WEBVTT

00:00:09.163 --> 00:00:11.283 align:center
[अब्बास]: हूँ! एकदम श्रीदेवी जैसे लग रही है।
(गाड़ी के चलने की आवाज़)

00:00:11.403 --> 00:00:13.803 align:center
[सोनम]: रह-रह के पागल हो जाते हो क्या तुम?
(गाड़ी के रुकने और दरवाज़ा खोलने की आवाज़)

00:00:15.043 --> 00:00:16.083 align:center
[अब्बास]: आओ।

00:00:19.483 --> 00:00:20.523 align:center
अच्छा, सोनम।

00:00:20.803 --> 00:00:22.243 align:center
[अब्बास]: तुमको लिपस्टिक लेना था ना?
[सोनम]: हाँ।

00:00:22.403 --> 00:00:24.083 align:center
[अब्बास]: तुम ले लो। हम ज़रा मारवाड़ी से
मिल के आते हैं। [सोनम]: चूड़ियाँ भी।

00:00:24.203 --> 00:00:25.563 align:center
[अब्बास]: ठीक है?
[सोनम]: हाँ। ठीक है।

00:00:30.323 --> 00:00:31.163 align:center
[दुकानदार]: आइए, बहन जी।

00:00:31.283 --> 00:00:33.273 align:center
[सोनम]: भैया, चूड़ियाँ दिखाइएगा।
[दुकानदार]: जी।

00:00:33.283 --> 00:00:34.763 align:center
[बदमाश]: खट्टा कम डाले हो क्या,
भैया?

00:00:34.883 --> 00:00:36.723 align:center
[सोनम]: नीले रंग की नहीं,
लाल रंग की चाहिए।

00:00:36.843 --> 00:00:38.603 align:center
[बदमाश 2]: खट्टा तो, भैया, यहाँ है।

00:00:39.363 --> 00:00:41.123 align:center
[बदमाश]: वहीं से ले लेते हैं खट्टा अपना।

00:00:41.283 --> 00:00:42.523 align:center
[सोनम]: अरे, ये नहीं, भैया।
[दुकानदार]: ये देखिए।

00:00:42.643 --> 00:00:44.363 align:center
[सोनम]: चमकीली नहीं है?
[बदमाश]: बैठ जाएँ, मैडम?

00:00:44.483 --> 00:00:46.163 align:center
[दुकानदार]: अ...
चमकीले वाला भी दिखाते हैं।

00:00:46.883 --> 00:00:48.643 align:center
[बदमाश]: इसमें खट्टा कम है।
दोस्त कह रहा है। [दुकानदार]: ये देखिए।

00:00:48.763 --> 00:00:50.483 align:center
[बदमाश]: तो एक बार चख लीजिए,
तो खट्टा बढ़ जाएगा।

00:00:50.763 --> 00:00:53.323 align:center
[सोनम]: निकलो यहाँ से।
[बदमाश]: अरे, चख के देखिए तो, करारा है।

00:00:53.443 --> 00:00:54.883 align:center
[सोनम]: निकलते हो या निकालूँ चप्पल?

00:00:55.003 --> 00:00:56.683 align:center
[बदमाश]: लीजिए ना।
[सोनम]: निकलो!

00:00:58.323 --> 00:01:00.003 align:center
[बदमाश]: ए, मैडम ने गिरा दिया रे।
एक और ला।

00:01:00.523 --> 00:01:02.643 align:center
[बदमाश 2]: बनाओ, बनाओ। और खट्टा बनाओ।
[सोनम]: भैया, एक साइज़ छोटी देना।

00:01:02.763 --> 00:01:04.563 align:center
[बदमाश 2]: अरे, खा लीजिए, मैडम जी।

00:01:05.243 --> 00:01:07.523 align:center
[बदमाश]: दूसरा बनवाए हैं।
[सोनम]: समझ में नहीं आ रहा तुम्हें?

00:01:07.723 --> 00:01:10.003 align:center
[बदमाश]: अरे, हमारा भाग्य खुल जाएगा।
चख लीजिए ना।

00:01:10.403 --> 00:01:11.963 align:center
[बदमाश]: मैडम। मैडम।
[सोनम]: भैया, वो लिपस्टिक...

00:01:12.083 --> 00:01:14.483 align:center
[सोनम]: दिखाओ ना।
[अब्बास]: भो** के! खाइए!

00:01:14.603 --> 00:01:16.883 align:center
[अब्बास]: तुमको बेटा, हम खिलाते हैं। [सोनम]:
अब्बास! अब्बास! अब्बास! नहीं, नहीं, अब्बास!

00:01:17.003 --> 00:01:18.843 align:center
[सोनम]: अब्बास, नहीं! अब्बास! [अब्बास]:
भाग, भो** के! भाग, भो** के! भाग, भो** के!

00:01:18.963 --> 00:01:19.883 align:center
[बदमाश 3]: कर क्या रहा है? ए!
[सोनम]: अब्बास, मर जाएगा वो!

00:01:20.003 --> 00:01:20.803 align:center
[अब्बास]: भो** के!
[सोनम]: अब्बास, नहीं!

00:01:20.923 --> 00:01:23.563 align:center
[अब्बास]: चल निकल! भाग! चल, भाग, ब***द!
[सोनम]: अब्बास! अब्बास, शांत हो जाओ।

00:01:23.683 --> 00:01:25.403 align:center
[अब्बास]: भाग यहाँ से!
[सोनम]: अब्बास, नहीं! शांत, शांत, शांत!

00:01:25.523 --> 00:01:26.763 align:center
[सोनम]: अब्बास। अब्बास, नहीं।
[अब्बास]: क्या पढ़ते हो बे?

00:01:26.883 --> 00:01:28.083 align:center
[सोनम]: अब्बास, छोड़ दो उस को।
[बदमाश]: सोशियोलॉजी, भैया।

00:01:28.203 --> 00:01:30.403 align:center
[अब्बास]: तो सा**! यहाँ ब***द लवलॉजी कर रहे
हो यहाँ पे? [सोनम]: अब्बास! अब्बास, प्लीज़।

00:01:30.523 --> 00:01:32.323 align:center
[सोनम]: निकलो तुम यहाँ से! अब्बास।
[अब्बास]: भाग! भाग!

00:01:32.443 --> 00:01:33.403 align:center
[सोनम]: अब्बास, नहीं!
[अब्बास]: भाग!

00:01:33.523 --> 00:01:35.003 align:center
[अब्बास]: भाग यहाँ से!
[सोनम]: मार ही दोगे क्या?

00:01:35.363 --> 00:01:36.643 align:center
[अब्बास]: और क्या? मार ही देंगे?

00:01:36.963 --> 00:01:38.803 align:center
[सोनम]: तुम बात-बात पे कट्टा उठा लेते हो।

00:01:39.163 --> 00:01:41.403 align:center
[सोनम]: अगर लग जाती तो तुम्हें?
[अब्बास]: अरे, हमें नहीं लगा।

00:01:41.563 --> 00:01:44.003 align:center
[अब्बास]: तुम्हें कोई छेड़ता है ना,
तो सा** मेरा ख़ून खौल जाता है।

00:01:49.803 --> 00:01:51.323 align:center
(रोली के रोने की आवाज़)

00:01:53.003 --> 00:01:53.883 align:center
[विजय]: बस।

00:01:55.803 --> 00:01:57.123 align:center
ये पिता भी ना,

00:01:57.803 --> 00:01:59.003 align:center
बड़े अजीब होते हैं।

00:02:01.483 --> 00:02:04.843 align:center
जब तक होते हैं,
तब तक लगता है जैसे जेलर हो,

00:02:06.763 --> 00:02:07.963 align:center
और जब नहीं होते हैं,

00:02:09.003 --> 00:02:10.683 align:center
एक ख़ालीपन छोड़ जाते हैं।

00:02:11.643 --> 00:02:14.483 align:center
फिर ऐसा लगता है जैसे कोई होता,

00:02:16.523 --> 00:02:19.563 align:center
जो रोकता, टोकता, मना करता।

00:02:22.283 --> 00:02:23.243 align:center
पिता...

00:02:24.163 --> 00:02:26.083 align:center
अंधेरे में एक दीये की तरह होते हैं।

00:02:28.883 --> 00:02:30.363 align:center
और इस अंधेरे में जिसे...

00:02:31.723 --> 00:02:33.203 align:center
दीया समझते रहे,

00:02:36.243 --> 00:02:37.923 align:center
वो बिल्ली की आँख निकली।

00:02:38.723 --> 00:02:40.283 align:center
[रोली]: दुख तो इस बात का है, विजय
(रोते हुए)

00:02:40.603 --> 00:02:43.283 align:center
कि हमारे माता-पिता
एक स्वाभाविक मौत नहीं मरे। (रोते हुए)

00:02:43.563 --> 00:02:45.163 align:center
इन दरिंदों ने मारा है उन्हें।
(रोते हुए)

00:02:45.963 --> 00:02:48.163 align:center
और इस बात का बदला तो
हम लेकर रहेंगे। (रोते हुए)

00:02:51.523 --> 00:02:54.483 align:center
(रोली के रोने की आवाज़)

00:03:00.283 --> 00:03:02.443 align:center
[विजय]: आप सरस्वती देवी को
हाँ बोल दीजिए।

00:03:05.603 --> 00:03:10.123 align:center
(रोमांचकारी पार्श्व संगीत)
(बंदूक से गोलियाँ चलाने की आवाज़)

00:03:35.963 --> 00:03:38.723 align:center
[सोनम]: अब क्या देखने आए हैं?
कि हम लोग ज़िंदा हैं या मर गए?

00:03:40.203 --> 00:03:42.483 align:center
जाइए। हमें भैया के हत्यारे से
कोई बात नहीं करनी है।

00:03:42.603 --> 00:03:45.363 align:center
[सोनम की माँ]: बेटी, घर पे आए मेहमान से
इस तरीक़े से बात नहीं किया जाता।

00:03:45.483 --> 00:03:47.883 align:center
[सोनम]: तो किस तरीक़े से बात
करते हैं, अम्मा? [सोनम की माँ]: बेटा, समझो।

00:03:48.003 --> 00:03:49.963 align:center
[रामानंद]: अम्मा...
[सोनम]: सब बात हम ही समझें।

00:03:54.043 --> 00:03:57.643 align:center
[रामानंद]: बिटिया,
हम आप सब के दुख को समझते हैं।

00:04:00.203 --> 00:04:01.443 align:center
पर यक़ीन मानिए।

00:04:02.363 --> 00:04:05.123 align:center
हमारे ऊपर ग़लत इलज़ाम लगाया गया है।

00:04:06.643 --> 00:04:08.443 align:center
राजनीति की गई है हमारे साथ।

00:04:09.243 --> 00:04:11.883 align:center
[सोनम]: तो उस दिन क्यों नहीं कहे?
आज क्यों कहने आए हो आप?

00:04:12.163 --> 00:04:13.923 align:center
[रामानंद]: क्योंकि हम जानते थे कि उस दिन

00:04:14.283 --> 00:04:16.963 align:center
आप का दर्द, आप का ग़ुस्सा,

00:04:18.043 --> 00:04:19.203 align:center
गहरा था।

00:04:19.643 --> 00:04:21.923 align:center
हम कुछ भी कहते,
आप नहीं मानते।

00:04:22.403 --> 00:04:25.163 align:center
और हमें डर था
कि हम जो कुछ भी कहें, उस को

00:04:25.283 --> 00:04:26.723 align:center
मज़ाक समझा जाएगा।

00:04:27.963 --> 00:04:30.603 align:center
पर हम आज आए हैं,
क्योंकि हमें लगने लगा है कि

00:04:31.963 --> 00:04:34.123 align:center
आपके साथ कुछ मज़ाक होने जा रहा है।

00:04:35.843 --> 00:04:37.243 align:center
[सोनम]: मतलब, हम समझे नहीं।

00:04:39.363 --> 00:04:42.723 align:center
[रामानंद]: आजकल आप जिनके साथ
समय व्यतीत कर रही हैं,

00:04:45.163 --> 00:04:46.603 align:center
जानती हैं कौन है वो?

00:04:49.163 --> 00:04:50.803 align:center
वो वसीम का भाई है।

00:04:51.803 --> 00:04:54.763 align:center
वही वसीम
जिसने महावीर की जान ली,

00:04:58.803 --> 00:05:00.083 align:center
और हमारी कुर्सी।

00:05:01.963 --> 00:05:03.643 align:center
वैसे, आप समझदार हैं।

00:05:05.843 --> 00:05:07.123 align:center
महावीर की बहन हैं।

00:05:11.203 --> 00:05:12.963 align:center
बहुत पढ़ना चाहता था वो।

00:05:15.883 --> 00:05:16.923 align:center
माने,

00:05:17.923 --> 00:05:19.163 align:center
आप भी पढ़ सकती हैं।

00:05:20.163 --> 00:05:23.083 align:center
और अगर आप को
महावीर का बदला लेना है,

00:05:23.323 --> 00:05:24.763 align:center
तो हम आप के साथ हैं।

00:05:24.883 --> 00:05:26.843 align:center
बस हम जैसा बोलें,
वैसा करो।

00:05:26.963 --> 00:05:29.003 align:center
बाक़ी सब हम संभाल लेंगे।

00:05:31.123 --> 00:05:32.243 align:center
और ये सब...

00:05:33.323 --> 00:05:34.563 align:center
सब संभाल लेंगे हम।

00:05:36.643 --> 00:05:38.243 align:center
माने, आप सोच के बताइएगा।

00:05:51.523 --> 00:05:54.363 align:center
[उद्घोषक]: वसीम ख़ान...
[सभी लोग]: मुर्दाबाद! मुर्दाबाद!

00:05:54.483 --> 00:05:57.483 align:center
[उद्घोषक]: वसीम ख़ान...
[सभी लोग]: मुर्दाबाद! मुर्दाबाद!

00:05:57.763 --> 00:06:00.683 align:center
[कॉन्स्टेबल 1]: देखिए, बहन जी।
आप को कोई ग़लतफ़हमी हुई है।

00:06:01.203 --> 00:06:03.403 align:center
[कॉन्स्टेबल 1]: आप को पता है आप किस के
बारे में बात कर रही हैं? [सोनम]: हाँ, पता है।

00:06:03.523 --> 00:06:05.643 align:center
[सोनम]: वही वसीम ख़ान ना,
जिस ने हमारे भाई को मरवाया

00:06:05.763 --> 00:06:08.323 align:center
और उस के छोटे भाई अब्बास ने
हमारे साथ बलात्कार किया है।

00:06:08.683 --> 00:06:10.123 align:center
हम ग़रीब हैं और वो गृह मंत्री,

00:06:10.243 --> 00:06:12.203 align:center
तो क्या आप उन के ख़िलाफ़
शिकायत नहीं लिखेंगे?

00:06:12.323 --> 00:06:13.443 align:center
हमें न्याय नहीं मिलेगा?

00:06:13.563 --> 00:06:15.203 align:center
[कॉन्स्टेबल 1]: आप बहुत बड़ी बात कह रही हैं।

00:06:15.363 --> 00:06:17.683 align:center
ऐसे बेबुनियाद किसी पे
इलज़ाम नहीं लगाना चाहिए।

00:06:18.403 --> 00:06:19.523 align:center
आप एक बार फिर से
सोच लीजिए, मैडम।

00:06:19.643 --> 00:06:21.283 align:center
[सोनम]: सोच लिया है।
अगर हमें न्याय नहीं मिला ना,

00:06:21.403 --> 00:06:24.203 align:center
तो हम इसी थाने के बाहर
अपना आत्मदहन कर लेंगे। समझे आप?

00:06:24.683 --> 00:06:26.523 align:center
[कॉन्स्टेबल 1]: अरे, मैडम। मेरी बात तो सुनिए।
[सोनम]: चल, माँ।

00:06:27.483 --> 00:06:29.203 align:center
[उद्घोषक]: वसीम ख़ान...
[सभी लोग]: मुर्दाबाद! (चिल्लाते हुए)

00:06:30.923 --> 00:06:33.403 align:center
[वसीम]: अब्बास कहाँ है?
[गुंडा 1]: भैया, वो अपने कमरे में सो रहे हैं।

00:06:33.523 --> 00:06:35.363 align:center
[वसीम]: अरे, गाँ** पे लात मार कर
उठाओ चू** को!

00:06:35.483 --> 00:06:36.283 align:center
[गुंडा 1]: जी, भैया।

00:06:36.403 --> 00:06:38.443 align:center
[वसीम]: हमारी नींद उड़ाकर
सो रहे हैं, भो** के!

00:06:39.363 --> 00:06:42.043 align:center
हमारा परिवार जो है ना,
चू** से भरा हुआ है।

00:06:42.523 --> 00:06:45.323 align:center
और इन के चू*** का
बोझ कौन उठा रहा है? हम!

00:06:47.523 --> 00:06:49.283 align:center
[वसीम]: यहाँ आओ।
[अब्बास]: जी, भाई जान?

00:06:50.283 --> 00:06:52.363 align:center
[वसीम]: तुम्हारा क्या कोई
चक्कर चल रहा है? हाँ?

00:06:52.483 --> 00:06:55.443 align:center
[अब्बास]: हाँ... भाई जान! भाई जान!
[वसीम]: भो** के! क्या पूछे तुम से? क्या पूछे?

00:06:55.603 --> 00:06:57.523 align:center
[वसीम]: मा***द! लौंडियाबाज़ हाँ!
[अब्बास]: भाभी! भाभी जान!

00:06:57.643 --> 00:06:58.923 align:center
[अब्बास]: भाभी!
[वसीम]: करियर की माँ चो* दी!

00:06:59.043 --> 00:07:00.603 align:center
[वसीम]: भो** के!
[वसीम की बेग़म]: क्या? क्या कर रहे हैं उस को?

00:07:00.723 --> 00:07:01.683 align:center
[वसीम की बेग़म]: क्या कर रहे हैं आप?

00:07:01.803 --> 00:07:03.003 align:center
[वसीम]: भाभी जान को पता है, भाई जान।

00:07:07.043 --> 00:07:08.123 align:center
[वसीम]: आप को पता था?

00:07:14.043 --> 00:07:16.363 align:center
[दरोगा 1]: सर,
अब हमें करना क्या है?

00:07:23.243 --> 00:07:26.003 align:center
[उद्घोषक]: वसीम ख़ान...
[सभी लोग]: मुर्दाबाद! मुर्दाबाद!

00:07:26.123 --> 00:07:29.083 align:center
[उद्घोषक]: वसीम ख़ान...
[सभी लोग]: मुर्दाबाद! मुर्दाबाद!

00:07:29.203 --> 00:07:32.043 align:center
[उद्घोषक]: वसीम ख़ान...
[सभी लोग]: मुर्दाबाद! मुर्दाबाद!

00:07:32.163 --> 00:07:34.923 align:center
[उद्घोषक]: वसीम ख़ान...
[सभी लोग]: मुर्दाबाद! मुर्दाबाद!

00:07:35.043 --> 00:07:37.923 align:center
[उद्घोषक]: वसीम ख़ान...
[सभी लोग]: मुर्दाबाद! मुर्दाबाद!

00:07:38.043 --> 00:07:40.883 align:center
[उद्घोषक]: वसीम ख़ान...
[सभी लोग]: मुर्दाबाद! मुर्दाबाद!

00:07:41.003 --> 00:07:43.923 align:center
[उद्घोषक]: वसीम ख़ान...
[सभी लोग]: मुर्दाबाद! मुर्दाबाद!

00:07:44.043 --> 00:07:46.923 align:center
[उद्घोषक]: वसीम ख़ान...
[सभी लोग]: मुर्दाबाद! मुर्दाबाद!

00:07:48.843 --> 00:07:51.163 align:center
[रामानंद]: कोई इंसान बड़ा हो,

00:07:52.043 --> 00:07:53.243 align:center
अच्छी बात है।

00:07:54.403 --> 00:07:58.003 align:center
उस को बड़ा ओहदा मिले,
अच्छी बात है।

00:07:58.563 --> 00:08:02.883 align:center
लेकिन ओहदा मिलने के बाद
इंसानियत भूल जाए,

00:08:03.843 --> 00:08:05.323 align:center
बुरी बात है!

00:08:05.443 --> 00:08:08.243 align:center
(सभी के तालियाँ बजाने की आवाज़)

00:08:09.683 --> 00:08:12.123 align:center
[रामानंद]: हमारी देश की नारी

00:08:13.843 --> 00:08:16.003 align:center
बरसों से शोषित है।

00:08:17.203 --> 00:08:18.963 align:center
उस के साथ बुरा हुआ है!

00:08:20.243 --> 00:08:22.763 align:center
लेकिन आज वो जाग रही है!

00:08:24.803 --> 00:08:28.723 align:center
और जागने के बाद
ये जो सैलाब आया है,

00:08:28.843 --> 00:08:33.603 align:center
इसको वसीम ख़ान जैसे
तिनके रोक नहीं पाएंगे!

00:08:33.723 --> 00:08:36.403 align:center
[उद्घोषक]: रामानंद राय...
[सभी लोग]: ज़िंदाबाद! ज़िंदाबाद! (चिल्लाते हुए)

00:08:36.523 --> 00:08:38.923 align:center
[उद्घोषक]: रामानंद राय...
[सभी लोग]: ज़िंदाबाद! ज़िंदाबाद! (चिल्लाते हुए)

00:08:39.043 --> 00:08:41.723 align:center
[उद्घोषक]: रामानंद राय...
[सभी लोग]: ज़िंदाबाद! ज़िंदाबाद! (चिल्लाते हुए)

00:08:41.843 --> 00:08:44.443 align:center
[उद्घोषक]: रामानंद राय...
[सभी लोग]: ज़िंदाबाद! ज़िंदाबाद! (चिल्लाते हुए)

00:08:44.563 --> 00:08:47.243 align:center
[उद्घोषक]: रामानंद राय...
[सभी लोग]: ज़िंदाबाद! ज़िंदाबाद! (चिल्लाते हुए)

00:08:47.363 --> 00:08:49.883 align:center
[उद्घोषक]: रामानंद राय...
[सभी लोग]: ज़िंदाबाद! ज़िंदाबाद! (चिल्लाते हुए)

00:08:50.003 --> 00:08:52.603 align:center
[उद्घोषक]: रामानंद राय...
[सभी लोग]: ज़िंदाबाद! ज़िंदाबाद! (चिल्लाते हुए)

00:08:52.723 --> 00:08:55.323 align:center
[उद्घोषक]: रामानंद राय...
[सभी लोग]: ज़िंदाबाद! ज़िंदाबाद! (चिल्लाते हुए)

00:08:55.483 --> 00:08:58.083 align:center
[उद्घोषक]: रामानंद राय...
[सभी लोग]: ज़िंदाबाद! ज़िंदाबाद! (चिल्लाते हुए)

00:08:58.283 --> 00:09:00.763 align:center
[उद्घोषक]: रामानंद राय...
[सभी लोग]: ज़िंदाबाद! ज़िंदाबाद! (चिल्लाते हुए)

00:09:00.923 --> 00:09:03.483 align:center
[उद्घोषक]: रामानंद राय...
[सभी लोग]: ज़िंदाबाद! ज़िंदाबाद! (चिल्लाते हुए)

00:09:03.603 --> 00:09:04.563 align:center
[उद्घोषक]: रामानंद राय...
[सभी लोग]: ज़िंदा...

00:09:04.683 --> 00:09:07.123 align:center
[सरस्वती]: आप ने तो
घोड़े की आधी घर वाली चाल चल दी,

00:09:07.243 --> 00:09:09.003 align:center
वसीम को रास्ते से हटाने के लिए।

00:09:09.123 --> 00:09:10.403 align:center
[उद्घोषक]: रामानंद राय...
[सभी लोग]: ज़िंदाबाद!

00:09:10.523 --> 00:09:13.803 align:center
[रामानंद]: मुख्यमंत्री जी को भी
घोड़े की चाल बहुत पसंद थी।

00:09:14.643 --> 00:09:16.523 align:center
और हम ठहरे उनके शिष्य।

00:09:16.683 --> 00:09:18.003 align:center
[सभी लोग]: ज़िंदाबाद...
[उद्घोषक]: रामानंद राय...

00:09:18.123 --> 00:09:21.483 align:center
[रामानंद]: देखिए, क्या चाल चली है
कि लोग भी हमारे साथ हैं

00:09:22.523 --> 00:09:26.363 align:center
और जो हमारे विरोधी हैं,
वो भी हमारे साथ आकर खड़े हो गए हैं,

00:09:26.803 --> 00:09:28.843 align:center
जैसे कि आप हमारे साथ खड़ी हैं।

00:09:28.963 --> 00:09:31.243 align:center
[उद्घोषक]: रामानंद राय...
[सभी लोग]: ज़िंदाबाद! ज़िंदाबाद! (चिल्लाते हुए)

00:09:31.363 --> 00:09:33.283 align:center
[रामानंद]: शांत हो जाइए। शांत हो जाइए।
[उद्घोषक]: ज़िंदाबाद! ज़िंदाबाद!

00:09:35.163 --> 00:09:37.083 align:center
[रामानंद]: जैसे कि आप लोग देख रहे हैं,

00:09:37.363 --> 00:09:41.483 align:center
हमारी पार्टी एचएसबी की दिग्गज नेत्री

00:09:41.883 --> 00:09:44.723 align:center
स्वर्गीय श्री बंसीराम जी की बहुत ही क़रीबी,

00:09:45.203 --> 00:09:48.123 align:center
सरस्वती जी आज हमारे साथ हैं।

00:09:48.923 --> 00:09:54.563 align:center
उनके यहाँ होने से
हमारी आवाज़ और बुलंद हो गई है!

00:09:54.843 --> 00:09:56.513 align:center
तालियों से स्वागत करें आप!

00:09:56.523 --> 00:09:59.763 align:center
(सभी के तालियाँ बजाने की आवाज़)

00:10:00.283 --> 00:10:03.803 align:center
[सरस्वती]: हम आप सब महिला साथियों के
हौसले को सलाम करते हैं

00:10:04.363 --> 00:10:07.283 align:center
और इस आंदोलन का समर्थन करते हैं।

00:10:07.443 --> 00:10:10.883 align:center
[नागरिक 1]: सरस्वती मैम, बलात्कारी तो
आदरणीय गृह मंत्री के भाई हैं।

00:10:11.003 --> 00:10:13.043 align:center
तो ऐसे में पुलिस
कैसे न्याय कर पाएगी?

00:10:14.243 --> 00:10:15.723 align:center
[रामानंद]: देख...
[सरस्वती]: आप लोग निश्चिंत रहिए।

00:10:16.403 --> 00:10:17.523 align:center
[सरस्वती]: न्याय मिलेगा।

00:10:17.843 --> 00:10:19.043 align:center
[सरस्वती]: हम...
[रामानंद]: ज़रूर मिलेगा!

00:10:19.363 --> 00:10:21.563 align:center
[रामानंद]: क्यों नहीं मिलेगा न्याय?
हम हैं ना!

00:10:21.963 --> 00:10:23.483 align:center
हमारे होते हुए कौन रोकता है?

00:10:23.883 --> 00:10:26.363 align:center
वो चाहे उनका बेटा हो,
भाई हो, बाप हो!

00:10:27.043 --> 00:10:30.043 align:center
क्योंकि हम अपराधी के
अपराध को देखते हैं

00:10:30.323 --> 00:10:33.363 align:center
उस की हैसियत
और उस की औक़ात को नहीं देखते!

00:10:33.483 --> 00:10:36.043 align:center
[उद्घोषक]: रामानंद राय...
[सभी लोग]: ज़िंदाबाद! ज़िंदाबाद! (चिल्लाते हुए)

00:10:36.483 --> 00:10:38.683 align:center
[रामानंद]: अब चलो!
[उद्घोषक]: ज़िंदाबाद! ज़िंदाबाद!

00:10:38.803 --> 00:10:41.363 align:center
[उद्घोषक]: रामानंद राय...
[सभी लोग]: ज़िंदाबाद! ज़िंदाबाद! (चिल्लाते हुए)

00:10:41.483 --> 00:10:44.083 align:center
[उद्घोषक]: रामानंद राय...
[सभी लोग]: ज़िंदाबाद! ज़िंदाबाद! (चिल्लाते हुए)

00:10:45.163 --> 00:10:46.843 align:center
[दरोगा 1]: सर,
मामला हाथ से बाहर निकल गया है।

00:10:48.123 --> 00:10:50.003 align:center
अब्बास को बचाना
अब मुश्किल होगा।

00:10:51.163 --> 00:10:53.123 align:center
और सर,
जिस पार्टी का आप साथ दे रहे हैं,

00:10:53.963 --> 00:10:55.563 align:center
वही लोग दबाव बना रहे हैं।

00:10:58.683 --> 00:10:59.883 align:center
[वसीम]: कौन बना रहा है दबाव?

00:11:00.283 --> 00:11:01.563 align:center
[दरोगा 1]: सर, सरस्वती देवी।

00:11:07.923 --> 00:11:10.443 align:center
(लैंडलाइन फ़ोन बजने की आवाज़)
(चिंताजनक पार्श्व संगीत)

00:11:11.683 --> 00:11:13.603 align:center
(लैंडलाइन फ़ोन बजने की आवाज़)
(चिंताजनक पार्श्व संगीत)

00:11:14.563 --> 00:11:16.083 align:center
[वसीम]: हेलो।
[बाबर]: वसीम।

00:11:16.683 --> 00:11:17.923 align:center
[बाबर]: ये हम क्या सुन रहे हैं?

00:11:18.363 --> 00:11:19.723 align:center
आख़िर चल क्या रहा है वहाँ?

00:11:20.443 --> 00:11:21.563 align:center
[वसीम]: हम देख रहे हैं।

00:11:21.723 --> 00:11:23.443 align:center
[बाबर]: सिर्फ़ देख ही तो रहे हो तुम।

00:11:24.043 --> 00:11:26.403 align:center
हमारे बेटे को
बलात्कारी कहा जा रहा है,

00:11:26.923 --> 00:11:29.763 align:center
और तुम गृह मंत्री होते हुए भी
तमाशबीन बने हुए बैठे हो।

00:11:30.283 --> 00:11:31.483 align:center
[वसीम]: हम ने आप से कहा ना,

00:11:32.883 --> 00:11:34.483 align:center
हम ठीक कर देंगे सब।
हम देख रहे हैं।

00:11:34.763 --> 00:11:36.643 align:center
[बाबर]: नहीं, ग़लती तो मेरी थी,

00:11:36.843 --> 00:11:38.443 align:center
जो हम ने तुम पर भरोसा किया।

00:11:39.003 --> 00:11:40.843 align:center
अरे, सूबे के गृह मंत्री हो

00:11:40.963 --> 00:11:43.203 align:center
और एक मामूली सा
केस नहीं संभाल सकते हो?

00:11:43.723 --> 00:11:46.283 align:center
लगता है हमें ही वहाँ आ करके
सब कुछ देखना पड़ेगा?

00:11:46.803 --> 00:11:50.163 align:center
ये तुम्हारे तरीक़े से तो
पूरे ख़ानदान के मुँह पर कालिख ही पुत जाएगी।

00:11:50.363 --> 00:11:51.483 align:center
[वसीम]: सही कह रहे हैं आप!

00:11:51.843 --> 00:11:54.283 align:center
ख़ानदान के मुँह पर कालिख
हमारी वजह से पुत रही है।

00:11:54.803 --> 00:11:57.003 align:center
आप का लाडला तो
ख़ानदान का नाम रोशन कर रहा है।

00:11:58.563 --> 00:12:00.883 align:center
वहाँ बैठे-बैठे नसीहत देना
बहुत आसान है।

00:12:01.123 --> 00:12:02.763 align:center
जब आप यहाँ थे,
आप ने क्या उखाड़ लिया?

00:12:04.563 --> 00:12:06.883 align:center
ग़लती करे आप का लौंडा,
गाँ** मराए वसीम ख़ान।

00:12:07.003 --> 00:12:09.683 align:center
[बाबर]: बस! यही तो मुश्किल है तुम्हारी।

00:12:10.763 --> 00:12:12.483 align:center
तुम्हारे भीतर का
गुंडा तो निकलेगा नहीं।

00:12:12.603 --> 00:12:14.643 align:center
[वसीम]: क्योंकि बचपन से देखते आए हैं ना
आप जैसे लोगों को।

00:12:15.003 --> 00:12:18.683 align:center
हर क़दम, हर मोड़ पर ज़रूरत है
आप को वसीम ख़ान जैसे गुंडे की।

00:12:18.883 --> 00:12:19.963 align:center
[बाबर]: ठीक है।

00:12:20.523 --> 00:12:22.563 align:center
तुम्हें कुछ करने की ज़रूरत नहीं है।

00:12:23.043 --> 00:12:25.603 align:center
अब जो कुछ भी है,
वो अब हम यहीं दिल्ली से करेंगे।

00:12:26.603 --> 00:12:27.683 align:center
[वसीम]: हूँ!

00:12:30.563 --> 00:12:31.963 align:center
मारें तुम्हारे एक!

00:12:40.283 --> 00:12:41.403 align:center
चू**!

00:12:44.043 --> 00:12:45.083 align:center
[वसीम की बेग़म]: देखिए,

00:12:45.763 --> 00:12:47.803 align:center
शायद हम नहीं समझते हैं
यहाँ क्या चल रहा है,

00:12:48.443 --> 00:12:50.363 align:center
पर अब्बास को समझते हैं और...

00:12:50.883 --> 00:12:53.683 align:center
वो सौ ग़लतियाँ कर ले,
पर बलात्कार...

00:12:56.523 --> 00:12:58.363 align:center
हमें इतना विश्वास है उस पर।

00:13:06.643 --> 00:13:07.563 align:center
[रोली]: विजय।

00:13:10.203 --> 00:13:11.643 align:center
हम से नहीं हो पाएगा।

00:13:14.003 --> 00:13:16.443 align:center
हम...
हम राजनीति में नहीं आ पाएंगे।

00:13:17.843 --> 00:13:19.083 align:center
[विजय]: हम जानते हैं, रोली जी,

00:13:19.723 --> 00:13:21.403 align:center
आप के दिमाग़ में
क्या चल रहा है।

00:13:22.763 --> 00:13:26.763 align:center
रामानंद राय हम लोगों से
कहीं ज़्यादा ताक़तवर है राजनीतिक रूप से।

00:13:28.283 --> 00:13:30.483 align:center
तो हमें भी अपनी ताक़त
इकट्ठा करनी पड़ेगी।

00:13:31.883 --> 00:13:33.723 align:center
और वो सिर्फ़
राजनीति से आ सकती है।

00:13:34.323 --> 00:13:36.563 align:center
[रोली]: क्या राजनीति इतनी गंदी चीज़ होती है,

00:13:37.323 --> 00:13:39.163 align:center
जो अपनों को भी नहीं छोड़ती?

00:13:40.923 --> 00:13:42.923 align:center
और बस एक ही
सवाल मन में आता है।

00:13:44.883 --> 00:13:47.243 align:center
इस गंदगी में पैर क्यों रखें?

00:13:48.043 --> 00:13:52.163 align:center
[विजय]: कई बार गंदगी साफ़ करने के लिए
गंदगी में उतरना पड़ता है।

00:13:54.043 --> 00:13:57.483 align:center
और यही एक मौक़ा है,
एक तीर से दो शिकार करने का।

00:13:59.243 --> 00:14:01.363 align:center
रामानंद राय को तो जवाब देंगे ही देंगे,

00:14:01.483 --> 00:14:04.363 align:center
मगर साथ ही साथ
अपना खोया हुआ मान,

00:14:05.443 --> 00:14:06.563 align:center
सम्मान,

00:14:08.043 --> 00:14:09.803 align:center
हर चीज़ उस से वापस लेंगे।

00:14:13.043 --> 00:14:14.323 align:center
और आप भी जानती हैं

00:14:17.643 --> 00:14:19.843 align:center
कि विजय सिंह हमेशा आप के साथ है।

00:14:25.243 --> 00:14:26.883 align:center
[बाबर]: आज तो बिलकुल हद ही हो गई!

00:14:27.643 --> 00:14:29.763 align:center
इतने दिनों से सियासत कर रहा हूँ,

00:14:30.123 --> 00:14:33.003 align:center
लेकिन आज तक किसी को
आँख उठा करके देखने की हिम्मत नहीं हुई!

00:14:33.763 --> 00:14:35.643 align:center
इस सब की वजह
तुम हो, वसीम, तुम!

00:14:35.763 --> 00:14:36.803 align:center
[वसीम]: अच्छा?

00:14:37.043 --> 00:14:38.643 align:center
हम से तो कोई
बदतमीज़ी नहीं करता।

00:14:40.683 --> 00:14:42.163 align:center
[बाबर]: किस ग़लतफ़हमी में रह रहे हो?

00:14:43.003 --> 00:14:45.483 align:center
सुनो। हमारी बात सुनो।

00:14:46.203 --> 00:14:48.643 align:center
और ये बात हम एक
सियासतदान की तरह नहीं,

00:14:49.523 --> 00:14:51.483 align:center
हमारे चचा की
हैसियत से कह रहे हैं।

00:14:53.123 --> 00:14:54.363 align:center
छोड़ो विजय सिंह को,

00:14:55.123 --> 00:14:57.443 align:center
अपने विधायकों की फ़िक्र भी छोड़ो।

00:14:58.483 --> 00:15:00.883 align:center
सरस्वती देवी के पाले में चले जाओ।

00:15:01.163 --> 00:15:02.363 align:center
[वसीम]: क्या कहना चाह रहे हैं आप?

00:15:03.003 --> 00:15:05.283 align:center
उस बंसीराम की चेली के पाले में

00:15:05.403 --> 00:15:08.363 align:center
पूर्वांचल का सब से बड़ा
बाहुबली वसीम ख़ान चला जाए? हाँ?

00:15:09.043 --> 00:15:10.043 align:center
[बाबर]: देखो, वसीम।

00:15:10.723 --> 00:15:13.203 align:center
तुम सरस्वती देवी के बारे में
कुछ भी समझो,

00:15:14.003 --> 00:15:17.963 align:center
लेकिन आवाम उसे
बंसीराम का वारिस समझती है।

00:15:18.603 --> 00:15:20.163 align:center
इसीलिए उस से हमदर्दी करती है।

00:15:20.483 --> 00:15:22.483 align:center
और जहाँ तक मैं समझता हूँ,

00:15:23.323 --> 00:15:26.363 align:center
वो सीएम की कुर्सी से
बहुत ज़्यादा दूर नहीं है।

00:15:26.843 --> 00:15:29.443 align:center
[बाबर]: सरस्वती उस कुर्सी के
चाहे जितना नज़दीक चले जाए,

00:15:30.443 --> 00:15:32.083 align:center
जब तक हमारे विधायक हैं,

00:15:32.283 --> 00:15:33.803 align:center
थोड़ी दूरी ज़रूर बनी रहेगी।

00:15:33.963 --> 00:15:35.043 align:center
(बाबर के हँसने की आवाज़)

00:15:35.763 --> 00:15:40.483 align:center
[बाबर]: और अगर तुम्हारे वो सारे
विधायक उसने ख़रीद लिए तो?

00:15:41.883 --> 00:15:45.163 align:center
देखो, मेरी बात
समझने की कोशिश करो।

00:15:46.363 --> 00:15:48.963 align:center
इस से पहले की
सर झुकाने की नौबत आए,

00:15:50.243 --> 00:15:52.043 align:center
सरस्वती देवी से हाथ मिला लो।

00:15:53.003 --> 00:15:55.363 align:center
[वसीम]: और उस से क्या होगा?
[बाबर]: उस के साथ सौदा करो।

00:15:56.803 --> 00:15:59.523 align:center
[बाबर]: सीएम की कुर्सी के बदले
उस से विजय सिंह माँग लो।

00:16:00.443 --> 00:16:02.923 align:center
और एक बार
विजय सिंह तुम्हारे रास्ते से हट गया,

00:16:03.043 --> 00:16:04.963 align:center
तुम्हारी सारी मुश्किलें आसान हो जाएंगी।

00:16:05.523 --> 00:16:07.043 align:center
और रही उस औरत की बात,

00:16:07.603 --> 00:16:10.083 align:center
उसको तो फिर देख लेंगे।
पाँच साल बाद।

00:16:10.483 --> 00:16:13.443 align:center
[वसीम]: हूँ!
अब ये हमें राजनीति सिखाएंगे!

00:16:20.123 --> 00:16:21.123 align:center
[सरस्वती]: बैठिए, बैठिए।

00:16:28.443 --> 00:16:31.603 align:center
आज हम यहाँ एक ज़रूरी
घोषणा करने के लिए उपस्थित हुए हैं।

00:16:32.363 --> 00:16:33.363 align:center
साथियों,

00:16:33.803 --> 00:16:35.523 align:center
युवा हमारे देश का भविष्य हैं।

00:16:36.123 --> 00:16:40.603 align:center
और इसलिए हम ने पार्टी की महिला मोर्चा को
और सशक्त बनाने के इरादे से

00:16:40.963 --> 00:16:47.883 align:center
उस का नेतृत्व अब एक युवा, क़ाबिल और होनहार
नेत्री के हाथ में सौंपने का फ़ैसला किया है।

00:16:48.723 --> 00:16:51.723 align:center
तो स्वागत कीजिए
महिला मोर्चा की नयी अध्यक्ष,

00:16:52.003 --> 00:16:55.323 align:center
तेज़ तर्रार, प्रतिभाशाली
रोली राय का।

00:16:55.803 --> 00:17:00.683 align:center
(सभी के तालियाँ बजाने की आवाज़)

00:17:21.043 --> 00:17:22.003 align:center
[रामानंद]: रोली।

00:17:22.763 --> 00:17:24.083 align:center
कैसी हो?

00:17:24.203 --> 00:17:25.403 align:center
आओ, बैठो।

00:17:28.123 --> 00:17:31.563 align:center
[रोली]: बहुत सोचे तो लगा
कि आप के पदचिन्हों पर चलना चाहिए।

00:17:31.763 --> 00:17:33.163 align:center
[रामानंद]: हूँ।

00:17:33.643 --> 00:17:36.563 align:center
कितनी मेहनत की है आप ने
इस मुकाम तक पहुँचने के लिए।

00:17:37.563 --> 00:17:39.763 align:center
कितने अपनों को
अपने से दूर किया है।

00:17:41.723 --> 00:17:43.763 align:center
और आप की इस मेहनत का फ़ायदा

00:17:43.883 --> 00:17:45.883 align:center
तो किसी घर के सदस्य को ही
होना चाहिए ना।

00:17:48.163 --> 00:17:50.763 align:center
तो इसीलिए आप को अपनी प्रेरणा मान

00:17:51.323 --> 00:17:53.603 align:center
हम ने राजनीति में
अपना पहला क़दम रखा है।

00:17:54.883 --> 00:17:56.283 align:center
ठीक किया ना हम ने, चाचा?

00:17:57.443 --> 00:17:59.763 align:center
[रामानंद]: अवश्य। अवश्य।

00:18:00.803 --> 00:18:03.043 align:center
माने,
हमारा कर्तव्य था तुम्हें समझाना।

00:18:04.323 --> 00:18:08.003 align:center
तुम्हारा अधिकार है
अपनी मर्ज़ी से जीना।

00:18:09.523 --> 00:18:12.323 align:center
वैसे, हमारा आशीर्वाद
सदैव तुम्हारे साथ रहेगा।

00:18:12.923 --> 00:18:14.883 align:center
कभी भी किसी चीज़ की
मदद चाहिए हो तो

00:18:15.003 --> 00:18:16.883 align:center
[रामानंद]: तो घर के दरवाज़े हमेशा तुम...
[रोली]: बड़े चाचा।

00:18:18.643 --> 00:18:21.803 align:center
[रोली]: अब मदद लेंगे नहीं, देंगे।

00:18:26.643 --> 00:18:27.803 align:center
पार्टी की मीटिंग है।

00:18:28.843 --> 00:18:29.803 align:center
चलते हैं।

00:18:31.123 --> 00:18:32.163 align:center
[रामानंद]: आशीर्वा...

00:18:49.203 --> 00:18:51.323 align:center
[वसीम]: बातों की रस्सी
ऐंठना हमें आता नहीं।

00:18:51.803 --> 00:18:53.123 align:center
साफ़-साफ़ बात कहते हैं।

00:18:54.283 --> 00:18:56.763 align:center
आप के मुख्यमंत्री बनने से
हमें कोई आपत्ति नहीं है।

00:18:57.883 --> 00:18:59.443 align:center
[रामानंद]: आपत्ति ना सही,

00:19:00.163 --> 00:19:01.483 align:center
चाहत तो होगी।

00:19:01.683 --> 00:19:02.843 align:center
[वसीम]: बहुत छोटी सी।

00:19:04.043 --> 00:19:05.683 align:center
अब्बास के ख़िलाफ़ जो मुकदमा है,

00:19:06.323 --> 00:19:07.483 align:center
उसे रफ़ा-दफ़ा कराइए।

00:19:08.923 --> 00:19:12.403 align:center
[रामानंद]: 24 घंटे के अंदर
वो लड़की केस वापस कर लेगी।

00:19:13.123 --> 00:19:14.163 align:center
और कुछ?

00:19:14.523 --> 00:19:16.723 align:center
[वसीम]: हमारे जूते में एक कील घुस आई है,

00:19:17.963 --> 00:19:19.723 align:center
जो आए दिन हमें
बहुत परेशान करती है।

00:19:22.163 --> 00:19:23.443 align:center
[रामानंद]: वसीम ख़ान,

00:19:24.283 --> 00:19:26.403 align:center
अब हमें विजय सिंह की क्या ज़रूरत?

00:19:41.203 --> 00:19:45.323 align:center
(लैंडलाइन फ़ोन पर नंबर घुमाने की आवाज़)

00:19:50.523 --> 00:19:53.403 align:center
[सदानंद]: मैडम,
आप का अनुमान बिलकुल सही है।

00:19:54.363 --> 00:19:57.923 align:center
ये वसीम ख़ान और रामानंद भाई साहब ने
आपस में गठबंधन कर लिया है।

00:19:58.803 --> 00:20:01.243 align:center
[सरस्वती]: ये मा***द रामानंद राय
बचना नहीं चाहिए।

00:20:01.763 --> 00:20:04.123 align:center
नहीं तो हम किसी को नहीं छोड़ेंगे।
बता रहे हैं!

00:20:04.523 --> 00:20:05.763 align:center
सा**!

00:20:05.883 --> 00:20:06.763 align:center
[सदानंद]: जी।

00:20:07.043 --> 00:20:12.323 align:center
(चिंताजनक पार्श्व संगीत)

00:20:12.763 --> 00:20:15.443 align:center
[सदानंद]: भाई साहब को बैकुंठ धाम
भेजने का समय आ गया है।

00:20:15.723 --> 00:20:16.803 align:center
[सनकी]: हूँ।

00:20:17.163 --> 00:20:18.083 align:center
बोलो।

00:20:19.443 --> 00:20:20.963 align:center
बड़े भैया की दिनचर्या बोलो।

00:20:22.963 --> 00:20:25.443 align:center
[सदानंद]: रोज़ सुबह-सुबह टहलने के लिए
निकल जाते हैं।

00:20:26.243 --> 00:20:29.163 align:center
उस के बाद तैयार होकर
जनता की फ़रियाद सुनने निकल पड़ते हैं।

00:20:30.683 --> 00:20:32.923 align:center
कल पड़ोस के गाँव में
किसानों से मिलने जा रहे हैं।

00:20:33.563 --> 00:20:35.923 align:center
वही सही वक़्त होगा
उन को ऊपर भेजने का।

00:20:37.163 --> 00:20:39.523 align:center
[सनकी]: वहीं सुनसान सड़क पे करेंगे कांड।

00:20:40.363 --> 00:20:41.403 align:center
(बंदूक लोड करने की आवाज़)

00:20:44.203 --> 00:20:46.963 align:center
(पुलिस-मंत्रियों की गाड़ियों के साइरन की आवाज़)
(उत्तेजक पार्श्व संगीत)

00:21:31.803 --> 00:21:33.203 align:center
[गुंडा 2]: भैया,
और कितना दूर चलना है?

00:21:33.363 --> 00:21:35.843 align:center
[भैया]: अबे, सनकी भैया, हाईवे तक बुलाए हैं।
चुपचाप चलता रह।

00:21:41.403 --> 00:21:42.363 align:center
[सनकी]: चले आओ!

00:21:48.843 --> 00:21:49.843 align:center
[भैया]: जी, भैया?

00:21:51.363 --> 00:21:54.243 align:center
[सनकी]: क्या भैया?
भैया-वैया नहीं हैं हम तुम्हारे?

00:21:55.083 --> 00:21:56.523 align:center
काम के लिए आए हो। काम करो।

00:21:56.883 --> 00:21:57.843 align:center
[भैया]: हाँ, भैया।

00:21:58.963 --> 00:22:00.483 align:center
[सनकी]: घुमा के लगा दो ठिकाने पे।

00:22:01.123 --> 00:22:02.883 align:center
[सनकी]: चलो।
[भैया]: चल! आजा। चलो, बे!

00:22:03.083 --> 00:22:05.883 align:center
(पुलिस-मंत्रियों की गाड़ियों के साइरन की आवाज़)
(गाड़ियों के चलने की आवाज़)

00:22:35.923 --> 00:22:37.843 align:center
[रामानंद]: माने, रास्ते में...

00:22:38.443 --> 00:22:40.723 align:center
कैसे हो, विजय बेटे? हूँ?

00:22:40.963 --> 00:22:42.163 align:center
[विजय]: हम अच्छे हैं, चाचा जी।

00:22:42.483 --> 00:22:45.923 align:center
कुछ ज़रूरी सलाह लेने के लिए
आप से यहाँ मिलने चले आए।

00:22:47.003 --> 00:22:49.203 align:center
[रामानंद]: गाड़ी में चल के बात करते हैं। आओ।
[विजय]: चाचा जी।

00:22:49.323 --> 00:22:50.763 align:center
[रामानंद]: हाँ?
[विजय]: सिर्फ़ हम और आप।

00:22:51.603 --> 00:22:54.163 align:center
[रामानंद]: अरे, गाड़ी में हम
और तुम ही तो होंगे। आओ।

00:22:54.603 --> 00:22:58.163 align:center
[विजय]: चाचा जी, सिर्फ़ हम और आप।

00:22:58.603 --> 00:22:59.883 align:center
[रामानंद]: बोल देते हैं।

00:23:00.443 --> 00:23:01.403 align:center
(रामानंद के हँसने की आवाज़)

00:23:02.323 --> 00:23:03.283 align:center
[रामानंद]: भाई!

00:23:04.403 --> 00:23:05.363 align:center
निकलो तुम लोग।

00:23:05.483 --> 00:23:06.843 align:center
(गाड़ी के स्टार्ट करने की आवाज़)

00:23:07.203 --> 00:23:10.523 align:center
(पुलिस-मंत्रियों की गाड़ियों के साइरन की आवाज़)
(गाड़ियों के चलने की आवाज़)

00:23:13.723 --> 00:23:14.763 align:center
[भैया]: आ गए, सा**!

00:23:26.763 --> 00:23:28.883 align:center
(बंदूकों से गोलियाँ चलाने की आवाज़)
(गार्ड के कराहने की आवाज़)

00:23:30.523 --> 00:23:32.403 align:center
(बंदूकों से गोलियाँ चलाने की आवाज़)

00:24:23.123 --> 00:24:24.243 align:center
[सनकी]: हट!
(चिल्लाते हुए)

00:24:50.883 --> 00:24:52.003 align:center
[रामानंद]: अच्छी जगह है।

00:24:53.283 --> 00:24:55.963 align:center
[विजय]: बेचन चाचा की बात
हम को मान लेनी चाहिए थी।

00:24:58.243 --> 00:24:59.483 align:center
वो कहते रह गए,

00:25:01.203 --> 00:25:02.603 align:center
लेकिन उन की बात नहीं मानी।

00:25:04.603 --> 00:25:06.403 align:center
जब से आप ने हमारी जान बचाई है,

00:25:07.843 --> 00:25:11.883 align:center
तब से लेकर आप को हम
अपने जीवन में देवता का दर्जा दिए थे।

00:25:13.763 --> 00:25:17.243 align:center
आँख मूँद कर भरोसा किए थे आप पे।

00:25:20.243 --> 00:25:21.323 align:center
[रामानंद]: विजय बेटा,

00:25:23.163 --> 00:25:28.123 align:center
हमारे लिए तुम्हारे मन में कोई...
खटास तो नहीं आ रही है ना?

00:25:28.723 --> 00:25:30.043 align:center
[विजय]: ये राजनीति भी ना,

00:25:32.283 --> 00:25:34.203 align:center
अगर सगा भाई भी आड़े आ जाए,

00:25:35.043 --> 00:25:36.763 align:center
तो उसे दरकिनार कर देती है।

00:25:38.403 --> 00:25:39.683 align:center
बेचन चाचा,

00:25:41.203 --> 00:25:42.603 align:center
हमारे लिए पिता समान थे।

00:25:44.043 --> 00:25:47.163 align:center
और आप ने हमारे सर से
हमारे दूसरे बाप का साया भी छीन लिया।

00:25:47.283 --> 00:25:48.243 align:center
[रामानंद]: अरे!

00:25:48.683 --> 00:25:50.043 align:center
ये...
(हँसते हुए)

00:25:50.163 --> 00:25:52.523 align:center
[रामानंद]: अरे, ये सब क्या उलटी-सीधी बात है?
[विजय]: रोली! (रोते हुए)

00:25:55.483 --> 00:25:56.683 align:center
[रामानंद]: मतलब, क... क... क्या...

00:25:56.803 --> 00:25:58.043 align:center
क्या रो... क्या रोली?

00:25:58.323 --> 00:26:01.003 align:center
[विजय]: अरे, रोली के माता-पिता तो
आप के अपने सगे भाई-भाभी थे।

00:26:01.123 --> 00:26:02.083 align:center
[रामानंद]: हाँ।

00:26:02.243 --> 00:26:04.643 align:center
[विजय]: उन की आप ने हत्या करवा दी।

00:26:05.163 --> 00:26:07.843 align:center
[रामानंद]: क्या बात कर रहे हो?
[विजय]: रोली जो आप की इकलौती भतीजी है,

00:26:08.243 --> 00:26:10.283 align:center
[विजय]: उसे इतने सालों तक
झूठी सहानुभूति देते रहे!

00:26:10.403 --> 00:26:12.763 align:center
[रामानंद]: अरे, बहुत प्यार करते हैं उस को,
भाई! [विजय]: इस नीच राजनीति के लिए!

00:26:12.923 --> 00:26:15.243 align:center
[रामानंद]: अरे, नहीं, भाई!
लोग कान भरे हैं तुम्हारे!

00:26:15.363 --> 00:26:17.003 align:center
अरे, उन को लगता है कि

00:26:17.123 --> 00:26:18.483 align:center
हम तुम्हारे लिए ख़ास हैं,

00:26:18.603 --> 00:26:20.643 align:center
[रामानंद]: क्योंकि तुम हमारे बेटे के समान...
[विजय]: चुप!

00:26:21.323 --> 00:26:22.563 align:center
[विजय]: बेटा मत बोलिएगा।

00:26:25.843 --> 00:26:28.563 align:center
सत्ता के लालच में सब को
शतराज की गोटी समझते रहे।

00:26:30.323 --> 00:26:32.763 align:center
[कट्टा]: भैया, इन के काफ़िले पे हमला हुआ है।

00:26:33.043 --> 00:26:34.043 align:center
कोई नहीं बचा।

00:26:34.723 --> 00:26:35.763 align:center
(विजय के हँसने की आवाज़)

00:26:37.003 --> 00:26:38.243 align:center
(विजय के हँसने की आवाज़)

00:26:41.723 --> 00:26:42.843 align:center
[विजय]: चाचा जी।

00:26:44.123 --> 00:26:46.083 align:center
एक बार आप ने हमारी जान बचाई।

00:26:48.963 --> 00:26:50.123 align:center
इस बार...

00:26:51.363 --> 00:26:52.763 align:center
हम ने आप की जान बचा दी।

00:26:53.003 --> 00:26:54.603 align:center
[रामानंद]: देखो,
ग़लतफ़हमी हुई है तुम को।

00:26:56.243 --> 00:26:58.123 align:center
[रामानंद]: ए, विजय, विजय, देखो, देखो!
[विजय]: हिसाब बराबर।

00:26:58.243 --> 00:26:59.443 align:center
[रामानंद]: नहीं! भैया विजय, देखो।

00:26:59.643 --> 00:27:00.683 align:center
(बंदूक से गोली चलाने की आवाज़)

00:27:04.003 --> 00:27:05.083 align:center
(बंदूक से गोली चलाने की आवाज़)

00:27:23.043 --> 00:27:24.123 align:center
(बंदूक से गोली चलाने की आवाज़)

00:27:31.203 --> 00:27:33.443 align:center
[न्यूज़ एंकर]: अभी-अभी मिली
ताज़ा ख़बर के अनुसार

00:27:33.563 --> 00:27:37.243 align:center
पूर्वांचल के कद्दावर नेता,
उत्तर प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री

00:27:37.363 --> 00:27:40.043 align:center
श्री रामानंद राय के
काफ़िले पर हमला हुआ है,

00:27:40.163 --> 00:27:41.803 align:center
जिस में उन का
निधन हो गया है।

00:27:41.923 --> 00:27:44.803 align:center
हमलावर ने उन के
सीने पे तीन गोलियाँ दागी।

00:27:44.923 --> 00:27:47.443 align:center
श्री रामानंद राय के छोटे भाई सदानंद ने

00:27:47.563 --> 00:27:50.163 align:center
आरोप लगाया है
कि इस हत्या कांड के पीछे

00:27:50.283 --> 00:27:51.683 align:center
वसीम ख़ान का हाथ है।

00:27:51.803 --> 00:27:54.403 align:center
क्योंकि इसे अंजाम देने वाला सनकी पांडे,

00:27:54.523 --> 00:27:56.483 align:center
जो वसीम ख़ान का ख़ास है।

00:27:56.603 --> 00:27:58.603 align:center
रामानंद राय के अचानक निधन ने

00:27:58.723 --> 00:28:01.323 align:center
पूरे प्रदेश को सकते में डाल दिया है।

00:28:01.723 --> 00:28:04.643 align:center
राज्यपाल ने उन की मौत पर
शोक व्यक्त करते हुए

00:28:04.763 --> 00:28:06.393 align:center
उन के परिवार के प्रति

00:28:06.403 --> 00:28:08.113 align:center
गहरी संवेदना व्यक्त की है।

00:28:08.123 --> 00:28:12.243 align:center
(सदानंद के रोने की आवाज़)

00:28:18.003 --> 00:28:19.163 align:center
[सदानंद]: छोड़ गए!
(रोते हुए)

00:28:19.483 --> 00:28:21.323 align:center
(सदानंद के रोने की आवाज़)

00:28:29.643 --> 00:28:30.603 align:center
[सदानंद]: भैया।
(रोते हुए)

00:28:32.443 --> 00:28:39.003 align:center
(सदानंद के रोने की आवाज़)

00:28:48.043 --> 00:28:51.363 align:center
[सदानंद]: भाई साहब को वसीम ख़ान की तरफ़ से
लगातार धमकी मिल रही थी।

00:28:52.043 --> 00:28:55.283 align:center
वसीम ख़ान का दाहिना हाथ, सनकी,
(रोते हुए)

00:28:56.323 --> 00:28:59.643 align:center
उन को बार-बार मारने की
कोशिश कर रहा था, लेकिन वो बचते रहे।

00:29:00.563 --> 00:29:02.403 align:center
इस बार बच नहीं पाए।
(रोते हुए)

00:29:04.043 --> 00:29:07.443 align:center
वसीम ख़ान और सनकी
अपने मंसूबे में कामयाब हो गए। (रोते हुए)

00:29:09.483 --> 00:29:12.363 align:center
लेकिन हम जाँच करवाएँगे
(रोते हुए)

00:29:12.483 --> 00:29:14.603 align:center
और सच का पता करके रहेंगे।
(रोते हुए)

00:29:15.043 --> 00:29:17.803 align:center
बस, आप लोगों का साथ चाहिए।
(रोते हुए)

00:29:28.563 --> 00:29:32.603 align:center
[वसीम]: ये जो कांड है ना, ये आप के
और आप के उस लाडले की वजह से हुआ है।

00:29:33.403 --> 00:29:36.283 align:center
ना वो चू*** करता,
ना हम रामानंद राय से मिलते

00:29:36.443 --> 00:29:38.443 align:center
और ना आज हमारा
राजनीतिक करियर ख़त्म होता।

00:29:39.523 --> 00:29:41.003 align:center
आप को पता है
दुख की बात क्या है?

00:29:42.243 --> 00:29:44.043 align:center
हमारी गाँ** हमारे ख़ुद के
घर वालों ने मारी है।

00:29:44.163 --> 00:29:45.843 align:center
बाहर वालों में तो
कभी दम था ही नहीं!

00:29:46.443 --> 00:29:48.323 align:center
लेकिन हम भी वसीम ख़ान हैं,
वसीम ख़ान!

00:29:48.843 --> 00:29:50.283 align:center
बचपन से लड़ते-भिड़ते आ रहे हैं।

00:29:50.443 --> 00:29:52.163 align:center
इतनी आसानी से हार नहीं मानेंगे।

00:29:54.243 --> 00:29:55.403 align:center
[बाबर]: वसीम!

00:30:07.203 --> 00:30:10.563 align:center
(फ़ोन पर नंबर डायल करने की आवाज़)

00:30:13.443 --> 00:30:14.723 align:center
[बाबर]: बाबर ख़ान बोल रहे हैं।

00:30:15.123 --> 00:30:17.003 align:center
प्रधान मंत्री जी से
बात हो सकती है?

00:30:17.363 --> 00:30:19.043 align:center
[टेलीकॉलर]: जी, थोड़े देर में करवाते हैं।

00:30:19.963 --> 00:30:21.323 align:center
[बाबर]: जी। अच्छी बात है।

00:30:31.163 --> 00:30:33.923 align:center
[सरस्वती]: सिर्फ़ आरोप नहीं लगेगा,
गवाही भी होगी।

00:30:34.043 --> 00:30:37.123 align:center
और गवाही देने वाला होगा
स्वयम् रामानंद का भाई।

00:30:38.163 --> 00:30:40.243 align:center
आप लोगों के लिए
इतना तो काफ़ी होता होगा ना?

00:30:40.723 --> 00:30:43.283 align:center
[सरस्वती]: एक आरोपी अभियुक्त को
जेल भेजने के लिए? [दरोगा 2]: जी, मैडम।

00:30:45.083 --> 00:30:46.763 align:center
[सरस्वती]: हम शपथ लेने का सोच रहे हैं।

00:30:47.563 --> 00:30:48.643 align:center
क्या विचार है आप का?

00:30:48.763 --> 00:30:49.963 align:center
[दरोगा 2]: अवश्य, मैडम।

00:30:50.563 --> 00:30:51.843 align:center
शुभस्य शीघ्रम, मैडम।

00:30:58.123 --> 00:30:59.883 align:center
[सनकी की बीवी]: सा**, झाँ** ने
मैया चो** के रख दी है!

00:31:00.003 --> 00:31:01.923 align:center
[सनकी की बीवी]: मा***द, सा**!
[राहुल]: अरे, दीदी, ये सब चक्कर में ना पड़ो।

00:31:02.043 --> 00:31:04.883 align:center
[राहुल]: तुम्हारा प्रेम प्रेम
और उस का प्रेम चोपड़ा हुआ है, मा***द!

00:31:05.043 --> 00:31:07.483 align:center
भागा पड़ा है यहाँ से
भो** के सब को फँसा के।

00:31:07.603 --> 00:31:09.723 align:center
[राहुल]: और करो प्रेम विवाह!
[दरोगा 3]: रुक जाओ सारे के सारे!

00:31:10.043 --> 00:31:11.283 align:center
[राहुल]: दीदी, लग रहा है,
पुलिस आ गई, दीदी।

00:31:11.403 --> 00:31:12.723 align:center
[दरोगा 3]: एक-एक कमरा चेक करो!

00:31:12.843 --> 00:31:14.083 align:center
एक-एक बंदूक का
लाइसेंस चेक करो!

00:31:14.203 --> 00:31:15.723 align:center
[सनकी की बीवी]: अरे, ऐसे आप घर में
कहाँ घुसे जा रहे हैं?

00:31:15.843 --> 00:31:16.763 align:center
[सनकी की बीवी]: घर में कोई नहीं है!
[दरोगा 3]: चुप!

00:31:16.883 --> 00:31:17.683 align:center
[दरोगा 3]: नहीं तो लगाऊँगा एक!

00:31:17.803 --> 00:31:19.513 align:center
[राहुल]: साहब, कहाँ जा रहे हैं, साहब?
[दरोगा 3]: तू कहाँ भाग रहा है बे?

00:31:19.523 --> 00:31:20.443 align:center
[राहुल]: अरे, साहब...
[दरोगा 3]: कहाँ भाग रहा है बे?

00:31:20.563 --> 00:31:21.843 align:center
[राहुल]: अरे, साहब, ये सनकी का घर है।
हमारा घर नहीं है।

00:31:21.963 --> 00:31:23.243 align:center
[राहुल]: कुछ नहीं है, साहब, इस घर में।
[कॉन्स्टेबल]: साहब, गाँजा मिला है।

00:31:23.363 --> 00:31:24.403 align:center
[कॉन्स्टेबल]: अंदर और है।

00:31:25.163 --> 00:31:26.513 align:center
[दरोगा 3]: ये क्या है बे?
[राहुल]: अरे, साहब, ये हमारा नहीं है!

00:31:26.523 --> 00:31:28.043 align:center
[दरोगा 3]: गाँजे की खेती करते हो! चुप! चल!
[राहुल]: सनकी का है, साहब, गाँजा ये!

00:31:28.163 --> 00:31:29.883 align:center
[राहुल]: ग़लत धंधा वही करता है, साहब!
[दरोगा 3]: इस की माँ को चो**, साहब!

00:31:30.003 --> 00:31:32.083 align:center
[दरोगा 3]: अरे, सनकी गया माँ चु**! चल,
मा***द! [राहुल]: अरे, कॉलर छोड़के बात करिए आप!

00:31:32.203 --> 00:31:33.683 align:center
[राहुल]: पहले कॉलर छोड़िए आप!
[दरोगा 3]: ए, चलो रे सब लोग!

00:31:33.803 --> 00:31:35.403 align:center
[राहुल]: पहले कॉलर छोड़िए, साहब!
[दरोगा 3]: चल!

00:31:35.523 --> 00:31:36.523 align:center
[दरोगा 3]: चल!
[राहुल]: कहा ना, कॉलर छोड़िए हमारा!

00:31:36.643 --> 00:31:39.043 align:center
[राहुल]: अरे, साहब, छोड़ दीजिए।
बता रहे हैं कि आप ग़लत कर रहे हैं।

00:31:39.163 --> 00:31:40.683 align:center
[राहुल]: हम सनकी नहीं हैं!
[दरोगा 3]: चुप! ए, चुप!

00:31:40.883 --> 00:31:43.243 align:center
[राहुल]: अरे, साहब, बात समझिए।
[दरोगा 3]: लेके चल इस को। बैठा इस को अंदर।

00:31:43.363 --> 00:31:44.803 align:center
[राहुल]: अरे, साहब, बात समझिए।

00:31:45.323 --> 00:31:47.323 align:center
सनकी मा***द का है, साहब।

00:31:49.563 --> 00:31:54.283 align:center
(पुलिस जीप की सायरन की आवाज़)

00:31:58.203 --> 00:32:00.163 align:center
[सरस्वती]: सब को सूचना पहुँच गई है ना?
[सदानंद]: मैडम।

00:32:01.283 --> 00:32:02.363 align:center
[सरस्वती]: आप लोग चलिए।

00:32:07.523 --> 00:32:08.603 align:center
[सदानंद]: मैडम जी।

00:32:09.443 --> 00:32:12.363 align:center
मैडम जी,
रामानंद राय मारे गए।

00:32:13.123 --> 00:32:14.843 align:center
अब आप मुख्यमंत्री बनने जा रही हैं।

00:32:15.123 --> 00:32:16.443 align:center
वसीम ख़ान जेल जा रहा है।

00:32:16.683 --> 00:32:19.563 align:center
मतलब, आप के रास्ते के
सारे काँटे साफ़ हो गए।

00:32:20.123 --> 00:32:21.483 align:center
और आप के पौ बारह हो गए।

00:32:22.403 --> 00:32:25.473 align:center
अब हमें भी
वो पार्टी में स्थान मिल जाता तो।

00:32:25.483 --> 00:32:26.403 align:center
(फ़ोन पर नंबर डायल करने की आवाज़)

00:32:26.523 --> 00:32:28.843 align:center
[सदानंद]: ज़्यादा नहीं,
वो भाई साहब का स्थान।

00:32:29.123 --> 00:32:32.443 align:center
मतलब, उन के फोटो के नीचे
बैठ के थोड़ा जनता की सेवा कर पाता,

00:32:32.643 --> 00:32:34.163 align:center
गौ माता के आशीर्वाद से।

00:32:37.203 --> 00:32:38.883 align:center
(लैंडलाइन पर रिंग बजने की आवाज़)
(फ़ोन रिसीवर उठाने की आवाज़)

00:32:39.283 --> 00:32:41.683 align:center
[एसपी]: हेलो।
[सरस्वती]: वसीम ख़ान गिरफ़्तार होना चाहिए,

00:32:41.923 --> 00:32:43.843 align:center
[सरस्वती]: लेकिन किसी थाने में
नहीं पहुँचना चाहिए।

00:32:44.163 --> 00:32:46.603 align:center
और साथ में विजय सिंह भी
ज़िंदा नहीं बचना चाहिए।

00:32:47.283 --> 00:32:48.163 align:center
ठीक है?

00:32:48.283 --> 00:32:50.283 align:center
[एसपी]: जी, मैडम। हो जाएगा।

00:32:54.523 --> 00:32:55.683 align:center
[सरस्वती]: कुछ कह रहे थे आप?

00:32:56.283 --> 00:32:57.443 align:center
[सदानंद]: अ...
(हँसते हुए)

00:32:57.843 --> 00:33:00.323 align:center
मैम, वो पार्टी में स्थान...

00:33:01.323 --> 00:33:03.243 align:center
भाई साहब वाला मिल जाता...

00:33:04.283 --> 00:33:05.083 align:center
[सरस्वती]: स्थान?

00:33:05.203 --> 00:33:07.683 align:center
[सदानंद]: जी। जी, मैडम।
बहुत मेहनत किया है। आप को तो...

00:33:08.883 --> 00:33:10.803 align:center
[सरस्वती]: सोचते हैं। हूँ?

00:33:42.963 --> 00:33:45.003 align:center
(अब्बास के रोने की आवाज़)

00:33:50.283 --> 00:33:51.203 align:center
[अब्बास]: अब्बू।
(रोते हुए)

00:34:02.043 --> 00:34:03.443 align:center
सब ग़लत हो रहा है, अब्बू।
(रोते हुए)

00:34:05.523 --> 00:34:06.763 align:center
हम ने कुछ नहीं किया है।
(रोते हुए)

00:34:06.883 --> 00:34:08.163 align:center
[बाबर]: जानता हूँ, बेटा।

00:34:09.403 --> 00:34:10.643 align:center
सब जानता हूँ मैं।

00:34:11.683 --> 00:34:16.643 align:center
बस... जैसा मैंने तुझ से कहा है,
वैसा ही कर।

00:34:17.123 --> 00:34:18.203 align:center
[अब्बास]: हाँ।

00:34:18.483 --> 00:34:20.283 align:center
तुझे डरने की कोई ज़रूरत नहीं है।

00:34:21.043 --> 00:34:21.963 align:center
हूँ?

00:34:23.563 --> 00:34:27.483 align:center
और इस वसीम ख़ान को तो
असली सियासत अब हम सिखाएंगे।

00:34:34.403 --> 00:34:35.763 align:center
[गुंडा 5]: ईद मुबारक, भाई जान।

00:34:36.643 --> 00:34:37.683 align:center
[ताहिर]: सलाम।

00:34:38.603 --> 00:34:39.963 align:center
ईद मुबारक हो, चाचा।

00:34:42.203 --> 00:34:43.043 align:center
[वसीम]: ईद मुबारक।

00:34:43.163 --> 00:34:44.483 align:center
[वसीम]: कैसे हैं आप?
[विधायक]: ख़ैरियत।

00:34:44.603 --> 00:34:46.683 align:center
[विधायक 3]: ईद मुबारक।
[वसीम]: ईद मुबारक हो। सलाम।

00:34:47.483 --> 00:34:48.593 align:center
[विधायक 4]: आप को भी मुबारक।

00:34:48.603 --> 00:34:52.523 align:center
(पुलिस जीप के सायरन की आवाज़)

00:35:03.043 --> 00:35:04.403 align:center
[सीबीआई ऑफिसर]: मिस्टर वसीम ख़ान।

00:35:07.243 --> 00:35:08.203 align:center
सीबीआई।

00:35:09.243 --> 00:35:10.643 align:center
आप को हमारे साथ चलना होगा।

00:35:11.443 --> 00:35:13.363 align:center
[वसीम]: आरोप क्या है?
[सीबीआई ऑफिसर]: नकली नोट छापना,

00:35:13.843 --> 00:35:15.043 align:center
[सीबीआई ऑफिसर]: उन का वितरण करना,

00:35:15.443 --> 00:35:17.723 align:center
पाकिस्तान के आतंकी संगठन का साथ देना।

00:35:18.003 --> 00:35:19.363 align:center
ये सब इलज़ाम हैं आप पर।

00:35:19.683 --> 00:35:21.363 align:center
[बिलाल]: वसीम ख़ान को लेकर जाओगे तुम?

00:35:21.643 --> 00:35:22.843 align:center
[बिलाल]: वसीम ख़ान को!
[सीबीआई ऑफिसर 2]: ए!

00:35:22.963 --> 00:35:24.483 align:center
[सीबीआई ऑफिसर 2]: अनुशासन में रहो!
[बिलाल]: ए!

00:35:25.403 --> 00:35:26.723 align:center
[सीबीआई ऑफिसर]: कृपया,
हमारे साथ सहयोग करें।

00:35:29.883 --> 00:35:32.323 align:center
[गुंडा 4]: ऐसे कैसे ले जा सकते हो? [बिलाल]:
ऐसे कैसे भाई जान को ले जा सकते हैं आप? हाँ?

00:35:32.723 --> 00:35:34.883 align:center
[ताहिर]: बिलाल चाचा,
कहाँ लेकर जा रहे हैं अब्बू को?

00:35:36.803 --> 00:35:37.883 align:center
[ताहिर]: अब्बू!

00:35:39.443 --> 00:35:40.393 align:center
अब्बू!

00:35:40.403 --> 00:35:41.913 align:center
अब्बू,
ये कहाँ लेके जा रहे हैं आप को?

00:35:41.923 --> 00:35:43.763 align:center
(पुलिस जीप के सायरन की आवाज़)

00:35:43.883 --> 00:35:46.683 align:center
[ताहिर]: जाने दो। जाने दो
अब्बू के पास। अब्बू, रुको!

00:35:46.803 --> 00:35:47.923 align:center
[ताहिर]: रुको!
[बिलाल]: अरे, ताहिर!

00:35:48.043 --> 00:35:49.843 align:center
[ताहिर]: गाड़ी रोको!
[बिलाल]: ताहिर, रुको ना। बच्चा।

00:35:49.963 --> 00:35:51.403 align:center
[ताहिर]: अरे, छोड़ो हमें। गाड़ी रोको।
[बिलाल]: रुक जा, बच्चा!

00:35:51.523 --> 00:35:53.523 align:center
[बिलाल]: अरे, ताहिर यार, रुको!
[ताहिर]: छोड़ दो अब्बू को!

00:35:53.683 --> 00:35:55.043 align:center
[बिलाल]: अरे!
[बिलाल]: अरे, ताहिर! ताहिर, रुको!

00:35:55.163 --> 00:35:57.043 align:center
[ताहिर]: मा***द!
[वसीम की बेग़म]: ताहिर! ताहिर, रुक!

00:36:15.963 --> 00:36:16.923 align:center
[सरस्वती]: नमस्ते।

00:36:23.043 --> 00:36:24.443 align:center
ज़फर क़ादरी साहब,

00:36:25.603 --> 00:36:28.843 align:center
आप के बाहुबली नेता वसीम ख़ान तो
अब सीधे जेल जा रहे हैं।

00:36:29.883 --> 00:36:31.123 align:center
आप कहाँ जाएंगे,

00:36:31.803 --> 00:36:33.563 align:center
ये तो सोच ही लिया होगा
आप लोगों ने?

00:36:34.203 --> 00:36:35.043 align:center
नहीं?

00:36:35.163 --> 00:36:37.563 align:center
[क़ादरी]: बिलकुल, मैडम जी।
हमारा समर्थन तो आप ही को जाएगा।

00:36:38.443 --> 00:36:41.243 align:center
मगर प्रदेश में जेल तो
बाहुबलियों का ठेका है।

00:36:42.123 --> 00:36:43.603 align:center
हमारी सुरक्षा कौन करेगा?

00:36:44.003 --> 00:36:45.963 align:center
[सरस्वती]: आप की सुरक्षा
हमारी ज़िम्मेदारी है।

00:36:46.643 --> 00:36:48.683 align:center
वसीम ख़ान से डरने की
कोई ज़रूरत नहीं है।

00:36:49.363 --> 00:36:50.563 align:center
हम वचन देते हैं।

00:36:51.603 --> 00:36:52.843 align:center
घबराइए मत। हूँ?

00:36:53.923 --> 00:36:56.763 align:center
[क़ादरी]: सरस्वती देवी...
[सभी लोग]: ज़िंदाबाद, ज़िंदाबाद! (चिल्लाते हुए)

00:36:56.883 --> 00:36:59.603 align:center
[क़ादरी]: सरस्वती देवी...
[सभी लोग]: ज़िंदाबाद, ज़िंदाबाद! (चिल्लाते हुए)

00:36:59.723 --> 00:37:02.563 align:center
[क़ादरी]: सरस्वती देवी...
[सभी लोग]: ज़िंदाबाद, ज़िंदाबाद! (चिल्लाते हुए)

00:37:02.683 --> 00:37:05.203 align:center
[क़ादरी]: सरस्वती देवी...
[सभी लोग]: ज़िंदाबाद, ज़िंदाबाद! (चिल्लाते हुए)

00:37:05.323 --> 00:37:10.883 align:center
(पुलिस जीप के सायरन की आवाज़)

00:37:13.443 --> 00:37:14.483 align:center
[डीजी]: सर!

00:37:15.963 --> 00:37:17.363 align:center
[बाबर]: आइए, डीजी साहब।

00:37:22.803 --> 00:37:24.843 align:center
[डीजी]: सर, वसीम ख़ान के ख़िलाफ़
गिरफ़्तारी का वारंट है।

00:37:25.283 --> 00:37:27.483 align:center
[बाबर]: पहले ईद की
मुबारकबाद तो ले लीजिए।

00:37:29.323 --> 00:37:31.003 align:center
[डीजी]: सर, प्लीज़,
आप हमारा सहयोग करें।

00:37:31.523 --> 00:37:33.163 align:center
वरना हमें घर की तलाशी लेनी पड़ेगी।

00:37:34.043 --> 00:37:36.443 align:center
[बाबर]: कल तक इसी चौखट की
बोटियाँ तोड़ते थे

00:37:37.203 --> 00:37:38.603 align:center
और आज तेवर दिखा रहे हो।

00:37:39.843 --> 00:37:42.763 align:center
लेकिन फ़िल्म वाली पुलिस की तरह

00:37:42.883 --> 00:37:44.563 align:center
यूपी पुलिस ने तो देर कर दी।

00:37:45.403 --> 00:37:47.283 align:center
वसीम ख़ान को तो
सीबीआई ले गई।

00:37:49.403 --> 00:37:50.443 align:center
[डीजी]: ठीक है, सर।

00:37:50.963 --> 00:37:51.963 align:center
हम चलते हैं।

00:38:04.963 --> 00:38:07.563 align:center
(लैंडलाइन फ़ोन पर नंबर घुमाने की आवाज़)

00:38:10.923 --> 00:38:12.803 align:center
(लैंडलाइन फ़ोन पर रिंग बजने की आवाज़)

00:38:12.923 --> 00:38:14.803 align:center
[हिमांशु]: हेलो?
[विजय]: कैसे हैं, एसीपी साहब?

00:38:15.643 --> 00:38:16.683 align:center
[हिमांशु]: कौन?

00:38:16.963 --> 00:38:18.043 align:center
[विजय]: विजय सिंह।

00:38:21.883 --> 00:38:23.083 align:center
[हिमांशु]: कहो। कैसे याद किया?

00:38:23.243 --> 00:38:24.523 align:center
[विजय]: बहुत साथ दिया आप ने हमारा,

00:38:25.363 --> 00:38:26.803 align:center
तो सोचा कि अब हमारी बारी है।

00:38:27.523 --> 00:38:30.963 align:center
अगर आप आश्वासन दें
कि हमारे साथ उचित व्यवहार होगा,

00:38:32.803 --> 00:38:34.203 align:center
तो आत्मसमर्पण करना चाहते हैं।

00:38:36.443 --> 00:38:37.603 align:center
लेकिन सिर्फ़ आप को।

00:38:38.243 --> 00:38:40.483 align:center
[हिमांशु]: आत्मसमर्पण तो
तुम यूपी पुलिस को भी कर सकते हो।

00:38:41.163 --> 00:38:42.163 align:center
मुझे ही क्यों?

00:38:42.403 --> 00:38:43.323 align:center
(विजय के हँसने की आवाज़)

00:38:45.323 --> 00:38:47.163 align:center
[विजय]: वैसे,
तो पूरा पूर्वांचल ही हमारा गढ़ है,

00:38:48.443 --> 00:38:51.923 align:center
लेकिन प्रदेश की पुलिस पे
भरोसा नहीं है हम को।

00:38:52.763 --> 00:38:54.163 align:center
36 का आँकड़ा है उन के साथ।

00:38:55.563 --> 00:38:56.843 align:center
[हिमांशु]: और मुझ पे है?

00:38:57.163 --> 00:38:58.963 align:center
[विजय]: भरोसा जीता है आप ने हमारा।

00:38:59.883 --> 00:39:01.883 align:center
[हिमांशु]: मैं पूरी कोशिश करूँगा
तुम्हें कोई तकलीफ़ ना हो।

00:39:02.363 --> 00:39:03.323 align:center
[विजय]: ठीक है फिर।

00:39:03.643 --> 00:39:05.243 align:center
मिलने का समय
और जगह हम बताएँगे।

00:39:06.403 --> 00:39:07.883 align:center
[हिमांशु]: तुम्हारे फ़ोन का इंतज़ार करूँगा।

00:39:17.003 --> 00:39:18.483 align:center
(हिमांशु के आहें भरने की आवाज़)

00:39:20.523 --> 00:39:24.123 align:center
(सभी के तालियाँ बजाने की आवाज़)

00:39:35.803 --> 00:39:36.843 align:center
[कट्टा]: भैया, नहीं।

00:39:37.523 --> 00:39:38.683 align:center
आप सामने नहीं जाएंगे।

00:39:40.683 --> 00:39:42.083 align:center
पहले हम जाके माहौल समझेंगे।

00:39:42.443 --> 00:39:43.723 align:center
[छुन्नू]: कट्टा ठीक कह रहा है, भैया।

00:39:44.923 --> 00:39:46.443 align:center
सब कुछ तो इतना ठीक चल रहा है।

00:39:46.923 --> 00:39:48.923 align:center
फिर क्यों ज़रूरत है
आत्मसमर्पण करने की?

00:39:51.003 --> 00:39:53.243 align:center
[विजय]: सब कुछ ठीक चल रहा है,
तभी तो आत्मसमर्पण करने जा रहे हैं।

00:39:54.923 --> 00:39:56.443 align:center
और हम को लगता है
कि यही सही समय है।

00:39:58.323 --> 00:39:59.323 align:center
[छुन्नू]: ठीक है।

00:40:00.323 --> 00:40:02.363 align:center
[छुन्नू]: हम दोनों भी आप के साथ चलेंगे।
[कट्टा]: हाँ।

00:40:05.123 --> 00:40:06.163 align:center
[विजय]: नहीं, छुन्नू।

00:40:07.643 --> 00:40:09.083 align:center
परिवार को तुम्हारी ज़रूरत है।

00:40:09.843 --> 00:40:11.523 align:center
और वैसे भी,
ये मेरा कियाधरा है।

00:40:13.283 --> 00:40:14.563 align:center
तो भरना भी मुझे ही पड़ेगा।

00:40:16.163 --> 00:40:17.643 align:center
बस ये समझ लो कि ये एक

00:40:18.843 --> 00:40:20.843 align:center
आने वाले अच्छे कल की
नयी शुरुआत है।

00:40:23.123 --> 00:40:26.643 align:center
(छुन्नू और कट्टा के रोने की आवाज़)

00:40:31.163 --> 00:40:32.123 align:center
[अधिकारी]: मैं...

00:40:32.803 --> 00:40:35.003 align:center
[सरस्वती]: मैं, सरस्वती देवी,

00:40:35.443 --> 00:40:37.123 align:center
ईश्वर की शपथ लेती हूँ

00:40:37.283 --> 00:40:38.803 align:center
कि मैं विधि द्वारा स्थापित

00:40:39.043 --> 00:40:40.763 align:center
भारत के संविधान के प्रति

00:40:41.123 --> 00:40:43.323 align:center
सच्ची श्रद्धा और निष्ठा रखूँगी।

00:40:44.163 --> 00:40:47.483 align:center
मैं राज्य की प्रभुता
और अखंडता अक्षुण्ण रखूँगी।

00:40:48.483 --> 00:40:50.443 align:center
मैं राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में

00:40:50.683 --> 00:40:52.483 align:center
अपने कर्तव्यों का श्रद्धा पूर्वक

00:40:52.843 --> 00:40:55.043 align:center
और शुद्ध अंतःकरण से
निर्वहन करूँगी।

00:40:56.043 --> 00:40:58.043 align:center
तथा मैं भय या पक्षपात

00:40:58.883 --> 00:41:00.443 align:center
अनुराग या द्वेष के बिना

00:41:01.003 --> 00:41:02.723 align:center
सभी प्रकार के लोगों के प्रति

00:41:03.043 --> 00:41:06.203 align:center
संविधान और विधि के
अनुसार न्याय करूँगी।

00:41:07.883 --> 00:41:09.443 align:center
[दरोगा 4]: घेरो सा** को।
[सब इंस्पेक्टर]: जी, सर।

00:41:11.443 --> 00:41:16.283 align:center
(सभी के तालियाँ बजाने की आवाज़)

00:41:16.803 --> 00:41:19.163 align:center
[उद्घोषक 4]: सरस्वती देवी...
[सभी लोग]: ज़िंदाबाद, ज़िंदाबाद! (चिल्लाते हुए)

00:41:19.283 --> 00:41:22.283 align:center
[उद्घोषक 4]: सरस्वती देवी...
[सभी लोग]: ज़िंदाबाद, ज़िंदाबाद! (चिल्लाते हुए)

00:42:08.403 --> 00:42:11.283 align:center
[सब इंस्पेक्टर]: विजय सिंह और हिमांशु पटनायक
आमने-सामने खड़े हैं, सर।

00:42:12.203 --> 00:42:13.243 align:center
[कट्टा]: चलें?

00:42:19.003 --> 00:42:20.083 align:center
[हिमांशु]: चलेंगे।

00:42:22.803 --> 00:42:24.123 align:center
पहले विजय सिंह तो आ जाए।

00:42:29.203 --> 00:42:31.123 align:center
(बंदूक से गोली चलाने की आवाज़)

00:42:31.283 --> 00:42:33.763 align:center
(लोगों के शोर मचाने की आवाज़)

00:42:34.363 --> 00:42:36.603 align:center
(बंदूकों से गोलियाँ चलाने की आवाज़)
(लोगों के शोर मचाने की आवाज़)

00:43:03.723 --> 00:43:05.203 align:center
[दरोगा 4]: हम प्रदेश पुलिस से हैं!

00:43:05.803 --> 00:43:07.883 align:center
हमें अपना काम करने दो,
हिमांशु पटनायक!

00:43:15.563 --> 00:43:18.403 align:center
फ़ौरन कंट्रोल रूम को ख़बर करो
कि विजय सिंह को हम ने मार दिया है।

00:43:18.523 --> 00:43:19.403 align:center
[सब इंस्पेक्टर]: जी, सर।

00:43:21.323 --> 00:43:23.523 align:center
[दरोगा 4]: तुम जाओ। एम्बुलेंस लेके
आओ जल्दी से। [केशव]: सर...

00:43:36.323 --> 00:43:39.483 align:center
[हिमांशु]: विजय सिंह आत्मसमर्पण करने वाला है,
ये बात यूपी पुलिस तक कैसे पहुँची?

00:43:41.803 --> 00:43:42.923 align:center
कोई तो है!

00:43:43.843 --> 00:43:51.603 align:center
(चिंताजनक पार्श्व संगीत)
(रोमांचकारी पार्श्व संगीत)

