WEBVTT

00:25.359 --> 00:27.026
टेलर
आज सुबह तुम्हारे बारे में सोच रही थी।

00:27.027 --> 00:28.863
पता है यह कठिन है
पर मैं तुम्हारे साथ हूँ।

00:32.700 --> 00:36.620
इसके लिए शुक्रिया। बाद में कॉल करता हूँ।

00:37.496 --> 00:38.329
गुड मॉर्निंग।

00:38.330 --> 00:39.248
हैलो।

00:41.667 --> 00:43.042
मेरे पास जेमसन व्हिस्की है।

00:43.043 --> 00:45.212
अगर यह करने से पहले
थोड़ी हिम्मत की ज़रूरत है।

00:45.880 --> 00:48.716
क्यों नहीं? कोई रोज़-रोज़ अपनी माँ की
वसीयत पढ़ने थोड़े ही जाते हो।

00:52.303 --> 00:54.388
इतने फ़ॉर्मल तरीक़े की क्या ज़रूरत है?

00:55.222 --> 00:58.183
ऐसा लग रहा है जैसे हम उस
जेम्स बॉन्ड वाले बंदे की फ़िल्म में हों,

00:58.184 --> 00:59.976
जिसमें उसका वह अजीब दक्षिणी लहजा था?

00:59.977 --> 01:00.936
"नाइव्स आउट।"

01:01.520 --> 01:02.396
हाँ, वही फ़िल्म।

01:05.691 --> 01:07.234
यकीन नहीं होता कि वह चली गईं।

01:07.985 --> 01:08.986
हाँ, मैं समझता हूँ।

01:10.112 --> 01:12.323
इससे पहले ऐसा लग रहा था जैसे कोई सपना हो।

01:14.658 --> 01:15.743
हाँ, ख़ैर...

01:17.578 --> 01:18.829
इसे जल्दी से निपटाते हैं।

01:25.920 --> 01:28.755
तब से पूरे कमरे में घूम रही हो।
मुझे चक्कर आ रहा है।

01:28.756 --> 01:30.673
मेरे वहाँ मौजूद होने की क्या ज़रूरत है?

01:30.674 --> 01:32.383
वसीयत पढ़ते वक़्त ऐसा ही होता है।

01:32.384 --> 01:36.179
पता है। पर सू ने वसीयत में मेरे लिए जो भी
छोड़ा होगा वह वकील मुझे भिजवा सकता है।

01:36.180 --> 01:38.389
मैं सू को बहुत चाहती थी। सच में।

01:38.390 --> 01:40.850
पर यह मानना पड़ेगा कि ज़रूर वह मेरे लिए

01:40.851 --> 01:42.977
कोई वाहियात सा आर्टवर्क छोड़कर गई होंगी

01:42.978 --> 01:45.105
जिसे मुझे पूरी ज़िंदगी
न चाहकर भी ढोना पड़ेगा।

01:46.357 --> 01:47.483
मुझे सैम से भी नहीं मिलना।

01:48.359 --> 01:49.484
मैं जानती हूँ।

01:49.485 --> 01:52.070
- मैं बहुत शर्मिंदा हूँ।
- तुमने कुछ ग़लत नहीं किया।

01:52.071 --> 01:54.405
नहीं, पर मैं करना चाहती थी। और शायद वह भी।

01:54.406 --> 01:56.408
अगर डलाइला वहाँ न आई होती...

01:57.326 --> 01:59.661
- मतलब, उसकी एक गर्लफ़्रेंड है।
- वह तो है।

01:59.662 --> 02:01.246
मैं वहाँ गई ही क्यों थी?

02:01.247 --> 02:03.289
क्योंकि यहाँ आकर तुम बिल्कुल पगला जाती हो।

02:03.290 --> 02:04.582
हाँ।

02:04.583 --> 02:07.293
देखो, तुम यहाँ सू के लिए वापस आई थी, है न?

02:07.294 --> 02:10.588
और तुमने यह जानते हुए भी बहुत हिम्मत दिखाई
कि अतीत का सामना करना होगा।

02:10.589 --> 02:13.758
बस अब थोड़ी देर के लिए यह और झेल लो।

02:13.759 --> 02:15.510
तुम हमेशा सही क्यों होती हो, यार?

02:15.511 --> 02:19.139
मैं जानती हूँ। पर मैं यह बोझ
ख़ुशी-ख़ुशी उठा लूँगी।

02:20.015 --> 02:21.933
वहाँ सब बहुत अटपटा लगेगा।

02:21.934 --> 02:26.480
बिल्कुल। हाँ। पर तुम्हारी सहेली और वकील
होने के नाते कहूँगी कि तुम यह कर लोगी।

02:27.481 --> 02:28.440
शुक्रिया।

02:29.984 --> 02:32.319
यह लो अपनी ढाल। ठीक है?
हम इसका सामना करेंगे।

02:35.531 --> 02:37.657
रुको। तुमने वकीलों वाली आउटफ़िट
क्यों पहनी है?

02:37.658 --> 02:40.618
तुम्हें अकेले फ़्लोरेक लड़कों का
सामना करने दूँगी? हरगिज़ नहीं।

02:40.619 --> 02:42.162
एक सहेली और वकील हाज़िर है।

02:46.667 --> 02:49.128
मुझे दुख है कि हमें
ऐसे हालातों में मिलना पड़ रहा है।

02:49.920 --> 02:52.297
सू कमाल की महिला थीं।
और हम सब उन्हें याद रखेंगे।

02:52.298 --> 02:54.091
- शुक्रिया।
- इसमें कितना वक़्त लगेगा?

02:54.758 --> 02:57.176
ज़्यादा नहीं। हम बस
एक और शख़्स का इंतज़ार कर रहे हैं।

02:57.177 --> 02:59.263
माँ और किसे अपनी वसीयत में डालेंगी?

03:01.098 --> 03:03.057
बहुत ख़ूब। चलिए शुरू करते हैं।

03:03.058 --> 03:04.142
यह क्या हो रहा है?

03:04.143 --> 03:05.810
मैं भी तुम्हारी तरह हैरान हूँ।

03:05.811 --> 03:08.021
- तुम कौन हो?
- मैं शांटाल हूँ, पर्सी की वकील।

03:08.022 --> 03:10.023
हम अभी तक मिले नहीं हैं। तुम सैम हो ना?

03:10.024 --> 03:12.942
माँ की वसीयत सुनने के लिए
साथ में वकील लाई हो? क्या चल रहा है?

03:12.943 --> 03:15.320
बाहर से कोई वकील लाने की ज़रूरत नहीं थी।

03:15.321 --> 03:17.280
ये यहाँ आई क्यों हैं?
हमें वकील की ज़रूरत है?

03:17.281 --> 03:18.656
इस संपत्ति के लिए वह मैं हूँ...

03:18.657 --> 03:20.325
किसी को वकील की ज़रूरत नहीं है।

03:20.326 --> 03:23.369
यह मेरी सहेली है जो पेशे से एक वकील है,

03:23.370 --> 03:25.872
पर यह यहाँ बस मुझे बस हिम्मत देने आई है।
कसम से।

03:25.873 --> 03:28.416
हालाँकि मैं हालात के मुताबिक
एक सहेली से वकील बनने का

03:28.417 --> 03:29.709
हक रखती हूँ।

03:29.710 --> 03:31.377
ठीक है। प्लीज़, बैठ जाओ।

03:31.378 --> 03:33.172
बस थोड़ी देर और हिम्मत रखो।

03:36.300 --> 03:37.675
तो ठीक है।

03:37.676 --> 03:40.304
अब हम आ चुके हैं, तो चलो शुरू करते हैं।

03:45.100 --> 03:48.228
सू की वसीयत काफ़ी साफ़ थी,
तो इसमें ज़्यादा समय नहीं लगेगा।

03:50.606 --> 03:52.607
सू फ़्लोरेक की पूरी संपत्ति

03:52.608 --> 03:57.779
उनके दोनों बेटों, चार्ली और सैम के बीच
बराबर बँटेगी, एक चीज़ को छोड़कर।

03:57.780 --> 04:01.824
द टैवर्न और उससे जुड़ी तमाम चीज़ों की
मालकिन अब सिर्फ़ पर्सेफ़नी फ्रेज़र होंगी।

04:01.825 --> 04:03.869
- आप मज़ाक कर रहे हैं?
- हे भगवान।

04:04.745 --> 04:05.579
नहीं।

04:06.080 --> 04:07.705
मेरी...

04:07.706 --> 04:09.540
मेरी समझ में नहीं आ रहा।

04:09.541 --> 04:11.709
क्या आपको यकीन है? कोई ग़लती हुई होगी।

04:11.710 --> 04:13.628
नहीं। यह सही कह रही है।
वह ऐसा क्यों करेंगी?

04:13.629 --> 04:17.758
कोई गलती नहीं हुई है। सू ने 2021 में
वसीयत में इनका नाम जोड़ा था।

04:18.384 --> 04:19.593
मैंने ख़ुद इसमें लिखा था।

04:22.596 --> 04:23.805
ये चाबियाँ आप रखिए।

04:23.806 --> 04:25.431
यकीन नहीं हो रहा।

04:25.432 --> 04:27.600
सैम, मुझे ज़रा भी अंदाज़ा नहीं था।

04:27.601 --> 04:29.560
सच में, मुझे यह चाहिए भी नहीं। कसम से।

04:29.561 --> 04:31.521
तुम्हारी वकील के नाते, फ़िलहाल कुछ मत कहो।

04:31.522 --> 04:34.273
मुझे वह नहीं चाहिए। वह मेरा नहीं है।
तुम्हारे परिवार का है।

04:34.274 --> 04:35.483
क्या हम बात कर सकते हैं?

04:35.484 --> 04:38.027
तुमसे बात नहीं कर सकता।
मुझे अपने भाई के पास जाना होगा।

04:38.028 --> 04:40.238
मुझे यह... मुझे यह नहीं चाहिए।

04:40.239 --> 04:43.783
मेरी मुवक्किल सदमे में है। उसे संभलने में
थोड़ा वक़्त लगेगा, तो इसे ना मत समझिए।

04:43.784 --> 04:44.743
ठीक है।

04:47.830 --> 04:49.081
तुमने सैम का चेहरा देखा था?

04:51.959 --> 04:53.501
तुम मुझे इसके लिए कैसे मना लिया?

04:53.502 --> 04:56.630
वैसे ही जैसे हमेशा मनाता हूँ।
अपने दिलकश अंदाज़ और ज़िद के चलते।

04:58.257 --> 04:59.090
साल 2014 की गर्मियाँ

04:59.091 --> 05:00.341
तरोताज़ा लग रहे हो।

05:00.342 --> 05:04.013
अच्छी बात है। अब जो तुम आ गई हो,
तो और भी तरोताज़ा हो जाऊँगा।

05:04.763 --> 05:06.431
तुम्हें बहुत याद किया, पर्सेफ़नी फ्रेज़र।

05:06.432 --> 05:07.932
और मैंने तुमको, सैमवाइज़।

05:07.933 --> 05:11.561
तुम सच में मुझसे यह करवाओगे? मैं दुआ
कर रही थी कि तुम मेरी टाँग खींच रहे होगे।

05:11.562 --> 05:13.647
तुम्हें बहुत मज़ा आएगा। वादा करता हूँ।

05:14.189 --> 05:15.606
मेरा भेजा ट्रेनिंग प्लान पढ़ा?

05:15.607 --> 05:18.609
"सोफ़े से पाँच किलोमीटर की कहानी।
एक आलसी लड़की की ज़ुबानी।"

05:18.610 --> 05:19.861
पढ़कर बहुत हौसला बढ़ा।

05:19.862 --> 05:21.195
उसका शीर्षक यह नहीं था।

05:21.196 --> 05:23.698
- तुम यह जानती हो।
- लेकिन मतलब तो यही था।

05:23.699 --> 05:26.617
ठीक है। सबसे पहले, हम एक आसान सी
तीन किलोमीटर की दौड़ लगाएँगे...

05:26.618 --> 05:29.328
तीन किलोमीटर? आसान? तुम अपनी बात करो।

05:29.329 --> 05:32.457
याद रहे, इस कहानी में "सोफ़ा" भी मैं हूँ
और "आलसी लड़की" भी मैं हूँ।

05:32.458 --> 05:35.960
धीरे-धीरे सीखेंगे। गर्मियाँ ख़त्म होने तक
हम पूरे शहर का चक्कर लगा लेंगे।

05:35.961 --> 05:37.129
कितना भयानक है।

05:37.921 --> 05:40.716
वह हिस्सा कहाँ है जब मैं वॉफल्स खाकर
वापस बिस्तर पर लेट जाऊँगी?

05:43.385 --> 05:46.846
कॉन्वर्स जूते? सच में? ये रनिंग शूज़
नहीं हैं। मैंने रनिंग शूज़ की अहमियत पर

05:46.847 --> 05:49.474
- तीन आर्टिकल भेजे थे।
- मैंने बस हेडलाइन पढ़ ली थी।

05:49.475 --> 05:51.602
ये भी तो जूते ही हैं। कुछ नहीं होगा। चलो।

06:07.659 --> 06:10.286
आह, मेरा पाँव ऐंठ रहा है!
यह कैसे मुमकिन है?

06:10.287 --> 06:12.497
ईमेल पर तो बड़ी डींगे हाँक रही थी

06:12.498 --> 06:15.459
कि इन गर्मियों में ख़ुद को
सुधारने वाले काम करोगी।

06:16.502 --> 06:17.878
वाह, क्या मतवाली चाल है।

06:18.837 --> 06:20.380
ठीक है, अब टाँग नहीं खींचूँगा।

06:22.216 --> 06:23.257
तीन नई ख़बरें?

06:23.258 --> 06:24.842
पहले तुम बताओ।

06:24.843 --> 06:27.595
ठीक है, दादी माँ। नंबर एक,

06:27.596 --> 06:30.890
मैंने आख़िरकार "गेम ऑफ़ थ्रोन्स" के
चारों सीज़न देख डाले।

06:30.891 --> 06:33.810
द रेड वेडिंग।
बहुत दिल दहला देने वाला एपिसोड था।

06:33.811 --> 06:35.728
नंबर दो। जॉर्डी।

06:35.729 --> 06:37.855
उसे "वर्ल्ड ऑफ़ वॉरक्राफ्ट"
खेलने के लिए मना लिया।

06:37.856 --> 06:39.232
और ज़ाहिर है, उसे लत लग गई।

06:39.233 --> 06:43.194
उसने "वॉरलॉर्ड्स ऑफ़ ड्रेनोर"
एक्सपैंशन पैक भी डाउनलोड कर लिया।

06:43.195 --> 06:46.697
यानि एक और इंसान गेम के नाम पर
बर्बाद हो गया। समझ गई।

06:46.698 --> 06:47.990
और सबसे आख़िर में,

06:47.991 --> 06:51.035
मैं स्कूल के बाद हॉस्पिटल में
एक इंटर्नशिप के लिए अप्लाई कर रहा हूँ।

06:51.036 --> 06:51.953
बहुत अच्छी बात है।

06:51.954 --> 06:54.789
हाँ। असली डॉक्टरों को काम करते देखूँगा
और उनकी मदद करूँगा।

06:54.790 --> 06:55.707
बड़ा इतरा रहे हो।

06:56.625 --> 06:58.126
अच्छा, अब तुम्हारी बारी।

06:58.127 --> 06:59.211
ठीक है।

07:00.045 --> 07:01.587
ज़ाहिर है, स्कूल चल रहा है।

07:01.588 --> 07:04.590
पर सबसे ज़रूरी, उस कमबख़्त
राइटिंग सेमिनार ने मेरी जान खा रखी है।

07:04.591 --> 07:08.427
बस ढाँचे, प्रक्रिया वगैरह की बातें
करते रहते हैं। मेरा सिर चकराने लगता है।

07:08.428 --> 07:10.930
और उसमें दिक्कत क्या है...

07:10.931 --> 07:13.015
यह दिक्कत है कि मैं बस
सोचने में उलझी हुई हूँ।

07:13.016 --> 07:15.894
मेरा मन नहीं लग रहा है।
वह काम के बोझ जैसा लगने लगा है।

07:16.895 --> 07:20.482
ख़ुश हूँ कि मैंने डॉक्टर बनने का सोचा।
वह ज़्यादा आसान लगता है।

07:21.567 --> 07:23.610
भूल गई थी कि सुबह का नज़ारा
कितना सुंदर होता है।

07:24.862 --> 07:28.031
मैं डुबकी लगाने जा रही हूँ!

07:39.626 --> 07:40.460
चलो!

07:46.133 --> 07:48.968
हे भगवान। हाँ! मज़ा आ गया।

07:48.969 --> 07:50.721
तो, तुम वहीं खड़े रहोगे क्या?

07:59.188 --> 08:04.693
एव्री इयर ऑफ़्टर

08:10.741 --> 08:12.951
मुझे तुम्हें एक बात बतानी है।

08:13.785 --> 08:14.620
बताओ।

08:16.288 --> 08:18.624
कुछ ऐसी बात जो शायद तुम्हें पसंद न आए।

08:22.336 --> 08:23.670
सीधे-सीधे बोल दो।

08:26.423 --> 08:30.468
मुझे रनिंग पसंद नहीं, तुम चाहे जो भी कहो
या करो, मैं वह दोबारा नहीं करने वाली।

08:30.469 --> 08:32.637
ठीक है। मैं समझ गया। अब से दौड़ना बंद।

08:32.638 --> 08:36.140
पर मुझे थोड़ा-बहुत समझ आ रहा है

08:36.141 --> 08:37.935
कि वह तुम्हें क्यों पसंद है।

08:38.560 --> 08:40.645
अच्छा लगा कि तुम मुझे थोड़ा-बहुत समझती हो।

08:40.646 --> 08:46.067
नहीं। भले ही थोड़ी देर पहले
मेरा पूरा बदन दर्द से कराह रहा था,

08:46.068 --> 08:47.610
मुझे अब काफ़ी अच्छा लग रहा है।

08:47.611 --> 08:51.240
- है न? दौड़ने में यही तो मज़ा है।
- इतना ज़्यादा मज़ा भी नहीं है।

08:52.950 --> 08:54.826
पर उसकी कुछ तो ख़ास बात है।

08:55.619 --> 08:57.036
जैसे कि...

08:57.037 --> 09:00.915
मैं बस कुछ देर पहले तक
इतने दर्द में तड़प रही थी

09:00.916 --> 09:03.877
कि अपनी उस फालतू कहानी का फ़ितूर
दिमाग़ से निकल गया।

09:05.921 --> 09:07.005
मन हल्का हो गया।

09:09.091 --> 09:10.259
तभी मैं यह करता हूँ।

09:11.301 --> 09:13.053
इस साल मिडटर्म से सिलसिला शुरू किया।

09:22.729 --> 09:25.065
क्या तुमने कभी झील को
तैरकर पार करने का सोचा है?

09:29.236 --> 09:30.070
झील को?

09:31.446 --> 09:34.408
जब से मैंने इसे देखा है,
सोचती थी कि क्या कभी इसे पार कर पाऊँगी।

09:37.494 --> 09:39.371
शायद मुझे इसी की तलाश थी।

09:40.205 --> 09:41.581
कुछ बड़ा करने की।

09:42.874 --> 09:44.417
कुछ नामुमकिन करके दिखाने की।

09:44.418 --> 09:46.420
कुछ देर अपनी चिंताओं को भुलाने की।

09:49.798 --> 09:51.466
मुझे इसे तैरकर पार करना है।

09:54.511 --> 09:55.595
मैं ट्रेनिंग करवाऊँगा।

10:11.320 --> 10:13.613
अच्छा, यहाँ आओ... तुम ठीक हो।

10:57.991 --> 10:58.825
तुम तैयार हो।

11:08.794 --> 11:10.796
- तुमने कर दिखाया।
- हाँ!

11:12.964 --> 11:14.298
चलो यह करते हैं।

11:14.299 --> 11:15.216
तुम यह कर सकती हो।

11:15.217 --> 11:16.509
- हमें तुम पर भरोसा है।
- हाँ।

11:16.510 --> 11:19.220
- ठीक है। शाबाश, पर्सी!
- जाओ फाड़ दो, पर्सी!

11:19.221 --> 11:20.596
- ए, थोड़ा तमीज़ से!
- सॉरी।

11:20.597 --> 11:21.806
- सैम?
- चलो।

11:21.807 --> 11:23.558
ठीक है।

11:24.559 --> 11:25.851
ओके, पर्स, हम तुम्हारे साथ हैं।

11:25.852 --> 11:27.687
हे भगवान। ठीक है।

11:28.355 --> 11:29.272
तुम यह कर सकती हो!

11:31.733 --> 11:32.733
शाबाश, जान।

11:32.734 --> 11:34.193
- तुम यह कर लोगी!
- दिखा दो, पर्सी।

11:34.194 --> 11:35.570
तुम यह कर लोगी!

11:36.863 --> 11:40.199
सैम और मेरा रिश्ता टूटने के बाद से
मैंने सू से बात तक नहीं की थी।

11:40.200 --> 11:41.867
और मुझे यह बेहद अजीब लग रहा है

11:41.868 --> 11:44.954
कि उन्होंने 2021 में अपनी वसीयत बदल दी।
समझ में नहीं आ रहा।

11:44.955 --> 11:47.289
साल 2021 में कई अजीबोगरीब चीज़ें हुई थीं।

11:47.290 --> 11:49.960
"टाइगर किंग।" फेटी हुई कॉफ़ी का चलन।
वह शब्द "च्युगी।"

11:51.002 --> 11:52.336
तुम्हें हँसाना चाहती थी।

11:52.337 --> 11:56.715
नहीं, मुझे इसकी ज़रूरत है।
मैं सैम का वह चेहरा भूल नहीं पा रही।

11:56.716 --> 12:00.345
कितनी हिक़ारत भरी नज़र थी।
जैसे मैंने फिर से सब कुछ बर्बाद कर दिया।

12:01.138 --> 12:02.263
सू ने यह क्यों किया?

12:02.264 --> 12:04.723
पता नहीं, पर इससे कहानी में
नया ट्विस्ट ज़रूर आ गया।

12:04.724 --> 12:06.308
अगर वह मेरी करतूत जानतीं...

12:06.309 --> 12:08.228
ख़ुद को दोष देना बंद करो।

12:09.020 --> 12:11.313
शुक्रिया। मुझे नहीं लगता
कि अभी हम एक और ले...

12:11.314 --> 12:13.941
ठीक है। हम में से एक
दूसरी पीने को तैयार है। शुक्रिया।

12:13.942 --> 12:15.110
ये उन्होंने भेजी हैं।

12:16.903 --> 12:18.196
शुक्रिया।

12:19.406 --> 12:22.408
- आज यह सब चल क्या रहा है?
- कुछ बोलने से पहले सोच लेना।

12:22.409 --> 12:24.660
उफ़! वह मुझसे कल रात को लेकर
सवाल-जवाब करेगी।

12:24.661 --> 12:26.078
- हैलो!
- हैलो!

12:26.079 --> 12:29.248
मुझे लगा कि बधाई-वधाई देने का मौका है।

12:29.249 --> 12:30.583
किसलिए?

12:30.584 --> 12:33.043
द टैवर्न की नई मालकिन बनने के लिए, बुद्धू।

12:33.044 --> 12:35.838
मैंने सुना कि कैसे सू
वह तुम्हारे नाम करके गई हैं।

12:35.839 --> 12:38.800
बाप रे, वह ख़बर तुम तक पहुँच भी गई?

12:39.426 --> 12:42.094
मुझे नहीं पता अगर इसके लिए
"बधाई" शब्द का इस्तेमाल करना ठीक है।

12:42.095 --> 12:44.597
यह तो सच बात है।
बहुत ही दो-धारी तलवार वाली स्थिति है।

12:44.598 --> 12:47.516
सू इतना बड़ा तोहफ़ा देकर गईं,
पर साथ में बहुत बड़ा बोझ भी दिया।

12:47.517 --> 12:48.559
सही कहा।

12:48.560 --> 12:50.978
शहर से दूर अच्छे से एक कारोबार संभालना

12:50.979 --> 12:53.148
- बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी है।
- हाँ।

12:54.232 --> 12:56.443
क्या तुम उसे बेचने का सोच रही हो?

12:57.444 --> 12:59.404
अचानक इतने अच्छे से क्यों पेश आ रही है?

13:02.199 --> 13:03.533
तुम्हें क्या चाहिए, डलाइला?

13:04.951 --> 13:08.537
क्या चाहिए? नहीं, मैं तो बस...
इस ख़ास मौके का जश्न मनाना चाहती थी।

13:08.538 --> 13:11.875
तुम अपना नीचे वाला होंठ चबा रही हो,
जिसका मतलब तुम्हें कुछ चाहिए।

13:15.295 --> 13:16.795
अच्छा, ठीक है।

13:16.796 --> 13:18.632
मैं तुमसे द टैवर्न ख़रीदना चाहती हूँ।

13:26.640 --> 13:28.892
वह क्या हरकत थी?
तुम वहाँ से गुस्से में चले आए।

13:29.559 --> 13:31.894
तो मैं और क्या करता?
वहाँ रुककर उसे बधाई देता?

13:31.895 --> 13:34.104
नहीं। पर मेरा इंतज़ार तो कर सकते थे।

13:34.105 --> 13:36.106
मुझे यकीन नहीं हो रहा कि माँ ने ऐसा किया।

13:36.107 --> 13:40.236
उन्होंने इतना अहम फ़ैसला अकेले ले लिया,
और हमें अंधेरे में रखा।

13:40.237 --> 13:42.446
और मुझे मुस्कुराकर नाटक करना होगा
कि सब ठीक है?

13:42.447 --> 13:47.409
देखो, मैं तुमसे सहमत हूँ।
माँ ने जो किया उसकी... उम्मीद नहीं थी।

13:47.410 --> 13:50.788
मैं भी ख़ुश नहीं हूँ कि वह हमारा फैमिली
बिज़नेस मेरी पुरानी गर्लफ़्रेंड को दे गईं।

13:50.789 --> 13:52.081
पर तुम्हें क्यों परवाह है?

13:52.082 --> 13:54.959
तुम वैसे भी उस जगह को बेचना चाहते थे।
बस यही कहते रहते थे।

13:54.960 --> 13:57.253
क्योंकि वह हमारा फ़ैसला होना चाहिए था।

13:57.254 --> 14:00.256
मैं हफ़्तों से एक ख़रीदार से
बात कर रहा था और अब...

14:00.257 --> 14:02.591
रुको। तुम ख़रीदारों से
बात कर रहे थे? किस से?

14:02.592 --> 14:05.428
डलाइला बार-बार पूछ रही थी।
वह ख़रीदना चाहती है।

14:06.846 --> 14:07.764
डलाइला?

14:09.391 --> 14:11.225
तुम मेरी पीठ पीछे
उसके साथ साज़िश रच रहे थे?

14:11.226 --> 14:14.645
"साज़िश रच रहा था"? सच में?
इतनी नौटंकी करने की ज़रूरत नहीं है।

14:14.646 --> 14:17.356
तो मैं और क्या कहूँ?
तुमने मुझसे यह बात छुपाए रखी।

14:17.357 --> 14:19.233
मुझे कब बताने वाले थे? उसके बिकने के बाद?

14:19.234 --> 14:21.778
मैंने इसलिए नहीं बताया क्योंकि पता था
तुम ऐसे पेश आओगे।

14:24.197 --> 14:27.242
ज़ाहिर है कि मैं बिना तुमसे मशवरा लिए
कुछ नहीं करता।

14:28.326 --> 14:30.953
बेचना इतना भी बुरा ख़याल नहीं है, पता है।

14:30.954 --> 14:33.122
अच्छा, ज़रा कल्पना करो। झील पर सोहो हाउस।

14:33.123 --> 14:35.457
बोहेमियन शैली, पर अमीर लोगों के लिए।

14:35.458 --> 14:39.003
मद्धिम रोशनी, मखमल के मसनद,
अनोखी कॉकटेल, उसका आकर्षण

14:39.004 --> 14:42.006
- बढ़ाने के लिए मेम्बर्स ओनली। और...
- मेम्बर्स ओनली!

14:42.007 --> 14:44.883
मुझे नहीं पता कि मखमल का मसनद
क्या होता है, पर मुझे मंज़ूर है।

14:44.884 --> 14:46.511
मैं उसकी संस्थापक बनूँगी।

14:47.804 --> 14:50.180
मेम्बर्स ओनली? वह भी द टैवर्न?

14:50.181 --> 14:53.726
उस जगह को थोड़ा एक्सक्लूसिव बनाने की
बहुत सख़्त ज़रूरत है।

14:53.727 --> 14:57.146
नहीं। नहीं। द टैवर्न सबके लिए है।

14:57.147 --> 15:01.483
लोकल लोगों के लिए, दिन में मछली पकड़ने
वालों के लिए, सैलानियों और बच्चों के लिए।

15:01.484 --> 15:03.777
यह उनके लिए नहीं है
जो यहाँ बस शौक के लिए आते हैं।

15:03.778 --> 15:05.112
हाँ, पर मखमल के मसनद।

15:05.113 --> 15:08.699
नहीं। इस एक्सक्लूसिव होने के भूत ने
इस पूरे शहर की ऐसी-तैसी कर रखी है।

15:08.700 --> 15:10.909
तुम तरक्की को रोक नहीं सकती, पर्सी।

15:10.910 --> 15:11.994
तरक्की?

15:11.995 --> 15:14.747
तुम उन प्यारे से छोटे मकानों के बदले में

15:14.748 --> 15:19.335
सात हज़ार फुट की हवेलियों जैसे
फार्महाउस बनने को तरक्की कहती हो

15:19.336 --> 15:21.712
जिनमें न तो कोई जान है और न ही कोई अपनापन?

15:21.713 --> 15:23.423
माफ़ करना, "प्यारे से मकान"?

15:24.174 --> 15:26.800
उनमें ज़्यादातर दीमक भरी पड़ी होती है
और सीलन होती है।

15:26.801 --> 15:28.469
मतलब, यह गलत नहीं कह रही,

15:28.470 --> 15:32.097
हालाँकि मैं सहमत हूँ कि ये आधुनिक
फ़ार्महाउस कुछ ज़्यादा ही चलन में हैं।

15:32.098 --> 15:34.600
ख़ैर, यह... यह अच्छे के लिए ही है।

15:34.601 --> 15:38.812
मतलब, तुम्हारा पुराना घर भी
एक "बेजान हवेली" में तब्दील हो रहा है।

15:38.813 --> 15:39.939
क्या?

15:40.857 --> 15:42.441
मुझे पता था कि वह टूटने वाला है,

15:42.442 --> 15:45.195
पर उसकी जगह पर
उनमें से एक हवेली बनेगी? सच में?

15:46.237 --> 15:50.866
सुना है कि वे लोग वहाँ पर बोट हाउस बनाएँगे
जो एक नकली खलिहान जैसा दिखेगा।

15:50.867 --> 15:53.620
नहीं। हरगिज़ नहीं।

15:57.666 --> 15:59.542
बस थोड़ा और ऊपर और मैं पहुँच जाऊँगी!

16:00.126 --> 16:02.836
इतना हिलना बंद करो!
हे भगवान, कहाँ-कहाँ पैर रख रही हो?

16:02.837 --> 16:06.131
मैं इसके लिए मान कैसे गई? मुझे घर जाना है।

16:06.132 --> 16:09.177
- नहीं। अब तुम इसमें शामिल हो, तो नहीं।
- सच में?

16:10.303 --> 16:12.013
- हे भगवान।
- मुझे माफ़ कर दो।

16:12.597 --> 16:14.056
तुमने मेरे सीने पर किक मारी है।

16:14.057 --> 16:17.518
माफ़ करना। बस... बस थोड़ा और।

16:17.519 --> 16:18.686
और मैं चढ़ जाऊँगी।

16:18.687 --> 16:21.773
अपना पूरा ज़ोर लगाओ। एक, दो, तीन, चढ़ाओ!

16:23.692 --> 16:24.858
धत् तेरे की।

16:24.859 --> 16:26.111
मैं ठीक हूँ।

16:55.098 --> 16:56.265
दरवाज़ा तो खोलो!

16:56.266 --> 16:58.267
पर्सी! सो गई क्या?

16:58.268 --> 16:59.436
चलो भी! दरवाज़ा खोलो!

17:00.937 --> 17:01.938
कितनी अजीब बात है।

17:03.398 --> 17:05.567
कुछ दिनों में यह हमारा नहीं रहेगा।

17:07.068 --> 17:08.027
हाँ।

17:09.821 --> 17:12.574
अड़तालीस घंटे और, फिर यह
ऑफ़िशियली पर्सी का हो जाएगा।

17:23.585 --> 17:25.295
तुम्हारा बेचने का सुझाव सही था।

17:27.422 --> 17:29.257
यह जगह हमेशा से ही गले का फंदा रही है।

17:30.592 --> 17:32.801
पर जैसी भी थी, यह अपनी थी।

17:32.802 --> 17:35.304
हमने इस कमरे में
ज़िंदगी के कई बड़े पल बिताए हैं।

17:35.305 --> 17:38.223
मैंने यहाँ पर अपनी पहली बीयर पी थी।
तुमने भी।

17:38.224 --> 17:40.684
हाँ, मेरे गैर-ज़िम्मेदार
बड़े भाई की बदौलत।

17:40.685 --> 17:41.895
ए, तुम 16 साल के थे।

17:42.520 --> 17:43.646
जी नहीं, 14 साल का था।

17:44.522 --> 17:46.774
हाँ, और अगले दिन इतने बीमार हो गए,

17:46.775 --> 17:49.276
- कि अगले एक साल तक दारू नहीं पी।
- हे भगवान।

17:49.277 --> 17:51.403
तो, एक तरह से मैंने तुम्हारा भला ही किया।

17:51.404 --> 17:55.240
और अगली सुबह तुम मेरे लिए नाश्ते में
कितने लाजवाब बुरीटो बनाकर लगाए थे।

17:55.241 --> 17:56.492
तुम्हें वह याद है?

17:56.493 --> 17:59.787
तला हुआ आलू, चिकन के टुकड़े,
तीन तरह की चीज़।

17:59.788 --> 18:01.455
वह एक मास्टरपीस से कम नहीं था।

18:01.456 --> 18:03.124
मुझे आज भी उसका स्वाद याद है।

18:04.959 --> 18:06.960
इस टेबल के बारे में भी नहीं भूलते हैं।

18:06.961 --> 18:10.214
याद है जब तुम्हारी एक्स गर्लफ्रेंड्स
यहाँ तुम्हें मारने का प्लान बना रही थीं?

18:10.215 --> 18:13.425
हाँ। तुम्हारा मतलब है
"चार्ली कमीना है" सपोर्ट ग्रुप?

18:13.426 --> 18:15.803
- उन्होंने अच्छे से टिप भी नहीं दी।
- हाँ।

18:15.804 --> 18:18.013
मज़ेदार बात है, मैंने बस
तीन की उम्मीद नहीं की थी।

18:18.014 --> 18:20.517
मुझे लगा था कि उस मीटिंग में
और लड़कियाँ आएँगी।

18:22.894 --> 18:25.687
मुझे यकीन नहीं होता
कि यह सब यहीं पड़ा रहा।

18:25.688 --> 18:28.440
बैरीज़ बे के भूत बंगले की तरह।

18:28.441 --> 18:31.443
इसे किसी डेवलपर को बेचा है। शायद किसी को
इस खंडहर की परवाह नहीं होगी।

18:31.444 --> 18:32.987
ए, यह मेरा घर हुआ करता था।

18:34.823 --> 18:37.449
अब नहीं है। बहुत कुछ बदल गया है।

18:37.450 --> 18:39.410
कल रात तो ऐसा नहीं लग रहा था।

18:40.495 --> 18:43.622
कल रात मैं तुम्हारे और सैम के बीच में
वहाँ ना आती तो क्या होता?

18:43.623 --> 18:44.957
मुझे नहीं पता।

18:44.958 --> 18:46.333
कम से कम तुमने सच तो कहा।

18:46.334 --> 18:49.378
हाँ, ख़ैर, यही तो पर्सी की
ज़िंदगी की कहानी रही है।

18:49.379 --> 18:52.089
एक बुरा फ़ैसला आगे जाकर
दूसरे बुरे फ़ैसले को जन्म देता है।

18:52.090 --> 18:54.550
इसे मेरी ज़िंदगी का फ़लसफ़ा समझ लो।

18:54.551 --> 18:55.634
चलो भी।

18:55.635 --> 18:56.885
तुम जानती हो यह सच है।

18:56.886 --> 18:58.888
पिछले कुछ सालों से
ज़िंदगी बेमतलब हो गई है।

18:59.514 --> 19:03.559
मैं काम पर जाती हूँ। बाहर घूमने जाती हूँ,
किसी नए लड़के को मैसेज करती हूँ।

19:03.560 --> 19:05.143
फिर वही सिलसिला दोहराती हूँ।

19:05.144 --> 19:06.770
- सुनने में तो बढ़िया लग रहा है।
- हाँ।

19:06.771 --> 19:08.230
बढ़िया नहीं, "बेकार" है।

19:08.231 --> 19:10.816
नहीं, बीस से तीस के बीच में
यही सब करना चाहिए। न कि शादी...

19:10.817 --> 19:13.026
और कंट्री क्लब के चक्कर लगाने चाहिए।

19:13.027 --> 19:14.111
वह तो वाकई फालतू है।

19:14.112 --> 19:15.863
हाँ, पर बिल्कुल अच्छा नहीं लगता।

19:15.864 --> 19:19.534
मुझे फिर कभी सच्चा प्यार नहीं हुआ...
सैम के बाद से।

19:20.451 --> 19:22.578
शायद मैं अब भी उससे प्यार करती हूँ।

19:22.579 --> 19:24.997
या शायद उससे जुड़ी यादों के
एहसास से प्यार करती हूँ।

19:24.998 --> 19:28.208
हमारी यादों से।
जो एहसास हमारे बीच हुआ करते थे।

19:28.209 --> 19:32.839
शायद मैं आज भी
उन एहसासों का दामन थामे हुए हूँ।

19:34.382 --> 19:36.050
व्हिट इन गर्मियों में यहाँ आया भी नहीं।

19:37.135 --> 19:38.510
उसे देखे हफ़्तों हो गए हैं।

19:38.511 --> 19:40.262
पर तुम जो कहती रहती हो कि...

19:40.263 --> 19:42.472
वह झूठ है। वह सब बकवास है।

19:42.473 --> 19:45.268
हमने इन गर्मियों में
अलग रहने का फ़ैसला लिया था।

19:46.644 --> 19:49.855
ठीक वैसे जैसे काइल और मॉरिशियो रहे थे।

19:49.856 --> 19:51.356
मुझे नहीं पता कि वे दोनों कौन हैं।

19:51.357 --> 19:54.610
हम देखना चाहते थे कि अलग रहने पर
हमारी ज़िंदगियाँ कैसी होंगी,

19:54.611 --> 19:57.029
और हम अलगाव चाहते हैं या नहीं, और फिर...

19:57.030 --> 19:58.280
मैं बहुत दुखी हूँ।

19:58.281 --> 20:00.824
मुझे ज़रा भी अंदाज़ा नहीं था।
बातें छुपाने में काफ़ी तेज़ हो।

20:00.825 --> 20:03.077
अरे शुक्रिया, शायद?

20:03.703 --> 20:06.163
इसीलिए मैं किसी भी हाल में
द टैवर्न ख़रीदना चाहती हूँ।

20:06.164 --> 20:09.041
ताकि मेरी शादी के अलावा
किसी और चीज़ पर मेरा ध्यान जाए,

20:09.042 --> 20:10.709
वह शादी जो टूटने की कगार पर है।

20:10.710 --> 20:14.088
कुछ ऐसा जो सिर्फ़ मेरा हो,
मेरा और व्हिट का नहीं, पता है?

20:15.381 --> 20:17.926
- मुझे लगता है यह ज़रूरी है।
- मैं समझती हूँ।

20:19.135 --> 20:20.510
मैं शादी नहीं करना चाहती।

20:20.511 --> 20:22.679
माफ़ करना, पर तुम्हारे रिश्ते की
बातें सुनने के बाद

20:22.680 --> 20:24.640
ऐसा लग रहा है कि मैं साँस नहीं ले पा रही।

20:24.641 --> 20:26.850
- यह लो।
- मुझे लगा था कि तुम और ड्रू ख़ुश हो।

20:26.851 --> 20:28.810
मेरे ख़याल से वह तो ख़ुश है।

20:28.811 --> 20:31.146
पर मैं, मैं सिर्फ़ काम करती रहती हूँ।

20:31.147 --> 20:33.483
तो फिर... किसी छुट्टी पर जाओ,
थोड़ा आराम करो।

20:34.233 --> 20:36.401
नहीं, यही तो दिक्कत है।
मुझे ऐसा नहीं करना।

20:36.402 --> 20:39.154
मुझे काम करना पसंद है।
बल्कि, बहुत ज़्यादा पसंद है।

20:39.155 --> 20:42.074
और मुझे डर है कि
शादी करके सब कुछ बदल जाएगा।

20:42.075 --> 20:44.368
- मेरी समझ में नहीं आया।
- शादी में यह उम्मीद की जाती है

20:44.369 --> 20:47.996
कि आप अपनी ज़िंदगी बाँटेंगे
और मुझे नहीं लगता कि मैं वह कर सकती हूँ।

20:47.997 --> 20:49.581
- नहीं, मैं तो सिंगल ही रहती।
- है न?

20:49.582 --> 20:50.750
बस करो।

20:51.793 --> 20:55.879
ड्रू तुमसे प्यार करता है। और मैं जानती हूँ
कि तुम भी उससे प्यार करती हूँ।

20:55.880 --> 20:58.966
तुम बस डरी हुई हो। बहुत ज़्यादा।
पर कोई बात नहीं।

20:58.967 --> 21:01.469
हो सकता है। नहीं। शायद।

21:02.387 --> 21:03.429
यह क्या...

21:04.347 --> 21:05.973
- हे भगवान।
- क्या हुआ? यहाँ मकड़ी है क्या?

21:05.974 --> 21:08.059
नहीं। ये मेरी पुरानी कहानियाँ हैं।

21:10.395 --> 21:13.648
मैंने इन्हें कितने सालों से नहीं देखा।

21:16.442 --> 21:17.985
मुझे यह काम याद नहीं आएगा।

21:17.986 --> 21:20.821
- मुझे सफ़ाई करने से चिढ़ होती थी।
- मुझे भी।

21:20.822 --> 21:24.909
न जाने कितनी दफ़ा मैंने इस बार से
अजीबोगरीब और चिपचिपी चीज़ें साफ़ की हैं।

21:26.035 --> 21:27.912
अब यह पर्सी का सिरदर्द होगा।

21:28.871 --> 21:29.998
माँ ने क्या सोचकर ऐसा किया?

21:30.581 --> 21:31.498
उन्होंने सोचा नहीं।

21:31.499 --> 21:34.084
नहीं। वह बिना सोचे-समझे
कभी इतना बड़ा फ़ैसला नहीं लेतीं।

21:34.085 --> 21:36.170
उनकी हमेशा कोई न कोई वजह होती थी। बस...

21:37.463 --> 21:38.673
काश पता होता कि वजह क्या थी।

21:40.967 --> 21:41.926
क्या?

21:44.137 --> 21:45.138
माँ...

21:46.639 --> 21:50.600
ख़ैर, उनका हर फ़ैसला
हमेशा सही नहीं होता था।

21:50.601 --> 21:52.728
द टैवर्न को पर्सी को देना इसका सबूत है।

21:52.729 --> 21:55.313
तुम यह क्या कह रहे हो?
वह कमाल की इंसान थीं।

21:55.314 --> 21:58.526
वह... मिलनसार और होशियारी थीं,
सब कुछ अच्छे से संभालती थीं।

21:59.152 --> 22:01.529
- हमेशा नहीं।
- क्या मतलब है?

22:03.072 --> 22:05.658
पापा के जाने के बाद, वह बहुत टूट गई थीं।

22:06.826 --> 22:09.369
- हाँ। मतलब, वह कितनी तकलीफ़ में होंगी।
- हाँ।

22:09.370 --> 22:11.329
इस बिज़नेस को चलाती थीं,
हमारा ख़याल रखती थीं।

22:11.330 --> 22:12.498
नहीं, ऐसा भी नहीं था।

22:13.332 --> 22:16.626
वह पहला साल, तुम तब 11 बरस के थे
तो शायद तुम्हें याद नहीं होगा।

22:16.627 --> 22:18.920
या शायद ग़ौर न किया हो।
मैंने तुमसे वह बात छिपाई थी।

22:18.921 --> 22:19.881
कौन सी बात?

22:20.715 --> 22:22.091
माँ बहुत...

22:24.510 --> 22:25.678
उदास हो गई थीं।

22:27.096 --> 22:27.930
एकदम तन्हा।

22:28.473 --> 22:30.683
कोई साइकेट्रिस्ट कहता
कि वह डिप्रेशन में थीं।

22:31.934 --> 22:34.854
कभी-कभी वह दिन भर
बस नाइट सूट में रहती थीं।

22:35.480 --> 22:38.023
- क्या मतलब है? वह काम पर जाती थीं।
- अक्सर नहीं।

22:38.024 --> 22:39.941
कभी-कभी मैं स्कूल से घर आता था

22:39.942 --> 22:42.945
और वह किचन की टेबल पर बैठकर
बस एकटक घूर रही होती थीं।

22:43.863 --> 22:44.697
बहुत ही डरावना था।

22:45.698 --> 22:47.949
मुझे इसमें से कुछ भी याद नहीं है।

22:47.950 --> 22:51.119
वह इसलिए क्योंकि मैंने यह बात
कभी तुम तक आने नहीं दी।

22:51.120 --> 22:53.580
यह वही साल था जब हम
बदल-बदलकर शुगर सीरियल खाते थे।

22:53.581 --> 22:55.999
हाँ। सोमवार को फ़्रूटी पेबल्स।

22:56.000 --> 22:58.043
और शुक्रवार को फ़्रॉस्टेड फ़्लेक्स।

22:58.044 --> 23:00.296
वह इसलिए क्योंकि उस साल
मैं ही खाने का सामान लाता था।

23:01.964 --> 23:02.965
अरे यार।

23:04.592 --> 23:05.592
मुझे यह नहीं पता था।

23:05.593 --> 23:07.469
मैं चाहता नहीं था कि तुम्हें पता चले।

23:07.470 --> 23:10.348
जब तक तुम होमवर्क कर रहे थे
और वक़्त पर स्कूल जा रहे थे।

23:11.474 --> 23:12.933
मैंने इस पर ग़ौर कैसे नहीं किया?

23:12.934 --> 23:14.434
सैम, तुम बस एक बच्चे थे।

23:14.435 --> 23:17.480
हाँ, पर तुम भी बस 14 साल के थे।
वह तुम्हारा ज़िम्मा नहीं होनी चाहिए था।

23:19.065 --> 23:20.775
तुम्हारी हिफ़ाज़त करना
मेरी ज़िम्मेदारी थी।

23:22.527 --> 23:25.028
फिर वह ठीक हो गईं और हालात सुधर गए।

23:25.029 --> 23:26.155
पर...

23:27.782 --> 23:29.492
और मुझे यह कहते हुए बुरा लग रहा है...

23:33.704 --> 23:35.748
पर मैं आज भी उनसे बहुत नाराज़ हूँ।

23:40.461 --> 23:42.004
उन्होंने उस साल हमें अकेला छोड़ दिया।

23:50.304 --> 23:52.056
तुम एक अच्छे बड़े भाई हो, चार्ली।

23:54.433 --> 23:56.184
मुझे तुम लोगों से बहुत प्यार है।

23:56.185 --> 23:59.604
दुनिया में ऐसे दोस्ती
और भी होने चाहिए, है न?

23:59.605 --> 24:01.940
- ख़ासकर औरतों के बीच।
- हाँ, सत्य वचन।

24:01.941 --> 24:05.820
अगर हम एक-दूसरे का साथ नहीं देंगे,
तो और कौन देगा?

24:07.446 --> 24:09.114
मुझे बहुत अच्छा लग रहा है।

24:09.115 --> 24:12.742
- यह करती रहो। ठीक है।
- हाँ। मैं कर रही हूँ।

24:12.743 --> 24:15.203
नहीं, मुझे बस...
मुझे सहेलियों की याद आती है।

24:15.204 --> 24:18.290
जब से मेरी शादी हुई है,
हमारे बस कपल फ़्रेंड्स हैं। और...

24:18.291 --> 24:22.043
उनकी बीवियाँ बहुत ही
नीरस होती हैं। बोरिंग।

24:22.044 --> 24:24.839
- मुझे उनसे नफ़रत है।
- तुम उनसे कहीं ज़्यादा दिलचस्प हो।

24:25.590 --> 24:27.966
- मैं यह जानती हूँ। शुक्रिया।
- हाँ, बेशक।

24:27.967 --> 24:31.052
और मुझे अब...
मुझे अब सच्चे रिश्ते चाहिए। मैं...

24:31.053 --> 24:33.389
जैसे कि मेरे बचपन में हुआ करते थे।

24:34.348 --> 24:35.974
है न, पर्सी?

24:35.975 --> 24:36.893
क्या?

24:37.894 --> 24:39.812
मतलब, मैं एक अच्छी दोस्त थी। है न?

24:42.440 --> 24:43.316
बिल्कुल।

24:50.865 --> 24:52.617
और मैं एक अच्छी राइटर थी।

24:53.743 --> 24:56.119
भले ही इसमें से कुछ बहुत अटपटा लगे,

24:56.120 --> 24:58.163
पर इसमें एक तरह की बेबाकी भी है।

24:58.164 --> 25:00.249
मुझे नहीं लगता
अब मैं इस तरह से लिख पाऊँगी।

25:02.293 --> 25:03.293
मुझे क्या हो गया?

25:03.294 --> 25:05.087
मुझमें कितना आत्मविश्वास था।

25:08.007 --> 25:09.174
चलो, पर्स!

25:09.175 --> 25:10.509
शाबाश, पर्सी!

25:12.094 --> 25:15.305
- तुम यह कर सकती हो! चलो, पर्सी।
- तुम यह कर सकती हो!

25:15.306 --> 25:16.932
- चलो, पर्सी!
- शाबाश!

25:16.933 --> 25:18.141
तुम यह कर लोगी। बढ़ती रहो।

25:18.142 --> 25:20.393
- मम्मी, उनसे आधे रास्ते पर जाकर मिलते हैं।
- हाँ।

25:20.394 --> 25:21.311
तैरो पर्सी तैरो!

25:21.312 --> 25:23.147
आगे बढ़ती रहो, जान। तुम यह कर लोगी!

25:24.774 --> 25:26.067
शाबाश, पर्सी। चलो।

25:27.235 --> 25:29.403
धीरे-धीरे आगे बढ़ो।

25:37.954 --> 25:40.539
तुम बहुत अच्छा कर रही हो।
मुझे तुम पर नाज़ है।

25:45.461 --> 25:46.837
शाबाश, पर्सी!

25:50.800 --> 25:51.633
चलो, पर्स!

25:51.634 --> 25:53.594
हाँ, पर्सी! आगे बढ़ती रहो!

26:00.559 --> 26:01.560
आगे बढ़ो!

26:07.858 --> 26:09.527
- पर्सी!
- तुम यह कर सकती हो!

26:26.085 --> 26:28.337
बहुत अच्छे। हाँ!

26:30.298 --> 26:31.382
बस हो गया। बढ़ती रहो।

26:33.551 --> 26:35.803
बस हो गया। शाबाश। आगे बढ़ती रहो।

26:49.066 --> 26:50.067
हाँ!

26:55.865 --> 26:58.200
तुमने तो कमाल कर दिया।

26:59.618 --> 27:03.748
बिना रुके पूरी झील पार कर ली। तुम
मशीन हो क्या? यह तो हैरान कर देने वाला था।

27:11.380 --> 27:13.007
यह कितना हसीन है।

27:13.799 --> 27:15.426
क्या तुमने मुझे हसीन कहा?

27:17.303 --> 27:18.553
रुको। मैंने ज़ोर से बोला?

27:18.554 --> 27:20.765
- हाँ, तुम सुध-बुध खो बैठी हो।
- हे भगवान।

27:22.141 --> 27:23.683
बिल्कुल।

27:23.684 --> 27:26.019
मुझे अपनी टाँगें महसूस नहीं हो रही हैं।

27:26.020 --> 27:27.979
पक्का मेरे फेफड़े जल रहे होंगे।

27:27.980 --> 27:28.898
यह पियो।

27:41.702 --> 27:44.080
मुझे तुम पर बहुत ज़्यादा नाज़ है।

27:45.623 --> 27:47.833
मुझे भी ख़ुद पर बहुत नाज़ है।

28:08.771 --> 28:10.397
और मुझे लात मारने की क्या वजह...

28:10.398 --> 28:12.732
इतना ज़्यादा जोश भरा है
कि बैठ नहीं पा रही।

28:12.733 --> 28:15.610
झील पार करने के बाद से लग रहा है
जैसे मैं सब कुछ जीत सकती हूँ।

28:15.611 --> 28:17.529
क्या स्विमर्स को ऐसा ही लगता है?

28:17.530 --> 28:21.033
ख़ैर, तुमने पानी पर जीत हासिल की।
तुम कुछ भी मान सकती हो।

28:26.455 --> 28:29.332
वह बहुत ही दिलचस्प किताब होगी।

28:29.333 --> 28:31.918
- तुम गर्मियों की शुरुआत से वह पढ़ रहे हो।
- हाँ।

28:31.919 --> 28:33.379
- कहानी अच्छी है?
- गज़ब है।

28:34.004 --> 28:35.839
मुझे पढ़ाई करने के लिए चिढ़ा रही हो?

28:35.840 --> 28:37.841
नहीं! मैं बिल्कुल नहीं चिढ़ा रही।

28:37.842 --> 28:38.759
ठीक है।

28:46.559 --> 28:49.019
मुझे ध्यान लगाकर पढ़ने वाला सैम पसंद है।
प्यारा लगता है।

28:52.106 --> 28:52.981
अच्छा?

28:52.982 --> 28:54.150
हाँ।

28:56.360 --> 28:59.320
उस चीज़ को देखकर लगता है
कि उसे मेरी किसी कहानी में होना चाहिए।

28:59.321 --> 29:02.282
वह बिना खाल वाला बंदा
बहुत डरावना है। मेरे लिए भी।

29:02.283 --> 29:04.742
यह मस्कुलर सिस्टम का डायग्राम है।

29:04.743 --> 29:08.372
ठीक है। जैसे कि काफ मसल?

29:09.707 --> 29:13.209
बिल्कुल सही। वही मांसपेशी जो तुम
भागने का नाटक करते समय इस्तेमाल करती हो।

29:13.210 --> 29:14.336
यह जानकर अच्छा लगा।

29:21.010 --> 29:22.011
क्या तुमने...

29:23.721 --> 29:25.890
क्या तुमने अपनी उस किताब से
और कुछ भी सीखा है?

29:29.894 --> 29:31.770
मुझ पर भी ज्ञान की वर्षा करोगे, जीनियस?

29:37.443 --> 29:38.527
ठीक है, मैं...

29:39.612 --> 29:45.868
शायद अब कोई और डॉक्टर ढूँढ़ना पड़ेगा
जो मुझे यह सब सिखा सके।

29:46.911 --> 29:48.370
नहीं, मैं सिखाता हूँ।

29:57.713 --> 29:58.547
टखना।

30:03.052 --> 30:04.345
और यह रहा तुम्हारा घुटना।

30:06.013 --> 30:08.891
मुझे लगा तुम बुद्धिमान हो।
यह तो बच्चों को भी पता होगा।

30:13.187 --> 30:14.772
वास्टस मेडियालिस।

30:20.611 --> 30:22.071
वास्टस लेटरालिस।

30:25.824 --> 30:28.994
टेंसर फेशिया लाटे।

30:34.333 --> 30:36.418
आज के लिए इतना काफ़ी है, या...

30:37.836 --> 30:39.421
क्या मैं और पढ़ाऊँ?

30:57.731 --> 30:58.983
क्या हम सच में यह कर रहे हैं?

31:00.693 --> 31:02.736
बेशक। हम यह कर रहे हैं।

31:13.247 --> 31:16.041
तुम दोनों ने इन गर्मियों में
बहुत वक़्त साथ बिताया है।

31:16.709 --> 31:20.211
तो, वक़्त आ गया है
कि हम थोड़ी बातचीत करें।

31:20.212 --> 31:21.838
हे भगवान, माँ। नहीं।

31:21.839 --> 31:24.007
अगर तुम लोग सेक्स कर रहे हो, तो मैं...

31:24.008 --> 31:25.843
- ऐसा नहीं है।
- अभी तक नहीं।

31:26.427 --> 31:27.885
लेकिन मैं भी कभी सोलह साल की थी,

31:27.886 --> 31:30.221
और हम अंदाज़ा लगा सकते हैं
कि आगे क्या होगा।

31:30.222 --> 31:31.806
नहीं। नहीं, माँ।

31:31.807 --> 31:34.642
सैम, लोग प्यार में पड़ते हैं
और फिर वे सेक्स करते हैं।

31:34.643 --> 31:36.145
तुम्हारी माँ ने भी किया था।

31:36.812 --> 31:38.771
मैं जानती हूँ तुम दोनों में
कितनी नज़दीकियाँ हैं।

31:38.772 --> 31:41.066
यह यूँ ही बेमतलब का रिश्ता नहीं है।

31:42.484 --> 31:43.986
उससे बहुत ज़्यादा ख़ास है।

31:45.237 --> 31:48.906
और पता है, कभी-कभी ऐसे ख़ूबसूरत रिश्ते

31:48.907 --> 31:53.411
थोड़े मुश्किल हो जाते हैं और उनमें
दूरियाँ आ जाती हैं। फिर तकलीफ़ होती है।

31:53.412 --> 31:54.913
हमारे साथ ऐसा नहीं होगा।

31:55.497 --> 31:58.791
मैं जानती हूँ कि तुम नहीं चाहते ऐसा हो,
और मैं भी कभी यह नहीं चाहूँगी।

31:58.792 --> 32:02.253
पर तुम एक डॉक्टर बनना चाहते हो।
और पर्सी, तुम एक राइटर बनना चाहती हो।

32:02.254 --> 32:03.463
तुम्हारे अपने-अपने सपने हैं।

32:03.464 --> 32:04.589
वह तो सच है।

32:04.590 --> 32:07.885
और मैं नहीं चाहती कि तुम उन्हें भूलो,
क्योंकि वे तुम्हारे सपने हैं।

32:09.219 --> 32:12.014
कभी-कभी प्यार हमें
अपने सपनों से बहुत दूर ले जाता है।

32:14.892 --> 32:16.601
हालात ही मुश्किल हो जाते हैं।

32:16.602 --> 32:19.647
तो, वादा करो कि यह नहीं भूलोगे
कि ज़िंदगी में क्या करना चाहते हो।

32:20.397 --> 32:21.231
मैं वादा करती हूँ।

32:24.526 --> 32:25.444
हाँ।

32:31.700 --> 32:33.744
मुझे यकीन नहीं होता कि मैं कल जा रही हूँ।

32:35.245 --> 32:36.914
हाँ। मैं नहीं चाहता कि तुम जाओ।

32:38.957 --> 32:41.585
मुझे लगता है कि ये मच्छर भी नहीं चाहते
कि मैं जाऊँ।

32:53.305 --> 32:54.306
क्या हुआ?

32:56.225 --> 32:57.685
तुम अजीब तरह से पेश आ रहे हो।

32:58.936 --> 33:01.063
मैं बस... मैं सोच रहा था...

33:02.564 --> 33:03.565
हाँ?

33:04.400 --> 33:05.401
हमारे बारे में।

33:08.362 --> 33:09.946
- हमारे बारे में सोच रहा था।
- हे भगवान।

33:09.947 --> 33:11.823
क्या तुम बोलोगे कि हम ग़लती कर रहे हैं?

33:11.824 --> 33:14.200
नहीं, नहीं। बिल्कुल नहीं।

33:14.201 --> 33:16.161
नहीं। देखो, हमारे बीच जो हुआ...

33:17.037 --> 33:18.497
वह एक ग़लती तो ज़रा भी नहीं थी।

33:20.165 --> 33:21.208
तुम शायद...

33:23.836 --> 33:25.921
मेरे ज़िंदगी में हुई सबसे अच्छी चीज़ हो।

33:26.922 --> 33:28.215
ठीक है, अच्छी बात है।

33:30.008 --> 33:31.343
अच्छी बात है।

33:35.097 --> 33:36.974
क्योंकि तुम मेरे लिए अज़ीज़ हो, पर्सी।

33:40.602 --> 33:41.770
तुम मेरी बेस्ट फ़्रेंड हो।

33:44.148 --> 33:46.983
सैम, क्या तुम यह कहने वाले हो कि
"मैं बस दोस्त रहना चाहता हूँ"?

33:46.984 --> 33:49.153
क्योंकि अब बात बहुत आगे बढ़ गई है।

33:50.070 --> 33:51.405
नहीं। मैं बस...

33:52.448 --> 33:53.699
मैंने कभी नहीं...

33:54.491 --> 33:55.908
मुझे नहीं पता कि यह कैसे करूँ।

33:55.909 --> 33:59.287
और मुझे सच में डर लग रहा है कि मैं
जो कर रहा हूँ उससे सब कुछ बिगड़ जाएगा,

33:59.288 --> 34:01.706
क्योंकि मैं... मैं सब सही करना चाहता हूँ।

34:01.707 --> 34:03.625
पर अभी हम इसके लिए तैयार नहीं हैं।

34:04.460 --> 34:06.003
मैं तैयार हूँ।

34:07.212 --> 34:08.380
हाँ, पर...

34:10.215 --> 34:11.842
तुम कल जा रही हो।

34:13.552 --> 34:14.636
एक साल के लिए।

34:15.554 --> 34:17.180
हम दोनों की अलग-अलग ज़िंदगी हैं, पर्सी।

34:17.181 --> 34:19.599
हॉस्पिटल में मेरी इंटर्नशिप।
तुम्हारा राइटिंग सेमिनार।

34:19.600 --> 34:20.559
तो?

34:22.144 --> 34:24.521
तो, मैं जूनियर इयर में हूँ।

34:27.065 --> 34:29.401
इस वक़्त मुझ पर बहुत ज़्यादा दबाव है। मैं...

34:30.652 --> 34:32.820
मैं बिना स्कॉलरशिप के
कॉलेज नहीं जा पाऊँगा।

34:32.821 --> 34:35.824
मुझे ध्यान लगाकर पढ़ना होगा,
वरना मेरे सारे सपनों पर पानी फिर जाएगा।

34:43.832 --> 34:45.292
मेरी तरफ़ देखोगी, प्लीज़?

34:50.756 --> 34:53.884
तो, हम पहले जैसे हो जाएँ?
दूसरे लोगों को डेट करें?

34:57.262 --> 34:58.889
मुझे कोई दूसरी गर्लफ़्रेंड नहीं चाहिए।

34:59.556 --> 35:00.766
मैं तुम्हें चाहता हूँ।

35:03.477 --> 35:06.687
अगर यह कहूँ कि हमें अभी साथ नहीं
होना चाहिए, और फिर भी तुम्हें

35:06.688 --> 35:09.691
किसी और से रिश्ता बनाने से रोकूँ,
तो क्या मैं गधा हूँ? यह सही नहीं है।

35:12.903 --> 35:16.156
पर मैं असलियत में बिल्कुल यही चाहता हूँ।

35:18.992 --> 35:20.577
गधे तो तुम वैसे भी रहोगे।

36:02.911 --> 36:04.954
नहीं। पुलिस की गाड़ी आ रही है।

36:04.955 --> 36:07.373
मैं गिरफ़्तार हो गई
तो मेरा पार्टनर बनना समझो गया।

36:07.374 --> 36:08.916
तो, हम निकल रहे हैं। चलो निकलो।

36:08.917 --> 36:10.501
मुझे ऐसे में कुछ समझ नहीं आता।

36:10.502 --> 36:12.044
- तुम बढ़िया कर रही हो।
- ठीक है।

36:12.045 --> 36:13.713
- हमें जाना होगा।
- मैं आ रही हूँ। मुझे...

36:13.714 --> 36:15.882
- दोस्तो!
- दोस्तो, चलो।

36:15.883 --> 36:18.217
- दोस्तो। दोस्तो!
- पर्सी, जल्दी करो।

36:18.218 --> 36:21.012
दोस्तो! ए, रुको। मुझसे भागा नहीं जाता।

36:21.013 --> 36:22.514
हाथ ऊपर करके बाहर आओ।

36:42.743 --> 36:43.952
तुमने मुझे छुड़वाया?

36:45.746 --> 36:47.581
मेरा दोस्त डेप्युटी है।
उसने मुझे फ़ोन किया।

36:51.543 --> 36:52.502
मुझे तुम्हारी...

36:53.462 --> 36:54.713
मदद की ज़रूरत नहीं थी।

36:56.798 --> 36:58.425
ठीक है। तो, शुक्रिया नहीं कहोगी?

36:59.259 --> 37:00.218
शुक्रिया।

37:02.262 --> 37:04.013
पता है क्या? मैं अगली बार नहीं आऊँगा।

37:04.014 --> 37:05.348
हाँ, वैसे भी मैं थक चुकी हूँ।

37:05.349 --> 37:06.892
इसका क्या मतलब है?

37:07.768 --> 37:09.143
मिले-जुले इशारों से थक चुकी हूँ।

37:09.144 --> 37:10.938
- मिले-जुले इशारों से?
- हाँ!

37:11.813 --> 37:13.231
तुम्हारा यहाँ आना।

37:14.107 --> 37:16.192
और कल जो हम झील में तैर रहे थे?
वह क्या था?

37:16.193 --> 37:17.444
बस दो लोग जो तैर रहे थे।

37:18.153 --> 37:19.236
क्यों नहीं।

37:19.237 --> 37:21.113
और तुमने मुझे रात को
जो डेट जैसी चीज़ के लिए

37:21.114 --> 37:23.532
द टैवर्न में बुलाया था वह कुछ नहीं था?

37:23.533 --> 37:25.618
मुझे... मुझे बस तुम्हारी मदद चाहिए थी।

37:25.619 --> 37:28.829
अच्छा। क्या करना चाहते थे?
साथ में वक़्त बिताना? पुरानी बातें करना?

37:28.830 --> 37:30.832
क्योंकि ऐसा लगा कि तुम कुछ और चाहते हो।

37:31.833 --> 37:34.628
मैं... मैं अब यह नहीं कर सकती।

37:35.462 --> 37:37.547
मुझसे यह सब और नहीं होगा।
इसमें से कुछ भी नहीं।

37:39.049 --> 37:42.469
मैं थक गई हूँ
तुम्हारे इशारों पर नाचते-नाचते।

37:43.345 --> 37:45.639
कभी मेरे पास आते हो, कभी दूर चले जाते हो।

37:48.684 --> 37:52.144
जब हम छोटे थे, तो मुझे लगता था
कि तुम मेरी ज़िंदगी का अहम हिस्सा हो।

37:52.145 --> 37:53.729
- पर तुम वह नहीं हो।
- क्या कहा?

37:53.730 --> 37:55.607
आज तक समझ नहीं आया हमारे बीच क्या है।

37:56.274 --> 37:58.526
तुम कभी मुझे चाहते हो, कभी नहीं। यह...

37:58.527 --> 37:59.944
मेरा दिल अब और नहीं सह सकता।

37:59.945 --> 38:02.948
मैं उलझन में पड़ जाती हूँ और बहुत
दुख होता है, और यह नाइंसाफ़ी है।

38:03.782 --> 38:05.951
और मुझे यकीन है कि टेलर को भी यही लगेगा।

38:12.332 --> 38:13.542
तुम सही कह रही हो।

38:17.129 --> 38:18.547
पता नहीं मैं क्या सोच रहा था।

38:20.048 --> 38:21.299
शायद मैं थोड़ा सा...

38:22.634 --> 38:23.844
उलझ गया था।

38:26.221 --> 38:27.639
तुम्हें फिर से देखकर...

38:29.016 --> 38:30.767
वे पहले वाले एहसास...

38:32.728 --> 38:33.979
फिर से जाग गए।

38:37.107 --> 38:38.442
मेरे भी।

38:39.818 --> 38:41.653
पर वह पहली की बात थी और यह अब की बात है।

38:48.201 --> 38:51.204
मैं ग़लत था, और मैं माफ़ी माँगना चाहूँगा।

38:54.207 --> 38:55.625
ऐसा दोबारा नहीं होगा।

39:34.456 --> 39:35.414
हैलो, मेरी बच्ची।

39:35.415 --> 39:36.708
हैलो, पापा।

39:39.294 --> 39:41.088
समझ नहीं आ रहा कि मैं क्या करूँ।

39:42.714 --> 39:44.840
शायद द टैवर्न ही वह बदलाव हो
जिसकी तुम्हें ज़रूरत थी।

39:44.841 --> 39:48.928
क्या? नहीं! मैं उसकी बात
नहीं कर रही थी, पापा।

39:48.929 --> 39:51.138
तुम्हें पता है
सू ने मुझे उस दिन फ़ोन किया था

39:51.139 --> 39:53.766
जब "द सिएटल टाइम्स" में पहली बार
तुम्हारा आर्टिकल छपा था?

39:53.767 --> 39:54.893
सच में?

39:55.560 --> 39:58.521
तुम्हारी माँ और मैं अख़बार में
तुम्हारा नाम देखकर बहुत खुश हुए थे।

39:58.522 --> 40:02.983
पर सू यह पक्का करना चाहती थी
कि तुम कहीं कहानियाँ लिखना न छोड़ दो।

40:02.984 --> 40:06.570
उसे पता था कि तुम में कितना हुनर था।
मतलब कितना हुनर है।

40:06.571 --> 40:09.323
मुझे पता नहीं था कि आप लोग संपर्क में थे।

40:09.324 --> 40:13.160
मुझे लगा कि जो हुआ उसके बाद आप और माँ
बैरीज़ बे से कोई नाता नहीं रखना चाहते थे।

40:13.161 --> 40:15.246
ख़ैर, तुम्हारी माँ वहाँ से जाना चाहती थी,

40:15.247 --> 40:17.791
जो मैं समझता भी हूँ, हम बहुत डरे हुए थे।

40:18.834 --> 40:21.794
पर कभी-कभी, मैं सोचता हूँ कि

40:21.795 --> 40:24.713
क्या हमने वहाँ से जाकर सही किया था।
तुम्हारे लिए।

40:24.714 --> 40:26.299
पर इस जगह ने बहुत दर्द दिया है।

40:27.843 --> 40:29.469
मैं जानता हूँ।

40:30.679 --> 40:33.682
पर वह इकलौती ऐसी जगह है
जहाँ मैंने तुम्हें चहकते हुए देखा है।

40:36.601 --> 40:38.103
मुझे लगता है कि जब हम झील से दूर गए,

40:39.604 --> 40:41.856
तो तुमने सिर्फ़ सैम को नहीं खोया,

40:41.857 --> 40:44.734
पर अपना भी एक छोटा सा हिस्सा खो दिया था।

40:46.695 --> 40:49.864
मैं उसके बाद लिख ही नहीं पाई।
मानो वह मज़ा ही खो दिया हो।

40:49.865 --> 40:51.699
शायद सू यह बात जानती थी।

40:51.700 --> 40:55.744
मुझे नहीं लगता कि यह कोई इत्तेफ़ाक है कि
उसने हमारी बातचीत के बाद वसीयत बदल दी।

40:55.745 --> 40:59.875
इस जगह में कुछ तो ऐसा है।
यहाँ मैं ख़ुद को महसूस कर पाती हूँ।

41:01.459 --> 41:03.752
तुम... तुम झील में तैरकर वापस आती,

41:03.753 --> 41:08.132
ख़ूब सारे आइडिया दिमाग़ में भरे होते थे,
और फिर डिनर तक ग़ायब रहती थी।

41:08.133 --> 41:10.093
हाँ। मैंने तब से वह महसूस नहीं किया है...

41:11.094 --> 41:13.096
जबसे मैं यहाँ से गई हूँ।

41:17.517 --> 41:22.188
पर मैं उस जगह पर नहीं रह सकती
जहाँ पर सैम या चार्ली हों।

41:22.189 --> 41:24.857
माँ ने सही कहा था।
वे मेरे लिए सही नहीं हैं।

41:24.858 --> 41:28.110
शोक-सभा के बाद, वे वापस
अपनी-अपनी ज़िंदगियों में लौट जाएँगे।

41:28.111 --> 41:30.238
पर अगर तुम वहीं रुक जाओ तो?

41:32.616 --> 41:36.328
याद है जब तुम झील को तैरकर
पार करने की ट्रेनिंग कर रही थी?

41:37.621 --> 41:39.372
तुम हमेशा क्या कहती थी?

41:41.416 --> 41:43.710
"मुश्किलों को पार करके ही मंज़िल मिलेगी।"

41:46.379 --> 41:47.964
शायद वह अब भी लागू होता है।

42:54.656 --> 42:55.949
तुम माँ के बारे में सही थे।

42:57.075 --> 42:59.369
वह हमेशा सही फ़ैसले नहीं लेती थीं।

43:00.912 --> 43:01.830
हाँ।

43:03.957 --> 43:07.627
शायद उन्हें लगा था कि पर्सी को
द टैवर्न देने से उसकी कोई मदद होगी,

43:08.795 --> 43:10.672
पर मुझे ठीक नहीं लग रहा।
और मैं उनका बेटा हूँ।

43:15.593 --> 43:16.678
पर्सी का यहाँ होना...

43:19.681 --> 43:20.765
मेरे लिए बुरा है।

43:22.183 --> 43:23.143
ठीक है।

43:24.477 --> 43:25.895
तो हम वसीयत का विरोध करेंगे।

43:29.024 --> 43:31.359
देखो, मैं जानता हूँ हमारी सोच
हमेशा एक जैसी नहीं रही है,

43:32.944 --> 43:36.323
पर तुमने हमेशा मेरा
साथ दिया है, चार्ली। हमेशा।

43:38.116 --> 43:40.744
इस वक़्त मैं सिर्फ़ तुम पर ही
भरोसा कर सकता हूँ।

43:44.205 --> 43:46.166
हाँ, बिल्कुल सही कहा।

43:48.126 --> 43:49.753
हमें एक-दूसरे पर भरोसा रखना होगा, सैम।

43:50.795 --> 43:52.005
चाहे जो हो जाए।

43:54.257 --> 43:55.258
मैं तुम्हारे साथ हूँ।

43:56.968 --> 43:58.053
तुमने हमेशा मेरा साथ दिया।

44:00.013 --> 44:01.097
और हमेशा साथ देता रहूँगा।

45:55.795 --> 45:57.796
संवाद अनुवादक श्रुति शुक्ला

45:57.797 --> 45:59.883
रचनात्मक पर्यवेक्षक
अमृता गुप्ता
