WEBVTT

00:14.363 --> 00:15.723
[पांडे]: नमस्कार।

00:17.483 --> 00:19.003
[सनकी]: पांडे जी।

00:19.683 --> 00:20.843
हूँ?
(गाड़ी के बोनट पर चढ़ने की आवाज़)

00:21.923 --> 00:23.883
[पांडे]: कैसे हैं, साहब?
[सनकी]: बताइए।

00:25.643 --> 00:27.193
[पांडे]: वैसे, नंबर मेरठ का है।

00:27.203 --> 00:29.043
अता-पता सब निकाल लिया है।

00:29.443 --> 00:31.203
जिसे आप चार साल से ढूँढ रहे हैं,

00:31.523 --> 00:32.523
वो मिल गई है।

00:32.763 --> 00:34.243
ख़बर पक्की है।

00:37.483 --> 00:42.723
(पुलिस जीप के रुकने की आवाज़)
(ज़मीन पर कूदने की आवाज़)

00:46.323 --> 00:47.563
[सनकी]: ए, दरोगा।

00:50.963 --> 00:53.043
यहाँ से मेरठ पुलिस की सेवायें ख़त्म।

00:54.523 --> 00:56.163
और सनकी का शासन शुरू।

00:56.923 --> 00:58.523
आगे की कार्यवाही
हम ख़ुद ही देख लेंगे।

00:59.963 --> 01:01.363
[दरोगा 1]: ऐसे कैसे देख लेंगे?

01:01.723 --> 01:03.563
हमें भी ऊपर जवाब देना पड़ता है।

01:07.923 --> 01:10.003
[सनकी]: ज्यों-ज्यों मैं सवाल पूछता रहा,

01:13.603 --> 01:15.123
जवाब भी मिलता रहा।

01:17.603 --> 01:20.283
[दरोगा 1]: मिल गया जवाब।
चल, ए, गाड़ी निकाल!

01:21.723 --> 01:23.323
(गाड़ी स्टार्ट करने की आवाज़)

01:56.643 --> 02:05.323
(चिड़ियों के चहचहाने की आवाज़)
(क़दमों की आवाज़)

02:21.003 --> 02:22.443
(बंदूक लोड करने की आवाज़)

02:37.523 --> 02:39.883
(लड़की की दबी आवाज़ में चीखने की आवाज़)
[सनकी]: चुप, चुप, चुप! बोलना नहीं!

02:40.003 --> 02:40.963
[आदमी 1]: कौन है, ब***द?

02:41.083 --> 02:42.563
[सनकी]: ए!
(बंदूक से गोली चलाने और कराहने की आवाज़)

02:42.843 --> 02:44.043
ए!
(गोली चलाने और औरत के कराहने की आवाज़)

02:44.483 --> 02:45.683
रुको!

02:46.043 --> 02:47.363
ए!
(बंदूक से गोली चलने और कराहने की आवाज़)

02:48.003 --> 02:48.963
(लड़की के ज़मीन पर गिरने की आवाज़)

02:49.123 --> 02:50.603
[सनकी]: ए!
(बंदूक से गोली चलने और कराहने की आवाज़)

02:59.803 --> 03:01.083
(बंदूक से गोली चलने की आवाज़)

03:08.163 --> 03:09.643
(सीमा के कराहने की आवाज़)
[सनकी]: ब***द!

03:17.643 --> 03:19.483
(सनकी के हाँफने की आवाज़)

03:20.403 --> 03:21.643
[सनकी]: यहाँ चल! चल!

03:24.683 --> 03:26.243
सा** बहुत चू** बनाई तुम हमारा।

03:26.883 --> 03:30.523
[सीमा]: सनकी, एक बार। एक बार मेरी बात सुन।
[सनकी]: चुप! (चिल्लाते हुए)

03:33.403 --> 03:36.043
[सनकी]: सा** तुम्हारी बात सुन-सुन के
हम गाँ** हो गए।

03:40.883 --> 03:42.923
हम तुम से सच्चा वाला प्यार करते रहे

03:43.083 --> 03:45.003
और तुम हमारा चू** काटती रही।

03:46.683 --> 03:48.083
शोरूम दिखाई,

03:48.683 --> 03:51.363
पर खज़ाना छुपाती रही, छि**, सा**!

03:56.283 --> 03:57.843
[सीमा]: यही तो मजबूरी है औरत जात की।

03:59.763 --> 04:01.243
मजबूर थे हम, सनकी।

04:03.203 --> 04:04.283
पर असल में...

04:06.283 --> 04:09.363
असल में,
हम तुम से बहुत प्यार करते हैं।

04:10.403 --> 04:11.803
कल भी करते थे

04:13.163 --> 04:14.843
और आज भी करते हैं, सनकी।

04:17.083 --> 04:18.323
हमें यहाँ से ले चलो।

04:20.123 --> 04:23.403
हम... हम तुम्हारी पूरी ज़िंदगी
सँवार देंगे अपने प्यार से।

04:25.603 --> 04:27.683
हमें बस एक मौक़ा दे दो।

04:29.163 --> 04:30.163
[सनकी]: वाह!

04:31.883 --> 04:34.763
वाह री मोहब्बत! वाह!

04:36.683 --> 04:38.443
वाह री मोहब्बत!

04:39.403 --> 04:41.483
वाह री मोहब्बत!

04:42.163 --> 04:45.443
ज़िंदाबाद है तू, ज़िंदाबाद!
(चिल्लाते हुए)

04:46.443 --> 04:48.403
ज़िंदाबाद!
(चिल्लाते हुए)

04:48.563 --> 04:51.563
ज़िंदाबाद! ज़िंदाबाद!
(चिल्लाते हुए)

04:51.763 --> 04:55.233
ज़िंदाबाद! ज़िंदाबाद!
(चिल्लाते हुए)

04:55.243 --> 04:57.233
[सनकी]: ज़िंदाबाद!
[सीमा]: सनकी!

04:57.243 --> 04:59.723
[सीमा]: सनकी!
[सनकी]: तुम चाहती हो कि हम बनें तुम्हारे पति,

05:00.003 --> 05:03.083
[सनकी]: लेकिन हम चाहते हैं तुम हो जाओ सति!
[सीमा]: नहीं! सनकी!

05:03.643 --> 05:06.763
[सनकी]: ज़िंदाबाद! ज़िंदाबाद! [सीमा]:
सनकी, नहीं! सनकी, एक बार मेरी बात सुन लो।

05:06.883 --> 05:08.273
[सनकी]: ए, मोहब्बत!
[सीमा]: हम तुम से प्यार करते हैं, सनकी।

05:08.283 --> 05:11.723
[सनकी]: ज़िंदाबाद! ज़िंदाबाद! [सीमा]:
सनकी, नहीं! सनकी, हमें माफ़ कर दो। सनकी।

05:15.403 --> 05:17.483
[सीमा]: सनकी। सनकी। सनकी, नहीं।
(रोते हुए)

05:18.123 --> 05:19.243
सनकी।
(रोते हुए)

05:19.803 --> 05:22.163
(माचिस की तीली जलाने की आवाज़)
(चिंताजनक पार्श्व संगीत)

05:26.483 --> 05:29.163
[सनकी]: ये मुलाक़ात ख़त्म हुई।

05:29.923 --> 05:33.763
(आग की लपटों की आवाज़)
(दुखद पार्श्व संगीत)

05:47.443 --> 05:50.483
(रोमांचकारी पार्श्व संगीत)
(बंदूक से गोलियाँ चलने की आवाज़

06:28.603 --> 06:29.603
[रामानंद]: विजय,

06:30.083 --> 06:32.523
जितने क्रोध में हो,
उतनी दुविधा में भी हो।

06:33.763 --> 06:35.163
माने, हम समझ रहे हैं।

06:37.123 --> 06:39.923
कहाँ तुम सब छोड़ कर
कलकत्ता जाने वाले थे,

06:40.043 --> 06:41.683
लेकिन ये वसीम ख़ान...

06:43.163 --> 06:44.723
कुत्ते की पूँछ है वो।

06:45.923 --> 06:48.803
माने, वो जानता है
कि तुम अपने परिवार से कितना प्रेम करते हो।

06:49.763 --> 06:51.643
इसीलिए उन्हें हानि पहुँचाना चाहता है।

06:52.763 --> 06:54.803
अब हम तुम्हें क्या राय दें, बेटा?

06:56.003 --> 07:00.163
कोई भी कहेगा
कि ऐसे मौक़े पे बदले की बात मत...

07:02.243 --> 07:03.523
[विजय]: बदले का

07:05.123 --> 07:06.763
एक ही तरीक़ा होता है।

07:09.603 --> 07:10.603
बदला!

07:16.603 --> 07:18.883
चाचा जी को अग्नि देने का
समय हो गया है। (रोते हुए)

07:25.723 --> 07:40.283
[चाचा]: राम नाम...
[सभी रिश्तेदार]: सत्य है।

07:43.843 --> 07:46.163
(चिता की जलने की आवाज़)
(दुखद पार्श्व संगीत)

08:11.643 --> 08:13.723
[बिलाल]: पता नहीं, कैसे ज़िंदा रह गया वो।
[वसीम का बेटा]: हट!

08:13.843 --> 08:14.923
[सनकी]: ऐसे करोगे?

08:15.523 --> 08:16.563
प्रणाम, भाई जान।

08:18.043 --> 08:19.953
पता लगा, भाई जान,
हमें कल कांड हो गया।

08:19.963 --> 08:21.443
बहुत दुख हुआ इस बात का।

08:22.403 --> 08:24.043
अब ऐसों को ले जाओगे,
तो यही होगा।

08:24.323 --> 08:25.643
कुछ हो ना पाया ना तुम से?

08:26.203 --> 08:27.883
अरे, भाई जान,
हमें ले जाते आप वहाँ पर।

08:28.123 --> 08:29.763
कोई छू नहीं पाता
बेचन की लाश को।

08:30.323 --> 08:32.723
[वसीम]: चू**! ये विजय का प्लान था।

08:33.723 --> 08:36.483
उसी विजय का,
जिसे तूने चार साल पहले मार दिया था।

08:36.963 --> 08:38.763
[सनकी]: अरे, भाई जान,
मर गया है वो कब का।

08:38.883 --> 08:41.803
[बिलाल]: अच्छा! तो फिर
वो बेचन की लाश कौन लेके गया?

08:42.403 --> 08:45.123
[सनकी]: तुम भो** वाले, तुम थे ना वहाँ पर,
तो तुम्हें पता होगा कौन लेके गया।

08:45.323 --> 08:47.403
[बिलाल]: चार साल से चू** बना रहे होना
विजय सिंह के नाम से?

08:47.563 --> 08:50.603
[सनकी]: दिमाग़ी संतुलन खो गया है तुम्हारा।
समझे, बिल्लू? भाई जान की तरह।

08:50.763 --> 08:54.073
[वसीम]: अच्छा! भो** के मानसिक संतुलन की!
[सनकी]: अरे, भाई जान! (कराहते हुए)

08:54.083 --> 08:55.513
[सनकी]: अरे, क्या पागल हो गए हो, भाई जान?

08:55.523 --> 08:57.803
[वसीम]: चू** कहीं के! तेरी...
[सनकी]: भाई जान!

08:58.043 --> 09:00.643
[वसीम]: चू** बना के रखा है, ब***द!
(सनकी के कराहने की आवाज़)

09:01.163 --> 09:03.633
मार दिए! मार दिए!

09:03.643 --> 09:05.353
ब***द, मजनू कहीं का!

09:05.363 --> 09:07.163
सा**! बाहर निकालो!
(सनकी के कराहने की आवाज़)

09:09.243 --> 09:10.643
[सनकी]: ए, वसीम ख़ान!
(चिल्लाते हुए)

09:10.763 --> 09:13.673
पूरे पूर्वांचल में किसी की गाँ** में दम नहीं
है, जो हम पे उंगली उठा ले! (चिल्लाते हुए)

09:13.683 --> 09:14.913
[वसीम]: अबे, मा***द!

09:14.923 --> 09:18.323
और किसी ज़माने में तुम्हारी भी
गाँ** में दम हुआ करता था!

09:18.963 --> 09:22.403
तुम ऐसे चू** नहीं हुआ करते थे! मा***द!
(डंडे से मारने की आवाज़)

09:22.603 --> 09:24.763
चू** अपनी गाँ** नहीं मराते थे!
(डंडे से मारने की आवाज़)

09:24.923 --> 09:29.003
चू*** कहीं का! ब***द! चू** बनाया! भो** के!
(डंडे से मारने की आवाज़)

09:40.563 --> 09:43.403
[सनकी]: वसीम ख़ान मा***द!

09:45.243 --> 09:47.323
हम पे हाथ उठाया!

09:48.923 --> 09:53.163
बहुत घमंड है ना
तुझे अपने गृहमंत्री होने पे?

09:54.483 --> 09:56.443
अब तुम्हारा घमंड अगर

09:56.723 --> 10:00.043
चकनाचूर ना कर दिये ना,
तो अपने बाप का बीज नहीं।

10:11.323 --> 10:13.043
(सनकी के ख़ुद को कोड़े मारने की आवाज़)
(सनकी के कराहने की आवाज़)

10:38.683 --> 10:40.803
[केशव]: सर,
ये रहा रामानंद जी का महल।

10:42.203 --> 10:43.643
बहुत आलिशान घर है, सर।

10:43.883 --> 10:45.003
[हिमांशु]: मैंने पूछा तुम से?

10:47.843 --> 10:50.563
[केशव]: जी, हम ज़रा साइड में खड़ा करते हैं।
[हिमांशु]: जल्दी करो।

10:58.003 --> 11:00.763
[इंस्पेक्टर]: हाँ, साहब। किस से मिलना है?
[हिमांशु]: रामानंद राय से मिलना है।

11:01.963 --> 11:03.403
[हिमांशु]: दो मिनट का काम है।
[इंस्पेक्टर]: जी, सर।

11:03.803 --> 11:06.243
[इंस्पेक्टर]: सर, ऐसे अनुमति नहीं है।
अपॉइंटमेंट लेकर आइए।

11:07.203 --> 11:08.353
[इंस्पेक्टर]: इतनी सी बात...
[सदानंद]: ए, इंस्पेक्टर!

11:08.363 --> 11:09.633
[इंस्पेक्टर]: हाँ, साहब?
[सदानंद]: कौन है? आने दो।

11:09.643 --> 11:10.683
[इंस्पेक्टर]: हाँ, एक मिनट।

11:13.003 --> 11:14.283
[हिमांशु]: शुक्रिया।

11:15.323 --> 11:16.273
[इंस्पेक्टर]: अरे, सर,
कहाँ से आ रहे हो आप?

11:16.283 --> 11:17.603
[केशव]: अरे, विभाग से।
[इंस्पेक्टर]: अरे, सर, आप यहीं रुकिए।

11:17.723 --> 11:19.683
[सदानंद]: किस से मिलना है?
[हिमांशु]: जी, रामानंद राय से।

11:20.483 --> 11:21.673
[सदानंद]: कहाँ से आए हो?
क्या काम है?

11:21.683 --> 11:23.563
[हिमांशु]: बॉम्बे से आया हूँ।
कुछ निजी काम है उन से।

11:24.483 --> 11:26.603
[सदानंद]: पर ज़्यादा निजी नहीं है,
तो हमको भी बताइए।

11:27.563 --> 11:30.363
[हिमांशु]: क्यों?
आप का नाम रामानंद राय है?

11:32.003 --> 11:33.273
[सदानंद]: उन से कम भी नहीं हैं।

11:33.283 --> 11:34.523
[रामानंद]: सद्दू!

11:35.643 --> 11:36.723
[सदानंद]: बड़े भाई साहब।

11:42.083 --> 11:45.123
[हिमांशु]: सर, एसीपी हिमांशु पटनायक,
बॉम्बे पुलिस।

11:45.443 --> 11:46.723
आप से कुछ बातचीत करनी थी।

11:47.963 --> 11:50.083
[रामानंद]: पुलिस तो पूछताछ करते हैं।

11:50.603 --> 11:52.443
बातचीत भी करने लगे क्या?

11:53.243 --> 11:54.523
[हिमांशु]: सही फ़रमाया, सर।

11:54.883 --> 11:57.123
कुछ सवाल हैं,
आप से जवाब चाहिए।

12:01.723 --> 12:06.163
[रामानंद]: क्या है कि
आप के सारे सवाल हम जानते हैं।

12:07.403 --> 12:09.123
पर उन के जवाब नहीं हैं हमारे पास।

12:11.083 --> 12:13.803
जब कुछ नए सवाल हो,
तो ज़रूर आइएगा।

12:14.843 --> 12:16.283
अपॉइंटमेंट लेकर।

12:18.603 --> 12:25.883
(मंत्री की गाड़ी के साइरन की आवाज़)
(दरवाज़ा बंद करने की आवाज़)

12:39.563 --> 12:40.643
[केशव]: सर।

12:41.683 --> 12:42.963
[हिमांशु]: हाँ?

12:43.163 --> 12:45.083
[केशव]: वो वाला है, सर,
विजय सिंह का घर, सर।

12:45.563 --> 12:46.763
[हिमांशु]: अच्छा।
[केशव]: जाइए, सर।

12:50.323 --> 12:52.313
[हिमांशु]: चलो।
[केशव]: सर, आप हो लीजिए ना, सर।

12:52.323 --> 12:54.323
[केशव]: हम यहीं खड़े रहते हैं, सर।
आप की सुरक्षा में, सर।

12:54.603 --> 12:57.043
सर ने बोला है, सर।
परछाई की तरह चिपक के रहना है, सर।

13:04.763 --> 13:06.113
[छुन्नू]: पानी वगैरह हो गया तुम्हारा?
[भैया 1]: हाँ।

13:06.123 --> 13:07.483
[छुन्नू]: सब अच्छे से हो गया?
[भैया 1]: हाँ।

13:08.443 --> 13:09.563
[छुन्नू]: हाँ, जी। कहिए।

13:10.643 --> 13:12.123
[हिमांशु]: जी,
ये विजय सिंह का घर है?

13:13.363 --> 13:14.683
[छुन्नू]: हाँ, जी। बोलिए।

13:15.643 --> 13:17.363
[हिमांशु]: मैं एसीपी हिमांशु पटनायक,
बॉम्बे पुलिस।

13:17.763 --> 13:19.963
[हिमांशु]: आप?
[छुन्नू]: छुन्नू सिंह।

13:21.683 --> 13:23.123
[हिमांशु]: मुझे विजय सिंह से बात करनी है।

13:23.963 --> 13:25.283
[छुन्नू]: पुलिस में हैं आप।

13:26.003 --> 13:29.643
आप को ये नहीं मालूम
भैया को गुज़रे हुए चार साल हो गए हैं?

13:29.803 --> 13:31.523
(लोगों के बड़ाबड़ाने की आवाज़)

13:31.803 --> 13:33.843
[हिमांशु]: माफ़ कीजिएगा।
शायद मेरे बोलने में ग़लती हो गई।

13:34.403 --> 13:36.123
मुझे विजय सिंह के बारे में बात करनी है।

13:37.363 --> 13:39.083
[छुन्नू]: आने के लिए
बहुत-बहुत धन्यवाद आप का।

13:46.563 --> 13:49.003
(लोगों के बड़ाबड़ाने की आवाज़)
(दुविधाजनक पार्श्व संगीत)

13:57.323 --> 13:58.523
[छुन्नू]: क्या?

14:00.763 --> 14:02.203
[हिमांशु]: ये जो गुज़र गए, वो कौन थे?

14:02.403 --> 14:03.803
[छुन्नू]: पूज्य पिता जी थे हमारे।

14:05.483 --> 14:07.953
[हिमांशु]: माफ़ कीजिएगा।
क्या तकलीफ़ थी?

14:07.963 --> 14:09.283
[छुन्नू]: थी कुछ परेशानी।

14:11.203 --> 14:12.483
[हिमांशु]: घर में और कौन-कौन हैं?

14:14.163 --> 14:15.283
[छुन्नू]: हम हैं।

14:15.843 --> 14:17.963
माता जी हैं, अम्मा जी हैं।

14:18.723 --> 14:21.683
रोली दीदी हैं।
बड़ी दीदी हैं, उन की शादी हो चुकी है।

14:21.963 --> 14:23.753
500 रिश्तेदार आए हैं घर में।

14:23.763 --> 14:25.363
सब के बारे में जानना है आप को?

14:26.403 --> 14:27.763
[हिमांशु]: नहीं।

14:30.643 --> 14:32.683
[हिमांशु]: चलता हूँ। फिर आऊँगा।
[छुन्नू]: क्यों?

14:34.843 --> 14:37.043
[छुन्नू]: देखिए, हम पहले से ही
बहुत ज़्यादा परेशान हैं।

14:38.003 --> 14:39.403
और परेशान मत कीजिए हमें।

14:39.523 --> 14:42.363
[हिमांशु]: जानता हूँ।
तुम्हारी परेशानी बढ़ाने नहीं आऊँगा।

14:43.763 --> 14:45.603
लेकिन विजय सिंह से
मिलने तो आना ही पड़ेगा।

14:45.963 --> 14:47.163
[छुन्नू]: चलें अब आप।

15:02.963 --> 15:04.043
[केशव]: सर!

15:04.883 --> 15:06.723
क्या हुआ, सर?
विजय सिंह मिला?

15:08.563 --> 15:10.283
[हिमांशु]: अब आप सब कह रहे हैं
वो मर गया है,

15:11.203 --> 15:12.723
तो जो मर गया,
वो मिलेगा कैसे?

15:12.843 --> 15:15.643
[केशव]: पर सर, आप ही तो मान रहे थे, सर
कि श्रीमान ज़िंदा हैं।

15:16.843 --> 15:18.843
[हिमांशु]: तो तू विजय सिंह के
ज़िंदा होने के डर से अंदर नहीं आया?

15:19.403 --> 15:21.763
[केशव]: सर, आप तो थर्मामीटर की तरह
बुखार पकड़ लिए, सर।

15:22.123 --> 15:24.273
सर, अगर आप की बात
एक प्रतिशत भी सच हुआ, सर,

15:24.283 --> 15:25.633
तो क्या पता वो हम को देख रहा हो?

15:25.643 --> 15:27.683
इसलिए थोड़ा और सतर्क रहना पड़ता है ना, सर।

15:28.523 --> 15:29.683
[हिमांशु]: तो देख लेने दे।

15:30.803 --> 15:32.083
हम भी उसे देख लेंगे।

15:32.523 --> 15:34.123
[केशव]: सर, हमारे यहाँ कहावत है, सर।

15:34.363 --> 15:36.553
कि अगर आप ने शेर को
एक बार देखा है, सर,

15:36.563 --> 15:38.843
उस से पहले शेर आप को
100 बार देख चुका होता है।

15:42.083 --> 15:43.243
सर, बैठिए।

15:45.843 --> 15:47.803
सर, तत्काल प्रभाव से यहाँ से निकलते हैं, सर।

15:47.923 --> 15:49.003
[हिमांशु]: चलो।

15:57.963 --> 15:59.643
[कट्टा]: वर्तमान अभी बाक़ी है।
[लड़की 2]: कट्टा भैया!

16:00.123 --> 16:01.243
[लड़की 2]: कट्टा भैया!

16:04.283 --> 16:06.563
[कट्टा]: क्या हुआ?
[लड़की 2]: सीम... सी... सीमा दीदी।

16:06.963 --> 16:10.203
[कट्टा]: क्या हुआ सीमा दीदी को?
[लड़की 2]: सीमा दीदी को कोई जला दिया है।

16:12.403 --> 16:13.883
[कट्टा]: ज... जला दिया?

16:14.883 --> 16:16.683
क... कौन जला दिया?

16:16.963 --> 16:18.083
[लड़की 2]: हमें नहीं पता।

16:36.723 --> 16:38.683
(कट्टा के रोने की आवाज़)

16:44.163 --> 16:45.083
[विजय]: कट्टा।

16:46.563 --> 16:47.723
कट्टा, संभालो।

16:52.323 --> 16:53.883
(कट्टा के रोने-चीखने की आवाज़)

16:54.963 --> 16:56.203
[कट्टा]: भैया...
(रोते हुए)

17:00.123 --> 17:01.043
[दरोगा 2]: हूँ।

17:01.723 --> 17:02.803
भाई, कुछ भी कहो।

17:03.643 --> 17:07.123
ये दुकानदार सा** जलेबी में
अपना कलेजा काट के रख देता है।

17:07.643 --> 17:09.043
[कॉन्स्टेबल]: बिलकुल ठीक कहा, सर।

17:09.363 --> 17:10.603
[दरोगा 2]: बहुत बढ़िया बनाता है।

17:12.803 --> 17:14.283
[कट्टा]: इंस्पेक्टर साहब।
[दरोगा 2]: बढ़िया बनाता है।

17:15.083 --> 17:16.963
[कट्टा]: वो... वो जो पास में
बिलडिंग जली है,

17:17.483 --> 17:19.123
उस के बारे में जानना था।

17:20.323 --> 17:22.283
[कट्टा]: कोई बचा है क्या?
[दरोगा 2]: चल, सा**

17:25.003 --> 17:27.203
[दरोगा 2]: पूरी जलेबी का मिठास ख़राब कर दिया
अपनी कड़वी आवाज़ से।

17:28.483 --> 17:31.483
कौन जला? कौन मरा?
न्यायपालिका है क्या तू,

17:32.083 --> 17:33.323
जो हिसाब माँग रहा है?

17:34.203 --> 17:35.323
चल भाग जा यहाँ से!

17:35.683 --> 17:38.033
[कट्टा]: देखिए, को...
कोई सूचना मिल जाती, तो...

17:38.043 --> 17:39.523
[दरोगा 2]: भो** के!

17:39.643 --> 17:42.443
मैं तुझे दूरदर्शन लगता हूँ,
जो तुझे सूचना देता फिरूँ? हाँ?

17:42.843 --> 17:44.043
अब चल निकल यहाँ से!

17:45.003 --> 17:46.963
[कॉन्स्टेबल]: चल! साहब बोला ना!
चल निकल! (चिल्लाते हुए)

17:48.483 --> 17:50.883
[दरोगा 2]: अबे आँख किसे दिखा रहा है?
चल, निकलता है कि नहीं अभी?

17:51.203 --> 17:53.643
[कॉन्स्टेबल]: चल निकल! निकल!
साहब का दिमाग़ मत ख़राब कर।

17:54.123 --> 17:55.123
[कट्टा]: ठीक है।

17:58.403 --> 18:00.123
[दरोगा 2]: पूरी दुनिया में आग लगी हुई है।

18:01.323 --> 18:03.843
[सनकी]: ♪चाँद चमकता,♪

18:04.563 --> 18:06.803
♪आँखों में दिखता।♪

18:07.323 --> 18:09.363
♪एक सपना...♪

18:15.003 --> 18:17.683
अरे, यार! बीड़ी क्यों
बुझा रही हो तुम? हाँ? अरे, अरे!

18:18.163 --> 18:20.683
[सनकी]: क्या है?
[सनकी की बीवी]: शादी के पहले भी तड़पाया है।

18:20.963 --> 18:22.283
[सनकी की बीवी]: अब भी तड़पाओगे?

18:22.883 --> 18:24.843
ऐसे लड़की की तरह
क्यों छटपटा रहे हो?

18:25.163 --> 18:25.993
[सनकी]: अरे!

18:26.003 --> 18:28.363
[सनकी की बीवी]: हम हमारी होंठों की
गर्मी को लेके कहाँ जाएंगे?

18:28.963 --> 18:30.443
[सनकी]: बर्फ लगाओ। समझी?

18:30.603 --> 18:32.123
वैसे ही इतनी गर्मी पड़ रही है।

18:32.683 --> 18:34.043
दिमाग़ ख़राब! चलो, पीछे हटो।

18:34.283 --> 18:35.803
[सनकी की बीवी]: तो लगा दोना।

18:36.603 --> 18:37.723
[सनकी]: हाँ?

18:38.523 --> 18:39.643
[सनकी की बीवी]: बर्फ़।

18:40.363 --> 18:41.363
[सनकी]: कहाँ?

18:42.923 --> 18:44.203
[सनकी की बीवी]: यहाँ।

18:46.883 --> 18:48.123
यहाँ।

18:50.163 --> 18:51.163
यहाँ।

18:52.603 --> 18:53.723
यहाँ।

18:55.443 --> 18:57.403
(दरवाज़ा खोलने की आवाज़)

18:59.723 --> 19:01.483
(दरवाज़ा बंद करने की आवाज़)

19:26.483 --> 19:27.803
(आनंद भरी कराह की आवाज़)

19:34.363 --> 19:35.443
(आनंद भरी कराह की आवाज़)

19:42.403 --> 19:46.443
(दुविधाजनक पार्श्व संगीत)
(चिंताजनक पार्श्व संगीत)

19:49.043 --> 19:50.083
[सनकी की बीवी]: क्या हुआ बे?

19:50.723 --> 19:51.833
अ... अबे!

19:51.843 --> 19:53.033
क्या हुआ बे?

19:53.043 --> 19:56.083
अबे! मा***द, जा कहाँ रहे हो? अबे!

19:56.403 --> 19:58.563
तुम्हारे साथ नहीं करेंगे,
तो क्या पड़ोसी के साथ करेंगे?

19:58.843 --> 20:00.393
[सनकी की बीवी]: कपड़े क्यों पहन रहे हो बे?
[सनकी]: हट!

20:00.403 --> 20:01.403
[सनकी की बीवी]: नपुंसक हो क्या?

20:03.283 --> 20:04.803
[सनकी]: ज़्यादा पगला मत! समझी?

20:05.323 --> 20:06.723
दिमाग़ ख़राब करके रखा है!

20:07.563 --> 20:08.963
[सनकी की बीवी]: चू**!

20:22.003 --> 20:23.643
(चिड़ियों के चहचहाने की आवाज़)
(शंख के बजने की आवाज़)

20:24.043 --> 20:26.353
[सनकी की बीवी]:
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं

20:26.363 --> 20:29.323
भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्।
(तुलसी को पानी चढ़ाने की आवाज़)

20:29.603 --> 20:31.873
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं

20:31.883 --> 20:34.883
भर्गो देवस्य धीमहि
धियो यो नः प्रचोदयात्।

20:35.563 --> 20:37.993
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं

20:38.003 --> 20:41.043
भर्गो देवस्य धीमहि
धियो यो नः प्रचोदयात्।

20:42.043 --> 20:44.603
[सनकी]: वसीम ख़ान भो** के!

20:45.763 --> 20:47.963
[सनकी]: सनकी पे हाथ उठाये तुम। हाँ?
[सनकी की बीवी]: जय तुलसी मैया!

20:50.803 --> 20:52.043
[सनकी]: वसीम ख़ान!

20:54.163 --> 20:56.113
[सनकी की बीवी]: सा**!
वसीम ख़ान, वसीम ख़ान!

20:56.123 --> 20:58.403
नाम सुना-सुना के ना,
हमारा जीवन ख़राब कर दिया है!

20:58.603 --> 20:59.563
[सनकी]: ए!
(चिल्लाते हुए)

21:00.563 --> 21:02.283
दिमाग़ ना ख़राब कर।
चाय बना! चल!

21:02.443 --> 21:05.043
[सनकी की बीवी]: ए! औक़ात में रह!
ज़्यादा बोल मत!

21:05.923 --> 21:09.283
सा**! दिमाग़ में ना ओला पड़ा था,
जो इस कोद फूद्दू से ब्याह किए।

21:09.723 --> 21:12.323
[सनकी की बीवी]: इसे यहीं से टपका के ऊपर
क्यों नहीं उठा लेते? [सनकी]: अरे! चुप बैठेगी?

21:12.843 --> 21:15.073
[सनकी की बीवी]: अबे भो** वाले!
जूता फेंकता है?

21:15.083 --> 21:18.483
सा** अगर औक़ात भूल गया है ना, तो
यहीं से फेंक के मारेंगे! मुँह लाल कर देंगे!

21:20.363 --> 21:22.443
[सनकी]: सीमा।
[सनकी की बीवी]: हे, तुलसी मैया।

21:22.763 --> 21:25.683
[सनकी]: अरे, क्यों धोखा दी हमें?
[सनकी की बीवी]: हम इस से ब्याह कर लिए।

21:26.083 --> 21:27.553
[सनकी]: ये देख।
[सनकी की बीवी]: इस से पूर्ण रूप से

21:27.563 --> 21:30.753
[सनकी]: गाय जैसी बैल बाँध दी हमारे गले में,
ब***द! [सनकी की बीवी]: छुटकारा दिलवा दो। बस।

21:30.763 --> 21:32.953
[सनकी की बीवी]: बस इस से छुटकारा दिलवा दो।

21:32.963 --> 21:34.363
(हेलीकॉप्टर के उड़ने की आवाज़)

21:35.883 --> 21:38.763
[सनकी]: ये क्या? चिड़िया भी
साढ़े छह फीट लंबी दिख रही।

21:41.923 --> 21:43.443
अबे, हेलीकॉप्टर है ये तो।

21:43.883 --> 21:45.443
(हेलीकॉप्टर के उड़ने की आवाज़)

21:46.483 --> 21:47.683
(सनकी के हँसने की आवाज़)

21:49.883 --> 21:52.593
[सनकी]: सा** ऐसा ही हेलीकॉप्टर में
बैठ के वसीम ख़ान के

21:52.603 --> 21:55.203
घर के ऊपर से उड़ा के वहीं मूतेंगे।

21:56.123 --> 21:58.003
सोचेगा बरसात हो रही है।

21:58.163 --> 21:59.283
(सनकी के हँसने की आवाज़)

22:07.763 --> 22:10.243
[दरोगा 2]: अबे, ओए!
ओए, सुनाई नहीं दे रहा है क्या?

22:10.883 --> 22:12.203
ओ, साइड होजा।

22:12.403 --> 22:14.363
पुलिस वाला हूँ, ब***द!
साइड होजा...

22:15.683 --> 22:16.963
अबे, तुम?

22:17.883 --> 22:21.003
तुम तो वही होना, जो मकान के
आग के बारे में पूछ रहा था मुझ से?

22:21.443 --> 22:24.843
[कट्टा]: हम ही हैं भो** वाले!
[दरोगा 2]: सा**! अबे, तेरी!

22:25.003 --> 22:26.443
[कट्टा]: सा**!
[दरोगा 2]: नहीं! सा**!

22:26.963 --> 22:29.873
[कट्टा]: कुत्तों को इज़्ज़त दो,
तो गाँ** पे चढ़ जाते हैं।

22:29.883 --> 22:31.793
[दरोगा 2]: सा**!
[कट्टा]: अभी इज़्ज़त पे डंडे पड़ेंगे,

22:31.803 --> 22:33.203
[कट्टा]: तो सब उगलेगा। बोल!

22:36.083 --> 22:37.403
[दरोगा 2]: ठीक नहीं कर रहे हो तुम लोग!

22:37.763 --> 22:39.723
[विजय]: ए, भो** के!

22:40.523 --> 22:42.763
पुलिस वाला है,
तो क्या धौंस दिखाएगा?

22:44.083 --> 22:45.193
गुंडई करेगा?

22:45.203 --> 22:46.593
[विजय]: बता, भो** के!
[दरोगा 2]: भाई जी! भाई जी!

22:46.603 --> 22:49.283
[दरोगा 2]: भाई जी! भाई जी! भाई जी, नहीं!
[विजय]: बता। बता। क्या हुआ था?

22:49.603 --> 22:51.483
[विजय]: उस रात क्या हुआ था? हूँ?
[दरोगा 2]: भैया, हमें नहीं मालूम।

22:51.603 --> 22:52.433
[विजय]: बता।

22:52.443 --> 22:55.563
[दरोगा 2]: ओए! बता रहा हूँ। बता रहा हूँ।
बता रहा हूँ। [विजय]: हाँ, बता। हूँ।

22:55.763 --> 22:56.683
[दरोगा 2]: बता...
(कराहते हुए)

22:57.163 --> 23:00.473
[दरोगा 2]: बता रहा हूँ, भैया।
बताता हूँ। बताता हूँ। [विजय]: बता ना। हूँ।

23:00.483 --> 23:02.003
[दरोगा 2]: बोलता हूँ।
[विजय]: बता!

23:02.123 --> 23:03.563
[दरोगा 2]: वसीम भाई के आदमी थे।

23:03.803 --> 23:06.563
उनमें से ही एक का नाम सनकी था।

23:07.163 --> 23:09.953
सनकी ने मुझे...
मुझे कुछ पैसे दिए।

23:09.963 --> 23:11.283
[विजय]: हूँ।
[दरोगा 2]: उस ने बोला कि

23:11.763 --> 23:14.403
[दरोगा 2]: बाक़ी वो... बाक़ी सब वो देख लेगा।
[विजय]: हूँ।

23:14.563 --> 23:16.923
[दरोगा 2]: और फिर... फिर उस ने...
[विजय]: फिर? फिर?

23:17.203 --> 23:19.563
[दरोगा 2]: उस ने घर...
घर को आग लगा दी, भाई जी।

23:21.123 --> 23:22.283
कोई नहीं बचा।

23:22.883 --> 23:23.923
[विजय]: कोई नहीं बचा?

23:24.363 --> 23:25.593
कोई नहीं बचा? हूँ?

23:25.603 --> 23:27.113
[विजय]: बोल, बोल बोल!
[दरोगा 2]: हाँ, हाँ, हाँ!

23:27.123 --> 23:29.363
[दरोगा 2]: वो, वो, वो... एक, एक...

23:29.923 --> 23:31.443
एक, एक छोरी...
छोरी बच गई, जी,

23:31.603 --> 23:33.083
जिसे सनकी अपने साथ लेके गया।

23:33.403 --> 23:35.963
बस, भाई जी। बस, बस।
इतना ही पता है मुझे।

23:37.963 --> 23:40.033
[विजय]: अबे, सुन।
[दरोगा 2]: जी, भाई जी।

23:40.043 --> 23:41.483
[विजय]: वर्दी पहनी है ना?

23:42.683 --> 23:44.283
इज़्ज़त करना सीख।

23:45.403 --> 23:47.483
[विजय]: निकल!
[दरोगा 2]: जी। जी।

23:56.523 --> 23:57.723
[डॉक्टर साहब]: नमस्ते, मैडम।
[सरस्वती]: हूँ।

23:57.843 --> 23:58.633
[सहायिका]: नमस्ते, मैडम।

23:58.643 --> 24:01.963
[डॉक्टर साहब]: मैडम, इन का ऑक्सीजन लेवल
लगातार गिरता जा रहा है।

24:02.483 --> 24:05.403
इन्हें आईसीयू में
जल्दी से जल्दी शिफ्ट करना होगा।

24:08.603 --> 24:11.803
[सरस्वती]: मुख्यमंत्री जी को
ऐसी हालत में बाहर ले जाना ठीक नहीं होगा।

24:13.323 --> 24:15.203
आईसीयू का इंतज़ाम आप यहीं कीजिए।

24:17.963 --> 24:19.563
हमारी निगरानी में।

24:19.843 --> 24:20.923
[डॉक्टर साहब]: ठीक है, मैडम।

25:05.763 --> 25:13.243
(गाड़ी के चलने की आवाज़)
(गाड़ी के रुकने की आवाज़)

25:16.883 --> 25:24.763
(उत्तेजक पार्श्व संगीत)

25:30.283 --> 25:32.963
(लोहे का गेट खोलने की आवाज़)

25:47.923 --> 25:49.323
[सनकी]: यही सोच रही है ना

25:50.683 --> 25:52.603
कि वहीं क्यों नहीं मार दिया हम ने तुम्हें?

25:55.563 --> 25:56.763
सही सोच रही है।

25:57.923 --> 25:59.603
मन में तो हमारे भी आया,

26:00.163 --> 26:01.363
पर उस से क्या होता?

26:03.563 --> 26:05.603
हमारे दिल की हालत का क्या होता?

26:12.003 --> 26:13.803
चुहिया, तुम्हारे कारण...

26:14.403 --> 26:18.203
तुम्हारे कारण हम ने
एक बैल के साथ सात फेरे पढ़ लिए।

26:19.283 --> 26:20.763
और अब हाल ये है

26:20.963 --> 26:23.923
कि हगते-मूतते, सोते-जागते,

26:24.043 --> 26:27.763
टट्टी-कुल्ला करते, सिर्फ़ तुम्हारा
चेहरा आँखों के सामने रहता है।

26:28.403 --> 26:30.963
वो हमारे नीचे हो
या हम उस के ऊपर हो,

26:33.123 --> 26:35.923
हमेशा तुम्हारा चेहरा
हमारी आँखों के सामने रहता है।

26:44.403 --> 26:45.963
इसकी माँ का भो**!

26:47.283 --> 26:49.723
(दरवाज़े की कुंडी लगाने की आवाज़)

26:54.883 --> 26:56.883
(सीमा के कराहने और चीखने की आवाज़)
