए तो
नर्सरी में रहने के लिए नहीं आई हो?

22:15.160 --> 22:18.000
फूलों के ज़हर से किसी का मर्डर
तो नहीं प्लान कर रही हो?

22:18.400 --> 22:18.720
हम्म?

22:22.560 --> 22:23.000
शायद।

22:25.240 --> 22:29.720
फूल और उसके पत्तों के ज़हर से
अपने सारे दुश्मन को खत्म कर दूँगी।

22:41.560 --> 22:42.440
हम्म.

22:44.280 --> 22:48.080
अ... आरोही, ये कॉल लेना
पड़ेगा मुझे। इट्स इम्पॉर्टेंट।

22:48.200 --> 22:48.440
हम्म.
