WEBVTT

00:00:18.883 --> 00:00:21.323 align:center
(बादलों के गरजने और बारिश की आवाज़)
(चाकू पर धार लगाने वाली मशीन की आवाज़)

00:00:26.403 --> 00:00:27.963 align:center
[छुन्नू]: भैया, ये तो तार की फैक्ट्री है।

00:00:31.763 --> 00:00:34.163 align:center
[विजय]: असली खेल अंदर है।
[कट्टा]: हूँ।

00:00:35.443 --> 00:00:37.643 align:center
(बादलों के गरजने और बारिश की आवाज़)
(चाकू पर धार लगाने वाली मशीन की आवाज़)

00:01:01.603 --> 00:01:02.883 align:center
(मुक्का मारने की आवाज़)
(गुंडे के कराहने की आवाज़)

00:01:19.323 --> 00:01:21.603 align:center
[वसीम का भाई]: ये पचास तेरा, ये पचास मेरा।

00:01:21.843 --> 00:01:22.963 align:center
हिसाब बराबर!

00:01:23.523 --> 00:01:26.963 align:center
[बिलाल]: तू मेरी चिंता मत कर,
ख़ानदान के चिराग़!

00:01:27.083 --> 00:01:28.473 align:center
[वसीम का भाई]: अपने काम से मतलब रख। समझा?

00:01:28.483 --> 00:01:30.963 align:center
(बंदूक से गोली चलाने की आवाज़)
[छुन्नू]: अरे, मा****!

00:01:31.403 --> 00:01:33.123 align:center
(बंदूक से गोलियाँ चलाने की आवाज़)
(गुंडे के कराहने की आवाज़)

00:01:33.923 --> 00:01:36.643 align:center
(बंदूक से गोलियाँ चलाने की आवाज़)
(गुंडे के कराहने की आवाज़)

00:01:37.963 --> 00:01:39.363 align:center
[बिलाल]: मा****!

00:01:39.803 --> 00:01:40.643 align:center
[कट्टा]: सा**!

00:01:40.923 --> 00:01:42.123 align:center
[छुन्नू]: अबे तेरी!
[बिलाल]: ब****!

00:01:57.843 --> 00:01:59.803 align:center
[छुन्नू]: खोपड़ी खोल देंगे, ब****!
[कट्टा]: हट!

00:01:59.923 --> 00:02:01.073 align:center
[बिलासल]: अरे, तेरी...
[छुन्नू]: हट!

00:02:01.083 --> 00:02:02.163 align:center
(बंदूक से गोलियाँ चलाने की आवाज़)
(गुंडे के कराहने की आवाज़)

00:02:02.283 --> 00:02:03.683 align:center
[बिलाल]: ह**!
[छुन्नू]: हट!

00:02:06.283 --> 00:02:07.363 align:center
[बिलाल]: आ, तेरी माँ...

00:02:12.363 --> 00:02:13.923 align:center
[विजय]: हट!
(खाली बंदूक का ट्रिगर दबाने की आवाज़)

00:02:14.603 --> 00:02:15.443 align:center
(बंदूक से गोली चलाने की आवाज़)

00:02:15.923 --> 00:02:16.833 align:center
[बिल्ला]: हट!

00:02:16.843 --> 00:02:23.763 align:center
(चिंताजनक पार्श्व संगीत)
(बंदूक से गोली चलाने की आवाज़)

00:02:42.003 --> 00:02:43.003 align:center
[विजय]: कट्टा,

00:02:44.603 --> 00:02:45.563 align:center
माचिस।

00:02:48.363 --> 00:02:49.523 align:center
(माचिस की तिली जलाने की आवाज़)

00:03:00.483 --> 00:03:08.443 align:center
(रोमांचकारी पार्श्व संगीत)
(नोटों के जलने की आवाज़)

00:03:21.683 --> 00:03:24.843 align:center
(रोमांचकारी पार्श्व संगीत)
(बंदूक से गोलियाँ चलाने की आवाज़)

00:03:49.403 --> 00:03:51.283 align:center
[वसीम]: पीछे से घुसा था, गाँ**।

00:03:51.723 --> 00:03:53.483 align:center
आदत रही है जैसे उसकी हमेशा से।

00:03:53.643 --> 00:03:55.363 align:center
[वसीम]: ह**!
[कॉन्स्टेबल]: सर! जय हिंद, सर। जय हिंद, सर।

00:03:55.483 --> 00:03:57.123 align:center
[बिलाल]: हमने भी बहुत पेला, भाई।

00:03:57.283 --> 00:03:58.123 align:center
[कॉन्स्टेबल 2]: सर!

00:04:09.003 --> 00:04:11.643 align:center
सर, जले हुए कागज़
नए नोट जैसे लग रहे हैं।

00:04:12.523 --> 00:04:13.843 align:center
और सर, आप चिंता मत करें।

00:04:14.523 --> 00:04:17.003 align:center
बस, बोल दीजिएगा
कि कुछ पुरानी फ़ाइलें थी

00:04:17.163 --> 00:04:19.323 align:center
और कुछ कॉपी-किताब।

00:04:22.403 --> 00:04:24.803 align:center
[वसीम]: रिपोर्ट दर्ज नहीं होनी चाहिए।
[कॉन्स्टेबल 2]: जी, सर।

00:04:28.323 --> 00:04:32.123 align:center
[उद्घोषक 1]: सम्मान गार्ड, सावधान!

00:04:33.363 --> 00:04:38.403 align:center
सम्मान गार्ड, राष्ट्रीय सलामी!

00:04:38.523 --> 00:04:40.403 align:center
सलामी शस्त्र!

00:04:46.723 --> 00:04:50.603 align:center
(महंतों के प्रार्थना करने की आवाज़)

00:04:56.963 --> 00:04:58.163 align:center
[महंत जी]: अग्नि कौन देगा?

00:04:59.043 --> 00:05:02.803 align:center
[सरस्वती]: महंत जी, इनकी कोई
अपनी संतान तो थी नहीं।

00:05:04.243 --> 00:05:07.243 align:center
लेकिन ये मानते थे
कि पूरी जनता इनकी अपनी है

00:05:09.003 --> 00:05:10.843 align:center
और जनता के प्रतिनिधि बनकर

00:05:12.403 --> 00:05:13.723 align:center
हम इन्हें अग्नि देंगे।

00:05:14.163 --> 00:05:15.283 align:center
[रामानंद]: नहीं।

00:05:18.243 --> 00:05:21.043 align:center
बंसीराम जी हमारे लिए पिता समान थे,

00:05:22.123 --> 00:05:23.483 align:center
अग्नि हम देंगे।

00:05:29.723 --> 00:05:31.043 align:center
[सरस्वती]: रामानंद जी, रुकिए।

00:05:35.603 --> 00:05:37.883 align:center
यहाँ जनता, मीडिया, सब उपस्थित हैं।

00:05:39.643 --> 00:05:41.363 align:center
अगर यहाँ कोई विवाद हुआ,

00:05:41.963 --> 00:05:44.283 align:center
तो पार्टी की अंदरूनी लड़ाई
सामने आ जाएगी।

00:05:45.083 --> 00:05:46.763 align:center
विपक्ष को मौक़ा मिल जाएगा।

00:05:48.883 --> 00:05:50.163 align:center
ये विरोध का नहीं,

00:05:50.963 --> 00:05:52.643 align:center
संगठित रहने का समय है।

00:05:53.603 --> 00:05:54.603 align:center
दीजिए।

00:06:04.203 --> 00:06:07.683 align:center
[उद्घोषक 1]: सम्मान गार्ड,

00:06:08.243 --> 00:06:10.363 align:center
कंधे शस्त्र!
(बंदूकें लोड करने की आवाज़)

00:06:13.563 --> 00:06:15.683 align:center
(बंदूकों से हवा में गोलियाँ चलाने की आवाज़)

00:06:20.123 --> 00:06:23.643 align:center
[न्यूज़ एंकर]: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री
बंसीराम जी की मृत्यु के बाद

00:06:23.843 --> 00:06:26.603 align:center
मुख्यमंत्री का पद अब ख़ाली हो चुका है।

00:06:27.003 --> 00:06:28.923 align:center
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार

00:06:29.043 --> 00:06:32.243 align:center
मुख्यमंत्री बनने की रेस में
तीन नाम सामने आए हैं।

00:06:32.403 --> 00:06:35.723 align:center
रामानंद राय, सरस्वती देवी
और वसीम ख़ान।

00:06:35.923 --> 00:06:37.203 align:center
इनमें रामानंद राय का नाम

00:06:37.323 --> 00:06:40.563 align:center
मुख्यमंत्री बनने की रेस में
सब से आगे चल रहा है।

00:06:40.803 --> 00:06:43.163 align:center
फ़िलहाल राज्य में
राज्यपाल शासन लागू हो चुका है।

00:06:43.283 --> 00:06:44.563 align:center
[हिमांशु]: केशव।
[केशव]: जी, सर।

00:06:44.683 --> 00:06:47.923 align:center
[हिमांशु]: पता है, क्रिकेट और राजनीति में
एक चीज़ बहुत समान है।

00:06:48.523 --> 00:06:50.803 align:center
जैसे क्रिकेट में आख़िरी गेंद में
मैच पलट जाता है,

00:06:51.283 --> 00:06:54.683 align:center
वैसे ही राजनीति में आख़िरी मिनट में
राजनीतिक समीकरण बदल सकता है।

00:06:56.363 --> 00:06:58.843 align:center
ख़ैर, वो सब छोड़। ये बता
कि वसीम ख़ान की जिस फैक्ट्री में आग लगी थी,

00:06:58.963 --> 00:07:00.523 align:center
वो फैक्ट्री थी किस चीज़ की?

00:07:00.883 --> 00:07:02.563 align:center
[केशव]: सर, वहाँ नकली नोट छापते थे।

00:07:02.723 --> 00:07:04.843 align:center
मगर गृहमंत्री के ख़िलाफ़ कौन जाएगा?

00:07:05.563 --> 00:07:07.203 align:center
पुलिस वाले ने मामले की
लीपा-पोती कर दी,

00:07:07.323 --> 00:07:09.083 align:center
ये बोल कर
कि कॉपी-किताब की फैक्ट्री थी।

00:07:09.203 --> 00:07:11.523 align:center
और सर, जो रिकॉर्ड में होता है,
वही सच माना जाता है।

00:07:12.083 --> 00:07:14.443 align:center
[हिमांशु]: क्योंकि केशव, रिकॉर्ड
आम आदमी के लिए होते हैं,

00:07:14.563 --> 00:07:15.763 align:center
पुलिस वालों के लिए नहीं।

00:07:16.643 --> 00:07:18.523 align:center
और इस वक़्त मेरे दिमाग़ में
कुछ और चल रहा है।

00:07:19.483 --> 00:07:22.083 align:center
ये बड़े बाबू अपने पेट में
बहुत बड़ा राज़ दबाए बैठे हैं।

00:07:22.843 --> 00:07:24.243 align:center
और अगर ये राज़ उगल दें ना,

00:07:24.723 --> 00:07:27.923 align:center
तो रामानंद राय की सच्चाई
और रोली के माता-पिता की मौत,

00:07:28.243 --> 00:07:29.803 align:center
इन दोनों पर से
पर्दाफ़ाश हो जाएगा।

00:07:29.923 --> 00:07:32.603 align:center
[केशव]: तो फिर चलते हैं ना, सर।
कोशिश करने में क्या कंजूसी?

00:07:36.003 --> 00:07:37.353 align:center
[हिमांशु]: बड़े बाबू!

00:07:37.363 --> 00:07:40.163 align:center
(रेलगाड़ी के हॉर्न बजने की आवाज़)

00:07:44.203 --> 00:07:45.323 align:center
[केशव]: सर, सर, सर।

00:07:46.203 --> 00:07:48.003 align:center
[केशव]: वही है, सर। वही है। सर, वही है।
[हिमांशु]: श!

00:07:48.683 --> 00:07:49.803 align:center
[हिमांशु]: मैंने कहा था ना।

00:07:50.523 --> 00:07:52.163 align:center
ये बड़े बाबू को जानता है।

00:07:54.083 --> 00:07:55.643 align:center
चल। आजा।

00:08:00.843 --> 00:08:02.723 align:center
[छोटे बाबू]: एक पुलिस वाला आया है बंबई से।

00:08:02.923 --> 00:08:07.003 align:center
विजय सिंह और रामानंद, सब के फ़ाइलों की
जाँच-पड़ताल कर रहा है ठेके की।

00:08:07.523 --> 00:08:09.883 align:center
और ब्रह्मानंद की
मौत के बारे में भी पूछ रहा है।

00:08:10.283 --> 00:08:12.043 align:center
हम से आप के बारे में पूछ रहा था।

00:08:12.163 --> 00:08:14.003 align:center
हम बोल दिए,
अब इस दुनिए में हैं नहीं।

00:08:14.643 --> 00:08:16.203 align:center
थोड़ा सावधान रहिएगा।

00:08:16.443 --> 00:08:18.403 align:center
[हिमांशु]: और तुम भी
सावधानी से झूठ बोला करो।

00:08:20.123 --> 00:08:21.683 align:center
दो दिन लगा दिए
इन तक पहुँचने के लिए।

00:08:22.963 --> 00:08:24.283 align:center
बड़े बाबू, नमस्कार!

00:08:25.483 --> 00:08:27.403 align:center
एसीपी हिमांशु पटनायक,
बॉम्बे पुलिस।

00:08:28.643 --> 00:08:30.043 align:center
घर में और भी लोग होंगे ना?

00:08:31.683 --> 00:08:33.843 align:center
आइए बाहर।
विस्तार से बात करनी है।

00:08:36.443 --> 00:08:38.923 align:center
[दीनानाथ]: रामानंद और बंसीराम
एक पुल बनवाए रहे।

00:08:39.243 --> 00:08:40.323 align:center
वो पुल गिर गया

00:08:41.323 --> 00:08:45.523 align:center
और उसकी जाँच की ज़िम्मेदारी
रामानंद के भाई ब्रह्मानंद को दी गई।

00:08:45.763 --> 00:08:48.523 align:center
वो पूरी ईमानदारी से जो है,
जाँच में लग गए।

00:08:48.763 --> 00:08:51.043 align:center
जाँच इन लोगों के ख़िलाफ़ जा रहा था।

00:08:51.283 --> 00:08:53.003 align:center
इसी बीच घर में डकैती पड़ी

00:08:53.123 --> 00:08:55.963 align:center
और ब्रह्मानंद और उनकी पत्नी की
हत्या हो गई।

00:08:56.723 --> 00:08:58.283 align:center
अब आप ख़ुद ही सोचिए, साहब।

00:08:58.403 --> 00:09:00.443 align:center
इस सब के पीछे
किस का हाथ हो सकता है?

00:09:02.283 --> 00:09:04.363 align:center
[हिमांशु]: और रामानंद
और बंसीराम के ख़िलाफ़

00:09:04.683 --> 00:09:06.283 align:center
सबूत और ख़बरें कहाँ से आ रही थी?

00:09:06.683 --> 00:09:08.323 align:center
[दीनानाथ]: वसीम ख़ान के ज़रिए, साहब।

00:09:09.083 --> 00:09:13.163 align:center
वो चाहता रहा कि रामानंद और बंसीराम,
दोनों इस मामले में पकड़े जाएँ।

00:09:13.563 --> 00:09:15.923 align:center
लेकिन इसी बीच
ब्रह्मानंद की हत्या हो गई

00:09:16.083 --> 00:09:17.963 align:center
और सारा मामला फ़ाइलों में दब गया।

00:09:18.523 --> 00:09:21.083 align:center
जान का जोख़िम लेकर
आप को सब कुछ बता दिए हम।

00:09:22.163 --> 00:09:23.203 align:center
[हिमांशु]: फ़िक्र मत करो।

00:09:24.723 --> 00:09:26.083 align:center
तुम्हें कुछ नहीं होगा।

00:10:22.243 --> 00:10:24.163 align:center
[रामानंद]: जैसे आप को ज्ञात होगा कि आज...
(रोते हुए)

00:10:25.243 --> 00:10:27.883 align:center
आज हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री,
(रोते हुए)

00:10:28.843 --> 00:10:33.403 align:center
इस प्रदेश की जनता के
अभिभावक स्वरूप श्री बंसीराम जी (रोते हुए)

00:10:34.563 --> 00:10:35.843 align:center
(कैमरों के क्लिक की आवाज़)

00:10:36.003 --> 00:10:37.043 align:center
[रामानंद]: नहीं...
(रोते हुए)

00:10:45.483 --> 00:10:47.523 align:center
भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।
(रोते हुए)

00:10:48.163 --> 00:10:49.563 align:center
उनके जाने से हम...
(रोते हुए)

00:10:50.083 --> 00:10:53.443 align:center
हमारी ज़िंदगी में दुख भर गया है।
(रोते हुए)

00:10:54.523 --> 00:10:59.763 align:center
और हमारे राज्य में
राज्यपाल शासन घोषित हुआ है। (रोते हुए)

00:11:02.003 --> 00:11:04.803 align:center
अब कुछ ही दिनों में जनशक्ति समाज
पार्टी के विधायक दल की (रोते हुए)

00:11:05.163 --> 00:11:06.243 align:center
बैठक होगी
(रोते हुए)

00:11:06.723 --> 00:11:09.603 align:center
और विधायक नए नेतृत्व का चयन करेंगे।
(रोते हुए)

00:11:09.723 --> 00:11:12.323 align:center
[रिपोर्टर]: लेकिन रामानंद जी,
एक सवाल है आप से।

00:11:12.483 --> 00:11:16.043 align:center
हमने सुना है कि पूर्वांचल के
ख़तरनाक गुंडे विजय सिंह,

00:11:17.003 --> 00:11:19.763 align:center
जिस ने बॉम्बे में
एसजे हॉस्पिटल में कांड कराया,

00:11:20.123 --> 00:11:21.803 align:center
उसे आप का संरक्षण प्राप्त है?

00:11:22.083 --> 00:11:24.683 align:center
[रामानंद]: संरक्षण उसे दिया जा सकता है,
जो जीवित हो।

00:11:26.003 --> 00:11:27.883 align:center
ये तो आप ही लोगों ने छापा है ना कि

00:11:28.003 --> 00:11:30.083 align:center
विजय सिंह मारा जा चुका है।

00:11:30.523 --> 00:11:33.083 align:center
तो ऐसे शख़्स का हम संरक्षण क्या करेंगे?

00:11:33.283 --> 00:11:36.883 align:center
[रिपोर्टर 2]: रामानंद जी, मान लीजिए।
अगर विजय सिंह ज़िंदा हुआ,

00:11:37.003 --> 00:11:39.763 align:center
तो क्या आप प्रशासन की
मदद करेंगे उसे पकड़वाने में?

00:11:39.883 --> 00:11:41.923 align:center
[रामानंद]: देखिए, हम लोग बिलकुल साफ़ हैं।

00:11:42.483 --> 00:11:45.163 align:center
और अगर विजय सिंह जीवित है,
जैसे आप ने कहा,

00:11:45.923 --> 00:11:48.403 align:center
तो उन्हें न्याय का मान रखकर

00:11:48.923 --> 00:11:50.763 align:center
आत्मसमर्पण कर देना चाहिए।

00:11:51.003 --> 00:11:52.803 align:center
[रिपोर्टर 3]: रामानंद जी,
कहा तो ऐसा भी जा रहा है

00:11:52.923 --> 00:11:55.963 align:center
[रिपोर्टर 3]: कि आप की भतीजी रोली की शादी
विजय सिंह के साथ हुई है। [रामानंद]: अरे!

00:11:56.083 --> 00:11:57.553 align:center
[रामानंद]: अरे, क्या बात बोल रहे हो, भाई?
[रिपोर्टर 3]: और उन्हें लोगों ने

00:11:57.563 --> 00:11:59.243 align:center
[रिपोर्टर 3]: विजय सिंह के घर के पास देखा है।

00:11:59.363 --> 00:12:01.243 align:center
सर, इस के बारे में
आप का क्या कहना है?

00:12:01.443 --> 00:12:05.083 align:center
[रामानंद]: देखिए, रोली और विजय सिंह
एक ही कॉलेज में पढ़ते थे।

00:12:05.523 --> 00:12:06.603 align:center
मित्र थे।

00:12:06.723 --> 00:12:09.283 align:center
पर ये शादी-वादी की
ऊलजलूल बातें ना करें आप।

00:12:09.603 --> 00:12:12.923 align:center
[रामानंद]: और आप अब मुझे इजाज़त देंगे।
[रिपोर्टर 3]: सर, सर!

00:12:13.043 --> 00:12:14.683 align:center
[ठाकुर]: चलिए, फिर कभी बात कीजिएगा।
[रिपोर्टर 3]: सर।

00:12:14.843 --> 00:12:16.323 align:center
[ठाकुर]: हमारी बात...
[रिपोर्टर 2]: सर, सुनिए तो।

00:12:18.443 --> 00:12:19.803 align:center
[सदानंद]: सलाम, चाचा।
[चाचा]: सलाम।

00:12:20.243 --> 00:12:22.723 align:center
[सदानंद]: कोई ऐसा इत्र दिखाइए
कि लगाया और मोहल्ला महक उठे।

00:12:22.963 --> 00:12:24.123 align:center
[चाचा]: बिलकुल दिखाते हैं।

00:12:24.683 --> 00:12:27.083 align:center
ये देखिए।
जन्नत-उल-वकी, जन्नत-उल-फिरदौस,

00:12:27.203 --> 00:12:29.603 align:center
रूह गुलाब, रूह खस, मीठी इत्र।

00:12:29.803 --> 00:12:30.723 align:center
कौन सा दूँ?

00:12:31.403 --> 00:12:34.003 align:center
[सदानंद]: आप से इत्र पूछा था,
आप तो कलमा पढ़ने लग गए।

00:12:34.363 --> 00:12:36.723 align:center
[चाचा]: लगता है,
पहली बार इत्र लगाने आए हो।

00:12:36.963 --> 00:12:39.043 align:center
ये अब इत्र के ही नाम हैं,
बाबू साहब।

00:12:39.643 --> 00:12:44.043 align:center
[सदानंद]: अरे! हमें कोई ऐसा इत्र बताइए,
जिस से ये गोबर का दुर्गंध हट सके।

00:12:44.163 --> 00:12:45.403 align:center
[चाचा]: पगला गए हो क्या?

00:12:45.523 --> 00:12:48.243 align:center
ये इत्र की दुकान है,
फ़िनाइल की नहीं।

00:12:49.283 --> 00:12:50.763 align:center
[सदानंद]: अच्छा! ठीक है, कोई भी
एक दे दीजिए। चलिए।

00:12:50.883 --> 00:12:52.843 align:center
[चाचा]: अच्छा! तो फिर फिरदौस दूँ?

00:12:53.003 --> 00:12:54.523 align:center
[सदानंद]: हाँ, जी।
[चाचा]: हाँ, लीजिए।

00:12:56.243 --> 00:12:57.403 align:center
[चाचा]: ढाई रुपए! ढाई रुपए!

00:12:57.923 --> 00:12:59.163 align:center
[सदानंद]: तीन रुपए हैं, रख लीजिए।

00:12:59.363 --> 00:13:00.603 align:center
[चाचा]: अच्छा!

00:13:05.643 --> 00:13:07.003 align:center
[सरस्वती]: अरे! आइए, आइए, सदानंद जी।

00:13:08.843 --> 00:13:10.083 align:center
बैठिए।

00:13:12.963 --> 00:13:14.043 align:center
क्या बात है?

00:13:14.603 --> 00:13:16.403 align:center
बदबू की जगह
ख़ुशबू आ रही है आज तो।

00:13:16.523 --> 00:13:17.603 align:center
(सदानंद और सरस्वती के हँसने की आवाज़)

00:13:19.883 --> 00:13:22.363 align:center
[सरस्वती]: कपड़ों की तरह
कभी ज़िंदगी महकाने की भी सोचो।

00:13:22.803 --> 00:13:26.763 align:center
[सदानंद]: जी, अब आपकी कृपा हो जाएगी,
तो ज़िंदगी भी महक जाएगी।

00:13:27.123 --> 00:13:29.163 align:center
[सरस्वती]: हम तो कृपा करने के लिए तैयार हैं।

00:13:30.883 --> 00:13:32.723 align:center
मगर काम ज़िम्मेदारी से करो तो ना।

00:13:33.083 --> 00:13:34.443 align:center
[सदानंद]: अरे! हम करेंगे, मैडम।

00:13:34.563 --> 00:13:37.283 align:center
आप बस ज़िम्मेदारी वाला काम तो दीजिए।

00:13:38.243 --> 00:13:39.283 align:center
[सरस्वती]: दिए तो थे।

00:13:40.563 --> 00:13:41.803 align:center
[सदानंद]: वो अ...

00:13:42.003 --> 00:13:43.243 align:center
कोशिश कर रहे हैं, मैडम।

00:13:43.363 --> 00:13:45.083 align:center
बहुत जल्द ही आप की
मुलाक़ात हम करवा देंगे।

00:13:45.203 --> 00:13:46.843 align:center
[सदानंद]: विजय सिंह से।
[सरस्वती]: अब विजय सिंह को छोड़ो।

00:13:47.643 --> 00:13:48.923 align:center
[सरस्वती]: दुनिया इस से आगे भी है।

00:13:51.323 --> 00:13:52.723 align:center
आप को बड़ा काम करना है।

00:13:54.243 --> 00:13:56.563 align:center
पार्टी में एक बड़ी ज़िम्मेदारी देने की
सोच रहे हैं आप को।

00:13:57.963 --> 00:13:59.443 align:center
आप के भीतर जो ऊर्जा है,

00:14:00.603 --> 00:14:01.723 align:center
वो आप के भाई को नहीं दिखती,

00:14:02.323 --> 00:14:03.403 align:center
लेकिन हमें दिखती है।

00:14:04.843 --> 00:14:06.763 align:center
हम उस का सही इस्तेमाल
करना चाहते हैं।

00:14:07.243 --> 00:14:08.963 align:center
[सदानंद]: सही में, मैडम?

00:14:10.203 --> 00:14:11.403 align:center
[सरस्वती]: हम गंभीर हैं।

00:14:13.643 --> 00:14:16.003 align:center
लेकिन मेवा ख़ाने से पहले
सेवा करनी पड़ती है।

00:14:17.323 --> 00:14:19.323 align:center
आप ही ने कही थी ना
ये लेन-देन की बात।

00:14:19.523 --> 00:14:21.123 align:center
[सदानंद]: जी। ज... ज...

00:14:21.243 --> 00:14:24.363 align:center
जी, जी, ज़रूर करेंगे, मैडम।
बस आदेश हो।

00:14:25.243 --> 00:14:27.723 align:center
[सरस्वती]: क्या है कि पार्टी में
बड़ा पद तभी मिलेगा,

00:14:28.563 --> 00:14:29.803 align:center
जब जगह ख़ाली होगी।

00:14:30.203 --> 00:14:31.203 align:center
[सदानंद]: जी।

00:14:33.123 --> 00:14:36.803 align:center
[सरस्वती]: आप को वो जगह ख़ाली करनी
या करवानी होगी।

00:14:39.123 --> 00:14:41.963 align:center
[सदानंद]: जी, मैं मतलब समझा नहीं, मैडम।

00:14:43.643 --> 00:14:44.723 align:center
[सरस्वती]: हत्या!

00:14:45.363 --> 00:14:47.723 align:center
[सदानंद]: हत्या! किस की?

00:14:49.963 --> 00:14:51.243 align:center
[सरस्वती]: रामानंद राय की!

00:14:54.083 --> 00:14:57.883 align:center
राजनीति के इतिहास का
पन्ना-पन्ना अपनों के ख़ून से रंगा है।

00:14:59.123 --> 00:15:00.483 align:center
हर कुर्सी एक बलि चाहती है।

00:15:02.203 --> 00:15:03.323 align:center
सोच लो।

00:15:05.723 --> 00:15:07.563 align:center
ज़िंदगी भर गोबर चुनना है या...

00:15:09.043 --> 00:15:10.443 align:center
निर्णय आप का।

00:15:11.443 --> 00:15:12.483 align:center
सोच लो।

00:15:26.603 --> 00:15:29.483 align:center
[रामानंद]: 48 घंटे लिए हैं गवर्नर साहब से

00:15:30.323 --> 00:15:32.563 align:center
विधायक दल के नेता को चुनने के लिए।

00:15:34.683 --> 00:15:35.763 align:center
कुछ पता चला,

00:15:36.283 --> 00:15:37.843 align:center
कितने लोग हमारे समर्थन में हैं?

00:15:38.163 --> 00:15:40.323 align:center
[ठाकुर]: राय साहब,
80 विधायक तो अपनी पार्टी के ही हैं।

00:15:41.723 --> 00:15:44.203 align:center
हाँ, 14-15 विधायकों का
बंदोबस्त करना पड़ेगा।

00:15:45.003 --> 00:15:47.363 align:center
बाक़ी वसीम के साथ
जो 12 विधायक हैं ना,

00:15:48.083 --> 00:15:49.723 align:center
उन की आवाश्यकता तो
पड़ेगी ही, राय साहब।

00:15:49.963 --> 00:15:52.323 align:center
[श्रीवास्तव]: मत भूलिए कि 80 जो गिने हैं,

00:15:52.563 --> 00:15:54.723 align:center
उन में सरस्वती देवी के
समर्थक भी हैं।

00:15:56.123 --> 00:15:57.523 align:center
मुश्किल लग रहा है, राय साहब।

00:15:58.563 --> 00:16:00.283 align:center
ऐसे तो हम बहुमत नहीं जुटा पाएँगे।

00:16:01.483 --> 00:16:04.323 align:center
[रामानंद]: सरस्वती देवी के समर्थकों को तो
हम निपटा लेंगे,

00:16:05.163 --> 00:16:06.243 align:center
दिक़्क़त...

00:16:07.923 --> 00:16:10.283 align:center
वसीम ख़ान के समर्थकों की है।

00:16:12.243 --> 00:16:13.883 align:center
उसे संभालना होगा।

00:16:17.723 --> 00:16:18.763 align:center
[केशव]: सर,

00:16:19.323 --> 00:16:21.643 align:center
यहाँ एक जगह से
दूसरी जगह पहुँचना हो,

00:16:21.763 --> 00:16:23.243 align:center
रोड से अच्छा बोट है!

00:16:24.683 --> 00:16:25.843 align:center
क्या सोच रहे हैं, सर?

00:16:26.403 --> 00:16:28.163 align:center
[हिमांशु]: हाँ?
[केशव]: कुछ सोच रहे हैं आप?

00:16:29.243 --> 00:16:30.403 align:center
[हिमांशु]: तू क्या कर रहा है?

00:16:30.923 --> 00:16:33.523 align:center
[केशव]: मछलियों का ख़ुराक!
पुण्य का काम है, सर।

00:16:35.163 --> 00:16:37.003 align:center
[हिमांशु]: मैं भी मछलियों के
बारे में ही सोच रहा हूँ।

00:16:37.923 --> 00:16:41.523 align:center
कि मछली अगर पानी से बाहर आ जाती है,
तो तुरंत मर नहीं जाती,

00:16:42.083 --> 00:16:44.883 align:center
वो तड़प कर, रेंग कर,
पानी में दुबारा जाने की कोशिश करती है।

00:16:45.483 --> 00:16:47.683 align:center
और अगर उस मछली को
कोई बचाने वाला हाथ मिल जाए,

00:16:48.363 --> 00:16:50.363 align:center
तो वो मछली ज़िंदगी भर
जाल में नहीं फँसती।

00:16:51.283 --> 00:16:53.883 align:center
[केशव]: सर, पर हर मछली
वापस पानी में जा नहीं पाती।

00:16:54.163 --> 00:16:57.723 align:center
जो मछलियाँ ताक़तवर होती है,
बड़ी होती है, वही कोशिश करती हैं ना।

00:16:57.843 --> 00:16:59.043 align:center
[हिमांशु]: जैसे कि विजय सिंह!

00:17:00.283 --> 00:17:03.083 align:center
और विजय सिंह जैसी मछली को
जाल से बचाने वाला हाथ...

00:17:03.283 --> 00:17:04.483 align:center
रामानंद राय!

00:17:05.003 --> 00:17:06.603 align:center
[केशव]: सर, हम समझे नहीं कुछ।

00:17:07.803 --> 00:17:09.403 align:center
[हिमांशु]: शुरुआत से समझाता हूँ। समझ।

00:17:10.443 --> 00:17:14.483 align:center
पाँच साल पहले दो आदमियों को
एक आदमी ने फँसाने की कोशिश की।

00:17:15.483 --> 00:17:18.403 align:center
रामानंद राय और बंसीराम को वसीम! हूँ?

00:17:18.563 --> 00:17:19.603 align:center
[केशव]: सही कहा ना?
[हिमांशु]: एकदम सही!

00:17:19.723 --> 00:17:22.963 align:center
[हिमांशु]: और फिर रामानंद के भाई
ब्रह्मानंद का ख़ून हो जाता है।

00:17:24.003 --> 00:17:25.363 align:center
जाँच अधूरी रह जाती है।

00:17:25.843 --> 00:17:28.443 align:center
लेकिन रामानंद राय
विजय सिंह का नाम हटा देता है।

00:17:28.603 --> 00:17:29.963 align:center
क्यों?

00:17:32.523 --> 00:17:35.283 align:center
[केशव]: ताकि वसीम ख़ान क्रोधित होकर
कुछ चू*** करे।

00:17:35.403 --> 00:17:37.883 align:center
[हिमांशु]: और रामानंद राय क्यों चाहेगा
कि वसीम ख़ान चू*** करे?

00:17:40.163 --> 00:17:41.523 align:center
रामानंद राय क्या बनने जा रहा है?

00:17:42.603 --> 00:17:43.763 align:center
[केशव]: मुख्यमंत्री।

00:17:44.083 --> 00:17:45.043 align:center
[हिमांशु]: तो फिर?

00:17:45.723 --> 00:17:47.003 align:center
सीधी सी बात है ना?

00:17:47.363 --> 00:17:50.883 align:center
रामानंद राय ने एक बड़ी मछली का
इस्तेमाल करके दूसरी बड़ी मछली को फँसाया,

00:17:51.003 --> 00:17:52.763 align:center
ताकि वो पूरे समंदर में राज कर सकें।

00:17:54.203 --> 00:17:55.163 align:center
सही कहा ना?

00:17:55.603 --> 00:17:58.123 align:center
[केशव]: बड़ी बढ़िया पंच वर्षीय
योजना बनाई राय साहब ने, सर।

00:17:58.243 --> 00:17:59.513 align:center
[हिमांशु]: और मैं दावे के साथ कह सकता हूँ

00:17:59.523 --> 00:18:02.043 align:center
कि अपने भाई ब्रह्मानंद को भी
रामानंद राय ने ही मरवाया है।

00:18:03.123 --> 00:18:07.563 align:center
[केशव]: इस का मतलब विजय सिंह और वसीम ख़ान,
दोनों मठाधीश जी के हाथ की कठपुतली हैं, बस।

00:18:07.683 --> 00:18:08.723 align:center
[हिमांशु]: हाँ।

00:18:08.963 --> 00:18:11.123 align:center
और विजय सिंह तो
बेचारा फिर भी अंधेरे में है।

00:18:11.403 --> 00:18:13.003 align:center
और जिस दिन उसे पता चला ना

00:18:13.323 --> 00:18:15.603 align:center
कि रोली के माता-पिता को
रामानंद राय ने मरवाया है,

00:18:16.603 --> 00:18:19.723 align:center
वो दिन उत्तर प्रदेश की राजनीति के
इतिहास के पन्नों में लिखा जाएगा।

00:18:22.723 --> 00:18:23.923 align:center
[केशव]: सर,

00:18:24.523 --> 00:18:26.483 align:center
मुझे अब सब कहानी
समझ में आ गई।

00:18:26.843 --> 00:18:28.003 align:center
[हिमांशु]: हूँ।

00:18:28.163 --> 00:18:29.923 align:center
[हिमांशु]: मुझे भी।
[केशव]: ग़ज़ब।

00:18:34.563 --> 00:18:39.163 align:center
[वसीम]: उस मा***द विजय सिंह और उस के चू** भाई
छुन्नू को गिरफ़्तार कीजिए। अभी के अभी!

00:18:39.603 --> 00:18:42.163 align:center
[दरोगा]: किस जुर्म में, सर?
[वसीम]: आतंकवादी होने के जुर्म में।

00:18:42.923 --> 00:18:45.243 align:center
[वसीम]: और वॉरंट की चिंता मत कीजिए।
वो मैं आप को दूँगा।

00:18:46.163 --> 00:18:48.083 align:center
सब से पहले उस छुन्नू को दबोचिए।

00:18:48.803 --> 00:18:51.803 align:center
विजय सिंह जहाँ भी होगा,
अपने आप अपने बिल से बाहर आ जाएगा।

00:18:52.323 --> 00:18:53.203 align:center
और हाँ,

00:18:53.723 --> 00:18:55.683 align:center
छुन्नू की गिरफ़्तारी दर्ज नहीं होनी चाहिए।

00:18:56.003 --> 00:18:57.003 align:center
[दरोगा]: ठीक है, सर।

00:19:03.283 --> 00:19:05.883 align:center
[कट्टा]: देखो, यार।
समय बर्बाद मत करो।

00:19:07.043 --> 00:19:10.403 align:center
हम को उस सनकी के बारे में बताओ।

00:19:11.203 --> 00:19:12.483 align:center
कोई लड़की-वड़की देखे उस के घर में?

00:19:12.603 --> 00:19:15.283 align:center
[राहुल]: अरे, हम जान रहे हैं,
जिस लड़की के बारे में तुम बात कर रहे हो।

00:19:16.483 --> 00:19:18.563 align:center
उस दिन उस के घर में
तुम लड़की ही ढूँढ रहे थे ना?

00:19:20.243 --> 00:19:21.523 align:center
[कट्टा]: हाँ।

00:19:22.203 --> 00:19:23.723 align:center
लेकिन वहाँ सिर्फ़ तुम्हारी बहन थी।

00:19:24.243 --> 00:19:26.283 align:center
[राहुल]: हम बोले थे
कि उस घर में हमारी बहन रहती है।

00:19:26.723 --> 00:19:28.683 align:center
बेमतलब की गोली-वोली चल जाती।
पेला जाते!

00:19:29.363 --> 00:19:30.483 align:center
[कट्टा]: देखो, यार राहुल,

00:19:31.283 --> 00:19:33.443 align:center
कोई और घर वगैरह या...

00:19:34.203 --> 00:19:35.523 align:center
ख़ुफ़िया अड्डा है सनकी का,

00:19:36.083 --> 00:19:36.923 align:center
जहाँ वो आता-जाता हो?

00:19:37.043 --> 00:19:38.363 align:center
[राहुल]: अरे, बहुत ख़ुफ़िया अड्डा है।

00:19:38.483 --> 00:19:39.963 align:center
और बहुत जगह आता-जाता है।

00:19:41.363 --> 00:19:44.363 align:center
कह रहे हैं कि पता कर रहे हैं।
हम को भी बदला लेना है उस मा***द से।

00:19:45.723 --> 00:19:46.843 align:center
[कट्टा]: पता करो।

00:19:48.483 --> 00:19:50.643 align:center
[राहुल]: पता कर रहे हैं, भाई।
थोड़ा समय दो हम को।

00:20:10.363 --> 00:20:11.313 align:center
(दरवाज़ा खटखटाने की आवाज़)

00:20:11.323 --> 00:20:12.323 align:center
[सदानंद]: सनकी।

00:20:13.803 --> 00:20:14.923 align:center
सनकी।
(ज़मीन पर थूकने की आवाज़)

00:20:16.003 --> 00:20:16.883 align:center
अरे!

00:20:18.123 --> 00:20:21.003 align:center
अरे, ये क्या ऊपर बेताल बनके
बैठे हुए हो? नीचे आओ।

00:20:21.683 --> 00:20:22.963 align:center
[सनकी]: चुनाव लड़ रहे हैं ना,

00:20:23.603 --> 00:20:25.483 align:center
तो नेता बनने का
अभ्यास कर रहे हैं हम।

00:20:25.843 --> 00:20:28.163 align:center
तो ऊपर राजा, नीचे प्रजा।

00:20:29.603 --> 00:20:31.483 align:center
तुम कहो, प्रजा।
कैसे आना हुआ?

00:20:35.203 --> 00:20:37.243 align:center
[सदानंद]: वो सरस्वती जी का संदेशा लाये हैं।

00:20:37.523 --> 00:20:39.083 align:center
अब नीचे आओ, तो बताएँ।

00:20:39.883 --> 00:20:42.043 align:center
आते हैं। खोलते हैं दरवाज़ा।

00:20:43.563 --> 00:20:44.563 align:center
बोलिए।

00:20:45.483 --> 00:20:47.923 align:center
गाँजा पीके बताएँगे
या बिना गाँजा पिये बोलेंगे?

00:20:48.923 --> 00:20:50.163 align:center
[सदानंद]: गंजेड़ी नहीं हैं हम।

00:20:50.603 --> 00:20:51.843 align:center
[सदानंद]: गौ सेवक हैं।
[सनकी]: हूँ।

00:20:51.963 --> 00:20:54.043 align:center
[सनकी]: गाँजा मार के भी तो
होश में जोश ही रहता है।

00:20:54.803 --> 00:20:57.163 align:center
ख़ैर छोड़ो,
तुम क्या समझोगे, गौ पालक जी।

00:20:58.083 --> 00:20:59.043 align:center
काम बताओ।

00:20:59.523 --> 00:21:01.283 align:center
[सदानंद]: अच्छा, आप को याद है ना
मैडम जी ने कहा था

00:21:01.403 --> 00:21:04.003 align:center
कि समय आने पे बताएंगी
कि उन को आप से क्या चाहिए?

00:21:04.363 --> 00:21:05.843 align:center
तो अब वो समय आ गया है।

00:21:06.163 --> 00:21:08.123 align:center
[सदानंद]: तो बात ऐसी...
[सनकी]: एक बात बताइए। अगर ये काम कर देंगे,

00:21:08.243 --> 00:21:10.003 align:center
[सनकी]: तो वो क्या हमें विधायक बना देंगी?

00:21:10.763 --> 00:21:11.883 align:center
[सदानंद]: बिलकुल बना देंगी।

00:21:12.603 --> 00:21:15.363 align:center
पहले आप काम सुन लीजिए
कि आप से हो पायेगा कि नहीं।

00:21:16.923 --> 00:21:19.003 align:center
[सनकी]: बेइज़्ज़ती कर रहे हो क्या हमारी? हाँ?

00:21:19.963 --> 00:21:22.083 align:center
ऐसा कोई काम नहीं है,
जो सनकी भाई ना कर पाए।

00:21:22.323 --> 00:21:24.283 align:center
तुम जाके हमारी उन को
एक बात कह देना।

00:21:24.643 --> 00:21:27.683 align:center
कि हमारे लिए पार्टी में कुर्सी
और वो सुंदर सा हेलिकॉप्टर तैयार रखें।

00:21:27.803 --> 00:21:30.443 align:center
आँख मूँद के उन का
काम कर देंगे। समझे?

00:21:30.643 --> 00:21:32.643 align:center
[सदानंद]: हाँ,
लेकिन पहले काम की गंभीरता तो...

00:21:32.763 --> 00:21:34.763 align:center
[सनकी]: आप हमारी गंभीरता को समझिए!

00:21:35.443 --> 00:21:38.043 align:center
ऐलानिया कह रहे हैं,
कर देंगे!

00:21:38.163 --> 00:21:39.523 align:center
अब ये बैठक समाप्त हुई!

00:21:39.643 --> 00:21:41.643 align:center
[सदानंद]: एक, एक...
[सनकी]: बस! नहीं सुनना है, यार, हमें!

00:21:42.203 --> 00:21:44.003 align:center
[सदानंद]: सुन तो लो।
एक बार सुन लेने...

00:21:44.123 --> 00:21:46.683 align:center
[सनकी]: हमारा काम हो जाना चाहिए,
पहले ही बता रहे हैं आप को। समझे?

00:21:47.923 --> 00:21:49.673 align:center
[सदानंद]: एक बार काम सुन लीजिए।
[सनकी]: अरे, नहीं सुनना है, यार।

00:21:49.683 --> 00:21:51.003 align:center
[सनकी]: दिमाग़ मत ख़राब करो हमारा!

00:21:53.603 --> 00:21:54.763 align:center
[सदानंद]: मैडम को...

00:22:01.243 --> 00:22:03.243 align:center
[रोली]: इस का नाम लिखो
और इसका पर्ची बनवा लो।

00:22:03.683 --> 00:22:07.603 align:center
और इस बच्चे का, इस के अगले महीने का
टीका ज़रूर करवाना। ठीक है?

00:22:12.523 --> 00:22:14.003 align:center
एक मिनट।

00:22:18.683 --> 00:22:20.523 align:center
कहिए। क्या चाहिए आप को?

00:22:21.843 --> 00:22:22.883 align:center
[हिमांशु]: देखिए,
मैं विजय सिंह के बारे में...

00:22:23.003 --> 00:22:25.323 align:center
[रोली]: अगर आप विजय के बारे में
वही सवाल पूछेंगे,

00:22:25.883 --> 00:22:27.483 align:center
तो हमारा फिर से
वही जवाब होगा।

00:22:27.683 --> 00:22:29.003 align:center
विजय ज़िंदा नहीं है।

00:22:29.123 --> 00:22:31.843 align:center
[हिमांशु]: मैं आप को कैसे समझाऊँ
कि मेरा विजय सिंह से मिलना कितना ज़रूरी है।

00:22:32.883 --> 00:22:35.003 align:center
[रोली]: आप ने फिर से वही राग
आलापना शुरू कर दिया।

00:22:36.483 --> 00:22:38.443 align:center
हमें इस तरह की बातों में
कोई दिलचस्पी नहीं है।

00:22:38.603 --> 00:22:39.723 align:center
[हिमांशु]: और विजय सिंह में?

00:22:39.963 --> 00:22:41.123 align:center
विजय सिंह में तो है ना?

00:22:42.523 --> 00:22:44.603 align:center
तो उस से प्लीज़, कहिएगा
कि उस की जान को ख़तरा है।

00:22:45.243 --> 00:22:49.883 align:center
(चिंताजनक पार्श्व संगीत)

00:22:57.003 --> 00:23:04.803 align:center
(गाड़ी के रुकने की आवाज़)
(झींगुर और क़दमों की आवाज़)

00:23:22.803 --> 00:23:29.243 align:center
(दरवाज़े की कूंडी खोलने की आवाज़)
(दरवाज़ा खोलने की आवाज़)

00:23:50.803 --> 00:23:51.963 align:center
[सनकी]: सो गई क्या?

00:23:54.963 --> 00:23:58.883 align:center
जवाब नहीं दोगी, तो क्या मुझे
पता नहीं लगेगा तुम जाग रही हो?

00:24:03.483 --> 00:24:06.123 align:center
आँखें खुली हैं तुम्हारी।

00:24:06.243 --> 00:24:07.563 align:center
(सनकी के हँसने की आवाज़)

00:24:11.043 --> 00:24:12.043 align:center
(सनकी के हँसने की आवाज़)

00:24:20.483 --> 00:24:24.803 align:center
[सनकी]: तुम्हारा चेहरा ना हमारी आँखों के
सामने बिलकुल ऐसे धुंधला सा हो गया है।

00:24:25.963 --> 00:24:27.243 align:center
वो क्या है ना,

00:24:27.843 --> 00:24:31.763 align:center
अब हमें हमारा बहुत बड़ा वाला
सपना मिल गया है।

00:24:35.923 --> 00:24:40.643 align:center
तो अब तुम्हारे जीने का तो
कोई मतलब ही नहीं रहा अब... मेरे लिए।

00:24:54.403 --> 00:24:55.523 align:center
तेज़ाब।

00:25:04.643 --> 00:25:05.883 align:center
तेज़ाब।

00:25:08.843 --> 00:25:11.603 align:center
बहुत ख़तरनाक चीज़ होती है।

00:25:13.763 --> 00:25:16.683 align:center
[सनकी]: इंसान पे...
[सीमा]: सनकी।

00:25:17.123 --> 00:25:19.243 align:center
[सनकी]: हल्का सा भी पड़ जाए ना...

00:25:20.523 --> 00:25:21.723 align:center
[सीमा]: सनकी, नहीं।
[सनकी]: तो...

00:25:26.803 --> 00:25:30.563 align:center
(चेहरे पे पानी फेंकने की आवाज़)
(सीमा के चीखने की आवाज़)

00:25:43.883 --> 00:25:45.163 align:center
[सनकी]: पानी है।

00:25:53.603 --> 00:25:56.803 align:center
♪सनम, तेरी क़सम।♪

00:26:00.483 --> 00:26:02.883 align:center
♪कर ले जितने सितम।♪
(दरवाज़ा बंद करने की आवाज़)

00:26:15.523 --> 00:26:16.963 align:center
(गाड़ी स्टार्ट करने की आवाज़)

00:26:27.523 --> 00:26:28.603 align:center
[राहुल]: कोई है अंदर?

00:26:30.123 --> 00:26:31.003 align:center
[सीमा]: हाँ।

00:26:31.123 --> 00:26:32.123 align:center
[राहुल]: कौन?

00:26:33.323 --> 00:26:34.283 align:center
[सीमा]: सीमा।

00:26:34.563 --> 00:26:36.283 align:center
[राहुल]: कौन सीमा?
सनकी पांडे वाली?

00:26:38.523 --> 00:26:39.443 align:center
[सीमा]: हाँ।

00:26:43.123 --> 00:26:44.243 align:center
(पत्थर से दरवाज़े का ताला तोड़ने की आवाज़)

00:26:51.443 --> 00:26:52.443 align:center
[सीमा]: कौन हो तुम?

00:26:52.643 --> 00:26:54.683 align:center
[राहुल]: हम विजय भैया
और कट्टा के दोस्त हैं।

00:26:55.843 --> 00:26:57.763 align:center
[राहुल]: कट्टा ने भेजा?
[सीमा]: हाँ, कट्टा ने भेजा।

00:26:57.883 --> 00:27:00.003 align:center
[राहुल]: तेरी माँ की चो**
यहाँ बाँध के रखा हुआ है।

00:27:00.163 --> 00:27:01.323 align:center
मा***द!

00:27:03.803 --> 00:27:06.123 align:center
जानते हैं सा** बहुत घटिया इंसान है।

00:27:07.763 --> 00:27:08.803 align:center
आराम से।

00:27:09.563 --> 00:27:11.203 align:center
चलिए, चलिए, चलिए।
जल्दी चलिए।

00:27:18.283 --> 00:27:21.003 align:center
मा***द गाँजा छुपा-छुपा के रखा है,
इस की माँ को चो**!

00:27:36.203 --> 00:27:39.443 align:center
[चायवाला]: ए चाय गरम है, चाय गरम है,
चाय गरम है! (गाड़ी के रुकने की आवाज़)

00:27:47.923 --> 00:27:48.723 align:center
[ऑफिसर 1]: तुम उधर।

00:27:48.843 --> 00:27:49.963 align:center
तुम दोनों उधर जाओ।

00:27:51.123 --> 00:27:52.403 align:center
[छुन्नू]: ताज़ा है?
[सब्ज़ीवाला]: हाँ, एकदम ताज़ा।

00:27:52.523 --> 00:27:54.003 align:center
[सब्ज़ीवाला]: अभी खेत से ला रहे हैं।
[छुन्नू]: तौल के रखो। आते हैं अभी।

00:27:54.123 --> 00:27:55.163 align:center
[सब्ज़ीवाला]: हाँ, ठीक है।

00:27:58.723 --> 00:28:00.043 align:center
[छुन्नू]: आलू कैसे दे रहे हो?

00:28:00.723 --> 00:28:01.963 align:center
[आलू वाला]: ढाई रूपया किलो, भैया।

00:28:06.083 --> 00:28:07.083 align:center
कितना तौलें?

00:28:09.523 --> 00:28:10.683 align:center
अरे, बोलिए।

00:28:11.923 --> 00:28:12.963 align:center
एक किलो?

00:28:16.123 --> 00:28:18.163 align:center
[ऑफिसर 1]: छुन्नू सिंह चू**!
अब पकड़ में आया है!

00:28:18.283 --> 00:28:19.683 align:center
[छुन्नू]: तमीज़ से, ए! कहाँ लेकर जा रहे हो?
[ऑफिसर 1]: चल!

00:28:19.803 --> 00:28:21.123 align:center
[ऑफिसर 1]: चुप! चल, चल, चल!
[छुन्नू]: ए! तमीज़ से!

00:28:21.243 --> 00:28:22.643 align:center
[ऑफिसर 1]: बैठ यहाँ! बैठ! चल! सा**!
[छुन्नू]: ए!

00:28:22.763 --> 00:28:24.083 align:center
[ऑफिसर 2]: चल अंदर! चल!

00:28:24.283 --> 00:28:25.603 align:center
[ऑफिसर 1]: चल! बढ़ा गाड़ी!

00:28:25.723 --> 00:28:27.403 align:center
[ऑफिसर 1]: चल, चल, चल!
[ऑफिसर 2]: चल, चल, चल!

00:28:35.323 --> 00:28:36.403 align:center
[कट्टा]: विजय भैया!

00:28:37.363 --> 00:28:38.843 align:center
[कट्टा]: भैया!
[विजय]: क्या हुआ, कट्टा?

00:28:40.243 --> 00:28:41.803 align:center
[कट्टा]: छुन्नू को पुलिस उठा के ले गई है।

00:28:42.803 --> 00:28:44.083 align:center
[विजय]: हम अभी आ रहे हैं।
अभी आते हैं।

00:28:44.203 --> 00:28:45.923 align:center
[रोली]: नहीं, विजय।
आप कहीं नहीं जाओगे।

00:28:46.243 --> 00:28:47.803 align:center
इस समय बाहर जाना सही नहीं है।

00:28:52.283 --> 00:28:54.203 align:center
[विजय]: कट्टा,
सब को लेकर थाने जाओ।

00:28:55.043 --> 00:28:56.443 align:center
[विजय]: जाओ!
[कट्टा]: जी, भैया!

00:28:56.563 --> 00:28:57.683 align:center
[कट्टा]: चलो!

00:28:58.243 --> 00:28:59.323 align:center
बैठो!

00:28:59.763 --> 00:29:01.363 align:center
(गाड़ी स्टार्ट करने की आवाज़)

00:29:01.923 --> 00:29:06.043 align:center
(चिंताजनक पार्श्व संगीत)

