WEBVTT

00:21.923 --> 00:24.883
♪इश्क़ा, इश्क़ा, इश्क़ा...♪

00:25.003 --> 00:27.923
♪इश्क़ा, इश्क़ा, इश्क़ा♪

00:28.083 --> 00:32.563
♪हो गया हूँ मैं।♪

00:34.083 --> 00:36.963
♪दिल की कैसी है मजबूरी?♪

00:37.163 --> 00:40.043
♪सह ना पाए तुझ से दूरी।♪

00:40.203 --> 00:43.163
♪मेरे यारा।♪

00:43.323 --> 00:45.883
♪मेरे यारा।♪

00:46.363 --> 00:49.323
♪मेरी चाहत है अधूरी।♪

00:49.523 --> 00:52.403
♪होगी मिल के तुझ से पूरी।♪

00:52.563 --> 00:55.483
♪मेरे यारा।♪

00:55.643 --> 00:58.323
♪मेरे यारा।♪

00:59.163 --> 01:02.203
♪बेचैनियों को तेरे बिना तो,♪

01:02.323 --> 01:05.353
♪बेताबियों को तेरे सिवा तो♪

01:05.363 --> 01:07.963
♪आए क़रार ना।♪

01:08.443 --> 01:11.123
♪मेहरबाँ, मेहरबाँ।♪

01:11.523 --> 01:14.403
♪मेहरबाँ, मेहरबाँ।♪

01:14.643 --> 01:19.963
♪आ लिखें दो दिलों की दास्ताँ।♪

01:21.243 --> 01:27.283
♪दिल का हुआ है जब से ये लेन-देन है।♪

01:30.563 --> 01:36.123
♪तेरा ही रस्ता तके मेरे दो नैन है।♪

01:36.763 --> 01:42.243
♪दी है ख़ुदा ने तुझे इतनी अदायें।♪

01:42.923 --> 01:48.043
♪चाहे तुझे तो हम कैसे ना चाहें।♪

01:48.483 --> 01:51.403
♪ख़ामोशियों को तेरे बिना तो,♪

01:51.523 --> 01:54.563
♪तनहाइयों को तेरे सिवा तो♪

01:54.683 --> 01:57.363
♪आए क़रार ना।♪

01:57.643 --> 02:00.363
♪मेहरबाँ, मेहरबाँ।♪

02:00.683 --> 02:03.523
♪मेहरबाँ, मेहरबाँ।♪

02:03.843 --> 02:09.403
♪आ लिखें दो दिलों की दास्ताँ।♪

02:10.123 --> 02:11.963
(बादलों के गरजने की आवाज़)
(बारिश गिरने की आवाज़)

02:24.083 --> 02:25.163
[रामानंद का भाई]: अरे!

02:25.883 --> 02:27.363
बुर्क़े वाली ख़ातून!

02:28.683 --> 02:32.043
मतलब, बड़े भाई साहब
कंबल ओढ़ के घी पी रहे हैं, लगता है।

02:32.643 --> 02:33.763
देखता हूँ।

02:52.963 --> 02:54.723
[रामानंद]: सुस्वागतम्, विजय।

02:54.963 --> 02:56.243
(रामानंद के हँसने की आवाज़)

02:56.443 --> 02:57.763
[रामानंद]: सुस्वागतम्।

02:58.163 --> 03:00.483
तुम ने तो, भाई, इतिहास रच दिया।

03:00.963 --> 03:02.443
ऐसा कोई नहीं कर सकता।

03:02.963 --> 03:04.683
माने, भूतो ना भविष्यति।

03:06.563 --> 03:09.243
[रामानंद]: हम तो तुम्हारे ऋणी हो गए।
[विजय]: अरे!

03:10.323 --> 03:12.123
[विजय]: ऐसा कह कर
हमें शर्मिंदा मत कीजिए।

03:13.283 --> 03:16.843
आप ने जो हमारे
और हमारे परिवार के लिए किया है,

03:17.523 --> 03:19.683
इस के लिए हम अपनी
जान भी दे दें, तो कम है।

03:21.243 --> 03:22.803
और वैसे भी, कहते हैं कि...

03:23.483 --> 03:25.123
प्राण लेने वाला कोई भी हो सकता है,

03:26.163 --> 03:29.403
लेकिन देने वाला साक्षात् ईश्वर का रूप।

03:32.083 --> 03:35.403
और हाँ,
अब आप बिलकुल निश्चिंत रहिए।

03:36.483 --> 03:39.163
बंबई से किसी भी तरह की
परेशानी की घंटी नहीं बजेगी।

03:41.403 --> 03:44.723
[रामानंद]: जानते हैं।
सिर्फ़ तुम्हारे लिए ऐसा हुआ है।

03:47.083 --> 03:50.323
हम ने रोली से कहा है
कि तुम हमारे काम से बाहर गए हो।

03:51.283 --> 03:53.083
बहुत चिंतित रहती है।

03:54.003 --> 03:55.523
उस से जाकर मिल लो।

03:56.403 --> 03:57.763
उसे अच्छा लगेगा।

03:58.723 --> 03:59.763
[विजय]: जी।

04:02.603 --> 04:03.603
चलता हूँ।

04:14.923 --> 04:17.803
(रोमांचकारी पार्श्व संगीत)
(बंदूक से गोलियाँ चलने की आवाज़)

05:17.563 --> 05:18.643
[विजय]: कैसी हो?

05:20.003 --> 05:21.163
[रोली]: अब अच्छे हैं।

05:25.123 --> 05:28.483
अ... बड़े चाचा ने आप के लिए
एक सरप्राइज़ प्लान किया है।

05:30.403 --> 05:31.843
[विजय]: सरप्राइज़?

05:36.603 --> 05:38.443
[रोली]: पर पहले आप वादा कीजिए।
[विजय]: हूँ।

05:39.643 --> 05:41.883
[रोली]: कि आप हमें अंधेरे में
रख कर कहीं नहीं जाएंगे।

05:44.363 --> 05:46.363
[विजय]: अब से हमेशा उजाले में रख के जाएंगे।

05:47.083 --> 05:48.203
वादा है।

05:49.003 --> 05:51.923
[विजय]: अब दर्शन कर लें?
[रोली]: हूँ।

05:55.163 --> 05:56.683
[गुंडा 1]: चल, चल। जल्दी, जल्दी, जल्दी।

05:59.083 --> 06:00.283
सलाम, भाई।

06:01.323 --> 06:02.803
[बिलाल]: आइए।
[गुंडा 2]: आदाब।

06:03.323 --> 06:04.363
[गुंडा 3]: सलाम, भाई।

06:04.963 --> 06:07.643
[वसीम]: माल आ गया?
[बिलाल]: हाँ, भाई। कल ही आ गया था।

06:08.683 --> 06:09.673
[वसीम]: हूँ।

06:09.683 --> 06:10.803
[गुंडा 4]: सलाम, भाई।

06:11.723 --> 06:12.723
[गुंडा 5]: सलाम, भाई।

06:14.963 --> 06:16.163
[वसीम]: कितना छापे हो अब तक?

06:16.483 --> 06:19.043
[बिलाल]: साढ़े तीन लाख, भाई।
धड़ा-पेल छपाई चल रही है।

06:20.763 --> 06:22.043
[वसीम]: केवल साढ़े तीन लाख?

06:22.203 --> 06:24.363
[बिलाल]: वो... दो डाई से ही
छाप रहे हैं ना, भाई।

06:25.243 --> 06:27.723
तीन डाई और मंगाई थी,
लेकिन वो बॉर्डर पे कुछ नाटक हो गया तो...

06:28.323 --> 06:31.723
[वसीम]: बिलाल, हमारे जीवन में ना
बहुत चू*** चल रहे हैं।

06:32.363 --> 06:33.923
अपनी तरफ़ से और जोड़ो मत।

06:35.443 --> 06:37.963
दो दिन हैं तुम्हारे पास।
बीस लाख चाहिए हमें।

06:39.363 --> 06:40.883
हाँ, वो हो जाएगा, भाई।
हो जाएगा।

06:41.923 --> 06:43.163
[वसीम]: ज़बान दे रहे हो?

06:44.603 --> 06:45.683
[बिलाल]: जी, भाई।

06:50.243 --> 06:51.443
[गुंडा 5]: बिलाल भाई।

06:54.883 --> 06:56.313
आप से चूक हो गई, भाई।

06:56.323 --> 06:57.753
हम चार लाख रुपये छापे हैं।

06:57.763 --> 06:59.683
आप वसीम भाई को
साढ़े तीन लाख क्यों बोले?

06:59.803 --> 07:03.203
[बिलाल]: अच्छा! हम से चूक हो गई? हाँ?

07:04.003 --> 07:05.803
ऐसा है, भो** के!

07:06.043 --> 07:10.043
किस को साढ़े तीन लाख बोलना है,
किस को पाँच, ये हम तय करेंगे।

07:11.563 --> 07:13.433
अब खड़े क्या हो? छापो!

07:13.443 --> 07:14.753
बीस लाख बोले हैं ना!

07:14.763 --> 07:16.603
[गुंडा 5]: जी, भाई। जी।
[बिलाल]: दो दिन में!

07:17.363 --> 07:18.443
[बिलाल]: ब***द!

07:21.963 --> 07:23.003
[निशांत]: आइए।

07:24.723 --> 07:26.883
(गाड़ी के चलने की आवाज़)

07:27.243 --> 07:28.363
[बेचन]: हूँ।

07:28.483 --> 07:29.483
आओ।

07:31.123 --> 07:33.123
[बेचन]: सब ठीक है? हूँ।
[मज़दूर]: ठीक ही है।

07:40.883 --> 07:43.523
[गुंडा 6]: बेचन सिंह जी,
चलिए, आप को बुलाया है।

07:44.323 --> 07:45.403
[बेचन]: हूँ?

07:45.563 --> 07:46.723
कौन बुलाया है?

07:46.843 --> 07:49.403
[गुंडा 6]: वो तो नहीं बता सकते,
लेकिन आप तो जानते ही हैं

07:49.643 --> 07:51.363
कि हम आप के शुभचिंतक हैं।

07:53.403 --> 07:56.003
[बेचन]: बेटा निशांत, थोड़ा देख लेना, हाँ।

07:56.283 --> 07:58.003
[निशांत]: लेकिन, भैया...
[बेचन]: अरे!

07:58.723 --> 07:59.963
[गुंडा 6]: आइए।

08:00.283 --> 08:01.673
[बेचन]: अरे, कहाँ लेके जा रहे हो?

08:01.683 --> 08:03.843
[गुंडा 6]: अरे, चलिए तो सही।
[बेचन]: कौन बुलाया है?

08:18.523 --> 08:20.443
(भावुक पार्श्व संगीत)
(सुधा के रोने की आवाज़)

08:22.083 --> 08:24.283
[सुधा]: विजय! विजय!
(रोते हुए)

08:25.323 --> 08:26.523
विजय।
(रोते हुए)

08:27.003 --> 08:28.163
विजय।
(रोते हुए)

08:30.403 --> 08:32.763
विजय, तुम कहाँ थे?
(रोते हुए)

08:33.883 --> 08:35.643
कहाँ थे तुम?
(रोते हुए)

08:37.123 --> 08:39.643
हम मर गए थे तुम्हारे बग़ैर।
(रोते हुए)

08:41.723 --> 08:43.083
[विजय]: अरे, नहीं।

08:49.003 --> 08:50.123
छुन्नू।

08:50.403 --> 08:51.483
[छुन्नू]: अम्मा।
[चाची]: हाँ?

08:52.323 --> 08:53.763
[छुन्नू]: आप को मालूम है ये कौन है?
(रोते हुए)

08:55.003 --> 08:56.793
[छुन्नू]: रोली दीदी।
[सुधा]: हाँ, रोली।

08:56.803 --> 08:58.113
[छुन्नू]: पूजा में आई थी हमारे घर पे।

08:58.123 --> 09:00.563
[सुधा]: हाँ, हाँ, रोली।

09:04.083 --> 09:06.683
तुम और तुम्हारे चाचा जी...

09:07.723 --> 09:09.923
[सुधा]: हमारे लिए भगवान की तरह हो।
[रामानंद]: अरे!

09:11.283 --> 09:13.113
[सुधा]: मैं तुम्हारा ये एहसान
कभी नहीं भूल सकती। (रोते हुए)

09:13.123 --> 09:14.563
[रामानंद]: नहीं, भाभी जी। नहीं।

09:15.443 --> 09:17.083
(भावुक पार्श्व संगीत)
(सुधा के रोने की आवाज़)

09:17.563 --> 09:19.683
[रामानंद]: रोली, अभी इन्हें लेके जाओ।
[रोली]: जी?

09:19.923 --> 09:21.923
[रामानंद]: यहाँ पे रहना ठीक नहीं है।
[रोली]: जी।

09:22.323 --> 09:23.323
[सुधा]: हाँ?

09:23.883 --> 09:24.793
[छुन्नू]: आइए।

09:24.803 --> 09:25.763
[सुधा]: विजय।
(रोते हुए)

09:25.963 --> 09:28.643
[सुधा]: कहीं जाना मत, हाँ।
[विजय]: नहीं, माँ। कहीं नहीं जाऊँगा।

09:30.643 --> 09:32.683
(भावुक पार्श्व संगीत)
(सुधा के रोने की आवाज़)

09:43.283 --> 09:44.643
[विजय]: हमारे परिवार से मिला कर
(रोते हुए)

09:46.683 --> 09:47.843
आज जो आप ने...
(रोते हुए)

09:50.723 --> 09:51.843
क्या बात है, चाचा जी?

09:53.403 --> 09:54.523
आप परेशान लग रहे हैं?

09:55.763 --> 09:57.363
[रामानंद]: ख़बर अच्छी नहीं है, विजय।

09:59.443 --> 10:01.923
एसजे अस्पताल कांड में
तुम्हारा नाम उछल चुका है।

10:05.963 --> 10:07.803
अख़बार में भी बात छप चुकी है।

10:08.523 --> 10:09.843
[विजय]: उन्हें कैसे पता चला?

10:10.523 --> 10:11.883
[रामानंद]: वसीम ख़ान।

10:14.203 --> 10:17.963
इंसान की हरकतें बदल जाती हैं,
लेकिन नीयत नहीं बदलती।

10:20.043 --> 10:22.403
[विजय]: इस का मतलब है
कि उसे पता है हम ज़िंदा हैं।

10:24.323 --> 10:26.603
तो अब हमारी भी नीयत
बिलकुल साफ़ है, चाचा जी।

10:27.723 --> 10:30.763
[विजय]: और वो है वसीम ख़ान से बदला।
[रामानंद]: नहीं, नहीं, नहीं, नहीं।

10:31.603 --> 10:33.403
[रामानंद]: ये हम नहीं करेंगे, विजय।

10:34.923 --> 10:36.123
याद रखो।

10:37.323 --> 10:39.723
एक शिकार के बाद
बाघ भी इंतज़ार करता है।

10:40.203 --> 10:41.563
अगले शिकार का।

10:44.043 --> 10:45.883
हम भी इंतज़ार करेंगे।

10:47.443 --> 10:49.003
ये मामला मैं संभालूँगा।

10:50.003 --> 10:51.083
और सुनो।

10:52.283 --> 10:54.363
हम ने बेचन से कहा है तुम से मिलने।

10:55.443 --> 10:56.603
मिलना उस से।

10:57.323 --> 10:58.363
हूँ?

11:11.923 --> 11:14.593
[बिलाल]: आओ, आओ। जल्दी, जल्दी।
अंदर चलें।

11:14.603 --> 11:15.923
मा***द! हाँ!

11:17.563 --> 11:20.313
[बिलाल]: क्या, पंडित जी! भोजन-पानी, हाँ!
[महावीर]: अरे!

11:20.323 --> 11:22.393
[महावीर]: ए! ए!
[महावीर की बहन]: कौन हो तुम लोग?

11:22.403 --> 11:24.353
[बिलाल]: ब***द!
[महावीर की बहन]: कौन हो तुम लोग?

11:24.363 --> 11:25.883
[महावीर की बहन]: मत मारो!

11:28.203 --> 11:31.683
[महावीर की बहन]: रुको! कौन हो तुम लोग?
अम्मा! छोड़ो! [बिलाल]: नेता बनेगा?

11:32.483 --> 11:33.393
[महावीर की बहन]: किस ने भेजा है?

11:33.403 --> 11:34.403
[गुंडा 8]: मारो, भैया!

11:34.563 --> 11:36.363
[बिलाल]: पंडिताई करेंगे!
[महावीर की बहन]: छोड़ो!

11:36.643 --> 11:37.923
[बिलाल]: रे! ले चल इस को!

11:43.763 --> 11:44.723
चल!

11:45.523 --> 11:47.283
[गुंडा 8]: ज़िंदा नहीं छोड़ना है सा** को!

11:47.803 --> 11:49.483
[महावीर की बहन]: छोड़ दो!
[गुंडा 8]: ए!

11:49.683 --> 11:50.763
[गुंडा 9]: ए!

11:51.523 --> 11:53.443
[महावीर की बहन]: महावीर!
[बिलाल]: ए!

11:54.883 --> 11:56.603
[महावीर की माँ]: मत मारो! मत मारो ना!
(रोते हुए)

11:59.603 --> 12:01.403
(महावीर की बहन के रोने की आवाज़)

12:02.443 --> 12:04.723
(कुदाल से पैर पर वार करने की आवाज़)
(महावीर के कराहने और बहन की रोने की आवाज़)

12:08.963 --> 12:11.203
(महावीर की बहन के रोने की आवाज़)

12:12.323 --> 12:14.323
(महावीर को ज़मीन पर घसीटने की आवाज़)
(महावीर के ज़ोरों से कराहने की आवाज़)

12:14.803 --> 12:16.563
[बिलाल]: रामानंद राय के ख़िलाफ़ बोलेगा!

12:19.003 --> 12:21.603
[बिलाल]: देख तेरे को नेतागिरी का इनाम
मिल रहा है! [महावीर की बहन]: छोड़ दो!

12:29.283 --> 12:31.483
(महावीर की बहन के रोने की आवाज़)

12:37.643 --> 12:39.683
(गुंडों के बड़ाबड़ाने की आवाज़)

12:44.443 --> 12:47.763
[बिलाल]: ऊँचा! और ऊपर खींचो!
(फंदा कसने की आवाज़)

12:48.163 --> 12:50.563
देखो! सब आँखें खोल के!
(फंदा कसने की आवाज़)

12:51.283 --> 12:53.363
और कान खोल कर सुनो!
(महावीर के कराहने की आवाज़)

12:53.843 --> 12:58.083
तुम में से जिस किसी को भी लगता है
कि वो पंडिताई पढ़ के

12:58.243 --> 13:00.233
अपनी औक़ात बदल लेगा,

13:00.243 --> 13:02.883
हमारी बराबरी कर लेगा,

13:03.123 --> 13:06.443
वो एक नाम अच्छे से
अपने दिमाग़ में बिठा ले।

13:06.803 --> 13:08.523
रामानंद राय!

13:09.163 --> 13:12.763
जिस की भी आवाज़
रामानंद राय के ख़िलाफ़ गई,

13:13.163 --> 13:16.243
उस की आवाज़ ऐसे टाँग दी जाएगी।

13:16.923 --> 13:18.483
समझे हो कि नहीं?

13:20.243 --> 13:23.673
[न्यूज़ एंकर]: आज शहर में दिन-दहाड़े
एक गरीब छात्र की हत्या कर दी गई।

13:23.683 --> 13:27.123
हत्यारों की ज़बान पे
गृहमंत्री रामानंद राय का नाम था।

13:27.403 --> 13:29.313
जनता में काफ़ी आक्रोश है।

13:29.323 --> 13:31.353
[न्यूज़ एंकर]: विपक्ष ने इस्तीफ़े की माँग
की है। [महावीर की बहन]: रामानंद राय...

13:31.363 --> 13:33.113
[महावीर की बहन]: मुर्दाबाद, मुर्दाबाद!
[सभी छात्र]: रामानंद राय...

13:33.123 --> 13:35.513
[सभी छात्र]: मुर्दाबाद! मुर्दाबाद!
(चिल्लाते हुए)

13:35.523 --> 13:38.203
[सभी छात्र]: रामानंद राय मुर्दाबाद!
मुर्दाबाद! (चिल्लाते हुए)

13:38.323 --> 13:42.123
[सभी छात्र]: हाय-हाय! हाय-हाय!
रामानंद राय हाय-हाय! (चिल्लाते हुए)

13:42.363 --> 13:44.883
[एसपी]: सर, उस लड़के की हत्या को
लोग सीधे आप से जोड़ रहे हैं।

13:45.043 --> 13:46.283
[रामानंद]: लोग नहीं,

13:47.323 --> 13:48.563
कुछ लोग।

13:49.283 --> 13:50.763
कुछ नालायक लोग।

13:51.203 --> 13:52.433
जानते हैं।

13:52.443 --> 13:53.803
[एसपी]: वो लोग संगठित हो रहे हैं।

13:54.163 --> 13:56.283
कानून व्यवस्था की स्थिति भी
ख़राब हो रही है।

13:57.603 --> 13:59.683
मुझे लगता है, सर,
कुछ करना होगा आप को इस में।

14:03.243 --> 14:05.043
[रामानंद]: आप चलिए।
[एसपी]: सर।

14:17.523 --> 14:19.763
[सरस्वती]: आप डोज़ेज़ का ख़याल रखिये। हूँ?
[डॉक्टर]: ठीक है, मैडम।

14:29.243 --> 14:30.323
[रामानंद]: माननीय।

14:33.603 --> 14:35.043
[मुख्यमंत्री]: र... रामा,

14:35.843 --> 14:37.203
ये क्या सुन रहे हैं हम?

14:37.883 --> 14:40.643
उस लड़के की हत्या में तुम्हारा नाम?

14:41.203 --> 14:42.323
[रामानंद]: माननीय,

14:42.643 --> 14:45.643
उसे मरवा कर हम अपने पाँव में
कुल्हाड़ी क्यों मारेंगे?

14:46.723 --> 14:49.803
माने, हम इतने मंदबुद्धि भी नहीं हैं।

14:51.923 --> 14:56.443
आप लोग अच्छी तरह जानते हैं
कि ये हमारे ख़िलाफ़ एक साज़िश है।

14:57.363 --> 14:59.323
और उस के सूत्रधार कौन हैं,

14:59.723 --> 15:01.203
ये भी आप लोग जानते हैं।

15:04.643 --> 15:05.723
[सरस्वती]: रामानंद जी,

15:06.563 --> 15:08.523
सच, षड्यंत्र, सूत्रधार,

15:08.963 --> 15:10.363
इस सब पर विचार होगा।

15:12.723 --> 15:14.443
लेकिन अभी मुख्यमंत्री जी

15:14.603 --> 15:16.963
सिर्फ़ पार्टी के
स्वास्थ्य के बारे में सोच रहे हैं।

15:20.163 --> 15:22.803
[रामानंद]: पार्टी के स्वास्थ्य की
चिंता में हम भी कुछ

15:23.043 --> 15:24.723
पीछे नहीं रहे हैं, माननीय।

15:26.323 --> 15:29.643
तभी तो रात-दिन लग कर
अमीर, ग़रीब,

15:30.163 --> 15:32.963
अगाड़ी, पिछाड़ी, सब के वोट

15:33.163 --> 15:34.803
पार्टी की झोली में डलवाए हैं।

15:36.323 --> 15:38.803
अगर आप पार्टी के पिता समान हैं,

15:39.323 --> 15:42.043
तो हम ने भी पार्टी के
बड़े भाई होने की भूमिका

15:42.283 --> 15:43.803
भलीभांति निभाई है।

15:46.323 --> 15:48.563
[सरस्वती]: आप की हर भूमिका
हम जानते हैं, रामानंद जी।

15:49.763 --> 15:51.283
आप पार्टी का एक स्तंभ हैं।

15:52.643 --> 15:56.243
मगर जो हुआ है,
उस से एक समाज नाराज़ हो गया है।

15:58.363 --> 16:01.283
और उन की नाराज़गी
बड़ा नुकसान पहुँचा सकती है पार्टी को।

16:03.443 --> 16:04.563
[रामानंद]: माननीय,

16:05.563 --> 16:08.243
आप बताएं,
क्या चाहते हैं हम से।

16:10.163 --> 16:12.003
[सरस्वती]: राजनीति में इतने वरिष्ठ हैं आप।

16:12.363 --> 16:15.763
अब आप को तो बताने की
ज़रूरत नहीं है कि कुछ आरोप

16:16.443 --> 16:18.203
सफ़ाई नहीं,
त्याग पत्र माँगते हैं।

16:18.923 --> 16:20.043
तो दे दीजिए ना।

16:20.483 --> 16:23.443
आप के और पार्टी की,
दोनों की छवि बनी रहेगी।

16:24.523 --> 16:26.643
और इस देश की जनता को तो
आप जानते ही हैं।

16:27.443 --> 16:30.243
नया कांड होते ही
पुराने को भूल जाती है।

16:33.043 --> 16:37.003
[रामानंद]: आश्चर्य नहीं हुआ,
क्योंकि आशंका थी।

16:41.763 --> 16:45.243
तभी जेब में त्याग पत्र लेकर निकले थे।

16:49.643 --> 16:51.403
सिर्फ़ एक बात जानना चाहेंगे।

16:56.363 --> 16:57.963
हमारी जगह कौन आ रहा है?

17:02.083 --> 17:05.283
[सरस्वती]: क्यों? आला कमान के
फ़ैसले पर भरोसा नहीं है आप को?

17:07.003 --> 17:09.003
[रामानंद]: अगर फ़ैसला आला कमान करें...

17:12.123 --> 17:13.123
माननीय।

17:26.683 --> 17:29.203
(सभी के तालियाँ बजाने की आवाज़)
(चिंताजनक पार्श्व संगीत)

17:37.243 --> 17:49.323
[उद्घोषक]: वसीम ख़ान ज़िंदाबाद!
[सभी लोग]: ज़िंदाबाद, ज़िंदाबाद! (चिल्लाते हुए)

17:49.443 --> 17:53.363
[उद्घोषक]: वसीम ख़ान ज़िंदाबाद!
[सभी लोग]: ज़िंदाबाद, ज़िंदाबाद! (चिल्लाते हुए)

17:53.483 --> 17:54.553
[अधिकारी]: मैं...

17:54.563 --> 17:56.683
[वसीम]: मैं, वसीम ख़ान,

17:57.523 --> 17:59.403
अल्लाह की शपथ लेता हूँ कि

17:59.643 --> 18:01.403
मैं विधि द्वारा स्थापित

18:01.603 --> 18:03.323
भारत के संविधान के प्रति

18:03.843 --> 18:06.403
सच्ची श्रद्धा और निष्ठा रखूँगा।

18:06.923 --> 18:09.083
मैं राज्य के गृह मंत्री के रूप में

18:09.483 --> 18:12.433
अपने कर्तव्यों का श्रद्धापूर्वक

18:12.443 --> 18:15.363
और शुद्ध अंतःकरण से निर्वहन करूँगा।

18:16.003 --> 18:17.153
तथा...

18:17.163 --> 18:18.883
मैं भय या पक्षपात,

18:19.043 --> 18:20.763
अनुराग या द्वेष के बिना

18:20.963 --> 18:22.723
सभी प्रकार के लोगों के प्रति

18:22.883 --> 18:25.923
संविधान और विधि के अनुसार न्याय करूँगा।

18:26.403 --> 18:30.153
[एंकर 2]: सूबे में तमाम उठा-पठक के बाद
आख़िरकार प्रदेश में

18:30.163 --> 18:33.153
[रामानंद का भाई]: भाई साहब। [एंकर 2]:
जनशक्ति पार्टी और एकता पार्टी के बीच...

18:33.163 --> 18:34.953
[एंकर 2]: गठबंधन की औपचारिकता...

18:34.963 --> 18:38.243
[रामानंद का भाई]: वसीम ख़ान आप की
गद्दी पे बैठ गया है और आप मुस्कुरा रहे हैं?

18:38.363 --> 18:41.323
[एंकर 2]: वसीम ख़ान को प्रदेश का
नया गृहमंत्री बनाया गया है।

18:41.443 --> 18:44.203
[रामानंद]: होई है वही...
[एंकर]: आज उन्होंने मंत्री पद की शपथ ली।

18:44.323 --> 18:46.003
[रामानंद]: जो राम रची राखा।

18:47.363 --> 18:49.923
(मंत्री की गाड़ी के साइरन की आवाज़)

19:05.523 --> 19:07.763
[वसीम]: हाँ, भाई। क्या चल रहा है?
[वसीम का भाई]: हाँ।

19:08.963 --> 19:10.043
[वसीम का भाई]: अरे! वो...

19:12.603 --> 19:14.043
भाई जान, ये देखिए ना।

19:14.323 --> 19:15.963
पत्रकार लोग पागल हो गए हैं क्या?

19:16.443 --> 19:19.203
लिखा है, विजय भाई ज़िंदा है
और बंबई में कांड कर रहा है।

19:20.243 --> 19:22.603
आप तो बताए थे
चार साल पहले उस को मार दिए थे।

19:24.243 --> 19:27.803
वसीम ख़ान किसी को गोली मारे
और ज़िंदा बच जाए?

19:29.603 --> 19:31.403
[वसीम]: दिमाग़ चला रहे हो या चल गया है?

19:32.203 --> 19:33.443
हूँ?

19:34.043 --> 19:37.683
देखो, इस परिवार में ना
दिमाग़ केवल हम चलाते हैं।

19:38.843 --> 19:41.963
इसलिए हमारे सामने ना तुम्हारा मुँह चलेगा,
ना तुम्हारा दिमाग़।

19:42.963 --> 19:44.123
समझे?

19:59.923 --> 20:02.593
[सहायिका]: नमस्ते। मैडम अभी बाहर हैं।

20:02.603 --> 20:05.043
आप बैठ जाइए,
वो आती ही होंगी।

20:29.803 --> 20:31.683
(दराज़ खोलने की आवाज़)

20:35.683 --> 20:37.963
'चेतावनी, नियमित ख़ुराक से
लकवा अथवा मृत्यु भी हो सकती है'

20:45.923 --> 20:47.723
[रामानंद का भाई]: नमस्ते, मैडम। आप आ गई?

20:48.243 --> 20:49.603
[सरस्वती]: बताइए, क्या काम है?

20:49.883 --> 20:51.323
समय नहीं है हमारे पास।

20:53.163 --> 20:54.403
[सरस्वती]: बैठिए।
[रामानंद का भाई]: जी।

20:58.403 --> 20:59.523
[सरस्वती]: हूँ।

21:00.123 --> 21:01.523
[रामानंद का भाई]: हमें पता है, मैडम।

21:02.323 --> 21:05.963
बड़े आदमियों के पास सब कुछ होता है,
समय को छोड़ के।

21:08.403 --> 21:10.563
लेकिन हम आप को ये कहने आए हैं

21:10.963 --> 21:12.763
कि गौ माता के आशिर्वाद से

21:13.923 --> 21:15.923
अख़बार की ख़बर
एकदम सच है, मैडम।

21:16.883 --> 21:18.083
विजय सिंह ज़िंदा है।

21:20.363 --> 21:21.913
और इसी पूर्वांचल में है।

21:21.923 --> 21:24.043
एकदम सुरक्षित हाथ के नीचे।

21:25.483 --> 21:28.443
मेरे बड़े भाई साहब, रामानंद जी

21:28.803 --> 21:30.603
अपने घर का चिराग
बनाए हुए हैं उन को।

21:34.523 --> 21:35.683
[सरस्वती]: क्या लेंगे आप?

21:35.843 --> 21:38.683
[रामानंद का भाई]: अरे!
[सरस्वती]: चाय? ठंडा? मीठा खाएंगे?

21:39.323 --> 21:41.763
[सरस्वती]: अरे, कोई लौंग लता लाओ इन के लिए।
[सहायिका 2]: जी, मैडम।

21:42.003 --> 21:43.083
[रामानंद का भाई]: लौंग...

21:46.683 --> 21:48.403
[सरस्वती]: विजय सिंह से
मुलाक़ात करवाओगे हमारी?

21:53.883 --> 21:55.043
क्या हुआ?

21:55.283 --> 21:57.603
[रामानंद का भाई]: नहीं। कोशिश करते हैं।
हो जाएगा।

21:57.803 --> 21:59.523
जी, मैम। हो जाएगा, मैडम।

22:00.443 --> 22:02.123
[रामानंद का भाई]: हो जाएगा।
[सरस्वती]: धन्यवाद।

22:02.523 --> 22:03.923
[सरस्वती]: हम प्रतीक्षा करेंगे, हाँ।

22:06.523 --> 22:07.843
[रामानंद का भाई]: मैडम,

22:08.803 --> 22:10.243
हमें क्या मिलेगा?

22:11.403 --> 22:15.923
वो क्या है कि आजकल
हर जगह देने के बदले में कुछ

22:16.523 --> 22:18.563
लेने की परंपरा है तो...

22:19.963 --> 22:21.083
[सरस्वती]: क्या चाहिए?

22:22.283 --> 22:24.803
[रामानंद का भाई]: ज़्यादा कुछ नहीं, मैडम।
वो...

22:26.483 --> 22:29.563
पार्टी में अगर ज़िला स्तर का

22:30.123 --> 22:32.243
पद मिल जाता,
तो आनंद आ जाता।

22:33.003 --> 22:35.323
[रामानंद का भाई]: बहुत...
[सरस्वती]: पद?

22:37.243 --> 22:40.763
[सरस्वती]: पद तो आप ऐसे माँग रहे हैं,
जैसे सब्ज़ी लेने के बाद कोई मिर्ची माँगता है।

22:42.843 --> 22:43.843
[रामानंद का भाई]: मैडम,

22:45.123 --> 22:46.283
बड़े भाई साहब

22:47.163 --> 22:48.563
बहुत बड़े नेता हैं।

22:49.003 --> 22:50.483
और मैं...

22:51.203 --> 22:53.083
आप को तो पता ही है?

22:54.083 --> 22:56.843
हीन भावना ख़तरे के
निशान को पार कर गई है।

22:58.363 --> 23:00.643
[सरस्वती]: आप विजय सिंह से
हमारी मुलाक़ात करवा दीजिए

23:01.363 --> 23:02.443
हम सोचते हैं।

23:03.043 --> 23:05.923
[रामानंद का भाई]: जी।
[सरस्वती]: लौंग लता खाके जाइए। दीजिए।

23:07.883 --> 23:11.563
'सेंट मैक्स पब्लिक स्कूल'
(बच्चों के शोर मचाने की आवाज़)

23:11.883 --> 23:15.563
(बच्चों के शोर मचाने की आवाज़)
(ट्रैफिक की आवाज़)

23:17.763 --> 23:20.113
[सनकी]: ए! इधर आओ!
[लड़की 1]: जी।

23:20.123 --> 23:22.163
[सनकी]: मम्मी का क्या नाम तुम्हारे?
[लड़की 1]: सीमा।

23:28.963 --> 23:30.403
(कीलों के खनकने की आवाज़)

23:50.723 --> 23:52.483
[सनकी]: क्या हो रहा है यहाँ पर? हाँ?

23:52.843 --> 23:53.963
क्या हो रहा है?

23:54.523 --> 23:56.883
[वसीम का बेटा]: हमारी एक्स्ट्रा क्लास
चल रही है। कोई समस्या है?

23:58.603 --> 24:00.003
[सनकी]: कौन सा आविष्कार
चल रहा है यहाँ पर?

24:00.483 --> 24:01.883
हम मदद करते हैं। लाओ।

24:02.443 --> 24:03.643
[लड़का 2]: बम बना रहे हैं।

24:04.163 --> 24:05.443
बनाए हो कभी?

24:06.923 --> 24:09.403
[सनकी]: बेटा, तुम ना सुरसुरी
छोड़ते हुए लंबे हुए हो।

24:09.683 --> 24:11.563
और हम? बम!

24:12.723 --> 24:13.883
अब ये डब्बा पकड़ाओ।

24:19.763 --> 24:21.563
(कीलों के खनकने की आवाज़)

24:35.523 --> 24:37.843
[सीमा]: लो! हो गया डब्बा बंद!

24:38.203 --> 24:39.923
बन गया बम।

24:40.123 --> 24:41.993
अब हम इसे फोड़ेंगे।

24:42.003 --> 24:43.723
[लड़का 2]: कहाँ फोड़ेंगे?
[लड़का 3]: कहाँ फोड़ेंगे?

24:43.923 --> 24:45.483
[वसीम का बेटा]: प्रिंसिपल के ऑफिस के बाहर।

24:46.363 --> 24:47.523
[सनकी]: वाह!

24:55.923 --> 24:58.123
(बम धमाके की आवाज़)
[प्रिंसिपल]: हे भगवान! बचाओ हमें!

25:06.083 --> 25:07.833
[वसीम का पीए]: सर, आप का ऑफिस जाना
हो नहीं रहा है ना,

25:07.843 --> 25:09.123
इसलिए फ़रीयादी घर आ गए हैं।

25:09.323 --> 25:10.683
[वसीम]: कोई दिक्कत नहीं है।
इन ही का घर है।

25:11.203 --> 25:12.723
[वसीम]: कहिए। क्या समस्या है?
[उस्मान]: सलाम, भाई।

25:12.883 --> 25:14.203
[उस्मान]: मेरा नाम उस्मान है।

25:14.483 --> 25:18.123
मेरे खेत में नहर का पानी नहीं आ रहा है।
खड़ी फसल सूख रही है।

25:18.283 --> 25:21.123
बार-बार लेखपाल से कहते हैं,
कोई सुनवाई ही नहीं हो रही है।

25:21.403 --> 25:24.203
[वसीम]: डीएम को फ़ोन लगवाइए और कहिए
कि इन के खेत में पानी तुरंत छोड़ा जाए।

25:24.643 --> 25:25.963
[वसीम का पीए]: सर, सीधे डीएम को?

25:27.603 --> 25:28.723
[वसीम]: क्या कहा आप से?

25:29.163 --> 25:31.123
मंत्री हैं हम।
लेखपाल को फ़ोन करेंगे?

25:36.123 --> 25:37.643
[वसीम का बेटा]: ओए! बैग लो।

25:46.163 --> 25:47.033
[वसीम का पीए]: आप बताइए।

25:47.043 --> 25:48.273
[वसीम का बेटा]: क्या चालू है?
[फ़रियादी]: साहब, हमारे गाँव में...

25:48.283 --> 25:50.073
[सनकी]: प्रणाम करो, अब्बू जान हैं।
[फ़रियादी]: बहुत अच्छा होता।

25:50.083 --> 25:52.163
[वसीम का बेटा]: सलाम, अब्बू।
[वसीम]: क्या हुआ कमीज़ को?

25:52.363 --> 25:53.593
[सनकी]: प्रणाम, भाभी।

25:53.603 --> 25:56.923
[वसीम का बेटा]: कुछ नहीं, अब्बू।
थोड़े से गिर गए थे, तो कमीज़ गंदी हो गई।

25:57.923 --> 25:58.963
[वसीम]: कहाँ गिरे?

25:59.443 --> 26:01.443
[वसीम का बेटा]: अ... बम धमाके की वजह से।

26:02.203 --> 26:03.283
[वसीम]: क्या?

26:03.763 --> 26:05.843
[वसीम का बेटा]: नहीं।
बम बनाना सीख रहे थे,

26:05.963 --> 26:08.323
[वसीम का बेटा]: तो धम से फट गया।
[सनकी]: कौन सिखा रहा था?

26:09.283 --> 26:11.003
[वसीम का बेटा]: स... सनकी चाचा।

26:12.683 --> 26:14.363
[वसीम]: लगी तो नहीं?
[वसीम का बेटा]: नहीं, अब्बू।

26:15.923 --> 26:17.363
[वसीम]: आप इसे ले जाइए। जाओ।

26:18.323 --> 26:19.403
यहाँ आओ।

26:20.643 --> 26:21.683
यहाँ आओ!

26:22.003 --> 26:23.803
तुम हमारे लौंडे को
बम बनाना सिखा रहे हो?

26:24.083 --> 26:26.763
[सनकी]: हाँ, ढंग से नहीं बना रहे थे,
तो ढंग से बनाना सिखा रहे थे।

26:27.443 --> 26:30.523
[वसीम]: तुम्हें क्या कहा गया था?
स्कूल से लाना है और छोड़ना है, बस।

26:30.963 --> 26:32.323
ये उम्र है उस की बम बनाने की?

26:33.123 --> 26:34.443
वो गोली चलाना सीख रहा है।

26:35.323 --> 26:36.923
थोड़ा बड़ा होगा,
तब बम बनाएगा वो।

26:37.523 --> 26:38.483
[सनकी]: हूँ।

26:38.643 --> 26:40.083
और नहा लिया करो।

26:40.643 --> 26:42.203
फ्लॉप मजनू भो** के!

26:46.843 --> 26:49.003
[बिलाल]: इतना तो सा** कुत्ता भी सुन ले,

26:49.123 --> 26:51.323
भो** का वो भी मर जाए शर्म से।

26:53.763 --> 26:55.243
[सनकी]: देखो, नहाते हम रोज़ हैं,

26:55.683 --> 26:57.043
लेकिन इज़्ज़त करते हैं।

26:58.763 --> 27:01.003
तुम अपनी सीमा पार मत करो। समझे?

27:01.163 --> 27:02.003
[बिलाला]: अरे!
(हँसते हुए)

27:02.203 --> 27:04.763
सीमा तो तुम को पार कर गई, भो** के।

27:09.323 --> 27:10.723
[हिमांशु]: सर, मैंने तय कर लिया है।

27:11.563 --> 27:12.723
मैं बनारस जाऊँगा

27:13.123 --> 27:15.003
और विजय सिंह को घसीट के
आप के सामने ले आऊँगा।

27:15.763 --> 27:17.963
[अशोक]: हिमांशु, मैं समझता हूँ,
तुम पर क्या बीत रही है।

27:19.323 --> 27:21.963
पर तुम मक़सूद के जाल में
उलझते जा रहे हो।

27:23.363 --> 27:25.243
[अशोक]: विजय सिंह मर गया है।
[हिमांशु]: नहीं, सर।

27:26.643 --> 27:28.403
[हिमांशु]: मरता हुआ आदमी झूठ नहीं बोलता।

27:28.643 --> 27:31.483
और उदय सच कह रहा था,
विजय सिंह ज़िंदा है और मुझे उस पर भरोसा है।

27:32.083 --> 27:34.043
[अशोक]: तुम एक साये के पीछे भाग रहे हो।

27:34.683 --> 27:36.083
कुछ हासिल नहीं होगा।

27:36.683 --> 27:39.243
निलंबन की तलवार
तुम्हारे सर पर लटक रही है।

27:40.483 --> 27:42.043
[अशोक]: छोड़ दो ये केस।
[हिमांशु]: नहीं, सर।

27:42.763 --> 27:44.003
[हिमांशु]: इसे सुलझाने से पहले तो नहीं।

27:44.683 --> 27:47.283
सर, जब तक ये केस नहीं सुलझाऊँगा ना,
मुझे चैन नहीं आएगा।

27:48.083 --> 27:49.563
मुझे बस एक मौक़ा दीजिए।

27:50.163 --> 27:52.523
मैं विजय सिंह को लाके आप के सामने
खड़ा कर दूँगा और ये मेरा वादा है आप से।

27:54.123 --> 27:55.363
[अशोक]: लेकिन हिमांशु,

27:55.843 --> 27:57.803
वहाँ पे कोई भी ग़लती हुई,

27:58.363 --> 28:00.083
तो तुम निलंबित नहीं होंगे,

28:00.323 --> 28:01.723
सीधे नौकरी से निकाले जाओगे।

28:02.003 --> 28:03.043
[हिमांशु]: मैं समझता हूँ, सर।

28:04.603 --> 28:06.243
[अशोक]: संभल कर रहना।
[हिमांशु]: जी, सर।

28:06.763 --> 28:08.323
[अशोक]: शुभकामनायें।
[हिमांशु]: शुक्रिया, सर।
