WEBVTT

00:08.523 --> 00:12.003
[उद्घोषिका 1]: देखिए, पोलियो एक ऐसी ख़तरनाक
बीमारी है... [उद्घोषिका 2]: आइए, आइए, आइए!

00:12.243 --> 00:14.963
[उद्घोषिका 1]: जिस का सब से ज़्यादा असर
बच्चों पर पड़ता है।

00:15.323 --> 00:17.883
[उद्घोषिका 1]: ये बीमारी बच्चों को अपंग बना
देती है। [रोली]: चलो, बच्चों। शांत, शांत।

00:18.123 --> 00:19.433
[रोली]: बैठ जाओ सारे।
[उद्घोषिका 1]: अर्थात् पोलियो के शिकार...

00:19.443 --> 00:21.563
[रोली]: सब को... सब को टॉफ़ी मिलेगी।
[उद्घोषिका 1]: बच्चों के अंग...

00:22.283 --> 00:24.723
[रोली]: बैठ जाओ।
[उद्घोषिका 1]: तो जब आए पोलियो की बारी...

00:24.963 --> 00:27.243
[उद्घोषिका 1]: माता-पिता की है ये ज़िम्मेदारी!

00:27.523 --> 00:29.403
दो बूँद ज़िंदगी के!
(बच्चों के शोर मचाने की आवाज़)

00:33.763 --> 00:36.603
(उद्घोषिका के पोलियो संबधी घोषणा की आवाज़)

00:36.843 --> 00:37.963
[रोली]: ये आप के लिए।

00:38.323 --> 00:40.243
[विजय]: अरे, वाह! हमारे लिए?

00:41.243 --> 00:44.683
[रोली]: आप के होंठों पे हँसी और चेहरे पे
खिलखिलाहट देख के अच्छा लगा।

00:46.083 --> 00:48.083
[विजय]: बेफ़िक्र बचपन को देख कर कोई

00:48.483 --> 00:50.283
मुर्दा ही उदास बैठ सकता है।

00:51.603 --> 00:53.443
[रोली]: एक बात पूछें?
[विजय]: हाँ, हाँ, पूछिए।

00:55.083 --> 00:58.923
[रोली]: ये बॉम्बे के एसजे अस्पताल कांड में
आप की कोई भूमिका तो नहीं थी ना?

00:59.923 --> 01:01.163
[विजय]: नहीं।

01:01.323 --> 01:03.043
और रहा सवाल हमारी भूमिका का,

01:05.963 --> 01:08.043
तो अब हमारे जीवन में
सिर्फ़ एक ही भूमिका है।

01:08.483 --> 01:09.643
वो है आप।

01:10.763 --> 01:11.923
क्या है ना, रोली जी?

01:12.923 --> 01:14.443
कि सब कुछ पा लेने के बाद अब

01:15.203 --> 01:16.683
कुछ भी खोना नहीं चाहते।

01:17.683 --> 01:20.083
ये तो तय है, विजय सिंह

01:20.803 --> 01:22.203
अब कुछ भी नहीं खोएगा।

01:22.923 --> 01:26.963
अरे, हाँ! तय से याद आया
कि बेचन चाचा से मिलने का समय तय था।

01:27.683 --> 01:29.523
और उन से मिलने जाना होगा।

01:29.923 --> 01:31.563
तो आप की अगर आज्ञा हो,
तो हम जाएँ?

01:32.283 --> 01:33.803
[विजय]: हाँ?
[रोली]: जाइए।

01:37.123 --> 01:38.203
[विजय]: चलते हैं।

01:40.163 --> 01:43.523
(चिंताजनक पार्श्व संगीत)
(क़दमों की आवाज़)

01:53.803 --> 01:55.283
[बेचन]: बहुत दिमाग़ लगाए,

01:56.883 --> 01:58.683
पर एक बात समझ में ना आई।

02:01.363 --> 02:03.923
वो एसजे कांड में
तुम्हारा नाम बाहर कैसे आया?

02:05.883 --> 02:07.763
[विजय]: चाचा जी,
समझ में तो हमें भी नही आया।

02:11.083 --> 02:13.123
[बेचन]: पुलिस वालों को भी मारे थे क्या?

02:15.243 --> 02:16.363
[विजय]: नहीं तो।

02:16.523 --> 02:20.043
[बेचन]: फिर तुम्हारा नाम उस अख़बार में आया
कैसे? [विजय]: पुलिस वालो को नहीं, चाचा जी।

02:20.363 --> 02:21.963
[विजय]: सिर्फ़ तीनों गुंडों को मारे थे।

02:22.323 --> 02:24.043
और पूरे प्लान के साथ।

02:24.403 --> 02:26.563
तबियत ठीक होने के बाद
रामानंद जी ने हम से कहा कि

02:26.843 --> 02:29.803
बंबई चले जाओ और हमारा एक काम कर दो,
तो हम कर दिए।

02:36.043 --> 02:38.763
[बेचन]: एक बात बोलें? भड़कना मत।
[विजय]: जी।

02:40.003 --> 02:42.483
[बेचन]: कहीं ये रामानंद अपने एहसान के तले

02:44.123 --> 02:46.283
तुम्हारा इस्तेमाल तो नहीं कर रहा है?

02:46.723 --> 02:47.803
(विजय का मुस्कुराने की आवाज़)

02:48.123 --> 02:51.643
[विजय]: चाचा जी, जब भी
परिवार की बात आती है ना,

02:51.963 --> 02:53.603
आप बड़े बेचैन हो जाते हैं।

02:55.443 --> 02:57.883
कमाल करते हैं।
आप ये सोचे भी कैसे?

02:58.963 --> 03:02.323
इतनी गोलियाँ खाने के बाद भी
स्वस्थ तरीक़े से ज़िंदा हूँ आप के सामने।

03:04.883 --> 03:06.083
प्यार मिला।

03:08.083 --> 03:10.563
परिवार मिला।
किस की बदौलत?

03:11.603 --> 03:12.883
उन्हीं की बदौलत।

03:17.523 --> 03:19.923
[बेचन]: पर चार साल परिवार से दूर...

03:22.403 --> 03:24.323
मुझे समझ में नही आ रहा है।

03:24.683 --> 03:27.203
सुनो, आ गए।

03:32.523 --> 03:34.563
[सभी शिवभक्त]: हर हर महादेव!
(मंदिर की घंटी बजाने की आवाज़)

03:34.683 --> 03:36.603
हर हर महादेव!
(मंदिर की घंटी बजाने की आवाज़)

03:36.763 --> 03:38.483
हर हर महादेव!
(मंदिर की घंटी और शंख बजाने की आवाज़)

03:38.803 --> 03:40.443
हर हर महादेव!
(मंदिर की घंटी और शंख बजाने की आवाज़)

03:40.883 --> 03:42.403
हर हर महादेव!
(मंदिर की घंटी और शंख बजाने की आवाज़)

03:42.723 --> 03:44.233
हे, शिव शंभू!
(शंख बजाने की आवाज़)

03:44.243 --> 03:47.043
[कट्टा]: भैया, गुरु,
हम जा रहे हैं प्रयागराज।

03:47.523 --> 03:49.003
वो क्या है ना हमें स्नान करना है।

03:49.523 --> 03:50.603
जल्दी ही भेंट...

03:54.803 --> 03:56.443
[साधु 1]: तो फिर कब आप से मुलाक़ात होगी?

03:57.643 --> 03:58.923
[कट्टा]: जल्द ही भेंट होगी।

04:01.483 --> 04:03.883
महादेव!

04:04.083 --> 04:07.483
[बेचन]: हर हर महादेव!

04:23.003 --> 04:26.523
(रोमांचकारी पार्श्व संगीत)
(बंदूक की गोलियाँ चलने की आवाज़)

04:50.363 --> 04:53.203
(कट्टा के रोने की आवाज़)

05:00.163 --> 05:01.323
[विजय]: कैसा है, कट्टा?

05:03.203 --> 05:04.443
[कट्टा]: भैया, मुरझाया था।

05:05.603 --> 05:07.243
आप को देख के हरिया गया।

05:08.323 --> 05:11.763
हमें तो लगा था कि ईश्वर ने
आप को हम से छीन लिया।

05:13.043 --> 05:15.443
मगर ऊपर वाले का चमत्कार
कभी ख़त्म नहीं होता।

05:16.003 --> 05:17.723
[विजय]: ये दुनिया बड़ी मायावी है, कट्टा,

05:18.563 --> 05:20.003
पर ईश्वर चमत्कारी है।

05:20.763 --> 05:22.483
और ये सब उन ही का चमत्कार है।

05:24.123 --> 05:25.203
सीमा कैसी है?

05:27.043 --> 05:29.843
[कट्टा]: भैया, वो... सीमा को हम...

05:30.483 --> 05:32.283
सनकी के डर से मेरठ भेज दिए हैं।

05:32.923 --> 05:33.763
और...

05:34.723 --> 05:36.443
और यहाँ इन के साथ
घुलनशील हो गए हैं।

05:36.923 --> 05:39.163
बस, ज़िंदगी यहीं ख़र्च हो रही है।

05:39.763 --> 05:40.883
पर भैया,

05:41.803 --> 05:43.043
अब आप आ गए हैं ना,

05:43.923 --> 05:46.083
तो कुछ कर गुज़रने की
तमन्ना जाग गई है।

05:46.843 --> 05:49.603
[विजय]: सा**, इस दुनिया में अपने आप को
हम ढक कर छुपा रहे हैं

05:50.203 --> 05:51.283
और तुम...

05:52.563 --> 05:53.643
नंगे होकर।

05:54.643 --> 05:57.683
भैया, ढकोगे तो सब देखना चाहेंगे,

05:58.323 --> 06:00.403
नंगे हो जाओगे तो दूर भागेंगे।

06:01.443 --> 06:03.763
भैया, बहुत मुश्किल है ये चोला पहनना।

06:05.363 --> 06:07.443
ना, बाबा, ना।
हम से ना होगा अब।

06:08.363 --> 06:11.603
[विजय]: क्या बात है, कट्टा?
आजकल ये होंठ पढ़ना छोड़ के

06:13.923 --> 06:14.923
आधुनिक हो गए हो?

06:15.043 --> 06:16.763
[कट्टा]: सब महाकाल का चमत्कार है।

06:20.763 --> 06:22.283
भैया, अब तो बताओ

06:23.323 --> 06:24.683
कि अब करना क्या है?

06:28.283 --> 06:30.323
[विजय]: बहुत कुछ करना है, कट्टा।

06:32.283 --> 06:33.563
बहुत कुछ।

06:34.803 --> 06:37.923
[रिक्शावाला]: बनारस की एक कहावत
बहुत ही प्रसिद्ध है, बाबू जी।

06:38.083 --> 06:40.363
राड़, साड़, सीढ़ी, सन्यासी,

06:40.523 --> 06:43.323
इन से बचे तो सेवे कासी।

06:43.763 --> 06:45.283
[रिक्शावाला]: ये देखिए, बाबू जी।
[चाचा जी]: राम नाम...

06:45.403 --> 06:47.363
[रिक्शावाला]: इन्हें ले जा रहे हैं
मणिकर्णिका घाट। [रिश्तेदार]: सत्य है!

06:48.083 --> 06:51.563
[रिक्शावाला]: जीवन की अंतिम यात्रा
काशी में ही ख़त्म होती है, बाबू जी।

06:52.523 --> 06:54.203
आप बिलकुल सही जगह आए हैं।

06:54.643 --> 06:56.563
[चाचा जी]: राम नाम...
[सभी लोग]: सत्य है!

06:58.043 --> 06:59.163
[कॉन्स्टेबल 1]: अबे!

06:59.883 --> 07:02.803
चलो, बे! आ गया सब्ज़ी। उतारो।

07:04.603 --> 07:06.523
अबे, थोड़ा जल्दी-जल्दी हाथ बँटाओ।

07:06.803 --> 07:07.763
पकड़ो।

07:08.123 --> 07:09.083
कितनी पूरी बनाए हो?
(पान की पीक थूकने की आवाज)

07:09.203 --> 07:11.443
थोड़ा हाथ-वाथ चलाओ, यार।
इतना ही बनाया है मिठाई।

07:11.843 --> 07:13.523
साहब का जन्मदिन है आज।

07:15.723 --> 07:18.313
[कॉन्स्टेबल 2]: अरे, सर, आप भी खाइए
देशी घी का लड्डू है। आप भी खाइए।

07:18.323 --> 07:19.433
[बदमाश]: साहब!
[कॉन्स्टेबल 2]: छील देंगे!

07:19.443 --> 07:21.243
[बदमाश]: मत मारो! नहीं, हम ने कुछ
नहीं किया, साहब। [कॉन्स्टेबल 3]: छील देंगे!

07:21.363 --> 07:23.003
[कॉन्स्टेबल 3]: भाभी बहलाता है...
[कॉन्स्टेबल 4]: क्या बात है, साहब?

07:23.123 --> 07:25.043
[कॉन्स्टेबल 4]: किस से मिलना है?
[हिमांशु]: आप के इंचार्ज से मिलना है।

07:25.163 --> 07:27.003
[कॉन्स्टेबल 2]: खाइए, सर। खाइए, सर।
ख़ुशखबरी है। [हिमांशु]: उन से कहिए...

07:27.123 --> 07:28.803
[हिमांशु]: एसीपी हिमांशु पटनायक,
बॉम्बे पुलिस।

07:28.923 --> 07:30.163
[कॉन्स्टेबल 4]: ठीक है, सर।

07:32.003 --> 07:33.363
[कॉन्स्टेबल 2]: सर। लड्डू खाएंगे, सर?

07:33.723 --> 07:35.723
[हिमांशु]: नहीं। नहीं।
[कॉन्स्टेबल 2]: देशी घी का है, सर। खा लीजिए।

07:38.523 --> 07:40.963
[कॉन्स्टेबल 4]: जय हिंद, सर।
बॉम्बे से एसीपी साहब आए हैं।

07:41.763 --> 07:43.643
[पाठक]: लाओ उन को अंदर। बुलाओ।

07:51.243 --> 07:52.363
जय हिंद, सर।

07:52.883 --> 07:55.403
वो क्या है ना, सर?
आज थोड़ी अशांति है।

07:56.163 --> 07:57.723
हमारा जन्मदिन है ना, सर।

07:58.643 --> 07:59.963
आप सब छोड़िए, सर।

08:00.523 --> 08:02.883
ये बताइए।
आने में कोई तकलीफ़ तो नहीं हुई?

08:03.243 --> 08:04.283
[हिमांशु]: जी, नहीं।

08:05.483 --> 08:08.283
[पाठक]: कोई बात नहीं। कोई बात नहीं।
तकलीफ़ तो अब होगी, सर।

08:09.203 --> 08:10.163
[हिमांशु]: क्या कहा?

08:10.963 --> 08:12.683
[पाठक]: मज़ाक कर रहा था, सर। बस।

08:12.843 --> 08:15.083
आप के मज़ाक का
जवाब दे रहा था, बस।

08:15.403 --> 08:17.163
[हिमांशु]: लेकिन मैंने कोई
मज़ाक किया नहीं अब तक।

08:17.803 --> 08:21.243
[पाठक]: अरे, सर।
चार साल हो गए विजय सिंह को मरे।

08:21.723 --> 08:25.043
और आप बंबई से चल करके
बनारस उस को खोजने चले आए हैं।

08:25.883 --> 08:27.563
मज़ाक नहीं है तो और क्या है, सर?

08:28.443 --> 08:31.603
अब देखिए। वो तो
हमारी फ़ाइलों में भी बंद हो चुका है।

08:32.443 --> 08:35.443
[हिमांशु]: सच जो है ना, अ...
राजेश पाठक जी,

08:36.603 --> 08:39.163
वो बिल्ली की तरह
अंधेरे में छुप कर बैठता है।

08:39.963 --> 08:41.923
बत्ती जलाने पर
फट से सामने आ जाता है।

08:42.483 --> 08:44.443
तो अगर आप अपने
दिमाग़ की बत्ती जलाएँगे ना,

08:44.643 --> 08:46.083
तो शायद आप को भी
सच दिखाई देगा।

08:47.083 --> 08:50.243
[पाठक]: सर, बहुत आदर के साथ
सूचित करना चाहता हूँ आप को

08:50.723 --> 08:53.643
कि ये बनारस है,
यहाँ बॉम्बे जैसा नहीं है।

08:54.043 --> 08:56.803
कि कोई दुबई में बैठ करके
उस को संचालित कर रहा हो।

08:57.163 --> 08:59.163
यहाँ हर गली में रंगबाज़ हैं।

08:59.283 --> 09:01.123
और जो बच्चे हैं ना, सर, यहाँ के,

09:01.683 --> 09:03.443
माँ-पिता कहने से पहले

09:03.563 --> 09:05.683
माँ-बहन करना सीख जाते हैं।

09:06.043 --> 09:08.803
बस्ता बाँधने से पहले
बम बनाने लगते हैं, सर।

09:09.323 --> 09:12.803
आप जो ये गड़े मुर्दे उखाड़ रहे हैं ना, सर,
बंद करिए ये सब।

09:13.963 --> 09:16.043
[पाठक]: मैं कुछ समझा नहीं।
ज़रा विस्तार से समझाएंगे।

09:16.403 --> 09:17.763
[पाठक]: ख़ैर छोड़िए इन बातों को।

09:17.883 --> 09:19.923
आप बस खाना-वाना खाइए, सर।

09:20.363 --> 09:22.283
बढ़िया। एकदम फ्रेश बन ही रहा है।

09:22.963 --> 09:24.403
और एक काम करिए, सर।

09:24.683 --> 09:26.763
यहाँ से पलट जाइए
आप बॉम्बे की तरफ़।

09:26.883 --> 09:29.163
[हिमांशु]: आप को आदेश मिले हैं ना
मेरा सहयोग करने का?

09:30.323 --> 09:32.723
आप वही कीजिए,
जो आप के आदेश में लिखा गया है।

09:33.563 --> 09:35.003
और कितने गड़े मुर्दे उखाड़ने हैं

09:35.123 --> 09:38.123
और कितने ज़िंदा को मुर्दा बनाना है,
ये आप मुझ पे छोड़िए। समझे?

09:38.803 --> 09:40.363
[पाठक]: ख़ैर, आप की मर्ज़ी।

09:40.843 --> 09:42.723
ए! सुनो, जी!

09:44.923 --> 09:46.083
[केशव]: सर।

09:47.403 --> 09:50.963
[पाठक]: आप बंबई से आए हैं -
एसीपी हिमांशु पटनायक।

09:51.403 --> 09:52.643
[केशव]: सर।

09:52.923 --> 09:54.523
[पाठक]: आप को एक काम करना है।
इन के साथ

09:54.643 --> 09:57.883
एकदम चिपक के रहना है,
बिलकुल 24 घंटे, परछाई की तरह।

09:58.123 --> 10:00.123
[केशव]: जी, सर।
एकदम बिलकुल परछाई की तरह, सर।

10:01.243 --> 10:02.483
[हिमांशु]: गाड़ी मिलेगी?

10:04.843 --> 10:07.043
[पाठक]: वाहन है ना आप के पास, केशव जी?

10:07.483 --> 10:08.843
[केशव]: सर, वो पेट्रोल का थोड़ा...

10:10.563 --> 10:12.523
[पाठक]: ईंधन की चिंता मत करिए आप।

10:12.923 --> 10:15.123
हम व्यवस्था कर देंगे सब। हाँ?

10:15.763 --> 10:16.723
[केशव]: जी, सर।
[पाठक]: सर।

10:16.843 --> 10:19.483
[पाठक]: पूरा सहयोग मिलेगा, सर,
हमारे विभाग की तरफ़ से।

10:19.723 --> 10:21.483
और हम सब आप के साथ हैं, सर।

10:58.043 --> 11:00.163
[विजय]: अरे!
[रोली]: यहाँ कितना सुकून है।

11:00.403 --> 11:01.643
[रोली]: है ना?

11:03.123 --> 11:06.123
[विजय]: ज़िंदगी जो है ना,
बड़ी ख़ूबसूरत लगती है यहाँ से आप के साथ।

11:07.923 --> 11:09.163
[रोली]: चाचा जी।

11:13.363 --> 11:17.123
[रामानंद]: माने, एक बात थी,
जो कई दिनों से करना चाहते थे।

11:18.043 --> 11:20.203
पर पता नहीं क्यों हिचकिचा रहे थे?

11:21.123 --> 11:22.483
[विजय]: कौन सी बात?

11:24.243 --> 11:26.003
[रामानंद]: सोच रहे थे, कैसा रहे अगर

11:26.403 --> 11:28.283
तुम्हारे और रोली के प्यार को

11:29.763 --> 11:31.443
रिश्ते की गरीमा दे दी जाए?

11:32.843 --> 11:33.843
(रोली के मुस्कुराने की आवाज़)

11:34.643 --> 11:35.763
[रामानंद]: विवाह।

11:36.323 --> 11:37.763
(रोली के शर्माने और मुस्कुराने की आवाज़)

11:43.723 --> 11:45.883
[रामानंद]: हम बात करेंगे
तुम्हारी माता जी से।

11:48.083 --> 11:49.403
[विजय]: चाचा जी।

11:52.043 --> 11:55.323
[रामानंद]: विजय, तुम्हारे लिए कुछ भी।

11:59.723 --> 12:01.123
हमेशा ख़ुश रहो।

12:13.123 --> 12:14.843
[पंडित जी]: ...आसने विनियोगः।

12:15.043 --> 12:18.043
ॐ पृथ्वी त्वया धृता लोका
देवी त्वम् विष्णुना धृता।

12:18.163 --> 12:20.843
त्वम् च धारय मां देवी
पवित्रं कुरु चासनम्।

12:20.963 --> 12:22.683
गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः

12:22.803 --> 12:24.563
गुरुर्देवो महेश्वरः।

12:24.683 --> 12:26.363
गुरुःसाक्षात् परब्रह्म

12:26.483 --> 12:28.163
तस्मै श्रीगुरवे नम:।

12:28.283 --> 12:30.363
गजाननं भूतगणादि सेवितं,

12:30.483 --> 12:32.843
कपित्थ जम्बूफल चारु भक्षणम्।

12:33.163 --> 12:35.243
उमासुतं शोक विनाशकारकं,

12:35.363 --> 12:36.243
नमामि...
(शहनाई बजने की आवाज़)

12:36.363 --> 12:38.603
(मंत्री की गाड़ियों के साइरन की आवाज़)

12:41.203 --> 12:42.723
[डीएम]: कब तक आएँगे मिनिस्टर साहब?

12:42.843 --> 12:44.363
[वसीम का पीए]: पता चलते ही बता दूँगा, सर।

12:44.963 --> 12:46.123
[डीएम]: तुम भी मज़े ले रहे हो?

12:46.243 --> 12:48.083
[वसीम का पीए]: नहीं, डीएम साहब।
हम मज़ाक क्यों करेंगे?

12:48.203 --> 12:51.723
[डीएम]: अरे, एक महीना हो गया है। ना
मुलाक़ात होती है, ना उन की कोई ख़बर मिलती है।

12:51.843 --> 12:53.483
[वसीम का पीए]: डीएम साहब, अपनी छोड़िए।

12:53.643 --> 12:55.523
कुर्सी तक से तो
उन की मुलाक़ात नहीं हुई,

12:55.803 --> 12:57.163
जब से मंत्रालय संभाला है।

12:58.163 --> 12:59.323
ये लो। आ गए।

12:59.563 --> 13:01.923
(मंत्री की गाड़ियों के साइरन की आवाज़)

13:06.843 --> 13:08.243
[वसीम का पीए]: डीएम साहब आए हैं।

13:08.763 --> 13:09.763
[डीएम]: आदाब।

13:09.883 --> 13:11.483
[डीएम]: कुछ काम था आप से।
[वसीम]: करवाते हैं।

13:17.683 --> 13:19.043
[वसीम]: बताओ।
क्या सेवा कर सकते हैं?

13:20.363 --> 13:21.363
[डीएम]: शुक्रिया, सर।

13:21.483 --> 13:23.363
अ... सर,
मैं ये कह रहा था कि

13:23.483 --> 13:25.643
पिछले एक महीने से अधिकारियों के

13:25.843 --> 13:28.483
ट्रांसफर और पोस्टिंग की फाइलें
आप की ही टेबल पर पड़ी हुई हैं।

13:29.843 --> 13:30.883
[वसीम]: क्या बोले?

13:31.803 --> 13:33.283
[डीएम]: नहीं, मेरा मतलब है कि

13:33.443 --> 13:35.283
आप के विभाग की
टेबल पर पड़ी हुई है।

13:35.963 --> 13:37.473
अगर इस पर जल्द फ़ैसला ना हुआ,

13:37.483 --> 13:39.163
तो मुश्किल हो सकती है।
(लैंडलाइन फ़ोन बजने की आवाज़)

13:39.283 --> 13:41.043
और मुश्किल ये है कि

13:41.163 --> 13:42.243
[डीएम]: कुछ लोगों के फ़ोन भी आ रहे हैं।
[वसीम का पीए]: हेलो?

13:42.363 --> 13:43.203
[सरस्वती]: वसीम ख़ान से बात करवाइए।
[डीएम]: आप समझ रहे हैं ना?

13:43.323 --> 13:46.083
[वसीम का पीए]: जी। सरस्वती देवी जी का फ़ोन है।
[डीएम]: तो...

13:48.923 --> 13:49.723
[वसीम]: हूँ?

13:49.843 --> 13:53.363
[सरस्वती]: जब से सीएम साहब को मालूम हुआ है
कि विजय सिंह ज़िंदा है,

13:53.723 --> 13:55.403
आप की चिंता लगी रहती है यहाँ उन्हें।

13:55.723 --> 13:57.163
इसलिए हम ने फ़ोन कर लिया।

13:57.803 --> 13:59.643
तो अतिरिक्त सावधानी बरतिए।

14:00.403 --> 14:02.323
और मंत्रालय की व्यवस्था नियमित करिए।

14:03.043 --> 14:04.523
महत्वपूर्ण मंत्रालय है।

14:04.803 --> 14:06.603
लंबी अनुपस्थिति उचित नहीं होगी।

14:07.083 --> 14:08.963
[वसीम]: वो क्या है कि गृह मंत्री हम हैं।

14:09.763 --> 14:13.003
उचित क्या है, अनुचित क्या है,
अच्छी तरह जानते हैं।

14:14.963 --> 14:15.923
रखते हैं।

14:35.763 --> 14:37.083
[रोली]: विजय?

14:38.723 --> 14:40.083
विजय।

14:41.843 --> 14:45.003
यहाँ अकेले छत पर
आसमान देखते हुए कुछ सोच रहे हो।

14:45.363 --> 14:47.403
मतलब, कुछ गंभीर सोच रहे हो।

14:47.763 --> 14:48.883
हूँ?

14:49.443 --> 14:50.923
[विजय]: पता है, रोली जी?

14:51.603 --> 14:53.323
मन करता है कहीं दूर चले जाएँ।

14:53.483 --> 14:55.123
एक नयी ज़िंदगी की शुरुआत करें।

14:57.363 --> 14:59.083
जहाँ हमारी ज़िंदगी पर

15:00.163 --> 15:02.203
हमारे अतीत के कर्मों का बोझ ना हो।

15:03.763 --> 15:04.923
[रोली]: हो जाएगा।

15:06.323 --> 15:09.283
बड़े चाचा ने कहा है
वो सब इंतज़ाम कर देंगे।

15:10.443 --> 15:11.523
हूँ?

15:19.083 --> 15:21.283
[दुकानदार]: हाँ? और क्या चाहिए?
[बेचन]: हाँ?

15:21.563 --> 15:22.923
[दुकानदार]: और क्या चाहिए?

15:23.523 --> 15:25.283
[बेचन]: इंगलिश होता तो...

15:25.603 --> 15:27.203
[दुकानदार]: इंगलिश तो यहाँ नहीं है।

15:27.403 --> 15:28.683
[बेचन]: अरे, रखा करो इंगलिश।

15:28.803 --> 15:30.203
[सदानंद]: ये लीजिए इंगलिश।
[दुकानदार]: लीजिए।

15:30.323 --> 15:32.323
[सदानंद]: वैसे आप तो
अपना मानते नहीं हैं।

15:33.083 --> 15:35.403
चलिए,
रोली के नाते ही सही।

15:36.683 --> 15:37.763
पीजिए।

15:38.243 --> 15:39.563
ये सारी बोतल आप की है।

15:41.283 --> 15:42.563
[बेचन]: लेकिन आप हैं कौन?

15:43.283 --> 15:44.363
[सदानंद]: पहचानिए।

15:47.243 --> 15:48.883
[बेचन]: रामानंद जी के भाई हैं?

15:50.203 --> 15:51.363
[सदानंद]: सदानंद।

15:52.363 --> 15:54.283
भाई के नाम से ही जाना जाता हूँ।

15:54.963 --> 15:56.763
वैसे तो बहुत लोग
गोबर गणेश भी कहते हैं।

15:56.963 --> 15:58.163
[बेचन]: आ...

15:59.243 --> 16:00.443
[सदानंद]: नमस्ते।
[बेचन]: जी।

16:03.843 --> 16:04.883
[सदानंद]: चीयर्स।
[बेचन]: चीयर्स।

16:05.443 --> 16:06.283
[सदानंद]: जी।

16:15.923 --> 16:16.883
वो कोई अ...

16:18.483 --> 16:20.003
विजय से मिलना चाहते हैं।

16:22.723 --> 16:24.043
[बेचन]: बड़ी जल्दी चढ़ गई।

16:26.123 --> 16:26.923
(बेचन के मुस्कुराने की आवाज़)

16:27.043 --> 16:29.163
[बेचन]: मरे हुए आदमी से
कोई मिलने आता है क्या?

16:31.363 --> 16:32.643
विजय तो बेचारा...

16:33.683 --> 16:34.723
(सदानंद के हँसने की आवाज़)

16:35.523 --> 16:36.883
[सदानंद]: दुनिया के लिए ना?

16:38.123 --> 16:39.843
अब आप हमें पहाड़ा ना पढ़ाइए।

16:40.763 --> 16:43.883
देखिए, हमें पता है
कि आप को उस की चिंता है।

16:45.083 --> 16:47.443
लेकिन हम भी उस के शुभचिंतक हैं।

16:48.403 --> 16:49.923
भाई, हमारा दामाद है वो।

16:50.643 --> 16:52.443
हमारी अपनी भतीजी का पति।

17:03.283 --> 17:04.923
[बेचन]: कुछ बोलना चाहते हैं?

17:06.203 --> 17:07.763
तो साफ़-साफ़ बताइए।

17:12.723 --> 17:14.483
[सदानंद]: तो साफ़-साफ़ बात ये है

17:15.203 --> 17:17.203
कि विजय का इस्तेमाल हो रहा है।

17:18.403 --> 17:19.403
डर है,

17:20.243 --> 17:23.323
कहीं उस का भी वही हाल ना हो,
जो रोली के माँ-बाप का हुआ।

17:27.363 --> 17:29.043
[बेचन]: म... मतलब?

17:31.603 --> 17:34.163
इस बात से विजय को
क्यों जोड़ रहे हैं?

17:37.163 --> 17:40.043
रो... रोली के माता-पिता तो

17:41.563 --> 17:43.563
दुर्घटना में मारे गए थे ना?

17:44.323 --> 17:45.563
[सदानंद]: मरे थे

17:46.763 --> 17:48.003
या मारे गए थे?

17:51.203 --> 17:53.363
इसलिए हम आप को सचेत कर रहे हैं।

17:55.763 --> 17:58.523
किसी पे इतना अंधविश्वास करना ठीक नहीं।

18:02.283 --> 18:06.043
विजय को उन लोगों के साथ रहना चाहिए,
जो उन के अपने हैं,

18:07.123 --> 18:08.683
जो उन का भला चाहते हैं।

18:13.123 --> 18:17.403
जो उस को उस का खोया हुआ
पूर्वांचल देना चाहते हैं।

18:20.083 --> 18:20.963
(बेचन के मुस्कुराने की आवाज़)

18:22.923 --> 18:26.003
[बेचन]: अपने बड़े भाई के ख़िलाफ़
हमें भड़का रहे हो?

18:26.883 --> 18:27.963
(सदानंद के हँसने की आवाज़)

18:28.363 --> 18:29.803
[सदानंद]: सा** भाई!

18:31.723 --> 18:34.243
भाई है इसलिए तो सब जानते हैं।

18:37.083 --> 18:39.963
अगर विश्वास नहीं है ना,
तो पता करवा लीजिएगा।

18:42.163 --> 18:44.283
रोली उस समय कॉलेज में पढ़ती थी,

18:45.963 --> 18:47.363
जब भाई साहब

18:48.363 --> 18:50.443
रोली के माता-पिता को...

18:55.123 --> 18:56.803
जब तक आप

18:57.723 --> 19:01.603
अपने आँखों से
ये एहसान का पर्दा नहीं हटाएंगे ना,

19:02.803 --> 19:03.683
तब तक

19:04.523 --> 19:06.043
सच दिखाई नहीं देगा।

19:13.403 --> 19:14.683
(दरवाज़ा खटखटाने की आवाज़)

19:21.323 --> 19:23.003
[गार्ड]: चाचा, प्रणाम।
[बेचन]: प्रणाम।

19:23.843 --> 19:25.323
[बेचन]: विजय?
[गार्ड]: अंदर है, चाचा।

19:30.883 --> 19:32.323
[रोली]: सुनिए ना।
[विजय]: कहिए ना।

19:32.443 --> 19:33.963
[रोली]: आज चंद्रग्रहण है।

19:34.083 --> 19:35.963
कल आप हमें घाट पर लेकर चलिएगा।

19:36.083 --> 19:37.803
हम स्नान करके ही कुछ खाएंगे।

19:38.283 --> 19:39.483
[विजय]: जो हुक्म, रानी साहिबा।

19:39.603 --> 19:42.643
[रोली]: अच्छा? रानी साहिबा?
कौन से प्रदेश की?

19:43.763 --> 19:45.963
[विजय]: हमारे मन के प्रदेश की।

19:46.603 --> 19:47.923
[रोली]: आप भी ना।
(मुस्कुराते हुए)

19:48.923 --> 19:52.283
[विजय]: हम क्या सोच रहे थे
कि कलकत्ता में एक छोटा सा घर ले लेंगे।

19:52.603 --> 19:56.203
[रोली]: वाह! रानी साहिबा
एक छोटे से घर में कैसे रहेगी?

19:56.323 --> 19:58.003
हमें पाँच कमरे का घर चाहिए।

19:59.163 --> 20:00.883
[विजय]: आप कहिए तो पूरा
विक्टोरिया ही ख़रीद लेते हैं।

20:01.003 --> 20:01.923
[रोली]: हूँ!

20:02.043 --> 20:03.123
बस भी कीजिए।

20:03.563 --> 20:04.843
हम यहीं ठीक हैं।

20:14.243 --> 20:16.443
[रामानंद]: आप को विजय सिंह का
टिकट कराना है।

20:16.803 --> 20:19.123
[रामानंद]: और उस तक पहुँचाना है। ज़रूरी है।
[रामानंद का पीए]: जी।

20:19.403 --> 20:20.843
[रामानंद का पीए]: जी, करवा के
पहुँचा देता हूँ। [रामानंद]: हाँ।

20:20.963 --> 20:22.643
[सदानंद]: भाई साहब।
[रामानंद]: अरे, बेवकूफ़!

20:22.763 --> 20:24.203
[रामानंद]: दिख नहीं रहा है
मीटिंग कर रहे हैं?

20:24.443 --> 20:26.443
[सदानंद]: भाई साहब,
एक बहुत गुप्त बात करनी थी।

20:26.563 --> 20:28.003
आप को जानना बहुत ज़रूरी है।

20:29.403 --> 20:30.523
[रामानंद का पीए]: जी, सर।

20:32.683 --> 20:33.683
[रामानंद]: क्या बात है?

20:34.563 --> 20:35.883
[सदानंद]: बेचन चाचा मिले थे।

20:36.523 --> 20:38.803
ब्रह्मानंद भैया के बारे में
जानकारी हासिल कर रहे थे।

20:39.123 --> 20:41.563
मतलब, समझिए
कि वो पूछ ही रहे थे।

20:43.323 --> 20:45.003
[सदानंद]: मैंने कुछ नहीं बताया।

20:45.483 --> 20:48.123
लेकिन मुझे लगता है,
कहीं से उन को हिंट मिला है।

20:58.283 --> 20:59.763
मैं गाय को खाना खिलाता हूँ।

21:06.243 --> 21:08.403
[बेचन]: पैसे-वैसे समय पर मिल रहे हैं ना?
[सभी मज़दूर]: हाँ, साहब। जी, सर।

21:08.523 --> 21:09.643
[बेचन]: कोई दिक़्क़त हो तो बताना।

21:09.763 --> 21:11.443
[बेचन]: ठीक है?
[मज़दूर]: जी, साहब। जी, ठीक है।

21:21.963 --> 21:24.003
[बेचन]: तो... अच्छा।

21:24.443 --> 21:26.363
[मज़दूर 2]: चलिए, साहब।
[बेचन]: मिलते हैं, हाँ।

21:34.243 --> 21:35.923
(गाड़ी स्टार्ट करने की आवाज़)

22:30.883 --> 22:33.323
[बेचन]: छोड़ो मुझे!
[बिलाल]: अबे लेकर आओ इधर! ब***द!

22:33.803 --> 22:35.523
[बिलाल]: इधर आओ! चल!
[बेचन]: ए!

22:37.683 --> 22:40.483
[वसीम]: आदरणीय, बेचन चाचा।

22:41.683 --> 22:43.603
आप जीयें या मरें,
हमें फ़र्क नहीं पड़ता।

22:44.283 --> 22:47.683
लेकिन क्या है कि उस चू**
विजय सिंह को फ़र्क पड़ता है।

22:48.603 --> 22:50.403
और उसे दोबारा मारने के लिए

22:50.723 --> 22:52.723
आज आप का पहली बार
मरना बहुत ज़रूरी है।

22:53.523 --> 22:54.443
समझे?

22:56.843 --> 22:57.723
(बेचन के थूकने की आवाज़)

22:59.523 --> 23:00.883
[वसीम]: दो कौड़ी के कुत्ते!

23:02.043 --> 23:04.123
विजय सिंह तुझे छोड़ेगा नहीं, ब***द!

23:05.283 --> 23:07.123
[वसीम]: पूरा ख़ानदान मुँह** है, यार।

23:07.243 --> 23:11.203
तेरी माँ का! चल तेरी माँ का! ले!
(मुक्के मारने और बेचन के कराहने की आवाज़)

23:11.803 --> 23:14.883
तेरी माँ का चाचा मारूँ! मा***द!
(मुक्के मारने और बेचन के कराहने की आवाज़)

23:15.843 --> 23:17.523
ब***द!
(सीढ़ियों से गिरने की आवाज़)

23:19.523 --> 23:21.643
हट तेरी, ब***द!

23:21.843 --> 23:23.483
ज़्यादा बात करता है, सा**!

23:23.603 --> 23:25.443
मा***द!
(लात मारने की आवाज़)

23:25.603 --> 23:27.363
[बेचन]: मार! मार!

23:27.643 --> 23:30.083
तेरी माँ का! मारता हूँ तुझे! चल!

23:30.523 --> 23:33.363
चल तेरी! ब***द, चल!

23:36.243 --> 23:37.363
चल!
(चिल्लाते हुए)

23:40.083 --> 23:42.083
[बेचन]: छोड़ेगा नहीं विजय तुझे।

23:42.603 --> 23:44.283
[वसीम]: क्या बोला? क्या बोला?

23:44.643 --> 23:45.923
ब***द! दे!

23:46.643 --> 23:47.723
तेरी माँ का!

23:47.843 --> 23:50.443
(बंदूक से गोलियाँ चलाने की आवाज़)

23:51.083 --> 23:54.723
(दुखद पार्श्व संगीत)

23:55.163 --> 23:57.883
[वसीम]: अगर सुबह तक कोई इस कुत्ते की
लाश लेने नहीं आया,

23:58.123 --> 24:00.683
[वसीम]: तो गाड़ देना मा***द को!
[बिलाल]: जी, भाई।

24:02.963 --> 24:04.643
[छुन्नू]: जल्दी, जल्दी रखो सामान। फ़टाफ़ट!

24:04.843 --> 24:06.483
[छुन्नू]: पता नहीं है, समय हो गया है।
[ड्राईवर]: अरे, जल्दी आइए।

24:06.603 --> 24:08.403
[छुन्नू]: अरे, भैया! भैया, जल्दी आइए ना नीचे।
[विजय]: हाँ?

24:08.523 --> 24:10.643
[छुन्नू]: क्या कर रहे हैं आप ऊपर?
[विजय]: अरे, बस आ गए, चुन्नु। आ गए।

24:10.763 --> 24:13.283
[छुन्नू]: देखिए, भैया। समय हो गया है,
फिर ट्रेन निकल जाएगी। बता रहे हैं आप को।

24:13.683 --> 24:16.443
[विजय]: बाबू, ऐसा है कि ट्रेन हम को
छोड़ के तो नहीं निकलेगी।

24:16.683 --> 24:18.483
और हम भी सब का
बिना आशीर्वाद लिए जाएंगे नहीं।

24:23.803 --> 24:26.923
[कट्टा]: भैया! भैया!
(रोते हुए)

24:28.803 --> 24:30.683
च... चा...
(रोते हुए)

24:31.763 --> 24:32.843
चाचा।
(रोते हुए)

24:33.043 --> 24:35.123
[विजय]: अरे, हम भी वही पूछ रहे हैं।
किधर हैं बेचन चाचा?

24:35.803 --> 24:38.883
[कट्टा]: चाचा को मार के उन की लाश
घाट के सीढ़ियों पे रखी है।

24:40.723 --> 24:43.163
वसीम ख़ान भी है वहाँ
और पुलिस के आदमी भी।

24:49.723 --> 24:50.923
पागल हो गए हो तुम।

24:51.963 --> 24:54.203
[विजय]: अरे, हम चाचा का
इंतज़ार कर रहे हैं अभी।

24:54.563 --> 24:55.883
नया जीवन शुरू करना है।

24:56.003 --> 24:57.803
हम दोनों को
उन से आशीर्वाद लेना है।

24:58.923 --> 25:00.523
[कट्टा]: चाचा को मार दिया वो।
(रोते हुए)

25:00.643 --> 25:03.083
[छुन्नू]: ए! ए, कट्टा। कट्टा।

25:03.843 --> 25:05.083
झूठ बोल रहा है ना, कट्टा?

25:05.203 --> 25:06.843
किसी ने ऐसे ही
ख़बर फैला दी होगी, कट्टा। (रोते हुए)

25:06.963 --> 25:09.043
[कट्टा]: चाचा मर चुके हैं!
[छुन्नू]: नहीं, कट्टा! (रोते हुए)

25:09.163 --> 25:11.963
[छुन्नू]: कट्टा, किसी और के बारे में
सुना होगा तूने! कट्टा! (रोते हुए)

25:12.843 --> 25:15.043
[छुन्नू]: वसीम ख़ान!
(चिल्लाते हुए)

25:15.363 --> 25:18.723
उस मा***द को मार देंगे, भैया,
हम बता रहे हैं आप को। (रोते हुए)

25:19.123 --> 25:21.843
अब समय आ गया है
पूर्वांचल विस्फोट का! (रोते हुए)

25:22.163 --> 25:24.443
[छुन्नू]: इस की माँ को चो** हम!
[रोली]: छुन्नू! छुन्नू! छुन्नू!

25:24.563 --> 25:26.603
[विजय]: छुन्नू! छुन्नू, छुन्नू, छुन्नू।
[छुन्नू]: भैया, छोड़िए।

25:26.923 --> 25:29.163
[छुन्नू]: भैया! भैया! भैया!
[विजय]: छुन्नू।

25:29.283 --> 25:32.003
[छुन्नू]: भैया, हमें पिता जी की
लाश चाहिए, भैया! (रोते हुए)

25:32.323 --> 25:34.043
[विजय]: बेचन चाचा की

25:35.203 --> 25:36.523
लाश मिलेगी।

25:38.723 --> 25:40.603
और उन की अर्थी भी यहीं से उठेगी।

25:41.443 --> 25:43.123
ये हमारा वादा है तुम से।

25:52.123 --> 25:54.163
[उद्घोषक]: हर हर...
[सभी भक्त]: महादेव! (चिल्लाते हुए)

25:54.283 --> 25:56.163
[उद्घोषक]: हर हर...
[सभी भक्त]: महादेव! (चिल्लाते हुए)

25:56.283 --> 25:58.083
[उद्घोषक]: हर हर...
[सभी भक्त]: महादेव! (चिल्लाते हुए)

25:58.203 --> 25:59.563
[उद्घोषक]: हर हर...

26:04.763 --> 26:07.163
[दरोगा जी]: सर। सर, आप को यहाँ से
निकलना पड़ेगा, सर।

26:08.043 --> 26:09.523
सर, हम सब संभाल लेंगे, सर।

26:10.403 --> 26:11.763
[वसीम]: आज कार्यवाही हम कर रहे हैं।

26:11.883 --> 26:14.363
सर। प्लीज़, सर।
समझने की कोशिश कीजिए, सर।

26:14.483 --> 26:16.803
[उद्घोषक]: हर हर...
[सभी भक्त]: महादेव! (चिल्लाते हुए)

26:16.923 --> 26:19.203
[उद्घोषक]: हर हर...
[सभी भक्त]: महादेव! (चिल्लाते हुए)

26:19.323 --> 26:23.843
[उद्घोषक]: हर हर...
[सभी भक्त]: महादेव! (चिल्लाते हुए)

26:24.123 --> 26:25.123
[वसीम]: ये कहाँ से आ गए?

26:25.363 --> 26:26.683
[दरोगा जी]: महाकाल के भक्त हैं, सर।

26:26.803 --> 26:28.163
दो मिनट में चले जाएंगे, सर।

26:28.323 --> 26:29.643
[वसीम]: कहाँ से?
[दरोगा जी]: इधर से, सर।

26:29.763 --> 26:31.283
[दरोगा जी]: सर,
इन का रास्ता नहीं रोक सकते, सर।

26:31.403 --> 26:32.953
प्लीज़, सर।
साइड होना पड़ेगा, सर।

26:32.963 --> 26:34.123
[उद्घोषक]: हर हर...
[सभी भक्त]: महादेव! (चिल्लाते हुए)

26:34.243 --> 26:36.443
[दरोगा जी]: सर। सर, प्लीज़, सर।

26:36.963 --> 26:38.603
ए, हटाओ इन सबको।
साइड करो। साइड करो।

26:39.163 --> 26:40.923
सर, सर, सर, सर।
प्लीज़, सर, प्लीज़।

26:44.123 --> 26:46.243
[उद्घोषक]: हर हर...
[सभी भक्त]: महादेव! (चिल्लाते हुए)

26:46.363 --> 26:48.563
[उद्घोषक]: हर हर...
[सभी भक्त]: महादेव! (चिल्लाते हुए)

26:48.683 --> 26:51.363
[उद्घोषक]: हर हर...
[सभी भक्त]: महादेव! (चिल्लाते हुए)

26:51.483 --> 26:55.443
[उद्घोषक]: हर हर...
[सभी भक्त]: महादेव! (चिल्लाते हुए)

26:55.603 --> 26:57.843
[उद्घोषक]: हर हर...
[सभी भक्त]: महादेव! (चिल्लाते हुए)

26:58.043 --> 27:00.163
[उद्घोषक]: हर हर...
[सभी भक्त]: महादेव! (चिल्लाते हुए)

27:00.283 --> 27:02.123
[वसीम]: अबे लाश नहीं है!
(चिल्लाते हुए)

27:02.363 --> 27:03.203
ए!
(चिल्लाते हुए)

27:03.323 --> 27:05.083
[उद्घोषक]: हर हर...
[सभी भक्त]: महादेव! (चिल्लाते हुए)

27:05.403 --> 27:07.233
[उद्घोषक]: हर हर...
[सभी भक्त]: महादेव! (चिल्लाते हुए)

27:07.243 --> 27:13.003
(शंख के बजने की आवाज़)
(महादेव के जयघोष की आवाज़)

27:13.283 --> 27:14.793
(सनसनीखेज़ पार्श्व संगीत)

27:14.803 --> 27:16.123
[वसीम]: विजय!
(आवाज़ गूँजते हुए)
