WEBVTT

00:09.523 --> 00:11.483
[वीरेंद्र]: मैं चाहता हूँ कि तुम कलेक्टर बनो।

00:12.043 --> 00:14.643
[विजय]: बाबू जी, आप का ये सपना
हम ज़रूर पूरा करेंगे।

00:19.043 --> 00:20.793
(खदानों में धमाके की आवाज़)

00:20.803 --> 00:21.753
(ट्रेक्टर चलाने की आवाज़)
(बंदूक से गोली चलाने की आवाज़)

00:21.763 --> 00:23.113
[गुल्लू]: मा***द!

00:23.123 --> 00:25.993
(बंदूकों से गोलियाँ चलाने की आवाज़)
(गुल्लू को गोली लगने और कराहने की आवाज़)

00:26.003 --> 00:28.523
(गुल्लू को कुदाल से मारने की आवाज़)
(गुल्लू के कराहने और ज़मीन पर गिरने की आवाज़)

00:28.643 --> 00:32.443
[लालचंद]: गुल्लू और पाचो किसका आदमी है,
तुम को पता है?

00:32.923 --> 00:35.243
वसीम नाम है उसका!

00:35.403 --> 00:38.443
[बेचन]: लेंगे। जम के बदला लेंगे।

00:38.923 --> 00:41.043
[मिश्रा]: देखिए,
आबकारी विभाग का ठेका

00:41.163 --> 00:44.673
हर बार की तरह इस बार भी
वसीम भाई को ही जाएगा।

00:44.683 --> 00:47.073
[इरशाद]: तुम जानते भी हो
कि वसीम भाई कौन है रे?

00:47.083 --> 00:49.043
[विजय]: लेकिन आप भी नहीं जानते
कि हम कौन हैं।

00:49.723 --> 00:52.163
[इरशाद]: बताओ तुम कौन हो, यार अब।
[विजय]: विजय सिंह।

00:52.283 --> 00:54.763
[पुजारी]: विजय सिंह को
शराब के ठेके मिलने का मतलब साफ़ है

00:55.603 --> 00:56.643
कि हम कमज़ोर हैं!

00:56.763 --> 01:00.603
[ठाकुर]: गाज़ीपुर से पुजारी सिंह को
हराने का गूदा सिर्फ़ आप में है।

01:01.443 --> 01:03.073
और विजय सिंह है ही आपके साथ।

01:03.083 --> 01:07.563
[उद्घोषक]: हमारा नेता कैसा हो? [सभी लोग]:
पुजारी सिंह जैसा हो! (ढोल बजाने की आवाज़)

01:08.403 --> 01:11.483
[उद्घोषक 2]: जीतेगा भई जीतेगा...
[सभी लोग]: साहेब सिंह जीतेगा! (चिल्लाते हुए)

01:11.683 --> 01:12.793
[इरशाद]: गोली की चोट!

01:12.803 --> 01:14.153
पुजारी सिंह को वोट नहीं, तो...
(पर्ची पर ठप्पा लगाने की आवाज़)

01:14.163 --> 01:18.123
[निकाल उद्घोषक]: साहेब सिंह ने
अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी पुजारी सिंह को

01:18.283 --> 01:20.923
तीस हज़ार वोटों से हरा दिया है!

01:22.203 --> 01:24.443
[उद्घोषक 2]: ज़िंदाबाद!
[सभी लोग]: ज़िंदाबाद, ज़िंदाबाद! (चिल्लाते हुए)

01:25.363 --> 01:29.283
[पुजारी]: मुझे मेरी सीट वा... वापस चाहिए!
(रोते हुए)

01:29.403 --> 01:31.323
[वसीम]: आप को आप की सीट
वापस दिलाऊँगा मैं।

01:31.523 --> 01:34.603
(दंगाइयों के नारे लगाने और शोर मचाने की आवाज़)

01:35.923 --> 01:37.363
[साहेब]: त्रिपुरारी! ए! (चिल्लाते हुए)

01:37.483 --> 01:40.443
(बंदूक से गोली चलाने की आवाज़)
(गाड़ी का दरवाज़ा बंद करने की आवाज़)

01:41.483 --> 01:42.753
(दरवाज़ा खोलने की आवाज़)

01:42.763 --> 01:46.963
(बंदूक से गोली चलाने की आवाज़)
(आग की लपटों की आवाज़)

01:47.243 --> 01:51.243
[बेचन]: आज से इस कोयला मंडी में
कोयले का दाम विजय सिंह तय करेगा।

01:51.443 --> 01:54.523
[गुंडा 1]: भैया, वो विजय का आदमी
कोयला मंडी में कब्ज़ा जमाने पहुँच गया है।

01:54.763 --> 01:57.153
[वसीम]: मा****!
उसका जनाज़ा निकालूँगा आज मैं!

01:57.163 --> 01:59.043
(बंदूकों से गोलियाँ चलाने की आवाज़)

01:59.523 --> 02:02.593
[पुजारी]: अब वो विजय सिंह
कोयले पर भी अपनी आँख लगा रहा है!

02:02.603 --> 02:05.123
ये ठेके मैंने तुम्हें इसलिए दिलवाए थे,

02:05.243 --> 02:07.763
क्योंकि जो दहशत
आज विजय पैदा कर रहा है,

02:07.923 --> 02:10.083
वो कभी तुम पैदा किया करते थे! (चिल्लाते हुए)

02:10.243 --> 02:13.723
मुझे लगता है विजय का इलाज रणनीति से नहीं,

02:14.243 --> 02:15.643
राजनीति से संभव है।

02:15.803 --> 02:18.083
[वसीम]: आप राजनीति से
उसका इलाज कीजिए

02:19.483 --> 02:22.683
और मैं रणनीति से
बीमारी ख़त्म कर देता हूँ।

02:24.043 --> 02:25.563
तू विजय को मारेगा मेरे लिए?

02:25.843 --> 02:27.083
(बम धमाके की आवाज़)
(लोगों के कराहने की आवाज़)

02:27.203 --> 02:28.603
(लोगों के शोर मचाने की आवाज़)

02:28.803 --> 02:29.993
[विजय]: ए! (बंदूक से गोली चलाने और गोली लगने की आवाज़)

02:30.003 --> 02:31.363
[सनकी]: सा**, रुक! (चिल्लाते हुए)

02:31.883 --> 02:34.083
आज तुम्हारा ऐसा गाँ** तोड़ेंगे ना कि... (चिल्लाते हुए)

02:34.283 --> 02:35.443
[त्रिपुरारी]: सनकी नाम है।

02:35.763 --> 02:37.883
कोयला मंडी में
दलाली का काम करता था।

02:38.283 --> 02:39.803
अब वसीम का ख़ास आदमी है।

02:40.763 --> 02:41.803
[सीमा]: कभी लड़की नहीं देखी?

02:41.923 --> 02:44.803
[सनकी]: लेकिन कभी दारू की दुकान पे
देसी ख़रीदते हुए लड़की नहीं देखी।

02:47.923 --> 02:50.233
[सीमा]: चिंता की कोई बात नहीं है,
काम हो जाएगा।

02:50.243 --> 02:53.123
[विजय]: विजय सिंह वादा करता है
तुम दोनों से हमेशा

02:53.363 --> 02:55.243
कि जब तक विजय सिंह ज़िंदा है,

02:56.843 --> 02:58.483
सीमा पे कभी कोई आँच नहीं आने देंगे।

02:58.603 --> 03:00.043
[बुजुर्ग आदमी]: बरक़त हो!
[पुजारी]: हाँ, हाँ।

03:00.283 --> 03:01.643
[पुजारी]: कैसे हैं आप? हाँ?

03:03.003 --> 03:03.963
[विजय]: ख़ुदा हाफ़िज़।

03:04.723 --> 03:05.953
अब ऊपर जाके पूजा कीजिए।

03:05.963 --> 03:06.843
(चाकू घोंपने की आवाज़)
(पुजारी के कराहने की आवाज़)

03:06.963 --> 03:09.923
[सीमा]: पुजारी सिंह मरा नहीं, ज़िंदा है।
अपस्ताल में है।

03:10.043 --> 03:11.043
(बम धमाके की आवाज़)

03:14.283 --> 03:15.193
[पुजारी]: तुम!

03:15.203 --> 03:17.043
(पुजारी के कराहने की आवाज़)

03:20.123 --> 03:21.283
[सनकी]: अबे, पुजारी!

03:22.603 --> 03:25.803
[चाचा]: बेटा,
वो ज़मीन तो हम तुम्हें नहीं देंगे।

03:26.603 --> 03:30.953
[बिलाल]: ये होता है नतीजा
विजय सिंह को ज़मीन नहीं देने का!

03:30.963 --> 03:33.523
(बंदूकों से गोलियाँ चलाने की आवाज़)

03:33.643 --> 03:37.363
(सीमा और कट्टा के हँसने की आवाज़)

03:37.483 --> 03:38.683
[सनकी]: ओ, तू जा यहाँ से।

03:39.123 --> 03:40.763
[वसीम]: वो लड़की विजय के लिए
काम करती है।

03:40.883 --> 03:44.123
[सनकी]: तो उस विजय सिंह को
अकेला लाके खड़ा करो वसीम ख़ान के सामने।

03:44.403 --> 03:45.603
बड़े बाँध पर कल।

03:45.923 --> 03:48.673
(बम धमाकों और गोलियाँ चलाने की आवाज़)
(गुंडे के गाड़ी से टकराने की आवाज़)

03:48.683 --> 03:50.323
(सनकी के चिल्लाने की आवाज़)
(बंदूक से गोलियाँ चलाने की आवाज़)

03:50.443 --> 03:52.603
[सनकी]: नेपाली! मा***द!

03:54.563 --> 03:56.203
(खाली बंदूक का ट्रिगर दबाने की आवाज़)
(चिंताजनक पार्श्व संगीत)

03:56.803 --> 03:58.763
(राइफ़ल से गोली चलाने की आवाज़)
(विजय को गोली लगने और कराहने की आवाज़)

03:59.803 --> 04:01.483
[छुन्नू]: भैया!

04:03.083 --> 04:05.203
(विजय के पानी में गिरने की आवाज़)

04:09.523 --> 04:11.273
'बॉम्बे 1992'
(एम्बुलेंस के चलने की आवाज़)

04:11.283 --> 04:13.483
(एम्बुलेंस के रुकने की आवाज़)

04:15.043 --> 04:18.403
(एम्बुलेंस का दरवाज़ा खोलने-बंद करने की आवाज़)
(क़दमों की आवाज़)

04:21.083 --> 04:21.963
[कॉन्स्टेबल]: क्या है रे?

04:22.363 --> 04:24.003
[कंपाउंडर]: लाश है, साहब। लावारिस है।

04:24.683 --> 04:25.683
(बदबू से नाक सिकोड़नी की आवाज़)

04:26.403 --> 04:28.643
[गडवे]: तेरी माँ का! अरे,
कैसे इतनी ज़्यादा बदबू आ रही है रे?

04:29.443 --> 04:30.673
[गडवे]: हूँ?
[कंपाउंडर]: नाले में से मिली है ना, साहब।

04:30.683 --> 04:32.203
[कंपाउंडर]: तो बास तो मारेगी ही ना?

04:32.363 --> 04:34.803
[गडवे]: हूँ! कौन से क्षेत्र से है? हाँ?

04:35.083 --> 04:37.683
कागज़ात वगैरह है क्या कुछ?
या ऐसे ही उठा लाया गाड़ी में?

04:37.923 --> 04:40.763
[कंपाउंडर]: साहब, अपना काम तो बस लाश को
अपस्ताल तक पहुँचाने का होता है, साहब।

04:41.043 --> 04:42.603
उस से ज़्यादा अपने को कुछ पता नहीं।

04:42.883 --> 04:44.033
[सीनियर इंस्पेक्टर]: ख़बर क्या है रे, गडवे?

04:44.043 --> 04:45.713
[गडवे]: कुछ नहीं, सर।
लावारिस लाश है।

04:45.723 --> 04:47.563
[सीनियर इंस्पेक्टर]: ठीक है। जाने दे।
[गडवे]: हाँ। हूँ। हूँ।

04:47.803 --> 04:49.963
[कॉन्स्टेबल]: ए! चल जल्दी! चल!
[गडवे]: ए, जल्दी से ले चलो!

04:50.243 --> 04:51.113
[कंपाउंडर 2]: जी, साहब।
[गडवे]: चल, लेके जाओ!

04:51.123 --> 04:53.203
[कंपाउंडर]: जल्दी ले जाओ अब!
बहुत लाशें उठानी हैं अभी।

04:56.083 --> 04:57.043
[कंपाउंडर 2]: उठा जल्दी।

05:05.203 --> 05:06.323
चलो।

05:11.243 --> 05:13.043
[कंपाउंडर]: चल, चल। लगा दे गाड़ी!

05:13.243 --> 05:14.443
(एम्बुलेंस स्टार्ट करने की आवाज़)

05:20.843 --> 05:22.523
[डॉक्टर]: मोहन! वॉर्ड नंबर 10 में देख!

05:22.763 --> 05:23.803
[मोहन]: हाँ, देखता हूँ।

05:41.723 --> 05:45.083
(रोमांचकारी पार्श्व संगीत)
(बंदूक से गोलियाँ चलाने की आवाज़)

06:08.723 --> 06:10.273
[कॉन्स्टेबल 2]: अरे, चड्ढा, सरकारी काम है।
[कॉन्स्टेबल 3]: रोको। गाड़ी देखने दो!

06:10.283 --> 06:11.513
[कॉन्स्टेबल 2]: थोड़ा सहयोग कीजिए ना।

06:11.523 --> 06:12.563
बैठ इधर।

06:12.683 --> 06:14.913
[कंपाउंडर 4]: ए, बाजू हटिए। बाजू हटिए।
[रिश्तेदार]: साइड, साइड। चलो, जल्दी, जल्दी!

06:14.923 --> 06:17.153
[कॉन्स्टेबल 2]: एक मिनट, एक मिनट।
आईडी दिखाइए। [कॉन्स्टेबल 3]: एक मिनट! आईडी?

06:17.163 --> 06:19.203
[रिश्तेदार]: अरे, कितनी बार दिखाना है?
[कॉन्स्टेबल 2]: अजी, दिखाइए!

06:19.363 --> 06:20.513
[दादा जी]: अरे, हॉस्पिटल...
[कॉन्स्टेबल 3]: चलो, चलो। जल्दी चलो अब।

06:20.523 --> 06:22.193
[कॉन्स्टेबल 3]: वीआईपी गतिविधि होने वाली
है। चलो! [कॉन्स्टेबल 2]: हाँ, ठीक है, ठीक है।

06:22.203 --> 06:23.553
[कॉन्स्टेबल 3]: चलो जल्दी!
[दादा जी]: ढंग से देख!

06:23.563 --> 06:25.033
[दादा जी]: तुम लोग क्या करते हो?
[कॉन्स्टेबल 3]: अरे, जाओ ना, अंकल।

06:25.043 --> 06:26.403
[विष्णु]: ये वापस आ गया है, सर।

06:27.323 --> 06:30.323
[हिमांशु]: हूँ। उदय ठाकुर।
मक़सूद का क़रीबी आदमी।

06:32.163 --> 06:33.803
[हिमांशु]: ख़बर पक्की है?
[विष्णु]: हाँ, सर।

06:34.083 --> 06:36.083
[विष्णु]: मेरे जासूस ने
इसे दीपाली बार में देखा है।

06:36.643 --> 06:40.193
[हिमांशु]: गैंग वॉर में शहर की सड़कों पे
और ख़ून बहने से पहले इसे गिरफ़्तार करना है।

06:40.203 --> 06:42.523
[विष्णु]: जासूस काम पर लगे हुए हैं, सर।
जल्दी पता कर लेंगे।

06:43.083 --> 06:45.643
[हिमांशु]: अपने जासूसों से ये पूछो
कि अब तक ये कुत्ता था कहाँ।

06:46.443 --> 06:48.803
[हिमांशु]: और ये आज अपने बिल से
बाहर क्यों आया है? [विष्णु]: हाँ, सर।

06:49.003 --> 06:50.643
[हिमांशु]: क्योंकि मक़सूद तक
पहुँचने का यही एक रास्ता है।

06:51.243 --> 06:53.233
[हिमांशु]: सा** कब तक दुबई में छुप के बैठेगा?
[विष्णु]: सही कहा, सर।

06:53.243 --> 06:54.713
'सर एस. जे. अस्पताल'
(वीआईपी गाड़ियों के चलने की आवाज़)

06:54.723 --> 06:57.643
(वीआईपी गाड़ियों के साइरन की आवाज़)
(गाड़ियों के रुकने और दरवाज़ा खोलने की आवाज़)

06:57.923 --> 06:58.883
[हिमांशु]: सर।
[विष्णु]: सर।

07:01.843 --> 07:02.923
[हिमांशु]: आइए, सर।

07:03.323 --> 07:05.003
सर, एक बात मैं यक़ीन से कह सकता हूँ।

07:05.163 --> 07:07.153
कोई भी माफ़िया,
कोई भी डॉन, कोई भी गुंडा,

07:07.163 --> 07:09.003
यहाँ किसी को कोई भी भेजे,
यहाँ आ नहीं पाएगा।

07:09.483 --> 07:11.603
और अगर आ गया,
तो वापस जा नहीं पाएगा।

07:13.003 --> 07:15.603
सर, ये आगे वार्ड नंबर-18 है,
जहाँ पे कुल पाँच बिस्तर हैं।

07:16.123 --> 07:17.993
जिन में से तीन पे प्रकाश
और उस के दो आदमी हैं

07:18.003 --> 07:19.403
और बाक़ी पे हमारे अफ़सर हैं।

07:19.883 --> 07:23.243
और अस्पताल के चारों तरफ़ हमारे शार्पशूटर्स
हैं, जो कि हर एक गतिविधि पे नज़र रख रहे हैं।

07:23.563 --> 07:25.233
मैं आप को यक़ीन दिलाता हूँ
कि कुछ भी गड़बड़ नहीं होगी, सर।

07:25.243 --> 07:26.523
सर, इस तरफ़, प्लीज़।

07:26.763 --> 07:28.763
[अशोक]: मुझे पता है,
तुम एक योग्य अफ़सर हो,

07:28.883 --> 07:30.723
पर मुझे अब भी
ये सब बहुत जोखिम भरा लगता है।

07:32.643 --> 07:35.433
मक़सूद पे सीधे हमला हुआ है,
वो चुप नहीं रहने वाला है।

07:35.443 --> 07:37.203
कुछ ना कुछ करेगा।
बड़ा करेगा।

07:37.683 --> 07:39.233
दंगे भी करवा सकता है।

07:39.243 --> 07:40.433
पूरी बंबई पर ख़तरा है।

07:40.443 --> 07:42.163
[ऑफिसर]: सभी रेडी पोज़ीशन में रहिए।
(दरवाज़ा खोलने की आवाज़)

07:46.203 --> 07:48.433
[अशोक]: हिमांशु, तुम इन
गुनाहगारों को जेल की जगह,

07:48.443 --> 07:51.003
यहाँ अस्पताल में रख के
जो चांस तुम ले रहे हो,

07:51.883 --> 07:53.763
अगर कुछ ग़लती से भी हो गया ना...

07:54.323 --> 07:57.003
और यहाँ मरीज़ हैं,
यहाँ पे उन के परिवार के लोग हैं।

07:57.643 --> 07:58.513
अगर उन को कुछ हो गया ना,

07:58.523 --> 08:00.073
[अशोक]: हम बुरी तरह फँस जाएंगे।
[हिमांशु]: सर, किसी को कुछ नहीं होगा।

08:00.083 --> 08:02.323
[हिमांशु]: मेरी योजना पे यक़ीन कीजिए।
[अशोक]: यक़ीन तो कर रहा हूँ।

08:02.723 --> 08:05.603
[अशोक]: यक़ीन इसलिए कर रहा हूँ,
क्योंकि मुझे मक़सूद चाहिए।

08:06.643 --> 08:08.483
[अशोक]: उस तक पहुँचो जल्दी।
[हिमांशु]: पहुँचूँगा, सर।

08:09.003 --> 08:11.483
[हिमांशु]: ये प्रकाश और उस के लड़कों से
कोई ना कोई ख़बर मिल जाएगी हमें।

08:12.803 --> 08:15.203
[अशोक]: बोलेंगे वो?
[हिमांशु]: इन के तो फ़रिश्ते भी बोलेंगे, सर।

08:16.443 --> 08:17.763
(कमिश्नर के आहें भरने की आवाज़)

08:18.923 --> 08:21.483
[अशोक]: उम्मीद है तुम ने जो भी योजना
बनाई है, उस से जल्द ही कुछ नतीजा निकले।

08:22.603 --> 08:26.363
क्योंकि अस्पताल में हम भारी पुलिस बल
ज़्यादा दिन नहीं रख सकते हैं।

08:26.483 --> 08:28.723
[हिमांशु]: सर, इस मामले को मैं जल्द से जल्द
अंजाम दूँगा। मेरा वादा है, सर।

08:31.483 --> 08:33.363
[अशोक]: शुभकामनायें।
[हिमांशु]: शुक्रिया, सर।

08:36.323 --> 08:37.403
[हिमांशु]: काम पे लग जाओ।

09:05.363 --> 09:07.683
(दबी आवाज़ में कराहने की आवाज़)

09:44.883 --> 09:46.113
[हिमांशु]: काटे।
[विष्णु]: हाँ, सर?

09:46.123 --> 09:47.683
[हिमांशु]: सभी की पोज़ीशन दोबारा जाँच लेना।

09:48.043 --> 09:50.083
पलक तक नहीं झपकनी चाहिए किसी की,
और मैं कोई ग़लती नहीं चाहता हूँ।

09:50.243 --> 09:52.003
[डॉक्टर साहिबा]: हाय, हिमांशु।
[हिमांशु]: हेलो, मैम।

09:52.123 --> 09:53.603
[हिमांशु]: काटे, तुम चलो।
[विष्णु]: जी, सर।

09:55.283 --> 09:58.603
[डॉक्टर साहिबा]: तो? आजकल ये अस्पताल
आप की प्राथमिकता बन चुका है।

09:59.283 --> 10:01.393
इतने सारे मुजरिम।
हमारे अस्पताल को तो

10:01.403 --> 10:03.803
[डॉक्टर साहिबा]: आप ने जेल ही बना दिया है।
[हिमांशु]: मैं... मैं माफ़ी चाहता हूँ, मैम।

10:04.203 --> 10:07.353
[हिमांशु]: लेकिन क्या करें? जेल भरे हुए हैं,
लेकिन हमें कुछ बहुत ज़रूरी काम निपटाना है।

10:07.363 --> 10:08.883
इसलिए आप लोगों को तकलीफ़ दे रहा हूँ।

10:10.163 --> 10:11.323
[डॉक्टर साहिबा]: पल्लवी कैसी है?

10:13.443 --> 10:15.763
[हिमांशु]: क्या लगता है आप को, मैम?
वो अब भी वैसी ही है।

10:15.923 --> 10:17.163
[डॉक्टर साहिबा]: मैं समझती हूँ।

10:17.683 --> 10:19.803
[हिमांशु]: लेकिन उस हादसे ने
उसे पूरी तरह बदल दिया है, मैम।

10:20.643 --> 10:21.993
जिस पल्लवी को आप जानती थी,

10:22.003 --> 10:24.563
जो हमेशा ख़ुश रहती थी,
अब तो वो मुस्कुराती भी नहीं है।

10:25.243 --> 10:27.843
[डॉक्टर साहिबा]: आप को जितना करना था,
आप कर चुके।

10:30.403 --> 10:33.163
मुझे लगता है कि आप के प्यार,
देखभाल और स्नेह से वो ठीक होगी।

10:34.123 --> 10:36.963
पल्लवी को आप के वक़्त की
ज़्यादा से ज़्यादा ज़रूरत है।

10:37.203 --> 10:38.633
[हिमांशु]: इसीलिए, सोच रहा हूँ, मैम,
एक बार ये...

10:38.643 --> 10:39.553
(बम धमाके की आवाज़)

10:39.563 --> 10:41.083
[डॉक्टर साहिबा]: हे, भगवान!
(लोगों के चीखने की आवाज़)

10:41.763 --> 10:43.353
[कॉन्स्टेबल 4]: साहब, एम्बुलेंस में
धमाका हुआ है, साहब।

10:43.363 --> 10:45.003
[ऑफिसर]: एस. जे. अस्पताल में
धमाका हुआ है।

10:45.123 --> 10:46.563
[हिमांशु]: मैम, अंदर आइए।
अंदर आइए, प्लीज़।

10:46.683 --> 10:47.673
इन को अंदर ले जाओ!

10:47.683 --> 10:49.763
(एम्बुलेंस के साइरन की आवाज़)
(बंदूके लोड करने और सीढ़ियाँ उतरने की आवाज़)

10:49.963 --> 10:52.913
[काले]: चलो। बता तो रहा हूँ! एक बम
धमाका हुआ है! [रिश्तेदार 4]: अरे, भैया...

10:52.923 --> 10:54.523
[इंस्पेक्टर 3]: देखिए, कोई भी घबराइए मत!

10:54.643 --> 10:57.403
[शिंदे]: अरे! जा रे! अंदर लो।
सब को अंदर करो। चल, चल!

10:57.563 --> 10:59.883
(इमरजेंसी अलार्म के बजने की आवाज़)

11:00.283 --> 11:01.913
[हिमांशु]: ए, ए! शिंदे, वॉर्ड बंद कर।
कोई आना नहीं चाहिए।

11:01.923 --> 11:03.433
सतर्क रहना! चल ना!
बंद कर! बंद कर! बंद कर!

11:03.443 --> 11:04.603
[शिंदे]: जी, सर।

11:06.643 --> 11:08.883
साहब, इधर कुछ नहीं है।
लगता है, पीछे धमाका हुआ है।

11:09.883 --> 11:11.283
[हिमांशु]: काटे!
[विष्णु]: सर!

11:11.723 --> 11:14.763
[हिमांशु]: काटे, ये क्या तमाशा हो रहा है?
[विष्णु]: सर, धमाका हुआ मेन गेट पे।

11:14.963 --> 11:17.683
(फायर ब्रिगेड के साइरन की आवाज़)
(क़दमों की आवाज़)

11:31.723 --> 11:32.763
(बंदूक लोड करने की आवाज़)

11:37.283 --> 11:38.953
(बंदूक से गोली चलाने की आवाज़)
(खिड़की की काँच के टूटने की आवाज़)

11:38.963 --> 11:41.683
(बंदूक से गोलियाँ चलाने की आवाज़)
(खिड़की की काँच के टूटने की आवाज़)

11:46.723 --> 11:48.363
(खाली बंदूक की ट्रिगर दबाने की आवाज़)
(चिंताजनक पार्श्व संगीत)

11:49.603 --> 11:51.483
(बम धमाके की आवाज़)

11:52.723 --> 11:54.963
[हिमांशु]: ए! अरे, ए! आग बुझाओ!
[विष्णु]: पानी लाओ!

12:03.763 --> 12:05.483
[इंस्पेक्टर 4]: शिंदे, कोई आ रहा है।

12:14.643 --> 12:17.043
(बंदूक से गोलियाँ चलाने की आवाज़)

12:17.803 --> 12:19.683
(शिंदे के कराहने की आवाज़)

12:20.203 --> 12:21.233
[मरीज़]: ए! कौन हो तुम?
(शिंदे के कराहने की आवाज़)

12:21.243 --> 12:22.563
(बम धमाके की आवाज़)

12:23.683 --> 12:25.763
(बंदूक से गोलियाँ चलाने की आवाज़)

12:42.043 --> 12:42.913
[हिमांशु]: शिंदे!

12:42.923 --> 12:44.043
शिंदे, कम इन, शिंदे!

12:44.803 --> 12:45.833
शिंदे! शिं...

12:45.843 --> 12:47.963
(पुलिस कार के साइरन की आवाज़)

12:48.563 --> 12:50.243
[हिमांशु]: काटे, फ़**!

12:54.403 --> 12:55.363
[विष्णु]: सर!
(बम धमाके की आवाज़)

13:27.243 --> 13:28.323
[विष्णु]: शिंदे!

13:28.443 --> 13:29.483
शिंदे!

13:30.083 --> 13:31.723
ए! उठाओ इसे।

13:34.483 --> 13:35.443
[हिमांशु]: फ़**!

13:36.923 --> 13:37.953
[महावीर]: रामानंद राय...

13:37.963 --> 13:39.113
'वाराणसी'
[सभी छात्र]: हाय, हाय! (चिल्लाते हुए)

13:39.123 --> 13:41.403
[महावीर]: रामानंद राय...
[सभी छात्र]: हाय, हाय! (चिल्लाते हुए)

13:41.563 --> 13:48.043
[महावीर]: शिक्षा में भेदभाव...
[सभी छात्र]: नहीं सहेंगे! नहीं सहेंगे!

13:48.163 --> 13:53.763
[महावीर]: गृहमंत्री...
[सभी छात्र]: हाय, हाय! हाय, हाय!

13:53.883 --> 13:59.883
[महावीर]: जात-पात की लड़ाई...
[सभी छात्र]: बंद करो! बंद करो! (चिल्लाते हुए)

14:00.243 --> 14:06.683
[महावीर]: शिक्षा में राजनीति...
[सभी छात्र]: बंद करो! बंद करो! (चिल्लाते हुए)

14:06.923 --> 14:12.953
[महावीर]: शिक्षा में भेदभाव...
[सभी छात्र]: नहीं सहेंगे! नहीं सहेंगे!

14:12.963 --> 14:15.403
[महावीर]: रामानंद राय...
[सभी छात्र]: हाय, हाय! (चिल्लाते हुए)

14:15.523 --> 14:17.593
[महावीर]: रामानंद राय...
[सभी छात्र]: हाय, हाय! (चिल्लाते हुए)

14:17.603 --> 14:21.043
[महावीर]: शिक्षा में भेदभाव...
[सभी छात्र]: नहीं सहेंगे! नहीं सहेंगे!

14:21.163 --> 14:24.243
[महावीर]: शिक्षा में भेदभाव...
[सभी छात्र]: नहीं सहेंगे! नहीं सहेंगे!

14:24.403 --> 14:26.193
[महावीर]: गृहमंत्री...
[सभी छात्र]: हाय, हाय! हाय, हाय!

14:26.203 --> 14:29.763
[महावीर]: सर, हम महावीर!
इसी कॉलेज के छात्र हैं!

14:30.003 --> 14:32.323
हम सब भी ज्योतिष शास्त्र की
पढ़ाई करना चाहते हैं,

14:32.443 --> 14:34.193
लेकिन यहाँ प्रवेश नहीं मिल रहा।

14:34.203 --> 14:36.123
ये सब संविधान के ख़िलाफ़ है।

14:36.643 --> 14:38.553
[विभाग अध्यक्ष]: सर, चला जाए?
[सभी छात्र]: हाय, हाय! हाय, हाय!

14:38.563 --> 14:40.153
[महावीर]: रामानंद राय...
[सभी छात्र]: हाय, हाय! (चिल्लाते हुए)

14:40.163 --> 14:42.443
[सभी छात्र]: नहीं सहेंगे! नहीं सहेंगे!
[महावीर]: रामानंद राय... (चिल्लाते हुए)

14:42.603 --> 14:44.643
[महावीर]: नहीं सहेंगे! नहीं सहेंगे!
[सभी छात्र]: नहीं सहेंगे! नहीं सहेंगे!

14:45.123 --> 14:46.723
[विभाग अध्यक्ष]: क्षमा चाहते हैं, सर, वो...

14:47.643 --> 14:50.713
छ... छात्र आंदोलित हो जाते हैं कभी-कभी।

14:50.723 --> 14:55.283
वो... हम ये कह रहे थे
यु... यु... युवा हैं, सर।

14:56.043 --> 14:57.283
आइए। आइए, सर।

14:57.563 --> 15:00.243
[सभी छात्र]: हाय, हाय! हाय, हाय!
[विभाग अध्यक्ष]: बिराजिए।

15:00.843 --> 15:02.353
[महावीर]: रामानंद राय...
[सभी छात्र]: हाय, हाय! (चिल्लाते हुए)

15:02.363 --> 15:04.153
[रामानंद]: नमस्कार, नमस्कार।
[सभी छात्र]: हाय, हाय! (चिल्लाते हुए)

15:04.163 --> 15:07.803
[महावीर]: रामानंद राय...
[सभी छात्र]: हाय, हाय! (चिल्लाते हुए)

15:07.963 --> 15:09.993
[महावीर]: शिक्षा में भेदभाव...
[सभी छात्र]: नहीं सहेंगे! नहीं सहेंगे!

15:10.003 --> 15:13.483
[विभाग अध्यक्ष]: सर, ये सारे छात्र
ज्योतिष विभाग में प्रवेश लेना चाहते हैं।

15:14.523 --> 15:15.563
[रामानंद]: तो?

15:16.203 --> 15:17.483
स्थान रिक्त नहीं है क्या?

15:18.683 --> 15:21.003
[विभाग अध्यक्ष]: स्थान तो
आधे से ज़्यादा रिक्त है, सर,

15:21.563 --> 15:24.003
लेकिन संपन्न लोग विरोध में हैं।

15:24.603 --> 15:26.993
इन को ले लिया,
तो वो बिदक जाएंगे, सर।

15:27.003 --> 15:28.123
[सभी छात्र]: हाय, हाय!
(चिल्लाते हुए)

15:28.283 --> 15:30.083
[महावीर]: रामानंद राय...
[सभी छात्र]: हाय, हाय! (चिल्लाते हुए)

15:30.563 --> 15:32.603
[विभाग अध्यक्ष]: वैसे,
आप कहें तो सब को प्रवेश दे...

15:33.003 --> 15:34.283
[रामानंद]: ना, ना, ना, ना।

15:36.683 --> 15:38.923
मामला ज्योतिष की पढ़ाई का है।

15:39.883 --> 15:43.043
ग्रह-नक्षत्र देख कर
सब कुछ तय करना पड़ेगा।

15:43.683 --> 15:47.873
[महावीर]: रामानंद राय...
[सभी छात्र]: हाय, हाय! (चिल्लाते हुए)

15:47.883 --> 15:49.003
[रामानंद]: चलिए।

15:49.523 --> 15:51.003
इन से निपटते हैं।

15:51.363 --> 15:53.723
[महावीर]: रामानंद राय...
[सभी छात्र]: हाय, हाय! हाय, हाय!

15:53.843 --> 15:55.513
[सभी छात्र]: नहीं सहेंगे! नहीं सहेंगे!
(चिल्लाते हुए)

15:55.523 --> 15:57.963
[महावीर]: गृह मंत्री रामानंद राय!
[सभी छात्र]: हाय, हाय! हाय, हाय!

15:58.203 --> 16:00.443
[महावीर]: रामानंद राय!
[सभी छात्र]: हाय, हाय! हाय, हाय!

16:00.603 --> 16:03.003
[महावीर]: रामानंद राय!
[सभी छात्र]: हाय, हाय! हाय, हाय!

16:03.323 --> 16:05.993
[महावीर]: रामानंद राय!
[सभी छात्र]: हाय, हाय! हाय, हाय!

16:06.003 --> 16:09.553
[महावीर]: रामानंद राय!
[सभी छात्र]: हाय, हाय! (चिल्लाते हुए)

16:09.563 --> 16:11.163
[महावीर]: रुको!
[सभी छात्र]: हाय, हाय! (चिल्लाते हुए)

16:12.923 --> 16:15.643
[रामानंद]: विभाग अध्यक्ष से
हम बात कर लिए है।

16:16.563 --> 16:18.723
आप सब को प्रवेश मिलेगा।

16:21.763 --> 16:23.723
विद्या के इस मंदिर में

16:23.883 --> 16:26.803
विद्या को लेकर भेदभाव

16:27.923 --> 16:29.523
स्वीकार नहीं है हमें।

16:30.043 --> 16:32.283
हम आप के साथ हैं।

16:34.523 --> 16:36.683
इसलिए पढ़ो!

16:37.563 --> 16:41.203
राहू-केतु की सीधी-वखरी चालें समझो।

16:41.363 --> 16:44.073
[महावीर]: रामानंद राय ज़िंदाबाद, ज़िंदाबाद!
[सभी छात्र]: ज़िंदाबाद, ज़िंदाबाद!

16:44.083 --> 16:46.803
[महावीर]: रामानंद राय...
[सभी छात्र]: ज़िंदाबाद, ज़िंदाबाद!

16:46.923 --> 16:52.283
[महावीर]: रामानंद राय...
[सभी छात्र]: ज़िंदाबाद, ज़िंदाबाद!

16:54.083 --> 16:57.203
[अशोक]: अरे, तमाचा है अस्पताल की
दुर्घटना मुंबई पुलिस के गाल पर!

16:58.643 --> 16:59.913
[हिमांशु]: मैं पूरा दोष लेता हूँ, सर।

16:59.923 --> 17:01.993
[अशोक]: अरे, दोष लेने से क्या होगा, हिमांशु?

17:02.003 --> 17:03.353
खेल तो हो गया!

17:03.363 --> 17:06.403
विभाग को, सरकार को,
मीडिया को जवाब कौन देगा?

17:07.043 --> 17:08.443
कह रहा था मैं पहले से!

17:09.563 --> 17:10.803
अब बताओ मुझे।

17:11.123 --> 17:14.523
एक अकेला आदमी कानून और व्यवस्था की
ऐसी की तैसी करके चला जाता है

17:14.683 --> 17:16.603
और हम यहाँ बेवकूफों की तरह खड़े हैं!

17:18.803 --> 17:22.483
हिमांशु, क़ाबिल लोगों की
समस्या जानते हो क्या है?

17:23.163 --> 17:26.553
उन्हें बार-बार अपनी क़ाबिलियत को
साबित करना पड़ता है!

17:26.563 --> 17:29.363
[अशोक]: और मुझे नतीजे चाहिए!
[हिमांशु]: जी, सर।

17:39.403 --> 17:41.883
(पुलिस कार के साइरन की आवाज़)

17:43.083 --> 17:44.313
[कॉन्स्टेबल 5]: चल! चल!

17:44.323 --> 17:45.913
[चोर उचक्का]: साहब! साहब, छोड़ो!
[कॉन्स्टेबल 5]: चल! चल!

17:45.923 --> 17:46.963
[कॉन्स्टेबल 5]: चल!!

17:48.403 --> 17:50.873
[कॉन्स्टेबल 5]: बता, उदय ठाकुर कहाँ छुपा
बैठा है! चल! [चोर उचक्का]: हम को नहीं मालूम!

17:50.883 --> 17:52.713
[विष्णु]: पूरे बंदे वाइट हाउस में लेके आओ।

17:52.723 --> 17:54.113
[विष्णु]: पवार, एक काम करो।
[पवार]: जी, सर?

17:54.123 --> 17:55.193
[विष्णु]: तुम दोनों उधर जाओ।
[पवार]: जी, सर।

17:55.203 --> 17:56.603
[विष्णु]: तू आ मेरे साथ।
[ऑफिसर 2]: जी, सर।

17:59.763 --> 18:01.443
[चरसी]: अबे, पुलिस आ गई!
[चोर उचक्का 2]: भागो यहाँ से!

18:03.923 --> 18:05.523
[चरसी]: छोड़! छोड़ दे रे!

18:06.123 --> 18:07.123
[विष्णु]: गाँजा!

18:07.563 --> 18:09.593
[विजय]: उदय ठाकुर किधर है?
[चरसी]: कौन उदय ठाकुर?

18:09.603 --> 18:10.633
[विष्णु]: अरे, ए! चलना!
[चरसी]: अरे!

18:10.643 --> 18:12.403
[चरसी]: अरे! मैं किसी उदय
ठाकुर को नहीं जानता! [विष्णु]: चुप!

18:12.523 --> 18:13.803
(लाठी मारने की आवाज़)
(चरसी के कराहने की आवाज़)

18:13.923 --> 18:15.513
[विष्णु]: बोल! बोल!
[चरसी]: कितनी बार बताया...

18:15.523 --> 18:17.443
[चरसी]: मैं किसी उदय ठाकुर को
नहीं जानता। [विष्णु]: चुप, सा**!

18:17.883 --> 18:19.123
[विष्णु]: कुछ नहीं बता रहा, सर।

18:24.923 --> 18:26.323
[हिमांशु]: हूँ।

18:28.843 --> 18:31.683
गाँजा ख़रीदने के लिए आज तक
किसी का एनकाउंटर किया है हम ने, विष्णु?

18:32.243 --> 18:33.563
[विष्णु]: कभी नहीं, सर।

18:34.243 --> 18:36.843
[हिमांशु]: क्योंकि आज से पहले
दिमाग़ भी कभी इतना ख़राब नहीं हुआ।

18:43.003 --> 18:44.483
(बंदूक से गोली चलाने की आवाज़)
(चरसी के चीखने की आवाज़)

18:45.883 --> 18:46.923
[चरसी]: ब... बताता हूँ।

18:47.403 --> 18:48.883
बताता हूँ, साहब।

18:49.323 --> 18:50.403
बताता हूँ।

18:55.003 --> 18:56.523
[गुंडा 2]: भाई, सामान आ गया।

18:57.003 --> 18:58.323
[उदय]: हूँ।

19:04.203 --> 19:05.323
हूँ।

19:08.003 --> 19:09.123
हूँ।

19:29.963 --> 19:30.993
हूँ।

19:31.003 --> 19:33.283
[उदय]: अच्छे से पैक कर और इसे लोड करा।
[गुंडा 3]: जी, भाई।

19:38.003 --> 19:40.443
[हिमांशु]: उदय ठाकुर मुझे ज़िंदा चाहिए।
[विष्णु]: जी, सर।

19:40.603 --> 19:42.763
[हिमांशु]: कोई उसे गोली नहीं मारेगा।
उस की तरफ़ गोली मत चलाना।

19:55.323 --> 19:57.603
(गुंडों के बड़ाबड़ाने की आवाज़)

19:59.083 --> 20:00.913
[उदय]: सा**! भागो! पुलिस, पुलिस, पुलिस!

20:00.923 --> 20:02.353
नीचे, नीचे, नीचे! मुश्ताक़!

20:02.363 --> 20:04.363
(बंदूकों से गोलियाँ चलाने की आवाज़)

20:04.963 --> 20:07.043
[उदय]: मुश्ताक़ भाई! ठोक इस की माँ का!

20:07.683 --> 20:08.883
चलाओ रे!

20:09.323 --> 20:10.963
(बंदूकों से गोलियाँ चलाने की आवाज़)

20:18.803 --> 20:20.203
(बम धमाके की आवाज़)

20:30.443 --> 20:31.273
(बम धमाके की आवाज़)

20:31.283 --> 20:32.243
[हिमांशु]: उदय!

20:37.843 --> 20:38.723
उदय!

20:43.203 --> 20:44.283
उदय, रुक!

20:45.443 --> 20:46.563
रुक जा, उदय!

21:22.683 --> 21:25.323
[उदय]: ए! हिमांशु सा**, पीछे हट!
ठोक दूँगा मैं!

21:25.563 --> 21:27.203
[हिमांशु]: उदय, ज़िंदा रहना है,
तो सरेंडर कर दे।

21:27.723 --> 21:29.113
[उदय]: चला दूँगा गोली, हिमांशु!

21:29.123 --> 21:30.433
[हिमांशु]: उदय, मैं चेतावनी दे रहा हूँ।
सरेंडर कर दे।

21:30.443 --> 21:33.233
[उदय]: अरे, मैं भी आख़िरी चेतावनी दे रहा हूँ।
ठोक दूँगा तुझे! पीछे हट, हिमांशु!

21:33.243 --> 21:34.843
(बंदूक से गोली चलाने की आवाज़)
(उदय के कराहने की आवाज़)

21:35.963 --> 21:37.683
[हिमांशु]: उदय! उदय! उदय! उ...

21:38.803 --> 21:41.033
सुधाकर, ये क्या किया तूने?
मैं कहा था, मुझे ये ज़िंदा चाहिए!

21:41.043 --> 21:42.033
कोई गोली नहीं मारेगा इसे!

21:42.043 --> 21:43.593
[हिमांशु]: एक तो... [सुधाकर]: सर,
इसको नहीं मारता, तो ये आप को मार देता!

21:43.603 --> 21:44.913
[हिमांशु]: सुधाकर,
इस की साँसें चल रही हैं।

21:44.923 --> 21:46.483
[हिमांशु]: गाड़ी निकाल।
[सुधाकर]: सर।

21:47.003 --> 21:48.883
[हिमांशु]: उदय! उदय!

21:49.603 --> 21:51.483
उदय, मेरे साथ रहना! उदय!

21:52.163 --> 21:53.283
सुधाकर, जल्दी कर!

21:54.803 --> 21:58.363
(पुलिस वैन के साइरन की आवाज़)

21:58.883 --> 22:01.203
[हिमांशु]: पाटिल, वैन जल्दी अस्पताल ले।
इस को ज़िंदा रखना है!

22:01.323 --> 22:02.443
[पाटिल]: जी, साहब।

22:03.123 --> 22:05.403
[हिमांशु]: उदय!
देख, तेरे पास समय कम है।

22:06.323 --> 22:07.963
मरने से पहले कुछ अच्छा कर दे,

22:08.083 --> 22:09.483
चैन की मौत मरेगा।

22:09.723 --> 22:11.043
जो जानता है, बोल!

22:11.403 --> 22:13.163
चल! चल, मुँह खोल!
बोलना शुरू कर।

22:13.843 --> 22:15.963
बोल! उदय, बोल!

22:16.283 --> 22:19.083
[उदय]: बंबई के लड़कों से
नहीं होने वाला था ये काम।

22:21.323 --> 22:23.163
इसलिए मैं गया यूपी।

22:24.083 --> 22:24.963
बोले तो...

22:25.843 --> 22:27.123
पूर्वांचल।

22:27.323 --> 22:29.363
(उत्तेजक पार्श्व संगीत)

22:29.523 --> 22:30.913
[उदय]: तो फिर क्या सोचा है आप ने
(सोचते हुए)

22:30.923 --> 22:32.643
भाई से हाथ मिलाने के बारे में?
(सोचते हुए)

22:33.763 --> 22:34.963
[वसीम]: क़बाब कैसा है?
(उदय सोचते हुए)

22:36.243 --> 22:37.563
[उदय]: बहुत ही स्वादिष्ट।
(सोचते हुए)

22:39.283 --> 22:40.603
[वसीम]: तो जी भर कर खाओ
(उदय सोचते हुए)

22:40.763 --> 22:43.843
और वो जो सुपारी लाये होना अस्पताल में
कांड करने के लिए, (उदय सोचते हुए)

22:44.123 --> 22:45.923
उस को डालो अपनी गाँ** में
और निकलो यहाँ से! (उदय सोचते हुए)

22:48.203 --> 22:50.003
[उदय]: भाई का दिल दुखा रहे हैं।
(सोचते हुए)

22:50.843 --> 22:53.563
[वसीम]: अब दिल दुखे या कलेजा,
हमें झाँ** फ़र्क नहीं पड़ता। (उदय सोचते हुए)

22:54.203 --> 22:56.683
वो क्या है ना,
अपने भाई को जाकर कहना (उदय सोचते हुए)

22:57.403 --> 22:59.523
कि ये आँटू-झाँ** काम
वसीम ख़ान नहीं करता। (उदय सोचते हुए)

23:00.283 --> 23:01.443
हम एक चर्चित हस्ती हैं।
(उदय सोचते हुए)

23:03.763 --> 23:04.803
[उदय]: ठीक है।

23:05.603 --> 23:07.363
(उत्तेजक पार्श्व संगीत)

23:07.483 --> 23:09.923
[उदय]: वसीम ख़ान के मना करने के बाद
(कराहते हुए)

23:10.643 --> 23:14.643
तब मैं पहुँचा
उस के सब से कट्टर विरोधी - (कराहते हुए)

23:15.403 --> 23:17.403
रामानंद राय के पास।
(कराहते हुए)

23:18.003 --> 23:19.283
पर मेरी एक शर्त है।
(सोचते हुए)

23:20.043 --> 23:22.443
उस आदमी का पुलिस में
कोई रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए। (सोचते हुए)

23:28.283 --> 23:29.683
[रामानंद]: कैसा हो, अगर वो...
(उदय सोचते हुए)

23:29.843 --> 23:31.843
उस आदमी का
पुलिस रिकॉर्ड हो, लेकिन... (उदय सोचते हुए)

23:32.683 --> 23:34.123
रिकॉर्ड में वो मृत हो।
(उदय सोचते हुए)

23:34.803 --> 23:36.003
[उदय]: मृत?
(सोचते हुए)

23:36.683 --> 23:37.843
[रामानंद]: हाँ।
(उदय सोचते हुए)

23:39.203 --> 23:42.603
है एक ऐसा तीर, जिसे हम ने अपने तर्कश में
बरसों से छुपा कर रखा है। (उदय सोचते हुए)

23:44.443 --> 23:45.603
वो काम आएगा।
(उदय सोचते हुए)

23:46.123 --> 23:49.083
[उदय]: दस दिनों तक माथा-पच्ची हुई इस...
(कराहते हुए)

23:50.203 --> 23:52.923
कांड को कैसे अंजाम देना है।
(कराहते हुए)

23:53.723 --> 23:55.443
तुम्हारी सावधान पुलिस
(कराहते हुए)

23:56.283 --> 23:58.683
के आँखों और डंडों को
(कराहते हुए)

23:59.363 --> 24:01.043
चकमा देकर
(कराहते हुए)

24:04.283 --> 24:06.403
नाग की तरह रेंगता हुआ
(कराहते हुए)

24:07.363 --> 24:11.043
अस्पताल के अंदर घुस गया था।
(कराहते हुए)

24:11.643 --> 24:15.883
तुम अपने आप को
सुपरकॉप समझते होना, एसीपी?

24:18.683 --> 24:23.323
तुम से दस गुना ज़्यादा तेज़ चलता है
(कराहते हुए)

24:23.923 --> 24:25.323
उस का दिमाग़।
(कराहते हुए)

24:33.483 --> 24:34.683
[कॉन्स्टेबल 6]: ज़रा रुको।
(उदय सोचते हुए)

24:35.043 --> 24:36.083
[विजय]: खाना है।
(उदय सोचते हुए)

24:42.003 --> 24:43.163
[कॉन्स्टेबल 6]: ठीक है।
(उदय सोचते हुए)

24:43.683 --> 24:44.513
[विजय]: अब जाऊँ?
(उदय सोचते हुए)

24:44.523 --> 24:47.443
[उदय]: अस्पताल के हर मंज़िल पर
(कराहते हुए)

24:47.883 --> 24:53.043
पहुँचा दिया गया था मौत का ये पार्सल।

24:53.443 --> 24:55.003
(उदय ले खाँसने की आवाज़)

25:03.803 --> 25:04.723
(उदय ले हँसने की आवाज़)

25:05.003 --> 25:06.963
[उदय]: मरे को ज़िंदा
(कराहते हुए)

25:07.323 --> 25:11.203
और ज़िंदा को मारने का
खेल शुरू हो गया था। (कराहते हुए)

25:14.803 --> 25:17.763
पहले मरा विजय सिंह ज़िंदा हुआ,
(कराहते हुए)

25:18.923 --> 25:21.403
और अब ज़िंदा विजय सिंह
(कराहते हुए)

25:25.483 --> 25:27.443
लाश बन गया था।
(कराहते हुए)

25:33.523 --> 25:35.043
ज़िंदा लाश।
(कराहते हुए)

25:35.763 --> 25:37.283
[हिमांशु]: ए! ए, ए, ए! उदय!

25:37.683 --> 25:39.923
रामानंद राय को एसजे कांड से
क्या फ़ायदा होगा? हाँ?

25:40.083 --> 25:42.363
(उदय के साँसें लेने की आवाज़)

25:42.723 --> 25:44.483
[हिमांशु]: ए! उदय!

25:45.243 --> 25:46.643
उदय! उ...

26:09.243 --> 26:13.283
(रेलवे स्टेशन पर अनाउंसमेंट होने की आवाज़)

26:35.283 --> 26:37.963
[न्यूज़ एंकर]: बंबई के एस. जे. अस्पताल में
हुई गोलीबारी।

26:38.083 --> 26:40.513
इस हत्याकांड में पूर्वांचल के

26:40.523 --> 26:43.083
विजय सिंह का नाम सामने आ रहा है।

26:43.283 --> 26:47.243
ये वही विजय सिंह है,
जिस की पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार

26:47.563 --> 26:50.043
चार साल पहले ही मृत्यु हो चुकी है।

26:50.163 --> 26:52.803
[न्यूज़ एंकर 2]: बंबई एसजे अस्पताल
गोली हत्याकांड में

26:52.923 --> 26:56.283
पूर्वांचल के बाहुबली रहे
विजय सिंह का नाम सामने आ रहा है।

26:56.523 --> 26:59.833
लेकिन दिलचस्प बात ये है
कि विजय सिंह की हत्या

26:59.843 --> 27:03.323
आज से चार साल पहले ही
एक गैंग वॉर में हो चुकी है।

27:03.843 --> 27:06.993
[रिपोर्टर]: एसजे अपस्ताल गोली कांड को लेकर
बंबई पुलिस सवालों के घेरे में है।

27:07.003 --> 27:08.563
इस के ऊपर क्या कहेंगे आप?

27:08.683 --> 27:11.433
[अशोक]: देखिए, आप जो बात... [रिपोर्टर 2]:
पूर्वांचल के जिस अपराधी विजय सिंह को

27:11.443 --> 27:13.273
[रिपोर्टर 2]: इस घटना के लिए
ज़िम्मेदार माना जा रहा है,

27:13.283 --> 27:15.993
हमारे सूत्रों के अनुसार
चार साल पहले उस की मौत हो चुकी है।

27:16.003 --> 27:16.953
क्या कहेंगे आप?

27:16.963 --> 27:18.633
[अशोक]: ये बिलकुल ग़लत ख़बर है।
[रिपोर्टर 3]: सर, ताज्जुब की बात है

27:18.643 --> 27:22.043
[रिपोर्टर 3]: कि बंबई पुलिस एक मृत व्यक्ति को
आरोपी कैसे बना सकती है, सर?

27:22.603 --> 27:24.963
[अशोक]: देखिए,
हमें हमारे विभाग पे पूरा भरोसा है।

27:25.203 --> 27:28.083
हम जाँच कर रहे हैं।
हम जल्द ही आप को ख़बर कर देंगे।

27:28.203 --> 27:29.713
[रिपोर्टर 1]: सर, हिमांशु पटनायक के बारे में
आप क्या कहेंगे? [रिपोर्टर 3]: सर, आप क्या...

27:29.723 --> 27:31.953
[रिपोर्टर 3]: कोशिश कर रहे हैं, सर? [रिपोर्टर
1]: एक दिन आपको ये पहेली सुलझानी पड़ेगी, सर।

27:31.963 --> 27:33.833
[रिपोर्टर 1]: आप ऐसे नहीं जा सकते, सर!
[कॉन्स्टेबल 7]: चलिए, चलिए!

27:33.843 --> 27:35.913
[भैया 1]: एसजे अस्पताल में हुई गोलीबारी में

27:35.923 --> 27:38.403
पूर्वांचल के विजय सिंह का
नाम आया सामने।

27:38.963 --> 27:40.963
भला मरा हुआ आदमी
ज़िंदा कैसे हो सकता है?

27:41.083 --> 27:42.993
[भैया 2]: हाँ, भैया।
एकदम सही कह रहे हो।

27:43.003 --> 27:44.683
[भैया 1]: कुछ भी छाप देते हैं अख़बार वाले।

27:44.803 --> 27:47.123
[भैया 3]: विजय सिंह को तो
परलोक सिधारे चार बरस हो गया है।

27:47.283 --> 27:48.883
अरे, छोड़िए, आप खैनी बनाइए।

27:51.163 --> 27:54.163
(मार्केट में शोर-शराबे की आवाज़)

28:00.003 --> 28:03.793
(गाड़ी का दरवाज़ा खोलने की आवाज़)
(गाड़ी स्टार्ट करने की आवाज़)

28:03.803 --> 28:07.043
(गाड़ी का दरवाज़ा बंद करने की आवाज़)
(गाड़ी के चलने की आवाज़)

28:18.083 --> 28:21.003
(रोमांचकारी पार्श्व संगीत)
