WEBVTT

00:08.163 --> 00:10.163
[दुकानदार]: हाँ? कौन सा चाहिए, गुरु?

00:10.803 --> 00:12.203
[सनकी]: अब रोज़ के
ग्राहक हैं ना हम तुम्हारे?

00:12.323 --> 00:13.923
[सनकी]: तो वही दो।
[दुकानदार]: अच्छा, अच्छा, अच्छा।

00:15.043 --> 00:16.483
[सीमा]: एक देसी देना।

00:16.963 --> 00:18.483
[दुकानदार]: कौन सी?
[सीमा]: बड़की वाली बोतल।

00:18.963 --> 00:20.363
[दुकानदार]: ये लीजिए, मैडम।

00:22.043 --> 00:24.923
[सीमा]: कितने का है?
[दुकानदार]: 19 रूपया, मैडम।

00:30.123 --> 00:32.883
[सीमा]: कभी लड़की नहीं देखी?
[सीमा]: देखा हूँ ना।

00:34.203 --> 00:37.603
[सनकी]: लेकिन कभी दारू की दुकान पे
देसी ख़रीदते हुए लड़की नहीं देखी।

00:39.603 --> 00:40.643
(सीमा के मुस्कुराने की आवाज़)

00:48.843 --> 00:51.403
[दुकानदार]: अरे, अरे, गुरु!
पैसा तो देते जाओ!

01:18.963 --> 01:20.403
[सीमा]: क्या? कुछ चाहिए?

01:22.363 --> 01:23.803
दारू चाहिए?

01:24.683 --> 01:26.403
[सनकी]: दारू तो है हमारे पास।

01:26.563 --> 01:28.123
[सीमा]: तो मेरे पीछे क्यों आ रहा है?

01:30.843 --> 01:32.083
[सनकी]: पता नहीं?

01:32.643 --> 01:33.963
[सीमा]: क्या? कुछ कहना है?

01:36.563 --> 01:37.443
[सनकी]: नहीं।

01:37.563 --> 01:39.363
[सीमा]: तो चू**,
मेरे पीछे क्यों आ रहा है?

01:42.523 --> 01:43.683
[सनकी]: पता नहीं?

01:45.083 --> 01:47.323
[सीमा]: पहले पता कर ले
मेरे पीछे क्यों आ रहा है,

01:47.803 --> 01:49.363
फिर बात करते हैं।

01:55.123 --> 01:56.363
[सनकी]: अरे!

01:57.003 --> 01:58.243
सुन तो!

02:15.483 --> 02:16.843
[विजय]: सीमा!

02:19.643 --> 02:21.643
हम लोगों को बहुत फ़िक्र हो रही थी तुम्हारी।

02:22.043 --> 02:23.243
अच्छा हुआ, आ गई।

02:23.803 --> 02:27.083
[सीमा]: चिंता की कोई बात नहीं है।
काम हो जाएगा।

02:36.803 --> 02:40.403
[विजय]: कट्टा, हम जानते हैं
कि इस ये सब काम में कितना ख़तरा है।

02:41.283 --> 02:43.203
लेकिन एक बात कभी तुम दोनों भूलो मत।

02:43.923 --> 02:46.323
सीमा हमारी बहन है।

02:48.323 --> 02:50.283
और जब पहली बार तुम दोनों को देखे थे,

02:52.043 --> 02:54.443
तो तुम दोनों के प्यार पे
हमको बहुत भरोसा हुआ था।

02:55.523 --> 02:58.403
[कट्टा]: भैया, आप...
हमको भी भरोसा है आप पे।

02:58.683 --> 03:02.443
वो क्या है ना, भैया,
हमरे जीवन में सिर्फ़ ये है।

03:03.363 --> 03:06.723
[कट्टा]: इसको... इसका चिंता बहुत लगा रहता है।
[विजय]: कट्टा।

03:08.763 --> 03:11.763
[विजय]: विजय सिंह वादा करता है
तुम दोनों से हमेशा

03:13.403 --> 03:15.523
कि जब तक विजय सिंह ज़िंदा है,

03:16.763 --> 03:19.123
सीमा पे कभी कोई आँच नहीं आने देंगे।

03:20.683 --> 03:22.643
और ये जितना कुछ भी चल रहा है ना यहाँ पे,

03:23.563 --> 03:25.523
ये सब महाभारत का एक हिस्सा है।

03:27.283 --> 03:28.683
क्योंकि महाभारत में

03:29.843 --> 03:31.923
भगवान कृष्ण ने अर्जुन को कहा था,

03:33.443 --> 03:35.643
कि तू करता वो है, जो तू चाहता है।

03:36.763 --> 03:38.603
होता वो है, जो मैं चाहता हूँ।

03:40.163 --> 03:43.523
फिर तू कर वो, जो तू चाहता है,
पर होगा वो, जो मैं चाहता हूँ।

03:50.403 --> 03:53.123
(रोमांचकारी पार्श्व संगीत)

04:15.643 --> 04:17.003
[सीमा]: ऐसे क्यों देख रहे हो?

04:17.843 --> 04:20.883
[कट्टा]: वो...
तुम्हारी सुंदर आँखों को देख रहे हैं।

04:22.683 --> 04:24.323
[सीमा]: वो तो हमेशा देखते रहते हो।

04:24.683 --> 04:27.563
[कट्टा]: नहीं, वो आज क्या है ना,
वो जैसे बर्फ़ का गोला होता है ना,

04:28.203 --> 04:30.683
ठंडा-ठंडा लगता है,
वैसा लग रहा है हमको।

04:30.843 --> 04:33.243
[सीमा]: हाँ, हमें भी।

04:34.003 --> 04:35.883
एकदम वैसा लग रहा है।

04:36.403 --> 04:40.483
[कट्टा]: हमको तो यक़ीन नहीं होता
कि कैसे तुम हमारी ज़िंदगी में आ गई।

04:40.763 --> 04:43.243
और वो... बम की तरह फट गई।

04:45.523 --> 04:46.843
[सीमा]: पता है?

04:48.443 --> 04:50.243
हमें भी यक़ीन नहीं होता है।

04:51.563 --> 04:54.883
हम कैसे बंगाल से
ऐसे नाचते, नाचते, नाचते, नाचते,

04:56.003 --> 04:57.563
तुम्हारे पास आ गए।

05:00.163 --> 05:02.633
(लोगों के ख़ुशी में शोर मचाने की आवाज़)

05:02.643 --> 05:04.433
[शराबी 1]: आय हाय!
[शराबी 2]: अबे, यार!

05:04.443 --> 05:06.753
[शराबी 1]: हाय, कसम से, हाँ!
[शराबी 2]: जियो रे!

05:06.763 --> 05:08.483
[शराबी 2]: आय हाय!
[शराबी 3]: आय हाय!

05:15.043 --> 05:18.683
♪आँगनवा में हमरे♪

05:18.803 --> 05:24.043
♪चंदनिया जोत रे,♪

05:24.243 --> 05:30.163
♪तो आए पिया तेरी याद।♪

05:30.923 --> 05:38.923
♪बैरन हवा आके उलझे जो लट से,♪

05:39.803 --> 05:45.723
♪तो आए पिया तेरी याद।♪

05:45.923 --> 05:49.723
♪पिया तेरी याद।♪

05:50.243 --> 05:52.953
♪कि चंदा बदरिया में छुपने लगे जब,♪

05:52.963 --> 05:55.793
♪तू छत पे उतरना,
ना मौक़ा गँवाना।♪

05:55.803 --> 06:01.473
♪कि हमरी अटरिया पे चुपके से आना।♪

06:01.483 --> 06:07.193
♪दिया मैं बुझा दूँगी,
चुपके तू आना।♪

06:07.203 --> 06:09.833
♪चंदा बदरिया में छुपने लगे जब,♪

06:09.843 --> 06:12.673
♪तू छत पे उतरना,
ना मौक़ा गँवाना।♪

06:12.683 --> 06:18.393
♪कि हमरी अटरिया पे चुपके से आना।♪

06:18.403 --> 06:24.593
♪दीया मैं बुझा दूँगी,
चुपके तू आना।♪

06:24.603 --> 06:30.153
♪कच्ची मुंडेरों पे सावन पड़ा है,♪

06:30.163 --> 06:35.763
♪आना संभल के,
कहीं ना फिसलना।♪

06:35.883 --> 06:40.843
♪वादे पे बैठे हैं करके भरोसा,♪

06:40.963 --> 06:46.843
♪कहीं ना मुकरना,
कहीं ना मुकरना।♪

06:47.203 --> 06:52.993
♪वादे पे बैठे हैं करके भरोसा...♪

06:53.003 --> 06:57.713
♪वादे पे बैठे हैं करके भरोसा,♪

06:57.723 --> 07:03.513
♪कहीं ना मुकरना,
कहीं ना मुकरना।♪

07:03.523 --> 07:09.273
♪कि बतियाँ इश्क़ की सुनाने तू आना।♪

07:09.283 --> 07:14.833
♪दीया मैं बुझा दूँगी,
चुपके तू आना।♪

07:14.843 --> 07:17.633
♪कि चंदा बदरिया में छुपने लगे जब,♪

07:17.643 --> 07:20.443
♪तू छत पे उतरना,
ना मौक़ा गँवाना।♪

07:20.563 --> 07:26.113
♪कि हमरी अटरिया पे चुपके से आना।♪

07:26.123 --> 07:31.843
♪दिया मैं बुझा दूँगी, चुपके तू आना।♪

07:32.003 --> 07:37.473
♪हमरी अटरिया पे चुपके से आना।♪

07:37.483 --> 07:40.603
♪दीया मैं बुझा दूँगी...♪

07:40.763 --> 07:41.643
(थप्पड़ मारने की आवाज़)
(साहूकार के कराहने की आवाज़)

07:41.763 --> 07:43.723
[साहूकार]: अरे!
[सीमा]: नाचती हूँ मैं!

07:44.003 --> 07:46.123
[सीमा]: ऐसी-वैसी मत समझना, मा****!

07:49.043 --> 07:51.003
[साहूकार]: मा****!
[सीमा]: ए! हट!

07:51.163 --> 07:53.723
[साहूकार]: अरे, बुधवा, पकड़ इसको! पकड़ इसकी...
[बुधवा]: ए, पकड़ो!

07:53.963 --> 07:57.163
(लोगों के शोर मचाने की आवाज़)
(सीमा के हाँफने की आवाज़)

07:57.483 --> 07:58.883
[बुधवा]: भाग रही है! पकड़ो! ए!

08:00.163 --> 08:01.563
[जमवा]: पकड़ो रे!
[बुधवा]: ए!

08:01.843 --> 08:03.243
(लोगों के शोर मचाने की आवाज़)
(झींगुर की आवाज़)

08:09.043 --> 08:10.643
[बुधवा]: अरे, जमवा!

08:13.483 --> 08:15.883
[सीमा]: रुको! रुको, रुको, रुको!
[कट्टा]: ए!

08:16.803 --> 08:18.633
[कट्टा]: आ... इसकी...
[बुधवा]: अरे, पकड़ो उसको!

08:18.643 --> 08:21.763
[कट्टा]: अरे, मरना है, तो ट्रक के आगे कूद ना!
स्कूटर के आगे क्यों कूद रही है?

08:21.883 --> 08:24.913
[सीमा]: हमें बचा लीजिए।
यहाँ पे कुछ आदमी हमारे पीछे पड़े हैं।

08:24.923 --> 08:28.283
[कट्टा]: क्या जवाब देंगे विजय मिश्रा को?
कट्टा का डिलीवरी देना था हमको।

08:29.363 --> 08:31.363
सुन रहे हैं आप?
हमें बचा लीजिए!

08:32.243 --> 08:35.003
सुनिए!
अरे, बहरा सुन रहा है? हमें बचा ले!

08:35.123 --> 08:36.483
ब**** हरा**!

08:36.603 --> 08:40.043
हर मर्द मतलब,
कुत्ते की प्रजाती है, ब****।

08:40.763 --> 08:41.923
(कट्टे से गोली चलाने की आवाज़)

08:42.603 --> 08:44.483
[कट्टा]: अरे, पगला गई हो क्या? हाँ?

08:56.123 --> 08:57.083
(कट्टे से गोली चलाने की आवाज़)
(सीमा के चीखने और कट्टे के कराहने की आवाज़)

08:57.203 --> 08:58.563
[कट्टा]: रुको, मा****!

09:00.483 --> 09:01.673
जय महाकाल की!

09:01.683 --> 09:05.083
(कट्टे और बंदूक से गोली चलाने की आवाज़)
(गुंडों के ज़मीन पर गिरने की आवाज़)

09:07.203 --> 09:08.563
[बुधवा]: अबे, देख कौन है!

09:15.923 --> 09:17.563
[कट्टा]: यही तो नहीं था?
[सनकी]: यही था।

09:17.683 --> 09:18.753
[कट्टा]: मारो भो** वाले को!

09:18.763 --> 09:21.163
लाओ, ये कट्टा हमको दो।
ये भरा हुआ कट्टा लो।

09:21.363 --> 09:22.563
[साहूकार]: मा****!

09:22.803 --> 09:24.883
[कट्टा]: बस,
जय महाकाल की बोल के दबा दो घोड़ा।

09:25.043 --> 09:26.513
[सीमा]: जय महाकाल की।

09:26.523 --> 09:27.883
(कट्टे से गोली चलाने की आवाज़)
(शराबी के कराहने की आवाज़)

09:31.683 --> 09:33.563
[कट्टा]: हमारा नाम कट्टा है,

09:33.683 --> 09:36.083
और हम कान से कम सुनते हैं।

09:39.363 --> 09:42.843
[सीमा]: आपसे मिल के हमें बहुत अच्छा लगा।

09:43.403 --> 09:45.883
[कट्टा]: आपका हमारे ऊपर गिरना
हमें अच्छा लगा।

09:47.483 --> 09:49.523
[सीमा]: अभी तो आपने बोला
आप सुन नहीं सकते।

09:50.123 --> 09:51.643
[सीमा]: होंठ तो पढ़ लेते हैं।

09:52.083 --> 09:53.363
(सीमा के मुस्कुराने की आवाज़)

09:54.043 --> 09:56.003
'वर्तमान समय वाराणसी - 1987'

09:57.443 --> 09:58.603
[कट्टा]: लव यू!

10:06.283 --> 10:07.603
[सीमा]: मैं भी आई लव यू।

10:15.003 --> 10:16.563
[विजय]: ठीक से। ठीक से चिपकाओ।

10:20.163 --> 10:21.363
ध्यान से रखो उसको।

10:22.043 --> 10:23.753
[विजय]: अरे, वहाँ नहीं, वहाँ रखो उसको!
[कर्मचारी 1]: यहाँ पे रखूँ?

10:23.763 --> 10:25.363
[विजय]: हाँ, उसके ऊपर।
[कर्मचारी 1]: उस वाले में लगवा दो।

10:25.483 --> 10:26.673
[विजय]: हाँ, अब ठीक है।
[कर्मचारी 1]: यहाँ पे हो रहा है।

10:26.683 --> 10:28.403
[विजय]: ध्यान से ले जाना।
[कर्मचारी 1]: कितना हुआ, भैया?

10:29.803 --> 10:30.763
(गिलास के बोतलों के टकराने की आवाज़)

10:33.923 --> 10:36.603
[विजय]: सामान सीधा दुकान पे
पहुँचना चाहिए। समझे?

10:45.803 --> 10:48.123
[बिलाल]: सही है। लोड कर दे।

10:51.523 --> 10:53.643
[कर्मचारी 2]: ये ले।
सब फ़टाफ़ट लोड कर दे।

10:54.283 --> 10:56.883
[कर्मचारी 3]: ए! अरे, ओ! ए! यहाँ लाओ!

10:58.643 --> 11:01.123
[बिलाल]: सबका सब माल
ठिकाने लगना चाहिए। हूँ?

11:04.163 --> 11:05.523
[कर्मचारी 2]: रख फ़टाफ़ट!

11:06.843 --> 11:08.403
[बिलाल]: भाई, काम हो गया।

11:17.123 --> 11:20.123
[सनकी]: जानती हो? जिस दिन से
तुम हमसे मिल के गई हो ना,

11:20.283 --> 11:21.643
हम सो ही नहीं पाए हैं।

11:24.163 --> 11:26.643
[सनकी]: अच्छा, पता कर लिया
क्या बात करनी थी हमसे?

11:29.203 --> 11:30.683
[सनकी]: हाँ, वो...

11:31.963 --> 11:33.483
लेनी है हमें तुम्हारी।

11:37.723 --> 11:39.163
[सीमा]: ऐसे सीधे ही बोलोगे?

11:40.843 --> 11:42.923
कभी किसी लड़की से बात नहीं किए क्या?

11:46.083 --> 11:47.283
[सनकी]: नहीं।

11:49.763 --> 11:51.123
तो, कैसे बोलें?

11:53.403 --> 11:54.963
दूसरे तरीक़े से बोलते हैं।

11:59.643 --> 12:00.963
तुम दोगी हमें?

12:05.283 --> 12:07.443
[सीमा]: पहले ना प्यार करना सीखो।

12:09.803 --> 12:11.323
[सनकी]: तुम सिखाओगी?

12:13.603 --> 12:15.083
[सीमा]: सिखा देंगे।

12:20.243 --> 12:21.683
सिनेमा दिखाओगे?

12:23.483 --> 12:24.883
[सनकी]: हाँ, दिखाएँगे।

12:30.043 --> 12:31.643
[सीमा]: सिखा रहे हैं ना!

12:47.763 --> 12:51.603
[शराबी 4]: हमरी अटरिया पे...

12:58.723 --> 13:00.003
(शराबी के शराब थूंकने की आवाज़)

13:00.123 --> 13:01.803
[शराबी 5]: मज़ेदार नहीं है।

13:02.883 --> 13:07.323
भले बाँध ले कोई दरिया का पानी...

13:07.443 --> 13:09.403
[शराबी 6]: वाह! वाह!
[शराबी 7]: वाह! वाह!

13:09.563 --> 13:13.603
[शराबी 5]: मगर ये जवानी बाँधी ना जाए।

13:13.723 --> 13:15.313
[शराबी 6]: वाह! वाह! वाह! वाह!

13:15.323 --> 13:17.763
[शराबी 5]: वाह! धन्यवाद, धन्यवाद! अच्छा।

13:19.443 --> 13:20.363
अच्छा!

13:20.483 --> 13:22.563
[शराबी 7]: चलिए, नमस्कार।
[शराबी 5]: नमस्कार, प्रणाम।

13:23.003 --> 13:26.643
[शराबी 8]: चलिए, जी।
[शराबी 5]: भले बाँध ले कोई दरिया का पानी...

13:27.443 --> 13:34.523
(शराबी के ज़ोरों से खाँसने की आवाज़)

13:39.923 --> 13:42.363
(शराबी के कराहने की आवाज़)
(शराबी के ज़मीन पर गिरने की आवाज़)

13:47.083 --> 13:49.443
[शराबी 8]: ए, देखो रे! वो गिर पड़ा रे! ए!

13:50.363 --> 13:51.843
उठाओ ना रे!

14:03.403 --> 14:05.683
[पुजारी]: हम आपसे कहना तो
नहीं चाहते थे, मुख्यमंत्री जी।

14:06.323 --> 14:07.873
लेकिन क्या करें?
कहना पड़ रहा है।

14:07.883 --> 14:11.003
अब तो बर्दाश्त के बाहर हो गया है
ये विजय सिंह।

14:11.603 --> 14:14.523
ठेकेदारी की आड़ में
ग़ैरक़ानूनी काम कर रहा है।

14:14.963 --> 14:16.843
अपने चाचा के नाम पर सरकारी ठेके लेकर

14:16.963 --> 14:20.163
वो सरकार और जनता,
दोनों को बेवकूफ़ बना रहा है।

14:21.283 --> 14:24.963
150 से ज़्यादा लोगों की जानें जा चुकी हैं
ज़हरीली शराब पीने से।

14:25.323 --> 14:27.043
आपको तो सब पता है?

14:27.483 --> 14:30.643
विजय सिंह और उसका चाचा बेचन सिंह,
दोनों ही हत्यारे हैं।

14:33.043 --> 14:34.723
[मुख्यमंत्री]: डीजीपी साहब।
[डीजीपी]: सर?

14:34.923 --> 14:37.083
[मुख्यमंत्री]: कार्यवाही कीजिए।
[डीजीपी]: सर।

15:01.083 --> 15:02.803
(मोटरसाइकिल चलाने की आवाज़)

15:12.883 --> 15:14.883
(मोटरसाइकिल के रुकने की आवाज़)

15:16.323 --> 15:17.843
[त्रिपुरारी]: कहाँ रह गए थे?

15:18.083 --> 15:20.483
[विजय]: अरे भैया, ऐसे ही चले गए थे।
क्या हुआ? मतलब...

15:20.643 --> 15:22.563
[त्रिपुरारी]: अरे, वारंट निकला है ना,
तुम्हारे नाम का।

15:23.363 --> 15:25.043
बिना बताए कहीं मत जाया करो तुम।

15:25.963 --> 15:27.603
स्थिति विकट है।

15:27.803 --> 15:30.283
देखो, हमको असला, कट्टा और लगेगा।

15:31.363 --> 15:33.003
[विजय]: भैया, इतना कुछ तो पहले से है,

15:33.123 --> 15:35.233
अब क्या ज़रूरत है
इतना कुछ लेके और लाने का?

15:35.243 --> 15:37.803
[छुन्नू]: ज़रूरत है, भैया।
और ज़रूरत है।

15:38.803 --> 15:41.443
क्योंकि वसीम के आदमी लोग
आप पर हमला किए हैं।

15:42.163 --> 15:44.563
वो सा** इसी ताक पे बैठा हुआ है
कि कब आपको...

15:45.203 --> 15:48.403
और अगर इस बार किसी ने ग़लती किया ना,
तो सा** की गाँ** में...

15:52.563 --> 15:54.643
[विजय]: सनकी का चिंता मत कीजिए आप लोग।

15:54.803 --> 15:58.443
क्योंकि वो तो पहले से ही
अपनी सीमा के प्यार में पागल है।

15:58.963 --> 16:01.203
और वैसे भी,
ठेकेदारी चल रहा है ठीक-ठाक।

16:01.363 --> 16:03.443
और छोटा-मोटा वारदात होता रहेगा, भैया।

16:03.563 --> 16:05.123
[त्रिपुरारी]: चौकन्ना रहना पड़ेगा, विजय।

16:07.163 --> 16:10.323
क्योंकि कोयले के धंधे में
वसीम का वर्चस्व ख़त्म हो चुका है।

16:10.443 --> 16:12.403
[विजय]: हो चुका है ना? हाँ!
[त्रिपुरारी]: हाँ, हो चुका है आज।

16:12.883 --> 16:15.843
[त्रिपुरारी]: कोई भी व्यापारी
उसका कोयला ख़रीद नहीं रहा है उससे।

16:16.363 --> 16:19.443
उसका माल या तो मंडी में पड़ा
सड़ रहा है या चोरी हो रहा है।

16:20.643 --> 16:22.443
जानते हो इससे क्या होगा?

16:23.563 --> 16:26.883
अरे, ये घाव वसीम और पुजारी सिंह
कभी भुला नहीं पाएँगे।

16:27.203 --> 16:29.523
जानते हो ना वसीम को?
पलटकर वार करेगा वो!

16:30.123 --> 16:31.443
[विजय]: करे ना वार।

16:33.723 --> 16:35.803
वसीम ख़ान को आग लगने दीजिए।

16:36.003 --> 16:38.123
और ग़ुस्से में आएगा,
तब मज़ा आएगा।

16:39.803 --> 16:43.843
हाँ, लेकिन आप लोगों को लगता है
कि ये सब लाना ज़रूरी है, तो चले जाइए।

16:44.203 --> 16:45.763
लेकिन आप अकेले नहीं जाएँगे।

16:46.643 --> 16:49.523
छुन्नू और कट्टा,
दोनों आपके साथ जाएँगे।

16:51.043 --> 16:53.483
[सीमा]: अरे! सनकी...

16:54.083 --> 16:56.233
वो तालाब किनारे बुलाया था।
मैं भूल ही गई।

16:56.243 --> 16:58.603
[कट्टा]: क्या? ता... तालाब में क्यों?

16:59.963 --> 17:01.283
[विजय]: अरे, सीमा।

17:02.363 --> 17:04.243
जल्दी चले जाओ तालाब के पास।

17:04.963 --> 17:07.443
ऐसा ना हो
कि सनकी तुम्हारी याद में कूद मरे।

17:08.443 --> 17:09.883
[सीमा]: जल्दी आ रही हूँ।

17:11.363 --> 17:13.123
[विजय]: ध्यान रखना।
[सीमा]: जी।

17:18.483 --> 17:19.723
[विजय]: अरे, कट्टा।

17:20.083 --> 17:23.203
अरे, वो ध्यान रख लेगी अपना। हाँ?

17:23.683 --> 17:25.363
[विजय]: और तुम भी भैया के साथ जाओ।
[कट्टा]: हाँ।

17:29.003 --> 17:31.283
(गाड़ी स्टार्ट करने की आवाज़)

17:44.043 --> 17:45.523
[छुन्नू]: तुम रुको।
हम आते हैं अभी।

17:51.123 --> 17:53.353
[त्रिपुरारी]: आओ, जल्दी कर लो।
[छुन्नू]: कर रहा हूँ ना।

17:53.363 --> 17:55.203
बुराड़ी भैया, राम-राम!

17:58.723 --> 17:59.843
(दरवाज़ा खटखटाने की आवाज़)

18:02.123 --> 18:03.603
(दरवाज़ा खटखटाने की आवाज़)

18:06.443 --> 18:07.643
[त्रिपुरारी]: पंडित है?

18:10.163 --> 18:11.403
[आदमी 1]: हाँ, हाँ।

18:18.563 --> 18:19.763
आइए।

18:37.923 --> 18:40.563
आओ, बैठो।
पंडित जी गए हैं दर्शन करने।

18:40.723 --> 18:42.163
आते ही होंगे।

18:42.803 --> 18:43.963
[छुन्नू]: करते हैं।

18:45.563 --> 18:47.433
भो** वाले को फ़ोन किए थे,
फिर भी मंदिर चला गया।

18:47.443 --> 18:48.923
[त्रिपुरारी]: पता नहीं।

18:55.963 --> 18:57.403
(लैंडलाइन फ़ोन पर नंबर घुमाने की आवाज़)

19:02.043 --> 19:03.723
(लैंडलाइन फ़ोन बजने की आवाज़)

19:03.843 --> 19:07.603
[वसीम]: हेलो?
[पंडित]: हाँ, वसीम भाई। दोनों आ गए हैं।

19:10.003 --> 19:12.403
[वसीम]: सनकी! सनकी!

19:13.243 --> 19:14.683
अबे, कोई जवाब देगा!

19:15.843 --> 19:17.243
[बिलाल]: आया, भाई जान!

19:17.403 --> 19:19.033
वो नमाज़ में था,
तो आवाज़ नहीं दे पाया।

19:19.043 --> 19:21.483
[वसीम]: अबे, जितनी शिद्दत से
तुम अल्लाह को याद करते हो ना,

19:21.763 --> 19:24.003
जिस दिन अल्लाह मियाँ ने
तुम्हें याद किया, तो...

19:25.723 --> 19:26.883
कहाँ है सनकी?

19:27.163 --> 19:29.243
[बिलाल]: सनकी तो भाई जान,
दिख ही नहीं रहा है कई दिनों से।

19:29.483 --> 19:30.683
कोई खोज-ख़बर नहीं है उसकी।

19:30.883 --> 19:32.243
पता नहीं लाट साहब कहाँ हैं?

19:32.483 --> 19:33.603
[वसीम]: बुलाओ उस चू** को।

19:35.483 --> 19:37.363
सा** भो** के!

19:53.603 --> 19:56.083
[निशानची]: भैया, बेचन चाचा को उठाकर
ले गई पुलिस ईंट की भट्टी से।

19:56.203 --> 19:57.793
सरकार ने आपके ख़िलाफ़ वारंट निकाला है

19:57.803 --> 19:59.803
आपको देखते ही गोली मार देने का, भैया।

20:06.483 --> 20:08.843
[लालचंद]: ए! निकालो!
सब पोस्टर चिपकाओ!

20:11.683 --> 20:12.633
[सुधा]: क्या...
[लालचंद]: उधर भी लगाओ पोस्टर!

20:12.643 --> 20:14.553
[सुधा]: ये क्या कर रहे हैं?
क्या कर रहे हैं ये लोग?

20:14.563 --> 20:16.843
अपने बेटे को समझाती क्यों नहीं हैं?

20:17.203 --> 20:19.443
हर धंधा हर आदमी नहीं कर सकता।

20:19.763 --> 20:22.043
मज़दूरी कर लेता,
कुछ और काम कर लेता।

20:22.563 --> 20:26.563
अब देखिए ना,
उसके चक्कर में आपके देवर,

20:26.923 --> 20:30.123
उसके चाचा बेचन सिंह हवालात में हैं।

20:31.123 --> 20:34.553
[सुधा]: देखिए, बेचन बेक़सूर है।
उसे... उसे छोड़ दीजिए।

20:34.563 --> 20:37.753
[लालचंद]: अरे, अब क़सूर है कि बेक़सूर है,
वो तो क़ानून देखेगा।

20:37.763 --> 20:41.593
और रही बात... विजय सिंह आ जाएँ,
तो उनसे कहिएगा

20:41.603 --> 20:44.073
कि अपने आपको पुलिस के हवाले कर दे।

20:44.083 --> 20:46.283
[सुधा]: देखिए, वो...
[लालचंद]: वरना इस घर का

20:46.763 --> 20:48.963
[लालचंद]: एक भी मर्द ज़िंदा नहीं बचेगा।

20:49.643 --> 20:51.523
ए! चलो!

20:53.643 --> 20:55.883
(गाड़ी स्टार्ट करने की आवाज़)

21:25.763 --> 21:27.643
[छुन्नू]: बहुत पूजा कर रहा है सा**।

21:28.763 --> 21:30.483
काफ़ी देर हो गई।

21:51.203 --> 21:53.043
[सनकी]: जय महाकाल की, पंडित जी।
[दुकानदार 2]: जय महाकाल की।

21:53.603 --> 21:55.163
[सनकी]: पंडित जी, वो...

21:55.283 --> 21:57.273
[सनकी]: वो लड़कियाँ क्या पहनती
हैं वो... पैर में? [दुकानदार 2]: पाजेब।

21:57.283 --> 21:58.513
[सनकी]: हाँ?
[दुकानदार 2]: पाजेब।

21:58.523 --> 21:59.723
[सनकी]: हाँ?
[दुकानदार 2]: पाजेब!

21:59.843 --> 22:02.403
[सनकी]: पाजेब, हाँ, हाँ। वो दिखाइए।
[दुकानदार 2]: हाँ। हूँ।

22:12.723 --> 22:14.323
[छुन्नू]: भैया! आ गया, सा**!

22:14.523 --> 22:15.803
[त्रिपुरारी]: चल!

22:16.843 --> 22:18.883
मा**** दामाद बुला लिया।

22:24.083 --> 22:26.043
आराम से, आराम से, आराम से।
आने दे, आने दे।

22:28.443 --> 22:29.673
मा****!
(बंदूक से गोली चलाने की आवाज़)

22:29.683 --> 22:31.763
[छुन्नू]: इसकी माँ का! मा****!

22:32.283 --> 22:33.593
[बिलाल]: मा****!

22:33.603 --> 22:36.163
[गुंडा 1]: यहीं हैं, यहीं हैं ऊपर!
[छुन्नू]: भैया जी, आप निकलिए! आप निकलिए!

22:36.483 --> 22:37.833
[बिलाल]: देखो बचना नहीं चाहिए वो!

22:37.843 --> 22:39.243
[बिलाल]: मा****!
[छुन्नू]: हट!

22:39.363 --> 22:41.713
[त्रिपुरारी]: भाग रे!
बाद में देखेंगे इसको मा**** को!

22:41.723 --> 22:43.923
पंडित सा** हरा*** मा****!

22:44.083 --> 22:45.283
(बंदूक से गोली चलाने की आवाज़)

22:45.723 --> 22:47.803
[त्रिपुरारी]: दायें से भाग,
दायें से भाग, दायें से!

22:50.443 --> 22:53.163
(गुंडों के शोर मचाने की आवाज़)

22:55.043 --> 22:57.523
(बंदूक से गोलियाँ चलाने की आवाज़)

23:01.043 --> 23:02.523
[छुन्नू]: मा****!

23:10.043 --> 23:11.043
(बंदूक से गोली चलाने की आवाज़)

23:24.923 --> 23:26.643
[बिलाल]: मा****!

23:26.963 --> 23:28.523
[त्रिपुरारी]: बहन के ल**!

23:30.963 --> 23:32.643
[बिलाल]: मा****!

23:32.923 --> 23:34.393
कहाँ पर छुप गए, बे?

23:34.403 --> 23:36.403
[त्रिपुरारी]: इसकी माँ चो** सा**!

23:37.043 --> 23:38.123
[त्रिपुरारी]: हट!
[बिलाल]: ए!

23:38.243 --> 23:40.003
[त्रिपुरारी]: पास मत आना! माँ चो** दूँगा!
[गुंडा 2]: अरे, भाई जान, यहाँ है!

23:40.123 --> 23:41.963
[त्रिपुरारी]: हट सा**! तेरी माँ का!
[गुंडा 1]: भाग, सा**!

23:43.483 --> 23:46.163
[त्रिपुरारी]: यहाँ से भी आ गए।
पास मत आना! मार दूँगा सा**!

23:46.403 --> 23:48.883
मार दूँगा! तेरी तो! हट, मा****!

23:56.603 --> 23:57.673
तेरी माँ की!
(बंदूक से गोली चलाने की आवाज़)

23:57.683 --> 23:59.723
[बिलाल]: भाग, बुड्ढे!

24:02.643 --> 24:04.323
[त्रिपुरारी]: हट! ए, हट!

24:06.523 --> 24:08.363
हट पीछे! पीछे हट!

24:09.283 --> 24:10.243
ए!

24:10.643 --> 24:12.403
ए, कु** सा**!

24:13.403 --> 24:14.483
(बंदूक से गोली चलाने की आवाज़)

24:14.643 --> 24:16.683
(त्रिपुरारी के कराहने की आवाज़)

24:17.483 --> 24:19.323
[त्रिपुरारी]: सा**! तेरी माँ की!

24:19.523 --> 24:20.643
(बंदूक से गोली चलाने की आवाज़)

24:24.003 --> 24:25.163
(खाली बंदूक का ट्रिगर दबाने की आवाज़)

24:35.123 --> 24:36.203
(बंदूक से गोली चलाने की आवाज़)

24:38.163 --> 24:40.043
[बिलाल]: भो** के!

24:40.963 --> 24:42.763
मा****!

24:44.363 --> 24:46.803
(छुन्नू के रोने की आवाज़)

24:58.883 --> 25:00.883
(लोगों के शोर मचाने की आवाज़)
(रोमांचकारी पार्श्व संगीत)

25:01.203 --> 25:03.323
[आदमी 9]: मंत्री जी,
मन्नत का धागा तो बाँधते जाइए।

25:03.483 --> 25:04.763
[पुजारी]: हाँ, हाँ, हाँ।

25:08.763 --> 25:10.513
[सनकी]: क्यों रावण को
बार-बार जलाते रहते हो, भई?

25:10.523 --> 25:13.403
एक बार जला के निपटारा करो उसका।
ख़त्म करो!

25:15.883 --> 25:17.363
[बिलाल]: लेके आओ भो** वाले को!

25:21.123 --> 25:22.443
(दरवाज़ा खटखटाने की आवाज़)
