WEBVTT

00:11.320 --> 00:13.880
अभिषेक सर!
[दरवाज़ा खटखटाने की आवाज़]

00:14.640 --> 00:15.680
अभिषेक सर?

00:16.200 --> 00:17.760
[दरवाज़ा खटखटाने की आवाज़]

00:24.840 --> 00:26.840
[थीम संगीत]

00:27.120 --> 00:28.640
[विकास] अभी तक सो रहे हैं।

00:37.200 --> 00:38.280
अभिषेक सर?

00:40.320 --> 00:41.400
अभिषेक सर!

00:43.200 --> 00:44.440
[विकास] अभिषेक सर!

00:44.520 --> 00:46.520
-[खिड़की पर दस्तक की आवाज़]
-[गहरी सांस छोड़ते हुए]

00:48.880 --> 00:51.760
[विकास] दोपहर हो गई।
अभी तक सो ही रहे हैं आप।

00:52.160 --> 00:53.160
हमको तो डर लग गया।

00:53.240 --> 00:54.680
बहुत देर से दरवाज़ा पीट रहे हैं।

00:56.800 --> 00:58.920
अब छह बजे पूरा गाँव उठ के बैठ जाएगा,

00:59.400 --> 01:00.920
तो नौ बजे दोपहर ही लगेगा।

01:02.320 --> 01:03.520
[अभिषेक] अंदर आ।

01:07.400 --> 01:08.760
ये, सर, मोमबत्ती।

01:11.640 --> 01:12.840
कितना हुआ?

01:12.920 --> 01:15.680
सर, ऐसे तो आधा दर्जन का
पचास रूपए मांग रहा था।

01:16.040 --> 01:18.120
लेकिन हम भी मोल-भाव करके सस्ते में ले लिए।

01:18.640 --> 01:19.880
कितने में दिया?

01:20.680 --> 01:23.280
यही, सर... 48 रुपए में।

01:30.960 --> 01:34.280
अच्छा, उसके पास दो रुपए का छुट्टा नहीं था,
तो दो रुपए का पेठा ले लिए।

01:34.640 --> 01:36.640
सोचा कि सुबह-सुबह आपका नाश्ता भी हो जाएगा।

01:38.400 --> 01:39.520
इससे नाश्ता होगा मेरा?

01:39.600 --> 01:41.240
दालमोठ के साथ ठीक रहेगा।

01:41.480 --> 01:43.200
[हास्यकर संगीत]

01:49.440 --> 01:52.600
सर, एक और एमर्जेंसी लाइट
क्यों नहीं ख़रीद लेते हैं?

01:54.360 --> 01:56.360
हम्म। दुकान ही लगा लेता हूँ न
एमर्जेंसी लाइट की।

01:56.440 --> 01:58.520
पंचायत भवन के सामने चबूतरे पे
लगा लेते हैं।

01:59.840 --> 02:01.240
[अभिषेक] बेचता रहूँगा लाइट।

02:03.520 --> 02:05.280
[पानी गिरने की आवाज़]

02:15.160 --> 02:17.040
नौकरी एकदम पसंद नहीं आ रही ना, सर?

02:19.240 --> 02:20.520
नहीं, बढ़िया है, सर।

02:20.600 --> 02:23.280
हम ख़ुद यहाँ नौकरी होने के बाद
सेना की बहाली में दौड़े थे।

02:23.880 --> 02:27.840
ये दोनों घुटने कैंची जैसे सटते थे न, सर,
तो मेडिकल परीक्षा में छंट गए हम।

02:29.880 --> 02:33.760
आदमी को हमेशा कुछ न कुछ अच्छा करने की
कोशिश करते रहना चाहिए, सर।

02:34.640 --> 02:36.400
अब हम तो कुछ नहीं कर पाए, सर।

02:36.880 --> 02:38.640
लेकिन आप में प्रतिभा है, सर।

02:39.120 --> 02:40.280
आप सब कुछ अच्छा कीजिए, सर।

02:40.480 --> 02:41.800
ख़ूब मन लगा के पढ़िएगा आप।

02:42.080 --> 02:43.480
[मलिन संगीत]

02:44.920 --> 02:46.640
अरे, बिजली रहे तो पढ़ेगा न कोई।

02:47.400 --> 02:50.160
कभी ये एमर्जेंसी चार्ज करो,
कभी वो एमर्जेंसी चार्ज करो,

02:50.760 --> 02:52.320
कभी ये जलाओ, कभी वो बुझाओ।

02:52.400 --> 02:54.000
कभी इसे कम करो, कभी उसे कम करो।

02:54.720 --> 02:56.480
काम के बाद चार-पाँच घंटे मिलते हैं,

02:56.560 --> 02:58.240
वो भी सब इसी में चला जाता है,
जलाते-बुझाते।

03:00.120 --> 03:02.080
[हास्यकर संगीत]

03:11.400 --> 03:12.400
सर...

03:13.760 --> 03:17.520
वैसे आज की पंचायत बैठक
सोलर लाइट को लेकर के है ना।

03:25.640 --> 03:27.640
[थीम संगीत]

04:28.480 --> 04:29.480
[ब्रिज] यह लीजिए, रखिए।

04:29.560 --> 04:32.120
अरे, रहने दीजिए, प्रधान जी।
पहले का भी पड़ा है।

04:32.200 --> 04:35.840
अरे, रखिए न। घर का ऊगा है। एकदम ताज़ा है।
देखिये कैसे भकाभक नाख़ून घुस रहा है।

04:35.920 --> 04:38.440
अरे, रहने दीजिए। फकौली बाज़ार जाऊँगा,
वहाँ से ले आऊँगा। रहने दीजिए।

04:38.520 --> 04:40.960
फकौली बाज़ार में ऐसी ताज़ा लौकी
कहाँ मिलेगी। रखिए न, भाई।

04:41.040 --> 04:42.840
-रखिए।
-अरे, रख लीजिए। पैसा बचेगा।

04:42.920 --> 04:43.960
शरमा रहे हैं।

04:44.040 --> 04:46.160
देखो, प्रह्लाद शरमा नहीं रहा।
आप शरमा रहे हैं, रखिए।

04:46.240 --> 04:47.400
[ब्रिज] रख लीजिए।

04:47.640 --> 04:48.880
सचिव जी!

04:49.640 --> 04:52.160
[विकास] सभी वार्ड के सदस्य आ गए हैं,
बैठक शुरू करते हैं।

04:52.240 --> 04:54.280
-चलें?
-वो हमारी वाली कुर्सी लगा दी है ना?

04:54.880 --> 04:55.880
वो...

04:57.640 --> 05:00.720
-सवेरे से यहाँ है एक कुर्सी नहीं लगा पाया।
-[विकास] ध्यान से उतर गया था।

05:00.800 --> 05:02.280
-[अभिषेक] चलिए, प्रह्लाद जी।
-जल्दी कर।

05:03.000 --> 05:04.440
[ब्रिज] एक दूँ खींच के कान के नीचे?

05:05.720 --> 05:07.080
[विकास] ध्यान से उतर गया था।

05:11.880 --> 05:13.600
चलो, आइए। चलिए, बैठिए।

05:13.680 --> 05:14.960
[ब्रिज गहरी सांस छोड़ते हुए]

05:19.320 --> 05:20.320
हाँ, जी।

05:22.520 --> 05:24.200
आज बस कुछ छोड़ना मत।

05:24.920 --> 05:26.040
[ब्रिज] यह देखो।

05:26.920 --> 05:30.280
अरे, भिंडेश्वर जी, घर से खाकर
नहीं आए हैं क्या?

05:30.360 --> 05:32.840
-[सभी वार्ड सदस्य हँसते हुए]
-ये दूसरा है तुम्हारा। हम देख रहे हैं।

05:32.920 --> 05:35.160
अरे, मंगल नहीं दिखाई दे रहा। मंगल किधर है?

05:35.240 --> 05:37.080
अरे, वो थोड़ा पेशाब करने गए हैं।

05:37.160 --> 05:38.520
अरे, उसको करने दीजिए पेशाब।

05:38.960 --> 05:41.440
सचिव जी, आप शुरू हो जाइए।
चलिए, शुरू करते हैं।

05:41.920 --> 05:43.680
-करें शुरू?
-हाँ, शुरू करिए।

05:43.880 --> 05:46.040
अरे, बैठे रहिए। खड़े क्यों हो गए, भाई?

05:46.120 --> 05:48.720
-हमको बैठे हुए भी सुनाई देता है।
-[सब हँसते हुए]

05:48.800 --> 05:49.800
चलिए...

05:51.360 --> 05:54.880
तो जैसा कि आप लोगों को पता ही होगा
कि सांसद निधि से फुलेरा गाँव में

05:54.960 --> 05:56.840
तेरह सोलर लाइट लगाने का तय हुआ है।

05:56.920 --> 05:58.680
[सभी] हाँ, मालूम है।

05:59.120 --> 06:01.360
तो बस, हमें इस बैठक में यही निर्णय लेना है

06:01.440 --> 06:04.560
कि वो 13 लाइटें गाँव के किन-किन
ज़रूरी स्थानों में लगेंगी।

06:05.040 --> 06:09.360
अरे, बस वो 13वीं लाइट का निर्णय लेना है
कि कहाँ लगनी है, बाकी तो सब हो गया है।

06:11.680 --> 06:13.280
प्रधान जी, कुल 13 लाइटें हैं।

06:13.560 --> 06:15.520
अरे हाँ, भाई, 13 हैं। वो तो मालूम है।

06:15.600 --> 06:17.960
देखिए, 12 का तो हो गया इंतज़ाम। हाँ।

06:18.480 --> 06:21.960
क्या है कि दस वार्ड सदस्यों के यहाँ,
एक प्रह्लाद के यहाँ

06:22.040 --> 06:23.280
और एक हमारे यहाँ।

06:23.360 --> 06:26.160
बारह हो गए न, अब 13वीं बची है बस।
उसका निर्णय ले लीजिए।

06:26.240 --> 06:27.320
[ब्रिज] सब लोग मिल के। लीजिए।

06:27.720 --> 06:29.200
चलिए बताइए, कहाँ लगेगी।

06:29.280 --> 06:30.360
-[प्रह्लाद] विकास।
-[विकास] हाँ?

06:30.440 --> 06:31.960
तुम्हारे घर के बाहर लगा दें लाइट?

06:32.840 --> 06:34.240
[ब्रिज] देखो, कैसे मुस्कुरा रहा है।

06:36.040 --> 06:39.040
नहीं। हमारा और भिंडेश्वर भाई का दोनों
आमने-सामने घर है।

06:39.120 --> 06:41.560
तो वहाँ लगवाएंगे,
तो हमारा काम भी हो ही जाएगा।

06:41.640 --> 06:42.920
-क्यों, भिंडेश्वर जी?
-हाँ।

06:43.000 --> 06:44.960
-जी।
-बहुत समझदारी की बात कही है।

06:45.480 --> 06:49.200
अच्छा, अभिषेक सर, हम कह रहे थे
कि अगर आपके मन में कोई है जगह

06:49.280 --> 06:51.160
तो बता दीजिए।

06:51.440 --> 06:53.040
[विकास] ज़्यादा सोचिए मत, तुरंत बता दीजिए।

06:53.560 --> 06:57.280
वो क्या है कि दिन में धूप में चार्ज होगा,
रातभर चलेगा। बहुत बढ़िया लाइट है।

06:58.520 --> 06:59.520
बताइए।

07:01.920 --> 07:04.640
-[ब्रिज] बताइए। आपने पूरा गाँव देखा है।
-बताइए।

07:04.720 --> 07:05.720
बताइए कहाँ लगेगी।

07:06.560 --> 07:08.880
-बताइए।
-प्रधान जी, मैं सोच रहा था...

07:08.960 --> 07:10.240
[मंगल] प्रधान जी।

07:11.280 --> 07:14.040
[हकलाते हुए] हम ये सोच रहे थे,

07:14.120 --> 07:18.400
वो अपने गाँव के बाहर जो भुतहा पेड़ है ना,
वहाँ लगा देते हैं वो 13वीं लाइट।

07:18.480 --> 07:19.640
-क्यों, भाइयों?
-[भिंडेश्वर] हाँ, सही है।

07:19.720 --> 07:22.160
[सभी] सही कह रहे हैं।

07:22.240 --> 07:24.440
वहाँ भी लाइट की बहुत ज़रूरत है, प्रधान जी।

07:24.520 --> 07:26.160
क्या? कौन सा पेड़, प्रधान जी?

07:27.160 --> 07:29.840
क्या रे, विकास? तीन हफ्ते हो गए
सचिव जी को आए,

07:29.920 --> 07:31.520
तूने भुतहा पेड़ नहीं घुमाया?

07:31.800 --> 07:34.240
[हँसते हुए] वो भी कोई
घुमाने की जगह थोड़े ही है, प्रधान जी।

07:34.320 --> 07:37.040
-हाँ, ये भी बात है।
-[सभी हँसते हुए]

07:37.240 --> 07:39.440
वो क्या है, सचिव जी, हमारे गाँव के

07:39.520 --> 07:41.280
पूर्व की तरफ़ एक भुतहा पेड़ है।

07:41.640 --> 07:46.320
शाम को छह बजे के बाद जब अँधेरा हो जाता है,
तो सब लोग वहाँ जाने से बहुत डरते हैं।

07:47.120 --> 07:48.800
कभी न जाइए, बिलकुल।

07:50.040 --> 07:51.360
-प्रधान जी।
-हम्म।

07:51.680 --> 07:54.280
अगर लाइट वहाँ लगेगी तो गाँव वालों का
भला तो होगा।

07:54.360 --> 07:55.600
हाँ, यह बात तो है।

07:55.680 --> 07:58.000
-मंगल, बहुत बढ़िया सुझाव दिया है।
-[मंगल] जी।

07:58.080 --> 08:01.320
-पेशाब करते-करते अचानक दिमाग़ में आ गया।
-[सब हँसते हुए]

08:01.400 --> 08:03.160
[प्रह्लाद] तो, मंगल, पेशाब ही
किया करो तुम।

08:03.240 --> 08:05.040
-[सब हँसते हुए]
-[मंगल] सही है।

08:06.520 --> 08:08.920
[ब्रिज] बाल्टी लेके जाया कर।

08:11.160 --> 08:13.760
[ब्रिज] हो गया है? तो फिर तय हो गया है
भुतहा पेड़ के पास?

08:14.400 --> 08:15.640
ये देखो।

08:15.720 --> 08:18.200
चलिए। इसको खाइए मत। इसको रखिए यहाँ।

08:18.560 --> 08:19.640
रखिए।

08:20.400 --> 08:24.080
यहाँ है कमरा। सब कुछ बहुत बढ़िया-बढ़िया
सा है। कोई फ़िक़्र नहीं।

08:24.360 --> 08:27.080
और ये सारी कागज़ी कार्यवाही अब आगे बढ़ाइए।

08:27.160 --> 08:30.360
ठीक है? लगवा दीजिए जल्दी से वो 13वीं लाइट।
आ जा।

08:35.240 --> 08:36.760
और, सचिव जी, सुनिए।

08:36.840 --> 08:41.280
वो लौकी थोड़ी पुरानी है, उसमें तीन-चार
सीटी मारिए, बढ़िया से पक जाएगी।

08:41.600 --> 08:43.720
फिर बैठ के खाइए। बहुत मज़ा करिए। आइए।

08:47.080 --> 08:49.080
[अस्पष्ट बातचीत]

08:49.680 --> 08:51.480
[मलिन संगीत]

09:09.440 --> 09:11.440
[झींगुरों की आवाज़]

09:20.400 --> 09:22.400
[कुकर की सीटी की आवाज़]

09:49.960 --> 09:51.840
[अभिषेक] अरे, यार।

10:02.520 --> 10:05.480
अरे, वो मोमबत्ती कहाँ है?

10:14.680 --> 10:15.760
अरे!

10:19.440 --> 10:20.800
[मलिन संगीत]

10:34.040 --> 10:35.560
धत्।
[हाथ पंखा पटकने की आवाज़]

10:40.080 --> 10:41.880
[मुर्गे की बाँग की आवाज़]

10:45.760 --> 10:47.640
[कीबोर्ड पर टाइप करने की आवाज़]

11:04.240 --> 11:06.280
[विकास] अब वो लोग मानने वाले नहीं हैं, सर।

11:09.640 --> 11:10.840
क्यों नहीं मानेंगे?

11:11.400 --> 11:13.800
[अभिषेक] बारह सोलर लाइट तो ये लोग
अपने घरों के आगे लगवा रहे हैं।

11:14.120 --> 11:16.040
भाई, मुझे भी अपना फ़ायदा देखना है।

11:16.120 --> 11:18.000
तेरहवां सोलर लाइट यहीं लगेगा
ऑफ़िस के सामने।

11:21.480 --> 11:24.480
[गहरी सांस छोड़ते हुए]
सर, मामला हाथ से निकल चुका है।

11:25.720 --> 11:26.880
मतलब?

11:28.400 --> 11:29.600
एक गुप्त बात बोलूँ, सर?

11:31.720 --> 11:35.080
कल घर लौटते समय प्रधान जी
और उप-प्रधान को बात करते हुए सुन रहे थे।

11:35.600 --> 11:38.880
ये लोग जो हैं 13वां सोलर लाइट
भुतहा पेड़ पर लगा के

11:38.960 --> 11:41.960
अगले पंचायत चुनाव में वोट बटोरने की
फ़िराक में हैं।

11:42.480 --> 11:45.560
[विकास] ये कहेंगे कि गाँववालों को
भुतहा पेड़ के आतंक से आज़ादी दिलाई।

11:46.480 --> 11:48.600
राजनीति, सर। राजनीति।

11:56.160 --> 11:57.440
[गहरी सांस छोड़ते हुए]

11:57.640 --> 11:59.840
कोई तो रास्ता होगा इनके निर्णय को
बदलने का।

11:59.920 --> 12:01.360
[विकास] हाँ, रास्ता है ना।

12:01.440 --> 12:03.440
आप भुतहा पेड़ से भूत को भगा दीजिए,

12:03.520 --> 12:04.960
सोलर लाइट की कोई ज़रूरत नहीं है वहां।

12:05.880 --> 12:07.680
[हल्का संगीत]

12:11.640 --> 12:12.680
क्या हुआ, सर?

12:14.800 --> 12:16.440
कुछ नहीं। रात को तैयार रहना।

12:24.400 --> 12:25.520
[विकास] हाँ, खुशबू।

12:25.600 --> 12:28.320
अगर हम वापस नहीं लौटे
तो दूसरी शादी कर लेना।

12:28.640 --> 12:30.880
समझना हमारा तुम्हारा साथ यहीं तक था।

12:31.240 --> 12:35.520
और ऊपर वाले कमरे की पेटी में बाबा के
दिए हुए 25 चाँदी के सिक्के रखे हुए हैं।

12:35.800 --> 12:38.840
उसको बेच देना, तीन-चार महीने का
खर्चा पानी निकल जाएगा।

12:38.920 --> 12:40.480
[अभिषेक] अरे, कुछ नहीं होगा, यार।

12:40.760 --> 12:42.360
[विकास] कैसे नहीं होगा, सर?

12:43.000 --> 12:44.000
हाँ, क्या?

12:45.160 --> 12:47.480
अरे, हम मोटरसाइकिल से नहीं कूद सकते हैं।

12:47.560 --> 12:49.120
हम हेलमेट नहीं पहने हैं।

12:49.560 --> 12:50.720
हाँ।

12:51.840 --> 12:54.360
पहन के तो आना चाहिए था, लेकिन हम भूल गए।

12:55.280 --> 12:56.280
[अभिषेक] कौन सा? ये है?

12:57.640 --> 12:59.880
[विकास] क्या करें, विनाश काले
विपरीत बुद्धि।

13:00.200 --> 13:01.360
तुम रखो फ़ोन अब।

13:01.880 --> 13:03.640
-[विकास] हाँ, ये...
-[अभिषेक] कौन सा पेड़ है?

13:03.960 --> 13:05.240
[विकास] ये है।

13:05.320 --> 13:09.280
सर, इसके आगे मत जाइए। बता रहे हैं,
चलती गाड़ी से कूद जाएँगे हम।

13:10.640 --> 13:13.240
बस।

13:14.720 --> 13:16.040
जय बजरंग बली।

13:18.680 --> 13:20.480
-[कुत्तों के भौंकने की आवाज़]
-[झींगुरों की आवाज़]

13:26.160 --> 13:28.040
[रहस्यमय संगीत]

13:34.320 --> 13:35.720
[अभिषेक] अरे, चल। क्या हुआ?

13:36.120 --> 13:38.120
हम इसके आगे नहीं जाएँगे, चाहे जो हो जाए।

13:38.200 --> 13:39.920
आपको निलंबित करवाना है हमको, करवा दीजिए।

13:40.600 --> 13:41.680
ला, टॉर्च दे।

13:42.440 --> 13:45.480
सर, अपने मोबाइल का टॉर्च जला लीजिए न।
हमारे पास तो एक ही टॉर्च है।

14:05.320 --> 14:07.000
[विकास] अभिषेक सर, पेड़ों को मत छूइए।

14:15.960 --> 14:19.360
वो फ़ालतू की लाइट के चक्कर में
जान से हाथ धो बैठेंगे।

14:30.960 --> 14:32.720
[रहस्यमय संगीत जारी है]

15:02.280 --> 15:03.400
[विकास] अभिषेक सर!

15:06.520 --> 15:07.680
अभिषेक सर!

15:28.360 --> 15:29.400
[अभिषेक] क्या हुआ?

15:30.360 --> 15:31.600
क्या बढ़िया पेड़ है।

15:31.840 --> 15:32.960
कुछ भी तो नहीं कर रहा।

15:35.960 --> 15:39.560
सर, भूत कोई बच्चा नहीं है
कि उसको बोलेंगे, "बेटा,

15:39.640 --> 15:42.760
चाचा आए हैं, नाच गए के सुनाओ
जॉनी-जॉनी सुनाओ।"

15:43.400 --> 15:44.800
ये नाचता गाता है?

15:45.440 --> 15:47.080
क्या बात बोल रहे हैं, सर?

15:47.160 --> 15:48.400
ये नाचेगा गाएगा कैसे?

15:49.000 --> 15:51.400
बस वो... दौड़ाता है।

15:52.480 --> 15:53.600
क्या करता है?

15:53.680 --> 15:56.720
रात में आने-जाने वाले लोगों को दौड़ाता है।

15:56.800 --> 15:58.960
[अभिषेक] अरे, इतना बड़ा जड़ है।
कैसे दौड़ाएगा?

15:59.040 --> 16:00.200
तुम लोग विज्ञान पढ़ते हो या नहीं?

16:00.720 --> 16:02.720
विज्ञान तो अमेरिका के लोग भी
बहुत पढ़ते हैं।

16:03.200 --> 16:05.760
ऐसा थोड़ी है कि वहाँ के लोग
भूत-प्रेत को नहीं मानते हैं।

16:05.840 --> 16:07.760
कितनी बार टीवी पर देखें हैं कि...

16:08.680 --> 16:10.400
एक नया परिवार घर में घुसता है,

16:10.920 --> 16:13.440
[विकास] और उसके बच्चा या बच्ची को भूत
पकड़ लेता है।

16:13.880 --> 16:17.640
फिर ईसाई लोग के पंडित जी
आकर भूत को भगाता है।

16:17.720 --> 16:20.200
-वो हालेलुया-हालेलुया करता है।
-हम्म।

16:21.240 --> 16:23.440
इस पेड़ ने आख़िरी बार किसी को कब दौड़ाया था?

16:23.760 --> 16:25.680
दो-तीन साल में किसी को नहीं दौड़ाया है।

16:25.760 --> 16:26.760
क्यों?

16:32.200 --> 16:33.480
मन नहीं होगा।

16:35.440 --> 16:38.480
[विकास] मतलब, दो-तीन साल में
एक बार दौड़ाता है।

16:38.720 --> 16:40.280
लेकिन लोग बहुत डर के रहते हैं।

16:40.720 --> 16:44.680
इतना डरते हैं कि यहाँ से आने-जाने में
दौड़ के पार करते हैं।

16:45.280 --> 16:48.400
अब इसी चक्कर में अपने प्रधान जी की पत्नी
मंजू देवी,

16:48.720 --> 16:51.640
वहां ढलान में ऐसे दो बार गिर गईं।

16:53.360 --> 16:54.400
[विकास] अभिषेक सर।

16:55.480 --> 16:58.800
खाली आप सोच ही रहे हैं,
तो कहीं और चलके सोचते हैं न।

17:00.160 --> 17:03.280
अच्छा, ये बता इस पेड़ ने आख़िरी बार
किस गाँव वाले को दौड़ाया था?

17:04.800 --> 17:06.600
वो तो पता नहीं। पता करना पड़ेगा।

17:07.120 --> 17:08.280
हम्म, पता कर।

17:09.080 --> 17:11.040
["पासा फेंक" गाना बजते हुए]

17:27.480 --> 17:29.400
तो रात का कुछ 8:00 बज रहा था।

17:30.600 --> 17:32.600
नहीं। 8:30।

17:33.280 --> 17:34.480
वो क्या है न, बाबू साहब।

17:34.680 --> 17:37.280
तीन साल पुरानी बात है न।
तो थोड़ा भूल रहा हूँ।

17:37.560 --> 17:39.680
कोई बात नहीं। समय छोड़िए,
आप बताइए आख़िर हुआ क्या था।

17:39.760 --> 17:42.360
हाँ। तो हम पेड़ के पास से जा रहे थे।

17:43.040 --> 17:45.320
नहीं, शायद आ रहे थे।

17:45.400 --> 17:47.320
चाचा, आगे बताइए न।

17:47.400 --> 17:49.680
हाँ, तो जैसे ही हम पेड़ के पास से गुज़रे न,

17:49.760 --> 17:52.080
हमको पीछे से खड़खड़ाहट की आवाज़ सुनाई दी।

17:52.400 --> 17:55.400
हम समझ गए कि पेड़ हमारे पीछे दौड़ रहा है।

17:55.640 --> 17:59.520
बस, हम अपना लुंगी उठाए और जो भागे

17:59.600 --> 18:01.520
और सीधा घर जाकर रुके।

18:01.600 --> 18:03.320
आपने पलट के देखा कि पेड़ दौड़ रहा है?

18:03.400 --> 18:05.960
अरे, इसमें पलट के देखने की
क्या बात है, बाबू साहब?

18:06.360 --> 18:08.200
हम से दो-तीन साल पहले,

18:08.400 --> 18:10.920
नवल किशोर भैया को जब पेड़ ने दौड़ाया था,

18:11.000 --> 18:13.560
तो उनको भी ऐसी ही
खड़खड़ाहट की आवाज़ सुनाई दी थी।

18:13.640 --> 18:15.240
["पासा फेंक" गाना बजना जारी है]

18:19.480 --> 18:22.280
[नवल] हमको खड़खड़ाहट की नहीं,
झड़झड़ाहट की आवाज़ सुनाई दी थी।

18:22.880 --> 18:25.360
झड़झड़ाहट की आवाज़ खड़खड़ाहट से तेज़ होती है ना।

18:25.440 --> 18:28.160
अब आप ही सोचिए न, जब इतना बड़ा पेड़ दौड़ेगा,

18:28.640 --> 18:30.120
तो क्या खड़खड़ाहट की आवाज़ आएगी?

18:30.320 --> 18:31.920
आपने पीछे मुड़ के देखा था पेड़ दौड़ रहा है?

18:32.120 --> 18:34.400
मुड़ के तो नहीं देखा, पर आवाज़ तो आई थी।

18:35.320 --> 18:37.800
हमसे पहले जटायु को दौड़ाया था।

18:38.880 --> 18:40.240
उसको भी ऐसा ही सुनाई दिया था।

18:40.920 --> 18:43.320
[जटायु] खड़खड़ाहट या झड़झड़ाहट
की आवाज़ नहीं आती।

18:43.720 --> 18:46.200
हाँ, थोड़ा धमधमाहट की आवाज़ आती है।

18:46.720 --> 18:50.200
अब आप ही सोचिए, इतना भारी पेड़ दौड़ेगा,

18:50.280 --> 18:51.760
तो धम-धम आवाज़ तो होगी न?

18:51.840 --> 18:53.320
अरे, आपने पलट के देखा था क्या?

18:53.640 --> 18:57.120
वो कुछ-कुछ सुना रखा था,
तो हिम्मत नहीं हुई।

18:57.200 --> 18:58.320
क्या सुना रखा था?

18:58.400 --> 19:01.440
अगर दौड़ते हुए आपकी आँख उस पेड़ से मिल गई...

19:04.000 --> 19:06.960
तो वो आपके साथ-साथ आपके घर तक चला जाता है।

19:07.880 --> 19:09.080
आपके साथ हुआ है ऐसा?

19:09.160 --> 19:11.560
अगर पलट के देख लेते तो, हो भी सकता था।

19:13.280 --> 19:15.720
क्योंकि हमसे पहले जिसको भी दौड़ाया था,

19:15.960 --> 19:17.640
उसके साथ ऐसा ही हुआ था।

19:17.720 --> 19:20.480
ना, हमने ऐसा दावा पहले कभी किया ही नहीं।

19:20.960 --> 19:24.560
हमारे घर की गली इतनी पतली है,
कि उसमें पेड़ घुस ही नहीं पाएगा।

19:24.640 --> 19:26.640
पेड़ दौड़ रहा है,
ये आपने अपनी आँखों से देखा था?

19:27.120 --> 19:29.080
आँखों से तो नहीं देखा था।

19:29.920 --> 19:31.400
आपसे पहले किसको दौड़ाया?

19:31.720 --> 19:32.840
हमसे पहले?

19:33.680 --> 19:35.640
शायद प्रमोद को दौड़ाया होगा।

19:36.000 --> 19:37.960
बैठ। क्यों उतर जाता है हर जगह?

19:38.480 --> 19:40.320
-["पासा फेंक" गाना बजना जारी है]
-ठीक है।

19:53.000 --> 19:54.400
हम पलट के नहीं देखे।

19:54.480 --> 19:56.880
क्योंकि आगे भागते समय पीछे देखने से

19:56.960 --> 19:58.280
गिरने का डर रहता है।

19:58.360 --> 20:00.800
और ऐसे मौकों पर गिरना सही नहीं होता।

20:03.480 --> 20:04.600
चल।

20:05.040 --> 20:07.160
[प्रमोद] आप लोग मास्टर जी से मिलकर
देखिए न।

20:07.920 --> 20:10.200
उस पेड़ ने सबसे पहले उन्हीं को दौड़ाया था।

20:10.720 --> 20:11.920
कुछ 14 साल पहले।

20:15.080 --> 20:16.200
एक ही मास्टर जी हैं।

20:16.280 --> 20:17.800
["पासा फेंक" गाना बजना जारी है]

20:50.560 --> 20:51.680
मास्टर जी?

20:54.520 --> 20:57.240
[अभिषेक] मैं बता रहा हूँ
इस मास्टर जी ने भी कुछ नहीं देखा होगा।

20:58.000 --> 20:59.440
सब फालतू की अफवाहें हैं।

21:00.200 --> 21:02.200
और ये सब मैं गाँव वालों के सामने
साबित कर के रहूँगा।

21:06.480 --> 21:07.520
प्रणाम, मास्टर साहिब।

21:10.880 --> 21:12.880
[रहस्यपूर्ण संगीत]

21:38.160 --> 21:40.840
हाँ। हम देखे थे पलट के।

21:42.040 --> 21:44.240
पेड़ हवा में एक मीटर ऊपर था।

21:45.640 --> 21:48.480
और हमारे पीछे-पीछे चुपचाप चला आ रहा था।

21:49.280 --> 21:51.640
कहीं कुछ नहीं, कोई आवाज़ नहीं।

21:51.720 --> 21:53.120
एकदम सन्नाटा।

21:54.120 --> 21:58.040
पेड़ को हवा में देखकर तो पहले मेरा गा...
गला सूख गया।

21:59.440 --> 22:01.280
[मास्टर] थूक तक नहीं निगल पा रहे थे।

22:01.880 --> 22:03.360
हिल तक नहीं पा रहे थे।

22:04.760 --> 22:06.880
पेड़ आकर हमारे पास रुक गया।

22:07.360 --> 22:10.320
तो डर के मारे पहले थोड़ा पेशाब निकला।

22:11.640 --> 22:13.720
फिर आँखों के सामने अँधेरा छा गया।

22:14.720 --> 22:17.120
[मास्टर] जब आँख खुली,
तो पेड़ अपनी जगह पे था।

22:17.720 --> 22:20.120
इससे पहले कि पेड़ कुछ कर पाता,

22:20.360 --> 22:23.320
हम अपने आप को संभाले
और सीधे गाँव की ओर भागे।

22:24.320 --> 22:26.160
[मास्टर] अब इसको आपको

22:26.240 --> 22:29.360
अफवाह मानना है, तो झूठी अफवाह मानिए।

22:30.640 --> 22:33.400
सच मानना है, सच मानिए।

22:34.200 --> 22:37.800
[मास्टर] हम्म। लेकिन जो हुआ, सो यही हुआ।

22:46.480 --> 22:48.160
हमारे ट्यूशन का वक़्त हो रहा है।

22:49.080 --> 22:50.080
हम आज्ञा चाहेंगे।

23:00.800 --> 23:02.360
ये अपना स्कूल कैसा चल रहा है, मास्टर जी?

23:03.320 --> 23:04.400
बढ़िया चल रहा है।

23:04.720 --> 23:05.720
क्यों?

23:06.240 --> 23:08.400
नहीं, कुछ नहीं।
एक नई जिला मजिस्ट्रेट आई हैं।

23:09.040 --> 23:10.320
थोड़ी सख्त हैं।

23:10.720 --> 23:12.680
मेरी काम के चक्कर में
उनसे मुलाक़ात होती रहती है।

23:13.080 --> 23:15.280
तो पूछती रहती हैं कि गाँव का स्कूल
कैसा चल रहा है।

23:15.360 --> 23:17.520
हाँ, तो यह सब हमें क्यों बता रहे हैं आप?

23:17.600 --> 23:20.080
नहीं, उन्हें मिलूँगा तो मैं बताऊँगा
कि स्कूल बढ़िया चल रहा है,

23:20.560 --> 23:22.840
बस अपने जो विज्ञान के अध्यापक हैं
उन्हें भूत दिखाई देता है।

23:23.560 --> 23:25.480
[अभिषेक] तो आपकी कहानी सुनाता हूँ उन्हें
आपकी ज़ुबानी।

23:25.760 --> 23:27.320
हो सकता है मैडम को भी पसंद आए।

23:29.160 --> 23:30.880
[अभिषेक] पता नहीं क्या प्रतिक्रिया देंगी?

23:31.360 --> 23:33.160
वो तो सुना के ही पता चलेगा। है न?

23:34.880 --> 23:36.480
-कल एक चक्कर लगाएं शहर का?
-हाँ।

23:38.520 --> 23:41.000
[अभिषेक] डर मत। मैडम सख्त ज़रूर हैं,
वैसे कुछ करती नहीं हैं।

23:41.080 --> 23:43.400
-[विकास] हाँ।
-[मोटरसाइकिल की आवाज़]

23:45.720 --> 23:47.040
[अभिषेक] हाँ, देखो।

23:47.840 --> 23:49.480
हड़काया तो है मास्टर जी को।

23:50.880 --> 23:52.680
पर लगता है कुछ काम बना नहीं।

23:53.000 --> 23:55.200
अरे, पर क्या पता उसे सच में
पेड़ ने दौड़ाया हो।

23:55.280 --> 23:56.720
भूत-प्रेत होते हैं, भाई।

23:56.800 --> 23:59.040
मेरी बहराइच वाली मौसी पे
एक बार भूत चढ़ गया था।

23:59.120 --> 24:01.440
मौसा जी मज़ाक से ऐसे ही
चुड़ैल-चुड़ैल बुलाते थे।

24:01.520 --> 24:03.680
तांत्रिक ने पुष्टि की कि सच में चुड़ैल है।

24:03.760 --> 24:04.800
हम्म... शायद।

24:05.120 --> 24:06.600
[दरवाज़ा खटखटाने की आवाज़]

24:07.600 --> 24:09.080
एक मिनट। कोई दरवाज़े पर खटखटा रहा है।

24:09.160 --> 24:10.840
इस वक़्त कौन खटखटा रहा है?

24:11.880 --> 24:13.600
तू पहले खिड़की से देख लेना।

24:13.920 --> 24:15.160
अबे, पागल है क्या? रुक।

24:15.240 --> 24:16.640
-दो मिनट में कॉल करता हूँ।
-[खटखटाने की आवाज़]

24:21.960 --> 24:23.640
[रहस्यपूर्ण संगीत]

24:45.280 --> 24:46.280
सचिव जी।

24:47.240 --> 24:49.040
डीएम साहिबा को मत कहिएगा,

24:50.120 --> 24:51.920
नहीं तो निलंबित हो जाएँगे।

24:52.400 --> 24:53.960
हाँ, पूरी बात तो बताइए पहले।

24:54.800 --> 24:58.520
देखिए, पूरी बात तो वही है
जो हम आपको बोले थे,

24:59.640 --> 25:02.080
बस एक बात नहीं बताए थे।

25:03.200 --> 25:04.200
क्या?

25:07.600 --> 25:08.600
उस रात...

25:09.880 --> 25:13.720
ज़िन्दगी में पहली और आख़िरी बार
चिलम मार लिए थे।

25:14.880 --> 25:17.840
[मास्टर] तो न, सर, माथा चकरा गया था।

25:17.920 --> 25:19.960
लगा पेड़ पीछे-पीछे आ रहा है, सर।

25:21.080 --> 25:22.200
सही कह रहे हैं, सर।

25:22.680 --> 25:25.120
कभी आप पीकर देखिए, ऐसा ही लगेगा...

25:27.200 --> 25:29.120
भागते-भागते हम गाँव की तरफ़ गए,

25:29.200 --> 25:31.400
तो रास्ते में किसी को बोल दिया तो

25:31.760 --> 25:33.080
रातों रात हल्ला हो गया, सर।

25:33.160 --> 25:36.360
अरे, अगले दिन तो किसी को समझाना चाहिए था
कि आप हाई थे!

25:37.800 --> 25:40.120
-हाई?
-मतलब आप नशे में थे।

25:40.200 --> 25:41.720
अरे, कैसे बताते, सर?

25:41.800 --> 25:43.480
नई-नई नौकरी लगी थी।

25:43.560 --> 25:46.440
[मास्टर] शिकायत हो जाती, तो नौकरी से हाथ
धो बैठते। सर...

25:47.480 --> 25:48.720
सचिव जी।

25:50.200 --> 25:51.680
आपको ज़रा भी अंदाज़ा है?

25:52.360 --> 25:55.400
आपकी वजह से गाँववालों ने 14 साल
वो पेड़ दौड़-दौड़ के पार किया है।

25:58.720 --> 25:59.880
चौदह साल।

25:59.960 --> 26:01.000
भुतहा पेड़!

26:03.840 --> 26:06.520
सचिव जी, डीएम साहिबा को मत बोलिएगा,

26:06.600 --> 26:08.720
नहीं तो निलंबित हो जाएंगे।

26:08.800 --> 26:09.920
[अभिषेक] क्यों?

26:10.560 --> 26:12.920
ताकि और 14 साल गाँववाले वो पेड़
दौड़-दौड़ कर पार करें?

26:13.360 --> 26:14.440
[अभिषेक] हाँ?

26:20.360 --> 26:21.480
चिलम पी थी।

26:25.320 --> 26:26.800
[रहस्यमय संगीत]

26:30.960 --> 26:32.560
[गाय की रंभाने की आवाज़]

26:58.640 --> 27:00.200
[चिल्लाते हुए]

27:01.800 --> 27:02.840
मारो मत!

27:02.920 --> 27:05.640
-[ब्रिज] अरे, रिंकी की मम्मी, मारो मत!
-[मंजू] अरे!

27:05.720 --> 27:06.760
शांत हो जाइए, आप लोग!

27:06.840 --> 27:08.560
[मंजू] अरे, कैसे शांत हो जाएँ, सचिव जी?

27:08.800 --> 27:11.960
इस गंजेड़ी के फैलाए कहानी के कारण ही
प्रधान जी

27:12.040 --> 27:15.240
पेड़ के नीचे से गाड़ी इतनी तेज़ी से भगाते हैं
कि हम दो बार गिरे हैं!

27:15.680 --> 27:16.920
[मंजू] एक बार घुटना छिलवाया।

27:17.000 --> 27:18.960
दूसरी बार छह हज़ार की साड़ी फट गई।

27:19.040 --> 27:20.680
-कैसे नहीं मारेंगे?
-[ब्रीज] अरे!

27:20.760 --> 27:23.440
कितनी बार कहा है कि कमर पकड़ के बैठा करो।

27:23.520 --> 27:25.000
[मास्टर कराहते हुए]

27:25.760 --> 27:27.560
[ब्रिज] हटिए। शांत हो के बैठिए।

27:27.640 --> 27:29.560
बेचारे ने अपनी ग़लती मान तो ली है।

27:29.640 --> 27:31.440
प्रधान जी,

27:31.520 --> 27:33.480
जितना पीटना है यहाँ पीट लीजिए,

27:33.800 --> 27:35.800
गाँव तक बात नहीं पहुँचनी चाहिए।

27:35.880 --> 27:38.240
आप जाइए। नहीं पहुँचेगा। जाइए आप।

27:38.520 --> 27:39.520
अरे!

27:39.600 --> 27:42.240
-[मंजू देवी चिल्लाते हुए]
-यार, आप भी ना।

27:42.880 --> 27:43.880
जाइए!

27:47.200 --> 27:48.600
-तो, प्रधान जी...
-[ब्रिज] हाँ।

27:48.680 --> 27:50.760
...अगर गाँव वालों को नहीं बताएँगे,
तो उनका डर कैसे जाएगा?

27:51.120 --> 27:52.480
अरे, है एक रास्ता, भाई।

27:52.560 --> 27:54.080
जो सचिव जी ने सोचा है।

27:54.400 --> 27:55.520
बताइए, सचिव जी।

27:56.640 --> 27:58.640
गाँव वालों के अंदर जो डर बैठा हुआ है...

27:59.320 --> 28:03.120
वो निकालने के लिए प्रधान जी
तीन रात लगातार उस पेड़ के नीचे सोएंगे।

28:03.760 --> 28:05.080
अरे, पर चुनाव में...

28:06.640 --> 28:09.000
और अगले चुनाव में आप ख़ूब प्रचार कीजिएगा

28:09.080 --> 28:12.880
कि गाँव के पेड़ से भूत भगाने के लिए
प्रधान जी ने अपनी जान तक दाँव पर लगा दी।

28:17.640 --> 28:18.720
बढ़िया सोचा।

28:19.760 --> 28:22.240
[मंजू] क्या आप लोग दिन भर राजनीति की बात
करते रहते हैं?

28:22.320 --> 28:23.880
हमें तो कुछ समझ नहीं आ रहा है ये।

28:24.400 --> 28:26.520
प्रधान जी, हम कह रहे थे

28:26.600 --> 28:29.160
कि अब भुतहा पेड़ के पास तो सोलर
की कोई ज़रूरत नहीं है।

28:29.600 --> 28:31.480
तो 13वीं लाइट कहाँ लगवाएंगे?

28:32.440 --> 28:33.600
-वो कहाँ...
-मैं क्या सोच रहा था,

28:33.680 --> 28:36.160
-प्रधान जी...
-उसे भी अपने घर के सामने लगवा लीजिए।

28:36.520 --> 28:37.640
प्रधान के घर के सामने

28:37.720 --> 28:40.520
दो-दो सोलर रहेगा,
तो कोई दिक़्क़त है, सचिव जी?

28:44.680 --> 28:47.080
-हाँ, दिक़्क़त तो है।
-क्या दिक़्क़त है?

28:48.640 --> 28:52.360
मेरा मतलब है थोड़ा ज़्यादा हो जाएगा,
गाँव वाले फिर बात बना...

28:52.440 --> 28:54.000
प्रधान जी, हम कह रहे थे

28:54.080 --> 28:57.280
कि वो जो 13वीं लाइट है न, उसको अपने
पंचायत ऑफ़िस के सामने लगवा लेते,

28:57.360 --> 28:58.560
तो ठीक रहता।

28:58.640 --> 29:01.440
[विकास] अब रात में बिजली चली जाती है
तो बहुत भयंकर अँधेरा हो जाता है।

29:01.920 --> 29:04.120
मतलब, रात में डर लगता है वहाँ।

29:05.600 --> 29:07.360
-पंचायत ऑफ़िस के सामने?
-[विकास] हाँ।

29:15.360 --> 29:18.520
[हँसते हुए] ये तो बढ़िया सुझाव है।
पहले क्यों नहीं बताया रे?

29:18.600 --> 29:19.640
अरे, लगा खींच के!

29:19.720 --> 29:21.520
-आजकल बहुत भौंक रहा है ये।
-[कराहते हुए]

29:22.520 --> 29:24.320
[ब्रिज] तो ठीक है, सचिव जी।

29:24.400 --> 29:26.200
कागज़ी कार्यवाही आगे बढ़ाइए

29:26.280 --> 29:28.440
और 13वीं लाइट लगवा लीजिए ऑफ़िस के सामने।

29:29.120 --> 29:30.160
जी, प्रधान जी।

29:30.720 --> 29:32.400
[ब्रिज] और गड्ढा यही खोदेगा।

29:32.640 --> 29:33.960
[प्रह्लाद] ये बहुत सही विचार है।

29:41.880 --> 29:43.560
[थीम संगीत]
