WEBVTT

00:08.723 --> 00:10.523
(मंदिर की घंटी बजाने की आवाज़)
(लोगों के बड़बड़ाने की आवाज़)

00:12.843 --> 00:14.443
[रामानंद]: उसे चोट पहुँची है,

00:15.603 --> 00:18.043
पर उस की रीढ़ की हड्डी
अभी भी बरकरार है।

00:18.723 --> 00:23.203
वाराणसी और ग़ाज़ीपुर के बीच में
उसकी एक नकली नोटों की फैक्ट्री है।

00:24.683 --> 00:28.883
माने, चार साल हो गए और हम उसे
ढूँढे जा रहे हैं, कुछ कर नहीं पा रहे हैं।

00:30.963 --> 00:33.443
वसीम की रीढ़ की हड्डी तोड़नी है।

00:35.243 --> 00:37.883
और वक़्त नहीं है
तुम्हारे पास ज़्यादा। माने...

00:38.843 --> 00:41.123
समझ रहे हो ना
कि हम क्या कह रहे हैं?

00:47.243 --> 00:48.723
[सरस्वती]: आप डोज़ का ख़याल रखिए।

00:49.683 --> 00:50.763
[डॉक्टर]: जी, मैडम।

00:51.163 --> 00:52.153
[महिला 1]: नमस्ते, मैम।
[सरस्वती]: नमस्ते।

00:52.163 --> 00:54.713
[महिला 1]: मैम, ये सब कागज़ातों पे
मुख्यमंत्री जी के हस्ताक्षर चाहिए थे।

00:54.723 --> 00:56.163
[सरस्वती]: आइए, हम करवा देते हैं।

00:59.683 --> 01:02.323
[महिला 2]: मैडम जी,
वॉर्ड नंबर 14 की जो डॉक्टर है,

01:03.523 --> 01:07.803
उनकी पहल पर हमारी निम्न जाति की बहनों को
नर्स का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

01:08.243 --> 01:11.163
अगले चुनाव में इन का वोट
फिर से हमारी ही पार्टी को जाएगा।

01:11.563 --> 01:15.243
इन्होंने थोड़ा निवेदन किया है
कि इन्हें अतिरिक्त सहायता दी जाए।

01:18.163 --> 01:20.683
[सरस्वती]: रोली राय! हूँ।

01:29.923 --> 01:32.923
[गुंडा 1]: मुज़फ्फरपुर से लेके ग़ाज़ीपुर तक का
सारा ठेका उठा रहा है वो विजय सा**!

01:33.043 --> 01:34.483
[वसीम]: नाक में दम कर रखा है सा** ने।

01:34.603 --> 01:36.203
[गुंडा 2]: भाई जान,
इस का कुछ करना पड़ेगा।

01:36.683 --> 01:37.723
[बिलाल]: भाई।
[वसीम]: हूँ?

01:38.363 --> 01:40.323
[वसीम]: निकलो अभी। बाद में बाद करते हैं।
[गुंडा 1]: जी, भाई। जी। जी।

01:40.603 --> 01:43.483
[वसीम]: आइए, आइए।
एसीपी हिमांशु मुंबई से।

01:45.363 --> 01:48.003
आप ही का तो
इंतज़ार कर रहे थे। बैठिए।

01:48.643 --> 01:49.643
[हिमांशु]: सर।

01:54.043 --> 01:56.043
बहुत किस्से सुने हैं आपकी बहादुरी के।

01:57.163 --> 01:59.963
बताइए।
क्या ख़ातिरदारी कर सकते हैं आप की?

02:00.443 --> 02:02.003
[हिमांशु]: ख़ातिरदारी कभी और करवाएँगे।

02:02.763 --> 02:04.323
फ़िलहाल आप से जानकारी चाहिए।

02:04.963 --> 02:07.083
[वसीम]: आप तो ख़ुद ही
जासूसों के कान काटते हैं।

02:07.283 --> 02:09.003
भला हम आप को
क्या ही जानकारी देंगे?

02:09.683 --> 02:11.443
ख़ैर, पूछिए।

02:12.003 --> 02:13.883
[हिमांशु]: नरौरा कांड में हाथ किस का था?

02:14.923 --> 02:18.323
[वसीम]: कुछ साल पहले पूछते,
तो हम कहते हमारा हाथ था।

02:19.883 --> 02:22.363
लेकिन क्या है
कि अब हम माननीय हो गए हैं।

02:23.003 --> 02:25.083
माननीय गृह मंत्री!

02:26.083 --> 02:27.963
अब इस कांड में
अगर हमारा नाम आया,

02:28.403 --> 02:31.363
तो हमारे साथ-साथ
पूरे प्रदेश का नाम ख़राब होगा,

02:31.923 --> 02:33.203
जो हम चाहते नहीं हैं।

02:35.723 --> 02:37.963
[हिमांशु]: एक विजय सिंह के
ज़िंदा होने की ख़बर ने

02:38.723 --> 02:40.603
आप को विचलित कर दिया है, मंत्री जी।

02:41.883 --> 02:44.683
लेकिन आप तो गृह मंत्री हैं।
माननीय गृह मंत्री!

02:45.403 --> 02:47.483
जब चाहे उसे झट से
गिरफ़तार करवा सकते हैं।

02:48.043 --> 02:49.403
तो फिर दिक़्क़त क्या है?

02:50.043 --> 02:51.363
[वसीम]: दिक़्क़त है।

02:51.643 --> 02:52.643
दिक़्क़त ये है

02:52.763 --> 02:56.003
कि कुछ कार्य हम ने
अधूरे छोड़ दिए थे मंत्री बनने से पहले।

02:57.003 --> 03:00.123
अब उन को पूरा करने जाएंगे,
तो हमें वही वसीम ख़ान बनना पड़ेगा,

03:00.403 --> 03:01.923
जो हम बनना नहीं चाहते।

03:03.643 --> 03:07.323
वैसे, सुना है कि एक तलवार लटक रही है
आप के ऊपर निलंबन की।

03:08.483 --> 03:11.123
कहीं ऐसा ना हो
कि आप यहाँ से ख़ाली हाथ जाएँ,

03:11.363 --> 03:13.283
और वो तलवार गिरे आप की गर्दन पर।

03:13.843 --> 03:17.403
[हिमांशु]: अब तलवार किस की गर्दन पे गिरती है,
ये तो वक़्त बताएगा।

03:17.683 --> 03:19.523
[वसीम]: बिलकुल सही। वक़्त बताएगा।

03:20.043 --> 03:21.483
मिल गई आप को जानकारी?

03:23.643 --> 03:24.603
[हिमांशु]: जी।

03:27.323 --> 03:28.603
अ...

03:28.883 --> 03:30.443
एक दरख़्वास्त है, मंत्री जी।

03:32.283 --> 03:34.523
आइंदा मेरी पीठ पीछे
आप के आदमी मत भेजिएगा।

03:34.803 --> 03:37.123
मुझ से जो पूछना है,
मुँह पे पूछिएगा। बता दूँगा।

03:37.723 --> 03:39.483
क्योंकि हिमांशु पटनायक जो करता है,

03:39.883 --> 03:42.163
वो बता के और जता के करता है।

03:43.003 --> 03:44.083
[वसीम]: ठीक है।

03:51.723 --> 03:56.723
(रोमांचकारी पार्श्व संगीत)
(बंदूक से गोलियाँ चलाने की आवाज़)

04:23.483 --> 04:24.883
[कट्टा]: सनकी।

04:25.803 --> 04:27.353
इसकी माँ का!
(दरवाज़ा की कुंडी बजाने की आवाज़)

04:27.363 --> 04:29.643
(दरवाज़ा खोलने की आवाज़)

04:31.523 --> 04:32.523
[सनकी की बीवी]: कौन?

04:32.843 --> 04:35.043
[कट्टा]: हम वो...
सनकी के बचपन के दोस्त हैं।

04:35.963 --> 04:37.443
[सनकी की बीवी]: उस पगले के दोस्त भी हैं?

04:37.683 --> 04:39.603
[कट्टा]: हाँ, हाँ, हम साथ में पले-बढ़े।

04:39.963 --> 04:41.603
और साथ में पढ़ाई भी किए हैं।

04:42.123 --> 04:43.803
[सनकी की बीवी]: अच्छा, अच्छा।

04:44.923 --> 04:46.083
[सनकी]: वैसे,

04:46.563 --> 04:48.323
सनकी कभी बताया नहीं
आप के बारे में।

04:50.003 --> 04:52.403
[सनकी की बीवी]: अभागिन। अर्धांगिनी हैं।

04:53.003 --> 04:56.803
[कट्टा]: अरे, सा** सनकी शादी कर लिया!
हम को पूछा तक नहीं।

04:57.203 --> 04:59.203
[सनकी की बीवी]: चाय पीएंगे क्या?
[कट्टा]: हाँ।

04:59.843 --> 05:01.523
[कट्टा]: शादी का चाय तो
हम पी ही सकते हैं।

05:02.603 --> 05:04.243
[सनकी की बीवी]: आओ। खौलाते हैं।

05:09.083 --> 05:11.643
[सनकी की बीवी]: मीठा कैसे लेंगे?
[कट्टा]: मीठा ज़्यादा लेंगे, भाभी जी।

05:11.963 --> 05:13.393
[सनकी की बीवी]: डर नहीं लगता मधुमेह से?

05:13.403 --> 05:16.243
[कट्टा]: नहीं। वो क्या है ना, जब से जीवन में
मिठास कम हुआ है ना, डर गायब हो गया है।

05:16.603 --> 05:18.523
[सनकी की बीवी]: दर्शन शास्त्री की तरह
बात करते हैं।

05:18.643 --> 05:19.763
बैठिए। आते हैं।

05:20.203 --> 05:28.163
(चिड़ियों के चहचहाने की आवाज़)
(दुविधाजनक पार्श्व संगीत)

05:53.003 --> 05:54.323
[सनकी की बीवी]: ओ, भो** वाले!

05:56.363 --> 05:57.803
टुकुर-टुकुर क्या देख रहे हो?

05:58.843 --> 06:00.843
[कट्टा]: हम तो घर देख रहे थे।

06:01.283 --> 06:02.443
बहुत सुंदर घर है।

06:03.123 --> 06:05.723
[सनकी की बीवी]: झाँ**, घर ऊपर है।
नीचे क्या कर रहा था?

06:06.043 --> 06:08.643
[कट्टा]: नहीं, वो...
नीचे की सुंदरता भी देख रहे थे।

06:11.123 --> 06:13.073
[सनकी की बीवी]: बाहर निकल! बाहर निकल, ब***द!
[कट्टा]: देखिए।

06:13.083 --> 06:14.753
[सनकी की बीवी]: निकल बाहर, भो** के!
[कट्टा]: देखिए।

06:14.763 --> 06:17.113
[सनकी की बीवी]: निकल, निकल, निकल!
[कट्टा]: भाभी जी!

06:17.123 --> 06:19.923
[सनकी की बीवी]: ब***द, अगर दिख गया ना,
तो ज़मीन में गाड़ देंगे!

06:23.003 --> 06:25.283
[डॉक्टर]: मैडम,
ये बस कहने के लिए ज़िंदा हैं।

06:25.883 --> 06:29.283
शरीर पूरी तरह से जवाब दे चुका है।
साँसें चल रही हैं केवल।

06:31.043 --> 06:32.723
[सरस्वती]: कितने दिन बचे हैं इन के पास?

06:32.883 --> 06:34.363
[डॉक्टर]: यही कोई दो से तीन दिन।

06:34.763 --> 06:37.083
(मेडिकल उपकरण की आवाज़)

06:42.083 --> 06:43.883
[सरस्वती]: इन का पोस्टमॉर्टम
नहीं होना चाहिए।

06:44.483 --> 06:46.603
[डॉक्टर]: ठीक है, मैडम। नहीं होगा।

06:47.323 --> 06:49.243
[डॉक्टर]: हम सब संभाल लेंगे।
[सरस्वती]: हूँ।

06:50.163 --> 06:52.243
(मेडिकल उपकरण की आवाज़)
(दुखद पार्श्व संगीत)

06:56.563 --> 06:58.523
(मंत्री की गाड़ी के साइरन की आवाज़)
(गाड़ी के चलने की आवाज़)

07:07.323 --> 07:08.403
[सरस्वती]: गाड़ी रोको।

07:18.163 --> 07:19.283
आइए अंदर।

07:20.003 --> 07:20.963
चलो।

07:21.563 --> 07:25.523
(गाड़ी के चलने की आवाज़)

07:26.883 --> 07:29.043
[सरस्वती]: हम से मिलने के लिए
क्यों छटपटा रहे थे?

07:30.243 --> 07:31.643
[सनकी]: चुनाव लड़ना चाहते हैं।

07:32.603 --> 07:34.723
विधायक बनना चाहते हैं, चुनाव में...

07:35.243 --> 07:36.883
मंत्री बन जाना चाहते हैं।

07:37.643 --> 07:39.923
[सरस्वती]: हमारे लोकतंत्र की
यही तो ख़ासीयत है।

07:40.603 --> 07:43.843
कोई भी चू** चुनाव लड़ सकता है,
विधायक बन सकता है।

07:45.443 --> 07:46.803
तुम्हें नहीं कह रहे हैं।

07:48.363 --> 07:49.603
तुम लड़ो चुनाव।

07:51.243 --> 07:53.963
लेकिन... हमें क्या मिलेगा?

07:55.083 --> 07:56.243
[सनकी]: पैसे देंगे,

07:56.803 --> 07:58.163
जैसे बाक़ी सब देते हैं।

07:59.643 --> 08:01.843
[सरस्वती]: चुनाव लड़ने में
लाखों का ख़र्चा होता है।

08:02.923 --> 08:04.363
कहाँ से लाओगे इतना पैसा?

08:04.843 --> 08:06.443
[सनकी]: हमारी शक्ल पे मत जाइए।

08:06.923 --> 08:09.203
पैसे बहुत हैं हमारे पास,
पर हम दिखाते नहीं हैं।

08:09.803 --> 08:12.203
थोड़ा लो प्रोफाइल रखते हैं।

08:13.563 --> 08:15.563
[सरस्वती]: हमें तुम से पैसा नहीं,
कुछ और चाहिए।

08:15.843 --> 08:18.033
[सनकी]: अरे, आप को जो भी चाहिए,
हम आप को दे देंगे।

08:18.043 --> 08:20.323
लेकिन हमें आप की
पार्टी से टिकट चाहिए।

08:21.043 --> 08:23.763
वो क्या है ना कि हम अगर
आप की पार्टी से चुनाव लड़ेंगे,

08:23.883 --> 08:25.603
तो ताल ठोक कर जीतेंगे।

08:29.603 --> 08:30.763
[सरस्वती]: दिलवाएँगे।

08:32.043 --> 08:33.443
दिलवाएँगे तुम्हें टिकट।

08:34.283 --> 08:35.283
[सनकी]: पक्का?

08:36.243 --> 08:37.443
[सरस्वती]: हूँ।

08:40.803 --> 08:42.483
[सनकी]: अरे, धन्यवाद, मैडम जी।

08:44.203 --> 08:45.363
हम जानते थे

08:45.963 --> 08:48.113
कि इतनी बड़ी पार्टी का
साम्राज्य जो संभालती हैं,

08:48.123 --> 08:49.723
वो हमें टिकट ज़रूर देंगी।

08:51.403 --> 08:53.363
अरे, आप का दिल नहीं, दरिया है।

08:54.363 --> 08:56.243
खुल के बोलिए,
आप को क्या चाहिए। बोलिए।

08:57.563 --> 08:59.083
[सरस्वती]: समय आने पर बताएँगे।

08:59.963 --> 09:03.523
[सनकी]: ठीक है। तब हम सर के बल आके
आप के सामने खड़े हो जाएंगे।

09:05.043 --> 09:07.483
एक मुख्य बात
हम आप से पूछना ही भूल गए।

09:08.763 --> 09:10.643
हम जब विधायक बन जाएंगे,
तो हमें वो

09:10.843 --> 09:12.443
हेलिकॉप्टर मिल जाएगा ना?

09:14.003 --> 09:15.323
[सरस्वती]: हेलिकॉप्टर क्यों?

09:18.483 --> 09:19.763
[सनकी]: वैसे तो, ज़ाती बात है।

09:21.163 --> 09:25.523
लेकिन बस आप इतना समझ लीजिए
कि जब इंसान आसमान की तरफ़ देख के थूकता है ना,

09:26.123 --> 09:28.483
तो थूक पलट कर
उस के चेहरे पर ही गिरता है।

09:29.803 --> 09:32.003
लेकिन जब आसमान से थूकता है...

09:38.643 --> 09:40.563
[सरस्वती]: इतने सपने एक साथ देखोगे,

09:40.963 --> 09:42.523
तो आँखें चौंधिया जाएंगी।

09:43.443 --> 09:44.683
पहला लक्ष्य...

09:45.363 --> 09:47.723
[सरस्वती]: चुनाव जीतना बनाओ।
[सनकी]: हूँ।

09:48.163 --> 09:49.763
[सरस्वती]: लेकिन जीतने से पहले

09:50.483 --> 09:51.643
हमारा काम।

09:52.443 --> 09:53.563
[सनकी]: हो जाएगा।

09:54.523 --> 09:55.923
[सनकी]: अब हम चलते हैं।
[सरस्वती]: हूँ।

09:56.603 --> 09:58.043
हूँ।

10:09.083 --> 10:11.963
(बाज़ार में लोगों के बड़ाबड़ाने की आवाज़)

10:53.483 --> 10:54.483
[गुंडा 3]: सलाम, भाई।

10:58.083 --> 10:59.243
[भाई]: आ गए लाट साहब।

10:59.643 --> 11:01.163
अरे, कितना समय लगाते हो?

11:01.523 --> 11:03.523
[बिलाल]: अपनी होने वाली भाभी की ले रहे थे।

11:03.683 --> 11:04.603
चलो!

11:07.363 --> 11:09.203
(चाकू पर धार लगाने वाली मशीन की आवाज़)

11:11.363 --> 11:12.443
[बिलाल]: ए, सत्तार!

11:14.243 --> 11:15.603
ये पैसे सब जल्दी-जल्दी निकालो।

11:15.723 --> 11:16.753
रखवाओ अंदर।

11:16.763 --> 11:18.603
फ़टाफ़ट! सब का सब।

11:23.523 --> 11:25.073
[बिलाल]: उठाओ, उठाओ, उठाओ!
[सत्तार]: जल्दी, जल्दी। लेके जा।

11:25.083 --> 11:26.363
[सत्तार]: अरे, उठा इधर। हाँ।

11:27.523 --> 11:29.713
[भाई 1]: भाई, थोड़ा जल्दी...
[बिलाल]: इधर, इधर। हाँ, इधर से आ।

11:29.723 --> 11:31.443
[भाई 1]: हाँ, ध्यान से। संभाल के।

11:33.843 --> 11:36.283
हाँ, लगाओ, लगाओ, लगाओ।
फ़टाफ़ट, फ़टाफ़ट। जल्दी, जल्दी।

11:47.043 --> 11:48.603
संभाल के। संभाल के।

11:49.323 --> 11:52.233
असली-नकली एक हो गया ना,
तो तुम्हारा पसली-पसली अलग हो जाएगा।

11:52.243 --> 11:54.643
[बिलाल]: जिस दिन भाई जान को
ख़बर हुई ना असली-नकली की,

11:54.923 --> 11:57.523
भो** के तुम्हारा क्या-क्या अलग हो जाएगा,
तुम को आइडिया नहीं है।

11:58.843 --> 12:00.523
[भाई 1]: अपने काम से काम रख। समझा?

12:01.483 --> 12:02.763
[बिलाल]: मा***द।

12:03.123 --> 12:06.833
[सरस्वती]: ये जो वार्ड नंबर 14 में डॉक्टर है,
जो ये नर्सों को प्रशिक्षण वगैरह देती है,

12:06.843 --> 12:08.033
क्या नाम है उस का?

12:08.043 --> 12:09.723
[महिला 1]: डॉक्टर रोली राय।
[सरस्वती]: हूँ।

12:10.163 --> 12:11.443
[सरस्वती]: रोली राय।

12:11.643 --> 12:13.643
[सरस्वती]: अच्छा काम कर रही है।
[महिला 1]: जी, मैम।

12:13.843 --> 12:15.963
[सरस्वती]: हम सोच रहे हैं,
क्यों ना उसे सम्मानित किया जाए?

12:16.203 --> 12:19.443
[महिला 1]: अच्छा विचार है।
बड़ी प्रतिभाशाली लड़की है। [सरस्वती]: हूँ।

12:20.283 --> 12:23.323
[सरस्वती]: तो उस के साथ मीटिंग फिक्स करवाइए।
[महिला 1]: जी, मैडम। करवाते हैं।

12:23.763 --> 12:27.353
[सरस्वती]: ये... गोबर की बदबू
आ रही है। है ना?

12:27.363 --> 12:29.003
[महिला 1]: सदानंद जी आए हैं।

12:29.443 --> 12:31.443
[सरस्वती]: हूँ। दुर्गंध का स्रोत मिल गया।

12:32.603 --> 12:33.633
नमस्ते।

12:33.643 --> 12:35.843
[सरस्वती]: तो आप मीटिंग फिक्स करवाइए।
[महिला 1]: जी, मैडम।

12:35.963 --> 12:37.323
[महिला 1]: आप निश्चिंत रहिये।

12:37.563 --> 12:38.923
[महिला 1]: नमस्ते।
[महिला 2]: नमस्ते।

12:40.163 --> 12:41.243
[सदानंद]: नमस्ते।
[महिला 2]: नमस्ते।

12:42.803 --> 12:44.363
[सदानंद]: नमस्ते, जी।
[महिला 3]: नमस्ते।

12:44.603 --> 12:46.043
[सरस्वती]: आइए। बैठिए।
[सदानंद]: जी।

12:52.723 --> 12:55.923
[सदानंद]: मैडम,
आप रोली से मिलना चाहती हैं?

12:56.443 --> 12:58.003
[सरस्वती]: काम तो आप से कुछ होता नहीं,

12:58.683 --> 13:00.123
हर जगह कान लगाए रखते हैं।

13:00.923 --> 13:02.043
[सदानंद]: मैडम,

13:02.883 --> 13:04.483
काम तो हम ही आएँगे।

13:04.803 --> 13:06.683
विजय सिंह से हम ही मिलवाएंगे आप को।

13:07.323 --> 13:10.603
ये रोली से तो यूँ मिलवा दें
चुटकी बजा के गौ माता के आशीर्वाद से।

13:11.203 --> 13:12.363
लेकिन वो...

13:13.043 --> 13:16.723
विजय सिंह से मिलवाने में
थोड़ा समय लगेगा।

13:17.683 --> 13:19.683
[सरस्वती]: 2025 तक तो मिलवा पाएंगे ना?

13:20.163 --> 13:21.563
इतना समय काफ़ी है?

13:23.083 --> 13:25.123
तब तक हम रोली से ही
मुलाक़ात कर लेते हैं।

13:26.083 --> 13:27.203
[सदानंद]: मैडम जी,

13:28.283 --> 13:29.683
काम बिगड़ सकता है।

13:30.163 --> 13:32.643
देखिए,
वो भाई साहब की चहेती है।

13:33.323 --> 13:35.443
बता सकती है।
सोच लीजिए आप।

13:35.883 --> 13:37.003
[सरस्वती]: वाह!

13:37.763 --> 13:39.083
क्या जानकारी दी है!

13:39.683 --> 13:41.003
आँखें खोल दी हमारी।

13:41.363 --> 13:42.803
अगर कुछ करना है,

13:43.443 --> 13:45.283
तो विजय सिंह से मुलाकात करवाइए।

13:46.043 --> 13:48.763
ये फ़ालतू का ज्ञान मत दीजिए हमें।
समझे?

13:50.603 --> 13:53.163
[सदानंद]: मैडम, वो...
कोशिश तो कर रहे हैं।

13:58.203 --> 14:00.233
[केशव]: क्या, बाबू जी?
अंदर बिजली-विजली नहीं है क्या?

14:00.243 --> 14:01.473
[अधिकारी 1]: है। क्यों नहीं?

14:01.483 --> 14:03.793
एक कमरे की बिजली जलाओ,
तो दूसरा जल जाता है।

14:03.803 --> 14:05.283
सरकारी विभाग है, भाई।

14:06.403 --> 14:09.163
वैसे भी, लाइट है नहीं,
तो बिजली आएगी कहाँ से?

14:09.363 --> 14:12.203
[केशव]: अच्छा! ये बात है।

14:14.003 --> 14:15.283
(दरवाज़ा खोलने की आवाज़)

14:19.763 --> 14:21.443
[केशव]: गाँधी जी की बात नहीं सुने हो क्या?

14:21.603 --> 14:23.753
स्वच्छता में ही ईश्वर का वास होता है।
कितना गंदा है!

14:23.763 --> 14:25.323
[अधिकारी 1]: ये स्वच्छ ही है, भैया।

14:25.483 --> 14:27.563
इस के पहले तो
यहाँ आना ही मुश्किल था।

14:29.563 --> 14:31.323
ये रही विजय सिंह की फ़ाइल।

14:32.083 --> 14:34.443
[केशव]: अबे, अंधे हो क्या?
इस पे तो बेचन सिंह लिखा है।

14:35.043 --> 14:38.003
[अधिकारी 1]: रिश्वत देकर नौकरी लिए हो
या पढ़ाई करके?

14:38.123 --> 14:39.993
पुलिस वाले होकर
इतना भी नहीं जानते।

14:40.003 --> 14:42.723
कोई भी बाहुबली
ख़ुद के नाम पे ठेके नहीं उठाता है।

14:43.243 --> 14:45.073
बेचन सिंह विजय का चाचा था।

14:45.083 --> 14:47.003
सारे ठेके उसी के नाम पर थे।

14:47.123 --> 14:49.953
ख़ैर, अब तो सब पर
वसीम और बिलाल का कब्ज़ा है।

14:49.963 --> 14:51.043
[हिमांशु]: और ये?

14:51.803 --> 14:53.403
इस फ़ाइल पे रामानंद राय लिखा है।

14:54.083 --> 14:55.523
ये किस के नाम के लिए ठेके लेते थे?

14:55.683 --> 14:57.523
[अधिकारी 1]: सर,
इस बारे में हम को नहीं पता।

14:57.723 --> 14:58.803
[हिमांशु]: आप को नहीं पता?

14:59.483 --> 15:01.113
ये विभाग आप का है।
ज़िम्मेदारी आप की है।

15:01.123 --> 15:04.033
कौन सी फ़ाइल पे किस का नाम है, कौन किस के लिए
ठेके उठाता है, आप को पता होना चाहिए।

15:04.043 --> 15:06.153
और रामानंद राय किस के लिए ठेके उठाता है,
आप को नहीं पता?

15:06.163 --> 15:08.883
[अधिकारी 1]: सर, हम सच कह रहे हैं।
इस बारे में हम को कुछ नहीं पता।

15:09.643 --> 15:11.763
[हिमांशु]: ठीक है। आप को ये तो पता है ना
कि आप किस के नीचे काम करते हैं?

15:11.883 --> 15:13.643
[अधिकारी 1]: बड़े बाबू दीनानाथ जी।

15:13.883 --> 15:16.243
[हिमांशु]: वो कहाँ हैं?
[अधिकारी 1]: वो अब सेवामुक्त हो गए, सर।

15:16.643 --> 15:17.593
[हिमांशु]: और कहाँ रहते हैं?

15:17.603 --> 15:19.643
[अधिकारी 1]: जी, उन का घर हम को नहीं पता।
[हिमांशु]: नहीं पता!

15:19.923 --> 15:21.243
[हिमांशु]: अजीब सी बात है ना, केशव?

15:21.563 --> 15:22.723
आप को कुछ नहीं पता!

15:22.963 --> 15:25.243
रामानंद राय किस के लिए ठेके लेता था,
आप को नहीं पता।

15:25.363 --> 15:26.833
आप के बड़े बाबू कहाँ रहते हैं,
आप को नहीं पता।

15:26.843 --> 15:29.163
एक ही विभाग में काम करते हो।
आप सच कह रहे हो हम से?

15:29.363 --> 15:31.803
[अधिकारी 1]: हम सच कह रहे हैं, सर।
हम को इस बारे में कुछ नहीं पता।

15:33.643 --> 15:35.563
[केशव]: देखो, साहब को सच-सच बता दो।

15:37.963 --> 15:38.833
[अधिकारी 1]: सर, हम सच कह रहे हैं।

15:38.843 --> 15:42.123
आप लोग के सामने हम झूठ कैसे बोलेंगे,
पुलिस वालों के सामने?

15:45.483 --> 15:46.443
[हिमांशु]: ठीक है।

15:53.483 --> 15:55.643
(पक्षियों की चहचाहट की आवाज़)

15:56.043 --> 15:56.963
(मंत्रियों के हँसने की आवाज़)

15:57.163 --> 15:58.353
[ठाकुर]: चले गए क्या मुख्यमंत्री जी?

15:58.363 --> 16:00.553
[श्रीवास्तव]: अरे! बस,
गया ही समझिए। और क्या?

16:00.563 --> 16:01.963
[रामानंद का पीए]: आइए, सर। सर, आइए।

16:03.483 --> 16:04.553
[ठाकुर]: अरे, राय साहब!

16:04.563 --> 16:05.833
[मंत्री 1]: राय साहब, प्रणाम।
[मंत्री 2]: राय साहब, प्रणाम।

16:05.843 --> 16:07.443
[रामानंद]: प्रणाम।
[मंत्री 3]: प्रणाम।

16:07.843 --> 16:09.243
[मंत्री 4]: राय साहब, प्रणाम।
[रामानंद]: प्रणाम।

16:09.403 --> 16:11.203
[रामानंद]: आप सब को हमारा नमस्कार।

16:12.803 --> 16:14.763
विमर्श शुरू करने से पहले

16:15.603 --> 16:18.843
आइए मुख्यमंत्री जी की
दीर्घायु के लिए प्रार्थना कर लेते हैं।

16:27.323 --> 16:30.403
भगवान हम सब की प्रार्थना को सुन ले

16:30.803 --> 16:33.443
और मुख्यमंत्री जी को जल्द से जल्द

16:33.723 --> 16:34.843
स्वस्थ कर दे।

16:36.283 --> 16:37.323
बैठिए।

16:41.243 --> 16:42.403
लेकिन...

16:43.283 --> 16:45.483
राम ना करे अगर उन्हें कुछ हो जाए,

16:46.163 --> 16:50.443
तब भी पार्टी उन के आदर्शों पर चल के

16:50.563 --> 16:53.923
राज्य की जनता की सेवा करती रहेगी।

16:55.363 --> 16:57.163
हम ने उन्हें वचन दिया है।

16:57.843 --> 16:59.243
उन के बाद भी

16:59.403 --> 17:03.003
हम अपने काँधे पर
पार्टी को आगे ले जाएंगे।

17:05.323 --> 17:09.043
हमें पूर्ण विश्वास है
कि आप सब का समर्थन हमें मिलेगा।

17:09.203 --> 17:10.353
[ठाकुर]: बिलकुल, राय साहब।
[श्रीवास्तव]: अवश्य मिलेगा।

17:10.363 --> 17:11.873
[ठाकुर]: हम सब आप के साथ हैं, राय साहब।
[श्रीवास्तव]: बिलकुल मिलेगा।

17:11.883 --> 17:13.923
[मंत्री 1]: राय साहब, हम सब आप के साथ हैं।
[रामानंद]: धन्यवाद।

17:14.323 --> 17:15.673
[मंत्री 1]: आप ही तो हमारे नेता हैं।

17:15.683 --> 17:19.043
[ठाकुर]: लेकिन राय साहब,
हम सब का समर्थन तो आप के साथ है।

17:20.083 --> 17:24.003
लेकिन बहुमत के लिए ये वसीम के
12 एमएलए की भी आवश्यकता पड़ेगी।

17:24.323 --> 17:25.923
[श्रीवास्तव]: बिलकुल सही कह रहे हैं ये।

17:26.403 --> 17:29.643
बहुमत के अभाव में
राज्यपाल शासन लग जाएगा।

17:29.803 --> 17:33.443
और उधर सरस्वती देवी, सीएम के सपने को
आगे बढ़ाने के लिए लालायित हैं।

17:33.923 --> 17:37.083
आजकल तो वसीम से गुपचुप तरीक़े से
उनका मिलना भी चल रहा है।

17:39.323 --> 17:41.763
[रामानंद]: आप को बता दें
कि जो सब करना पड़ेगा,

17:42.643 --> 17:43.883
हम करेंगे।

17:44.483 --> 17:46.763
आज मैं मुख्यमंत्री जी से मिलने जा रहा हूँ।

17:48.403 --> 17:50.843
और सारे मुद्दों को
मैं साफ़ करवा दूँगा।

17:51.083 --> 17:53.083
[श्रीवास्तव]: जी, बहुत अच्छे।
[ठाकुर]: जी, राय साहब। यही अच्छा रहेगा।

17:53.283 --> 17:56.283
[मंत्री 1]: रामानंद राय की...
[सभी मंत्री]: जय! (चिल्लाते हुए)

17:56.403 --> 17:57.923
(दरवाज़े की कुंडी खोलने की आवाज़)

17:59.523 --> 18:01.043
(दरवाज़ा खोलने की आवाज़)

18:13.243 --> 18:14.273
[सनकी]: हूँ?

18:14.283 --> 18:15.523
कैसे लग रहे हैं?

18:17.483 --> 18:18.633
विधायक बनने वाले हैं हम।

18:18.643 --> 18:20.083
और बहुत जल्द मुख्यमंत्री।

18:20.443 --> 18:23.483
अपनी अक्ल दौड़ाओ और ये सोचो
कि अगर तुम हमारे साथ होती,

18:24.763 --> 18:27.003
तो आज तुम भी विधायकन कहलाती।

18:27.363 --> 18:28.883
कितना भौकाल होता तुम्हारा।

18:30.803 --> 18:33.123
पर तुम ने तो ख़ुद ही
अपनी क़िस्मत को मतलब...

18:34.323 --> 18:35.683
तुम तो बस दिन गिनो

18:35.923 --> 18:38.963
कि यहाँ हमारे मन से
तुम्हारे लिए प्यार ख़त्म हुआ नहीं

18:39.083 --> 18:40.723
और वहाँ तुम्हारी जान गई नहीं।

18:42.763 --> 18:43.843
ऊ हूँ!

18:44.523 --> 18:45.563
हूँ!

18:46.563 --> 18:47.603
करो आ!

18:50.123 --> 18:51.363
चलो, ये लो।

18:54.763 --> 18:55.753
अरे, यार।

18:55.763 --> 18:56.753
ये ना!

18:56.763 --> 18:57.963
चलो। बोलो आ।

18:59.683 --> 19:00.723
खाओ!

19:00.963 --> 19:01.923
भाग सा**!

19:02.923 --> 19:03.923
मत खाओ!

19:04.323 --> 19:06.803
अरे, प्यार करते हैं तुम से हम, छि**!

19:07.563 --> 19:08.643
मरो!

19:08.843 --> 19:10.403
ख़राब कर रखी है दिमाग़!

19:12.123 --> 19:13.483
(दरवाज़े की कुंडी खोलने की आवाज़)

19:16.283 --> 19:18.843
[महिला 1]: मैडम, रोली जी आई हैं।
[सरस्वती]: हूँ? हाँ, भेजो।

19:19.043 --> 19:19.963
[महिला 1]: जी।

19:22.443 --> 19:24.363
[रोली]: नमस्ते, मैडम।
[सरस्वती]: नमस्ते। बैठो।

19:27.043 --> 19:29.523
[सरस्वती]: क्या लोगी?
[रोली]: जी, धन्यवाद। कुछ नहीं।

19:31.403 --> 19:33.163
[सरस्वती]: बहुत तारीफ़ हो रही है
तुम्हारे काम की।

19:33.283 --> 19:34.363
(रोली के मुस्कुराने की आवाज़)

19:34.843 --> 19:36.683
[रोली]: जी,
बस छोटी सी एक पहल की है।

19:37.563 --> 19:41.003
[सरस्वती]: हज़ार मील की यात्रा
एक छोटे क़दम से शुरू होती है।

19:41.603 --> 19:44.563
और तुम्हारी ये पहल
तुम्हें बहुत दूर ले जाएगी।

19:46.323 --> 19:48.603
तुम्हें नहीं पता
कि तुम्हारा ये छोटा सा क़दम,

19:48.803 --> 19:52.203
हमारी कितनी निम्न जाती की
महिलाओं के लिए कितनी बड़ी चीज़ है।

19:53.443 --> 19:54.843
और ये सब एक दिन

19:55.123 --> 19:57.443
तुम्हारे कारण अपने पैरों पर
खड़ी हो सकेंगी।

19:58.963 --> 20:01.683
[रोली]: जी, समाज के लिए
कुछ अच्छा करने की इच्छा रखते हैं।

20:04.883 --> 20:07.203
[सरस्वती]: एक बात पूछें?
[रोली]: जी, पूछिए ना।

20:07.843 --> 20:09.043
[सरस्वती]: सच बताओगी?

20:13.523 --> 20:14.883
विजय सिंह कहाँ है?

20:15.843 --> 20:17.523
[रोली]: विजय की मृत्यु हो चुकी है।

20:19.923 --> 20:21.043
[सरस्वती]: अच्छा?

20:23.043 --> 20:25.483
फिर तुम ने अपने पाँव में
बिछिया क्यों पहनी है?

20:33.723 --> 20:34.843
(दरवाज़ा खटखटाने की आवाज़)

20:35.123 --> 20:37.923
[सनकी की बीवी]: अरे, हाँ, हाँ! आ रहे हैं,
मा***द! अब क्या गाँ** में घुसोगे?

20:38.243 --> 20:40.843
[सनकी]: अरे, यार! तुम्हारा ये
भजन-कीर्तन क्यों शुरू हो जाता है?

20:40.963 --> 20:43.243
[सनकी]: चाय पिलाओ। चलो। थक गए हैं।
[सनकी की बीवी]: क्यों? चाय क्यों पिलायें?

20:43.363 --> 20:44.603
[सनकी की बीवी]: दुनिया का ठेका ले रखा है?

20:44.763 --> 20:47.163
अभी पहले तुम्हारी दोस्त की
ख़ातिरदारी की और अब तुम्हारी करें?

20:47.883 --> 20:49.123
[सनकी]: हमारा कौन सा दोस्त?

20:49.283 --> 20:52.163
[सनकी की बीवी]: तुम्हारा दोस्त!
लंगोटिया यार। ज़िंदगी की पढ़ाई की है।

20:52.483 --> 20:53.923
तुम ने कौन सी पढ़ाई कर ली है?

20:54.963 --> 20:56.273
[सनकी]: अरे, हम ने ज़िंदगी भर
कोई पढ़ाई नहीं की है।

20:56.283 --> 20:58.643
हमारे साथ ज़िंदगी की
पढ़ाई करने वाला कौन पैदा हो गया?

20:58.803 --> 21:00.723
[सनकी की बीवी]: इसीलिए!
इसलिए हम को शक हुआ!

21:01.043 --> 21:02.723
दौड़ा-दौड़ा के मारे हैं सा** को!

21:03.203 --> 21:04.123
[सनकी]: क्या कह रहा था?

21:04.403 --> 21:06.083
[सनकी की बीवी]: कुछ नहीं।
कह रहा था तुम्हारा दोस्त है।

21:06.203 --> 21:07.833
हम को भाभी बोले,
तो हम बोले, अंदर आ जाओ।

21:07.843 --> 21:10.193
[सनकी]: अरे, यार! तुम ऐसे कैसे
किसी को भी अंदर ले लेती हो?

21:10.203 --> 21:12.513
[राहुल]: दीदी, थोड़ा दाल दो ना।
[सनकी की बीवी]: हाँ, आये।

21:12.523 --> 21:14.193
[सनकी]: भो** का! मा***द!
[सनकी की बीवी]: देखो, देखो...

21:14.203 --> 21:15.393
[सनकी]: अरे, पीछे हटो तुम।

21:15.403 --> 21:17.633
[सनकी]: उठ, भो** के! उठ!
[सनकी की बीवी]: देखो...

21:17.643 --> 21:19.473
[राहुल]: अरे, खाना तो खा लेने दीजिए, महाराज।
[सनकी]: अच्छा, खाना खाने दें तुम्हें?

21:19.483 --> 21:20.843
[सनकी की बीवी]: खाना खाते समय
टोकना नहीं! हाँ!

21:20.963 --> 21:22.313
[सनकी]: हाँ! इसे ना टोकें? हाँ?
[सनकी की बीवी]: हाँ।

21:22.323 --> 21:23.993
[सनकी]: हम दाढ़ी बनाने गए थे! उठ!
[सनकी की बीवी]: देखो...

21:24.003 --> 21:27.153
[सनकी की बीवी]: देखो... देखो, आख़िरी बार बोल
रहे हैं। [सनकी]: उठ, मा***द! चल! चल, भो** के!

21:27.163 --> 21:28.113
[सनकी]: चल, मा***द!
[राहुल]: सुनो, सुनो, सुनो!

21:28.123 --> 21:29.993
[राहुल]: विजय सिंह का भाई
छुन्नू तुमसे मिलना चाहता है।

21:30.003 --> 21:31.843
[सनकी]: सा**, तुम विजय सिंह से
मिल कर आए हो!

21:31.963 --> 21:34.033
[राहुल]: अरे, हम मिल के नहीं आये हैं।
बुलाए थे वो। [सनकी]: मा***द!

21:34.043 --> 21:35.483
[राहुल]: इज़्ज़त से।
[सनकी]: अच्छा? और?

21:35.603 --> 21:37.393
[राहुल]: वो तुम से हाथ मिलाना चाहते हैं।
[सनकी]: और? और?

21:37.403 --> 21:39.603
[राहुल]: वसीम ख़ान उन का भी
दुश्मन है और तुम्हारा भी।

21:39.723 --> 21:41.353
[सनकी]: अच्छा?
[राहुल]: हाथ मिला लो, जीजा।

21:41.363 --> 21:43.273
[सनकी]: हाँ?
[राहुल]: ताक़त दोगुनी हो जाएगी।

21:43.283 --> 21:45.593
[राहुल]: ये चुनाव में ना टॉनिक का काम करेगा।
[सनकी]: हाँ, हाँ।

21:45.603 --> 21:47.683
[सनकी की बीवी]: हाँ, हाँ। सही बोल रहा है ये।
[सनकी]: चुप बैठो!

21:48.603 --> 21:49.953
[सनकी]: ज़्यादा ज्ञान-बुद्धि लगा रहे हो,
हाँ तुम!

21:49.963 --> 21:51.273
[राहुल]: अरे,
ज्ञान-बुद्धि इस बार सही चला रहे हैं।

21:51.283 --> 21:53.523
[राहुल]: कि एक बार बस तुम विधायक बन जाओ!
[सनकी]: अच्छा!

21:53.643 --> 21:56.393
[राहुल]: फिर पूर्वांचल की माँ-बहन एक करेंगे
साला-बहनोई मिल के। समझे?

21:56.403 --> 21:59.763
[सनकी]: अरे, तुम्हारी माँ का चो**!
भो** के! मा***द! [सनकी की बीवी]: अबे!

22:03.123 --> 22:05.283
[सनकी]: विजय सिंह था वहाँ पर?
[राहुल]: नहीं था।

22:05.843 --> 22:08.163
[सनकी]: तो और कौन था?
[राहुल]: छुन्नू था, कट्टा था।

22:09.123 --> 22:11.843
[सनकी]: और कौन था उधर?
[राहुल]: था कोई ड्राइवर-वाइवर!

22:15.283 --> 22:16.363
(सनकी के हँसने की आवाज़)

22:19.683 --> 22:20.643
[सनकी]: ये!

22:21.523 --> 22:24.363
ये चू** भाई तुम्हारा, साला हमारा।

22:26.203 --> 22:27.913
उस विजय की ना गाँ** में दम नहीं है

22:27.923 --> 22:30.283
कि सनकी पांडे के
सामने आके खड़ा हो जाए।

22:31.043 --> 22:33.443
तुम्हारे जैसे झाँ** भर के
आदमी से ही मिलेगा जाकर वो।

22:34.003 --> 22:35.163
जानते हो क्यों?

22:35.683 --> 22:38.123
क्योंकि उस की गाँ** में ना
बम डाले थे हम।

22:39.803 --> 22:42.963
अब जाके बोल देना
उस विजय के झाँ** को

22:44.523 --> 22:47.643
कि वसीम ख़ान की गाँ** में
चारपाई बिछाने के काम के लिए ना,

22:47.883 --> 22:50.203
सनकी पांडे अकेला ही काफ़ी है। समझे?

22:50.883 --> 22:53.203
चलो, कबूतर।
फुर्र उड़ो यहाँ से। चलो!

22:53.603 --> 22:54.993
निकल, भो** के! चल!
(चिल्लाते हुए)

22:55.003 --> 22:56.643
[राहुल]: दीदी,
हम दोबारा आएँगे खाना खाने।

22:56.763 --> 22:58.123
[सनकी की बीवी]: हाँ, हाँ, हाँ, बाबू।

22:58.403 --> 23:01.003
[सनकी]: हाँ, घर का सारा राशन
खिला दो इस चू** को तुम!

23:02.963 --> 23:04.443
चू** भाई!

23:06.843 --> 23:09.483
[सरस्वती की पीए]: मैडम जी,
मुख्यमंत्री आवास से फ़ोन है। [सरस्वती]: हूँ।

23:10.123 --> 23:11.323
[सरस्वती]: हूँ।

23:12.283 --> 23:13.843
[सरस्वती]: हेलो।
[डॉक्टर]: हाँ, नमस्ते, मैडम।

23:14.363 --> 23:16.203
[डॉक्टर]: मैडम,
मुख्यमंत्री जी स्वर्गवासी हो गए।

23:20.243 --> 23:21.363
[सरस्वती]: हम आते हैं।

23:21.963 --> 23:24.043
लेकिन ये बात किसी को
पता नहीं चलनी चाहिए।

23:24.483 --> 23:26.243
[सरस्वती]: हवा को भी नहीं।
[डॉक्टर]: ठीक है, मैम।

23:32.963 --> 23:34.323
[रामानंद]: सब मीटिंग को रद्द कर देना।

23:34.443 --> 23:35.913
कोई फ़ोन करे, तो कहना
कि हम बाद में बात करेंगे।

23:35.923 --> 23:38.033
[रामानंद का पीए]: जी।
[सदानंद]: भाई साहब, आप तनाव में लग रहे हैं।

23:38.043 --> 23:39.033
[सदानंद]: कहाँ जा रहे हैं?

23:39.043 --> 23:41.153
[रामानंद]: भाड़ में जा रहे हैं।
साथ चलोगे?

23:41.163 --> 23:42.353
[रामानंद]: वो पौधे के...
[रोली]: बड़े चाचा!

23:42.363 --> 23:43.353
[रामानंद]: कुछ भी...

23:43.363 --> 23:46.003
[रोली]: बड़े चाचा, कुछ बात करना था।
[रामानंद]: अरे, रोली, बहुत जल्दी में हैं।

23:46.163 --> 23:47.473
[रामानंद]: माने, कुछ ज़रूरी बात है?

23:47.483 --> 23:49.273
[रोली]: बहुत ज़रूरी बात है।
[रामानंद]: चलो, गाड़ी में बैठो।

23:49.283 --> 23:50.273
[रोली]: जी।
[रामानंद]: रास्ते में बात करते हैं।

23:50.283 --> 23:52.273
[सदानंद]: शीशा कितना गंदा है।
सब फाँकी मारते हैं।

23:52.283 --> 23:54.163
[रामानंद]: अब मुख्यमंत्री
तुम्हारा इंतज़ार करेंगे क्या?

23:54.723 --> 23:56.873
[रामानंद]: ऊपर भी पूरा फैला रखा है तुम ने!
[सदानंद]: जी। (गाड़ी का दरवाज़ा खोलने की आवाज़)

23:56.883 --> 23:59.243
[रामानंद]: हटो सामने से!
आज... दिमाग़ ख़राब कर दिया है।

23:59.763 --> 24:00.553
[रामानंद]: सुबह-शाम...
[ड्राइवर]: चलो, बैठो।

24:00.563 --> 24:02.243
[रामानंद का पीए]: चलो, चलो।
[रामानंद]: जल्दी चलो। चलिए।

24:11.643 --> 24:14.563
[सरस्वती]: मुख्यमंत्री जी का स्वास्थ्य
ख़राब होने के कारण थोड़ा विलंब हो रहा है।

24:14.843 --> 24:17.153
[सरस्वती]: लेकिन आप लोग फ़िक्र मत...
[महिला 1]: मैडम जी, सदानंद जी का फ़ोन है।

24:17.163 --> 24:18.073
[सरस्वती]: हूँ।

24:18.083 --> 24:20.243
[सरस्वती]: हम करते हैं बाद में बात। हाँ।
[महिला 3]: जी, मैडम जी।

24:21.083 --> 24:22.403
[सरस्वती]: हेलो।
[सदानंद]: मैडम।

24:22.843 --> 24:24.883
[सदानंद]: हाँ, भाई साहब निकल गए हैं
बंसीराम जी से मिलने।

24:25.123 --> 24:26.043
रखते हैं।

24:26.683 --> 24:29.603
(चिंताजनक पार्श्व संगीत)

24:32.243 --> 24:33.553
[रामानंद]: बोलो, बेटी। क्या बात है?

24:33.563 --> 24:35.283
[रोली]: आज हम सरस्वती देवी से मिले।

24:38.203 --> 24:39.243
[रामानंद]: सरस्वती से?

24:39.443 --> 24:40.443
[रोली]: जी।

24:41.163 --> 24:45.163
[रामानंद]: माने, क्या बात हो गई
कि हमें बिना बताए तुम सीधे उस के पास?

24:45.323 --> 24:48.163
[रोली]: अरे, हम नहीं मिले।
उन्होंने बुलाया हमें।

24:48.443 --> 24:51.123
वो हमें महिला मोर्चा की
अध्यक्ष बनाना चाहती हैं।

24:53.323 --> 24:55.763
और अगले चुनाव में
पार्टी से हमें टिकट भी देंगी।

24:56.203 --> 24:57.363
[रामानंद]: अच्छा?

24:58.483 --> 25:00.083
और क्या-क्या बनाएगी वो तुम्हें?

25:00.883 --> 25:02.483
[रोली]: और बोली कि... आ...

25:03.843 --> 25:08.683
अगर हम चुनाव जीत जाते हैं, तो इस से हमें
विजय की छवि सुधारने का बहुत बड़ा मौक़ा मिलेगा।

25:11.203 --> 25:12.633
[टेम्पो का ड्राइवर]: अरे, हटाइए!
[नागरिक 1]: ओ!

25:12.643 --> 25:14.883
(मंत्री के गाड़ियों के साइरन की आवाज़)
(लोगों के शोर मचाने की आवाज़)

25:16.883 --> 25:19.003
[सरस्वती]: क्या हुआ? देखिए तो।

25:19.403 --> 25:21.723
(मंत्री के गाड़ियों के साइरन की आवाज़)
(लोगों के शोर मचाने की आवाज़)

25:23.443 --> 25:26.473
[नागरिक 3]: अरे, दायें काट ना! [नागरिक]: भो**
वाले, दिमाग़ घर पे रख के गाड़ी चलाते हो क्या?

25:26.483 --> 25:28.363
[नागरिक]: हाँ? ए, चलो, साइड हटो!
[ड्राइवर 2]: निकल यहाँ से!

25:28.563 --> 25:30.523
(मंत्री के गाड़ियों के साइरन की आवाज़)
(लोगों के शोर मचाने की आवाज़)

25:32.643 --> 25:34.163
(गाड़ियों के हॉर्न बजाने की आवाज़)

25:35.483 --> 25:37.113
[बॉडीगार्ड]: मैम, रोज़ का जाम लगा हुआ है।
[सरस्वती]: अरे, हटवाइए ना।

25:37.123 --> 25:39.323
[सरस्वती]: समय नहीं है अपने पास। जल्दी कीजिए।
[बॉडीगार्ड]: जी, मैम।

25:39.483 --> 25:41.443
(मंत्री के गाड़ियों के साइरन की आवाज़)

25:42.123 --> 25:44.243
[रामानंद]: देखो, एक बात तुम्हें समझाते हैं।
[रोली]: जी।

25:45.363 --> 25:49.323
सरस्वती के बहुत क़रीब है वसीम ख़ान।

25:50.843 --> 25:54.883
वही वसीम ख़ान,
जो विजय का कट्टर दुश्मन है।

25:55.643 --> 25:58.283
और ऊपर से
हम ठहरे तुम्हारे बड़े चाचा।

25:58.763 --> 26:02.803
उस के बावजूद सरस्वती
तुम्हें टिकट देने की बात कर रही है।

26:04.283 --> 26:06.603
माने, बात समझ में
आ रही है ना तुम्हें?

26:07.803 --> 26:08.723
[रोली]: जी।

26:09.323 --> 26:13.283
[रामानंद]: देखो, बहुत कम लोगों ने
विजय को बाहर देखा है।

26:14.723 --> 26:18.003
बहुत कम लोग जानते हैं
कि विजय ज़िंदा है।

26:19.723 --> 26:23.843
हमें लगता है कि ये...
ये विजय को बाहर निकालने की साज़िश है।

26:25.283 --> 26:27.723
विजय की जान को भी
ख़तरा हो सकता है।

26:28.283 --> 26:31.243
इसलिए सरस्वती को ना कह दो।

26:32.163 --> 26:33.763
[रोली]: हम आप का डर समझ रहे हैं।

26:34.443 --> 26:38.163
पर पता नहीं क्यों हमें लग रहा है
कि वो सच में हमारी मदद करना चाहती हैं।

26:39.523 --> 26:41.283
[रामानंद]: क्या मदद करना चाहती है?

26:43.083 --> 26:46.643
हमारी राजनीति में ना,
भावना बोल के कोई चीज़ नहीं है।

26:46.803 --> 26:48.563
यहाँ पर सिर्फ़ धोखा है।

26:50.523 --> 26:53.353
हम तुम्हें आगाह करना चाहते हैं,
क्योंकि हम तुम्हारे बड़े चाचा हैं।

26:53.363 --> 26:54.803
पर तुम ये सोचो।

26:55.203 --> 26:57.203
तुम्हारे ऊपर है
कि तुम किस की बात मानती हो।

26:57.803 --> 27:00.523
उस सरस्वती की या हमारी।

27:02.243 --> 27:03.923
माने, निर्णय तुम पर है।

27:05.203 --> 27:06.803
तुम्हें घर छुड़वा देते हैं।

27:11.843 --> 27:13.753
[बॉडीगार्ड]: तू साइड से निकाल!
अबे, अंधा है क्या? [नागरिक 1]: हटो! हटो!

27:13.763 --> 27:15.793
[बॉडीगार्ड]: साइड से चल! चल, चल, चल!
[नागरिक 1]: अरे, हटाओ! हटाओ यहाँ से!

27:15.803 --> 27:17.353
[बॉडीगार्ड]: चल, भो** कहीं का!
[नागरिक 2]: हमेशा जाम लगा देते हो।

27:17.363 --> 27:18.523
(मंत्री की गाड़ी के साइरन की आवाज़)

27:25.923 --> 27:26.793
[रामानंद का पीए]: आइए, सर।

27:26.803 --> 27:28.803
[ऑफिसर 1]: रुकिए, रुकिए। रुकिए।

27:29.963 --> 27:32.403
[ऑफिसर 1]: सर, आप अंदर नहीं जा सकते।
[रामानंद]: जानते हो, हम कौन हैं?

27:32.523 --> 27:34.033
[ऑफिसर 1]: सर,
मैं जानता हूँ आप कौन हैं।

27:34.043 --> 27:35.593
लेकिन मैडम का
सख़्त आदेश है कि आप...

27:35.603 --> 27:36.993
[रामानंद]: अरे, आप का आदेश! हटो!
[ऑफिसर 1]: सर! सर! ओ, सर!

27:37.003 --> 27:37.913
[ऑफिसर 1]: ओ, सर!
[रामानंद]: हटो!

27:37.923 --> 27:38.993
[ऑफिसर 1]: अरे, सर! प्लीज़, सर!
[रामानंद]: अरे, क्या कर रहे हैं आप? अरे!

27:39.003 --> 27:40.163
(दरवाज़ा खोलने की आवाज़)

27:40.323 --> 27:44.243
(दुविधाजनक पार्श्व संगीत)
(सनसनीखेज़ पार्श्व संगीत)

28:08.363 --> 28:09.523
(सरस्वती के रोने की आवाज़)

28:09.923 --> 28:11.003
[रामानंद]: ये तो...

28:11.203 --> 28:13.523
[सरस्वती]: मुख्यमंत्री जी
हमें छोड़ कर चले गए। (रोते हुए)

28:16.483 --> 28:18.523
हम, पार्टी, प्रदेश...
(रोते हुए)

28:20.523 --> 28:21.993
सब को अनाथ कर गए।
(रोते हुए)

28:22.003 --> 28:26.803
(दुविधाजनक पार्श्व संगीत)
(उत्तेजक पार्श्व संगीत)

28:27.083 --> 28:35.003
(दुखद पार्श्व संगीत)
