WEBVTT

00:07.603 --> 00:09.523
[सनकी]: ए, सा** मा****!

00:12.163 --> 00:13.763
(बंदूक से गोलियाँ चलाने की आवाज़)

00:16.763 --> 00:18.723
[बेचैन]: विजय! विजय, हट! विजय!

00:18.843 --> 00:20.163
[त्रिपुरारी]: विजय!
[बेचैन]: मा****!

00:23.403 --> 00:24.633
[त्रिपुरारी]: विजय, चल यहाँ से!
[बेचैन]: ब****!

00:24.643 --> 00:26.763
(गुंडों के चीखने-चिल्लाने की आवाज़)

00:27.163 --> 00:28.403
[बेचैन]: चल, विजय!

00:32.323 --> 00:34.923
[त्रिपुरारी]: अरे, चलो! चल, विजय! चल, चल, चल!
[छुन्नू]: हट!

00:35.803 --> 00:38.873
[बिलाल]: मा****!
[बेचैन]: चल, विजय! चल, चल, चल!

00:38.883 --> 00:41.603
[बेचैन]: विजय, चल! विजय चल! चल, चल!
[छुन्नू]: जल्दी करो!

00:44.723 --> 00:48.043
[बिलाल]: मा****! चल, चल, चल!
[बेचैन]: चलो, गाड़ी निकालो!

00:52.123 --> 00:53.683
(बंदूक से गोलियाँ चलाने की आवाज़)
(गुंडे के कराहने और ज़मीन पर गिरने की आवाज़)

01:03.763 --> 01:07.203
[छुन्नू]: चलिए, चलिए, चलिए, भैया!
[विजय]: विजय, चल, निकल! चल, चल!

01:08.163 --> 01:10.723
[सनकी]: भागते कहाँ हो, मा****!

01:17.003 --> 01:18.803
रुक सा**! रुक! विजय!

01:19.563 --> 01:21.443
[बिलाल]: मार, मा****!
[सनकी]: ए!

01:21.563 --> 01:23.043
(सनकी के चीखने की आवाज़)
(बंदूक से गोलियाँ चलाने की आवाज़)

01:23.523 --> 01:25.203
[सनकी]: भाग, मा****!

01:28.283 --> 01:30.553
हट सा**! भाग गया, सा**! हट!

01:30.563 --> 01:33.723
हट सा**! भाग गए, मा****!

01:34.483 --> 01:36.563
(रोमांचकारी पार्श्व संगीत)

01:50.203 --> 01:51.963
(पुलिस कार के साइरन की आवाज़)
(गाड़ियों के चलने की आवाज़)

02:02.443 --> 02:05.443
[पुजारी]: अब वो विजय सिंह
कोयले पर भी अपनी आँख लगा रहा है!

02:05.843 --> 02:07.883
कल को वो रेलवे के ठेके में भी घुस जाएगा!

02:08.083 --> 02:09.643
और... और...

02:10.283 --> 02:13.243
एक दिन मेरी गाँ** में भी घुस जाएगा वो। समझे?

02:14.123 --> 02:16.323
एक बात याद रखना, वसीम!

02:16.643 --> 02:19.113
ये ठेके मैंने तुम्हें इसलिए दिलवाए थे,

02:19.123 --> 02:21.793
क्योंकि जो दहशत आज विजय पैदा कर रहा है,

02:21.803 --> 02:24.243
वो कभी तुम पैदा किया करते थे!
(चिल्लाते हुए)

02:28.083 --> 02:30.723
[वसीम]: पैदा करते थे से क्या मतलब?

02:31.963 --> 02:33.723
जब हिफ़ाज़त मरा,

02:34.163 --> 02:36.083
मैंने आपसे तभी कहा था ना

02:36.803 --> 02:39.243
कि विजय को सबक़ सिखाना बहुत ज़रूरी है?

02:41.003 --> 02:42.923
आपने मना किया।

02:43.563 --> 02:45.403
इरशाद की मौत पर

02:46.203 --> 02:48.483
आपको सिर्फ़ धंधा दिख रहा था।

02:50.883 --> 02:53.243
चिल्लाना मुझे आप पर चाहिए।

02:55.123 --> 02:57.963
ख़ैर, बैठिए।

03:08.043 --> 03:12.043
[पुजारी]: साहेब सिंह के मरने के बाद
विजय आज़ादी से मनमानी कर रहा है।

03:12.723 --> 03:15.403
अब वो पहले से भी
ज़्यादा घातक होता जा रहा है।

03:17.043 --> 03:18.363
वसीम,

03:18.643 --> 03:22.083
मुझे लगता है
विजय का इलाज रणनीति से नहीं,

03:22.523 --> 03:24.483
राजनीति से संभव है।

03:25.563 --> 03:29.763
[वसीम]: तो ठीक है, भाई साहब,
आप राजनीति से उसका इलाज कीजिए

03:31.243 --> 03:35.043
और मैं रणनीति से बीमारी ख़त्म कर देता हूँ।

03:47.043 --> 03:49.563
[कारीगर]: ऐसा ढक्कन? दो हज़ार?

03:50.243 --> 03:52.363
तीन दिन जाएगा,
लेकिन बन जाएगा।

03:52.723 --> 03:54.803
हाँ, पैसा पहले चाहिए।

03:55.403 --> 03:58.403
ढक्कन बनाने के बाद
हमारे किसी काम का नहीं होगा ना?

03:58.963 --> 04:02.283
[बेचैन]: हाँ, तो फिर लो पैसा।
ये लो, रखो।

04:03.323 --> 04:05.273
[बेचैन]: और सुनो, वो जो ढक्कन है ना, उसको...
[कारीगर]: हाँ, हाँ।

04:05.283 --> 04:07.433
[बेचैन]: ज़रा एक सूत बड़ा बनाना।
ठीक है?

04:07.443 --> 04:09.363
[कारीगर]: ठीक है, पक्का बन जाएगा। हाँ।
[बेचैन]: ये ना कहना कि बना नहीं है, हाँ?

04:09.483 --> 04:11.123
[कारीगर]: मिल जाएगा। देखो, भैया।
[बेचैन]: हाँ, ठीक है।

04:11.363 --> 04:14.603
[कारीगर]: वो ढक्कन के लिए ना,
पतरा का इंतज़ाम कर लो, समझे?

04:15.283 --> 04:17.563
[भैया]: ख़ाली, भरी, दोनों बोतलें चाहिए आपको?
[छुन्नू]: हाँ, दोनों।

04:17.883 --> 04:19.673
[भैया]: ठीक है, हो जाएगा।
[छुन्नू]: ये पकड़ो।

04:19.683 --> 04:21.683
[छुन्नू]: फ़टाफ़ट होना चाहिए काम सारा।
समझ गए?

04:23.603 --> 04:25.443
(स्कूटर के चलने की आवाज़)

04:25.683 --> 04:27.803
[आदमी 1]: सब लोग लाइन में लगो, अच्छे से!

04:35.563 --> 04:36.963
[आदमी 2]: आराम से।

04:38.803 --> 04:40.723
उठाओ, उठाओ।
उठाओ ऊपर।

04:43.323 --> 04:44.923
चलो, दूसरा लो। दूसरा लो।

04:46.923 --> 04:49.923
[आदमी 2]: अरे, आप कौन?
[विजय]: विजय सिंह के आदमी हैं।

04:50.323 --> 04:52.203
[विजय]: माल चेक करने भेजा है।
माल दिखाओ।

04:52.483 --> 04:53.763
[आदमी 2]: ए, पाइप ले।

04:54.283 --> 04:56.403
[विजय]: गिलास मंगाओ।
[आदमी 2]: गिलास दो।

04:57.363 --> 04:58.923
[विजय]: दिखाओ, दिखाओ।

05:00.443 --> 05:01.763
खोलिए इसको।

05:25.243 --> 05:27.163
ठीक है।
सारा माल लोड करो।

05:27.843 --> 05:30.323
[आदमी 2]: जी, साहब।
[विजय]: पहुँच जाना चाहिए टाइम पे।

05:31.003 --> 05:33.003
[विजय]: चलिए।
[आदमी 2]: जल्दी, जल्दी। जल्दी, जल्दी, चलो।

05:40.723 --> 05:44.083
[गुंडा 1]: भाई, शराब के नौ ट्रक अभी तक
आए नहीं, और ये कई हफ़्तों से चल रहा है।

05:45.683 --> 05:47.483
[वसीम]: ए, बिलाल!
[बिलाल]: जी, भाई?

05:48.203 --> 05:50.683
[वसीम]: वो अंग्रेज़ी शराब के
सिर्फ़ तीन ट्रक क्यों पहुँचे?

05:51.363 --> 05:52.803
बाक़ी का माल कहाँ है?

05:52.963 --> 05:55.643
[बिलाल]: वो... वो भाई, अभी बारह ट्रक कोयला
और आने वाला है।

05:55.803 --> 05:57.483
[बिलाल]: तो...
[वसीम]: ए, भो** के!

05:58.723 --> 06:00.683
[वसीम]: क्या पूछ रहा हूँ
और क्या बोल रहा है?

06:01.243 --> 06:04.323
[बिलाल]: भाई, वो इस बार पीला पानी
थोड़ा कम आया था, तो माल कम बना।

06:04.723 --> 06:06.083
लेकिन और मंगवाया है, भाई।

06:06.323 --> 06:07.883
जल्दी सब बन जाएगा।

06:08.803 --> 06:10.843
[वसीम]: कुछ दिनों तक
अपनी सूरत मत दिखाना।

06:11.763 --> 06:14.083
चू**! भेज उसे!

06:19.723 --> 06:21.883
[बिलाल]: ए, भाई बुला रहे हैं तुझे।

06:24.403 --> 06:26.763
[सनकी]: तमीज़ में बात किया करो।

06:30.563 --> 06:32.083
नमस्कार, भाई जान।

06:35.283 --> 06:37.243
[वसीम]: मैं जीवन में चुनौतियों से नहीं,

06:38.123 --> 06:39.723
चू** से परेशान हूँ।

06:41.523 --> 06:45.763
मेरा बस चले ना, तो उस भो** वाले विजय के
सौ टुकड़े ख़ुद ही कर दूँ।

06:47.403 --> 06:48.843
लेकिन, भाई साहब...

06:51.883 --> 06:53.483
तू विजय को मारेगा मेरे लिए?

06:54.963 --> 06:56.963
[सनकी]: हाँ। कर देंगे।

06:58.003 --> 07:00.523
लेकिन आज से हम आपके ख़ास आदमी हो गए।

07:01.763 --> 07:03.043
[वसीम]: सबसे ख़ास!

07:09.603 --> 07:11.883
[बेचैन]: सुनो, काम करो।
हाथ मत सेंको।

07:12.043 --> 07:13.403
[विजय]: चाचा।
[बेचैन]: हाँ?

07:13.803 --> 07:15.523
[विजय]: आप घर जाइए।

07:16.123 --> 07:19.043
[बेचैन]: मैं... [विजय]: चाचा,
आप थक गए होंगे। और क्योंकि सुबह...

07:19.203 --> 07:21.403
[विजय]: कल कोयला मंडी भी तो
जाना है आपको।

07:21.763 --> 07:25.523
[विजय]: अरे, कल ट्रक से कोयला उतरवा के
भट्टी के लिए तैयार कराना है।

07:26.683 --> 07:29.123
है ना?
और ध्यान से जाइएगा।

07:29.723 --> 07:33.283
वसीम ख़ान के कुत्ते
सब सा** यहाँ-वहाँ टहल रहे होंगे।

07:33.403 --> 07:35.323
मा**** हैं सब।

07:35.923 --> 07:37.043
[बेचैन]: पर...

07:37.523 --> 07:40.963
बेटा,
यहाँ तेरा अकेले रहना ठीक नहीं है।

07:42.123 --> 07:44.243
यहाँ कभी भी,
कुछ भी हो सकता है।

07:44.483 --> 07:47.233
मौत तेरे सर पे मंडराती रहती है, बेटा।
मैं...

07:47.243 --> 07:50.003
[विजय]: अरे, चाचा,
हमको यहाँ जानता कौन है?

07:50.203 --> 07:51.923
कोई तो नहीं पहचानता है।

07:52.123 --> 07:53.593
हम यहाँ देख लेंगे।

07:53.603 --> 07:55.563
आप ध्यान से जाइए और...

07:55.843 --> 07:58.163
कल कोयला मंडी जाना है।
थोड़ा आराम कीजिएगा।

07:58.363 --> 08:00.123
[बेचैन]: नहीं, बेटा, मैं...

08:00.323 --> 08:02.403
[विजय]: चाचा, अरे...

08:03.443 --> 08:05.273
[विजय]: देखे लेंगे हम। आप जाइए।
[बेचैन]: ठीक है।

08:05.283 --> 08:07.753
[विजय]: हाँ?
[बेचैन]: ठीक... ठीक है। ये काम सब तुम...

08:07.763 --> 08:09.963
[विजय]: हाँ, हम देख लेंगे, चाचा।
आप जाइए।

08:12.323 --> 08:14.403
(गाड़ी के स्टार्ट होने और चलने की आवाज़)

08:15.203 --> 08:17.803
[भैया]: राजू, हम सोच रहे हैं कि
अब राजनीति में क़दम रखा जाए।

08:18.123 --> 08:21.163
[भैया]: ये कलेक्टर बनने में कुछ नहीं रखा है।
[राजू]: चुप! राजनीति! राजनीति!

08:21.403 --> 08:25.723
[राजू]: तुमको पता है, विजय ने वसीम के
कोयले के ठेके पे तांडव मचा दिया है।

08:26.163 --> 08:27.443
[भैया]: अच्छा?
[राजू]: हाँ।

08:27.643 --> 08:30.993
[भैया]: हाँ, तो अरे, भाई,
वसीम का वर्चस्व अब ख़त्म।

08:31.003 --> 08:33.553
विजय जो है ना,
वसीम को बर्बाद कर देगा।

08:33.563 --> 08:35.723
सा** गाँ** फाड़ के तो रखा ही हुआ है।
हैं?

08:36.883 --> 08:38.883
[राजू]: हाँ, और बताओ।
[सनकी]: एक बात बताओ, भैया।

08:39.443 --> 08:40.923
[सनकी]: ये विजय दिखता कैसा है?

08:41.043 --> 08:43.033
[राजू]: हम बताते हैं, भैया।
[भैया]: अबे, चुप रहो, बे!

08:43.043 --> 08:45.083
[भैया]: 'हम बताते हैं।'
दिन भर तो हमारे साथ ही रहते हो।

08:45.203 --> 08:48.683
भैया, हम बताते हैं।
विजय सिंह जो है ज़्यादा लंबा-चौड़ा है नहीं।

08:48.843 --> 08:51.523
मतलब, आँखें हैं छोटी-छोटी।

08:51.923 --> 08:53.443
और मूँछ है ख़ूब घनी।

08:53.563 --> 08:55.043
[राजू]: अबे!
[भैया]: बाल भी बहुत बड़े-बड़े हैं।

08:55.243 --> 08:56.643
[राजू]: कहीं तुम भालू से मिल लिए थे क्या?

08:56.763 --> 08:58.963
[भैया]: अबे, नहीं बे! तुम चुप रहोगे?
हमें बोलने तो दो।

08:59.323 --> 09:01.563
हाँ, पर एक बात है, भैया।
है बहुत फुर्तीला।

09:01.723 --> 09:04.073
अरे, एक बार तो हमने साथ में
बैठ के खाना भी खाया है।

09:04.083 --> 09:08.043
हम वही सोचे कि मतलब पलक झपकते ही
एक इंसान नज़र के सामने से ओझल!

09:08.563 --> 09:12.563
[राजू]: पर भैया, लोग तो कहते हैं कि
विजय सिंह के आदमी भी उसको नहीं जानते।

09:12.883 --> 09:14.843
भैया, है अत्यंत हरा** चीज़।

09:15.563 --> 09:17.163
[सनकी]: एक बात बताओ।
[भैया]: हाँ?

09:18.283 --> 09:21.033
[सनकी]: हमसे ज़्यादा हरामी है क्या
वो भो** का? हाँ?

09:21.043 --> 09:23.873
[भैया]: अरे, नहीं, भैया।
मतलब, ये तो ऐसे ही कह रहा था।

09:23.883 --> 09:25.523
आप तो बुरा मान गए।

09:26.763 --> 09:29.283
[भैया]: चाय लेंगे?
[राजू]: बि... बिस्किट?

09:31.083 --> 09:33.523
(सनकी के हँसने की आवाज़)

09:35.683 --> 09:36.793
[आदमी 3]: चक्कर आता है...
(सनकी के हँसने की आवाज़)

09:36.803 --> 09:38.283
[राजू]: बीड़ी?

09:38.883 --> 09:40.553
[सनकी]: गाँ** में दें क्या तुम्हारी?

09:40.563 --> 09:42.083
बीड़ी ब****!

09:42.203 --> 09:44.723
[भैया]: ये आदमी कौन था, बे?
कहीं यही तो विजय सिंह नहीं है?

09:45.203 --> 09:46.843
[राजू]: भो** के!

09:47.003 --> 09:49.843
अभी तो बोल रहे थे
विजय सिंह के साथ बैठ के खाना खाए हो?

09:50.123 --> 09:53.963
[भैया]: हाँ, मतलब, खाते-खाते रह गए। हम बोले
नहीं कि वो नज़र के सामने से ओझल हो गया।

09:54.803 --> 09:57.643
[विजय]: उधर से फूंकिए तो ज़रा।
आग लगाइए ज़रा ठीक से।

09:58.123 --> 09:59.283
[आदमी 4]: भैया जी।
[विजय]: हाँ?

09:59.403 --> 10:00.523
[आदमी 4]: तनिक घर जाना है।

10:00.643 --> 10:02.643
वो क्या है कि घर वाली ज़रा पेट से है।

10:02.923 --> 10:05.523
[विजय]: हाँ, हाँ। जाओ, जाओ।
[आदमी 4]: धन्यवाद, भैया।

10:06.563 --> 10:08.203
(आग की लपटों की आवाज़

10:10.883 --> 10:13.083
[आदमी 5]: अरे, लगाओ।
ठीक से आग लगाओ।

10:17.203 --> 10:18.563
[आदमी 4]: भैया जी, प्रणाम।

10:24.683 --> 10:26.083
भैया जी, वहाँ कोई नहीं है।

10:27.763 --> 10:29.443
मतलब, विजय सिंह है।

10:31.563 --> 10:34.323
लेकिन वही विजय सिंह है,
ये पक्का नहीं है।

10:35.243 --> 10:37.763
है, वही... वही है। आ...

10:43.443 --> 10:44.923
वही है, भैया जी। वही है।

10:50.523 --> 10:52.483
(चाकू घोंपने की आवाज़)
(आदमी के कराहने की आवाज़)

10:57.563 --> 10:59.843
[सनकी]: अबे, जाओ ना, भो** के!
अब क्या दाह-संस्कार करोगे इसका?

10:59.963 --> 11:01.363
[गुंडा 2]: ए, चल रे। चलो।
[सनकी]: चू** कहीं के।

11:02.763 --> 11:06.563
[सनकी]: भाग, भो** के! यहाँ क्या पहेलियाँ
बुझाने के लिए आए हैं क्या हम? हाँ?

11:07.323 --> 11:10.083
मा****! चू**! अब कोई भी नहीं बचा, समझे?

11:12.723 --> 11:15.363
क्या बे, ब****!
बारात में चल दिए क्या?

11:17.123 --> 11:20.083
अबे, शादी हमारी है, दूल्हे हम हैं।

11:22.963 --> 11:24.203
ए, रुको!

11:39.043 --> 11:40.883
तुम्हें पता चल रहा है विजय कौन है?

11:42.443 --> 11:44.723
तो गाँ** के अंदर बंदूक क्यों टिका रहे हो?

11:45.883 --> 11:47.083
ला, बे!

11:51.003 --> 11:52.323
अब देखो,

11:52.603 --> 11:55.683
कैसे निकालते हैं उस मा**** को बिल से बाहर।

11:56.803 --> 11:58.123
(सनकी के चीखने की आवाज़)

11:58.443 --> 12:00.923
(बम धमाके की आवाज़)
[आदमी 6]: ए, चलो! भागो रे!

12:01.363 --> 12:02.683
[विजय]: ए!
(चिल्लाते हुए)

12:03.043 --> 12:04.363
(बंदूक से गोलियाँ चलाने की आवाज़)

12:04.643 --> 12:06.723
[सनकी]: भाग! भाग, सा**!
(चिल्लाते हुए)

12:07.323 --> 12:10.033
कहाँ छुपा है वो विजय!
बाहर निकल! (चिल्लाते हुए)

12:10.043 --> 12:12.523
ए भागता कहाँ है, सा**! विजय!
(चिल्लाते हुए)

12:12.723 --> 12:14.603
रुक, सा**! रुक!
(चिल्लाते हुए)

12:14.923 --> 12:17.723
अबे, तुम्हारी माँ चो** देंगे!
भागता कहाँ है, सा**! (चिल्लाते हुए)

12:18.483 --> 12:22.083
आज देखना! मार देंगे!
बता रहे हैं तुम्हें, विजय! (चिल्लाते हुए)

12:22.643 --> 12:24.283
छोड़ेंगे नहीं!
(चिल्लाते हुए)

12:25.163 --> 12:26.923
रुक, सा**!
(चिल्लाते हुए)

12:27.563 --> 12:31.563
आज तुम्हारा ऐसा गाँ** तोड़ेंगे ना कि
ऊपर वाले ने विभाजन का लकीर कहाँ दिया है

12:31.683 --> 12:33.843
[सनकी]: ढूँढ नहीं पाएगा, मा****!
[विजय]: ए! (चिल्लाते हुए)

12:34.563 --> 12:36.643
(सनकी के चीखने की आवाज़)
(विजय के कराहने की आवाज़)

13:12.563 --> 13:14.163
(सनकी के कराहने की आवाज़)

13:16.763 --> 13:19.243
(गुंडों के चिल्लाने की आवाज़)

13:22.283 --> 13:25.513
[गुंडा 3]: ए, देखो उधर!
[सनकी]: वही विजय सिंह था! पकड़ो भो**** को!

13:25.523 --> 13:27.603
[सनकी]: पकड़ो मा**** को!
(कराहते हुए)

13:31.963 --> 13:34.603
[विजय]: रुकिए! रुकिए!
(हाँफते हुए) (गाड़ी के रुकने की आवाज़)

13:37.203 --> 13:38.523
कुछ लोग मेरे पीछे पड़े हैं।
(हाँफते हुए)

13:38.803 --> 13:40.563
मुझे आगे तक छोड़ सकते हैं?
(हाँफते हुए)

13:41.763 --> 13:42.593
[कट्टा]: क्या करना है?
[सीमा]: बिठा लेते हैं।

13:42.603 --> 13:44.803
[विजय]: जल्दी!
[सीमा]: हाँ, बैठ जाइए। बैठ जाइए।

13:46.963 --> 13:48.163
[सीमा]: चलते हैं।

14:07.083 --> 14:09.723
[वसीम]: सा** विजय मा****!

14:10.043 --> 14:11.883
फिर हाथ से बचकर निकल गया।

14:16.643 --> 14:19.003
अबे, जब वो सामने था,
तो मार क्यों नहीं दिए?

14:19.723 --> 14:21.563
अपनी गाँ** बचाकर यहाँ आ गए!

14:23.163 --> 14:25.713
[सनकी]: वो हम पे भारी पड़ रहा था,
तो अपनी जान नहीं बचाएँगे क्या?

14:25.723 --> 14:26.833
और कोशिश तो किए!

14:26.843 --> 14:29.243
[वसीम]: अबे, उसे कोशिश नहीं,
हगना कहते हैं।

14:33.083 --> 14:35.203
[वसीम]: शक्ल देखी उसकी?
[सनकी]: हाँ।

14:35.403 --> 14:37.363
[वसीम]: पहचान सकोगे?
[सनकी]: नहीं।

14:38.923 --> 14:41.523
[सनकी]: अरे, कैसे पहचानेंगे?
कपड़े से ढका हुआ था उसका चेहरा।

14:41.723 --> 14:42.833
ऊपर से इतना अंधेरा था।

14:42.843 --> 14:45.403
तो, हमें ऐसा लगा
सामने से बिलकुल जैसे अंधेरा चला आ रहा है।

14:45.723 --> 14:48.323
उसे दबोचने की कोशिश किए,
तो हमारा पैर फ़िसल गया।

14:48.563 --> 14:50.883
अब ऊपर से पता नहीं,
कहाँ-कहाँ से तो हम पर हमला कर रहा था।

14:51.003 --> 14:53.083
लेकिन बता रहे हैं, साहब,
वो विजय ही है भो** का!

14:53.723 --> 14:56.683
[वसीम]: कथा मत सुनाओ।
पहचान सकोगे या नहीं?

14:57.523 --> 14:59.233
अरे, हमने सूँघ लिया था,
हम पहचान लेंगे।

14:59.243 --> 15:01.363
वो विजय ही था भो** का,
बता रहे हैं हम आपको।

15:01.843 --> 15:04.683
[सनकी]: वो था वही। हम सूंघ लिए हैं उसको।
देखो... [बिलाल]: अरे, जाओ बे!

15:05.003 --> 15:08.843
[बिलाल]: तुम ये हाथ हिलाना
बंद करो, भो** के! हट! मा****!

15:09.563 --> 15:13.163
[बिलाल]: भाई जान, इस सा** चू** को विज सिंह के
पीछे लगाके ग़लती तो नहीं कर दी हमने?

15:13.643 --> 15:15.473
वो कोयला मंडी का काम भी
ख़राब हो रहा है।

15:15.483 --> 15:17.683
और विजय भी इसके बस का लगता नहीं मुझे।

15:18.363 --> 15:20.913
[वसीम]: विजय सिंह के
गिरेबान पर हाथ डाला है उसने।

15:20.923 --> 15:23.043
गाँ** में दम चाहिए उसके लिए।

15:23.843 --> 15:26.803
थोड़ा चू** ज़रूर है,
लेकिन बहादुर है।

15:28.043 --> 15:29.763
उसके बारे में मत सोच।

15:31.603 --> 15:33.563
ये कारतूस तो पंडित बनाता है।

15:34.803 --> 15:37.643
फ़ोन लगा।
पंडित को फ़ोन लगा।

15:40.963 --> 15:42.723
[बिलाल]: लाओ, भाई। फ़ोन लाओ।

15:53.123 --> 15:56.003
[कट्टा]: जान बचा के ग़लती तो नहीं कर दी?

15:59.003 --> 16:01.123
[सीमा]: वो घूर क्यों रहे हैं हमें?
[कट्टा]: क्या?

16:01.363 --> 16:04.003
[सीमा]: घूर क्यों रहे हैं हमें?
[कट्टा]: हूँ।

16:07.043 --> 16:09.323
[छुन्नू]: आप दोनों को अंदर बुलाया है। आइए।

16:09.963 --> 16:11.723
[कट्टा]: क्या हुआ?
[सीमा]: अंदर बुलाया है। चलो।

16:13.643 --> 16:14.923
[कट्टा]: जय महाकाल की!

16:21.363 --> 16:23.603
[सीमा]: नमस्ते।
[कट्टा]: जय महाकाल की।

16:38.723 --> 16:41.083
[विजय]: वैसे, जान बचाने की
कोई क़ीमत तो नहीं होती है,

16:42.283 --> 16:43.683
फिर भी रख लीजिए।

16:44.963 --> 16:46.163
धन्यवाद।

16:52.243 --> 16:53.643
[सीमा]: ये...

16:55.043 --> 16:57.643
लेकिन आप हैं कौन?

17:01.363 --> 17:02.803
[विजय]: विजय सिंह।

17:03.563 --> 17:08.443
[सीमा]: विजय सिंह?
वो... पूर्वांचल वाले विजय सिंह?

17:11.243 --> 17:14.883
हमने सुना है कि
आपने कभी किसी निर्दोष पे हाथ नहीं उठाया।

17:15.163 --> 17:16.723
अलग हैं आप।

17:17.123 --> 17:20.963
[कट्टा]: भैया, बहुत सुने हैं आपके बारे में।
हीरो हैं आप हमारे।

17:28.763 --> 17:31.643
[सीमा]: कल रात हमने आपके लिए
जो कुछ भी किया है,

17:32.883 --> 17:35.763
उसके लिए हमें ये रूपया नहीं चाहिए।

17:37.363 --> 17:41.363
आप बस...
आप बस हमें अपने साथ रख लीजिए।

17:43.083 --> 17:46.923
ये... ये कट्टा है।
कट्टा बहुत अच्छा चलाता है।

17:47.443 --> 17:50.003
सुनता कम है,
पर होंठ पढ़ लेता है एकदम।

17:50.243 --> 17:53.403
[कट्टा]: भैया, ये सीमा है।
नाचती बहुत अच्छा है।

17:53.603 --> 17:56.403
गन-वन, कट्टा-वट्टा सब एक नंबर चलाती है।

17:57.283 --> 17:59.483
हम ही सिखाए हैं।
वो क्या है ना,

18:00.923 --> 18:03.683
बहुत ज़बर प्रेम करते हैं एक-दूसरे से।

18:06.763 --> 18:10.203
[सीमा]: वैसे, अकेले हैं हम।
कोई है नहीं हमारा।

18:10.923 --> 18:12.523
बंजारे ही समझ सकते हैं।

18:12.803 --> 18:14.443
[त्रिपुरारी]: आइटम बम और कट्टा?

18:15.803 --> 18:17.843
[सीमा]: जी! हाँ।
[कट्टा]: हाँ।

18:19.723 --> 18:22.683
[कट्टा]: हम ही हैं।
[सीमा]: बस, आपके साथ काम करना है।

18:23.203 --> 18:26.883
[सीमा]: और पूरा साथ देंगे।
हम आपका आख़िरी तक साथ देंगे।

18:27.563 --> 18:29.043
[विजय]: भोजन किया है आप लोगों ने?

18:31.523 --> 18:33.923
[सीमा]: हाँ... नहीं, मतलब, ठीक है।

18:34.203 --> 18:35.443
[विजय]: थोड़ा खा लेंगे?

18:35.963 --> 18:37.483
[कट्टा]: हाँ।
[विजय]: वहाँ भोजन लगा हुआ है।

18:37.963 --> 18:40.003
[विजय]: छुन्नू।
[छुन्नू]: आइए।

18:50.803 --> 18:52.403
[त्रिपुरारी]: बोलते बहुत हैं।

18:52.763 --> 18:54.643
(विजय के हँसने की आवाज़)

20:13.883 --> 20:15.843
'वाराणसी - 1983'

20:35.003 --> 20:40.963
♪इश्क़ा, इश्क़ा, इश्क़ा।♪

20:41.203 --> 20:45.563
♪हो गया हूँ मैं।♪

20:47.243 --> 20:53.203
♪इश्क़ा, इश्क़ा, इश्क़ा।
इश्क़ा, इश्क़ा, इश्क़ा।♪

20:53.443 --> 20:58.043
♪हो गया हूँ मैं।♪

20:59.443 --> 21:02.283
♪दिल की कैसी है मजबूरी?♪

21:02.563 --> 21:05.523
♪सह ना पाए तुझसे दूरी।♪

21:05.643 --> 21:11.163
♪मेरे यारा! मेरे यारा!♪

21:11.803 --> 21:14.723
♪मेरी चाहत है अधूरी।♪

21:14.923 --> 21:17.803
♪होगी मिल के तुझ से पूरी।♪

21:18.003 --> 21:23.563
♪मेरे यारा! मेरे यारा!♪

21:24.523 --> 21:27.683
♪बेचैनियों को तेरे बिना तो,♪

21:27.803 --> 21:33.123
♪बेताबियों को तेरे सिवा तो आए क़रार ना।♪

21:33.763 --> 21:36.883
♪मेहरबान, मेहरबान,♪

21:37.043 --> 21:39.923
♪मेहरबान, मेहरबान।♪

21:40.043 --> 21:45.483
♪आ लिखें दो दिलों की दास्ताँ।♪

21:46.083 --> 21:48.963
♪मेहरबान, मेहरबान,♪

21:49.203 --> 21:52.123
♪मेहरबान, मेहरबान।♪

21:52.323 --> 21:57.763
♪आ लिखें दो दिलों की दास्ताँ।♪

21:57.883 --> 21:59.763
'वर्तमान समय वाराणसी - 1987'

22:06.803 --> 22:09.723
(मोटरसाइकिल चलाने की आवाज़)

22:14.803 --> 22:17.803
[विजय]: जितने भी लोग मरे हैं,
उनके परिवार वालों को बराबर का पैसा भिजवाओ।

22:18.083 --> 22:20.603
[आदमी 7]: जी, भैया जी, बिलकुल।
[विजय]: ध्यान रखो उनका। जाओ।

22:30.363 --> 22:31.643
[त्रिपुरारी]: सनकी नाम है,

22:33.203 --> 22:34.883
जिसने तुम्हारे ऊपर वार किया।

22:36.163 --> 22:38.723
कोयला मंडी में दलाली का काम करता था।

22:40.323 --> 22:42.003
अब वसीम का ख़ास आदमी है।

22:44.643 --> 22:45.803
[विजय]: सनकी।

22:46.723 --> 22:48.763
[त्रिपुरारी]: दिमाग़ से थोड़ा हिला हुआ है।

22:49.083 --> 22:52.083
(उत्तेजक पार्श्व संगीत)

22:57.563 --> 23:00.043
[विजय]: सामान सीधे दुकान पे पहुँचना चाहिए।

23:01.683 --> 23:04.283
(शराबी के कराहने की आवाज़)

23:05.003 --> 23:08.473
[पुजारी]: 150 से ज़्यादा लोगों की
जानें जा चुकी हैं ज़हरीली शराब पीने से।

23:08.483 --> 23:10.553
अपने चाचा के नाम पर सरकारी ठेके लेकर

23:10.563 --> 23:13.753
वो सरकार और जनता,
दोनों को बेवकूफ़ बना रहा है।

23:13.763 --> 23:17.523
(सनसनीखेज़ पार्श्व संगीत)
