WEBVTT

00:05.083 --> 00:06.458
इस फ़िल्म के सभी पात्र, घटनाएँ और स्थान काल्पनिक हैं।

00:06.541 --> 00:08.000
किसी भी जीवित या मृत व्यक्ति
या घटना से कोई भी समानता संयोगमात्र है।

00:08.083 --> 00:09.541
इस फ़िल्म का उद्देश्य किसी भी
व्यक्ति या समुदाय का अपमान करना नहीं है।

00:09.625 --> 00:11.083
यह फ़िल्म एक काल्पनिक रचना है।

00:11.166 --> 00:15.125
धूम्रपान और किसी भी प्रकार
का नशा सेहत के लिए हानिकारक है।

00:15.208 --> 00:17.000
इस फ़िल्म निर्माण के समय
किसी भी प्राणी को क्षति नहीं पहुँचाई गई है।

00:17.083 --> 00:19.000
बैल वाले सीन के लिए
कंप्यूटर ग्राफ़िक्स का इस्तेमाल किया गया है।

01:46.041 --> 01:47.166
हुस्नाबाद

01:54.375 --> 01:55.250
देव!

01:56.541 --> 01:57.958
ज़फ़र!

02:08.458 --> 02:09.875
जानती हूँ मैं मरने वाली हूँ।

02:12.083 --> 02:13.500
कितना वक़्त है मेरे पास?

02:16.583 --> 02:18.166
इतना वक़्त है सत्या

02:19.500 --> 02:21.375
कि आपको उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए।

02:25.916 --> 02:27.500
उम्मीद सिर्फ़ इंतज़ार करवाती है,

02:29.583 --> 02:30.833
सच्चाई नहीं बदलती।

02:35.250 --> 02:36.750
कितना वक़्त है मेरे पास?

02:38.916 --> 02:39.791
एक साल।

02:41.166 --> 02:42.541
दो, शायद।

02:51.541 --> 02:52.541
बेटा,

02:53.375 --> 02:56.875
इस हाल में तुम्हारे लिए
सफर करना मुनासिब नहीं है।

02:56.958 --> 02:58.708
घर बैठी रहूँगी तो ठीक हो जाऊँगी?

02:59.333 --> 03:02.916
बेटा, कुछ बातें इंसान के हाथ में नहीं होती हैं।

03:06.083 --> 03:08.416
मरते हुए को अपने कर्म ठीक करने चाहिए,

03:09.750 --> 03:10.708
तबियत नहीं।

03:12.375 --> 03:13.583
जो वो मेरे हाथ में है।

03:15.500 --> 03:19.250
अगर ये काम अपनी हयात में ना
कर पाई, तो मरने के बाद भी पछताऊँगी।

03:23.750 --> 03:25.625
मुझे ये अपने पति के लिए करना होगा।

03:29.166 --> 03:30.041
सत्या!

03:40.250 --> 03:41.625
♪ लटक मटक चली ♪

03:42.333 --> 03:43.666
♪ दिल को पटक चली ♪

03:44.375 --> 03:45.583
♪ पकड़े कलाई कोई ♪

03:46.416 --> 03:47.833
♪ बांह को झटक चली ♪

03:48.666 --> 03:49.625
♪ ज़रा इधर चली ♪

03:49.708 --> 03:50.583
♪ ज़रा उधर चली ♪

03:50.666 --> 03:52.625
♪ गदर मचाया तूने जहाँ जिधर चली ♪

03:52.708 --> 03:54.708
♪ छोड़ छाड़ नैहर की गलियाँ ♪

03:54.791 --> 03:56.500
♪ कौन है वो जिस पिया के घर चली ♪

03:56.625 --> 04:00.083
♪ मन तरसे रे ♪

04:00.708 --> 04:04.125
♪ रंग बरसे रे ♪

04:04.916 --> 04:08.625
♪ मन तरसे रे, तरसे रे, तरसे रे ♪

04:09.000 --> 04:13.333
♪ रंग बरसे रे, बरसे रे, बरसे रे ♪

04:13.541 --> 04:15.750
♪ चैन की लुटेरी हूँ मैं ♪

04:15.833 --> 04:19.041
♪ निंदियाँ की चोरनी ♪

04:19.583 --> 04:20.833
♪ लाई दे ♪

04:21.583 --> 04:23.416
♪ लाई दे, लाई लाई दे ♪

04:23.500 --> 04:25.583
♪ मोहे रजवाड़ी ओढ़नी ♪

04:25.750 --> 04:27.541
♪ लाई दे, लाई लाई दे, मोहे ♪

04:27.625 --> 04:29.625
♪ रजवाड़ी ओढ़नी ♪

04:29.708 --> 04:31.541
♪ लाई लाई दे, लाई लाई दे, मोहे ♪

04:31.625 --> 04:34.041
♪ रजवाड़ी ओढ़नी ♪

04:34.166 --> 04:35.791
♪ लाई दे, लाई लाई दे ♪

04:35.875 --> 04:38.291
♪ मोहे रजवाड़ी ओढ़नी ♪

04:43.375 --> 04:44.416
♪ हो ♪

04:44.583 --> 04:46.916
♪ बाँध के पायलिया पांव में ♪

04:47.000 --> 04:48.541
♪ पांव में ♪

04:48.708 --> 04:52.208
♪ छन, छनाती जब मैं जाऊँ रे ♪

04:52.958 --> 04:56.791
♪ तो हवा का झोंका बोले रे, बोले रे ♪

04:57.041 --> 05:00.375
♪ आ सवारी मैं करवाऊँ रे ♪

05:00.791 --> 05:04.291
♪ जब नाचू रे ♪

05:04.833 --> 05:07.500
♪ जग सोचे रे ♪

05:08.958 --> 05:12.708
♪ जब नाचू रे, नाचू रे, नाचू रे ♪

05:13.166 --> 05:17.208
♪ जग सोचे रे, सोचे रे, सोचे रे ♪

05:17.833 --> 05:19.833
♪ आ गई शहर में कैसे ♪

05:19.916 --> 05:23.083
♪ जंगलों की मोरनी? ♪

05:27.916 --> 05:29.583
♪ लाई दे लाई लाई दे मोहे ♪

05:29.666 --> 05:31.916
♪ रजवाड़ी ओढ़नी ♪

05:32.041 --> 05:36.125
♪ लाई दे, लाई लाई दे, मोहे रजवाड़ी ओढ़नी ♪

05:36.208 --> 05:40.041
♪ लाई दे, लाई लाई दे, मोहे रजवाड़ी ओढ़नी ♪

05:40.125 --> 05:45.041
♪ लाई दे, लाई दे लाई दे, मोहे रजवाड़ी ओढ़नी ♪

05:45.416 --> 05:47.166
अपनी पतंग पकड़ लो, रूप दीदी।

05:47.291 --> 05:48.291
जिता दो हमें!

05:51.416 --> 05:58.333
♪ [राजस्थानी में] लाल रंग की चुनर ♪

06:00.041 --> 06:04.291
♪ [राजस्थानी में] थाम लो ♪

06:04.375 --> 06:09.958
♪ [राजस्थानी में] कहीं उड़ ना जाए ♪

06:12.125 --> 06:13.916
वो पतंग हाथ में आ ही नहीं रही थी।

06:19.083 --> 06:20.125
तुम अंदर जाओ।

06:24.916 --> 06:25.791
आप फिर आ गईं!

06:26.083 --> 06:26.958
रूप!

06:27.083 --> 06:28.625
आप से तो होगा नहीं, पिता जी।

06:30.583 --> 06:32.083
मेहरबानी करके जाइए, यहाँ से।

06:33.875 --> 06:36.291
मेहरबानी करके एक बार
और मेरी विनती सुन लो, रूप।

06:36.583 --> 06:37.708
देखिए सत्या जी…

06:39.333 --> 06:41.708
जब आपके पिता ने हम पर वो सारे एहसान किए थे…

06:42.541 --> 06:45.166
हमें पता नहीं था कि एक दिन
उनकी बेटी, उनके एहसानों को

06:45.250 --> 06:47.333
ब्याज समेत वापस लेने आ पहुँचेगी।

06:49.458 --> 06:51.083
मैं ब्याज लेने नहीं आई हूँ, रूप…

06:51.708 --> 06:53.625
बल्कि आप से एक एहसान माँगने आई हूँ।

06:53.875 --> 06:54.916
माफ़ी चाहती हूँ।

06:55.541 --> 06:57.041
मैं आप पे ये एहसान नहीं कर सकती।

06:58.291 --> 06:59.750
मेरी आज़ादी बिकाऊ नहीं है।

07:00.208 --> 07:01.833
आप गलत समझ रही हैं, रूप।

07:04.583 --> 07:06.000
या शायद मैं ही सही समझ रही हूँ।

07:08.166 --> 07:10.916
मैं आपकी ज़िंदगी से बस एक साल माँग रही हूँ, रूप…

07:13.041 --> 07:15.291
क्योंकि मेरी ज़िंदगी में सिर्फ़ एक साल बचा है।

07:26.750 --> 07:28.833
एक बार ठंडे दिमाग से सोच लो, बेटा।

07:30.250 --> 07:31.625
वो बस यही चाहती है

07:31.708 --> 07:33.708
कि एक साल के लिए तुम
उन लोगों के साथ रहो।

07:34.916 --> 07:36.083
इसमें क्या नुकसान हो सकता है?

07:37.041 --> 07:39.708
एक बार चली गई तो कभी नहीं लौट पाऊँगी, पिता जी।

07:40.958 --> 07:43.666
सत्या अच्छी औरत है।

07:44.125 --> 07:45.541
उन्होंने हम से वादा किया है कि…

07:45.625 --> 07:48.208
तुम्हारी बहनों का शादी होने तक ख्याल रखेंगी।

07:51.125 --> 07:52.791
इसलिए पढ़ा-लिखा के बड़ा किया था?

07:53.916 --> 07:55.791
कि एक दिन सही दाम पर बेच पाओ, मुझे?

07:55.875 --> 07:56.750
रूप!

07:58.041 --> 08:00.208
कौन बाप अपनी बेटी को हुस्नाबाद जाके

08:00.291 --> 08:04.000
किसी अंजान घर में बगैर
किसी रिश्ते के रहने पर मजबूर करता है?

08:04.083 --> 08:07.791
अगर हम ज़िंदगीभर लोगों
के घर जा-जा कर शास्त्रीय संगीत सिखाए ना,

08:08.458 --> 08:11.541
तब भी तुम्हारी और तुम्हारी
दोनों बहनों की शादी नहीं करवा पाएँगे!

08:12.791 --> 08:15.083
पर एक बड़ी बहन होने के नाते तुम्हारा ये फर्ज़ है।

08:19.833 --> 08:21.541
हम जबरदस्ती नहीं कर रहे हैं, बेटा।

08:22.291 --> 08:24.000
सत्या को हम बचपन से जानते हैं।

08:27.083 --> 08:29.000
वो हम से बेहतर तुम्हारा ख्याल रखेगी।

08:30.666 --> 08:32.666
बाकी फैसला तुम्हारे हाथ में।

08:56.750 --> 08:57.750
रुकिए!

09:03.583 --> 09:04.708
चलूँगी मैं आपके साथ।

09:06.458 --> 09:07.791
लेकिन मेरी एक शर्त है।

09:09.541 --> 09:11.833
आपके पति को पहले मुझ से शादी करनी पड़ेगी।

09:13.708 --> 09:16.916
मैं उस घर में सिर्फ़ आपके
पति की पत्नी बनकर आऊँगी,

09:18.000 --> 09:18.875
उपपत्नी नहीं।

09:21.208 --> 09:23.541
रूप, मैं बस इतना चाहती हूँ
कि जब तक मैं ज़िंदा हूँ,

09:23.625 --> 09:26.750
आप मेरे पति को जान लो, समझ लो--

09:26.875 --> 09:29.708
ताकि आपके गुजरने के बाद
आपके पति मुझ से शादी कर लें?

09:32.625 --> 09:33.750
कैसी पत्नी हैं आप?

09:35.375 --> 09:38.791
और अगर एक पल के लिए मैं आपके
इस पागलपन में शामिल भी हो जाऊँ,

09:39.125 --> 09:41.916
तो इस बात की ज़मानत
कौन देगा कि आपके गुजरने के बाद

09:42.000 --> 09:43.541
आपके पति मुझ से शादी कर लेंगे?

09:45.083 --> 09:47.541
किसी भी वजह से अगर
उन्होंने मुझे घर से निकाल दिया तो?

09:48.458 --> 09:49.458
फिर कहाँ जाऊँगी मैं?

09:49.875 --> 09:50.750
क्या होगा मेरा?

09:51.500 --> 09:54.250
ये सब जानने के बाद कौन अपनाएगा मुझे?
सोचा है आपने?

09:54.833 --> 09:56.500
-रूप, मैं वादा करती हूँ--
-वादा?

09:58.750 --> 10:01.250
जब आप ही नहीं रहेंगी
तो आपका वादा निभाएगा कौन?

10:03.541 --> 10:04.875
तो शादी किए बगैर

10:05.416 --> 10:06.750
मैं उस घर में नहीं जाऊँगी।

10:58.000 --> 10:58.875
[पार्श्व में जोशीला संगीत]

11:26.041 --> 11:30.083
♪ मेरे होठों से धुआंधार निकलती है जो बोली ♪

11:30.375 --> 11:32.208
♪ जैसे, जैसे ♪

11:32.291 --> 11:33.625
♪ बंदूक की गोली ♪

11:33.750 --> 11:37.833
♪ मेरे तेवर में है तहज़ीब की रंगीन रंगोली ♪

11:38.125 --> 11:39.875
♪ जैसे, जैसे ♪

11:39.958 --> 11:41.500
♪ हो ईद में होली ♪

11:41.583 --> 11:45.500
♪ मेरे होठों से धुआंधार निकलती है जो बोली ♪

11:45.666 --> 11:47.541
♪ जैसे, जैसे ♪

11:47.666 --> 11:49.125
♪ बंदूक की गोली ♪

11:49.208 --> 11:53.333
♪ मेरे तेवर में है तहज़ीब की रंगीन रंगोली ♪

11:53.500 --> 11:55.250
♪ जैसे, जैसे ♪

11:55.333 --> 11:57.250
♪ हो ईद में होली ♪

11:57.916 --> 11:59.750
♪ मेरे जीवन की दशा ♪

11:59.833 --> 12:01.541
♪ थोड़ा रास्तों का नशा ♪

12:01.666 --> 12:05.458
♪ थोड़ी मंजिल की प्यास है ♪

12:05.541 --> 12:07.791
♪ बाकी सब फर्स्ट क्लास है ♪

12:09.291 --> 12:11.958
♪ बाकी सब फर्स्ट क्लास है ♪

12:13.208 --> 12:15.708
♪ बाकी सब फर्स्ट क्लास है ♪

12:15.791 --> 12:16.916
♪ हाँ, कसम से ♪

12:17.000 --> 12:20.625
♪ बाकी सब फर्स्ट क्लास है ♪

13:14.625 --> 13:18.458
♪ पल में तोला पल में मासा ♪

13:18.541 --> 13:22.250
♪ जैसी बाजी वैसा पासा ♪

13:22.333 --> 13:27.916
♪ अपनी थोड़ी हट के दुनियादारी है ♪

13:30.041 --> 13:33.666
♪ करना क्या है चाँदी सोना? ♪

13:33.750 --> 13:37.666
♪ जितना पाना उतना खोना ♪

13:37.750 --> 13:44.291
♪ हम तो दिल के धंधे के व्यापारी हैं ♪

13:45.375 --> 13:49.083
♪ मेरी मुस्कान लिए कभी आती है सुबह ♪

13:49.250 --> 13:52.875
♪ कभी शामें उदास हैं ♪

13:53.041 --> 13:55.333
♪ बाकी सब फर्स्ट क्लास है ♪

13:56.916 --> 13:59.125
♪ बाकी सब फर्स्ट क्लास है ♪

14:00.750 --> 14:02.916
♪ बाकी सब फर्स्ट क्लास है ♪

14:03.000 --> 14:04.458
♪ हाँ, कसम से ♪

14:04.583 --> 14:08.041
♪ बाकी सब फर्स्ट क्लास है ♪

14:11.375 --> 14:12.250
♪ हो ♪

14:12.333 --> 14:15.583
♪ सबके होठों पे चर्चा तेरा ♪

14:16.083 --> 14:19.333
♪ बँटता गलियों में पर्चा तेरा ♪

14:19.833 --> 14:22.208
♪ यूँ तो आशिक हैं लाखों ♪

14:22.291 --> 14:26.541
♪ मगर सबसे ऊँचा है दर्जा तेरा ♪

14:26.625 --> 14:30.625
♪ मेरी तारीफ़ से छुपती फिरे बदनामियाँ मेरी ♪

14:30.916 --> 14:34.250
♪ जैसे जैसे हो आँख मिचोली ♪

14:34.416 --> 14:38.333
♪ मेरे तेवर में है तहज़ीब की रंगीन रंगोली ♪

14:38.458 --> 14:40.375
♪ जैसे जैसे ♪

14:40.458 --> 14:42.625
♪ हो ईद में होली ♪

14:42.958 --> 14:44.875
♪ मेरे जीवन की दशा ♪

14:44.958 --> 14:46.708
♪ थोड़ा रस्तों का नशा ♪

14:46.791 --> 14:50.458
♪ थोड़ी मंजिल की प्यास है ♪

14:50.625 --> 14:52.958
♪ बाकी सब फर्स्ट क्लास है ♪

14:54.500 --> 14:56.958
-♪ बाकी सब फर्स्ट क्लास है ♪
-♪ बाकी सब फर्स्ट क्लास है ♪

14:58.291 --> 15:00.541
♪ बाकी सब फर्स्ट क्लास है ♪

15:00.625 --> 15:02.125
♪ हाँ, कसम से ♪

15:02.208 --> 15:05.333
♪ बाकी सब फर्स्ट क्लास है ♪

15:53.166 --> 15:56.250
दो और लड़कियाँ बहार बी के यहाँ गाना सीखने आई हैं।

15:57.833 --> 15:59.916
उनके सामने अपनी पतलून बंद रखना।

16:05.166 --> 16:08.791
पता है? सारी हिंदू लड़कियाँ
अमृतसर जाने की बात कर रही हैं।

16:10.208 --> 16:11.958
आप एक बार अब्दुल से बात कर लें,

16:12.458 --> 16:13.500
काफी नाराज़ हैं।

16:14.000 --> 16:16.000
उस देव चौधरी ने लंदन से आते ही…

16:16.083 --> 16:18.125
बँटवारे के खिलाफ आर्टिकल लिख दिया है।

16:18.666 --> 16:20.125
आज दूसरी शादी की उसने।

16:21.125 --> 16:22.583
दूसरी बीवी घर लाया है

16:22.916 --> 16:24.875
और लोग मुसलमानों को बदनाम करते हैं।

16:26.000 --> 16:27.083
देव चौधरी?

16:29.041 --> 16:30.791
हाँ, मेरी जान, देव चौधरी।

16:32.083 --> 16:33.375
उसकी बीवी मर रही है

16:33.833 --> 16:36.458
और उसकी आखिरी
ख्वाहिश थी कि देव दूसरी शादी कर ले।

16:48.250 --> 16:49.125
[रियाज़ करने की आवाज़]

16:54.000 --> 16:55.041
क्या हुआ, ज़फ़र?

16:55.583 --> 17:02.583
♪ घर मोरे, परदेसिया ♪

17:06.541 --> 17:13.041
♪ आओ, पधारो पिया! ♪

17:17.041 --> 17:23.875
♪ घर मोरे, परदेसिया ♪

17:27.708 --> 17:34.666
♪ आओ, पधारो पिया! ♪

17:52.000 --> 17:53.833
मैं अपनी पत्नी से बहुत प्यार करता हूँ।

17:56.375 --> 17:59.583
मैं नहीं जानता कि सत्या ने आपको
ये शादी के लिए राज़ी कैसे किया, लेकिन

18:01.750 --> 18:04.083
लेकिन मैंने ये शादी सिर्फ़
उसकी खुशी की खातिर की है।

18:07.625 --> 18:08.541
मुझे गलत मत समझिए,

18:08.625 --> 18:10.750
आपको इस घर में पूरी आबरू
के साथ रखा जाएगा।

18:14.541 --> 18:16.291
इस रिश्ते में इज़्ज़त होगी, प्यार नहीं होगा।

18:20.416 --> 18:23.125
आप मुझ से जितनी कम उम्मीद
रखेंगी, तकलीफ़ उतनी कम होगी।

18:26.125 --> 18:27.958
उम्मीद करता हूँ कि आपका दिल मुझ से बड़ा हो

18:29.041 --> 18:30.958
और वक़्त के साथ आप मुझे माफ़ करती रहें।

19:22.541 --> 19:25.333
मेरे पति ने मुझे शादी की रात को ही रुखसती दे दी।

19:26.958 --> 19:30.333
क्योंकि आपने एक ऐसे आदमी से शादी की,
जिससे आप कभी पहले मिली भी नहीं थी।

19:33.083 --> 19:36.375
बल्कि कई दिनों तक मैं
जानती भी नहीं थी वो दिखते कैसे हैं।

19:41.083 --> 19:43.125
मेरे गुस्से में लिए गए एक फैसले ने

19:46.208 --> 19:48.083
हम चारों की ज़िंदगी बर्बाद कर दी।

20:01.666 --> 20:02.708
वैसे, ज़फ़र मियाँ…

20:03.708 --> 20:06.125
अगर आपको अपनी तलवारों से इतना ही इश्क है…

20:06.708 --> 20:08.666
तो लोहारों की लड़ाई में शामिल क्यों नहीं हो जाते?

20:10.208 --> 20:12.000
उसी लड़ाई के लिए तो तलवारें बना रहा हूँ।

20:14.166 --> 20:18.125
बस इन्हीं तेज़ जुमलों से ना,
हीरा मंडी की औरतों के दिल काट रखे हैं आपने।

20:20.083 --> 20:21.125
कल मीटिंग में क्यों नहीं आए?

20:23.166 --> 20:25.166
एक और दिल कटने का इंतज़ार कर रहा था।

20:25.833 --> 20:26.875
तोड़ना नहीं चाहता था।

20:33.458 --> 20:34.458
देखिए, ज़फ़र मियाँ,

20:35.000 --> 20:37.125
अगर औज़ार बनाने की मशीनें आ गई ना

20:38.833 --> 20:40.375
तो हमारे कारखाने बंद हो जाएँगे।

20:41.125 --> 20:42.541
इस बार हमारी कौम पर नहीं,

20:43.041 --> 20:44.375
हमारे पेट पर हमला हुआ है।

20:46.958 --> 20:48.208
एक तरफ़ अल्ला-अल्ला करते हो

20:49.000 --> 20:50.375
और दूसरी तरफ़ डरते रहते हो।

20:50.958 --> 20:53.666
अगर हम मेहनत करें, तो कभी बेरोजगार नहीं होंगे।

20:54.500 --> 20:57.500
और रही आपके अवाम-ए-हक
पार्टी की मीटिंग और बँटवारे की बात…

20:58.875 --> 20:59.791
तो मैं हरामी हूँ।

21:00.833 --> 21:02.875
मुझे खुद के अब्बा ने उनका नाम तक नहीं दिया।

21:03.958 --> 21:05.541
जो आदमी अपने हक के लिए नहीं लड़ा।

21:06.208 --> 21:07.541
वो अवाम के हक के लिए क्या लड़ेगा?

21:09.458 --> 21:10.333
चलिए, छोड़िए।

21:20.541 --> 21:22.000
मैंने कितनी बार कहा है, अब्दुल मियाँ।

21:23.291 --> 21:25.958
अगर आप सच में अपना
नज़रिया दुनिया तक पहुँचाना चाहते हैं,

21:26.666 --> 21:29.291
तो बलराज चौधरी के न्यूज़पेपर
से कोई बेहतर ज़रिया नहीं है।

21:31.458 --> 21:34.041
आपके कहने से हम गए थे
डेली टाइम्स के अखबार वालों से मिलने।

21:35.791 --> 21:38.625
लेकिन जब से उस
बलराज चौधरी का बेटा विलायत से लौटा है,

21:39.541 --> 21:40.750
बँटवारे के खिलाफ

21:41.250 --> 21:43.875
एक मुल्क, एक अवाम के आर्टिकल छापने में मशग़ूल है।

21:44.083 --> 21:45.958
इंकलाब खून बहा के लाया जाता है।

21:47.041 --> 21:48.041
बातें करके नहीं।

21:50.958 --> 21:51.958
सही कहा आपने!

21:52.208 --> 21:53.958
ज़फ़र मियाँ, बिल्कुल सही फरमाया!

21:54.458 --> 21:55.333
चलिए,

21:55.416 --> 21:56.500
आ जाइए हमारी तरफ़!

22:02.666 --> 22:03.750
गलत ना समझे मुझे।

22:04.583 --> 22:05.541
भाई हैं आप मेरे।

22:06.125 --> 22:07.250
जान दे सकता हूँ,

22:08.166 --> 22:09.291
लेकिन सिर्फ़ आपके लिए।

22:11.208 --> 22:13.750
बस मुझे इन चौधरियों के मसलों
से दूर रखिए आप, अब्दुल मियाँ।

22:19.708 --> 22:21.166
[एक आदमी] देव, अब तुम थोड़ा ख्याल रखो।

22:24.333 --> 22:26.291
ये एक मुल्क, एक अवाम का आर्टिकल

22:27.291 --> 22:28.583
लोगों को हजम नहीं हो रहा।

22:29.291 --> 22:31.708
धर्म के नाम पर अंग्रेज़ हमारे देश का बँटवारा कर रहे हैं।

22:32.833 --> 22:34.583
इससे फ्यूचर में किसी का फायदा नहीं होगा।

22:36.083 --> 22:38.791
लेकिन उनके बिना हम
अपना देश भी तो नहीं संभाल पा रहें।

22:39.791 --> 22:41.291
उसके बारे में क्यों नहीं लिखते आप?

22:42.000 --> 22:43.625
वक़्त के साथ हम सब सीख लेंगे।

22:44.791 --> 22:45.875
अगर साथ में रहे तो।

22:46.125 --> 22:48.083
इस मकसद का मसीहा तुम्हें किसने बनाया?

22:48.750 --> 22:51.166
मैं बस एक आवाज़ हूँ,
जिसमें लोगों तक पहुँचने की ताकत है।

22:51.416 --> 22:52.625
या बहकाने की ताकत!

22:53.125 --> 22:54.500
या उन्हें सही राह दिखा रहा हूँ।

22:55.416 --> 22:57.125
इस सही राह में यकीन आप भी करते हैं,

22:57.833 --> 22:59.083
बस सियासत से डरते हैं।

23:03.041 --> 23:05.166
ये मत भूलिए कि हम यहाँ मायनॉरिटी हैं।

23:06.583 --> 23:09.291
और मुस्लिम लीग दिन
पर दिन ताकतवर होती जा रही है।

23:11.125 --> 23:13.541
आप अपने दिमाग से सोचें, दिल से नहीं।

23:14.208 --> 23:16.333
अगर मैं ऐसा कर पाता तो फिर बात ही क्या थी।

23:20.000 --> 23:22.458
कभी-कभी दिमाग का दिल
से हार जाना ज़रूरी होता है।

23:30.083 --> 23:30.958
क्या हुआ, सरोज?

23:31.250 --> 23:32.125
रूप कहाँ हैं?

23:32.583 --> 23:33.833
वो नीचे नहीं आना चाहतीं।

23:40.458 --> 23:41.333
चलता हूँ।

23:45.708 --> 23:46.625
कोई बात नहीं।

23:47.208 --> 23:48.791
उन्हें उनका नाश्ता कमरे में ही दे दें।

23:49.208 --> 23:50.083
जी।

23:51.583 --> 23:52.875
देव को हमेशा लगेगा कि…

23:52.958 --> 23:54.500
मैंने उसके साथ ज़्यादती की।

23:56.875 --> 23:58.458
लेकिन आपने जो किया है, सही है।

24:00.291 --> 24:02.000
ज़िंदगी पर भरोसा रखिए।

24:04.125 --> 24:05.375
उसने जो उलझाया है,

24:07.083 --> 24:08.208
वही खुद सुलझाएगी।

24:10.666 --> 24:11.916
[रियाज करने की आवाज़]

24:31.875 --> 24:33.375
ये आवाज़ कहाँ से आ रही है?

24:36.041 --> 24:39.833
♪ घर मोरे, परदेसिया ♪

24:40.625 --> 24:42.083
बहार बेगम की हवेली से।

24:44.416 --> 24:47.583
किसी ज़माने में हुस्नाबाद की सबसे
मशहूर मुजरे वाली हुआ करती थीं।

24:48.416 --> 24:50.125
लेकिन फिर उन्होंने नाचना छोड़ दिया।

24:51.708 --> 24:52.750
अब गाना सिखाती हैं।

24:56.166 --> 24:57.875
कहाँ है बहार बेगम की हवेली?

24:59.833 --> 25:00.916
हीरा मंडी में।

25:01.708 --> 25:03.458
इस शहर का सबसे बदनाम मोहल्ला।

25:04.750 --> 25:08.000
उस जगह का सिर्फ़ नाम लेने से
ही लोगों के नाम खराब हो जाते हैं।

25:11.791 --> 25:13.500
[अब्दुल] अरे हम कह रहे हैं आप से, मुंशी साहब…

25:14.208 --> 25:17.166
हमारे ज़फ़र भाई से अच्छा लोहार पूरे हीरा मंडी में नहीं है।

25:17.583 --> 25:20.333
अभी पिछले साल ब्रिटिश आर्मी
की तलवारें भी इन्होंने ने ही तो बनाई थी।

25:23.583 --> 25:25.125
ये वही हराम का पिल्ला है ना,

25:25.875 --> 25:26.750
ज़फ़र?

25:29.833 --> 25:31.833
वो कहाँ से आए हैं उससे क्या फर्क पड़ता है?

25:32.458 --> 25:33.625
आप उनका काम देखिए ना।

25:33.708 --> 25:36.375
मुझे फर्क पड़ता है, अब्दुल साहब।

25:37.375 --> 25:38.625
एक तो ये नाजायज़

25:39.000 --> 25:39.916
और ऊपर से

25:40.750 --> 25:41.875
माफ़ कीजिएगा,

25:43.250 --> 25:44.791
-मुसलमान।
-मुंशी जी।

25:45.166 --> 25:47.125
अगर मेरे पैसे लेके भाग गया,

25:47.208 --> 25:48.208
तो मैं तुम्हारा गर्दन--

25:49.083 --> 25:51.375
लोगों के काम पे तवज्जो देना सीख,

25:51.875 --> 25:53.375
उनके बाप के नाम पे नहीं।

25:53.750 --> 25:55.416
लेकिन ये बड़ी बात

25:55.958 --> 25:58.000
तेरी कम अक्ल नहीं समझ पाएगी।

25:58.791 --> 26:00.208
-छोड़ दे!
-छोड़ दे, ज़फ़र।

26:00.625 --> 26:02.166
मैं कह रहा हूँ, ज़फ़र, छोड़ दे।

26:02.875 --> 26:04.083
छोड़ दे, ज़फ़र।

26:11.208 --> 26:12.708
-ज़फ़र!
-ज़फ़र!

26:12.958 --> 26:14.791
कोई डर तो है नहीं इन लोगों में!

26:15.375 --> 26:17.875
अरे एहसान मान, हम लोगों का

26:18.500 --> 26:22.416
जो तुझ जैसे हरामियों को
अपने मोहल्लों में रहने देते हैं।

26:22.791 --> 26:26.041
एक तो ये हमारी वजह से हीरा मंडी में पल रहे हैं

26:26.208 --> 26:29.416
और ये क्या कर रहे हैं?
कचरा बढ़ा रहे हैं, कचरा!

27:24.166 --> 27:25.083
रूप!

27:26.708 --> 27:28.708
कब तक कैद रहेंगी आप अपने कमरे में?

27:33.666 --> 27:34.833
अब आप शादीशुदा हैं।

27:36.333 --> 27:38.250
आपकी भी कुछ ज़िम्मदारियाँ हैं इस घर में।

27:41.416 --> 27:42.375
किसकी तरफ़?

27:43.583 --> 27:44.791
आपके पति की तरफ़?

27:45.166 --> 27:46.416
जो सिर्फ़ आप से प्यार करते हैं?

27:48.750 --> 27:50.750
हम दोनों ने एक-दूसरे को देखा तक नहीं है।

27:54.291 --> 27:55.458
मेरी एक ही ज़िम्मेदारी थी।

27:56.291 --> 27:57.500
अपनी बहनों की तरफ़।

27:59.000 --> 28:00.666
वो मैंने ये शादी करके निभा लिया।

28:03.666 --> 28:05.875
देव के अखबार में काम करना शुरू कर दो।

28:07.041 --> 28:08.375
उनके साथ थोड़ा वक़्त बिताओ।

28:09.041 --> 28:11.791
देखना, सब कैसे बदलने लगेगा।

28:13.250 --> 28:14.708
मैंने घर पर बात कर ली है।

28:15.500 --> 28:17.291
सबका कितना ख्याल रखती हैं आप।

28:20.958 --> 28:22.875
मैं आपकी दुश्मन नहीं हूँ, रूप।

28:25.500 --> 28:29.291
बस अपने बाद आपकी ज़िंदगी को
बेहतर बनाने की कोशिश कर रही हूँ।

28:31.458 --> 28:32.541
पता है,

28:33.125 --> 28:36.083
मेरे माँ-बाप को लगता था
कि लड़कियों को पढ़ाना-लिखाना फ़िज़ूल है।

28:37.166 --> 28:38.541
वरना अगर मैं पढ़ी लिखी होती,

28:38.875 --> 28:41.666
तो इतने बड़े अखबार में
काम करने का मौका कभी नहीं गंवाती।

28:45.041 --> 28:46.791
मैं फिर रियाज़ शुरू करना चाहती हूँ।

28:49.458 --> 28:51.583
बिल्कुल, करना भी चाहिए।

28:51.916 --> 28:54.916
अगर आप चाहो तो मैं अभी एक
अच्छे गुरुजी का इंतज़ाम करवा सकती हूँ।

28:55.708 --> 28:56.625
नहीं!

28:56.875 --> 28:59.416
मैं हीरा मंडी जाके बहार बेगम से सीखना चाहती हूँ।

29:07.416 --> 29:09.916
कम वक़्त में काफी ज़्यादा जान गई हैं इस शहर को।

29:12.791 --> 29:14.333
पर इस घर के उसूल को नहीं जानती।

29:16.041 --> 29:19.166
आप संगीत सीख सकती हैं
मगर हीरा मंडी कभी नहीं जा सकती।

29:19.833 --> 29:21.333
अगर मुझे हीरा मंडी जाने नहीं दिया,

29:21.416 --> 29:23.333
तो फिर मैं अखबार के लिए भी काम नहीं करूँगी।

29:23.750 --> 29:24.666
मत करो!

29:25.625 --> 29:27.333
कैद कर लो अपने आप को अपने गुस्से में।

29:28.416 --> 29:29.416
लेकिन याद रखना,

29:30.041 --> 29:31.916
अपनी किस्मत आपने खुद लिखी है।

29:32.750 --> 29:33.666
अपनी मर्ज़ी से।

29:36.375 --> 29:37.958
अब यही आपकी ज़िंदगी है, रूप।

29:39.458 --> 29:41.708
और जितनी जल्दी आप इस बात को समझ जाएँगी,

29:42.208 --> 29:44.416
बाकी ज़िंदगी उतनी जल्दी आसान हो जाएगी।

29:44.666 --> 29:46.708
आपका मेरी ज़िंदगी पर कोई हक नहीं है।

29:48.333 --> 29:49.291
आपका है?

30:23.833 --> 30:24.750
हरगिज़ नहीं!

30:26.375 --> 30:27.791
बाबा, मैं रूप को जानती हूँ।

30:29.000 --> 30:30.416
एक बार उसने अपना मन बना लिया…

30:30.500 --> 30:31.791
फिर वो किसी की नहीं सुनती।

30:32.291 --> 30:33.583
वो इस घर की बहू है।

30:34.666 --> 30:35.958
और उसे भी सबकी तरह

30:36.041 --> 30:37.958
इस घर के उसूलों की इज़्ज़त करनी पड़ेगी।

30:46.750 --> 30:47.625
आपके कहने पर

30:47.708 --> 30:49.625
हमने उन गलियों की तरफ़ देखा तक नहीं।

30:53.041 --> 30:55.041
लेकिन हम रूप से ये उम्मीद नहीं रख सकते।

30:56.625 --> 30:58.541
इससे पहले वो कोई गलत कदम उठा ले

30:58.958 --> 31:01.041
हमें उसे जाने की इज़ाजत दे देनी चाहिए।

31:03.833 --> 31:06.666
और यही एक मौका है देव और रूप को करीब लाने का।

31:16.166 --> 31:17.083
रूप!

31:17.291 --> 31:18.333
ये क्या कर रही हैं आप?

31:19.000 --> 31:19.958
रूप!

31:23.750 --> 31:24.625
हाँ

31:25.791 --> 31:27.041
भाभी जी आपको बुला रही हैं।

31:32.708 --> 31:34.708
मेरी ज़िद और उनके उसूल के बीच

31:36.916 --> 31:37.958
मेरी ज़िद जीत गई।

31:44.083 --> 31:46.916
द डेली टाइम्स

31:48.583 --> 31:52.750
देव चौधरी की ये एक मुल्क, एक समाज
वाली बातें सुनने में तो बहुत अच्छी लगती हैं।

31:53.083 --> 31:54.083
लेकिन गौर फरमाइए,

31:54.541 --> 31:56.375
एक तरफ़ ये बँटवारे के खिलाफ हैं

31:57.125 --> 31:58.208
और दूसरी तरफ़

31:58.416 --> 32:00.500
ये स्टील की कारखाने लाने की कोशिश कर रहे हैं।

32:00.750 --> 32:02.583
मतलब दोनों ही तरफ़ से हम भूखे मरे।

32:04.708 --> 32:06.375
हमें और विज्ञापनों की ज़रूरत है।

32:07.166 --> 32:09.875
अगर यही हाल रहा तो
हफ्ते में सिर्फ़ तीन दिन पेपर छाप पाएँगे।

32:10.083 --> 32:13.375
सर, पिछले हफ्ते जिस व्हिस्की कंपनी के इश्तिहार डाले थे,

32:14.333 --> 32:17.250
वो इस हफ्ते भी इश्तिहार डालने को तैयार हैं।

32:17.500 --> 32:18.958
उसी शराब के इश्तिहार की वजह से

32:19.041 --> 32:20.000
पूरा हफ्ता

32:20.208 --> 32:21.708
मुस्लिम सेक्टर ने अखबार नहीं खरीदा।

32:23.083 --> 32:25.041
बहुत अच्छे पैसे दे रहे हैं, व्हिस्की वाले।

32:25.375 --> 32:26.541
अहमद की बात सही है।

32:27.875 --> 32:29.125
किसी और को ढूँढना पड़ेगा।

32:29.666 --> 32:30.875
[रूप] कॉस्मेटिक्स और साड़ी।

32:43.750 --> 32:46.500
काजल और कपड़ों से तो
किसी को एतराज़ नहीं हो सकता।

32:47.583 --> 32:48.458
शराब के बदले

32:48.541 --> 32:50.500
लक्स साबुन का इश्तिहार डालते हैं पेपर में।

32:51.458 --> 32:53.666
इन इश्तिहारों की वजह से औरतें भी पेपर खरीदेंगी।

32:56.916 --> 32:57.958
माफ़ी चाहती हूँ।

32:59.291 --> 33:00.750
बस ख्याल आ गया तो बोल दिया।

33:02.958 --> 33:05.375
मैं देव चौधरी से मिलना चाहती हूँ।

33:06.583 --> 33:07.541
और आप कौन?

33:09.208 --> 33:10.083
रूप।

33:11.750 --> 33:12.708
उनकी पत्नी।

33:33.333 --> 33:34.750
-अनंत जी।
-हाँ जी।

33:35.041 --> 33:36.333
इन्हें इनका डेस्क दिखा दीजिए।

33:36.458 --> 33:37.333
जी।

33:43.958 --> 33:45.166
[अंग्रेज़ी में] मैं अनंत पाल हूँ।

33:46.625 --> 33:47.541
नमस्ते!

33:48.291 --> 33:49.291
वैसे ये कौन हैं?

33:54.541 --> 33:55.500
आइए।

34:05.875 --> 34:08.583
देव चौधरी

34:29.375 --> 34:30.291
कमाल है।

34:30.583 --> 34:32.791
पति-पत्नी, एक-दूसरे को जानते तक नहीं।

34:33.958 --> 34:35.166
निकाह हुआ है इनका शायद।

34:37.625 --> 34:39.625
उस दिन अगर पर्दे के पीछे आप भी होते

34:40.125 --> 34:41.291
तो देव साहब को पता नहीं चलता।

35:46.875 --> 35:48.500
हीरा मंडी का सबसे बड़ा त्योहार,

35:48.916 --> 35:49.791
दशहरा।

35:50.791 --> 35:51.750
पर ये मोहल्ला,

35:52.041 --> 35:53.250
इस शहर की लंका है।

35:59.875 --> 36:06.416
♪ रघुकुल रीत सदा चली आई ♪

36:07.708 --> 36:11.416
♪ प्राण जाएँ पर ♪

36:11.500 --> 36:16.291
♪ वचन ना जाएँ ♪

36:29.458 --> 36:31.583
♪ जय रघुवंशी अयोध्यापति ♪

36:31.666 --> 36:33.125
♪ रामचंद्र की जय! ♪

36:33.208 --> 36:36.000
♪ सियावर रामचंद्र की जय! ♪

36:42.583 --> 36:44.708
♪ जय रघुवंशी अयोध्यापति ♪

36:44.791 --> 36:46.208
♪ राम चंद्र की जय! ♪

36:46.291 --> 36:49.166
♪ सियावर राम चंद्र की जय! ♪

36:52.458 --> 36:54.041
[सरगम गाती है]

37:13.291 --> 37:17.541
♪ रघुवर तेरी राह निहारें! ♪

37:17.791 --> 37:21.791
♪ रघुवर तेरी राह निहारें! ♪

37:22.083 --> 37:26.250
♪ सातों जन्म से सिया! ♪

37:26.541 --> 37:30.583
♪ घर मोरे, परदेसिया ♪

37:30.833 --> 37:34.833
♪ आओ पधारो, पिया ♪

37:35.166 --> 37:39.291
♪ घर मोरे, परदेसिया ♪

37:39.625 --> 37:43.500
♪ आओ पधारो, पिया ♪

37:43.583 --> 37:46.125
♪ पंछी राज जटायु आता ♪

37:48.041 --> 37:50.250
♪ पंख मारता सिया को बचाता ♪

37:52.833 --> 37:55.625
♪ राम की शक्ति राम का नाम ♪

37:57.208 --> 37:59.791
♪ जयती जयती, जय जय श्रीराम ♪

38:01.000 --> 38:02.916
[सरगम गाती है]

38:44.083 --> 38:48.291
♪ मैंने सुध-बुध चैन गंवा के ♪

38:48.458 --> 38:52.375
♪ मैंने सुध-बुध चैन गंवा के ♪

38:52.625 --> 38:56.791
♪ राम रतन पा लिया ♪

38:57.166 --> 39:01.250
♪ घर मोरे, परदेसिया ♪

39:01.583 --> 39:05.541
♪ आओ पधारो, पिया ♪

39:05.875 --> 39:10.000
♪ घर मोरे, परदेसिया ♪

39:10.416 --> 39:14.291
♪ आओ पधारो, पिया ♪

39:14.625 --> 39:16.791
[सरगम गाती है]

39:42.083 --> 39:44.333
♪ ना तो मैया की लोरी ♪

39:44.458 --> 39:46.375
♪ ना ही फागुन की होरी ♪

39:46.500 --> 39:50.791
♪ मोहे कुछ दूसरा ना भाए रे ♪

39:50.875 --> 39:53.125
♪ जब से नैना ये जाके ♪

39:53.208 --> 39:55.208
♪ एक धनुर्धर से लागे ♪

39:55.291 --> 39:59.541
♪ तब से बिरहा मोहे सताए रे ♪

40:00.250 --> 40:03.916
♪ हाँ… ♪

40:04.000 --> 40:06.041
♪ ना तो मैया की लोरी ♪

40:06.125 --> 40:08.250
♪ ना ही फागुन की होरी ♪

40:08.333 --> 40:12.541
♪ मोहे कुछ दूसरा ना भाए रे ♪

40:12.750 --> 40:14.833
♪ जब से नैना ये जाके ♪

40:14.916 --> 40:17.000
♪ एक धनुर्धर से लागे ♪

40:17.083 --> 40:21.666
♪ तब से बिरहा मोहे सताए रे ♪

40:22.375 --> 40:26.375
♪ दुविधा मेरी सब जग जाने ♪

40:26.750 --> 40:30.666
♪ जाने ना निरमोहिया ♪

40:31.000 --> 40:35.041
♪ घर मोरे, परदेसिया ♪

40:35.416 --> 40:39.416
♪ आओ पधारो, पिया ♪

40:39.666 --> 40:43.791
♪ घर मोरे, परदेसिया ♪

40:44.208 --> 40:48.208
♪ आओ पधारो, पिया ♪

40:56.875 --> 40:59.708
♪ गई पनघट पे भरन, भरन, पनिया ♪

40:59.791 --> 41:01.041
♪ दीवानी ♪

41:01.125 --> 41:04.875
♪ गई पनघट पे भरन, भरन, पनिया ♪

41:16.625 --> 41:19.500
♪ गई पनघट पे भरन, भरन, पनिया ♪

41:19.583 --> 41:20.791
♪ दीवानी ♪

41:20.875 --> 41:24.458
♪ गई पनघट पे भरन, भरन, पनिया ♪

41:24.750 --> 41:27.041
♪ हो नैनो के, नैनो के तेरे बाण से ♪

41:27.125 --> 41:29.250
♪ मूर्छित हुई रे हिरणिया ♪

41:32.166 --> 41:36.375
♪ बनी रे बनी मैं तेरी जोगनिया ♪

41:36.500 --> 41:40.416
♪ घर मोरे, परदेसिया ♪

41:40.833 --> 41:44.833
♪ आओ पधारो, पिया ♪

41:45.041 --> 41:49.166
♪ घर मोरे, परदेसिया ♪

41:49.541 --> 41:53.833
♪ आओ पधारो, पिया ♪

42:02.833 --> 42:03.708
आवाज़ अच्छी है।

42:05.958 --> 42:08.291
बस थोड़ा नमक कम है।

42:11.708 --> 42:13.625
और राग में नमक लाने के लिए

42:13.750 --> 42:15.833
नमकीन ज़िंदगी जीनी पड़ती है।

42:22.000 --> 42:25.833
और नमक ज़्यादा हो जाए
तो कड़वी हो जाती है ज़िंदगी।

42:29.375 --> 42:31.083
मैं आप से संगीत सीखने आई हूँ।

42:32.041 --> 42:35.291
हमारे यहाँ संगीत को गाना कहते हैं।

42:36.500 --> 42:38.291
गाना सिखाने की जो कीमत हो,

42:38.875 --> 42:39.875
मंज़ूर है।

42:40.791 --> 42:42.500
हमारी कला इतनी अज़ीम है

42:43.833 --> 42:45.791
कि उसकी कीमत नहीं लगाई जा सकती है।

42:47.708 --> 42:48.833
आप शादीशुदा हैं?

42:50.875 --> 42:51.875
हमारा तजुर्बा है

42:53.291 --> 42:55.958
कि एक बार जो उस आग के चक्कर काट लेता है,

42:57.125 --> 43:01.375
उसके अंदर की आग हमेशा के लिए बुझ जाती है।

43:02.708 --> 43:04.833
उसी बुझी हुई आग को फिर से जगाने आई हूँ।

43:08.958 --> 43:11.000
मुझे यहाँ से नाउम्मीद ना लौटाइए।

43:12.000 --> 43:12.875
रूप,

43:13.291 --> 43:14.958
शाम हो रही है, हमें चलना चाहिए।

43:17.250 --> 43:19.625
आप चौधरी के यहाँ काम करती हैं ना?

43:20.291 --> 43:21.208
जी।

43:24.166 --> 43:28.333
आपके घर पर पता है कि आप हम से मिलने आई हैं?

43:28.875 --> 43:30.208
जी, पता है।

43:33.875 --> 43:34.916
कल आइएगा।

43:36.541 --> 43:38.458
आपकी आवाज़ फिर से सुनेंगे।

43:40.083 --> 43:41.583
और अगर दोबारा पसंद आई,

43:42.041 --> 43:43.375
तो आपको ज़रूर सिखाएँगे।

43:44.333 --> 43:46.375
फिलहाल इस गुफ़्तगू थक गए हैं हम।

43:48.333 --> 43:49.291
खुदा हाफ़िज़।

43:57.750 --> 43:59.833
♪ जय रघुवंशी अयोध्यापति ♪

43:59.916 --> 44:01.458
♪ रामचंद्र की जय! ♪

44:01.541 --> 44:04.291
♪ सियावर रामचंद्र की जय! ♪

44:09.250 --> 44:11.500
♪ जय रघुवंशी अयोध्यापति ♪

44:11.583 --> 44:13.000
♪ रामचंद्र की जय! ♪

44:13.125 --> 44:16.125
♪ सियावर रामचंद्र की जय! ♪

44:18.750 --> 44:22.916
♪ एक चितवन में ज्योति ऐसी ♪

44:23.208 --> 44:27.875
♪ मन आंगन हो जगमग जगमग ♪

44:28.083 --> 44:29.666
♪ मोह की मारी ♪

44:30.291 --> 44:36.958
♪ एक कुमारी कि पग होवे डगमग डगमग ♪

44:37.291 --> 44:41.333
♪ तार जिया की छेड़ रही है ♪

44:41.791 --> 44:45.916
♪ तार जिया की छेड़ रही है ♪

44:46.416 --> 44:52.833
♪ प्रीत की अठखेलियाँ ♪

44:56.250 --> 44:58.916
मैंने इस बाजार की सारी तवायफों को गाते हुए सुना है।

45:01.916 --> 45:04.166
आपकी आवाज़ में दर्द से ज़्यादा इश्क है।

45:07.791 --> 45:08.708
कैसे?

45:22.208 --> 45:24.791
जितना दूर जाएँगी आप
उतना करीब पाएँगी मुझे।

45:31.083 --> 45:35.416
अपनी आँखों की कशिश को अपने
पलकों के एतराज से छुपाने की कोशिश ना करें।

45:51.875 --> 45:52.750
ज़फ़र।

46:10.583 --> 46:14.791
♪ घर मोरे, परदेसिया ♪

46:15.291 --> 46:19.291
♪ आओ, पधारो पिया ♪

46:19.791 --> 46:24.208
♪ घर मोरे, परदेसिया ♪

46:24.541 --> 46:30.166
♪ आओ, पधारो पिया ♪

46:52.583 --> 46:53.500
[पार्श्व में मधुर संगीत]

47:59.291 --> 48:01.458
एक अरसे के बाद ऐसी आवाज़ सुनी है।

48:03.541 --> 48:07.291
जिसमें दर्द भी है और सुकून भी।

48:08.125 --> 48:10.875
अपना फैसला बदलने के लिए शुक्रिया।

48:12.500 --> 48:14.125
अभी तो सिर्फ़ तारीफ की है।

48:14.708 --> 48:16.375
शुक्र बेइज़्ज़ती का करते हैं

48:17.375 --> 48:20.375
क्योंकि असली काबिलियत उसी से मिलती है।

48:56.291 --> 48:57.166
चलें?

49:36.125 --> 49:37.125
बोलिए?

49:38.833 --> 49:43.125
[बैकग्राउंड में पुराना हिंदी गाना बजता है]

49:46.125 --> 49:48.500
आप से ऑफिस में बात करनी थी

49:49.541 --> 49:50.583
लेकिन मौका नहीं मिला।

49:51.375 --> 49:52.375
किस बारे में?

49:55.000 --> 49:57.458
मैं आपकी कंपनी में सिर्फ़
हाजिरी नहीं देना चाहती।

49:59.208 --> 50:00.333
काम भी करना चाहती हूँ।

50:02.791 --> 50:04.208
मैं एक आर्टिकल लिखना चाहती हूँ।

50:06.041 --> 50:07.000
किस मुद्दे पे?

50:08.875 --> 50:09.916
हीरा मंडी पे।

50:11.583 --> 50:13.583
उस इलाके के लोगों को देख के लगता है कि…

50:14.375 --> 50:16.125
हर घर में कई कहानियाँ छुपी हुई हैं।

50:18.291 --> 50:20.208
अगर आप कोई ऐसी कहानी ले आएँ जो पढ़ने लायक हो,

50:20.291 --> 50:21.833
तो छाप देंगे।

50:36.208 --> 50:38.666
मैं जानती हूँ हम दोनों इस रिश्ते में गिरफ़्तार हैं।

50:42.375 --> 50:43.750
और इसमें मेरा हाथ भी है।

50:46.666 --> 50:48.250
बस आपको बताना चाहती हूँ कि…

50:49.375 --> 50:52.083
मेरी आप से या इस रिश्ते से कोई अरमान नहीं है।

50:54.541 --> 50:55.833
ये शादी नहीं

50:57.125 --> 50:58.250
समझौता है

51:01.291 --> 51:03.666
और आप जब चाहे इससे रिहा हो सकते हैं।

51:06.875 --> 51:09.166
मैंने कभी इस शादी को तोड़ने का जिक्र नहीं किया है।

51:11.125 --> 51:13.041
लेकिन आपके ख़यालात जान के खुशी हुई।

51:16.083 --> 51:17.000
शुक्रिया।

51:42.625 --> 51:43.583
सुनिए।

51:44.000 --> 51:46.041
ये अब्दुल खान कहाँ मिलेंगे?

51:48.708 --> 51:49.583
ज़फ़र भाई…

51:51.375 --> 51:52.416
अब्दुल मियाँ कहाँ हैं?

51:57.083 --> 51:58.208
ये उनसे मिलने आई हैं।

51:59.833 --> 52:00.791
जाइए।

52:11.375 --> 52:13.375
एक मुलाकात ने लौटने पर मजबूर कर दिया?

52:15.916 --> 52:16.791
आइए,

52:17.083 --> 52:18.500
आज मन भर देता हूँ आपका।

52:20.916 --> 52:22.250
लेकिन आप से मेरा मन नहीं भरेगा।

52:22.875 --> 52:24.083
वक़्त ज़ाया हो जाएगा मेरा।

52:27.125 --> 52:28.125
मैं शादीशुदा हूँ।

52:28.458 --> 52:29.333
तो?

52:30.041 --> 52:31.625
मुझे कौन सा निकाह पढ़ना था आप से।

52:33.458 --> 52:34.750
मैं अब्दुल खान से मिलना चाहती हूँ।

52:37.541 --> 52:38.458
क्यों?

52:39.291 --> 52:40.250
आपको क्यों बताऊँ?

52:40.375 --> 52:42.125
तो फिर मैं आपको क्यों बताऊँ अब्दुल कहाँ है?

52:44.958 --> 52:48.708
मैं हीरा मंडी और उसकी लोगों की कहानियों
पर एक आर्टिकल लिखना चाहती हूँ।

52:49.041 --> 52:51.750
-तो इसलिए--
-तो इसलिए आप तवायफ के कोठे पर आई थीं?

52:53.083 --> 52:54.666
ये कोई तरीका है बात करने का?

52:55.000 --> 52:57.666
तवायफ को ताजमहल कह दूँगा
तो उसकी किस्मत नहीं बदल जाएगी!

53:00.166 --> 53:02.083
सारी औरतों को एक ही नज़र से देखते हो?

53:02.583 --> 53:03.750
नज़र तो एक ही रहेगी।

53:05.291 --> 53:07.291
लेकिन आप चाहे तो नज़रिया बदल सकती हैं मेरा।

53:07.375 --> 53:08.708
मेरे ऐसे कोई शौक नहीं है।

53:09.250 --> 53:10.291
होंगे भी कैसे?

53:12.541 --> 53:14.458
अपनी शादी के हालात में गिरफ़्तार जो हैं आप।

53:17.333 --> 53:18.375
लेकिन अगर आप चाहे

53:19.583 --> 53:21.916
आपके अधूरे अरमान पूरे कर सकता हूँ मैं।

53:23.041 --> 53:24.666
बहुत ज़्यादा बदतमीज हैं आप।

53:25.083 --> 53:25.958
शुक्रिया।

53:27.625 --> 53:28.500
अब्दुल?

53:33.250 --> 53:34.208
शुक्रिया।

53:39.541 --> 53:40.416
जी?

53:40.791 --> 53:42.041
जी मैं, डेली टाइम्स से हूँ।

53:42.708 --> 53:43.708
हीरा मंडी के लोग और…

53:43.791 --> 53:45.500
माहौल के बारे में, मैं एक आर्टिकल--

53:45.583 --> 53:46.541
डेली टाइम्स।

53:50.125 --> 53:51.333
यहाँ का माहौल गर्म है।

53:52.125 --> 53:53.291
लोहार बेरोजगार है।

53:53.916 --> 53:56.500
और ये हक की लड़ाई अब बँटवारा करवा के रहेगी।

53:58.500 --> 54:00.333
लिखना चाहेगा आपका अखबार इस मुद्दे पर?

54:00.708 --> 54:01.666
नहीं ना?

54:02.083 --> 54:02.958
खुदा हाफ़िज़!

54:11.041 --> 54:11.916
क्या चाहिए?

54:13.416 --> 54:14.583
उसका जवाब मिल गया!

54:17.083 --> 54:18.541
बस पूछना चाहता हूँ,

54:19.500 --> 54:20.500
आपका काम हो गया?

54:22.125 --> 54:23.458
आपको अचानक क्या हो गया?

54:24.500 --> 54:27.000
नहीं वो अब्दुल मियाँ बड़े तंग मिज़ाज के हैं।

54:27.833 --> 54:29.791
पूरा दिन बँटवारे की लड़ाई में उलझे रहते हैं।

54:30.791 --> 54:31.750
हमें क्या लेना।

54:32.166 --> 54:35.125
जब तक हमारा इलाका हमारा है, सब ठीक है।

54:36.125 --> 54:40.500
चलो, शुक्र है कम से कम अपने
इलाके की तो इज़्ज़त करते हैं आप।

54:44.041 --> 54:45.875
मुझ पर यकीन करना मुश्किल हो सकता है।

54:47.375 --> 54:48.333
जानता हूँ।

54:51.750 --> 54:53.708
और क्यों है इस इलाके से इतना लगाव?

54:54.458 --> 54:55.916
खूबसूरत लड़कियाँ रहती हैं यहाँ?

54:56.500 --> 54:57.666
खूबसूरत भी और…

54:58.625 --> 54:59.708
आसान भी।

55:05.458 --> 55:06.750
तकदीर ने मुझे यहाँ फेंका।

55:08.208 --> 55:09.583
ज़िंदगी कुचलने ही वाली थी

55:10.541 --> 55:12.041
लेकिन इस सड़क ने मुझे बचा लिया।

55:13.083 --> 55:14.250
चलना सिखाया।

55:15.541 --> 55:16.750
मेरी फतह हो गई

55:17.500 --> 55:18.708
और नाम पड़ गया ज़फ़र।

55:20.291 --> 55:21.416
अब यही मेरा घर है।

55:22.166 --> 55:24.583
ये गलियाँ नहीं होती तो मेरी कोई पहचान नहीं होती।

55:34.875 --> 55:36.750
मुझ से बेहतर हीरा मंडी को कोई नहीं जानता।

55:40.666 --> 55:41.541
तो

55:42.625 --> 55:43.500
रूप।

55:44.083 --> 55:45.333
बहुत अच्छा है आपका, माशाअल्लाह!

55:51.208 --> 55:53.250
यहाँ कोई कहानी ढूँढने आई हैं या अपनी छुपाने?

55:54.875 --> 55:55.875
ढूँढने।

56:01.041 --> 56:02.375
अपनी शादी में खुश हैं आप?

56:04.208 --> 56:05.958
आपने कहा था कि आप शादीशुदा हैं।

56:06.208 --> 56:07.541
खुशी का कोई जिक्र नहीं हुआ था।

56:09.333 --> 56:10.583
कोई तो हद होगी आपकी?

56:11.583 --> 56:12.958
हदें तो सरहदों की होती है,

56:13.625 --> 56:14.625
सोच की नहीं।

56:15.666 --> 56:19.041
और वैसे भी अगर
सवाल उठा है मन में तो पूछ लेना चाहिए।

56:19.375 --> 56:22.083
कहानियाँ सोच-सोच के वैसे ही
आधी दुनिया पागल हो गई है।

56:23.833 --> 56:25.208
तो सियासी मसलों से दूर

56:25.541 --> 56:27.458
इस इलाके में ऐसे कुछ कमाल की चीज़ें हैं।

56:27.791 --> 56:29.583
-अगर आप देखना चाहे तो--
-देखना चाहती हूँ।

56:31.166 --> 56:33.083
हिम्मत है मेरी दुनिया में कदम रखने की?

56:34.625 --> 56:36.291
मेरे पास खोने को कुछ है ही नहीं।

56:40.708 --> 56:42.208
और वैसे भी…

56:42.916 --> 56:44.666
आप से तो बेहतर ही होगी आपकी दुनिया।

56:47.833 --> 56:48.708
ठीक है।

56:50.416 --> 56:51.791
तो अगले जुम्मे को मिलते हैं।

56:52.791 --> 56:53.666
कलाम वैली।

56:55.666 --> 56:56.625
फिक्र ना करें…

56:57.958 --> 56:59.666
मैं इज़ाजत या कीमत के बगैर

57:00.375 --> 57:01.791
औरतों को हाथ नहीं लगाता।

57:49.750 --> 57:52.625
[अस्पष्ट बातचीत की आवाज़]

58:26.458 --> 58:27.916
[जानवर की आवाज़]

58:57.125 --> 58:59.583
अगर ज़फ़र भाई सांड के साथ
सात सेकंड से ज़्यादा टिकते हैं,

59:00.666 --> 59:01.666
तो जीत जाएँगे।

59:35.583 --> 59:37.416
[पार्श्व में सनसनीखेज संगीत बजता है]

01:00:39.708 --> 01:00:40.625
ज़फ़र!

01:00:56.500 --> 01:00:57.500
शाबाश!

01:01:10.250 --> 01:01:12.000
एक

01:01:17.541 --> 01:01:19.041
तीन

01:01:24.666 --> 01:01:25.791
छह

01:01:28.291 --> 01:01:30.000
सात

01:02:21.708 --> 01:02:22.625
पागल हो तुम?

01:02:25.333 --> 01:02:27.791
इतनी जल्दी आप से तुम
तक का सफर तय कर लिया आपने।

01:02:28.625 --> 01:02:29.708
क्यों बुलाया मुझे यहाँ?

01:02:30.625 --> 01:02:31.750
आप कहानी ढूँढ रही थीं।

01:02:32.125 --> 01:02:33.541
मैंने आपको एक किस्सा दिखा दिया।

01:02:36.041 --> 01:02:36.958
डर गईं?

01:02:39.166 --> 01:02:40.041
क्यों?

01:02:42.000 --> 01:02:43.166
तुम मर सकते थे।

01:02:46.583 --> 01:02:47.583
मौत हक है।

01:02:49.208 --> 01:02:52.083
और मुझ जैसे नाजायज़ों के पास
ना कोई खास मकसद होता है,

01:02:53.125 --> 01:02:55.125
ना ही आपकी तरह कुछ खोने को होता है।

01:02:58.166 --> 01:02:59.750
इसलिए मौत से डर नहीं लगता।

01:03:02.625 --> 01:03:04.125
जिस दिन मोहब्बत हो जाएगी

01:03:05.250 --> 01:03:06.625
मकसद भी मिल जाएगा।

01:03:07.416 --> 01:03:09.000
और मौत से डर भी लगने लगेगा।

01:03:12.250 --> 01:03:13.125
अफसोस!

01:03:14.958 --> 01:03:17.000
आपकी ख्वाहिश शायद कभी पूरी नहीं हो पाएगी।

01:03:18.458 --> 01:03:19.791
मज़ा आता है मुझे इस खेल में।

01:03:22.875 --> 01:03:24.958
मैंने तुम जैसा नमूना कहीं नहीं देखा।

01:03:28.000 --> 01:03:29.833
है ही नहीं मुझ जैसा मैं कहीं!

01:03:38.333 --> 01:03:39.708
ये वही जर्नलिस्ट लड़की है ना?

01:03:42.791 --> 01:03:43.875
इसे तो छोड़ दें।

01:03:44.666 --> 01:03:45.708
एक दिन छोड़ दूँगा।

01:03:47.000 --> 01:03:48.208
अच्छी लड़की है बेचारी।

01:03:48.375 --> 01:03:49.458
ज़रूरत से ज़्यादा।

01:03:50.000 --> 01:03:52.208
इसलिए शायद बुरे ख़यालात भी नहीं आते इसके बारे में।

01:03:52.916 --> 01:03:54.041
सुना है शादीशुदा है?

01:03:55.875 --> 01:03:57.250
आप जानते हैं ना आप क्या कर रहे हैं?

01:05:06.166 --> 01:05:08.041
[रूप] जितनी घरवालों से दूर हो रही थी

01:05:08.583 --> 01:05:10.250
उतनी ज़फ़र के करीब हो रही थी।

01:05:13.958 --> 01:05:16.333
दुनिया के लिए ज़फ़र बस एक पहेली था।

01:05:17.750 --> 01:05:19.333
लेकिन उसको सुलझाने में,

01:05:20.125 --> 01:05:21.166
मैं उलझ रही थी।

01:05:23.458 --> 01:05:25.583
वो तूफ़ान की तरह मेरी ज़िंदगी में आया।

01:05:28.208 --> 01:05:30.250
और मैं उम्मीद की तरह उसके साथ बह गई।

01:05:31.250 --> 01:05:34.125
तुम्हें पता है, लाहौर का पुराना नाम लुहावर था।

01:05:34.333 --> 01:05:35.625
यानी लोहारों का शहर।

01:05:36.333 --> 01:05:38.416
इस जगह की पहचान उसके लोहारों से है।

01:05:38.708 --> 01:05:40.583
अंग्रेज़ यहाँ पर मशीन लाना चाहते हैं।

01:05:40.791 --> 01:05:42.708
जिससे सारे लोहार बेरोजगार हो जाएँगे।

01:05:43.083 --> 01:05:44.291
मुझे समझ नहीं आता,

01:05:45.083 --> 01:05:48.666
-कि तुम्हारा अखबार…
-♪ हवाओं में बहेंगे ♪

01:05:49.666 --> 01:05:52.708
♪ घटाओं में रहेंगे ♪

01:05:53.708 --> 01:06:00.666
♪ तू बरखा मेरी, मैं तेरा बादल पिया ♪

01:06:01.875 --> 01:06:05.166
♪ जो तेरे ना हुए तो ♪

01:06:05.916 --> 01:06:09.208
♪ किसी के ना रहेंगे ♪

01:06:09.958 --> 01:06:12.416
♪ दीवानी तू मेरी ♪

01:06:12.500 --> 01:06:17.541
♪ मैं तेरा पागल पिया ♪

01:06:18.083 --> 01:06:21.666
♪ हज़ारों में किसी को ♪

01:06:22.166 --> 01:06:25.875
♪ तकदीर ऐसी ♪

01:06:26.166 --> 01:06:32.166
♪ मिली है इक राँझा और हीर जैसी ♪

01:06:34.375 --> 01:06:37.833
♪ ना जाने ये ज़माना ♪

01:06:38.375 --> 01:06:41.708
♪ क्यों चाहे रे मिटाना ♪

01:06:42.500 --> 01:06:45.000
♪ कलंक नहीं ♪

01:06:45.083 --> 01:06:49.875
♪ इश्क है काजल पिया ♪

01:06:50.666 --> 01:06:53.000
♪ कलंक नहीं ♪

01:06:53.208 --> 01:06:59.125
♪ इश्क है काजल पिया ♪

01:06:59.208 --> 01:07:02.750
♪ पिया, पिया ♪

01:07:03.375 --> 01:07:09.583
♪ पिया रे, पिया रे ♪

01:07:10.125 --> 01:07:14.958
सचमुच, लक्स ब्यूटी साबुन के साथ
आपकी खूबसूरती और भी खिल उठेगी

01:07:15.041 --> 01:07:19.083
♪ पिया रे, पिया रे ♪

01:07:32.583 --> 01:07:37.000
♪ दुनिया की नज़रों में ♪

01:07:37.416 --> 01:07:39.666
♪ ये रोग है ♪

01:07:40.708 --> 01:07:47.708
♪ हो जिनको वो जाने ये जोग है ♪

01:07:54.791 --> 01:07:56.250
तमाशे थिएटर भर देते हैं।

01:07:56.416 --> 01:07:58.041
जिससे फ़िल्मों का भी फाय़दा हो जाता है।

01:07:59.750 --> 01:08:01.416
तुम इस तमाशे में शामिल नहीं हो?

01:08:04.833 --> 01:08:06.916
तुम्हारी ज़िंदगी के तमाशे में शामिल हूँ।

01:08:07.875 --> 01:08:08.916
वो काफी है?

01:08:13.250 --> 01:08:17.625
♪ इक तरफ़ा शायद हो ♪

01:08:17.958 --> 01:08:20.666
♪ दिल का भरम ♪

01:08:21.375 --> 01:08:28.125
♪ दो तरफ़ा है तो ये संजोग है ♪

01:08:28.208 --> 01:08:31.500
♪ लाई रे हमें ज़िंदगानी ♪

01:08:31.583 --> 01:08:36.000
♪ की कहानी कैसे मोड़ पे? ♪

01:08:36.333 --> 01:08:39.583
♪ हुए रे खुद से पराए ♪

01:08:39.666 --> 01:08:44.416
♪ हम किसी से नैना जोड़ के ♪

01:08:44.500 --> 01:08:47.833
♪ ना जाने ये ज़माना ♪

01:08:48.583 --> 01:08:52.125
♪ क्यों चाहे रे मिटाना ♪

01:08:52.625 --> 01:08:55.125
♪ कलंक नहीं ♪

01:08:55.208 --> 01:09:00.750
♪ इश्क है काजल, पिया ♪

01:09:09.333 --> 01:09:10.666
कुछ बदल गया है।

01:09:12.291 --> 01:09:13.375
नहीं तो।

01:09:15.208 --> 01:09:16.583
आपकी आवाज़ में नहीं,

01:09:17.750 --> 01:09:18.791
आपके मन में।

01:09:30.791 --> 01:09:33.666
♪ मैं तेरा, मैं तेरा, मैं तेरा ♪

01:09:33.750 --> 01:09:38.666
♪ मैं तेरा, मैं तेरा, मैं तेरा, मैं तेरा, मैं तेरा ♪

01:09:38.875 --> 01:09:42.916
♪ मैं गहरा तमस, तू सुनहरा सवेरा ♪

01:09:43.000 --> 01:09:46.250
♪ मैं तेरा, ओ, मैं तेरा ♪

01:09:46.875 --> 01:09:50.958
♪ मुसाफिर मैं भटका, तू मेरा बसेरा ♪

01:09:51.125 --> 01:09:54.541
♪ मैं तेरा, ओ, मैं तेरा ♪

01:09:55.208 --> 01:09:59.291
♪ तू जुगनूँ चमकता, मैं जंगल घनेरा ♪

01:09:59.375 --> 01:10:02.916
♪ मैं तेरा ♪

01:10:07.625 --> 01:10:11.291
♪ मैं तेरा, मैं तेरा, मैं तेरा ♪

01:10:23.541 --> 01:10:24.666
ये छापने लायक नहीं है।

01:10:30.583 --> 01:10:32.000
दे डेली टाइम्स

01:11:04.166 --> 01:11:06.375
हीरा मंडी के लोहार आज आए थे मुझ से मिलने।

01:11:09.000 --> 01:11:10.750
आपको उनकी बात सुन लेनी चाहिए।

01:11:12.750 --> 01:11:15.958
वरना, वो हमारे मुस्लिम स्टाफ को
स्ट्राइक पर जाने पर मजबूर कर सकते हैं।

01:11:16.041 --> 01:11:19.375
बाबा, साफ-साफ बताइए
किस बारे में बात करना चाहते हैं आप।

01:11:23.375 --> 01:11:24.250
रूप।

01:11:25.916 --> 01:11:27.458
[दरवाज़ा खटखटाने की आवाज़]

01:11:31.791 --> 01:11:33.750
तवायफें आजकल घर तक आती हैं मुजरा करने?

01:11:34.666 --> 01:11:37.291
माफ़ी चाहते हैं आप गलत पते पर आई हैं।

01:11:39.875 --> 01:11:41.250
रूप को बख्श दे, ज़फ़र।

01:11:43.166 --> 01:11:45.541
कब तक असलियत से मुँह फेरते रहोगे?

01:11:46.458 --> 01:11:47.958
जब तक असलियत ज़िंदा रहे।

01:11:50.000 --> 01:11:51.166
आप ही से सीखा है।

01:11:54.500 --> 01:11:56.666
आपको अचानक रूप की इतनी फिक्र क्यों हो रही?

01:11:57.333 --> 01:12:00.500
इस सब में, रूप की कोई गलती नहीं है।

01:12:01.166 --> 01:12:03.291
इस सब में मेरी भी कोई गलती नहीं थी।

01:12:03.500 --> 01:12:06.708
अगर सीखना है, तो मर्द बनकर
अपनी मुश्किलों से लड़ना सीखो।

01:12:08.916 --> 01:12:11.583
अपनी ज़िंदगी के लिए किसी को ज़िम्मेदार मत ठहराओ।

01:12:11.916 --> 01:12:13.250
वही तो मुश्किल है बाबा।

01:12:14.541 --> 01:12:16.708
आप जैसे मर्द से कुछ नहीं सीखना चाहता मैं।

01:12:17.750 --> 01:12:19.458
आप अब्दुल को इस्तेमाल करके

01:12:20.333 --> 01:12:22.625
अवाम को उनकी प्रेस के खिलाफ भड़का रहे हैं।

01:12:23.416 --> 01:12:24.708
मोर्चे करवा रहे हैं।

01:12:25.958 --> 01:12:27.416
और हम आप से कुछ नहीं कह रहे हैं।

01:12:29.125 --> 01:12:30.083
लेकिन रूप

01:12:31.333 --> 01:12:32.416
दूसरों की गुनाह की सज़ा--

01:12:32.500 --> 01:12:33.583
दूसरों की नहीं।

01:12:36.041 --> 01:12:38.375
उसे आपकी गुनाहों की सज़ा दी जा रही है, अम्मी।

01:12:41.666 --> 01:12:43.875
आपने एक शादीशुदा मर्द के साथ इश्क किया।

01:12:44.041 --> 01:12:45.916
बच्चा पैदा करके सड़क पर फेंक दिया।

01:12:46.000 --> 01:12:46.958
ऐसा ना कहें।

01:12:50.083 --> 01:12:51.416
सत्रह साल के थे हम

01:12:52.791 --> 01:12:54.208
मोहब्बत हो गई थी उनसे।

01:12:56.791 --> 01:12:59.041
और आज तक उससे हम रिहा नहीं हो पाए।

01:13:00.000 --> 01:13:01.125
गलती हो गई,

01:13:02.833 --> 01:13:04.583
जिसे आजतक मैं सुधार नहीं पाया हूँ।

01:13:05.041 --> 01:13:07.833
होश-ओ-हवास में की गई गलती,
गलती नहीं होती, बेईमानी होती है।

01:13:10.208 --> 01:13:13.125
और आज तक आपने अपने उस गुनाह
को कबूल करने तक की हिम्मत नहीं की।

01:13:14.208 --> 01:13:16.833
हमारी मोहब्बत ने हमें खुदगर्ज़ बना दिया था।

01:13:20.833 --> 01:13:22.250
हमने बच्चा इसलिए रखा

01:13:23.583 --> 01:13:25.666
ताकि बलराज के और करीब हो पाए।

01:13:27.875 --> 01:13:29.541
लेकिन वो हम से और दूर चले गए।

01:13:31.333 --> 01:13:34.708
हमने सोचा बच्चे की शर्म से भाग रहे हैं।

01:13:36.083 --> 01:13:37.291
आपको छोड़ देंगे,

01:13:38.458 --> 01:13:39.625
तो वापस लौट आएँगे।

01:13:42.625 --> 01:13:43.666
फिर हम समझ गए

01:13:44.833 --> 01:13:45.916
कि वो आप से नहीं,

01:13:47.500 --> 01:13:48.708
हम से भाग रहे थे।

01:13:49.666 --> 01:13:51.041
हम आपको लेने वापस आए थे…

01:13:51.666 --> 01:13:54.375
-लेकिन आपने--
-फेंकी हुई चीज़ें अक्सर सड़ जाती हैं, अम्मी।

01:13:55.791 --> 01:13:58.000
हमारा रिश्ता भी अब हमेशा के लिए सड़ चुका है।

01:14:00.333 --> 01:14:03.875
अब आपकी मय्यत के अलावा मेरे
पास और कोई वजह नहीं है आप से पास लौटने की।

01:14:04.708 --> 01:14:05.583
देव!

01:14:10.958 --> 01:14:12.333
बस एक बात कहना चाहता हूँ।

01:14:14.083 --> 01:14:15.750
मेरी भी शादी जबरदस्ती हुई।

01:14:17.458 --> 01:14:20.291
इसलिए मैंने इस घर के बाहर प्यार ढूँढने की कोशिश की।

01:14:22.958 --> 01:14:24.500
कहीं रूप के साथ ऐसा ना हो जाए।

01:14:26.833 --> 01:14:28.708
कोशिश करो अपने इस रिश्ते को निभाने की।

01:14:29.458 --> 01:14:31.250
सब आपकी अक्ल के नहीं होते, बाबा।

01:14:34.041 --> 01:14:35.750
कम से कम मैं रूप की इज़्ज़त करता हूँ।

01:14:37.416 --> 01:14:38.916
आपने माँ की कभी इज़्ज़त नहीं की।

01:14:39.666 --> 01:14:42.833
और उसकी पूरी ज़िंदगी ये सोचने में
निकल गई कि शायद उनमें कोई कमी थी।

01:14:44.416 --> 01:14:46.833
आपके बच्चे तक को कबूल करने को तैयार थीं।

01:14:50.041 --> 01:14:51.750
पता नहीं इतनी हिम्मत कहाँ से लाती थीं वो।

01:14:58.041 --> 01:14:58.916
अगर आप मान जाते

01:14:59.000 --> 01:15:00.625
तो हमारा घर बिखरने से बच सकता था।

01:15:03.291 --> 01:15:05.416
लेकिन आपका घमंड आपकी गलतियों से भी बड़ा था।

01:15:11.125 --> 01:15:12.583
उस लड़के की कोई गलती नहीं है।

01:15:15.166 --> 01:15:18.000
लेकिन अगर अब उससे मिल भी लूँगा
तो आप से और नफरत हो जाएगी।

01:15:20.625 --> 01:15:22.458
हमारा घर आपने बर्बाद किया है।

01:15:24.625 --> 01:15:25.708
लेकिन वजह वो है।

01:15:27.750 --> 01:15:31.875
तो मुझे अपने रिश्ते कैसे निभाने चाहिए
इस बात की सलाह आप ना ही दे तो बेहतर है।

01:15:37.708 --> 01:15:39.000
बलराज चौधरी ने

01:15:39.583 --> 01:15:43.500
अपने जायज़ बेटे को मेरे हिस्से की
दौलत, शोहरत और इज़्ज़त दे दी।

01:15:45.041 --> 01:15:47.416
तो बदले में मैं उसकी बहू को छीन लूँगा।

01:15:48.458 --> 01:15:50.125
और मेरे पास कुछ खोने को तो है नहीं।

01:15:52.250 --> 01:15:53.625
हरामियों का कोई वजूद नहीं होता।

01:15:53.708 --> 01:15:55.041
उनका कोई ईमान नहीं होता।

01:15:55.500 --> 01:15:57.125
किसी को उनकी ज़रूरत नहीं होती है।

01:15:57.416 --> 01:15:58.875
यही सुन-सुनकर बड़ा हुआ हूँ मैं।

01:16:00.750 --> 01:16:01.750
लेकिन अब बस।

01:16:04.250 --> 01:16:07.541
जिस लड़की को वो अपना घर
आबाद करने के लिए लेके आए थे।

01:16:09.291 --> 01:16:11.750
उसी लड़की से मैं उनका घर बर्बाद कर दूँगा।

01:16:12.208 --> 01:16:13.250
फिर क्या होगा?

01:16:14.208 --> 01:16:15.375
ये सब करने से

01:16:15.625 --> 01:16:16.541
आपको अपने अब्बा,

01:16:16.625 --> 01:16:18.375
अपना बचपन, अपनी इज़्ज़त

01:16:18.458 --> 01:16:19.708
अपना हक वापस मिल जाएगा?

01:16:22.125 --> 01:16:23.791
अपने आँखों से नफरत हटाए।

01:16:24.916 --> 01:16:27.041
फिर उस लड़की की मोहब्बत देख पाएँगे आप।

01:16:29.000 --> 01:16:31.375
इंतकाम की आग ने आपको अंधा बना दिया है।

01:16:32.375 --> 01:16:34.416
अपने अब्बा को बर्बाद करने के तैश में

01:16:34.500 --> 01:16:35.916
आप खुद को बर्बाद कर रहे हैं।

01:16:36.333 --> 01:16:37.208
मंज़ूर है।

01:16:38.291 --> 01:16:39.625
सबकुछ फना कर दूँगा।

01:16:40.791 --> 01:16:43.333
उन्हें पता भी नहीं चलेगा कि उनकी तबाही हुई कैसे।

01:16:44.125 --> 01:16:46.041
जिस आदमी ने मेरा इनकार किया था

01:16:46.458 --> 01:16:48.500
वो खुद आके मुझ से माफ़ी माँगेगा।

01:16:48.791 --> 01:16:49.666
और तब

01:16:50.208 --> 01:16:52.375
उसकी उम्मीद पर मैं ऐसी आग लगाऊँगा

01:16:53.000 --> 01:16:55.125
कि जहन्नुम भी दो पल देखते रह जाएगा।

01:16:57.250 --> 01:16:59.541
उसे अपनी कर्मों की सज़ा मिलकर रहेगी।

01:17:01.708 --> 01:17:03.875
और उसके बदले में, अगर मेरे कर्म बिगड़ जाएँ

01:17:04.833 --> 01:17:06.208
तो वो भी मुझे मंज़ूर है,

01:17:10.208 --> 01:17:11.125
अम्मी।

01:17:54.333 --> 01:17:55.541
या अल्लाह!

01:18:31.583 --> 01:18:33.875
-अल्लाह…
-हू अकबर!

01:18:34.000 --> 01:18:36.000
-अल्लाह…
-हू अकबर!

01:18:36.583 --> 01:18:38.583
-अल्लाह…
-हू अकबर!

01:18:38.666 --> 01:18:40.708
-इंकलाब…
-ज़िंदाबाद!

01:18:45.541 --> 01:18:48.708
ज़फ़र को हीरा मंडी में पहचानते सब थे।

01:18:50.083 --> 01:18:51.291
लेकिन वो है कौन

01:18:52.208 --> 01:18:53.291
ये कोई नहीं जानता था।

01:18:54.250 --> 01:18:55.625
वापस जाने का मन नहीं करता?

01:19:00.291 --> 01:19:01.833
वापस जाने की वजह ही नहीं है।

01:19:04.333 --> 01:19:05.791
पीढ़ियों से हम ये काम करते हैं।

01:19:07.000 --> 01:19:08.625
हमारे बच्चे इसी की खा रहे हैं!

01:19:09.000 --> 01:19:11.666
अब अगर ये अंग्रेज़ औज़ार बनाने की मशीन ले आए

01:19:12.541 --> 01:19:14.125
तो लोहार बेरोजगार हो जाएँगे!

01:19:16.208 --> 01:19:17.458
आज हमारे साथ हो रहा है।

01:19:18.000 --> 01:19:19.750
कल किसी भी कारीगर के साथ हो सकता है!

01:19:28.291 --> 01:19:29.166
आपके कहने पर

01:19:29.250 --> 01:19:31.250
हमने चौधरी की फैक्ट्री से भी कारीगर बुलाए थे।

01:19:32.625 --> 01:19:34.333
आपको लगता है बात चौधरी तक पहुँचेगी?

01:19:35.291 --> 01:19:36.541
और वो हमारा सपोर्ट करेंगे?

01:19:37.375 --> 01:19:40.166
उसके पेपर की अवाम-ए-हक पार्टी से दुश्मनी पुरानी है।

01:19:41.708 --> 01:19:43.000
बलराज चौधरी जैसे लोग

01:19:43.416 --> 01:19:45.791
कभी कभी अपने मज़हब को मकसद समझ लेते हैं।

01:19:49.166 --> 01:19:50.125
सही कहा आपने।

01:19:51.458 --> 01:19:53.166
अगर वो अपने मज़हब के लिए लड़ सकते हैं,

01:19:53.250 --> 01:19:54.208
तो हम क्यों नहीं?

01:19:58.000 --> 01:19:59.166
ये लड़ाई इंसाफ की नहीं,

01:20:00.208 --> 01:20:01.125
हक की है!

01:20:01.958 --> 01:20:03.291
और अब आपकी अवाम

01:20:03.708 --> 01:20:06.291
अपने खोए हुए हक को छीनने के लिए तैयार है।

01:20:28.375 --> 01:20:29.750
सत्या चौधरी मरने वाली है?

01:20:30.958 --> 01:20:32.000
गुजरने वाली है।

01:20:35.208 --> 01:20:36.375
कैंसर की बीमारी से।

01:20:43.125 --> 01:20:44.458
और उसके मरने के बाद क्या होगा?

01:20:46.041 --> 01:20:47.333
तुम उसकी तख़्त पर बैठोगी?

01:20:48.541 --> 01:20:50.875
तुम्हारा शौहर तुम्हें पहली बीवी की इज़्ज़त देने लगेगा?

01:20:52.375 --> 01:20:53.708
तुम्हारी शादी खुशहाल हो जाएगी?

01:20:55.125 --> 01:20:56.000
[एक बच्चा] वो देखो पतंग!

01:20:56.083 --> 01:20:57.500
[एक आदमी] वो काटा!

01:20:57.625 --> 01:20:58.791
[नगाड़े की आवाज़]

01:21:04.041 --> 01:21:06.083
ये त्योहार बहुत पसंद हुआ करता था मुझे।

01:21:10.333 --> 01:21:11.250
फिर क्या हुआ?

01:21:15.958 --> 01:21:18.291
पतंग की उड़ान उम्मीद भर देती थी मुझ में।

01:21:21.083 --> 01:21:23.083
अब सिर्फ़ कटी पतंगों पर ध्यान जाता है मेरा।

01:21:26.625 --> 01:21:29.083
यहाँ के लोग अपनी पतंगों से बेहिसाब इश्क करते हैं

01:21:30.291 --> 01:21:31.958
लेकिन इन्हें अपनी उड़ाने से ज़्यादा

01:21:32.666 --> 01:21:34.208
दूसरों के गिराने में मज़ा आता है।

01:21:36.125 --> 01:21:37.500
तुम हर चीज़ में बुराई ढूँढते हो?

01:21:39.916 --> 01:21:40.916
हाँ।

01:21:42.458 --> 01:21:44.333
अगर तुमने मेरी ज़िंदगी जी होती ना

01:21:45.791 --> 01:21:46.791
तो शायद तुम समझ पाती।

01:21:48.583 --> 01:21:50.333
कि मेरी नज़रों में इतना अंधेरा क्यों है।

01:21:52.000 --> 01:21:53.625
हालात सबकी ज़िंदगी में आते हैं।

01:21:55.083 --> 01:21:58.041
लेकिन कड़वा मन अंत में ज़हर
बनके हम ही को ज़ंग लगा देगा।

01:22:00.041 --> 01:22:02.541
जब किसी और की बर्बादी अपनी जीत जैसी लगे

01:22:03.083 --> 01:22:05.458
तो हम से ज़्यादा बर्बाद और कोई नहीं है इस दुनिया में।

01:22:15.708 --> 01:22:16.958
तुम्हें कभी प्यार हुआ है?

01:22:24.750 --> 01:22:26.958
मैं इश्क लड़ाता बहुत हूँ इन पतंगों की तरह

01:22:27.916 --> 01:22:29.041
लेकिन इश्क से कटता नहीं।

01:23:09.041 --> 01:23:09.916
निकलना चाहिए।

01:23:14.125 --> 01:23:16.000
वरना ये शाम हम से आगे निकल जाएगी।

01:23:32.833 --> 01:23:33.791
[रूप] आप सही थे।

01:23:35.458 --> 01:23:38.125
मेरे अंदर कुछ बदल गया है।

01:23:41.875 --> 01:23:43.083
ज़फ़र की वजह से।

01:23:44.250 --> 01:23:46.416
-मुझे लगता है, मुझे--
-आप शादीशुदा हैं!

01:23:49.875 --> 01:23:51.250
वो शादी नहीं सौदा है।

01:23:51.833 --> 01:23:53.125
सोचना गलती है।

01:23:54.583 --> 01:23:57.250
लेकिन उस पर अमल करना गुनाह है।

01:23:58.708 --> 01:24:00.750
आपके अलावा और किसी को नहीं पता।

01:24:03.291 --> 01:24:04.583
मुझे लगा आप समझेंगी।

01:24:05.833 --> 01:24:06.750
कोठा चलाते हैं,

01:24:06.833 --> 01:24:11.291
इसका मतलब ये नहीं कि धोखा
देने के लिए हम से इज़ाजत ली जाए।

01:24:12.916 --> 01:24:14.791
मैं आपकी बेज़्ज़ती नहीं करना चाहती थी।

01:24:21.375 --> 01:24:24.000
आपके शौहर अच्छे इंसान हैं।

01:24:30.041 --> 01:24:31.333
सिर्फ़ अच्छाई काफी होती है?

01:24:33.333 --> 01:24:34.833
पूरी ज़िंदगी बिताने के लिए?

01:24:51.708 --> 01:24:52.583
क्या हुआ?

01:25:24.541 --> 01:25:26.083
मुझे कुछ वक़्त चाहिए सोचने के लिए।

01:25:28.125 --> 01:25:29.333
सोचना क्या है?

01:25:30.666 --> 01:25:32.250
अगर स्टील इंडस्ट्री यहाँ आ गई,

01:25:32.541 --> 01:25:34.208
तो सब लोहार बेरोजगार हो जाएँगे।

01:25:35.250 --> 01:25:36.416
क्या ये खबर छापने लायक नहीं?

01:25:36.583 --> 01:25:39.083
लेकिन इंडस्ट्रीज आने से देश का बहुत फायदा हो सकता है।

01:25:40.291 --> 01:25:42.250
और आप सब उन फैक्ट्रियों में काम कर सकते हैं।

01:25:43.583 --> 01:25:44.625
हम गुलामी नहीं करेंगे।

01:25:46.041 --> 01:25:47.708
सवाल देश की तरक्की का है,

01:25:47.791 --> 01:25:48.916
किसी की गुलामी का नहीं।

01:25:50.583 --> 01:25:51.875
पहले अंग्रेज़ों की गुलामी की,

01:25:52.250 --> 01:25:53.166
अब हिंदुओं की।

01:25:54.291 --> 01:25:55.666
यही करता रह जाएगा मुसलमान यहाँ!

01:25:55.875 --> 01:25:57.666
बात को पलटने की कोशिश मत कीजिए।

01:26:00.250 --> 01:26:02.208
अगर हम हर जाति बहस में धर्म को घसीटते रहेंगे,

01:26:02.291 --> 01:26:04.000
ये देश हमेशा जलता रहेगा!

01:26:05.083 --> 01:26:06.666
मुस्लिम लीग इलेक्शन जीत चुका है।

01:26:08.125 --> 01:26:09.125
अब आप मुल्क की नहीं

01:26:10.041 --> 01:26:11.250
बस अपनी फिक्र कीजिए!

01:26:14.041 --> 01:26:15.833
सबकी फिक्र करने की आदत है मुझे।

01:26:18.041 --> 01:26:19.708
और यही फर्क है आप में और मुझ में।

01:26:21.041 --> 01:26:23.458
मैं लोगों के हालात का इस्तेमाल करके उन्हें बहकाता नहीं।

01:26:26.291 --> 01:26:27.333
सही कहा आपने।

01:26:29.041 --> 01:26:30.416
बात मज़हब की ही है।

01:26:32.166 --> 01:26:33.916
एक बार हमने अपना मुल्क बना लिया ना

01:26:35.458 --> 01:26:37.416
तो फिर हमारी चीखें तो ज़ाया जाएँगी नहीं।

01:26:40.250 --> 01:26:41.125
लेकिन तब

01:26:41.916 --> 01:26:43.583
आपकी चीखें कौन सुनेगा, देव साहब?

01:26:54.500 --> 01:26:56.083
ये देव चौधरी की दूसरी बीवी है।

01:26:56.875 --> 01:26:59.958
धूम्रपान जानलेवा है

01:27:22.125 --> 01:27:24.041
मुंशी जी तुम्हें कॉन्ट्रैक्ट देना चाहते हैं।

01:27:30.916 --> 01:27:32.333
और बदले में तुमने उन्हें क्या दिया?

01:27:34.125 --> 01:27:36.541
सिर्फ़ हिंदू होने की वजह से तुम्हारी बात मान ली उन्होंने?

01:27:39.166 --> 01:27:40.458
मैं खैरात नहीं लेता।

01:27:43.000 --> 01:27:44.041
मैं मदद कर रही हूँ।

01:27:44.583 --> 01:27:45.541
खैरात नहीं।

01:27:49.708 --> 01:27:51.125
और मैंने माँगी थी मदद आप से?

01:27:52.916 --> 01:27:54.083
जैसा हूँ, ठीक हूँ।

01:27:56.541 --> 01:27:58.541
हर चीज़ में बुराई क्यों ढूँढते हो?

01:27:59.916 --> 01:28:01.250
अच्छाई से डर लगता है।

01:28:04.833 --> 01:28:06.416
उसे अक्सर बदले में कुछ चाहिए होता है।

01:28:09.583 --> 01:28:11.250
मैंने तुम्हारी ज़मानत ली है।

01:28:12.875 --> 01:28:13.833
मुंशी जी को समझाया

01:28:13.916 --> 01:28:15.458
कि हीरा मंडी तुम्हारा घर है।

01:28:17.458 --> 01:28:19.208
और बदले में मुझे कुछ नहीं चाहिए।

01:28:38.125 --> 01:28:39.125
[चूड़ियों की आवाज़]

01:29:00.291 --> 01:29:01.333
पढ़ना पसंद है?

01:29:03.041 --> 01:29:03.958
बहुत!

01:29:07.750 --> 01:29:08.666
आपको?

01:29:10.875 --> 01:29:11.750
बहुत।

01:29:13.291 --> 01:29:15.666
वो कैबिनेट मिशन का आर्टिकल बन गया?

01:29:16.791 --> 01:29:18.750
नहीं, कुछ बात नहीं बन रही है।

01:29:19.291 --> 01:29:22.083
शायद वो हमारा आखिरी आर्टिकल हो, जिससे--

01:29:22.166 --> 01:29:25.000
जिससे आप एक मुल्क, एक अवाम
की सोच को आगे बढ़ा सके।

01:29:31.375 --> 01:29:33.083
आज़ादी की कीमत बँटवारा है।

01:29:34.125 --> 01:29:36.708
जितनी जल्द हम इस बात को मान ले, उतना फायदा होगा।

01:29:39.083 --> 01:29:41.041
वो लोग आपका नज़रिया कभी नहीं समझेंगे।

01:29:52.875 --> 01:29:56.541
♪ छुपा भी ना सकेंगे ♪

01:29:57.083 --> 01:30:00.708
♪ बता भी ना सकेंगे ♪

01:30:01.166 --> 01:30:05.208
♪ हुए हैं यूँ तेरे प्यार में ♪

01:30:05.416 --> 01:30:08.541
♪ पागल पिया ♪

01:30:09.250 --> 01:30:12.916
♪ जो तेरे ना हुए तो ♪

01:30:13.208 --> 01:30:16.916
♪ किसी के ना रहेंगे ♪

01:30:17.333 --> 01:30:19.666
♪ कि अब ना किसी ♪

01:30:19.791 --> 01:30:24.291
♪ और से लागे जिया ♪

01:30:24.375 --> 01:30:25.708
इनके शौहर को देखा है कभी आपने?

01:30:27.708 --> 01:30:28.625
नहीं।

01:30:29.583 --> 01:30:30.958
और कभी देखना भी नहीं चाहता।

01:30:34.500 --> 01:30:36.750
इश्क की गलियाँ बड़ी गीली हो रही हैं, ज़फ़र मियाँ।

01:30:37.750 --> 01:30:39.958
अक्सर आशिक फिसलकर मुँह के बल गिरते हैं।

01:30:41.291 --> 01:30:44.875
♪ ना जाने ये ज़माना ♪

01:30:45.333 --> 01:30:48.875
-चलिए।
-♪ क्यों चाहे रे मिटाना ♪

01:30:49.375 --> 01:30:55.375
♪ कलंक नहीं, इश्क है काजल पिया ♪

01:30:57.541 --> 01:31:04.500
♪ कलंक नहीं, इश्क है काजल पिया ♪

01:31:05.375 --> 01:31:09.291
[बलराज] ये स्टील इंडस्ट्रीज को आप
सपोर्ट ना करें, हम अखबार हैं।

01:31:09.916 --> 01:31:12.250
हमारा इंडस्ट्रियल मसलों से क्या लेना-देना?

01:31:12.375 --> 01:31:13.833
ये मसला इंडस्ट्रीज का नहीं है।

01:31:13.916 --> 01:31:15.291
ये डील मुल्क को आगे बढ़ा सकती है।

01:31:15.375 --> 01:31:17.291
और अवाम को आपका दुश्मन बना सकती है!

01:31:18.083 --> 01:31:22.333
♪ दुनिया की नज़रों में ♪

01:31:22.958 --> 01:31:25.291
♪ ये रोग है ♪

01:31:26.291 --> 01:31:33.291
♪ हो जिनको वो जाने ये जोग है ♪

01:31:34.458 --> 01:31:39.166
♪ एक तरफ़ा शायद हो ♪

01:31:39.250 --> 01:31:41.625
♪ दिल का भरम ♪

01:31:42.583 --> 01:31:49.375
♪ दो तरफ़ा है तो ये संजोग है ♪

01:31:54.916 --> 01:31:56.958
इनसे जितना दूर रहे बेहतर है।

01:31:57.958 --> 01:32:03.208
परवाने शमा से कितना भी इश्क कर ले
आखिर में उसी की आग में जलकर फ़ना होना पड़ता है।

01:32:05.625 --> 01:32:09.583
♪ हज़ारों में किसी को ♪

01:32:09.708 --> 01:32:13.375
♪ तकदीर ऐसी ♪

01:32:13.708 --> 01:32:19.666
♪ मिली है इक राँझा और हीर जैसी ♪

01:32:22.000 --> 01:32:25.500
-♪ ना जाने ये ज़माना ♪
-इंंकलाब ज़िंदाबाद!

01:32:25.916 --> 01:32:29.416
-♪ क्यों चाहे रे मिटाना ♪
-इंंकलाब ज़िंदाबाद!

01:32:29.791 --> 01:32:32.000
-आपका यहाँ रुकना मुनासिब नहीं है।
-इंंकलाब ज़िंदाबाद!

01:32:32.833 --> 01:32:33.791
-मेहरबानी करके आप जाइए यहाँ से।
--इंंकलाब ज़िंदाबाद!

01:32:33.875 --> 01:32:37.333
-इंकलाब…
-ज़िंदाबाद!

01:32:37.416 --> 01:32:39.083
-इंकलाब…
-ज़िंदाबाद!

01:32:39.166 --> 01:32:44.458
-इंकलाब…
-ज़िंदाबाद!

01:32:45.041 --> 01:32:47.291
जिन्ना ने डायरेक्ट एक्शन का ऐलान कर दिया है।

01:32:47.708 --> 01:32:49.458
इसकी वजह से दंगे हो सकते हैं।

01:32:51.125 --> 01:32:52.958
हमें शायद हुस्नाबाद छोड़ना पड़ेगा।

01:32:55.791 --> 01:32:57.000
सत्या बहुत कमजोर है।

01:32:59.708 --> 01:33:01.250
उसके लिए सफर करना ठीक नहीं है।

01:33:32.958 --> 01:33:34.666
मुझे देख के रास्ता क्यों बदल देते हो?

01:33:37.458 --> 01:33:39.541
तुम्हें शहर दिखाने में इतना मशग़ूल हो गया था

01:33:40.583 --> 01:33:42.083
कि अपनी ज़िंदगी के रास्ते भूल गया।

01:33:43.708 --> 01:33:45.250
मैं हुस्नाबाद छोड़ के जा रही हूँ।

01:33:53.208 --> 01:33:54.625
अजीब है ये ज़िंदगी भी।

01:33:56.791 --> 01:33:58.166
पहले मुझे यहाँ आना नहीं था।

01:34:01.125 --> 01:34:02.541
और अब यहाँ से जाना नहीं है।

01:34:06.250 --> 01:34:08.666
मुझे यकीन है कि तुम्हारे शौहर जहाँ तुम्हें लेके जाएँगे,

01:34:09.458 --> 01:34:10.791
तुम वहाँ खुशी ढूँढ लोगी।

01:34:13.250 --> 01:34:14.625
मैं उनसे प्यार नहीं करती।

01:34:17.208 --> 01:34:18.541
ना ही वो मुझ से करते हैं।

01:34:23.541 --> 01:34:25.083
कब तक जीती रहूँगी ये झूठ में?

01:34:26.375 --> 01:34:27.958
कुछ रिश्ते कर्ज़ों की तरह होते हैं।

01:34:29.708 --> 01:34:30.708
उन्हें निभाना नहीं,

01:34:31.875 --> 01:34:32.875
चुकाना पड़ता है।

01:34:36.250 --> 01:34:39.958
तुम जो भी करने की कोशिश कर
रहे हो, उससे किसी का फायदा नहीं हो रहा।

01:34:40.500 --> 01:34:43.833
कभी-कभी नुकसान रोक लेना, फायदे से बेहतर होता है।

01:34:45.916 --> 01:34:48.708
जज़्बात को रिवाजों की गुलामी नहीं करनी चाहिए।

01:34:51.791 --> 01:34:55.208
इस दुनिया के सारे गुनाहों में से
सबसे बड़ा गुनाह कौन सा है, पता है?

01:34:57.958 --> 01:34:59.208
अपने मन को मारना।

01:35:01.541 --> 01:35:03.541
मेरे मन में तुम्हारे लिए कुछ नहीं है, रूप।

01:35:04.916 --> 01:35:06.416
मुझे तुम पर यकीन क्यों नहीं होता?

01:35:06.666 --> 01:35:08.958
क्योंकि तुम यकीन नहीं इश्क करना चाहती हो।

01:35:11.166 --> 01:35:12.375
बर्बाद हो जाओगी।

01:35:15.583 --> 01:35:17.500
दर्द के अलावा कुछ नहीं दे सकता मैं तुम्हें।

01:35:19.250 --> 01:35:20.166
मंज़ूर है।

01:35:23.041 --> 01:35:24.291
तुम जानती नहीं मुझे।

01:35:25.583 --> 01:35:26.666
मेरी ज़िंदगी को

01:35:27.291 --> 01:35:28.250
या उस वजह को

01:35:28.583 --> 01:35:30.791
जिस वजह से मैं तुम्हारे करीब होना चाहता था।

01:35:35.083 --> 01:35:36.458
और वो वजह मोहब्बत नहीं है।

01:35:41.416 --> 01:35:44.541
प्यार ना करने की हज़ार वजह
मिल सकती है डर के बाजार में।

01:35:48.041 --> 01:35:51.583
लेकिन प्यार करने की सिर्फ़
एक ढूँढनी होती है, अपने दिल में।

01:35:54.500 --> 01:35:55.875
मुझे अपनी वजह मिल गई।

01:35:58.291 --> 01:35:59.375
बाकी तुम्हारी मर्ज़ी।

01:36:22.125 --> 01:36:25.958
[सत्या भरी आवाज़ में] आप लोगों को
जल्द ही हुस्नाबाद छोड़ने की तैयारी करनी चाहिए।

01:36:26.333 --> 01:36:28.041
मैं आपके बगैर कहीं नहीं जाऊँगा।

01:36:33.833 --> 01:36:35.875
मैं तो जा रही हूँ आपके बगैर।

01:36:39.750 --> 01:36:41.875
डॉक्टर ने कहा है, अब भी आप ठीक हो सकती हैं।

01:36:44.708 --> 01:36:47.416
अपने आशिक की आँखों में देखते हुए मरना

01:36:47.500 --> 01:36:49.791
बहुत कम लोगों को नसीब होता है।

01:37:02.250 --> 01:37:04.083
सुकून के आँसू हैं।

01:37:06.541 --> 01:37:07.958
बह जाने दीजिए।

01:37:09.500 --> 01:37:11.666
मेरा सुकून तो लेके जा रही हैं आप।

01:37:13.375 --> 01:37:15.083
अब क्या करूँगा ज़िंदगी का मैं।

01:37:27.666 --> 01:37:29.166
पिछले कुछ दिनों से

01:37:29.250 --> 01:37:31.375
रूप से एक अजीब सी जलन हो रही है।

01:37:33.916 --> 01:37:35.041
अच्छी जलन।

01:37:38.625 --> 01:37:41.291
उसे मेरे हिस्से की खुशियाँ मिलने वाली हैं।

01:37:47.375 --> 01:37:49.125
आपकी जगह कोई नहीं ले सकता।

01:37:51.375 --> 01:37:53.875
मैं उसे अपनी जगह देना चाहती हूँ।

01:37:58.916 --> 01:38:00.041
वादा करो

01:38:03.875 --> 01:38:07.208
हमारे सारे ख्वाब आप उसके साथ पूरे करोगे।

01:38:09.083 --> 01:38:10.833
बेटियों को पढ़ाओगे।

01:38:12.666 --> 01:38:14.416
बेटों के दोस्त बनोगे।

01:38:17.166 --> 01:38:19.166
बाबा को माफ़ कर दोगे।

01:38:26.708 --> 01:38:28.000
मुझे मत छोड़ो, सत्या।

01:38:30.416 --> 01:38:31.333
रुक जाओ।

01:39:45.583 --> 01:39:48.166
उनकी कमी महीनों तक हमारे साथ रही।

01:39:50.166 --> 01:39:52.833
तो उनके गुजरते ही आप लोगों ने हुस्नाबाद छोड़ दिया?

01:39:54.458 --> 01:39:55.666
काश छोड़ दिया होता।

01:39:58.750 --> 01:40:01.916
[अहमद] सर, अब्दुल की पार्टी
अब बहुत ताकतवर हो गई है।

01:40:03.250 --> 01:40:07.166
इस आर्टिकल के बारे में एक बार फिर सोच लेते।

01:40:18.250 --> 01:40:19.125
ईद मुबारक।

01:40:19.416 --> 01:40:20.291
आपको भी।

01:40:21.208 --> 01:40:22.875
क्या वो जानते हैं, वो क्या करने जा रहे हैं?

01:40:23.833 --> 01:40:27.083
वैसे ही अवाम-ए-हक के लोग हमारे खून के प्यासे हैं।

01:40:28.500 --> 01:40:29.500
इस आर्टिकल के बाद

01:40:29.666 --> 01:40:31.333
यहाँ के लोहार हमें ज़िंदा जला देंगे।

01:40:36.916 --> 01:40:37.875
खुदा हाफ़िज़।

01:41:39.291 --> 01:41:40.875
जश्न के माहौल में रंज मना रहे हैं?

01:41:46.541 --> 01:41:48.041
किसने कहा मैं रंज मना रहा हूँ?

01:41:49.000 --> 01:41:50.833
जश्न में लोग मिलकर शराब पीते हैं।

01:41:52.208 --> 01:41:53.875
तन्हा शराब रंज में पी जाती है।

01:41:58.791 --> 01:42:02.333
बस अपनी ज़िंदगी से कुछ लम्हे चुरा के
अपने आप के साथ वक़्त बिताना चाहता हूँ।

01:42:03.625 --> 01:42:05.583
लोगों की तरस से भरी आँखों से थक गया हूँ।

01:42:10.166 --> 01:42:11.041
मैं भी।

01:42:16.875 --> 01:42:18.166
तो आपके रंज का राज़ क्या है?

01:42:21.791 --> 01:42:23.083
आपके हाथ में ना शराब है,

01:42:24.000 --> 01:42:25.666
ना आप जश्न में शामिल होना चाहते हैं।

01:42:32.541 --> 01:42:34.791
अनजानों को राज़ बताना बहुत आसान होता है।

01:42:37.333 --> 01:42:39.583
मन भी हल्का हो जाता है और इज़्ज़त भी बनी रहती है।

01:42:43.291 --> 01:42:44.291
मुझे इश्क हो गया है।

01:42:46.500 --> 01:42:47.791
शादीशुदा लड़की से।

01:42:48.458 --> 01:42:49.583
पिएँगे?

01:42:50.875 --> 01:42:52.000
मुसलमान हूँ।

01:42:52.458 --> 01:42:53.375
ईद मुबारक।

01:42:54.166 --> 01:42:55.041
शुक्रिया।

01:42:57.375 --> 01:42:58.333
और वो?

01:42:59.666 --> 01:43:00.708
इश्क करती है आप से?

01:43:03.083 --> 01:43:04.166
मेरे इश्क से कहीं ज़्यादा।

01:43:05.666 --> 01:43:06.791
तो फिर मुश्किल क्या है?

01:43:07.875 --> 01:43:09.125
काश आप उसके शौहर होते

01:43:09.458 --> 01:43:10.666
ये किस्सा यहीं निपट जाता।

01:43:18.541 --> 01:43:20.250
एक बार बात तो करके देखे।

01:43:22.500 --> 01:43:23.791
दुनिया भी बड़ी अजीब है।

01:43:25.291 --> 01:43:27.666
कोई किसी से बात नहीं करता,
बस सीधे जंग पर निकल जाते हैं।

01:43:28.083 --> 01:43:31.125
कभी-कभी जंग कर लेना,
दिल की बात बताने से आसान होता है।

01:43:31.208 --> 01:43:33.583
अरे कौन सा पति एक ऐसी औरत के साथ रहना चाहेगा

01:43:33.666 --> 01:43:34.833
जो किसी और से प्यार करती है?

01:43:44.041 --> 01:43:45.416
लेकिन इसमें एक और राज़ है।

01:43:45.750 --> 01:43:46.833
वाह, वाह!

01:43:47.666 --> 01:43:50.083
मैं कहानी सुनने आया था,
आपने कठेरा खड़ा कर दिया!

01:43:50.250 --> 01:43:51.125
मसला ये है

01:43:51.208 --> 01:43:52.666
कि मैंने उसे सिर्फ़ आधे सच बताए हैं।

01:43:53.958 --> 01:43:55.000
तो पूरी बता दो।

01:43:55.083 --> 01:43:56.083
इतना आसान नहीं है।

01:43:57.500 --> 01:43:59.250
अक्सर इतना ही आसान होता है।

01:44:06.333 --> 01:44:08.375
खैर, आपकी कहानी क्या है?

01:44:11.333 --> 01:44:15.208
बस अपनी टूटी हुई किस्मत के टुकड़े
समेट के आगे निकल जाना चाहता हूँ।

01:44:18.541 --> 01:44:20.250
लेकिन पता नहीं शुरुआत कहाँ से करूँ।

01:44:22.625 --> 01:44:25.250
पहला टुकड़ा जिस जख्म से हुआ उसे ढूँढिए।

01:44:26.291 --> 01:44:27.875
बाकी टुकड़े अपने आप मिल जाएँगे।

01:44:37.041 --> 01:44:38.500
तो कितनी औरतों के साथ सोए हैं आप?

01:44:40.583 --> 01:44:41.750
ये कैसा बेहूदा सवाल है?

01:44:42.750 --> 01:44:43.750
मतलब एक।

01:44:46.458 --> 01:44:48.125
अठारह साल की उम्र में शादी हो गई।

01:44:50.375 --> 01:44:51.916
आप कितनी लड़कियों के साथ सोए हैं?

01:44:52.958 --> 01:44:54.291
उतनी गिनती नहीं आती है मुझे।

01:45:11.791 --> 01:45:13.250
कभी ज़िंदगी में चीखे हैं?

01:45:14.875 --> 01:45:15.791
आइए।

01:45:16.250 --> 01:45:18.250
आज गला फाड़ के ज़िंदगी को बोल देते हैं।

01:45:19.166 --> 01:45:20.625
उसके धोखों से हारेंगे नहीं हम।

01:45:30.458 --> 01:45:31.333
आइए।

01:45:31.416 --> 01:45:32.916
कसम से कह रहा हूँ, रिहा हो जाएँगे आप।

01:45:33.333 --> 01:45:34.250
कोशिश कीजिए।

01:45:57.000 --> 01:45:58.875
बस बस।

01:46:06.041 --> 01:46:06.958
कसम से?

01:46:07.541 --> 01:46:09.041
एक ही लड़की के साथ ज़िंदगीभर।

01:46:48.333 --> 01:46:50.000
♪ बिल्लोरी निगाहों से ♪

01:46:50.125 --> 01:46:52.125
♪ करे हैं सौ इशारे ♪

01:46:52.750 --> 01:46:54.291
♪ खिड़की के नीचे ♪

01:46:54.375 --> 01:46:56.625
♪ नासपीटा सीटी मारे ♪

01:46:57.000 --> 01:46:58.791
♪ बिल्लोरी निगाहों से ♪

01:46:58.875 --> 01:47:01.416
♪ करे हैं सौ इशारे ♪

01:47:01.708 --> 01:47:03.166
♪ खिड़की के नीचे ♪

01:47:03.250 --> 01:47:05.375
♪ नासपीटा सीटी मारे ♪

01:47:06.000 --> 01:47:08.000
♪ इश्क में हुआ है थोड़ा ♪

01:47:08.083 --> 01:47:11.208
♪ अंधा थोड़ा बहरा ♪

01:47:12.375 --> 01:47:15.791
♪ सैयां मेरा ऐरा गैरा नत्थू खैरा ♪

01:47:36.833 --> 01:47:38.666
सत्या ने इस घर को संभाला था।

01:47:40.166 --> 01:47:41.666
मैं बर्बाद नहीं होने दूँगा।

01:47:42.666 --> 01:47:45.541
आपको अपनी ज़िम्मेदारियाँ
समझनी पड़ेगी इस घर में।

01:47:46.083 --> 01:47:48.291
मुझे नहीं लगता मैं सत्या की जगह ले पाऊँगी।

01:47:48.458 --> 01:47:51.333
आपके पति कई दिनों से रातभर घर नहीं लौट रहे हैं।

01:47:52.958 --> 01:47:54.041
संभालिए उन्हें।

01:47:55.208 --> 01:47:57.041
कुछ रिश्ते कर्ज़ों की तरह होते हैं,

01:47:59.041 --> 01:48:00.958
उन्हें निभाना नहीं चुकाना पड़ता है।

01:48:04.458 --> 01:48:06.291
मेरा और देव का रिश्ता कुछ ऐसा ही है।

01:48:07.583 --> 01:48:09.958
अगले हफ्ते हम हुस्नाबाद छोड़ के जा रहे हैं।

01:48:10.458 --> 01:48:12.000
मुझे इस शहर से प्यार हो गया है।

01:48:15.125 --> 01:48:16.958
मैं हुस्नाबाद छोड़कर जा नहीं पाऊँगी।

01:48:26.416 --> 01:48:28.583
♪ हूर सा चेहरा ईरानी ♪

01:48:28.666 --> 01:48:30.791
♪ और लहजा हिन्दुस्तानी ♪

01:48:30.875 --> 01:48:32.958
♪ झील सी तेरी आँखों में ♪

01:48:33.041 --> 01:48:35.833
♪ एक हलचल है तूफानी ♪

01:48:39.583 --> 01:48:41.791
♪ देख महफ़िल में आए हैं ♪

01:48:41.875 --> 01:48:43.916
♪ जान की देने कुर्बानी ♪

01:48:44.083 --> 01:48:46.250
♪ एक मेहबूबा की खातिर ♪

01:48:46.375 --> 01:48:48.916
♪ आज दो दो दिलबर जानी ♪

01:48:49.375 --> 01:48:51.291
♪ जिनके दिल का इंजन तेरे ♪

01:48:51.375 --> 01:48:53.750
♪ स्टेशन पे है ठहरा, हाँ… ♪

01:48:53.833 --> 01:48:55.666
♪ जिनके दिल का इंजन तेरे ♪

01:48:55.750 --> 01:48:58.166
♪ स्टेशन पे है ठहरा ♪

01:48:58.250 --> 01:49:03.083
♪ समझे काहे ऐरा गैरा नत्थू खैरा? ♪

01:49:03.625 --> 01:49:08.958
♪ सैयां मेरा ऐरा गैरा नत्थू खैरा ♪

01:49:09.250 --> 01:49:14.291
♪ समझे काहे ऐरा गैरा नत्थू खैरा? ♪

01:49:34.458 --> 01:49:36.541
♪ रात लेके आयी है ♪

01:49:36.625 --> 01:49:38.750
♪ जश्न तारी आए हाए हाए ♪

01:49:38.833 --> 01:49:40.875
♪ गम गलत करने की है ♪

01:49:41.083 --> 01:49:43.083
♪ अपनी बारी आए हाए हाए ♪

01:49:47.625 --> 01:49:49.750
♪ हो रात लेके आयी है ♪

01:49:49.833 --> 01:49:52.041
♪ जश्न तारी आए हाए हाए ♪

01:49:52.125 --> 01:49:54.166
♪ गम गलत करने की है ♪

01:49:54.333 --> 01:49:56.166
♪ अपनी बारी आए हाए हाए ♪

01:49:56.333 --> 01:49:58.166
♪ ए, आज नाचें गाएँ ♪

01:49:58.250 --> 01:50:00.250
♪ ज़रा इश्क-विश्क फरमाएँ ♪

01:50:00.375 --> 01:50:01.750
♪ और जान जलाने वाली ♪

01:50:01.833 --> 01:50:02.958
♪ भाड़ में जाए सारी ♪

01:50:03.041 --> 01:50:05.458
♪ दुनियादारी आए हाए हाए ♪

01:50:09.666 --> 01:50:14.000
♪ हो दिल के आइने में झांके सुंदरी का चेहरा ♪

01:50:14.125 --> 01:50:18.291
♪ हो दिल के आइने में झांके सुंदरी का चेहरा ♪

01:50:18.500 --> 01:50:20.041
♪ इश्क में हुआ है ♪

01:50:20.125 --> 01:50:22.875
♪ थोड़ा अंधा थोड़ा बहरा ♪

01:50:22.958 --> 01:50:24.083
♪ सैयां मेरा ♪

01:50:25.375 --> 01:50:26.625
♪ सैयां मेरा ♪

01:50:27.458 --> 01:50:30.916
♪ सैयां मेरा ऐरा गैरा नत्थू खैरा ♪

01:50:31.000 --> 01:50:34.083
♪ सैयां मेरा ऐरा गैरा नत्थू खैरा ♪

01:50:34.166 --> 01:50:37.916
♪ समझे काहे ऐरा गैरा नत्थू खैरा? ♪

01:50:38.375 --> 01:50:39.250
कब से?

01:50:41.875 --> 01:50:44.291
जब से बहार बेगम के यहाँ गाना सीखने जा रही हैं।

01:50:45.916 --> 01:50:46.958
नाम क्या है उसका?

01:50:47.791 --> 01:50:48.666
ज़फ़र!

01:51:03.375 --> 01:51:08.375
♪ वक़्त का ये सितम है ♪

01:51:08.833 --> 01:51:13.375
♪ तुम्हारे तो हम हैं ♪

01:51:14.000 --> 01:51:20.916
♪ तुम अगर हो अमानत किसी और की ♪

01:51:21.916 --> 01:51:28.208
♪ बस मोहब्बत तुम्हारी ♪

01:51:28.541 --> 01:51:32.958
♪ है दौलत हमारी ♪

01:51:33.375 --> 01:51:40.333
♪ तुम अगर हो विरासत किसी और की ♪

01:51:41.708 --> 01:51:48.458
-♪ जिस दिन निकले जान हमारी ♪
-आपके पिता जी परेशान हो रहे थे।

01:51:48.875 --> 01:51:49.750
चलिए।

01:51:50.458 --> 01:51:54.625
♪ एक बार मिलने आना ♪

01:51:54.833 --> 01:52:01.791
♪ तुम लेके इज़ाजत किसी और की ♪

01:52:02.541 --> 01:52:09.500
♪ लेके इज़ाजत किसी और की ♪

01:52:09.750 --> 01:52:11.500
पिछला साल आपके लिए बहुत मुश्किल रहा है।

01:52:16.125 --> 01:52:20.250
अगर मेरे बर्ताव से आपको
कोई तकलीफ़ पहुँची हो तो माफ़ी चाहता हूँ।

01:52:31.208 --> 01:52:32.708
या तो आप अलग हो सकती हैं

01:52:36.875 --> 01:52:38.666
या इस शादी को एक और मौका दे सकती हैं।

01:52:47.000 --> 01:52:48.875
आप जो फैसला लेंगी मुझे मंज़ूर है।

01:53:30.875 --> 01:53:33.833
आपके कोठे के दरवाज़े हमेशा खुले रहते हैं?

01:53:36.250 --> 01:53:38.291
हमें कुछ भी छुपाने की ज़रूरत नहीं है।

01:53:40.291 --> 01:53:41.916
हम ये शहर छोड़ के जा रहे हैं।

01:53:46.583 --> 01:53:48.833
अलविदा तो आप बहुत साल पहले कह चुके हैं।

01:53:49.916 --> 01:53:50.916
बताइए,

01:53:52.125 --> 01:53:53.875
आज कौन सी तकलीफ़ देने आए हैं?

01:53:54.833 --> 01:53:57.416
वक़्त बदल गया है लेकिन आप नहीं बदली बहार जान।

01:53:59.083 --> 01:54:03.125
अब अपने बेटे को इस्तेमाल करके
आप हमारे खानदान को तबाह करना चाहती हैं।

01:54:04.666 --> 01:54:05.916
समझाइए उसे।

01:54:06.750 --> 01:54:08.083
रूप हमारी बहू है।

01:54:10.833 --> 01:54:12.833
खुदा के मज़ाक का भी जवाब नहीं!

01:54:13.875 --> 01:54:14.916
जिस आदमी ने

01:54:15.541 --> 01:54:17.583
इतनी ज़िंदगियों का तमाशा बनाया,

01:54:19.083 --> 01:54:23.041
आज वो अपनी इज़्ज़त बचाने
के लिए गुजारिश करने आया है।

01:54:25.916 --> 01:54:29.250
वक़्त ने आपको भी नहीं बदला, बलराज साहब।

01:54:30.500 --> 01:54:34.166
हमने आपको साफ-साफ
समझाया था कि हमारा रिश्ता गलत है।

01:54:35.333 --> 01:54:37.208
लेकिन आप सच्चाई बर्दाश्त नहीं कर पाईं।

01:54:38.666 --> 01:54:41.916
और ज़िंदगीभर हम से
धोखा खाने का तमाशा करती रहीं।

01:54:44.333 --> 01:54:47.416
तो क्या यही कहकर
तसल्ली देते रहें आप अपने आप को?

01:54:49.750 --> 01:54:50.875
रिश्ता गलत था

01:54:51.833 --> 01:54:54.125
तो क्यों बार-बार लौट के आते थे हमारे दरवाज़े पर?

01:54:55.875 --> 01:54:57.708
मोहब्बत आपको भी हुई थी, बलराज साहब

01:54:59.166 --> 01:55:00.458
लेकिन समाज के डर से

01:55:01.500 --> 01:55:02.500
एक दिन अचानक

01:55:03.625 --> 01:55:04.958
कूड़े की तरह फेंक दिया हमें।

01:55:07.208 --> 01:55:08.791
घिन आती है आपकी खुदगर्जी पर।

01:55:10.208 --> 01:55:11.875
मेहरबानी करके यहाँ से निकल जाइए।

01:55:18.958 --> 01:55:19.916
वाह!

01:55:21.000 --> 01:55:23.416
क्या रहमत बरसाई है खुदा ने मुझ पर आज।

01:55:24.875 --> 01:55:26.625
बरसों बाद अम्मी को मिलने आया था,

01:55:27.458 --> 01:55:29.000
साथ में अब्बा भी मिल गए।

01:55:31.166 --> 01:55:32.458
एक तरफ़ बहार बेगम

01:55:33.375 --> 01:55:34.541
जिसने मुझे फेंक दिया।

01:55:35.666 --> 01:55:37.333
और दूसरी तरफ़ बलराज चौधरी

01:55:38.541 --> 01:55:40.541
जो कल तक मुझे कबूल नहीं कर रहा था।

01:55:41.416 --> 01:55:43.291
और आज मुझ से भीख माँगने आया है।

01:55:44.750 --> 01:55:45.833
क्या चाहते हो तुम?

01:55:46.958 --> 01:55:50.208
कि हम तुम से अपने खानदान की इज़्ज़त की भीख माँगे?

01:55:51.416 --> 01:55:52.375
छोड़ दो उन्हें!

01:55:53.250 --> 01:55:54.625
लेकिन वो काम तो आपका है।

01:55:55.541 --> 01:55:56.750
अपनों को छोड़ देना।

01:55:58.458 --> 01:56:00.208
आपको क्या पता है, खानदान क्या होता है?

01:56:02.291 --> 01:56:06.625
वैसे भी माशाअल्लाह सिर्फ़ अल्लाह जानते हैं
कि मेरे कितने भाई-बहन घूम रहे हैं।

01:56:07.166 --> 01:56:09.583
मेरा सिर्फ़ एक खानदान है।

01:56:10.666 --> 01:56:12.708
जिसे मुझे तुम दोनों से बचाना है।

01:56:13.458 --> 01:56:17.291
तो फिर कह दो अपनी बहू से
कि मुझ से इश्क करना छोड़ दे।

01:56:22.375 --> 01:56:24.291
मैंने कहा था ना गिरा दो इसे!

01:56:25.833 --> 01:56:28.625
इसकी पैदाइश ने हमारे रिश्ते का कत्ल कर दिया।

01:56:29.625 --> 01:56:31.666
या आपकी असलियत को जाहिर कर दिया!

01:56:33.250 --> 01:56:34.833
ये हमारी औलाद नहीं है।

01:56:37.625 --> 01:56:39.791
हमारी एक गलती का नतीजा है।

01:56:41.375 --> 01:56:43.833
जिसे हम ज़िंदगीभर रिहा नहीं कर पाएँगे।

01:56:45.958 --> 01:56:47.416
ज़फ़र छोड़ दो इन्हें।

01:56:48.375 --> 01:56:49.250
ज़फ़र!

01:56:54.458 --> 01:56:56.166
हमारे साथ जो भी करना है कर लो।

01:56:57.458 --> 01:56:59.916
लेकिन हमारे गुनाहों की सज़ा हमारे बेटे को मत दो।

01:57:02.041 --> 01:57:03.750
उसने कुछ नहीं बिगाड़ा तुम्हारा।

01:57:06.250 --> 01:57:07.958
मेरी मुलाकात हुई थी उससे आज।

01:57:09.333 --> 01:57:10.625
सबकुछ है उसके पास।

01:57:11.625 --> 01:57:12.625
खुशी के अलावा।

01:57:13.250 --> 01:57:15.375
उसे दुनिया से बचाने की कश्मकश में

01:57:16.000 --> 01:57:17.541
आप उसे प्यार देना भूल गए।

01:57:20.125 --> 01:57:21.750
मेरी ज़िंदगी का एक ही मकसद था।

01:57:23.041 --> 01:57:24.500
आपको इस हाल में देखना।

01:57:25.666 --> 01:57:27.041
लेकिन रूप सही कहती है,

01:57:27.916 --> 01:57:30.208
जब किसी और की बर्बादी अपनी जीत सी लगे,

01:57:31.750 --> 01:57:33.958
तो आप से ज़्यादा बर्बाद
और कोई नहीं है इस दुनिया में।

01:57:35.666 --> 01:57:37.833
मैं जानता हूँ कि आप मुझे कभी कबूल नहीं करेंगे।

01:57:39.208 --> 01:57:41.916
लेकिन ये इनकार भी नहीं कर सकते
क्योंकि मैं हूँ तो आप ही का हिस्सा।

01:57:44.500 --> 01:57:46.500
बस मुझे अपने बेटे के हिस्से से रूप दे दें।

01:57:48.541 --> 01:57:49.875
मोहब्बत करता हूँ उससे।

01:57:51.375 --> 01:57:53.166
उसके अलावा और कुछ नहीं माँगूँगा।

01:57:53.500 --> 01:57:56.333
रूप और देव की शादी से दूर रहो, ज़फ़र।

01:57:58.458 --> 01:57:59.958
वरना अंजाम बुरा होगा।

01:58:04.166 --> 01:58:05.958
रूप की मोहब्बत मेरा हक है।

01:58:07.416 --> 01:58:08.666
जिसके मालिक आप नहीं हैं।

01:58:10.083 --> 01:58:11.000
और ये हक

01:58:12.333 --> 01:58:13.416
मैं लेके रहूँगा।

01:58:13.541 --> 01:58:14.500
ज़फ़र।

01:58:22.416 --> 01:58:25.583
हम जानते हैं कि आप हमारी
किसी भी बात पर राजी नहीं हैं

01:58:26.833 --> 01:58:28.708
लेकिन इस बार आप जानती हैं

01:58:29.708 --> 01:58:30.833
कि हम सही हैं।

01:59:47.583 --> 01:59:50.416
वो, हीरा मंडी से आपको कोई मिलने के लिए आए हैं।

02:00:04.875 --> 02:00:05.833
क्या हुआ मियाँ?

02:00:12.000 --> 02:00:13.625
ये सब उस औरत की वजह से हो रहा है।

02:00:15.333 --> 02:00:19.125
मुझे तो यकीन भी नहीं हो रहा है कि चौधरी इस
हद तक गिर सकता है आपको तकलीफ़ देने के लिए।

02:00:19.500 --> 02:00:20.791
इसमें रूप का कोई हाथ नहीं है।

02:00:26.416 --> 02:00:29.208
इश्क का अंधापन अक्ल के दरवाज़े बंद कर देता है।

02:00:31.208 --> 02:00:34.166
आपको दिखाई नहीं दे रहा है
चौधरी आपके साथ क्या खेल, खेल रहा है।

02:00:36.833 --> 02:00:37.875
लेकिन मैं अंधा नहीं हूँ।

02:00:40.250 --> 02:00:42.166
आप चाहे तो उसे माफ़ कर दीजिए,

02:00:43.666 --> 02:00:46.375
लेकिन अब आपका बदला उस औरत से मैं लूँगा।

02:00:51.833 --> 02:00:53.041
अगर उसे हाथ लगाया,

02:00:54.791 --> 02:00:57.500
तो हमारे रिश्ते के साथ आपकी गर्दन भी काट दूँगा मैं।

02:01:18.791 --> 02:01:19.750
मोहब्बत…

02:01:20.500 --> 02:01:22.125
अक्सर गलती करवाती है।

02:01:23.833 --> 02:01:24.833
कहा था हमने।

02:01:28.833 --> 02:01:30.333
आप गलत समझ रही हैं।

02:01:31.166 --> 02:01:32.500
कसम खाई थी हमने

02:01:33.708 --> 02:01:35.666
कि इस चौखट पर कभी नहीं आएँगे।

02:01:38.291 --> 02:01:39.458
लेकिन आज आपने

02:01:40.583 --> 02:01:42.833
उस कसम को तोड़ने पर मजबूर कर दिया।

02:01:44.041 --> 02:01:45.750
आप नहीं जानती मेरा हाल क्या है।

02:01:47.541 --> 02:01:50.625
पर अफसोस, अब वो बिगड़ने लग जाएगा।

02:01:54.458 --> 02:01:56.625
ज़फ़र, हमारा और बलराज का बेटा है।

02:02:05.041 --> 02:02:06.625
उसने आपका इस्तेमाल किया है,

02:02:07.666 --> 02:02:09.041
इस घर को बर्बाद करने के लिए।

02:02:09.125 --> 02:02:10.541
वो मोहब्बत करता है मुझ से।

02:02:11.375 --> 02:02:12.833
देखा है मैंने उसकी आँखों में।

02:02:14.000 --> 02:02:15.875
शुरुआत से झूठ बोला है उसने आप से।

02:02:15.958 --> 02:02:18.000
उसने अपने हालात में कुछ गलतियाँ की होगी।

02:02:18.083 --> 02:02:20.625
लेकिन हमारी मोहब्बत सच्ची है।

02:02:20.708 --> 02:02:21.708
पढ़ी-लिखी हैं आप।

02:02:22.541 --> 02:02:23.458
अक्लमंद हैं।

02:02:25.166 --> 02:02:26.458
हीरा मंडी का लड़का है वो।

02:02:27.375 --> 02:02:30.833
उसकी ज़िंदगी में बिस्तर के बाहर
किसी भी औरत की कोई कीमत नहीं है।

02:02:33.041 --> 02:02:35.250
और आप से तो हमबिस्तर भी नहीं होना चाह रहा था।

02:02:38.125 --> 02:02:41.125
बस वो यही चाहता है कि किसी भी तरह

02:02:41.416 --> 02:02:44.541
भरे बाजार में बलराज चौधरी को जलील कर पाए।

02:02:46.416 --> 02:02:48.250
और आपके अंधे इश्क ने

02:02:49.083 --> 02:02:51.541
उसके सपने को पूरा करने का मौका दिया।

02:02:53.958 --> 02:02:55.000
यही सच्चाई है!

02:02:56.500 --> 02:02:57.500
मान लें!

02:03:00.041 --> 02:03:03.208
अगर आप अपने शौहर को
छोड़ के उसके पास भी चली जातीं

02:03:04.416 --> 02:03:06.041
तो वो आपको कबूल नहीं करता।

02:03:09.583 --> 02:03:13.583
मोहब्बत उससे करते हैं,
जो आपकी इज़्ज़त कर सके।

02:03:15.166 --> 02:03:19.208
आप से आपकी मोहब्बत से
ज़्यादा मोहब्बत कर सके।

02:03:22.208 --> 02:03:23.083
रूप,

02:03:25.458 --> 02:03:26.750
आप उसका इश्क नहीं,

02:03:28.000 --> 02:03:29.041
इंतकाम हैं।

02:03:32.041 --> 02:03:34.916
और वो सिर्फ़ अपने इंतकाम से मोहब्बत करता है।

02:03:54.250 --> 02:03:56.291
खानदानी लड़ाई जीतने के लिए

02:03:57.458 --> 02:04:00.041
आपने इतने साल हमें सियासी जंगों में फंसा दिया।

02:04:01.416 --> 02:04:02.333
सही कहते हैं सब।

02:04:03.541 --> 02:04:05.583
हरामियों का कोई ईमान नहीं होता!

02:04:12.750 --> 02:04:16.416
अपने इंतकाम को पूरा करने के
लिए जिस आग को आपने फूंक दी थी ना

02:04:19.416 --> 02:04:21.375
अब उसी आग से ये शहर जला दूँगा।

02:04:23.291 --> 02:04:27.041
अब आप अपने अमाल का अंजाम रोक नहीं पाएँगे।

02:04:31.916 --> 02:04:33.041
खुदा हाफ़िज़।

02:04:48.000 --> 02:04:49.041
ज़रूरी था।

02:04:50.625 --> 02:04:52.625
ज़फ़र हम से नफरत शुरू से करते हैं।

02:04:54.458 --> 02:04:55.583
थोड़ी और कर लेंगे।

02:04:57.041 --> 02:04:58.958
लेकिन इस तरह उनकी जान तो बच जाएगी।

02:04:59.708 --> 02:05:01.375
क्या फायदा जान बचाने का,

02:05:02.458 --> 02:05:04.583
जब आपने जीने का मकसद ही छीन लिया?

02:05:06.083 --> 02:05:07.708
नाजायज़ मोहब्बत का अंजाम

02:05:09.166 --> 02:05:10.458
अक्सर तबाही होता है।

02:05:20.083 --> 02:05:21.333
ज़फ़र नाम है उसका।

02:05:22.041 --> 02:05:23.041
तुम्हारा भाई।

02:05:23.625 --> 02:05:25.583
जिसे तुम ईद के दिन पर मिले थे।

02:05:29.416 --> 02:05:32.291
मुझ में हिम्मत नहीं थी
अपनी गलतियों को कबूल करने की।

02:05:38.250 --> 02:05:39.333
माफ़ कर दो मुझे।

02:06:42.625 --> 02:06:46.708
♪ दी नहीं दुआ भले ♪

02:06:47.041 --> 02:06:51.083
♪ ना दी कभी बद्दुआ ♪

02:06:51.875 --> 02:06:54.791
♪ ना खफा हुए ♪

02:06:55.041 --> 02:07:00.333
♪ ना हम हुए कभी बेवफा ♪

02:07:01.166 --> 02:07:06.250
♪ तुम मगर बेवफा हो गए ♪

02:07:06.375 --> 02:07:09.500
♪ क्यों खफा हो गए? ♪

02:07:10.125 --> 02:07:13.166
♪ कि तुम से जुदा होके हम ♪

02:07:13.583 --> 02:07:17.375
♪ तबाह हो गए ♪

02:07:18.208 --> 02:07:22.083
♪ तबाह हो गए ♪

02:07:22.833 --> 02:07:27.000
♪ तबाह हो गए ♪

02:07:27.458 --> 02:07:32.166
♪ तबाह हो गए ♪

02:07:41.583 --> 02:07:43.791
♪ फिर अखियन में दीद के तेरी ♪

02:07:43.875 --> 02:07:45.791
♪ दीप जला जाना ♪

02:07:45.875 --> 02:07:48.333
♪ मोहे छोड़ के जाने की खातिर ही ♪

02:07:48.458 --> 02:07:50.458
♪ लौट के आ जाना ♪

02:07:50.791 --> 02:07:53.000
♪ फिर अखियन में दीद के तेरी ♪

02:07:53.125 --> 02:07:55.000
♪ दीप जला जाना ♪

02:07:55.083 --> 02:07:57.666
♪ मोहे छोड़ के जाने की खातिर ही ♪

02:07:57.750 --> 02:07:59.500
♪ लौट के आ जाना ♪

02:08:00.416 --> 02:08:05.083
♪ गैर के हमनवा हो गए ♪

02:08:05.166 --> 02:08:08.541
♪ क्यों खफा हो गए? ♪

02:08:08.958 --> 02:08:11.916
♪ कि तुम से जुदा होके हम ♪

02:08:12.416 --> 02:08:16.375
♪ तबाह हो गए ♪

02:08:17.083 --> 02:08:20.916
♪ तबाह हो गए ♪

02:08:21.750 --> 02:08:24.583
-♪ तबाह हो गए ♪
-आपने फैसला मुझ पे छोड़ा था।

02:08:26.291 --> 02:08:31.083
♪ तबाह हो गए ♪

02:08:57.958 --> 02:09:01.875
♪ हाँ सजदे में हमने माँगा था ♪

02:09:02.875 --> 02:09:07.041
♪ उम्र भी हमारी लग जाए तुमको ♪

02:09:07.166 --> 02:09:11.208
♪ खुद से ही तौबा करते थे ♪

02:09:12.000 --> 02:09:16.541
♪ नज़र ना हमारी लग जाए तुमको ♪

02:09:21.000 --> 02:09:25.166
♪ हाँ सजदे में हमने माँगा था ♪

02:09:25.916 --> 02:09:30.125
♪ उम्र भी हमारी लग जाए तुमको ♪

02:09:30.250 --> 02:09:34.291
♪ खुद से ही तौबा करते थे ♪

02:09:35.041 --> 02:09:39.333
♪ नज़र ना हमारी लग जाए तुमको ♪

02:09:39.541 --> 02:09:43.875
♪ हम मगर ना-गवारा ♪

02:09:44.000 --> 02:09:47.875
♪ तुम्हें किस तरह हो गए? ♪

02:09:48.333 --> 02:09:51.541
♪ कि तुम से जुदा होके हम ♪

02:09:51.875 --> 02:09:55.875
♪ तबाह हो गए ♪

02:09:56.416 --> 02:10:00.333
♪ तबाह हो गए ♪

02:10:01.041 --> 02:10:05.333
♪ तबाह हो गए ♪

02:10:05.750 --> 02:10:10.958
♪ तबाह हो गए ♪

02:13:01.791 --> 02:13:02.708
ज़फ़र।

02:13:04.291 --> 02:13:05.166
ज़फ़र।

02:13:05.791 --> 02:13:06.791
ज़फ़र।

02:13:07.541 --> 02:13:08.625
ज़फ़र।

02:13:10.333 --> 02:13:11.208
ना।

02:13:11.291 --> 02:13:16.041
♪ क्या कहे इश्क में इस कदर ♪

02:13:16.250 --> 02:13:19.791
♪ बेज़ुबान हो गए ♪

02:13:20.291 --> 02:13:23.083
♪ कि तुम से जुदा होके हम ♪

02:13:23.166 --> 02:13:28.375
♪ तबाह हो गए ♪

02:13:28.916 --> 02:13:33.208
♪ तबाह हो गए ♪

02:13:33.958 --> 02:13:38.375
♪ तबाह हो गए ♪

02:13:38.958 --> 02:13:44.666
♪ तबाह हो गए ♪

02:14:31.000 --> 02:14:32.083
द डेली टाइम्स
हुस्नाबाद में खुली पहली स्टील फैक्टरी

02:14:32.333 --> 02:14:33.875
आधुनिक भारत के लिए एक नया मशीनी युग

02:14:38.041 --> 02:14:39.625
द डेली

02:15:33.583 --> 02:15:35.791
मुझे हीरा मंडी में किसी से प्यार हो गया था।

02:15:43.875 --> 02:15:45.958
आपने शुरुआत से मुझ से सच कहा है।

02:15:49.583 --> 02:15:50.541
अब…

02:15:52.125 --> 02:15:54.583
जब हम इस शादी को ठीक
तरह से कायम कर रहे हैं।

02:15:57.833 --> 02:15:59.875
मैं आपको अपना सच बता देना चाहती हूँ।

02:16:02.125 --> 02:16:03.666
इस रिश्ते में इज़्ज़त होगी

02:16:07.333 --> 02:16:08.333
प्यार नहीं होगा।

02:16:11.916 --> 02:16:14.166
उम्मीद करती हूँ आपका दिल मुझ से बड़ा हो।

02:16:18.291 --> 02:16:20.291
और वक़्त के साथ आप मुझे माफ़ करते रहें।

02:16:27.458 --> 02:16:29.041
आप किसी सी प्यार करती थीं?

02:16:34.708 --> 02:16:35.708
फिर क्या बदल गया?

02:16:37.125 --> 02:16:38.583
मैं उनकी इज़्ज़त नहीं करती।

02:16:38.958 --> 02:16:40.125
और प्यार खत्म हो गया?

02:16:49.625 --> 02:16:52.000
आपने कहा आप इस
रिश्ते को कायम करना चाहती हैं।

02:16:54.583 --> 02:16:55.583
अब क्यों?

02:17:00.208 --> 02:17:01.916
सिर्फ़ साथ सो लेना काफी नहीं होता।

02:17:05.083 --> 02:17:07.416
और कई पहलू निभाने होते हैं शादी कायम करने में।

02:17:11.375 --> 02:17:12.875
मैंने सत्या से हमेशा कहा था,

02:17:13.083 --> 02:17:15.833
जबरदस्ती बनाए रिश्तों का अंजाम कभी अच्छा नहीं होता।

02:17:18.125 --> 02:17:20.250
उसकी खुशी की खातिर अपनी कुर्बान कर दी मैंने।

02:17:21.958 --> 02:17:23.666
और कहीं आपकी खुशियों का भी कत्ल हो गया।

02:17:26.375 --> 02:17:27.625
इसलिए मैं बहुत शर्मिंदा था।

02:17:34.375 --> 02:17:36.833
वक़्त के साथ वो शर्मिंदगी
शायद चाहत में बदलने लगी।

02:17:45.333 --> 02:17:47.250
आपकी पूरी ज़िंदगी
आपके सामने बाकी है, रूप।

02:17:50.250 --> 02:17:52.916
गुस्से में किए फैसले अक्सर गलतियों में तब्दील होते हैं।

02:17:54.791 --> 02:17:56.875
एकबार अपने आप से सच बोल के देखिए।

02:17:59.958 --> 02:18:02.625
इस रिश्ते को और मुझे उतनी
इज़्ज़त तो दे ही सकती हो आप।

02:18:16.041 --> 02:18:17.958
पति-पत्नी का रिश्ता रिवाजों से नहीं

02:18:20.375 --> 02:18:21.541
प्यार से बँधना चाहिए।

02:18:49.041 --> 02:18:51.625
देव चौधरी ने हमारे खिलाफ फैसला ले लिया है।

02:18:53.291 --> 02:18:54.541
मैंने भी एक फैसला लिया।

02:18:56.291 --> 02:18:58.041
इन चौधरियों को खत्म करने का।

02:18:59.625 --> 02:19:00.541
सोच लीजिए।

02:19:02.000 --> 02:19:06.083
अब जो हमारे साथ नहीं, वो हमारा दुश्मन है!

02:19:22.750 --> 02:19:23.750
सरोज जी!

02:19:31.458 --> 02:19:32.375
[दरवाज़ा खुलने की आवाज़]

02:19:40.916 --> 02:19:41.791
सरोज जी!

02:19:41.916 --> 02:19:43.583
डेली टाइम्स मुर्दाबाद!

02:19:43.708 --> 02:19:45.333
डेली टाइम्स मुर्दाबाद!

02:19:45.666 --> 02:19:47.250
डेली टाइम्स मुर्दाबाद!

02:19:47.458 --> 02:19:48.958
डेली टाइम्स मुर्दाबाद!

02:19:49.458 --> 02:19:52.583
-डेली टाइम्स मुर्दाबाद!
-[काँच टूटने की आवाज़]

02:19:52.833 --> 02:19:54.458
डेली टाइम्स मुर्दाबाद!

02:19:54.583 --> 02:19:56.125
डेली टाइम्स मुर्दाबाद!

02:19:56.291 --> 02:19:57.791
डेली टाइम्स मुर्दाबाद!

02:20:20.541 --> 02:20:21.791
माफ़ कर दो मुझे।

02:20:24.250 --> 02:20:25.208
बस?

02:20:27.875 --> 02:20:29.000
यही कहने आए हो?

02:20:30.666 --> 02:20:31.791
क्या फर्क पड़ता है?

02:20:33.875 --> 02:20:35.708
वैसे भी तुमने अपना फैसला ले लिया है।

02:20:38.666 --> 02:20:39.625
है ना?

02:20:41.083 --> 02:20:42.958
पूरी शिद्दत से तुम से प्यार किया।

02:20:46.166 --> 02:20:48.458
और बदले में तुम ईमानदारी तक नहीं कर पाए।

02:20:52.125 --> 02:20:53.916
इतना मुश्किल था मुझ से सच बोलना?

02:21:02.166 --> 02:21:04.333
पूरी ज़िंदगी दिल में एक चीज़ भर के रखी थी।

02:21:06.125 --> 02:21:07.083
नफरत।

02:21:08.416 --> 02:21:09.708
सबको धोखा दिया।

02:21:10.958 --> 02:21:13.250
ताकि अपने अब्बा से इंतकाम ले सकूँ।

02:21:15.458 --> 02:21:17.458
तुमने मेरे नफरत को बेघर कर दिया।

02:21:20.208 --> 02:21:22.083
और मेरे दिल में मोहब्बत भर दी।

02:21:23.875 --> 02:21:25.375
तुम मेरे दिल को बदल रही थी।

02:21:26.458 --> 02:21:27.333
मैं डर गया।

02:21:28.958 --> 02:21:30.500
डर गया तुम्हारी मोहब्बत से।

02:21:34.083 --> 02:21:35.791
जो सब इस घर से चाहता था

02:21:39.791 --> 02:21:40.833
तुमने मुझे दिया।

02:21:42.208 --> 02:21:43.500
अगर तुम्हें सच कहता

02:21:45.583 --> 02:21:46.666
तो खो देता।

02:21:50.625 --> 02:21:52.708
झूठ बोल के पा लिया क्या मुझे?

02:21:55.875 --> 02:21:57.666
हम एक-दूसरे के नसीब में नहीं हैं, रूप।

02:22:00.708 --> 02:22:01.916
यही खुदा की मर्ज़ी।

02:22:06.125 --> 02:22:08.083
तुम्हें कभी मुझ से प्यार हुआ ही नहीं?

02:22:10.708 --> 02:22:12.583
अगर मुझे इसका जवाब देना पड़ा

02:22:14.416 --> 02:22:16.666
तो तुम्हारी मोहब्बत पर सवाल उठ जाएँगे।

02:22:23.166 --> 02:22:25.666
तुम कभी सीधा जवाब क्यों नहीं देते, ज़फ़र?

02:22:36.291 --> 02:22:37.541
एक बार कह दो।

02:22:40.750 --> 02:22:41.791
एक बार कह दो,

02:22:42.125 --> 02:22:43.583
मोहब्बत करते हो मुझ से।

02:22:55.875 --> 02:22:56.916
[काँच टूटने की आवाज़]

02:23:09.875 --> 02:23:11.458
डेली टाइम्स मुर्दाबाद!

02:23:11.791 --> 02:23:14.708
डेली टाइम्स मुर्दाबाद!

02:23:14.791 --> 02:23:16.375
-पीछे के दरवाज़े से।
-चलिए अनंत जी।

02:23:20.666 --> 02:23:23.750
डेली टाइम्स मुर्दाबाद!

02:23:46.541 --> 02:23:47.541
अहमद!

02:24:15.708 --> 02:24:16.666
[रूप] देव!

02:24:17.291 --> 02:24:18.208
चलिए!

02:24:29.958 --> 02:24:31.250
खत्म कर दो तीनों को।

02:25:34.750 --> 02:25:36.250
हम इन्हें पनाह नहीं दे सकते।

02:25:37.166 --> 02:25:40.041
सारे हिंदुओं को मुसलमानों के घरों में ढूँढा जा रहा है।

02:25:40.958 --> 02:25:42.250
ये यहाँ सलामत नहीं हैं।

02:25:43.416 --> 02:25:44.875
आप इन्हें स्टेशन ले जाइए।

02:25:45.750 --> 02:25:46.750
चलो हमारे साथ।

02:25:47.250 --> 02:25:49.458
हम अपने हिंदू लड़कियों को छोड़कर नहीं जा सकते।

02:25:49.750 --> 02:25:50.875
आप चलिए मेरे साथ, अम्मी!

02:25:54.125 --> 02:25:55.791
जहाँ हमारी पैदाइश हुई थी,

02:25:57.416 --> 02:25:59.125
शायद वहीं हमारी मौत आएगी।

02:26:01.041 --> 02:26:02.000
जाइए।

02:26:03.166 --> 02:26:04.125
आप जाइए।

02:26:06.000 --> 02:26:06.958
ज़फ़र।

02:26:56.791 --> 02:26:57.666
हाथ दीजिए।

02:26:59.416 --> 02:27:00.375
चलिए।

02:27:02.583 --> 02:27:03.500
इस तरफ।

02:27:57.041 --> 02:27:57.958
ए!

02:28:28.125 --> 02:28:29.125
देव!

02:28:31.958 --> 02:28:32.916
आप ठीक हो, देव?

02:28:44.083 --> 02:28:45.083
आप लोग ट्रेन पर चढ़िए।

02:28:45.541 --> 02:28:46.500
मैं इन्हें रोकता हूँ।

02:28:46.750 --> 02:28:47.791
मार देंगे आपको।

02:28:48.958 --> 02:28:50.000
ये मेरे लोग हैं।

02:28:50.625 --> 02:28:51.916
मुझे कुछ नहीं करेंगे।

02:29:11.458 --> 02:29:12.708
[घंटे की आवाज़]

02:29:31.708 --> 02:29:32.625
यहाँ!

02:29:33.125 --> 02:29:34.958
जल्दी! जल्दी! चलो!

02:29:35.083 --> 02:29:36.875
-वो रहें!
-पकड़ों उन दोनों को!

02:29:53.416 --> 02:29:54.375
हटो!

02:29:54.625 --> 02:29:55.583
कुछ नहीं होगा।

02:30:09.708 --> 02:30:11.916
ए, चलो हटो!

02:30:12.500 --> 02:30:13.416
ए!

02:30:13.958 --> 02:30:15.000
ए!

02:30:25.250 --> 02:30:26.458
छोड़ दें, अब्दुल मियाँ!

02:30:27.000 --> 02:30:28.000
जाने दें उन्हें।

02:30:30.333 --> 02:30:31.250
मेरी खातिर।

02:31:05.250 --> 02:31:06.166
ज़फ़र!

02:31:10.083 --> 02:31:11.041
ज़फ़र!

02:31:13.083 --> 02:31:14.333
ज़फ़र चलो हमारे साथ!

02:31:21.875 --> 02:31:22.833
ज़फ़र!

02:31:39.541 --> 02:31:41.625
ज़फ़र, चलो!

02:31:52.625 --> 02:31:54.375
भागो!

02:32:13.291 --> 02:32:14.333
जल्दी!

02:32:41.666 --> 02:32:42.791
ज़फ़र!

02:32:46.958 --> 02:32:49.000
ज़फ़र उठो!

02:32:49.416 --> 02:32:50.750
ज़फ़र!

02:32:52.208 --> 02:32:53.583
उठो, ज़फ़र!

02:32:54.291 --> 02:32:55.291
ज़फ़र!

02:33:02.000 --> 02:33:03.541
उठो, ज़फ़र!

02:33:04.708 --> 02:33:06.833
ज़फ़र उठो!

02:33:15.875 --> 02:33:18.000
भागो, ज़फ़र!

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[ज़फ़र की आवाज़] मैं जानता नहीं
कि मुझे जलाया गया है या दफ़नाया गया

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लेकिन मेरी नाजायज़ ज़िंदगी को मकसद मिल गया।

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मोहब्बत।

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और वो मोहब्बत हमेशा ज़िंदा रहेगी।

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[रिपोर्टर का वॉइसओवर] लकीरें खींच लेने
से दुनिया छोटी या बड़ी नहीं हो जाती।

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बस हज़ारों ज़िंदगियाँ बिखर जाती हैं।

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अक्सर उन बिखरी हुई ज़िंदगियों में

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दिल टूटने का गम दो लोगों को जोड़ देता है।

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डेली टाइम्स अखबार के देव और रूप का किस्सा भी

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बँटवारे की उन हज़ारों कहानियों में से है

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जो इतिहास की चीखों में कहीं खो जाएँगी।

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लाल कर दो

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[रूप की आवाज़] मोहब्बत और नफरत,

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दोनों के रंग लाल हैं।

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लेकिन फर्क ये है

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कि नफरत से दुनिया बर्बाद हो जाती है।

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और मोहब्बत में

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खुद बर्बाद होना पड़ता है।

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फिर भी,

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कलंक अक्सर मोहब्बत पर लगते हैं।

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हमारी ये कलंक से रंगी मोहब्बत कभी मिटेगी नहीं।

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हमारे अंदर हमेशा मौजूद रहेगी।

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अब फैसला आपके नज़रिये का है।

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आपने इस कहानी में क्या देखा?

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कलंक?
