WEBVTT

00:35.283 --> 00:38.763
[सनकी]: भाई जान, अपने लोगों के साथ
पूरे अस्पताल को घेरे हुए थे।

00:39.563 --> 00:41.243
हम लोगों से कोई चूक नहीं हुई थी।

00:41.443 --> 00:43.603
और फिर पुजारी जी पे
वो गोली भी तो नहीं चला पाया।

00:43.923 --> 00:45.883
वो... भो** वाला विजय।

00:50.003 --> 00:51.603
भाई जान, बहुत कोशिश किए,

00:52.843 --> 00:55.643
पर पुजारी जी की जहाँ फटी गाँ**
वहीं निकल गए उनके प्राण।

00:56.923 --> 00:58.643
अरे, दहशत में मर गए ये तो।

00:59.083 --> 01:00.323
देखो।

01:06.963 --> 01:08.723
(रोमांचकारी पार्श्व संगीत)

01:28.643 --> 01:29.843
[साइकिल वाला]: नमस्ते, भैया।

01:30.083 --> 01:31.763
[तिवारी]: ख़बर भिजवा दो।
[साइकिल वाला]: जी।

01:31.923 --> 01:33.363
[तिवारी]: हम मिलना चाहेंगे।
[साइकिल वाला]: जी।

01:33.643 --> 01:34.803
[साइकिल वाला]: ठीक है, भैया।
[तिवारी]: जाइए।

01:35.163 --> 01:36.363
[तिवारी]: चलिए,
गाड़ी चालू कीजिए।

01:41.523 --> 01:43.403
[दूधवाला]: ले, ले, खाले, खाले, खाले।

01:44.603 --> 01:45.723
[साइकिल वाला]: राम राम, भैया।

01:46.003 --> 01:48.443
[साइकिल वाला]: मिलना चाह रहे हैं।
ख़बर पहुँचा दो। [दूधवाला]: ठीक है।

01:48.923 --> 01:50.163
[दूधवाला]: ठीक है। हाँ।

01:50.363 --> 01:51.323
ठीक, ठीक।

01:55.843 --> 01:56.833
[कट्टा]: ऐसे कैसे?

01:56.843 --> 01:58.043
(कट्टा और सीमा के हँसने की आवाज़)

01:58.283 --> 01:59.803
[कट्टा]: ऐसे... ऐसे कैसे?
(हँसते हुए)

02:00.323 --> 02:02.003
[विजय]: किस बात पे इतनी हँसी आ रही है?

02:02.723 --> 02:06.003
[कट्टा]: भैया, पूर्वांचल के इतिहास में
पहली बार ऐसा हो रहा होगा, (हँसते हुए)

02:06.483 --> 02:08.203
जब कोई किसी की दहशत से मर गया।

02:08.323 --> 02:09.763
हमको सुनकर इतना हँसी आ रहा है।
(हँसते हुए)

02:10.003 --> 02:12.683
आप तो वहाँ थे,
आपको कितना हँसी आ रहा होगा?

02:12.963 --> 02:14.723
(कट्टा और सीमा के हँसने की आवाज़)

02:15.483 --> 02:16.963
(दरवाज़ा खटखटाने की आवाज़)

02:18.083 --> 02:20.043
[कट्टा]: भैया, आप लोग अंदर चलिए।

02:21.043 --> 02:22.433
[कट्टा]: सीमा, तुम यहीं रुको।
[सीमा]: हाँ।

02:22.443 --> 02:23.843
(दरवाज़ा खटखटाने की आवाज़)

02:31.243 --> 02:33.483
[दूधवाला]: नमस्ते, भैया।
[कट्टा]: ठीक है।

02:34.083 --> 02:35.483
[कट्टा]: बर्तन लेके आते हैं।

02:44.803 --> 02:47.403
[दूधवाला]: मेहमान आए हुए हैं,
मिलना चाहते हैं।

02:47.603 --> 02:48.563
[कट्टा]: ठीक है।

02:48.683 --> 02:50.083
[कट्टा]: निकलो, हाँ?
[दूधवाला]: ठीक है।

03:04.443 --> 03:05.923
[तिवारी]: आने के लिए शुक्रिया।

03:10.243 --> 03:12.523
[विजय]: कहिए, क्यों मिलना चाहते थे?

03:12.843 --> 03:15.163
[तिवारी]: बाबा ने
आपकी बहुत तारीफ़ सुनी है।

03:15.803 --> 03:17.003
[विजय]: बाबा?

03:17.403 --> 03:18.843
मणिशंकर तिवारी।

03:19.203 --> 03:22.043
पूरे पूर्वांचल में
उन्हें बाबा के नाम से जानते हैं।

03:22.763 --> 03:23.883
[विजय]: जानते हैं।

03:24.123 --> 03:25.763
[तिवारी]: और वो आपसे कुछ चाहते हैं।

03:27.723 --> 03:30.003
बाबा ने आपके लिए कुछ भिजवाया है।

03:31.883 --> 03:33.803
कुछ पैसे हैं,
कुछ हथियार।

03:34.683 --> 03:36.963
[विजय]: और इसके बदले में
बाबा को क्या चाहिए मुझसे?

03:37.683 --> 03:38.843
[तिवारी]: ज़मीन।

03:40.363 --> 03:41.683
निरौरा की ज़मीन।

03:42.043 --> 03:44.243
जो सिर्फ़ आप उन्हें दिला सकते हैं।

03:46.763 --> 03:47.963
[विजय]: बाबा हैं,

03:48.683 --> 03:49.803
ख़ुद से ले लें।

03:49.923 --> 03:52.363
[तिवारी]: उन्हें लेना होता,
तो वो कब का ले चुके होते।

03:53.363 --> 03:55.043
इस पूरे पूर्वांचल में

03:55.963 --> 03:58.763
ये काम आपके अलावा
और कोई नहीं कर सकता।

03:59.923 --> 04:02.243
और बाबा को आप पे बहुत भरोसा है।

04:04.763 --> 04:06.123
और वैसे भी,

04:06.883 --> 04:11.203
साहेब सिंह और त्रिपुरारी के मरने के बाद
आप काफ़ी अकेले पड़ गए हैं।

04:12.163 --> 04:16.083
और आप पे क्या गुज़र रही है,
ये हम बहुत अच्छे से जानते हैं।

04:16.563 --> 04:17.843
और ये बात

04:18.123 --> 04:19.763
बाबा भी जानते हैं।

04:21.283 --> 04:23.523
और इस वक़्त आपके चाचा -

04:24.683 --> 04:26.003
बेचन जी,

04:27.443 --> 04:29.043
जेल से घर आ चुके होंगे।

04:30.523 --> 04:32.523
बाबा ने तो दोस्ती का हाथ बढ़ा दिया,

04:33.883 --> 04:35.523
फ़ैसला आपके हाथ में है।

04:36.643 --> 04:40.163
जाते-जाते ये सामान यहीं छोड़कर जा रहे हैं।

04:41.403 --> 04:43.923
मन करें,
तो काम कर दीजिएगा।

04:44.203 --> 04:46.523
या गंगा में प्रवाहित कर दीजिएगा।

04:47.843 --> 04:49.683
बाक़ी आपको जैसा उचित लगे।

04:50.803 --> 04:52.323
अब चलना चाहेंगे।

04:55.643 --> 05:02.643
(क़दमों की आवाज़)
(दुविधाजनक पार्श्व संगीत)

05:07.803 --> 05:13.243
(मोटरबोट के चलने की आवाज़)

05:18.803 --> 05:20.563
[तिवारी]: बाबा को आपसे बहुत उम्मीदें हैं।

05:21.043 --> 05:24.843
बाबा चाहते हैं कि निरौरा की
ज़मीन पर रेशम की खेती करें।

05:25.203 --> 05:28.753
बात ज़मीन की नहीं है,
बाबा के मान और सम्मान की है।

05:28.763 --> 05:29.803
[वसीम]: हाँ।

05:30.803 --> 05:32.443
[वसीम]: बाबा को ज़मीन मिल जाएगी।

05:32.883 --> 05:36.363
[तिवारी]: आप जितना आसान समझ रहे हैं ना,
उतना आसान है नहीं।

05:36.883 --> 05:39.843
गाँव के सभी लोग उसके साथ हैं।

05:40.203 --> 05:42.923
और वो विजय सिंह,
वो भी उसके साथ है।

05:43.083 --> 05:44.523
बाक़ी आप देख लीजिए।

05:45.363 --> 05:48.083
[वसीम]: आप शायद भूल गए
कि आप वसीम ख़ान से बात कर रहे हैं।

05:48.883 --> 05:50.483
वो वसीम ख़ान,

05:50.963 --> 05:53.443
जिसका वर्चस्व विजय सिंह से पहले भी था

05:54.043 --> 05:55.443
और उसके बाद भी होगा।

05:55.843 --> 05:57.563
बाबा को ज़मीन ज़रूर मिलेगी,

05:58.043 --> 06:00.323
लेकिन उन्हें मेरी राजनैतिक सहायता करनी होगी।

06:01.723 --> 06:03.403
विजय के सर पर वारंट है,

06:04.203 --> 06:06.723
और वो हर मुमकिन कोशिश करेगा उस वारंट को

06:07.123 --> 06:08.923
अपने सर से हटाने के लिए।

06:09.723 --> 06:12.243
मैं चाहता हूँ
कि बाबा लखनऊ से दबाव बनाएँ

06:12.483 --> 06:14.003
और विजय का एनकाउंटर

06:14.363 --> 06:15.643
जल्द से जल्द हो।

06:17.043 --> 06:19.003
क्योंकि पूरे प्रदेश में ये काम

06:19.563 --> 06:21.283
केवल बाबा करा सकते हैं।

06:23.003 --> 06:23.963
[तिवारी]: जी।

06:24.163 --> 06:25.643
अब मैं चलना चाहूँगा।

06:25.923 --> 06:31.803
(उत्तेजक पार्श्व संगीत)

06:35.883 --> 06:37.923
[सीमा]: अच्छा, यहाँ पे रहते हैं आप?
[सनकी]: हाँ।

06:38.043 --> 06:39.873
[सनकी]: जहाँ तक नज़र दौड़ रही है,
वहाँ तक हमारा घर है।

06:39.883 --> 06:42.483
[सीमा]: ये...
ये सारा का सारा आप ही का है?

06:43.243 --> 06:44.483
[सनकी]: हाँ, कोई शक है क्या?

06:54.763 --> 06:55.883
(सीमा के चीखने की आवाज़)

06:56.403 --> 06:57.443
[सीमा]: क्या कर रहे हो?

06:57.603 --> 07:00.763
[सीमा]: ठीक हैं हम। [सनकी]: क्या
चिल्ला रही हो तुम, हाँ? चुहिया की तरह।

07:01.163 --> 07:03.203
(सनकी के चीखने और हँसने की आवाज़)

07:04.203 --> 07:05.603
[सीमा]: हट!
[सनकी]: घर है हमारा।

07:06.283 --> 07:08.363
[सीमा]: ये?
[सनकी]: हाँ, कोयला मंडी।

07:10.243 --> 07:12.043
[सनकी]: यहीं से पहली नौकरी शुरू की थी हमने।

07:12.243 --> 07:13.843
[सीमा]: अच्छा?
[सनकी]: हाँ।

07:14.523 --> 07:17.803
[सनकी]: बीच में थोड़ा माहौल ख़राब हो गया था,
तो दूर हो गए थे इससे।

07:19.363 --> 07:20.723
अब वापस पास आ गए।

07:21.883 --> 07:24.123
वसीम भाई की बहुत दहशत है इधर।

07:24.923 --> 07:27.123
[सीमा]: तुम क्या दिख़ाने के लिए लाए हो? दहशत?

07:27.923 --> 07:29.243
तुमने क्या कहा था?

07:29.883 --> 07:31.243
कि हमको क्या दिखाओगे?

07:32.603 --> 07:35.563
सब पाउडर ख़राब हो गया।
काला-काला हो गया। (चिक-चिक करने की आवाज़)

07:38.323 --> 07:40.323
[सनकी]: ए, मेरी जान-ए-मन,

07:40.723 --> 07:42.723
अगली बार पाउडर साथ में लेके चलेंगे, हाँ?

07:42.963 --> 07:45.603
[सीमा]: चलो,
वरना राम लीला ख़त्म हो जाएगी।

07:46.603 --> 07:48.603
अब खड़े क्या हो?
उतारो हमें यहाँ से।

07:49.083 --> 07:50.483
उतारते हैं। आ जाओ।

07:50.803 --> 07:52.083
आ जाओ!

07:52.243 --> 07:54.003
(सीमा और सनकी के हँसने की आवाज़)

07:54.163 --> 07:55.923
[सनकी]: रास लीला के बारे में
क्या ख़याल है तुम्हारा?

07:56.083 --> 07:57.563
[सीमा]: नहीं सोचा अभी।

08:14.603 --> 08:15.963
[सनकी]: अब तैयार हैं,

08:16.683 --> 08:18.643
राम लीला चलने के लिए।

08:28.363 --> 08:31.923
[उद्घोषक]: आइए, आइए, भाईओं और बहनों!
(लोगों के बड़बड़ाने की आवाज़)

08:34.243 --> 08:36.763
[सीमा]: हमें ना, ये झूले बहुत पसंद है।

08:37.003 --> 08:39.043
राम लीला देखना हमें बहुत अच्छा लगता है।

08:39.443 --> 08:42.883
और देखो ना,
इसका जो माहौल है ना, इतना सुंदर है ना।

08:43.003 --> 08:45.243
[सीमा]: वो देखो, बच्चे!
[सनकी]: चुहिया, चुहिया, सुनो।

08:45.643 --> 08:48.923
[सनकी]: ऐसा है कि वसीम भाई ने
हमें कहीं भी बाहर जाने से मना किया है।

08:49.123 --> 08:52.683
समझ रही हो?
और वसीम भाई को कानों कान ख़बर हो गई ना,

08:52.843 --> 08:55.323
तो सच बता रहे हैं,
हमें ज़िंदा नहीं छोड़ेंगे वसीम भाई।

08:57.803 --> 09:00.803
[सीमा]: हम तुम्हारे साथ दशहरा नहीं
देखने आएँगे, तो किसके साथ आएँगे?

09:01.443 --> 09:03.523
हमें लगा था तुम हमें रावण दिखाओगे।

09:04.083 --> 09:05.723
इसलिए तुमसे ज़िद किया था।

09:08.083 --> 09:09.563
[सनकी]: अच्छा!

09:09.803 --> 09:11.003
वो देख रही हो?

09:11.163 --> 09:13.563
वो जो दाँत फाड़े खड़ा है,
बीच में अपने ख़ानदान के साथ?

09:14.203 --> 09:15.243
वो है रावण।

09:15.883 --> 09:17.883
देख लिया?
चलो आओ तो। चलो।

09:18.403 --> 09:20.843
[सीमा]: रुको तो सही,
अभी तो शुरुआत है।

09:21.003 --> 09:23.283
[सनकी]: अरे बहुत ही लोग हैं, यार, यहाँ पर!
समझ नहीं रही हो! चलो!

09:23.443 --> 09:24.443
आओ!

09:25.203 --> 09:26.523
[सीमा]: हम यहीं रुकेंगे।

09:27.403 --> 09:28.723
तुम्हें जाना है, तो जाओ।

09:29.243 --> 09:30.443
हम यहीं हैं।

09:34.603 --> 09:36.043
[सनकी]: अरे, यार!

09:38.483 --> 09:40.843
एक तो ना, तुम लोगों की
हमें समस्या समझ में नहीं आती।

09:41.403 --> 09:43.843
अरे, क्यों रावण को
बार-बार जलाते रहते हो? हाँ?

09:44.043 --> 09:45.803
एक बार जलाके निपटारा करो उसका।

09:46.163 --> 09:47.323
ख़त्म करो।

09:48.523 --> 09:50.483
[सीमा]: बात तो सही कही तुमने।

09:51.683 --> 09:54.923
रावण को ना,
एक बार में ही जला देना चाहिए।

09:55.643 --> 09:57.563
फिर रोज़ की समस्या ही ख़त्म।

09:59.203 --> 10:02.913
अब चलो ना, राम लीला देखने,
रावण-वध का समय नज़दीक आ रहा है।

10:02.923 --> 10:05.123
[सनकी]: हाय! हमारा वध कर दो तुम तो, हाँ?

10:07.443 --> 10:10.843
[एक्टर 1]: दुष्ट रावण,
तेरा अंत निश्चित आ गया है।

10:11.123 --> 10:14.603
[एक्टर 2]: ए, वनवासी! तू मुझे क्या मारेगा?

10:14.803 --> 10:18.643
मेरा नाम स्वयं लंकापति रावण है!

10:18.803 --> 10:20.203
(एक्टर के हँसने की आवाज़)

10:20.363 --> 10:25.843
[एक्टर 1]: ए, अहंकारी रावण!
तेरा अहंकार ही तेरे सर्वनाश का कारण होगा।

10:26.243 --> 10:30.163
ये देखने के लिए समस्त देवतागण
यहाँ आकाश में उपस्थित हुए हैं,

10:30.363 --> 10:33.003
अधर्म पे धर्म की विजय कैसे होती है।

10:33.643 --> 10:35.483
[सभी लोग]: जय श्री राम!
(चिल्लाते हुए)

10:36.883 --> 10:39.123
[सनकी]: जय श्री राम!
[सभी लोग]: जय श्री राम! (चिल्लाते हुए)

10:39.443 --> 10:40.843
[विजय]: जय श्री राम!
(चिल्लाते हुए)

10:40.963 --> 10:42.443
(लोगों के शोर मचाने की आवाज़)
(लोगों के तालियाँ बजाने की आवाज़)

10:42.563 --> 10:45.643
[सनकी]: भैया, बहुत बढ़िया! जय श्री हनुमान!
(चिल्लाते हुए)

10:46.723 --> 10:48.763
[विजय]: जय श्री राम!
(चिल्लाते हुए)

10:49.723 --> 10:51.833
[विजय]: जय श्री राम!
[सनकी]: जय श्री राम! (चिल्लाते हुए)

10:51.843 --> 10:53.883
[आदमी 3]: क्या बात है, यार!
बहुत बढ़िया, यार!

10:54.003 --> 10:55.483
[आदमी 4]: जय श्री राम!
(चिल्लाते हुए)

10:55.683 --> 10:56.953
[सनकी]: जय प्रभु! जय संकटमोचन!

10:56.963 --> 10:58.563
[सनकी]: जय हो! ए!
[विजय]: बोलिए, जय श्री राम!

10:58.683 --> 11:01.273
[सनकी]: ए, भैया! ज़रा आशीर्वाद है।
हँस क्यों रहे हो, भो** के?

11:01.283 --> 11:03.953
[विजय]: बोलिए, जय श्री राम!
[सनकी]: अबे, तेरी तो!

11:03.963 --> 11:05.673
[सनकी]: अरे, भैया! लग रही, लग रही।

11:05.683 --> 11:07.993
ज़रा आराम से, आराम से।
जय राम जी की।

11:08.003 --> 11:09.873
[विजय]: जय श्री राम!
[कट्टा]: मारो, भैया, सा** को!

11:09.883 --> 11:11.313
[कट्टा]: हो गया अब तेरा काम!
[आदमी 5]: अरे, मारो!

11:11.323 --> 11:13.603
[दुबे]: अबे, त्रिलोचन उस आदमी को
क्यों मार रहा है, बे?

11:14.483 --> 11:15.593
[विजय]: जय श्री राम!
[त्रिलोचन]: अरे!

11:15.603 --> 11:18.723
[त्रिलोचन]: वो हम नहीं, कोई और है!
सा** मेरा कपड़ा भी लेकर चला गया!

11:20.123 --> 11:21.313
[सनकी]: हट!
(चिल्लाते हुए)

11:21.323 --> 11:22.233
[विजय]: अबे!
[सनकी]: हट! (चिल्लाते हुए)

11:22.243 --> 11:23.313
[सनकी]: मा****!

11:23.323 --> 11:24.483
(बंदूक से गोली चलाने की आवाज़)
(पटाखों के बजने की आवाज़)

11:24.643 --> 11:26.163
(लोगों के शोर मचाने की आवाज़)

11:26.403 --> 11:28.003
[सनकी]: हट, भो** के!
[छुन्नू]: मार!

11:28.203 --> 11:31.403
[छुन्नू]: मार! मार, भो** के! तेरी तो,
भो** के! भाग! [सनकी]: ओए, मा****!

11:32.323 --> 11:33.483
[छुन्नू]: हट, हट, सा**!
[सनकी]: हट, भो** के!

11:33.643 --> 11:35.563
[विजय]: हट, भो** के! छुन्नू, देखिए!

11:35.803 --> 11:38.643
[छुन्नू]: हटो, ब****! हट, मा****!
[विजय]: ए, सा**!

11:39.243 --> 11:40.843
[सनकी]: हट! हट, सा**!

11:41.163 --> 11:43.153
[छुन्नू]: ए, पीछे हट!
[विजय]: ए, हट, हट, हट!

11:43.163 --> 11:45.203
[एक्टर 3]: ए, दुबे,
इस रावण को किसी ने आग लगा दी।

11:46.563 --> 11:47.833
(बंदूक से गोली चलाने की आवाज़)
(लड़की के चीखने की आवाज़)

11:47.843 --> 11:50.203
(लोगों के शोर मचाने की आवाज़)
(आग की लपटों की आवाज़)

11:51.563 --> 11:52.923
(बंदूक से गोली चलाने की आवाज़)
(आग की लपटों की आवाज़)

12:28.123 --> 12:29.803
[छुन्नू]: भैया,
छोटा-बड़ा सारा बंदूक मँगवा लिए हैं।

12:29.923 --> 12:31.073
[विजय]: लाओ, लाओ! सब लेके आओ।

12:31.083 --> 12:33.003
[विजय]: गोलियाँ कम नहीं पड़नी चाहिए, छुन्नू?
[छुन्नू]: जी, भैया।

12:34.283 --> 12:35.323
[विजय]: क्या हुआ?

12:35.483 --> 12:37.363
[कट्टा]: भैया, वो...
हम ये कह रहे थे कि

12:37.523 --> 12:39.603
सनकी के साथ
सीमा को भेजना अब ठीक नहीं है।

12:40.123 --> 12:41.643
उस सा** को शक हो गया तो?

12:42.083 --> 12:45.003
और भैया, वैसे भी
राम लीला दिख़ाने तो सीमा ही ले गई थी ना।

12:47.003 --> 12:48.403
[विजय]: हाँ, कट्टा, लेकिन...

12:48.883 --> 12:51.563
अभी अगर सीमा को नहीं भेजेंगे,
तो सनकी का जो शक है,

12:51.803 --> 12:53.083
यक़ीन में बदल जाएगा।

12:55.083 --> 12:57.043
और सीमा को अपनी बहन माने हैं,

12:57.523 --> 12:59.723
तो छोड़ेंगे तो नहीं सा** को।
हम मार के रहेंगे।

13:00.083 --> 13:01.603
छोड़ेंगे नहीं सा** को!

13:02.163 --> 13:03.803
[कट्टा]: भैया, आप अकेले क्यों?

13:04.603 --> 13:05.923
हम क्यों नहीं?

13:06.883 --> 13:09.963
भैया, हम मानते हैं
कि हम वो सीमा को लेके थोड़ा परेशान थे।

13:10.723 --> 13:12.763
वो क्या है ना,
बहुत प्यार करते हैं उससे।

13:13.163 --> 13:14.843
वो सनकी का नाम सुनते हैं ना,
तो हमें...

13:15.323 --> 13:18.923
और भैया, उस सनकी की गाँ** में तो
हम एक गोली ज़्यादा मारेंगे।

13:19.483 --> 13:20.483
[छुन्नू]: वो सब तो ठीक है,

13:20.763 --> 13:22.003
लेकिन भैया,

13:22.243 --> 13:23.683
ज़मीन कैसे आएगी?

13:25.283 --> 13:27.443
[विजय]: ज़मीन कहाँ से आएगी,
छुन्नू, हमको भी नहीं पता।

13:28.603 --> 13:29.803
देखा जाएगा।

13:30.163 --> 13:32.563
पर शुरू तो करना ही है ना
धंधा हम लोगों को फिर से?

13:32.923 --> 13:35.003
और इस काम में हमारी सहायता बाबा करेंगे।

13:35.483 --> 13:37.363
कर्ज़ा तो चढ़ ही चुका है
उनका हम सब पर।

13:37.683 --> 13:39.603
उतरना तो पड़ेगा ही ना, छुन्नू।
आओ।

13:44.243 --> 13:45.353
चलें?

13:45.363 --> 13:46.923
(गाड़ी स्टार्ट करने की आवाज़)

14:04.923 --> 14:06.123
[सनकी]: आ रहे हैं।

14:18.843 --> 14:19.843
(सनकी के आहें भरने की आवाज़)
[सीमा]: श! श!

14:20.843 --> 14:22.003
सनकी!

14:23.203 --> 14:24.443
सन...

14:28.563 --> 14:31.203
[सनकी]: चुहिया! यहाँ क्यों आ गई तू? हाँ?

14:31.683 --> 14:32.803
क्या कर रही है यहाँ पर?

14:32.923 --> 14:34.553
[सीमा]: माफ़ी माँगने आए हैं तुमसे।

14:34.563 --> 14:37.323
उस दिन अगर हम ज़िद नहीं करते ना
कि हमें दशहरा देखना है,

14:37.563 --> 14:41.043
तो वो सब नहीं होता, जो हुआ है।
सब हमारी ग़लती है।

14:41.163 --> 14:44.003
[सनकी]: ए! तुम्हारी कोई ग़लती नहीं है।

14:50.123 --> 14:52.763
अरे, पगली, ये सब तो
होता रहता है हमारे साथ। हाँ?

14:53.563 --> 14:55.523
और अभी हमारा समय नहीं आया है।

14:56.323 --> 14:59.203
जब ऊपर वाला मेहरबान,
तो गधा भी पहलवान। हाँ?

15:02.643 --> 15:05.123
अच्छा सुन,
अब तू जा यहाँ से।

15:05.603 --> 15:08.273
हाँ? हमें बहुत ज़रूरी काम है।
थोड़े व्यस्त हैं।

15:08.283 --> 15:09.723
[सीमा]: क्यों?
[सनकी]: तुमसे बाद में आके मिलते हैं।

15:09.883 --> 15:10.843
[सीमा]: कुछ काम से जा रहे हो?

15:11.003 --> 15:12.523
[सनकी]: हाँ, हाँ, थोड़ा सा।
अब तू जा यहाँ से। चल।

15:12.683 --> 15:14.483
[सीमा]: हमें अकेले छोड़ के जा रहे हो ना?

15:15.923 --> 15:17.723
[सनकी]: चल, ऐसे ही समझ ले।

15:18.723 --> 15:20.523
तुझसे दो दिन बाद आ के मिलते हैं।

15:20.723 --> 15:23.203
[सीमा]: अब दो दिन बाद ही मिल लो हमसे।

15:26.043 --> 15:27.403
[सनकी]: हाय!

15:41.523 --> 15:42.723
(सनकी के आहें भरने की आवाज़)

15:53.563 --> 15:54.763
[सनकी]: क्या हुआ, बे?

15:55.723 --> 15:57.603
गोश्त पूरा नहीं पड़ा क्या?

15:58.123 --> 16:00.443
या आदमी भी चीर के खाओगे? हाँ?

16:01.163 --> 16:03.083
[बिलाल]: बड़ा लाजवाब गोश्त है।

16:05.323 --> 16:07.803
[सनकी]: भाग, भो** मा****!

16:17.163 --> 16:19.203
कितना ठूसोगे, बे? हाँ?

16:32.763 --> 16:34.323
[चाचा]: अच्छा, सुनो, ये...

16:34.563 --> 16:35.393
[चाचा]: आ... बेटा।
[डेकोरेटर]: जी?

16:35.403 --> 16:38.603
[चाचा]: पर सजावट वाला काम ज़रा
जल्दी-जल्दी करवाओ। [डेकोरेटर]: हाँ, हाँ।

16:38.723 --> 16:40.433
[चाचा]: और बिजली वाला काम पे ज़रा...
[डेकोरेटर]: ठीक है।

16:40.443 --> 16:41.843
[चाचा]: विशेष ध्यान रखना है।
[डेकोरेटर]: हाँ, जी।

16:42.003 --> 16:43.963
[चाचा]: हर जगह रोशनी होनी चाहिए।
[डेकोरेटर]: हाँ।

16:44.123 --> 16:47.443
[चाचा]: और ये फूल माला वाला काम भी, बेटा,
जल्दी कर लेना।

16:47.643 --> 16:50.483
[चाचा]: लेकिन हाँ! हलवाई के पास ज़रूर रहना।
[डेकोरेटर]: हाँ।

16:50.643 --> 16:52.323
[चाचा]: वो कब कौन सा सामान...

16:53.323 --> 16:55.363
[विजय]: प्रणाम करते हैं, चाचा।
[चाचा]: ख़ुश रहो, ख़ुश रहो।

16:58.523 --> 17:01.523
[चाचा]: बेटा,
हम आप लोगों को पहचानें नहीं।

17:02.123 --> 17:03.603
कौन हैं आप लोग?

17:03.923 --> 17:06.283
[विजय]: पहचानें तो
हमको आज तक कोई नहीं हैं, चाचा।

17:06.763 --> 17:08.123
ख़ैर।

17:08.323 --> 17:10.803
चाचा, वो जो ज़मीन है ना आपका,
हाईवे के बगल वाला,

17:12.403 --> 17:13.723
वो हमको चाहिए।

17:13.923 --> 17:17.203
[चाचा]: बेटा,
वो ज़मीन तो हम तुम्हें नहीं देंगे।

17:17.563 --> 17:20.803
अरे, हम तुम्हें क्या,
किसी को भी नहीं देंगे।

17:21.203 --> 17:24.363
क्योंकि वो हमारे पुरखों की निशानी है।

17:25.603 --> 17:27.123
[विजय]: पैसा ले लीजिए, चाचा।

17:27.963 --> 17:29.523
मुफ़्त में कहाँ माँग रहे हैं?

17:30.083 --> 17:32.443
ऐसा हम नहीं, विजय सिंह ने कहा है।

17:32.803 --> 17:34.363
[चाचा]: देखो, बेटा।

17:34.723 --> 17:38.123
अगर तुम लोग हमको सोना से भी लाद दोगे ना,

17:38.363 --> 17:40.723
तब भी वो ज़मीन हम तुम को नहीं देंगे।

17:41.043 --> 17:43.523
क्योंकि वो ज़मीन

17:43.803 --> 17:47.363
हमारे बाप-दादा अपने ख़ून से सींच के बनाए हैं।

17:47.803 --> 17:49.363
और हमारे पिताजी

17:49.723 --> 17:53.323
उस ज़मीन को हमको देते वक़्त ये कहे थे

17:53.443 --> 17:57.363
कि हमारे जीते जी उस ज़मीन का सौदा नहीं होगा।

17:58.683 --> 18:01.233
[केशव]: वीरेंद्र जी, आपने कुछ बताया नहीं।

18:01.243 --> 18:03.363
'6 साल पहले'
[केशव]: तो हमने सोचा कि चलो,

18:03.483 --> 18:04.803
[केशव]: हम ख़ुद ही मिल लेते हैं।

18:05.403 --> 18:06.843
[वीरेंद्र]: इसमें बताना क्या है, केशव?

18:07.203 --> 18:10.163
[केशव]: वैसे, जो ज़मीन हम माँग रहे हैं ना,
वो बंजर है।

18:10.323 --> 18:12.603
कंकड़-पत्थर के अलावा
वहाँ कुछ नहीं मिलने वाला है आपको।

18:12.883 --> 18:15.603
हाँ, लेकिन अगर हमारी दारू की
भट्टी लग गई ना,

18:15.923 --> 18:17.683
तो मुँह माँगा क़ीमत देंगे आपको।

18:17.923 --> 18:21.723
[वीरेंद्र]: पैसों के लिए हम अपने ज़मीन में
दारू की भट्टी नहीं लगने दे सकते हैं।

18:22.083 --> 18:24.083
[केशव]: एक बार सोच लीजिए, वीरेंद्र जी।

18:26.203 --> 18:27.763
ठीक है। चलो रे।

18:31.483 --> 18:33.603
[विजय]: बाबू जी, एक बात पूछें?
[वीरेंद्र]: हाँ।

18:34.723 --> 18:36.803
[विजय]: वो आदमी सही कह रहा था।

18:37.163 --> 18:38.883
ज़मीन इतना बंजर है,

18:39.283 --> 18:41.443
फिर भी आपको इतना लगाव क्यों है?

18:43.363 --> 18:45.923
[वीरेंद्र]: ये केवल ज़मीन नहीं है।

18:46.803 --> 18:48.003
माता है।

18:49.003 --> 18:54.003
जो अपने गर्भ में अन्न पैदा करके
अपने बच्चों का पेट भरती है।

18:56.723 --> 18:59.123
तेरे लिए बस यही पूँजी छोड़ के जाएँगे।

19:00.643 --> 19:02.083
इस ज़मीन का

19:02.763 --> 19:04.603
और अपनी माँ का ख़याल रखना।

19:05.603 --> 19:07.203
इनके सम्मान में

19:08.323 --> 19:10.243
कभी आँच मत आने देना, बेटा।

19:14.803 --> 19:16.723
'वर्तमान समय वाराणसी - 1988'

19:18.323 --> 19:19.923
[चाचा]: क्या हुआ, बेटा?

19:22.283 --> 19:23.683
[विजय]: कुछ नहीं, चाचा।

19:24.363 --> 19:25.603
जाते हैं।

19:27.923 --> 19:30.963
[चाचा]: पूर्वांचल में
हम इतने साल से रह रहे हैं,

19:32.123 --> 19:35.203
पर ज़िंदगी में पहली बार हमने देखा

19:35.603 --> 19:39.763
कि एक गुंडा
इतनी शराफ़त से कुछ माँग रहा है।

19:40.363 --> 19:41.643
[विजय]: गुंडा!
[चाचा]: ख़ैर।

19:42.683 --> 19:44.643
[चाचा]: ये बेटा,
विजय सिंह को दे देना।

19:45.403 --> 19:47.723
परसों हमारी बेटी की शादी है।

19:48.323 --> 19:51.523
और आप लोग भी ज़रूर आइएगा।
ठीक है?

19:56.043 --> 19:57.043
(बैग को ज़मीन पर रखने की आवाज़)

19:58.643 --> 19:59.763
[विजय]: चाचा,

20:00.603 --> 20:02.003
ज़मीन के लिए नहीं है।

20:04.883 --> 20:06.363
बहन की शादी के लिए है।

20:06.803 --> 20:08.203
रख लीजिए।

20:09.083 --> 20:10.483
जाते हैं।

20:17.963 --> 20:19.603
[बिलाल]: उसको बोलना,
ठीक से सारा काम करे।

20:19.763 --> 20:20.793
[भाई]: ठीक है।
[बिलाल]: पैसा सारा ले लिया है।

20:20.803 --> 20:22.243
[बिलाल]: कोई हरा***पना नहीं चलेगा
हमेशा की तरह।

20:22.363 --> 20:23.443
[भाई]: जी, भैया।
[बिलाल]: है ना? हाँ।

20:23.683 --> 20:25.403
[बिलाल]: ऐसे बोलो उसको जाके देखे और...

20:30.763 --> 20:32.003
[बिलाल]: जाओ, जाओ, जाओ, निकलो, निकलो।
[भाई]: भूरा।

20:32.163 --> 20:33.803
[बिलाल]: माल सारा जो है ना...
[भाई]: ठीक है। ठीक है, भैया।

20:33.923 --> 20:35.523
[भाई]: हाँ, हाँ, अच्छे से, अच्छे से।

20:58.283 --> 21:00.363
(बस के हॉर्न बजाने की आवाज़)
(लोगों के बड़ाबड़ाने की आवाज़

22:13.563 --> 22:15.203
[कट्टा]: जय महाकाल की!

22:35.523 --> 22:36.353
(कट्टा के घबराने की आवाज़)

22:36.363 --> 22:37.883
(सीमा और कट्टा के हँसने की आवाज़)

22:38.283 --> 22:39.603
[कट्टा]: पगला गई हो क्या?

22:42.323 --> 22:44.323
[कट्टा]: डरा दिया हमको।
[सीमा]: कितनी देर से खड़ा है?

22:44.603 --> 22:45.643
[कट्टा]: हाँ?

22:46.123 --> 22:47.963
अरे, हम तो ज़िंदगी भर खड़े रहेंगे।

22:48.923 --> 22:49.883
हाँ।

22:50.083 --> 22:51.403
[सीमा]: तेरे लिए शर्ट लाए हैं।

22:51.683 --> 22:52.843
[कट्टा]: हाँ, वो तो ठीक है।

22:53.523 --> 22:56.363
तेरे मनपसंद का रंग है।
ये देख, बिलकुल समान।

22:56.603 --> 22:58.403
पहन के अच्छा लगेगा ना साथ में।

22:58.563 --> 23:00.083
[कट्टा]: ओ हो! अच्छा जी।

23:00.323 --> 23:01.963
[बिल्ला]: मा****!

23:06.683 --> 23:09.433
[सीमा]: ये सच है
कि हमने तुम्हारी जान को ख़तरे में डाला है।

23:09.443 --> 23:11.483
[सनकी]: लेकिन हम तो
तुमसे सच्चा प्यार करते थे ना?

23:11.603 --> 23:13.283
[सीमा]: हमें अपने आप पर ना घिन आती है,

23:13.443 --> 23:17.043
जब हम ये सोचते हैं कि हमने विजय सिंह जैसे
नीच आदमी के लिए काम किया है।

23:18.083 --> 23:20.443
वसीम ने विजय भैया को

23:20.643 --> 23:22.673
बुलाया है बड़े बाँध पे अकेले।

23:22.683 --> 23:26.123
(गाड़ियों के चलने की आवाज़)
(गाड़ी के रुकने की आवाज़)

23:26.363 --> 23:31.123
(बादल गरजने की आवाज़)
(उत्तेजक पार्श्व संगीत)
