WEBVTT

00:00:09.523 --> 00:00:11.483 align:center
[वीरेंद्र]: मैं चाहता हूँ कि तुम कलेक्टर बनो।

00:00:12.043 --> 00:00:14.643 align:center
[विजय]: बाबू जी, आप का ये सपना
हम ज़रूर पूरा करेंगे।

00:00:19.043 --> 00:00:20.793 align:center
(खदानों में धमाके की आवाज़)

00:00:20.803 --> 00:00:21.753 align:center
(ट्रेक्टर चलाने की आवाज़)
(बंदूक से गोली चलाने की आवाज़)

00:00:21.763 --> 00:00:23.113 align:center
[गुल्लू]: मा***द!

00:00:23.123 --> 00:00:25.993 align:center
(बंदूकों से गोलियाँ चलाने की आवाज़)
(गुल्लू को गोली लगने और कराहने की आवाज़)

00:00:26.003 --> 00:00:28.523 align:center
(गुल्लू को कुदाल से मारने की आवाज़)
(गुल्लू के कराहने और ज़मीन पर गिरने की आवाज़)

00:00:28.643 --> 00:00:32.443 align:center
[लालचंद]: गुल्लू और पाचो किसका आदमी है,
तुम को पता है?

00:00:32.923 --> 00:00:35.243 align:center
वसीम नाम है उसका!

00:00:35.403 --> 00:00:38.443 align:center
[बेचन]: लेंगे। जम के बदला लेंगे।

00:00:38.923 --> 00:00:41.043 align:center
[मिश्रा]: देखिए,
आबकारी विभाग का ठेका

00:00:41.163 --> 00:00:44.673 align:center
हर बार की तरह इस बार भी
वसीम भाई को ही जाएगा।

00:00:44.683 --> 00:00:47.073 align:center
[इरशाद]: तुम जानते भी हो
कि वसीम भाई कौन है रे?

00:00:47.083 --> 00:00:49.043 align:center
[विजय]: लेकिन आप भी नहीं जानते
कि हम कौन हैं।

00:00:49.723 --> 00:00:52.163 align:center
[इरशाद]: बताओ तुम कौन हो, यार अब।
[विजय]: विजय सिंह।

00:00:52.283 --> 00:00:54.763 align:center
[पुजारी]: विजय सिंह को
शराब के ठेके मिलने का मतलब साफ़ है

00:00:55.603 --> 00:00:56.643 align:center
कि हम कमज़ोर हैं!

00:00:56.763 --> 00:01:00.603 align:center
[ठाकुर]: गाज़ीपुर से पुजारी सिंह को
हराने का गूदा सिर्फ़ आप में है।

00:01:01.443 --> 00:01:03.073 align:center
और विजय सिंह है ही आपके साथ।

00:01:03.083 --> 00:01:07.563 align:center
[उद्घोषक]: हमारा नेता कैसा हो? [सभी लोग]:
पुजारी सिंह जैसा हो! (ढोल बजाने की आवाज़)

00:01:08.403 --> 00:01:11.483 align:center
[उद्घोषक 2]: जीतेगा भई जीतेगा...
[सभी लोग]: साहेब सिंह जीतेगा! (चिल्लाते हुए)

00:01:11.683 --> 00:01:12.793 align:center
[इरशाद]: गोली की चोट!

00:01:12.803 --> 00:01:14.153 align:center
पुजारी सिंह को वोट नहीं, तो...
(पर्ची पर ठप्पा लगाने की आवाज़)

00:01:14.163 --> 00:01:18.123 align:center
[निकाल उद्घोषक]: साहेब सिंह ने
अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी पुजारी सिंह को

00:01:18.283 --> 00:01:20.923 align:center
तीस हज़ार वोटों से हरा दिया है!

00:01:22.203 --> 00:01:24.443 align:center
[उद्घोषक 2]: ज़िंदाबाद!
[सभी लोग]: ज़िंदाबाद, ज़िंदाबाद! (चिल्लाते हुए)

00:01:25.363 --> 00:01:29.283 align:center
[पुजारी]: मुझे मेरी सीट वा... वापस चाहिए!
(रोते हुए)

00:01:29.403 --> 00:01:31.323 align:center
[वसीम]: आप को आप की सीट
वापस दिलाऊँगा मैं।

00:01:31.523 --> 00:01:34.603 align:center
(दंगाइयों के नारे लगाने और शोर मचाने की आवाज़)

00:01:35.923 --> 00:01:37.363 align:center
[साहेब]: त्रिपुरारी! ए! (चिल्लाते हुए)

00:01:37.483 --> 00:01:40.443 align:center
(बंदूक से गोली चलाने की आवाज़)
(गाड़ी का दरवाज़ा बंद करने की आवाज़)

00:01:41.483 --> 00:01:42.753 align:center
(दरवाज़ा खोलने की आवाज़)

00:01:42.763 --> 00:01:46.963 align:center
(बंदूक से गोली चलाने की आवाज़)
(आग की लपटों की आवाज़)

00:01:47.243 --> 00:01:51.243 align:center
[बेचन]: आज से इस कोयला मंडी में
कोयले का दाम विजय सिंह तय करेगा।

00:01:51.443 --> 00:01:54.523 align:center
[गुंडा 1]: भैया, वो विजय का आदमी
कोयला मंडी में कब्ज़ा जमाने पहुँच गया है।

00:01:54.763 --> 00:01:57.153 align:center
[वसीम]: मा****!
उसका जनाज़ा निकालूँगा आज मैं!

00:01:57.163 --> 00:01:59.043 align:center
(बंदूकों से गोलियाँ चलाने की आवाज़)

00:01:59.523 --> 00:02:02.593 align:center
[पुजारी]: अब वो विजय सिंह
कोयले पर भी अपनी आँख लगा रहा है!

00:02:02.603 --> 00:02:05.123 align:center
ये ठेके मैंने तुम्हें इसलिए दिलवाए थे,

00:02:05.243 --> 00:02:07.763 align:center
क्योंकि जो दहशत
आज विजय पैदा कर रहा है,

00:02:07.923 --> 00:02:10.083 align:center
वो कभी तुम पैदा किया करते थे! (चिल्लाते हुए)

00:02:10.243 --> 00:02:13.723 align:center
मुझे लगता है विजय का इलाज रणनीति से नहीं,

00:02:14.243 --> 00:02:15.643 align:center
राजनीति से संभव है।

00:02:15.803 --> 00:02:18.083 align:center
[वसीम]: आप राजनीति से
उसका इलाज कीजिए

00:02:19.483 --> 00:02:22.683 align:center
और मैं रणनीति से
बीमारी ख़त्म कर देता हूँ।

00:02:24.043 --> 00:02:25.563 align:center
तू विजय को मारेगा मेरे लिए?

00:02:25.843 --> 00:02:27.083 align:center
(बम धमाके की आवाज़)
(लोगों के कराहने की आवाज़)

00:02:27.203 --> 00:02:28.603 align:center
(लोगों के शोर मचाने की आवाज़)

00:02:28.803 --> 00:02:29.993 align:center
[विजय]: ए! (बंदूक से गोली चलाने और गोली लगने की आवाज़)

00:02:30.003 --> 00:02:31.363 align:center
[सनकी]: सा**, रुक! (चिल्लाते हुए)

00:02:31.883 --> 00:02:34.083 align:center
आज तुम्हारा ऐसा गाँ** तोड़ेंगे ना कि... (चिल्लाते हुए)

00:02:34.283 --> 00:02:35.443 align:center
[त्रिपुरारी]: सनकी नाम है।

00:02:35.763 --> 00:02:37.883 align:center
कोयला मंडी में
दलाली का काम करता था।

00:02:38.283 --> 00:02:39.803 align:center
अब वसीम का ख़ास आदमी है।

00:02:40.763 --> 00:02:41.803 align:center
[सीमा]: कभी लड़की नहीं देखी?

00:02:41.923 --> 00:02:44.803 align:center
[सनकी]: लेकिन कभी दारू की दुकान पे
देसी ख़रीदते हुए लड़की नहीं देखी।

00:02:47.923 --> 00:02:50.233 align:center
[सीमा]: चिंता की कोई बात नहीं है,
काम हो जाएगा।

00:02:50.243 --> 00:02:53.123 align:center
[विजय]: विजय सिंह वादा करता है
तुम दोनों से हमेशा

00:02:53.363 --> 00:02:55.243 align:center
कि जब तक विजय सिंह ज़िंदा है,

00:02:56.843 --> 00:02:58.483 align:center
सीमा पे कभी कोई आँच नहीं आने देंगे।

00:02:58.603 --> 00:03:00.043 align:center
[बुजुर्ग आदमी]: बरक़त हो!
[पुजारी]: हाँ, हाँ।

00:03:00.283 --> 00:03:01.643 align:center
[पुजारी]: कैसे हैं आप? हाँ?

00:03:03.003 --> 00:03:03.963 align:center
[विजय]: ख़ुदा हाफ़िज़।

00:03:04.723 --> 00:03:05.953 align:center
अब ऊपर जाके पूजा कीजिए।

00:03:05.963 --> 00:03:06.843 align:center
(चाकू घोंपने की आवाज़)
(पुजारी के कराहने की आवाज़)

00:03:06.963 --> 00:03:09.923 align:center
[सीमा]: पुजारी सिंह मरा नहीं, ज़िंदा है।
अपस्ताल में है।

00:03:10.043 --> 00:03:11.043 align:center
(बम धमाके की आवाज़)

00:03:14.283 --> 00:03:15.193 align:center
[पुजारी]: तुम!

00:03:15.203 --> 00:03:17.043 align:center
(पुजारी के कराहने की आवाज़)

00:03:20.123 --> 00:03:21.283 align:center
[सनकी]: अबे, पुजारी!

00:03:22.603 --> 00:03:25.803 align:center
[चाचा]: बेटा,
वो ज़मीन तो हम तुम्हें नहीं देंगे।

00:03:26.603 --> 00:03:30.953 align:center
[बिलाल]: ये होता है नतीजा
विजय सिंह को ज़मीन नहीं देने का!

00:03:30.963 --> 00:03:33.523 align:center
(बंदूकों से गोलियाँ चलाने की आवाज़)

00:03:33.643 --> 00:03:37.363 align:center
(सीमा और कट्टा के हँसने की आवाज़)

00:03:37.483 --> 00:03:38.683 align:center
[सनकी]: ओ, तू जा यहाँ से।

00:03:39.123 --> 00:03:40.763 align:center
[वसीम]: वो लड़की विजय के लिए
काम करती है।

00:03:40.883 --> 00:03:44.123 align:center
[सनकी]: तो उस विजय सिंह को
अकेला लाके खड़ा करो वसीम ख़ान के सामने।

00:03:44.403 --> 00:03:45.603 align:center
बड़े बाँध पर कल।

00:03:45.923 --> 00:03:48.673 align:center
(बम धमाकों और गोलियाँ चलाने की आवाज़)
(गुंडे के गाड़ी से टकराने की आवाज़)

00:03:48.683 --> 00:03:50.323 align:center
(सनकी के चिल्लाने की आवाज़)
(बंदूक से गोलियाँ चलाने की आवाज़)

00:03:50.443 --> 00:03:52.603 align:center
[सनकी]: नेपाली! मा***द!

00:03:54.563 --> 00:03:56.203 align:center
(खाली बंदूक का ट्रिगर दबाने की आवाज़)
(चिंताजनक पार्श्व संगीत)

00:03:56.803 --> 00:03:58.763 align:center
(राइफ़ल से गोली चलाने की आवाज़)
(विजय को गोली लगने और कराहने की आवाज़)

00:03:59.803 --> 00:04:01.483 align:center
[छुन्नू]: भैया!

00:04:03.083 --> 00:04:05.203 align:center
(विजय के पानी में गिरने की आवाज़)

00:04:09.523 --> 00:04:11.273 align:center
'बॉम्बे 1992'
(एम्बुलेंस के चलने की आवाज़)

00:04:11.283 --> 00:04:13.483 align:center
(एम्बुलेंस के रुकने की आवाज़)

00:04:15.043 --> 00:04:18.403 align:center
(एम्बुलेंस का दरवाज़ा खोलने-बंद करने की आवाज़)
(क़दमों की आवाज़)

00:04:21.083 --> 00:04:21.963 align:center
[कॉन्स्टेबल]: क्या है रे?

00:04:22.363 --> 00:04:24.003 align:center
[कंपाउंडर]: लाश है, साहब। लावारिस है।

00:04:24.683 --> 00:04:25.683 align:center
(बदबू से नाक सिकोड़नी की आवाज़)

00:04:26.403 --> 00:04:28.643 align:center
[गडवे]: तेरी माँ का! अरे,
कैसे इतनी ज़्यादा बदबू आ रही है रे?

00:04:29.443 --> 00:04:30.673 align:center
[गडवे]: हूँ?
[कंपाउंडर]: नाले में से मिली है ना, साहब।

00:04:30.683 --> 00:04:32.203 align:center
[कंपाउंडर]: तो बास तो मारेगी ही ना?

00:04:32.363 --> 00:04:34.803 align:center
[गडवे]: हूँ! कौन से क्षेत्र से है? हाँ?

00:04:35.083 --> 00:04:37.683 align:center
कागज़ात वगैरह है क्या कुछ?
या ऐसे ही उठा लाया गाड़ी में?

00:04:37.923 --> 00:04:40.763 align:center
[कंपाउंडर]: साहब, अपना काम तो बस लाश को
अपस्ताल तक पहुँचाने का होता है, साहब।

00:04:41.043 --> 00:04:42.603 align:center
उस से ज़्यादा अपने को कुछ पता नहीं।

00:04:42.883 --> 00:04:44.033 align:center
[सीनियर इंस्पेक्टर]: ख़बर क्या है रे, गडवे?

00:04:44.043 --> 00:04:45.713 align:center
[गडवे]: कुछ नहीं, सर।
लावारिस लाश है।

00:04:45.723 --> 00:04:47.563 align:center
[सीनियर इंस्पेक्टर]: ठीक है। जाने दे।
[गडवे]: हाँ। हूँ। हूँ।

00:04:47.803 --> 00:04:49.963 align:center
[कॉन्स्टेबल]: ए! चल जल्दी! चल!
[गडवे]: ए, जल्दी से ले चलो!

00:04:50.243 --> 00:04:51.113 align:center
[कंपाउंडर 2]: जी, साहब।
[गडवे]: चल, लेके जाओ!

00:04:51.123 --> 00:04:53.203 align:center
[कंपाउंडर]: जल्दी ले जाओ अब!
बहुत लाशें उठानी हैं अभी।

00:04:56.083 --> 00:04:57.043 align:center
[कंपाउंडर 2]: उठा जल्दी।

00:05:05.203 --> 00:05:06.323 align:center
चलो।

00:05:11.243 --> 00:05:13.043 align:center
[कंपाउंडर]: चल, चल। लगा दे गाड़ी!

00:05:13.243 --> 00:05:14.443 align:center
(एम्बुलेंस स्टार्ट करने की आवाज़)

00:05:20.843 --> 00:05:22.523 align:center
[डॉक्टर]: मोहन! वॉर्ड नंबर 10 में देख!

00:05:22.763 --> 00:05:23.803 align:center
[मोहन]: हाँ, देखता हूँ।

00:05:41.723 --> 00:05:45.083 align:center
(रोमांचकारी पार्श्व संगीत)
(बंदूक से गोलियाँ चलाने की आवाज़)

00:06:08.723 --> 00:06:10.273 align:center
[कॉन्स्टेबल 2]: अरे, चड्ढा, सरकारी काम है।
[कॉन्स्टेबल 3]: रोको। गाड़ी देखने दो!

00:06:10.283 --> 00:06:11.513 align:center
[कॉन्स्टेबल 2]: थोड़ा सहयोग कीजिए ना।

00:06:11.523 --> 00:06:12.563 align:center
बैठ इधर।

00:06:12.683 --> 00:06:14.913 align:center
[कंपाउंडर 4]: ए, बाजू हटिए। बाजू हटिए।
[रिश्तेदार]: साइड, साइड। चलो, जल्दी, जल्दी!

00:06:14.923 --> 00:06:17.153 align:center
[कॉन्स्टेबल 2]: एक मिनट, एक मिनट।
आईडी दिखाइए। [कॉन्स्टेबल 3]: एक मिनट! आईडी?

00:06:17.163 --> 00:06:19.203 align:center
[रिश्तेदार]: अरे, कितनी बार दिखाना है?
[कॉन्स्टेबल 2]: अजी, दिखाइए!

00:06:19.363 --> 00:06:20.513 align:center
[दादा जी]: अरे, हॉस्पिटल...
[कॉन्स्टेबल 3]: चलो, चलो। जल्दी चलो अब।

00:06:20.523 --> 00:06:22.193 align:center
[कॉन्स्टेबल 3]: वीआईपी गतिविधि होने वाली
है। चलो! [कॉन्स्टेबल 2]: हाँ, ठीक है, ठीक है।

00:06:22.203 --> 00:06:23.553 align:center
[कॉन्स्टेबल 3]: चलो जल्दी!
[दादा जी]: ढंग से देख!

00:06:23.563 --> 00:06:25.033 align:center
[दादा जी]: तुम लोग क्या करते हो?
[कॉन्स्टेबल 3]: अरे, जाओ ना, अंकल।

00:06:25.043 --> 00:06:26.403 align:center
[विष्णु]: ये वापस आ गया है, सर।

00:06:27.323 --> 00:06:30.323 align:center
[हिमांशु]: हूँ। उदय ठाकुर।
मक़सूद का क़रीबी आदमी।

00:06:32.163 --> 00:06:33.803 align:center
[हिमांशु]: ख़बर पक्की है?
[विष्णु]: हाँ, सर।

00:06:34.083 --> 00:06:36.083 align:center
[विष्णु]: मेरे जासूस ने
इसे दीपाली बार में देखा है।

00:06:36.643 --> 00:06:40.193 align:center
[हिमांशु]: गैंग वॉर में शहर की सड़कों पे
और ख़ून बहने से पहले इसे गिरफ़्तार करना है।

00:06:40.203 --> 00:06:42.523 align:center
[विष्णु]: जासूस काम पर लगे हुए हैं, सर।
जल्दी पता कर लेंगे।

00:06:43.083 --> 00:06:45.643 align:center
[हिमांशु]: अपने जासूसों से ये पूछो
कि अब तक ये कुत्ता था कहाँ।

00:06:46.443 --> 00:06:48.803 align:center
[हिमांशु]: और ये आज अपने बिल से
बाहर क्यों आया है? [विष्णु]: हाँ, सर।

00:06:49.003 --> 00:06:50.643 align:center
[हिमांशु]: क्योंकि मक़सूद तक
पहुँचने का यही एक रास्ता है।

00:06:51.243 --> 00:06:53.233 align:center
[हिमांशु]: सा** कब तक दुबई में छुप के बैठेगा?
[विष्णु]: सही कहा, सर।

00:06:53.243 --> 00:06:54.713 align:center
'सर एस. जे. अस्पताल'
(वीआईपी गाड़ियों के चलने की आवाज़)

00:06:54.723 --> 00:06:57.643 align:center
(वीआईपी गाड़ियों के साइरन की आवाज़)
(गाड़ियों के रुकने और दरवाज़ा खोलने की आवाज़)

00:06:57.923 --> 00:06:58.883 align:center
[हिमांशु]: सर।
[विष्णु]: सर।

00:07:01.843 --> 00:07:02.923 align:center
[हिमांशु]: आइए, सर।

00:07:03.323 --> 00:07:05.003 align:center
सर, एक बात मैं यक़ीन से कह सकता हूँ।

00:07:05.163 --> 00:07:07.153 align:center
कोई भी माफ़िया,
कोई भी डॉन, कोई भी गुंडा,

00:07:07.163 --> 00:07:09.003 align:center
यहाँ किसी को कोई भी भेजे,
यहाँ आ नहीं पाएगा।

00:07:09.483 --> 00:07:11.603 align:center
और अगर आ गया,
तो वापस जा नहीं पाएगा।

00:07:13.003 --> 00:07:15.603 align:center
सर, ये आगे वार्ड नंबर-18 है,
जहाँ पे कुल पाँच बिस्तर हैं।

00:07:16.123 --> 00:07:17.993 align:center
जिन में से तीन पे प्रकाश
और उस के दो आदमी हैं

00:07:18.003 --> 00:07:19.403 align:center
और बाक़ी पे हमारे अफ़सर हैं।

00:07:19.883 --> 00:07:23.243 align:center
और अस्पताल के चारों तरफ़ हमारे शार्पशूटर्स
हैं, जो कि हर एक गतिविधि पे नज़र रख रहे हैं।

00:07:23.563 --> 00:07:25.233 align:center
मैं आप को यक़ीन दिलाता हूँ
कि कुछ भी गड़बड़ नहीं होगी, सर।

00:07:25.243 --> 00:07:26.523 align:center
सर, इस तरफ़, प्लीज़।

00:07:26.763 --> 00:07:28.763 align:center
[अशोक]: मुझे पता है,
तुम एक योग्य अफ़सर हो,

00:07:28.883 --> 00:07:30.723 align:center
पर मुझे अब भी
ये सब बहुत जोखिम भरा लगता है।

00:07:32.643 --> 00:07:35.433 align:center
मक़सूद पे सीधे हमला हुआ है,
वो चुप नहीं रहने वाला है।

00:07:35.443 --> 00:07:37.203 align:center
कुछ ना कुछ करेगा।
बड़ा करेगा।

00:07:37.683 --> 00:07:39.233 align:center
दंगे भी करवा सकता है।

00:07:39.243 --> 00:07:40.433 align:center
पूरी बंबई पर ख़तरा है।

00:07:40.443 --> 00:07:42.163 align:center
[ऑफिसर]: सभी रेडी पोज़ीशन में रहिए।
(दरवाज़ा खोलने की आवाज़)

00:07:46.203 --> 00:07:48.433 align:center
[अशोक]: हिमांशु, तुम इन
गुनाहगारों को जेल की जगह,

00:07:48.443 --> 00:07:51.003 align:center
यहाँ अस्पताल में रख के
जो चांस तुम ले रहे हो,

00:07:51.883 --> 00:07:53.763 align:center
अगर कुछ ग़लती से भी हो गया ना...

00:07:54.323 --> 00:07:57.003 align:center
और यहाँ मरीज़ हैं,
यहाँ पे उन के परिवार के लोग हैं।

00:07:57.643 --> 00:07:58.513 align:center
अगर उन को कुछ हो गया ना,

00:07:58.523 --> 00:08:00.073 align:center
[अशोक]: हम बुरी तरह फँस जाएंगे।
[हिमांशु]: सर, किसी को कुछ नहीं होगा।

00:08:00.083 --> 00:08:02.323 align:center
[हिमांशु]: मेरी योजना पे यक़ीन कीजिए।
[अशोक]: यक़ीन तो कर रहा हूँ।

00:08:02.723 --> 00:08:05.603 align:center
[अशोक]: यक़ीन इसलिए कर रहा हूँ,
क्योंकि मुझे मक़सूद चाहिए।

00:08:06.643 --> 00:08:08.483 align:center
[अशोक]: उस तक पहुँचो जल्दी।
[हिमांशु]: पहुँचूँगा, सर।

00:08:09.003 --> 00:08:11.483 align:center
[हिमांशु]: ये प्रकाश और उस के लड़कों से
कोई ना कोई ख़बर मिल जाएगी हमें।

00:08:12.803 --> 00:08:15.203 align:center
[अशोक]: बोलेंगे वो?
[हिमांशु]: इन के तो फ़रिश्ते भी बोलेंगे, सर।

00:08:16.443 --> 00:08:17.763 align:center
(कमिश्नर के आहें भरने की आवाज़)

00:08:18.923 --> 00:08:21.483 align:center
[अशोक]: उम्मीद है तुम ने जो भी योजना
बनाई है, उस से जल्द ही कुछ नतीजा निकले।

00:08:22.603 --> 00:08:26.363 align:center
क्योंकि अस्पताल में हम भारी पुलिस बल
ज़्यादा दिन नहीं रख सकते हैं।

00:08:26.483 --> 00:08:28.723 align:center
[हिमांशु]: सर, इस मामले को मैं जल्द से जल्द
अंजाम दूँगा। मेरा वादा है, सर।

00:08:31.483 --> 00:08:33.363 align:center
[अशोक]: शुभकामनायें।
[हिमांशु]: शुक्रिया, सर।

00:08:36.323 --> 00:08:37.403 align:center
[हिमांशु]: काम पे लग जाओ।

00:09:05.363 --> 00:09:07.683 align:center
(दबी आवाज़ में कराहने की आवाज़)

00:09:44.883 --> 00:09:46.113 align:center
[हिमांशु]: काटे।
[विष्णु]: हाँ, सर?

00:09:46.123 --> 00:09:47.683 align:center
[हिमांशु]: सभी की पोज़ीशन दोबारा जाँच लेना।

00:09:48.043 --> 00:09:50.083 align:center
पलक तक नहीं झपकनी चाहिए किसी की,
और मैं कोई ग़लती नहीं चाहता हूँ।

00:09:50.243 --> 00:09:52.003 align:center
[डॉक्टर साहिबा]: हाय, हिमांशु।
[हिमांशु]: हेलो, मैम।

00:09:52.123 --> 00:09:53.603 align:center
[हिमांशु]: काटे, तुम चलो।
[विष्णु]: जी, सर।

00:09:55.283 --> 00:09:58.603 align:center
[डॉक्टर साहिबा]: तो? आजकल ये अस्पताल
आप की प्राथमिकता बन चुका है।

00:09:59.283 --> 00:10:01.393 align:center
इतने सारे मुजरिम।
हमारे अस्पताल को तो

00:10:01.403 --> 00:10:03.803 align:center
[डॉक्टर साहिबा]: आप ने जेल ही बना दिया है।
[हिमांशु]: मैं... मैं माफ़ी चाहता हूँ, मैम।

00:10:04.203 --> 00:10:07.353 align:center
[हिमांशु]: लेकिन क्या करें? जेल भरे हुए हैं,
लेकिन हमें कुछ बहुत ज़रूरी काम निपटाना है।

00:10:07.363 --> 00:10:08.883 align:center
इसलिए आप लोगों को तकलीफ़ दे रहा हूँ।

00:10:10.163 --> 00:10:11.323 align:center
[डॉक्टर साहिबा]: पल्लवी कैसी है?

00:10:13.443 --> 00:10:15.763 align:center
[हिमांशु]: क्या लगता है आप को, मैम?
वो अब भी वैसी ही है।

00:10:15.923 --> 00:10:17.163 align:center
[डॉक्टर साहिबा]: मैं समझती हूँ।

00:10:17.683 --> 00:10:19.803 align:center
[हिमांशु]: लेकिन उस हादसे ने
उसे पूरी तरह बदल दिया है, मैम।

00:10:20.643 --> 00:10:21.993 align:center
जिस पल्लवी को आप जानती थी,

00:10:22.003 --> 00:10:24.563 align:center
जो हमेशा ख़ुश रहती थी,
अब तो वो मुस्कुराती भी नहीं है।

00:10:25.243 --> 00:10:27.843 align:center
[डॉक्टर साहिबा]: आप को जितना करना था,
आप कर चुके।

00:10:30.403 --> 00:10:33.163 align:center
मुझे लगता है कि आप के प्यार,
देखभाल और स्नेह से वो ठीक होगी।

00:10:34.123 --> 00:10:36.963 align:center
पल्लवी को आप के वक़्त की
ज़्यादा से ज़्यादा ज़रूरत है।

00:10:37.203 --> 00:10:38.633 align:center
[हिमांशु]: इसीलिए, सोच रहा हूँ, मैम,
एक बार ये...

00:10:38.643 --> 00:10:39.553 align:center
(बम धमाके की आवाज़)

00:10:39.563 --> 00:10:41.083 align:center
[डॉक्टर साहिबा]: हे, भगवान!
(लोगों के चीखने की आवाज़)

00:10:41.763 --> 00:10:43.353 align:center
[कॉन्स्टेबल 4]: साहब, एम्बुलेंस में
धमाका हुआ है, साहब।

00:10:43.363 --> 00:10:45.003 align:center
[ऑफिसर]: एस. जे. अस्पताल में
धमाका हुआ है।

00:10:45.123 --> 00:10:46.563 align:center
[हिमांशु]: मैम, अंदर आइए।
अंदर आइए, प्लीज़।

00:10:46.683 --> 00:10:47.673 align:center
इन को अंदर ले जाओ!

00:10:47.683 --> 00:10:49.763 align:center
(एम्बुलेंस के साइरन की आवाज़)
(बंदूके लोड करने और सीढ़ियाँ उतरने की आवाज़)

00:10:49.963 --> 00:10:52.913 align:center
[काले]: चलो। बता तो रहा हूँ! एक बम
धमाका हुआ है! [रिश्तेदार 4]: अरे, भैया...

00:10:52.923 --> 00:10:54.523 align:center
[इंस्पेक्टर 3]: देखिए, कोई भी घबराइए मत!

00:10:54.643 --> 00:10:57.403 align:center
[शिंदे]: अरे! जा रे! अंदर लो।
सब को अंदर करो। चल, चल!

00:10:57.563 --> 00:10:59.883 align:center
(इमरजेंसी अलार्म के बजने की आवाज़)

00:11:00.283 --> 00:11:01.913 align:center
[हिमांशु]: ए, ए! शिंदे, वॉर्ड बंद कर।
कोई आना नहीं चाहिए।

00:11:01.923 --> 00:11:03.433 align:center
सतर्क रहना! चल ना!
बंद कर! बंद कर! बंद कर!

00:11:03.443 --> 00:11:04.603 align:center
[शिंदे]: जी, सर।

00:11:06.643 --> 00:11:08.883 align:center
साहब, इधर कुछ नहीं है।
लगता है, पीछे धमाका हुआ है।

00:11:09.883 --> 00:11:11.283 align:center
[हिमांशु]: काटे!
[विष्णु]: सर!

00:11:11.723 --> 00:11:14.763 align:center
[हिमांशु]: काटे, ये क्या तमाशा हो रहा है?
[विष्णु]: सर, धमाका हुआ मेन गेट पे।

00:11:14.963 --> 00:11:17.683 align:center
(फायर ब्रिगेड के साइरन की आवाज़)
(क़दमों की आवाज़)

00:11:31.723 --> 00:11:32.763 align:center
(बंदूक लोड करने की आवाज़)

00:11:37.283 --> 00:11:38.953 align:center
(बंदूक से गोली चलाने की आवाज़)
(खिड़की की काँच के टूटने की आवाज़)

00:11:38.963 --> 00:11:41.683 align:center
(बंदूक से गोलियाँ चलाने की आवाज़)
(खिड़की की काँच के टूटने की आवाज़)

00:11:46.723 --> 00:11:48.363 align:center
(खाली बंदूक की ट्रिगर दबाने की आवाज़)
(चिंताजनक पार्श्व संगीत)

00:11:49.603 --> 00:11:51.483 align:center
(बम धमाके की आवाज़)

00:11:52.723 --> 00:11:54.963 align:center
[हिमांशु]: ए! अरे, ए! आग बुझाओ!
[विष्णु]: पानी लाओ!

00:12:03.763 --> 00:12:05.483 align:center
[इंस्पेक्टर 4]: शिंदे, कोई आ रहा है।

00:12:14.643 --> 00:12:17.043 align:center
(बंदूक से गोलियाँ चलाने की आवाज़)

00:12:17.803 --> 00:12:19.683 align:center
(शिंदे के कराहने की आवाज़)

00:12:20.203 --> 00:12:21.233 align:center
[मरीज़]: ए! कौन हो तुम?
(शिंदे के कराहने की आवाज़)

00:12:21.243 --> 00:12:22.563 align:center
(बम धमाके की आवाज़)

00:12:23.683 --> 00:12:25.763 align:center
(बंदूक से गोलियाँ चलाने की आवाज़)

00:12:42.043 --> 00:12:42.913 align:center
[हिमांशु]: शिंदे!

00:12:42.923 --> 00:12:44.043 align:center
शिंदे, कम इन, शिंदे!

00:12:44.803 --> 00:12:45.833 align:center
शिंदे! शिं...

00:12:45.843 --> 00:12:47.963 align:center
(पुलिस कार के साइरन की आवाज़)

00:12:48.563 --> 00:12:50.243 align:center
[हिमांशु]: काटे, फ़**!

00:12:54.403 --> 00:12:55.363 align:center
[विष्णु]: सर!
(बम धमाके की आवाज़)

00:13:27.243 --> 00:13:28.323 align:center
[विष्णु]: शिंदे!

00:13:28.443 --> 00:13:29.483 align:center
शिंदे!

00:13:30.083 --> 00:13:31.723 align:center
ए! उठाओ इसे।

00:13:34.483 --> 00:13:35.443 align:center
[हिमांशु]: फ़**!

00:13:36.923 --> 00:13:37.953 align:center
[महावीर]: रामानंद राय...

00:13:37.963 --> 00:13:39.113 align:center
'वाराणसी'
[सभी छात्र]: हाय, हाय! (चिल्लाते हुए)

00:13:39.123 --> 00:13:41.403 align:center
[महावीर]: रामानंद राय...
[सभी छात्र]: हाय, हाय! (चिल्लाते हुए)

00:13:41.563 --> 00:13:48.043 align:center
[महावीर]: शिक्षा में भेदभाव...
[सभी छात्र]: नहीं सहेंगे! नहीं सहेंगे!

00:13:48.163 --> 00:13:53.763 align:center
[महावीर]: गृहमंत्री...
[सभी छात्र]: हाय, हाय! हाय, हाय!

00:13:53.883 --> 00:13:59.883 align:center
[महावीर]: जात-पात की लड़ाई...
[सभी छात्र]: बंद करो! बंद करो! (चिल्लाते हुए)

00:14:00.243 --> 00:14:06.683 align:center
[महावीर]: शिक्षा में राजनीति...
[सभी छात्र]: बंद करो! बंद करो! (चिल्लाते हुए)

00:14:06.923 --> 00:14:12.953 align:center
[महावीर]: शिक्षा में भेदभाव...
[सभी छात्र]: नहीं सहेंगे! नहीं सहेंगे!

00:14:12.963 --> 00:14:15.403 align:center
[महावीर]: रामानंद राय...
[सभी छात्र]: हाय, हाय! (चिल्लाते हुए)

00:14:15.523 --> 00:14:17.593 align:center
[महावीर]: रामानंद राय...
[सभी छात्र]: हाय, हाय! (चिल्लाते हुए)

00:14:17.603 --> 00:14:21.043 align:center
[महावीर]: शिक्षा में भेदभाव...
[सभी छात्र]: नहीं सहेंगे! नहीं सहेंगे!

00:14:21.163 --> 00:14:24.243 align:center
[महावीर]: शिक्षा में भेदभाव...
[सभी छात्र]: नहीं सहेंगे! नहीं सहेंगे!

00:14:24.403 --> 00:14:26.193 align:center
[महावीर]: गृहमंत्री...
[सभी छात्र]: हाय, हाय! हाय, हाय!

00:14:26.203 --> 00:14:29.763 align:center
[महावीर]: सर, हम महावीर!
इसी कॉलेज के छात्र हैं!

00:14:30.003 --> 00:14:32.323 align:center
हम सब भी ज्योतिष शास्त्र की
पढ़ाई करना चाहते हैं,

00:14:32.443 --> 00:14:34.193 align:center
लेकिन यहाँ प्रवेश नहीं मिल रहा।

00:14:34.203 --> 00:14:36.123 align:center
ये सब संविधान के ख़िलाफ़ है।

00:14:36.643 --> 00:14:38.553 align:center
[विभाग अध्यक्ष]: सर, चला जाए?
[सभी छात्र]: हाय, हाय! हाय, हाय!

00:14:38.563 --> 00:14:40.153 align:center
[महावीर]: रामानंद राय...
[सभी छात्र]: हाय, हाय! (चिल्लाते हुए)

00:14:40.163 --> 00:14:42.443 align:center
[सभी छात्र]: नहीं सहेंगे! नहीं सहेंगे!
[महावीर]: रामानंद राय... (चिल्लाते हुए)

00:14:42.603 --> 00:14:44.643 align:center
[महावीर]: नहीं सहेंगे! नहीं सहेंगे!
[सभी छात्र]: नहीं सहेंगे! नहीं सहेंगे!

00:14:45.123 --> 00:14:46.723 align:center
[विभाग अध्यक्ष]: क्षमा चाहते हैं, सर, वो...

00:14:47.643 --> 00:14:50.713 align:center
छ... छात्र आंदोलित हो जाते हैं कभी-कभी।

00:14:50.723 --> 00:14:55.283 align:center
वो... हम ये कह रहे थे
यु... यु... युवा हैं, सर।

00:14:56.043 --> 00:14:57.283 align:center
आइए। आइए, सर।

00:14:57.563 --> 00:15:00.243 align:center
[सभी छात्र]: हाय, हाय! हाय, हाय!
[विभाग अध्यक्ष]: बिराजिए।

00:15:00.843 --> 00:15:02.353 align:center
[महावीर]: रामानंद राय...
[सभी छात्र]: हाय, हाय! (चिल्लाते हुए)

00:15:02.363 --> 00:15:04.153 align:center
[रामानंद]: नमस्कार, नमस्कार।
[सभी छात्र]: हाय, हाय! (चिल्लाते हुए)

00:15:04.163 --> 00:15:07.803 align:center
[महावीर]: रामानंद राय...
[सभी छात्र]: हाय, हाय! (चिल्लाते हुए)

00:15:07.963 --> 00:15:09.993 align:center
[महावीर]: शिक्षा में भेदभाव...
[सभी छात्र]: नहीं सहेंगे! नहीं सहेंगे!

00:15:10.003 --> 00:15:13.483 align:center
[विभाग अध्यक्ष]: सर, ये सारे छात्र
ज्योतिष विभाग में प्रवेश लेना चाहते हैं।

00:15:14.523 --> 00:15:15.563 align:center
[रामानंद]: तो?

00:15:16.203 --> 00:15:17.483 align:center
स्थान रिक्त नहीं है क्या?

00:15:18.683 --> 00:15:21.003 align:center
[विभाग अध्यक्ष]: स्थान तो
आधे से ज़्यादा रिक्त है, सर,

00:15:21.563 --> 00:15:24.003 align:center
लेकिन संपन्न लोग विरोध में हैं।

00:15:24.603 --> 00:15:26.993 align:center
इन को ले लिया,
तो वो बिदक जाएंगे, सर।

00:15:27.003 --> 00:15:28.123 align:center
[सभी छात्र]: हाय, हाय!
(चिल्लाते हुए)

00:15:28.283 --> 00:15:30.083 align:center
[महावीर]: रामानंद राय...
[सभी छात्र]: हाय, हाय! (चिल्लाते हुए)

00:15:30.563 --> 00:15:32.603 align:center
[विभाग अध्यक्ष]: वैसे,
आप कहें तो सब को प्रवेश दे...

00:15:33.003 --> 00:15:34.283 align:center
[रामानंद]: ना, ना, ना, ना।

00:15:36.683 --> 00:15:38.923 align:center
मामला ज्योतिष की पढ़ाई का है।

00:15:39.883 --> 00:15:43.043 align:center
ग्रह-नक्षत्र देख कर
सब कुछ तय करना पड़ेगा।

00:15:43.683 --> 00:15:47.873 align:center
[महावीर]: रामानंद राय...
[सभी छात्र]: हाय, हाय! (चिल्लाते हुए)

00:15:47.883 --> 00:15:49.003 align:center
[रामानंद]: चलिए।

00:15:49.523 --> 00:15:51.003 align:center
इन से निपटते हैं।

00:15:51.363 --> 00:15:53.723 align:center
[महावीर]: रामानंद राय...
[सभी छात्र]: हाय, हाय! हाय, हाय!

00:15:53.843 --> 00:15:55.513 align:center
[सभी छात्र]: नहीं सहेंगे! नहीं सहेंगे!
(चिल्लाते हुए)

00:15:55.523 --> 00:15:57.963 align:center
[महावीर]: गृह मंत्री रामानंद राय!
[सभी छात्र]: हाय, हाय! हाय, हाय!

00:15:58.203 --> 00:16:00.443 align:center
[महावीर]: रामानंद राय!
[सभी छात्र]: हाय, हाय! हाय, हाय!

00:16:00.603 --> 00:16:03.003 align:center
[महावीर]: रामानंद राय!
[सभी छात्र]: हाय, हाय! हाय, हाय!

00:16:03.323 --> 00:16:05.993 align:center
[महावीर]: रामानंद राय!
[सभी छात्र]: हाय, हाय! हाय, हाय!

00:16:06.003 --> 00:16:09.553 align:center
[महावीर]: रामानंद राय!
[सभी छात्र]: हाय, हाय! (चिल्लाते हुए)

00:16:09.563 --> 00:16:11.163 align:center
[महावीर]: रुको!
[सभी छात्र]: हाय, हाय! (चिल्लाते हुए)

00:16:12.923 --> 00:16:15.643 align:center
[रामानंद]: विभाग अध्यक्ष से
हम बात कर लिए है।

00:16:16.563 --> 00:16:18.723 align:center
आप सब को प्रवेश मिलेगा।

00:16:21.763 --> 00:16:23.723 align:center
विद्या के इस मंदिर में

00:16:23.883 --> 00:16:26.803 align:center
विद्या को लेकर भेदभाव

00:16:27.923 --> 00:16:29.523 align:center
स्वीकार नहीं है हमें।

00:16:30.043 --> 00:16:32.283 align:center
हम आप के साथ हैं।

00:16:34.523 --> 00:16:36.683 align:center
इसलिए पढ़ो!

00:16:37.563 --> 00:16:41.203 align:center
राहू-केतु की सीधी-वखरी चालें समझो।

00:16:41.363 --> 00:16:44.073 align:center
[महावीर]: रामानंद राय ज़िंदाबाद, ज़िंदाबाद!
[सभी छात्र]: ज़िंदाबाद, ज़िंदाबाद!

00:16:44.083 --> 00:16:46.803 align:center
[महावीर]: रामानंद राय...
[सभी छात्र]: ज़िंदाबाद, ज़िंदाबाद!

00:16:46.923 --> 00:16:52.283 align:center
[महावीर]: रामानंद राय...
[सभी छात्र]: ज़िंदाबाद, ज़िंदाबाद!

00:16:54.083 --> 00:16:57.203 align:center
[अशोक]: अरे, तमाचा है अस्पताल की
दुर्घटना मुंबई पुलिस के गाल पर!

00:16:58.643 --> 00:16:59.913 align:center
[हिमांशु]: मैं पूरा दोष लेता हूँ, सर।

00:16:59.923 --> 00:17:01.993 align:center
[अशोक]: अरे, दोष लेने से क्या होगा, हिमांशु?

00:17:02.003 --> 00:17:03.353 align:center
खेल तो हो गया!

00:17:03.363 --> 00:17:06.403 align:center
विभाग को, सरकार को,
मीडिया को जवाब कौन देगा?

00:17:07.043 --> 00:17:08.443 align:center
कह रहा था मैं पहले से!

00:17:09.563 --> 00:17:10.803 align:center
अब बताओ मुझे।

00:17:11.123 --> 00:17:14.523 align:center
एक अकेला आदमी कानून और व्यवस्था की
ऐसी की तैसी करके चला जाता है

00:17:14.683 --> 00:17:16.603 align:center
और हम यहाँ बेवकूफों की तरह खड़े हैं!

00:17:18.803 --> 00:17:22.483 align:center
हिमांशु, क़ाबिल लोगों की
समस्या जानते हो क्या है?

00:17:23.163 --> 00:17:26.553 align:center
उन्हें बार-बार अपनी क़ाबिलियत को
साबित करना पड़ता है!

00:17:26.563 --> 00:17:29.363 align:center
[अशोक]: और मुझे नतीजे चाहिए!
[हिमांशु]: जी, सर।

00:17:39.403 --> 00:17:41.883 align:center
(पुलिस कार के साइरन की आवाज़)

00:17:43.083 --> 00:17:44.313 align:center
[कॉन्स्टेबल 5]: चल! चल!

00:17:44.323 --> 00:17:45.913 align:center
[चोर उचक्का]: साहब! साहब, छोड़ो!
[कॉन्स्टेबल 5]: चल! चल!

00:17:45.923 --> 00:17:46.963 align:center
[कॉन्स्टेबल 5]: चल!!

00:17:48.403 --> 00:17:50.873 align:center
[कॉन्स्टेबल 5]: बता, उदय ठाकुर कहाँ छुपा
बैठा है! चल! [चोर उचक्का]: हम को नहीं मालूम!

00:17:50.883 --> 00:17:52.713 align:center
[विष्णु]: पूरे बंदे वाइट हाउस में लेके आओ।

00:17:52.723 --> 00:17:54.113 align:center
[विष्णु]: पवार, एक काम करो।
[पवार]: जी, सर?

00:17:54.123 --> 00:17:55.193 align:center
[विष्णु]: तुम दोनों उधर जाओ।
[पवार]: जी, सर।

00:17:55.203 --> 00:17:56.603 align:center
[विष्णु]: तू आ मेरे साथ।
[ऑफिसर 2]: जी, सर।

00:17:59.763 --> 00:18:01.443 align:center
[चरसी]: अबे, पुलिस आ गई!
[चोर उचक्का 2]: भागो यहाँ से!

00:18:03.923 --> 00:18:05.523 align:center
[चरसी]: छोड़! छोड़ दे रे!

00:18:06.123 --> 00:18:07.123 align:center
[विष्णु]: गाँजा!

00:18:07.563 --> 00:18:09.593 align:center
[विजय]: उदय ठाकुर किधर है?
[चरसी]: कौन उदय ठाकुर?

00:18:09.603 --> 00:18:10.633 align:center
[विष्णु]: अरे, ए! चलना!
[चरसी]: अरे!

00:18:10.643 --> 00:18:12.403 align:center
[चरसी]: अरे! मैं किसी उदय
ठाकुर को नहीं जानता! [विष्णु]: चुप!

00:18:12.523 --> 00:18:13.803 align:center
(लाठी मारने की आवाज़)
(चरसी के कराहने की आवाज़)

00:18:13.923 --> 00:18:15.513 align:center
[विष्णु]: बोल! बोल!
[चरसी]: कितनी बार बताया...

00:18:15.523 --> 00:18:17.443 align:center
[चरसी]: मैं किसी उदय ठाकुर को
नहीं जानता। [विष्णु]: चुप, सा**!

00:18:17.883 --> 00:18:19.123 align:center
[विष्णु]: कुछ नहीं बता रहा, सर।

00:18:24.923 --> 00:18:26.323 align:center
[हिमांशु]: हूँ।

00:18:28.843 --> 00:18:31.683 align:center
गाँजा ख़रीदने के लिए आज तक
किसी का एनकाउंटर किया है हम ने, विष्णु?

00:18:32.243 --> 00:18:33.563 align:center
[विष्णु]: कभी नहीं, सर।

00:18:34.243 --> 00:18:36.843 align:center
[हिमांशु]: क्योंकि आज से पहले
दिमाग़ भी कभी इतना ख़राब नहीं हुआ।

00:18:43.003 --> 00:18:44.483 align:center
(बंदूक से गोली चलाने की आवाज़)
(चरसी के चीखने की आवाज़)

00:18:45.883 --> 00:18:46.923 align:center
[चरसी]: ब... बताता हूँ।

00:18:47.403 --> 00:18:48.883 align:center
बताता हूँ, साहब।

00:18:49.323 --> 00:18:50.403 align:center
बताता हूँ।

00:18:55.003 --> 00:18:56.523 align:center
[गुंडा 2]: भाई, सामान आ गया।

00:18:57.003 --> 00:18:58.323 align:center
[उदय]: हूँ।

00:19:04.203 --> 00:19:05.323 align:center
हूँ।

00:19:08.003 --> 00:19:09.123 align:center
हूँ।

00:19:29.963 --> 00:19:30.993 align:center
हूँ।

00:19:31.003 --> 00:19:33.283 align:center
[उदय]: अच्छे से पैक कर और इसे लोड करा।
[गुंडा 3]: जी, भाई।

00:19:38.003 --> 00:19:40.443 align:center
[हिमांशु]: उदय ठाकुर मुझे ज़िंदा चाहिए।
[विष्णु]: जी, सर।

00:19:40.603 --> 00:19:42.763 align:center
[हिमांशु]: कोई उसे गोली नहीं मारेगा।
उस की तरफ़ गोली मत चलाना।

00:19:55.323 --> 00:19:57.603 align:center
(गुंडों के बड़ाबड़ाने की आवाज़)

00:19:59.083 --> 00:20:00.913 align:center
[उदय]: सा**! भागो! पुलिस, पुलिस, पुलिस!

00:20:00.923 --> 00:20:02.353 align:center
नीचे, नीचे, नीचे! मुश्ताक़!

00:20:02.363 --> 00:20:04.363 align:center
(बंदूकों से गोलियाँ चलाने की आवाज़)

00:20:04.963 --> 00:20:07.043 align:center
[उदय]: मुश्ताक़ भाई! ठोक इस की माँ का!

00:20:07.683 --> 00:20:08.883 align:center
चलाओ रे!

00:20:09.323 --> 00:20:10.963 align:center
(बंदूकों से गोलियाँ चलाने की आवाज़)

00:20:18.803 --> 00:20:20.203 align:center
(बम धमाके की आवाज़)

00:20:30.443 --> 00:20:31.273 align:center
(बम धमाके की आवाज़)

00:20:31.283 --> 00:20:32.243 align:center
[हिमांशु]: उदय!

00:20:37.843 --> 00:20:38.723 align:center
उदय!

00:20:43.203 --> 00:20:44.283 align:center
उदय, रुक!

00:20:45.443 --> 00:20:46.563 align:center
रुक जा, उदय!

00:21:22.683 --> 00:21:25.323 align:center
[उदय]: ए! हिमांशु सा**, पीछे हट!
ठोक दूँगा मैं!

00:21:25.563 --> 00:21:27.203 align:center
[हिमांशु]: उदय, ज़िंदा रहना है,
तो सरेंडर कर दे।

00:21:27.723 --> 00:21:29.113 align:center
[उदय]: चला दूँगा गोली, हिमांशु!

00:21:29.123 --> 00:21:30.433 align:center
[हिमांशु]: उदय, मैं चेतावनी दे रहा हूँ।
सरेंडर कर दे।

00:21:30.443 --> 00:21:33.233 align:center
[उदय]: अरे, मैं भी आख़िरी चेतावनी दे रहा हूँ।
ठोक दूँगा तुझे! पीछे हट, हिमांशु!

00:21:33.243 --> 00:21:34.843 align:center
(बंदूक से गोली चलाने की आवाज़)
(उदय के कराहने की आवाज़)

00:21:35.963 --> 00:21:37.683 align:center
[हिमांशु]: उदय! उदय! उदय! उ...

00:21:38.803 --> 00:21:41.033 align:center
सुधाकर, ये क्या किया तूने?
मैं कहा था, मुझे ये ज़िंदा चाहिए!

00:21:41.043 --> 00:21:42.033 align:center
कोई गोली नहीं मारेगा इसे!

00:21:42.043 --> 00:21:43.593 align:center
[हिमांशु]: एक तो... [सुधाकर]: सर,
इसको नहीं मारता, तो ये आप को मार देता!

00:21:43.603 --> 00:21:44.913 align:center
[हिमांशु]: सुधाकर,
इस की साँसें चल रही हैं।

00:21:44.923 --> 00:21:46.483 align:center
[हिमांशु]: गाड़ी निकाल।
[सुधाकर]: सर।

00:21:47.003 --> 00:21:48.883 align:center
[हिमांशु]: उदय! उदय!

00:21:49.603 --> 00:21:51.483 align:center
उदय, मेरे साथ रहना! उदय!

00:21:52.163 --> 00:21:53.283 align:center
सुधाकर, जल्दी कर!

00:21:54.803 --> 00:21:58.363 align:center
(पुलिस वैन के साइरन की आवाज़)

00:21:58.883 --> 00:22:01.203 align:center
[हिमांशु]: पाटिल, वैन जल्दी अस्पताल ले।
इस को ज़िंदा रखना है!

00:22:01.323 --> 00:22:02.443 align:center
[पाटिल]: जी, साहब।

00:22:03.123 --> 00:22:05.403 align:center
[हिमांशु]: उदय!
देख, तेरे पास समय कम है।

00:22:06.323 --> 00:22:07.963 align:center
मरने से पहले कुछ अच्छा कर दे,

00:22:08.083 --> 00:22:09.483 align:center
चैन की मौत मरेगा।

00:22:09.723 --> 00:22:11.043 align:center
जो जानता है, बोल!

00:22:11.403 --> 00:22:13.163 align:center
चल! चल, मुँह खोल!
बोलना शुरू कर।

00:22:13.843 --> 00:22:15.963 align:center
बोल! उदय, बोल!

00:22:16.283 --> 00:22:19.083 align:center
[उदय]: बंबई के लड़कों से
नहीं होने वाला था ये काम।

00:22:21.323 --> 00:22:23.163 align:center
इसलिए मैं गया यूपी।

00:22:24.083 --> 00:22:24.963 align:center
बोले तो...

00:22:25.843 --> 00:22:27.123 align:center
पूर्वांचल।

00:22:27.323 --> 00:22:29.363 align:center
(उत्तेजक पार्श्व संगीत)

00:22:29.523 --> 00:22:30.913 align:center
[उदय]: तो फिर क्या सोचा है आप ने
(सोचते हुए)

00:22:30.923 --> 00:22:32.643 align:center
भाई से हाथ मिलाने के बारे में?
(सोचते हुए)

00:22:33.763 --> 00:22:34.963 align:center
[वसीम]: क़बाब कैसा है?
(उदय सोचते हुए)

00:22:36.243 --> 00:22:37.563 align:center
[उदय]: बहुत ही स्वादिष्ट।
(सोचते हुए)

00:22:39.283 --> 00:22:40.603 align:center
[वसीम]: तो जी भर कर खाओ
(उदय सोचते हुए)

00:22:40.763 --> 00:22:43.843 align:center
और वो जो सुपारी लाये होना अस्पताल में
कांड करने के लिए, (उदय सोचते हुए)

00:22:44.123 --> 00:22:45.923 align:center
उस को डालो अपनी गाँ** में
और निकलो यहाँ से! (उदय सोचते हुए)

00:22:48.203 --> 00:22:50.003 align:center
[उदय]: भाई का दिल दुखा रहे हैं।
(सोचते हुए)

00:22:50.843 --> 00:22:53.563 align:center
[वसीम]: अब दिल दुखे या कलेजा,
हमें झाँ** फ़र्क नहीं पड़ता। (उदय सोचते हुए)

00:22:54.203 --> 00:22:56.683 align:center
वो क्या है ना,
अपने भाई को जाकर कहना (उदय सोचते हुए)

00:22:57.403 --> 00:22:59.523 align:center
कि ये आँटू-झाँ** काम
वसीम ख़ान नहीं करता। (उदय सोचते हुए)

00:23:00.283 --> 00:23:01.443 align:center
हम एक चर्चित हस्ती हैं।
(उदय सोचते हुए)

00:23:03.763 --> 00:23:04.803 align:center
[उदय]: ठीक है।

00:23:05.603 --> 00:23:07.363 align:center
(उत्तेजक पार्श्व संगीत)

00:23:07.483 --> 00:23:09.923 align:center
[उदय]: वसीम ख़ान के मना करने के बाद
(कराहते हुए)

00:23:10.643 --> 00:23:14.643 align:center
तब मैं पहुँचा
उस के सब से कट्टर विरोधी - (कराहते हुए)

00:23:15.403 --> 00:23:17.403 align:center
रामानंद राय के पास।
(कराहते हुए)

00:23:18.003 --> 00:23:19.283 align:center
पर मेरी एक शर्त है।
(सोचते हुए)

00:23:20.043 --> 00:23:22.443 align:center
उस आदमी का पुलिस में
कोई रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए। (सोचते हुए)

00:23:28.283 --> 00:23:29.683 align:center
[रामानंद]: कैसा हो, अगर वो...
(उदय सोचते हुए)

00:23:29.843 --> 00:23:31.843 align:center
उस आदमी का
पुलिस रिकॉर्ड हो, लेकिन... (उदय सोचते हुए)

00:23:32.683 --> 00:23:34.123 align:center
रिकॉर्ड में वो मृत हो।
(उदय सोचते हुए)

00:23:34.803 --> 00:23:36.003 align:center
[उदय]: मृत?
(सोचते हुए)

00:23:36.683 --> 00:23:37.843 align:center
[रामानंद]: हाँ।
(उदय सोचते हुए)

00:23:39.203 --> 00:23:42.603 align:center
है एक ऐसा तीर, जिसे हम ने अपने तर्कश में
बरसों से छुपा कर रखा है। (उदय सोचते हुए)

00:23:44.443 --> 00:23:45.603 align:center
वो काम आएगा।
(उदय सोचते हुए)

00:23:46.123 --> 00:23:49.083 align:center
[उदय]: दस दिनों तक माथा-पच्ची हुई इस...
(कराहते हुए)

00:23:50.203 --> 00:23:52.923 align:center
कांड को कैसे अंजाम देना है।
(कराहते हुए)

00:23:53.723 --> 00:23:55.443 align:center
तुम्हारी सावधान पुलिस
(कराहते हुए)

00:23:56.283 --> 00:23:58.683 align:center
के आँखों और डंडों को
(कराहते हुए)

00:23:59.363 --> 00:24:01.043 align:center
चकमा देकर
(कराहते हुए)

00:24:04.283 --> 00:24:06.403 align:center
नाग की तरह रेंगता हुआ
(कराहते हुए)

00:24:07.363 --> 00:24:11.043 align:center
अस्पताल के अंदर घुस गया था।
(कराहते हुए)

00:24:11.643 --> 00:24:15.883 align:center
तुम अपने आप को
सुपरकॉप समझते होना, एसीपी?

00:24:18.683 --> 00:24:23.323 align:center
तुम से दस गुना ज़्यादा तेज़ चलता है
(कराहते हुए)

00:24:23.923 --> 00:24:25.323 align:center
उस का दिमाग़।
(कराहते हुए)

00:24:33.483 --> 00:24:34.683 align:center
[कॉन्स्टेबल 6]: ज़रा रुको।
(उदय सोचते हुए)

00:24:35.043 --> 00:24:36.083 align:center
[विजय]: खाना है।
(उदय सोचते हुए)

00:24:42.003 --> 00:24:43.163 align:center
[कॉन्स्टेबल 6]: ठीक है।
(उदय सोचते हुए)

00:24:43.683 --> 00:24:44.513 align:center
[विजय]: अब जाऊँ?
(उदय सोचते हुए)

00:24:44.523 --> 00:24:47.443 align:center
[उदय]: अस्पताल के हर मंज़िल पर
(कराहते हुए)

00:24:47.883 --> 00:24:53.043 align:center
पहुँचा दिया गया था मौत का ये पार्सल।

00:24:53.443 --> 00:24:55.003 align:center
(उदय ले खाँसने की आवाज़)

00:25:03.803 --> 00:25:04.723 align:center
(उदय ले हँसने की आवाज़)

00:25:05.003 --> 00:25:06.963 align:center
[उदय]: मरे को ज़िंदा
(कराहते हुए)

00:25:07.323 --> 00:25:11.203 align:center
और ज़िंदा को मारने का
खेल शुरू हो गया था। (कराहते हुए)

00:25:14.803 --> 00:25:17.763 align:center
पहले मरा विजय सिंह ज़िंदा हुआ,
(कराहते हुए)

00:25:18.923 --> 00:25:21.403 align:center
और अब ज़िंदा विजय सिंह
(कराहते हुए)

00:25:25.483 --> 00:25:27.443 align:center
लाश बन गया था।
(कराहते हुए)

00:25:33.523 --> 00:25:35.043 align:center
ज़िंदा लाश।
(कराहते हुए)

00:25:35.763 --> 00:25:37.283 align:center
[हिमांशु]: ए! ए, ए, ए! उदय!

00:25:37.683 --> 00:25:39.923 align:center
रामानंद राय को एसजे कांड से
क्या फ़ायदा होगा? हाँ?

00:25:40.083 --> 00:25:42.363 align:center
(उदय के साँसें लेने की आवाज़)

00:25:42.723 --> 00:25:44.483 align:center
[हिमांशु]: ए! उदय!

00:25:45.243 --> 00:25:46.643 align:center
उदय! उ...

00:26:09.243 --> 00:26:13.283 align:center
(रेलवे स्टेशन पर अनाउंसमेंट होने की आवाज़)

00:26:35.283 --> 00:26:37.963 align:center
[न्यूज़ एंकर]: बंबई के एस. जे. अस्पताल में
हुई गोलीबारी।

00:26:38.083 --> 00:26:40.513 align:center
इस हत्याकांड में पूर्वांचल के

00:26:40.523 --> 00:26:43.083 align:center
विजय सिंह का नाम सामने आ रहा है।

00:26:43.283 --> 00:26:47.243 align:center
ये वही विजय सिंह है,
जिस की पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार

00:26:47.563 --> 00:26:50.043 align:center
चार साल पहले ही मृत्यु हो चुकी है।

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[न्यूज़ एंकर 2]: बंबई एसजे अस्पताल
गोली हत्याकांड में

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पूर्वांचल के बाहुबली रहे
विजय सिंह का नाम सामने आ रहा है।

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लेकिन दिलचस्प बात ये है
कि विजय सिंह की हत्या

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आज से चार साल पहले ही
एक गैंग वॉर में हो चुकी है।

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[रिपोर्टर]: एसजे अपस्ताल गोली कांड को लेकर
बंबई पुलिस सवालों के घेरे में है।

00:27:07.003 --> 00:27:08.563 align:center
इस के ऊपर क्या कहेंगे आप?

00:27:08.683 --> 00:27:11.433 align:center
[अशोक]: देखिए, आप जो बात... [रिपोर्टर 2]:
पूर्वांचल के जिस अपराधी विजय सिंह को

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[रिपोर्टर 2]: इस घटना के लिए
ज़िम्मेदार माना जा रहा है,

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हमारे सूत्रों के अनुसार
चार साल पहले उस की मौत हो चुकी है।

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क्या कहेंगे आप?

00:27:16.963 --> 00:27:18.633 align:center
[अशोक]: ये बिलकुल ग़लत ख़बर है।
[रिपोर्टर 3]: सर, ताज्जुब की बात है

00:27:18.643 --> 00:27:22.043 align:center
[रिपोर्टर 3]: कि बंबई पुलिस एक मृत व्यक्ति को
आरोपी कैसे बना सकती है, सर?

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[अशोक]: देखिए,
हमें हमारे विभाग पे पूरा भरोसा है।

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हम जाँच कर रहे हैं।
हम जल्द ही आप को ख़बर कर देंगे।

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[रिपोर्टर 1]: सर, हिमांशु पटनायक के बारे में
आप क्या कहेंगे? [रिपोर्टर 3]: सर, आप क्या...

00:27:29.723 --> 00:27:31.953 align:center
[रिपोर्टर 3]: कोशिश कर रहे हैं, सर? [रिपोर्टर
1]: एक दिन आपको ये पहेली सुलझानी पड़ेगी, सर।

00:27:31.963 --> 00:27:33.833 align:center
[रिपोर्टर 1]: आप ऐसे नहीं जा सकते, सर!
[कॉन्स्टेबल 7]: चलिए, चलिए!

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[भैया 1]: एसजे अस्पताल में हुई गोलीबारी में

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पूर्वांचल के विजय सिंह का
नाम आया सामने।

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भला मरा हुआ आदमी
ज़िंदा कैसे हो सकता है?

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[भैया 2]: हाँ, भैया।
एकदम सही कह रहे हो।

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[भैया 1]: कुछ भी छाप देते हैं अख़बार वाले।

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[भैया 3]: विजय सिंह को तो
परलोक सिधारे चार बरस हो गया है।

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अरे, छोड़िए, आप खैनी बनाइए।

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(मार्केट में शोर-शराबे की आवाज़)

00:28:00.003 --> 00:28:03.793 align:center
(गाड़ी का दरवाज़ा खोलने की आवाज़)
(गाड़ी स्टार्ट करने की आवाज़)

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(गाड़ी का दरवाज़ा बंद करने की आवाज़)
(गाड़ी के चलने की आवाज़)

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(रोमांचकारी पार्श्व संगीत)

